सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट, गिरफ्तार

देशद्रोह, सांप्रदायिक द्वेष फैलाने और लोगों को भड़काने के आरोप में पुलिस ने किया गिरफ्तार
ऋषिकेश।
पुलिस ने फेसबुक पर विवादित पोस्ट डालने के आरोप में ऋषिकेश निवासी युवक को गिरफ्तार किया है। युवक पर देशद्रोही गतिविधियां, सांप्रदायिक द्वेष फैलाने, लोगों को भड़काने और इलेक्ट्रानिक माध्यमों पर आपत्तिजनक सूचनाएं प्रकाशित करने का आरोप है।
ऋषिकेश कोतवाल वीसी गोसाईं ने बताया कि तिलकरोड ऋषिकेश निवासी जगजीत सिंह उर्फ जग्गा (24) पुत्र हरविन्दर सिंह ने अपनी फेसबुक आईडी पर देश के नक्शे को खंडित करते हुए आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड किए। फेसबुक में खालिस्तान का प्रचार करने के साथ भड़काऊ टिप्पणी लिखी। कोतवाल ने बताया कि 2015 में युवक ने जनरैल सिंह का जन्मदिन भी मनाया था। 22 फरवरी 2016 को जगजीत ने फेसबुक में पोस्ट शेयर किया था, जिसमें मोहम्मद अली जिन्ना और खालिस्तान समर्थक आतंकवादी जनरैल सिंह भिंडरवाला का चित्र पोस्ट करने के साथ पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखे थे। 107
कोतवाल ने बताया कि आरोपी जगजीत सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 के तहत सांप्रदायिक द्वेष फैलाने, धारा 153 बी के तहत लोगों का भड़काने व नफरत फैलाने, धारा 124 ए के तहत देशद्रोही गतिविधि करने और सूचना तकनीकी कानून की धारा 67 के तहत इलेक्ट्रानिक माध्यमों से जरिये आपत्तिजनक सूचनाएं प्रकाशित करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल वीसी गोसाईं ने बताया कि जगजीत के पिता की मायाकुंड में कारों के डेंटिंग पेंटिंग की दुकान है। आरोपी ने अपने फेसबुक पेज पर खुद को शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) यूथ का उत्तराखंड अध्यक्ष लिखा है।
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कुछ दिन पहले जमानत पर आया था बाहर
आरोपी पर पंजाब में हत्या का एक मामला चल रहा है। कोतवाल ने बताया कि जगजीत को 16 जून 2016 को थाना सिटी जिला खन्ना (पंजाब) में पंजाब पुलिस ने हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया था। वहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज है। कुछ दिन पहले ही युवक जमानत पर बाहर आया था।

शहर में विवादित पोस्टर भी लगाए थे
ऋषिकेश। बीते वर्ष रेलवे रोड, तिलक रोड पर पाकिस्तान एवं खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखे पोस्टर लगाए गए थे। पुलिस मामले में आरोपी की तलाश कर रही थी। शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में जगजीत ने यह विवादित पोस्टर लगाने की बात कबूली है।

जीएमवीएन का भारत भूमि टूरिस्ट कांपलेक्स सील

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एनजीटी के आदेश पर प्रशासन की टीम ने सील की कार्रवाई की
कर्मचारियों में उपजा रोष, सरकार के खिलाफ मुखर होने की तैयारी
ऋषिकेश।

मंगलवार को एनजीटी के आदेश पर ऋषिकेश एसडीएम कुश्म चौहान ने गढ़वाल मंडल विकास निगम के ऋषिकेश स्थित 51 कमरों वाले भारत भूमि टूरिस्ट कांपलेक्स को सील कर दिया। गौरतलब है कि एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के मानकों पर खरा नही उतरने वाले उत्तराखंड के 9 होटलों को सील करने के आदेश दिये थे। नगर में एनजीटी के आदेश पर होटल सील की यह दूसरी कार्रवाई है। इससे पहले लक्ष्मणझूला स्थित कृष्णा कॉटेज को एनजीटी के आदेश पर प्रशासन की टीम ने सील किया था।
जीएमवीएन गेस्ट हाउस में मंगलवार की 5 एसी बुकिंग रही, जिन्हें मुनिकीरेती स्थित गंगा रिसोर्ट में शिफ्ट किया गया। सील कार्रवाई के समय गेस्ट हाउस खाली रहा, जिससे प्रशासन की टीम को कार्रवाई में आसानी रही।

