वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित निशुल्क एंबुलेंस वैन को सीएम ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, नींबूवाला, देहरादून में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने प्रदेश के सभी वरिष्ठ नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने वृद्धजनों को सम्मानित किया तथा वरिष्ठ नागरिक सम्मान संकल्प भी दिलाया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम पर पौधा रोपण भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित निशुल्क एंबुलेंस वैन और वृद्धिजनों की वाकथन रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज के स्तंभ हैं, जिनका आशीर्वाद और अनुभव समस्त समाज के लिए मार्गदर्शक होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, राष्ट्रीय वयोश्री योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना सहित अनेक कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 6 लाख बुजुर्गों को पेंशन की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी जनपदों में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में नए भवन निर्माणाधीन हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से उधम सिंह नगर जनपद के रुद्रपुर में मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण किया जा रहा है।रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और पिथौरागढ़ में भी वृद्धाश्रमों की स्थापना के लिए प्रक्रिया गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षित किए जा रहे हैं। राज्य में इस वर्ष 150 मास्टर ट्रेनर और केयर गिवर तैयार करने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वृद्धजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस वर्ष 1,300 वरिष्ठ नागरिकों की मोतियाबिंद की निशुल्क सर्जरी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण अधिनियम भी लागू किया गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद रामचंद्र गौड़, उपाध्यक्ष शांति मेहरा, हरक सिंह नेगी, एससी आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार, सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक समाज कल्याण चंद्रसिंह धर्मशक्तू मौजूद थे।

सीएम धामी ने चंपावत में विभिन्न रामलीलाओं को किया वर्चुअल संबोधित, बोले चंपावत में तेजी से हो रहा विकास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज डबल इंजन सरकार की योजनाओं का लाभ चंपावत सहित पूरे प्रदेश में सीधे पहुँच रहा है। चंपावत में विभिन्न मोटर मार्गाे के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के साथ ही जाम की समस्या हल करने के लिए मल्टीस्टोरी पार्किंग्स का निर्माण कराया जा रहा है, वहीं आईएसबीटी का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपए की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के साथ ही, महिला छात्रावास व आईटी लैब का कार्य भी कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चूका क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत क्षेत्र के विभिन्न मन्दिरों के पुर्ननिर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों के साथ ही माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए रोपवे का निर्माण कार्य गतिमान है। चंपावत में साहसिक पर्यटन की दृष्टि से भी असीम संभावनाएं हैं, इसके विकास के लिए भी हम कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा शारदा कॉरिडोर बनाने की हमारी विस्तृत परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। हम पूर्णागिरि क्षेत्र में स्पिरिचुअल जॉन और ईको टूरिज्म विकसित करने के लिए भी प्रयासरत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में विज्ञान केंद्र का निर्माण कार्य जारी है, जो नई पीढ़ी को विज्ञान और तकनीकी शिक्षा में आगे बढ़ने का अवसर देगा। साथ ही महिला प्रौ‌द्योगिकी पार्क स्थापित कर महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा श्यामलाताल झील में डेवलपमेन्ट का कार्य प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चंपावत में विभिन्न रामलीला मंचन कार्यक्रमों को वर्चुअल सम्बोधित कर रहे थे।

