सुरंग में फंसे श्रमिक महादेव का अपने मामा से बातचीत का ऑडियो आया सामने

सिलक्यारा, उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल में फंसे 40 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उत्तराखण्ड सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। एक ओर देश के नामी विशेषज्ञों के दल को बुलाकर अत्याधुनिक मशीनों से ड्रिलिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरंग में फंसे श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने के लिए लगातार उनसे बातचीत की जा रही है, उनका परिजनों से भी संपर्क बना हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी कीमत पर श्रमिकों और उनके परिजनों का हौसला नहीं टूटना चाहिए।
पुलिस प्रशासन सुरंग में फंसे मजदूरों से हर घंटे संपर्क स्थापित कर रहा है। आज टनल में फंसे 22 वर्षीय महादेव की उसके मामा से बातचीत करवाई गई। ऑडियो में महादेव साफ साफ कह रहा है कि वह और उसके साथी अभी तक सुरक्षित हैं। परिजन उनकी सकुशलता को लेकर चिंता न करें। उनके पास पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री पहुंच रही है। सभी साथी एक दूसरे का हौसला बढ़ा रहे हैं।
इधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि संकट के वक्त मनोबल ऊंचा रहना चाहिए। ऊंचे आत्मविश्वास से बड़े से बड़ा संकट टल जाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जितना ज्यादा हो सके सुरंग में फंसे श्रमिकों से संवाद बनाए रहें। सरकार उन्हें सुरक्षित बाहर निकलने के हर संभव प्रयास कर रही है।

नवजात शिशु देखभाल सप्ताह का प्रदेशभर में हुआ शुभारम्भ

शिशु मृत्यु दर को कम करने में प्रयासरत स्वास्थ्य विभाग उत्तराखण्ड राज्य में शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए 15 से 21 नवंबर तक ‘नवजात शिशु देखभाल सप्ताह’ मनाया जा रहा है। इसमें कंगारू मदर केयर व स्तनपान को बढ़ावा देने तथा बीमार शिशुओं की पहचान कर उचित उपचार किया जाएगा। अमनदीप कौर, अपर मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मिशन निदेशक ने घर-घर जाकर गहनता से शिशुओ के स्वास्थ जाच किये जाने हेतु दिशा निर्देश दिए। इस हेतु औषधियों एवं उपकरणों के साथ साथ प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही 10 नवम्बर 2023 से 29 फरवरी 2024 तक संचालित किये जाने वाले सांस अभियान की समीक्षा बैठक की गयी। अभियान का मुख्य उद्देश्य नवजात शिशुओं में निमोनिया से होने वाली मृत्युओ को कम करना है। उक्त बैठक में डा0 अमित शुक्ला, प्रभारी अधिकारी मातृ एवं बाल स्वास्थ्य, एन0एच0एम0 के साथ-साथ समस्त जनपदों के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एवं जिला कम्युनिटी प्रबंधक द्वारा प्रतिभाग किया गया।

धामी ने फिर दिये अधिकारियों को निर्देश, रेस्क्यू ऑपरेशन की जुटाई जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिलक्यारा में चल रहे हैं रेस्क्यू ऑपरेशन पर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री धामी कमिश्नर गढ़वाल, आईजी गढ़वाल व राहत और बचाव में लगी एजेंसियों से सिलक्यारा में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन तथा टनल में फंसे श्रमिकों की कुशलक्षेम की हर पल की अपडेट ले रहे हैं।
इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री ने सचिवालय में आज बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू कार्य में लगी सभी टेक्निकल एजेंसियों को हर संभव सहयोग दिया जाय। गढ़वाल कमिश्नर को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू कार्य में किसी भी प्रकार से विलंब न हो, मौके पर कार्य कर रही एजेंसियों को राज्य की तरफ़ से सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाये। मुख्यमंत्री बचाव कार्यों में लगी एजेंसियों और जिलाधिकारी उत्तरकाशी से भी समय-समय पर अपडेट ले रहे हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।

ज्वैलरी शोरूम में हुई लूट की घटना पर पुलिस के आला अधिकारियों की लगी क्लास

देहरादून में कल एक ज्वैलरी शोरूम में हुई लूट की वारदात को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पुलिस महानिदेशक और एसएसपी देहरादून को तलब कर स्थिति की समीक्षा की और मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वारदात में जिन भी लोगों का हाथ है उन्हें जल्द से जल्द पकड़ा जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। हमारा प्रदेश एक शांति प्रिय प्रदेश है और क़ानून व्यवस्था की स्थिति को यहाँ किसी भी दशा में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होने यह भी कहा कि इस बात की भी तह तक जाना चाहिए कि घटना कैसे घटित हुई? कहां कमी रह गई तथा इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो यह भी सुनिश्चित किया जाये।