कर्मचारियों में रोष
जीएमवीएन के गेस्ट हाउस सील होने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। लगभग 40 कर्मचारी भारत भूमि टूरिस्ट कांपलेक्स में कार्यरत है। कर्मचार महासंघ अध्यक्ष जयप्रकाश कोठारी ने एनजीटी के आदेश पर कोई टिप्पणी तो नही की, लेकिन प्रदेश सरकार पर पर्यटन उद्योग को चौपट करने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार बताएं कि 40 कर्मचारियों के भविष्य का क्या होगा? उन्होंने कहा कि गेस्ट हाउस का सीवर कनेक्शन जोड़ दिया गया है और प्रदूषण नियंत्रण की क्लीरिंयस को भी पूरा किया जा रहा है। कहा कि ऐसे तो जीएमवीएन के प्रदेश के सारे गेस्ट हाउस सील हो जायेंगे। कर्मचारी सीधे बोलने से बचते रहे, लेकिन सरकार व अपने उच्च अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश देखा गया।

निशंक ने विपक्ष को आड़े हाथो लिया

105कहा-पूर्ववर्ती सरकारों ने काला धन लाने के लिए कोई ठोस कार्य नही किया
केन्द्र सरकार के बिल से विश्व में भारत की साख बढृने का दावा किया
नई दिल्ली। सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति के सभापति, सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड डॉ. रमेश पोखरियाल ’निशंक’ ने लोक सभा में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 1988 से अभी तक कांग्रेस कालेधन और बेनामी सम्पत्ति के मामले में गम्भीर नहीं रही है। डॉ. निशंक ने कहा कि बेनामी संव्यवहार (प्रतिषेध) संशोधन विधेयक, 2015 के माध्यम से देश में काले धन पर रोक लगाने की सरकार की प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।
डॉ. निशंक ने बताया कि विधेयक के इन संशोधनों का मकसद कानूनी और प्रशासनिक लिहाज से विधेयक के प्रावधानों को मजबूत बनाना है। उन्होंने आगे बताया कि बेनामी सम्पत्ति के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए डॉ. निशंक ने बताया कि कांग्रेस ने सदैव से कालाधन और बेनामी सम्पत्ति से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन दिया है। कांग्रेस की नीति हमेशा कालाधन को संरक्षण देने की रही है। केन्द्र सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डॉ. निशंक ने बताया कि इस विधेयक से जहां भारत में कालेधन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। वहीं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भारत की विश्वसनीयता बढाने में मदद मिलेगी। डॉ. निशंक ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने उपेक्षापूर्ण रवैये के चलते वर्ष 2011 का विधेयक छः सत्र बीत जाने पर बिल लैप्स हो गया। सरकार द्वारा नया बिल लाये जाने की अपेक्षा 1988 के बिल में संशोधन किया गया ताकि 1988 से आज तक सभी दोषियों को दंडित किया जा सके। डॉ. निशंक ने बताया कि मौजूदा विधेयक में जहां दोषियों के लिए दंडात्मक व्यवस्था का प्रावधान है वहीं अपीलीय ट्रिब्यूनल तंत्र स्थापित किया गया है। बेनामी संव्यवहार की नई परिभाषा को स्थापित करते हुए बिल ने विभिन्न प्राधिकारियों के माध्यम से सक्षम तंत्र की स्थापना की गयी है।