सभी को शारदीय नवरात्रि की महानवमी एवं विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामलीला का मंचन हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है, ये केवल धार्मिक कथा का मंचन नहीं है, बल्कि संपूर्ण जीवन का दर्शन है। रामलीला के प्रत्येक पात्र में एक संदेश छिपा है और प्रत्येक प्रसंग हमें बताता है कि असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की सदैव विजय होती है। जब हमारे बच्चे और युवा रामलीला देखते हैं, तो वे धर्म, त्याग, सत्य, कर्तव्य और मर्यादा जैसे सनातन मूल्यों को आत्मसात करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का पूरा जीवन एक अद्भुत दर्शन है और यदि हम उनके आदर्शों का अनुसरण कर अपने जीवन में कुछ कदम भी बढ़ा पाएं, तो हमारा ये जीवन सार्थक हो जाएगा। पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्षों तक वनवास में रहकर उन्होंने बताया कि एक पुत्र का धर्म क्या होना चाहिए।भरत को गले लगाकर उन्होंने ये बताया कि एक बड़े भाई का धर्म क्या होना चाहिए। सुग्रीव और विभीषण से मित्रता निभाकर उन्होंने ये बताया कि एक मित्र का धर्म कैसा होता है। रावण से सामना होने पर भी उन्होंने ये दिखाया कि शत्रुता के बावजूद अपने धर्म का पालन किस प्रकार करना चाहिए। और जब राम राजा बने, तब भी उन्होंने ये बताया किया कि एक राजा का असली धर्म क्या होना चाहिए। इसी कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया और आज भी जब हम किसी आदर्श शासन की बात करते हैं, तो उसमें हमारी कल्पना राम राज्य की ही होती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रभु श्री राम का आदर्श जीवन हमें ये सिखाता है कि जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न हों, हमें अपने सिद्धांतों और वचनों का पालन करना चाहिए। देवभूमि उत्तराखंड का भी प्रभु श्री राम से गहरा नाता रहा है। हमारे राज्य के अनेकों तीर्थ स्थल, पर्वत और नदियाँ रामायण कालीन घटनाओं के साक्षी हैं। रावण से युद्ध के दौरान जब लक्ष्मण जी शक्ति लगने से मूर्छित हो गए थे, तब सुषेण वैद्य के निर्देश पर हनुमान जी ने चमोली जिले के द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी का जीवन बचाया था। इसी प्रकार, ऋषिकेश स्थित विष्णु पर्वत पर भगवान राम के कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ जी की तपस्थली आज भी विद्यमान है। हमारे राज्य के प्रत्येक गाँव और कस्बे में जो रामलीलाएँ मंचित होती हैं, वे केवल नाट्य प्रस्तुतियाँ नहीं बल्कि आस्था, संस्कार और शिक्षा के जीवंत विद्यालय हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष रामलीला का मंचन हमें ये स्मरण कराता है कि धर्म की विजय और अधर्म का पतन एक शाश्वत सत्य है। हमारी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही हमें एकजुट और सशक्त बनाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कर हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का ऐतिहासिक कार्य किया। हमारी प्रदेश सरकार अयोध्या जी की पावन भूमि पर उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह का निर्माण करा रही है। इस अतिथि गृह में रामलला के दर्शन के लिए जाने वाले उत्तराखंड के श्रद्धालुओं के रुकने की उचित व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, हमने पौलगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का नाम बदलकर माँ सीता के नाम पर ष्सीतावनी वाइल्ड लाइफ सेंचुरीष् रखा है। यही वो पवित्र भूमि है जहां पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता सीता महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में रही थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। हम राज्य में विभिन्न रावण रूपी बुराइयों को समाप्त करने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं। इसके लिए हमने जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है, वहीं लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए हमने 9 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही करीब 250 अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओ को भी हटाने का काम हमारी सरकार ने किया है। हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के पश्चात राज्य में 1 जुलाई 2026 के पश्चात से वो सभी मदरसे बंद हो जाएंगे जो हमारी सरकार द्वारा दिए गए सरकारी सेलेबस को अपने यहां नहीं पढ़ाएंगे। इतना ही नहीं, हमारी सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर अपने सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी चम्पावत सहित चम्पावत के विभिन्न रामलीला कमेटीयों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।

लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने पर बनी एल्बम मानसखंड का हुआ विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में लोकगायक फौजी ललित मोहन जोशी के गीतों की एल्बम “मानसखंड” का विमोचन किया।

इस अवसर पर गीतकार हेमंत बिष्ट एवं संगीतकार संजय कुमोला सहित पूरी टीम मौजूद रही। मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक पहुँचाने का यह सराहनीय प्रयास है।

सीएम ने कहा कि लोकगीत हमारी सभ्यता और संस्कृति की आत्मा हैं। “मानसखंड” जैसी कृतियाँ न केवल हमारी समृद्ध परंपरा को जीवित रखती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का संचार भी करती हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोककला को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। देवभूमि उत्तराखंड के लोकगायक, लोकनृत्य और लोककला हमारे पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर की पहचान हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “मानसखंड” एल्बम जन-जन तक पहुँचेगी और सांस्कृतिक चेतना को और मजबूती प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को भी लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के लिए ऐसे प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। सरकार की भी कोशिश है कि स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान कर उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।

कार्यक्रम में उपस्थित लोकगायक फौजी ललित मोहन जोशी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उनके लिए गौरव का क्षण है कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के उनके प्रयास को मुख्यमंत्री ने सम्मान प्रदान किया।

इस अवसर पर सांस्कृतिक और कला जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम ने किया पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत 15,600 नए आवासों का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के 52 नगर निकायों में 115 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर की शुरुआत की गई। इसके साथ ही फेरी व्यवसायियों के पंजीकरण का वृहत अभियान एवं अंगीकार 2.0 को भी लॉन्च किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बी.एल.सी. घटक से नव निर्मित 15 हजार 6 सौ आवासों का लोकार्पण भी किया गया।