उद्योगपतियों को समस्याओं का समाधान करने का दिया आश्वासन

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड द्वारा मुख्य सचिव को विभिन्न समस्याओं द्वारा अवगत कराया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने ऊर्जा निगमों से सम्बन्धित समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिशासी अभियंता स्तर पर प्रत्येक तीन माह में इंडस्ट्री के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं के निस्तारण किए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने के लिए अन्य राज्यों द्वारा किए जा रहे प्रयासों को अपनाकर विभिन्न विभागों द्वारा दी जाने वाली स्वीकृतियों को शीघ्रातिशीघ्र उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में प्लास्टिक कचरा निस्तारण के लिए क्यूआर कोड सहित उद्योग संघ द्वारा सुझाये उपायों एवं अन्य उपायों पर भी कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त किए जाने के लिए प्रदेश सरकार, इंडस्ट्रीज एवं आमजन को मिलकर कार्य करना होगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव मीनाक्षी सुंदरम, विनय शंकर पाण्डेय, सदस्य सचिव उत्तराखण्ड पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड सुशांत पटनायक, अपर सचिव रोहित मीणा, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्य एवं सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री अग्रवाल ने आपदा प्रभावितों को बांटे 20 लाख रुपये के चेक

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बीते माह अगस्त में आई आपदा से मंशा देवी वार्ड संख्या 37 में 800 प्रभावित परिवारों को करीब 20 लाख रुपए की राहत राशि के चौक वितरित किये।
रविवार को मंशा देवी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि अगस्त माह में अत्यधिक भारी वर्षा के कारण ऋषिकेश विधानसभा में काफी नुकसान निरीक्षण के दौरान देखने को मिला।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि उनके द्वारा मौके पर ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा भी लिया गया था बताया कि मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर मुआवजा राशि देने के निर्देश भी दिए थे।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि आपदा की घड़ी में सरकार जनता के साथ खड़ी है। कहा कि लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपदा की घड़ी में सभी ने धैर्य रखते हुए एक दूसरे की मदद की। डॉ अग्रवाल ने मौके पर वार्ड संख्या 37 में 800 आपदा से प्रभावित परिवारों को करीब 20 लाख रुपए के आपदा राहत के चेक वितरित किए।
इस मौके पर तहसीलदार चमन, मंडल अध्यक्ष भाजपा वीरभद्र सुरेंद्र सिंह, राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष निर्मला उनियाल, पार्षद विजेंद्र मोंगा, गढ़वाल मंडल प्रदेश संयोजक युवा मोर्चा संजीव कुमार, मण्डल उपाध्यक्ष विजय जुगलान, मण्डल अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा अनिल कुमार, गीता मित्तल, पूनम डोभाल, समाजसेवी मानवेन्द्र कंडारी, पार्षद वीरेंद्र रमोला, ममता सकलानी आदि उपस्थित रहे।

मयूर महर से सीएम ने की फोन पर बात, उनकी नाराजगी दूर करने का किया प्रयास

पिथौरागढ़ की नैनी सैनी हवाई पट्टी से नियमित हवाई सेवा के संचालन और बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं को ठीक करने के मामले में आज मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक से फोन पर बातचीत कर राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्यवाही के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गंभीर है।
आपको बता दें कि विगत दिवस कांग्रेस विधायक मयूर महर पिथौरागढ़ की नैनीसैनी हवाई पट्टी से नियमित हवाई सेवा व बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन में धरने पर बैठ गए थे। इस मामले में मुख्यमंत्री ने आज विधायक मयूख महर से फोन पर वार्ता की और बताया कि सरकार पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा शुरू करने और बेस हॉस्पिटल की सारी व्यस्थाओं को ठीक करने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने विधायक को कहा कि हॉस्पिटल को निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के साथ संबद्ध किया जाना है। मेडिकल कॉलेज के पदों की स्वीकृति और नियुक्ति के संबंध में भी कार्यवाही किये जाने की उन्होंने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से हवाई सेवा के लिए एक एयरलाइन ने इस हेतु अपनी सहमति भी दे दी है। इसके लिए लाइसेंस दिये जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और उनके द्वारा लगातार इसकी समीक्षा की जा रही है।