उत्तराखंड में चीन की घुसपैठ! चमोली की सीमा में घुसे चीनी सैनिक

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सीएम हरीश रावत ने केन्द्र सरकार से की वार्ता
देहरादून।
उत्तराखंड में चमोली से सटी चीन सीमा पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि चीनी सैनिकों ने चमोली सीमा पर घुसपैठ की है, लेकिन अच्छी बात यह है कि वहां मौजूद महत्वपूर्ण नहर तक चीनी सेना नहीं पहुंच पाई है।
बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सीएम हरीश रावत ने चमोली से सटी चीन सीमा पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ पर कहा कि मुझे यकीन है केंद्र सरकार इस मुद्दे पर संज्ञान लेगी। चमोली सीमा पर हो रहे चीनी घुसपैठ का पता तब चला जब सीमा क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंची प्रशासन की टीम को चीनी सैनिकों ने जांच करने से रोकते हुए वापस खदेड़ दिया। हर बार की तरह इस बार भी जोशीमठ के उप जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन की 19 सदस्यीय टीम 19 जुलाई को चीन सीमा के निरीक्षण को गई थी। टीम सुमना क्षेत्र तक वाहन से पहुंची। यहां होतीगाड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से टीम को वाहन यहीं छोड़ने पड़े। इसके बाद दूसरे छोर पर खड़े वाहनों से टीम सेना चौकी रिमखिम पहुंची। करीब आठ किमी दूर सीमा क्षेत्र में पहुंचने पर यहां पहले से चीन सैनिकों को मौजूद देख टीम के होश उड़ गए।
भारतीय दल को देखते ही चीनी सैनिकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और टीम सदस्यों को तुरंत लौट जाने का इशारा किया। चीनी सैनिकों के तेवर देख टीम ने निरीक्षण छोड़ तुरंत वापस लौटने में ही भलाई समझी। टीम के सदस्यों ने इसकी जानकारी सीमा क्षेत्र में मुस्तैद आईटीबीपी के अधिकारियों को भी दी। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार बाड़ाहोती क्षेत्र में पहुंचते ही टीम को दूर से ही चीनी सैनिक दिखाई दे गए थे। टीम आगे पहुंची तो चीनी सैनिकों ने उन्हें वापस चले जाने का इशारा किया। गौरतलब है कि चीन सीमा क्षेत्र में प्रशासन का निरीक्षण नियमित प्रक्रिया है। इसकी गोपनीय रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाती है। चमोली जनपद से सटी भारत-चीन सीमा में बाड़ाहोती क्षेत्र नो मेंस लैंड एरिया है।
हर वर्ष चमोली जिला प्रशासन की टीम सीमा क्षेत्र में चीनी गतिविधियों को देखने और भारत की मौजूदगी दर्ज करने के लिए यहां सामान्य निरीक्षण के लिए जाती है। पूर्व में टीम वर्ष में दो बार जाती थी, लेकिन वर्ष 2015 से टीम वर्ष में तीन बार सीमा क्षेत्र के निरीक्षण को जाती है। चीनी सैनिकों की घुसपैठ पर सीएम हरीश रावत ने कहा कि मुझे यकीन है केंद्र सरकार इस मुद्दे पर संज्ञान लेगी। उन्होंने कहा है कि घुसपैठ की जानकारी भारतीय एजेंसियों को है। आईटीबीपी इस पूरे क्षेत्र की निगरानी कर कर रही है। आईटीबीपी और सेना को इसकी जानकारी है। सीएम ने कहा है कि इस क्षेत्र में लगातार चीन की सक्रियता बनी हुई है, लेकिन अच्छी बात यह है कि वहां एक नाला है, वह चीनी सैनिकों ने अभी नहीं छुआ है।

हरेला पर्व उत्तराखंड की संस्कृति व पर्यावरण का प्रतीक

देहरादून।
हरेला पर्व संस्कृति एवं पर्यावरण का प्रतीक है। हरेला से घी संग्रांद तक वृक्षारोपण का अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष जन सहभागिता से हरेला वृहद स्तर पर मनाया जा रहा है। बुधवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज, रायपुर में वन विभाग द्वारा आयोजित हरेला पर्व के अन्तर्गत वृक्षारोपण एवं पौध वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ने शिरकत की।
इस अवसर पर हरेला के तहत मुख्यमंत्री रावत ने रूद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने स्कूली बच्चों को पौधे भी वितरित किए। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि पिछली बार हरेला पर्व राज्य सरकार की ओर से मनाया गया था। किन्तु इस बार जन संगठनों द्वारा हरेला को वृहद स्तर पर मनाया जा रहा है। इस बार राज्य सरकार की भूमिका इसमें एक सहयोगी की है। हरेला संस्कृति एवं पर्यावरण का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री रावत ने वन विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि वन विभाग द्वारा मांग के अनुरूप पौधे उपलब्ध कराए गए है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण हमारी आदत का हिस्सा होना चाहिए। हम सभी को वृक्षारोपण के प्रति दूसरो को भी जागरूक करना चाहिए। एक वृक्ष भी जीवन में परिवर्तन ला सकता है। अधिक से अधिक पौधे लगाए एवं पर्यावरण संरक्षण में सहायक बनें। मुख्यमंत्री रावत ने जिला प्रशासन, एम.डी.डी.ए. एवं वन विभाग को निर्देश दिए कि देहरादून के सभी शिवालयों में रूद्राक्ष का पौधा जरूर लगाएं। उन्होंने वन विकास निगम को निर्देश दिए कि जहां भी वन विकास निगम के डिपो है, वे डिपो के चारों ओर काष्ठ उद्योग में सहायक वृक्ष लगाए। इसके साथ ही रामगंगा घाटी में गैरसैंण से भिकियासैंण तक तून के पेड़ लगाए।
इस अवसर पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, सचिव, खेल शैलेश बगोली, प्रमुख वन संरक्षक राजेन्द्र कुमार महाजन, डी.बी.एस. खाती सहित स्कूली बच्चे व अन्य उपस्थित थे।