सीएम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निकायों को अटल निर्मल नगर पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर नगर निगम को प्रथम, पिथौरागढ़ नगर निगम को द्वितीय तथा कोटद्वार नगर निगम को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। इसके साथ ही मसूरी नगर पालिका परिषद को प्रथम, डोईवाला नगर पालिका परिषद को द्वितीय तथा भीमताल को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने लालकुआं नगर पंचायत को प्रथम, गुलरभोज नगर पंचायत को द्वितीय तथा भिकियासैंण नगर पंचायत को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। उन्होंने छावनी परिषद लैंसडौन को प्रथम, रानीखेत को द्वितीय तथा रुड़की छावनी परिषद को तृतीय अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । शहरी निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु 244 नए वाहनों को राज्य को समर्पित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन योजनाओं से शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और आवास की दिशा में ठोस सुधार होंगे और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से प्रदेश के नगर निकायों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने, फेरी व्यवसायियों को संगठित कर उन्हें आजीविका से जोड़ने तथा स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन पहलों से उत्तराखण्ड के नगर निकाय देश के लिए आदर्श प्रस्तुत करेंगे और स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी ये सभी नवीन पहलें न केवल राज्य के नगरीय क्षेत्रों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने में सहायक सिद्ध होंगी, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से आज देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी बुनियादी ढांचे जैसे जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को सशक्त किया गया है। स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा शहरी विकास को तकनीक और नागरिक सुविधा के साथ जोड़ते हुए एक आदर्श नगर विकास का मॉडल प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाखों गरीब परिवारों को अपने स्वयं के पक्के घर प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से हमारी राज्य सरकार भी उत्तराखंड के विकास को एक नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। आज राज्य में स्मार्ट सिटी मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को देने का प्रयास किया गया है।

युवाओं के प्रकरण पर बोले सीएम
सीएम धामी, “युवाओं के हित में मैं सर झुका भी सकता हूं और खुद को मिटा भी सकता हूं”

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि हाल ही में एक नकल का मामले की जानकारी मिलते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरी परीक्षा की जांच के लिए ैप्ज् का गठन किया। परंतु विपक्ष इस मामले की आड़ में हमारे युवाओं को ढाल बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने की कोशिश करने लगी और प्रदेश में अराजकता फैलाने के प्रयास किए जाने लगे। जो लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते सीबीआई और ईडी की जांच पर सवाल उठाते रहे हैं वो लोग इस मामले में युवाओं को आगे कर सीबीआई जांच की मांग कर इस प्रकरण का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे बच्चों की परेशानियों को देखकर और अराजक तत्वों के षडयंत्र को विफल करने के लिए, मैंने स्वयं युवाओं से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि सीबीआई जांच कराने के साथ ही उनकी सभी न्यायोचित माँगों को पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसी का परिणाम है कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस कानून के लागू होने के पश्चात हमने बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया है जिन्होंने पूर्व की सरकारों के समय उत्तराखंड में नकल को एक उद्योग बना दिया था। ये सभी कदम हमारी सरकार ने युवाओं का भविष्य और हित सुनिश्चित करने के लिए ही उठाए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुछ लोग तो ये भी कह रहे हैं कि हम युवाओं के आगे या सीबीआई जांच की मांग करने वालों के आगे झुक गए। ऐसे सभी लोगों को ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं, युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सर झुका भी सकता हूं और स्वयं को मिटा भी सकता हूं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राजयसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा, सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल सहित विभिन्न नगर निकायों के मेयर, सचिव नितेश कुमार झा सहित शहरी विकास विभाग व नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे।

हेली सेवाओं से दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों को सुगम परिवहन उपलब्ध होगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान योजना) के अंतर्गत पिथौरागढ़-मुनस्यारी-पिथौरागढ़ एवं हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी हवाई सेवाओं का मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन हवाई सेवाओं के शुरू होने से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों का आवागमन सुगम होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा और मुनस्यारी उत्तराखंड के प्राचीन नगर होने के साथ ही ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर हैं। ये शहर प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक मंदिरों और समृद्ध संस्कृति के लिए देश और दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हेली सेवा शुरू होने से अब पर्यटक अल्मोड़ा और मुनस्यारी तक और भी आसानी से पहुँच सकेंगे। इन सेवाओं से हल्द्वानी से अल्मोड़ा पहुँचने का समय 3 से 4 घंटे से घटकर महज़ कुछ मिनटों का रह जाएगा। हेली सेवाओं के प्रारंभ होने से दोनों क्षेत्रों में पर्यटन एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उड़ान योजना जैसी दूरदर्शी योजना प्रारंभ की थी। इस योजना ने प्रदेश में हवाई संपर्क को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके अंतर्गत राज्य के कई हिस्सों में हवाई पट्टियों और हेलीपोर्ट्स का विकास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 18 हेलीपोर्ट्स से हेली सेवाओं के संचालन की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिनमें से अब तक 12 हेलीपोर्ट्स पर सेवाएँ सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेली सेवाओं से अब तक गौचर, जोशियाड़ा, हल्द्वानी, मुनस्यारी, मसूरी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी हेली सेवाओं से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हवाई संपर्क को सशक्त बनाने के साथ ही उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं के लिए विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