एक सप्ताह में तिब्बती पुनर्वास नीति पर अपनी आख्या प्रेषित करे विभाग-एसीएस

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में तिब्बती पुनर्वास नीति के संबंध में बैठक के दौरान राज्य सरकार के सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर तिब्बती पुनर्वास नीति पर अपनी आख्या अथवा अनापत्ति प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस राधा रतूड़ी ने कहा कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार को तिब्बती पुनर्वास नीति को प्रख्यापित करने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार एवं राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ राज्य में निवास कर रहे तिब्बती नागरिकों को मिल सके इसके लिए तिब्बती पुनर्वास नीति को प्रख्यापित किया जाना आवश्यक है। बैठक के दौरान उत्तराखण्ड में निवासरत तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों ने शासन को जन्म प्रमाण पत्र बनने में आ रही दिक्कतें, भूमि स्वामित्व विवाद, आवास, सड़क, पेयजल का ना मिलना जैसी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों ने राज्य में तिब्बती संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु शासन से सहायता की अपेक्षा की है।
बैठक में विशेष सचिव गृह विभाग रिद्धिम अग्रवाल, निवेदिता कुकरेती, निदेशक संस्कृति बीना भट्ट, सिटी मजिस्ट्रेट देहरादून प्रत्यूष सिंह, अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सेन्ट्रल तिब्बतन वेलफेयर ऐसोसिएशन के पदाधिकारी एवं देहरादून में निवासरत तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

गरीब कैदियों के लिए सहायता योजना होगी शुरु

केन्द्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा कैदियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई ‘गरीब कैदियों को सहायता योजना’ के राज्य में क्रियान्वयन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसे लेकर अपर मुख्य सचिव ने भारत सरकार के दिशा-निर्देशों और मानक संचालन प्रक्रिया के तहत जनपदों में जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में सशक्त समिति का गठन करने के आदेश जारी किए हैं। यह समिति प्रत्येक प्रकरण में जमानत/जुर्माना राशि को लेकर निर्णय करेगी।
गृह सचिव, भारत सरकार के पत्र 19 जून, 2023 के द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री भारत सरकार के वक्तव्य/घोषणा ‘समाज के अन्तिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभ पहुंचाना’ के क्रम में ऐसे गरीब कैदियों, जो आर्थिक तंगी के कारण उन पर लगाए गए जुर्माने को अदा न कर पाने अथवा जमानत राशि वहन न कर पाने के कारण जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं, को वित्तीय सहायता प्रदान किये जाने हेतु गृह मंत्रालय, भारत सरकार ‘गरीब कैदियों को सहायता योजना’ प्रारंभ की गई है।
इसी क्रम में बीते शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा की गई समीक्षा बैठक में उक्त बिंदु प्रकाश में आया था। जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के अधिकारियों को इसके तत्काल अनुपालन के निर्देश जारी किए थे, जिसके क्रम में आज अपर मुख्य सचिव ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रदेश की अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार राज्य में इस योजना के क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तर पर सशक्त समिति का गठन किया है। जिसमें जिला मजिस्ट्रेट अध्यक्ष जबकि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ कारागार अधीक्षक/कारागार अधीक्षक, जनपद न्यायाधीश द्वारा संबंधित कारागार क्षेत्र के नामित न्यायाधीश सदस्य होंगे। समिति भारत सरकार द्वारा निर्धारित एसओपी के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में जमानत/जुर्माना राशि के भुगतान के लिए धनराशि की आवश्यकता का निर्णय लेगी, जिसके क्रम में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा गठित केंद्रीय नोडल एजेंसी से धनराशि आहरित कर जरूरी कार्रवाई करेगी। उक्त समिति एक नोडल अधिकारी भी नामित करेगी व कैदियों की आवश्यकतानुसार सामाजिक संस्था के प्रतिनिधि, समाज सेवक, जिला प्रोबेशन अधिकारी से अपेक्षित सहयोग प्राप्त करेगी।

सिडकुल के अधिकारियों पर गिरी गाज, सीएम बोले-भ्रष्टाचार बर्दाश्त नही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास निगम उत्तराखण्ड लि0 के प्रबन्ध निदेशक रोहित मीणा द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत प्राप्त होने पर और उद्यमियों से असहयोगात्मक रुख़ के कारण सिडकुल के दो अधिकारियों के निलंबन का आदेश जारी किया गया है। जिनमें परविन्दर सिंह, लेखाकार सिडकुल और कमल किशोर कफल्टिया, जन सम्पर्क अधिकारी/प्रभारी क्षेत्रीय प्रबन्धक, सिडकुल काशीपुर हैं। इसके साथ ही सिडकुल के वित्त नियंत्रक मनीष उप्रेती को भी तत्काल प्रभाव से वित्त नियंत्रक सिडकुल के पद से हटा दिया गया है
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जहां राज्य सरकार निवेश सम्मेलन की तैयारी कर रही हैं वहां इस तरह की कार्यप्रणाली को क़तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।