एम्स मे नौकरी करनी है तो करे आवेदन

दिल्ली।
अखिल भारतीय मेडिकल संस्थान ने टेक्निशियन (रेडियोथेरेपी) और लोवर डिविजन क्लर्क पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 13 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं।
कुल पदों की संख्या- 69
लोवर डिविजन क्लर्क- 60
टेक्निशियन (रेडियोथेरेपी)- ग्रेडII- 9
योग्यता-
1-टेक्निशियन पद के लिए उम्मीदवार किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान व यूनिवर्सिटी से रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी में बीएससी की डिग्री होनी अनिवार्य या एटोमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड के अधीन मान्यता प्राप्त संस्थान से रेडियोथेरेपी में 2 साल का अनुभव।
2-लोवर डिविजन क्लर्क के लिए 12वीं पास और अंग्रेजी में 35 शब्द प्रति मिनट और हिन्दी में 30 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग आनी जरुरी है।
उम्र सीमा और अधिक जानकारी के लिए नोटिफिकेशन जरुर देखें।
अंतिम तारीख- 13 अगस्त
विशेष जानकारी के लिए आधिकारिक साइट पर www.aiims.edu देखें।

उत्तराखंड का जवान देश का सजग प्रहरी

कारगिल शहीदों को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजली
देहरादून।
भारतीय इतिहास में उत्तराखण्ड के वीर सैनिकों की गौरव गाथा के असंख्य उदाहरण हैं। जब भी दश के लिए बलिदान देने का अवसर आया यहां के जांबाज सैनिक हमेशा आगे रहे। कारगिल शौर्य दिवस पर गोधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भावनाओं के रूप में पूरा राज्य संकल्पबद्ध है। अपने सीमित साधनों के बावजूद वीर सैनिकों व उनके परिवारजनों के लिए हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है। राज्य के लगभग दस प्रतिशत परिवार ऐसे हैं जिन्होंने देश की रक्षा में अपनों को खोया है। फिर भी अपने दुख के ऊपर उन्होंने राष्ट्र के स्वाभिमान को रखा है। उत्तराखण्ड के वीरों ने शौर्य व पराक्रम को नई ऊंचाइयां देते हुए पराक्रम के मापदण्ड स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि जब भी भारत के मान सम्मान के लिए रक्त बहा है उसमें उत्तराखण्ड का रक्त भी शामिल रहा है। कारगिल के युद्ध में वीरता की एक महान मिसाल कायम की गई। दुनिया के युद्ध के इतिहास में एक नया आयाम कायम किया गया। कारगिल की विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य का प्रतीक है। भारतीय सैनिकों ने जिस प्रकार विपरीत परिस्थितियों में वीरता का परिचय देते हुए घुसपैठियों को सीमा पार खदेड़ा उससे पूरी दुनिया ने भारतीय सेना का लोहा माना। ‘‘कारगिल युद्ध में सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान को कृतज्ञ राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।’’ मुख्यमंत्री रावत ने वीर नारियों को सम्मानित किया और कार्यक्रम में मौजूद सभी पूर्व सैनिकों से मिलते हुए उनका अभिवादन किया। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक राजकुमार, ललित फर्स्वाण, मेयर विनोद चमोली सहित सेवारत व सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, सैनिक, सैनिकों के परिवारजन, स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

कारगिल शहीदों को श्रद्धांजली, देहरादून में सीएम, हरीश रावत

पंचक खत्म होते ही कावड़ियों की संख्या में वृद्धि

कावड़ियों की भीड़ के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
हरिद्वार।
तीर्थनगरी मंे कांवडियांे की भीड़ मंे लगातार इजाफा होता जा रहा है। प्रशासन कांवडियांे की भीड़ को हाईवे से उतारकर उनको नहर पटरी से उनके गतंव्य की ओर रवाना किया जा रहा है। नहर पटरी मंे कांवडियांे के लिए बिजली, पानी व शौचालय की व्यवस्था की गयी है। ताकि कांवडियांे को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। हाईवे पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किये गये है। डाक कांवडियांे के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किग की व्यवस्था की गयी है। जहां पर उनके कांवड से सम्बंधित सामानांे का बाजार भी व्यापारियांे द्वारा लगाया गया है। जहां पर कांवडियांे को उनके मुताबिक समान उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रावण मास कांवड मेला तीर्थनगरी में प्रारम्भ हुए चार दिन हो चुके है। चार दिनांे के भीतर विभिन्न प्रान्तांे से लाखांे कांवडियें गंगा जल भरकर यहां से अपने गतंव्यों की ओर रवाना हो चुके है। जिस तेजी के साथ कांवडियांे को आगमन हरिद्वार मंे हो रहा है। ठीक उसी तरह यहां से गंगा जल भरकर कांवडियांे का प्रस्थान भी हो रहा है।
लाखांे कांवडियंे मौजूदा समय मंे तीर्थनगरी में डेरा डाले हुए है। जिनमें कुछ पंचक समाप्त होने का इंतजार कर रहे है, तो कुछ पंचक को ना मानकर गंगा जल भरकर यहां से प्रस्थान कर रहे है। प्रशासन की ओर से कांवड मेले को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जहां पुख्ता इंतजाम करते हुए उनको अमली जामा पहनाया गया है। वहीं दुनियाभर मंे आतंकवादी घटनाआंे को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये गये है। देखा जाए तो तीर्थनगरी के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इतना ही नहीं पुलिस प्रशासन ने असमाजिक तत्वांे पर पैनी नजर रखी जा रही है। कांवडियांे के भेष सहित सार्दी वर्दी में पुलिस को तैनात किया गया है। ताकि किसी स्थिति से निपटा जा सकें। बस अड्डा, रेलवे स्टेशन सहित भीड ़भाड़ वालंे इलाकों मंे डॉग स्वायड व बम निरोधक दस्ता भी चैंकिग अभियान में जुटा है।
पुलिस प्रशासन द्वारा स्थानीय नागरिकों सहित व्यापारियांे और संत व साधुआंे से सहयोग की अपील की गयी है। पुलिस प्रशासन ने तैनात पुलिस अधिकारियों सहित कर्मियांे को कांवडियांे सहित स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और आम लोगों से मधुर व्यवहार किये जाने के निर्देश दिये गये है।

महिलाएं आत्म निर्भर बनेगी तभी तो सवरेगा उत्तराखंड

महिलाएं आत्म निर्भर बनेगी तभी तो सवरेगा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘‘मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना’’ के तहत महिलाओं सम्मानित किया
देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘‘मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना’’ के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं व किशोरियों को सिलाई मशीनें व सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने ‘हमारी कन्या हमारा अभिमान’ योजना के तहत भी चैक वितरित किए। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि ‘‘मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना’’ को महिलाओं का बहुत समर्थन मिला है। महिला सशक्त आजीविका योजना कोष स्थापित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार 50 लाख रूपए देगी। हमें खुशी है कि योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने में मदद मिली है। इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं आजीविका में आत्मनिर्भर हो सकती हैं। देहरादून में इसमें अच्छा काम हुआ है। देहरादून की बालिकाएं राज्य के लिए मापदंड स्थापित करेंगी।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि प्रतियोगिता के जमाने में हमें अपने उत्पादों की गुणवŸाा बेहतर करनी होगी। महिला स्वयं सहायता समूह इस दिशा में बहुत उत्साहवर्धेक काम कर रहे हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम न केवल उनकी आजीविका के लिए प्रशिक्षण की योजना संचालित कर रहे हैं बल्कि अब सरकारी खरीद के साथ इसे जोड़ रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक सरकारी विभाग अपने लिए आवश्यक सामानों की खरीद के लिए बजट का एक निश्चित प्रतिशत महिला स्वयं सहायता समूहों से खरीदने पर व्यय करें। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि महिला सशक्त आजीविका योजना कोष स्थापित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार 50 लाख रूपए देगी। राज्य के प्रत्येक विधायक से इस कोष के लिए 1-1 लाख रूपए व सांसदो ंसे 5-5 लाख रूपए दिए जाने का अनुरोध करेंगे। इस कोष से महिलाओं के प्रशिक्षण के काम को और भी तेजी से बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि विकास समावेशी होना चाहिए। इसमें सभी वर्गों की भागीदारी होनी चाहिए। हमने एक दर्जन से भी अधिक प्रकार की सामाजिक कल्याण की पेंशनें प्रारम्भ कीं। पेंशन राशि को 400 रूपए से बढ़ाकर एक हजार रूपए किया। पेंशन लाभार्थियों की संख्या 1 लाख 74 हजार से बढ़कर 7 लाख से भी ज्यादा हो गई हैं। हमारी कन्या हमारा अभिमान योजना के तहत उन माताओं को सम्मान राशि प्रदान की जाती हैं जिनके दो कन्याएं हैं। महिलाओं की भर्ती के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनको वार्षिक टर्नओवर पर 5 प्रतिशत बोनस दिया जा रहा है। साथ ही 5 हजार रूपए राशि से उनका बैंक खाता राज्य सरकार खुलवा रही है। केपिटल सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। ऊधमसिंह नगर में महिला उद्यमिता पार्क स्थापित किया जा रहा है। राज्य में परिवर्तन के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि ‘‘मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना’’ राज्य के पांच जिलों में संचालित की जा रही है। इसमें महिलाओं व किशोरियों को आजीविका के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें 50 हजार रूपए तक की परिसम्पŸिायां आजीविका के लिए प्रदान की जाती हैं। इसी योजना के तहत मद्रासी कालोनी, देहरादून की 100 महिलाओं को निस्बड के सहयोग से प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। इसमें 64 महिलाओं को वस्त्र डिजाईनिंग व 36 महिलाओं को ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर केबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक राजकुमार, प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी, अपर सचिव विम्मी सचदेवा रमन, जिलाधिकारी देहरादून रविनाथ रमन आदि मौजूद थे।

बिहार में दलित युवकों की पिटाई, पेशाब पिलाने का आरोप

बिहार। गुजरात में दलित युवकों की मारपीट की घटना पर देश की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने गुजरात की यात्रा कर डाली। लेकिन नीतिश कुमार के राज्य बिहार के मुजफ्फरपुर से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि एक दबंग मुखिया पति ने दो दलित युवकों की बेरहमी से पिटाई कर डाली। वह इतने में ही नही रुका उसने गांव के युवकों से इन युवकों के मुंह में पिशाब तक करा डाला। बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड के बाबूटोला में पारू उत्तरी पंचायत के मुखिया के पति मुकुल ठाकुर ने बाइक चोरी का आरोप लगाते हुए दो युवकों के साथ जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं मुखिया पति ने अपने भतीजे से इन दोनों दलित युवकों के मुंह में पेशाब भी करवाया।
इस मामले को लेकर पारू मठिया गांव निवासी पीड़ित दलित युवक की मां सुनीता देवी ने पारू थाने मे मुखिया पति समेत 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
पीड़ित दलित युवक की मां सुनीता देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि 20 जुलाई को उसका पुत्र राजीव और एक रिश्तेदार मुन्ना पासवान मोटरसाइकिल से पारु थाना क्षेत्र में चल रहे अनपूर्णा महायज्ञ का मेला देखने के लिए गए थे। मेला देखने जाने के दौरान रास्ते में ही मुखिया पति मुकेश ठाकुर उर्फ मुकुल ठाकुर ने अपने समर्थकों के साथ उसे रोक लिया और बाइक चोरी करने के आरोप मे बेरहमी से पिटाई कर डाली।
बताया कि मारपीट के बाद जब इन दोनों युवकों ने अपने आप को बेकसूर बताते हुए छोड़ देने की बात कही तो मुखिया पति ने अपने भतीजे से इन दोनों युवकों के मुंह में पेशाब करवा दिया। पुलिस को बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर जब परिवार वाले बचाने के लिए मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी अभ्रदता की गई।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी विवेक कुमार ने बताया जांच जारी है, मामला सही पाये जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर जब आरोपी मुखिया से इस बारे में पूछा गया तो उन्होने कहा की पूरा मामला गलत है, उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में जीत से विरोधी उनके खिलाफ साजिश रच रहे है।