गौरतलब है कि पिथौरागढ़ -मुनस्यारी -पिथौरागढ़ एवं हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में 7 दिन तथा प्रत्येक दिन दो बार संचालित होगी। पिथौरागढ़ से मुनस्यारी के लिए यह हेली सेवा सुबह 10रू30 बजे एवं दोपहर 1रू50 बजे चलेगी। वहीं मुनस्यारी से पिथौरागढ़ के लिए यह सेवा सुबह 10रू50 बजे एवं दोपहर 2रू10 बजे चलेगी।

हल्द्वानी से अल्मोड़ा के लिए हेली सेवा सुबह 11रू50 बजे एवं दोपहर 3रू10 बजे चलेगी। जबकि अल्मोड़ा से हल्द्वानी के लिए यह सेवा दोपहर 12रू50 बजे एवं सायं 4रू10 बजे चलेगी। इन हवाई सेवाओं का किराया ₹2500 है, जिसे यात्री https://airheritage.in/ के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

कार्यक्रम में सचिव युकाडा सचिन कुर्वे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा आशीष चौहान एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

25 हज़ार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, 100 से अधिक नकल माफिया जेल मेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून के फेयरफिल्ड बाय मेरियट मालसी में टाइम्स ऑफ़ इंडिया कॉन्क्लेव के तहत आयोजित उत्तराखण्ड चौप्टर-2025 कॉन्क्लेव में प्रतिभाग किया।

राज्य के विकास पर प्रगति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2014 से पूर्व देश की राजनीति में केवल घोटालों, घपलों, कुशासन और भ्रष्टाचार की चर्चा हुआ करती थी। वहीं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को एक कमज़ोर राष्ट्र के रूप में देखा जाता था और राजनीतिक दृष्टि से भी भारत की छवि एक अस्थिर देश की हुआ करती थी। परंतु वर्ष 2014 के बाद, देश में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत के आत्मगौरव, स्वाभिमान और राष्ट्रीयता की भावना के पुनर्जागरण का एक ऐतिहासिक कालखंड आरंभ हुआ। जिससे आज जहां एक ओर भारत “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति के साथ विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वहीं, वैश्विक मंचों पर यह एक सशक्त, सक्षम और सामर्थ्यवान राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी देश के एकमात्र प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने हमारे सुदूरवर्ती और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचकर वहां के समग्र विकास की दिशा में प्रयास किया है। यही नहीं, मोदी जी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने मध्यम वर्ग के उत्थान के लिए भी कई ऐतिहासिक कदम उठाएं हैं। आज जहाँ एक ओर मध्यम वर्ग को राहत पहुँचाने के लिए 12 लाख 75 हजार रुपये तक की आय को करमुक्त किया गया है। वहीं, नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी सुधारों के माध्यम से न केवल नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान की गई है, बल्कि हमारे स्थानीय उद्योगों और व्यापारियों को भी एक नई ऊर्जा और गति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे राज्य में भी जो कार्य हुए हैं, वे भी अद्वितीय हैं। आज हमारी सरकार जिस कार्य का शिलान्यास करती है उसे तय समय में पूर्ण कर उसका लोकार्पण भी करती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हाल ही में एक नकल का मामला सामने आया था, प्रकरण की जानकारी मिलते ही हमारी सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरी परीक्षा की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। परंतु कुछ लोग इस मामले की आड़ में हमारे युवाओं को ढाल बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने की कोशिश करने लगी और प्रदेश में अराजकता फैलाने के प्रयास किए जाने लगे। जो लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते सीबीआई और ईडी की जांच पर सवाल उठाते रहे हैं और न्यायालय के फैसलों को भी स्वीकार नहीं करते। वो लोग इस मामले में युवाओं को आगे कर सीबीआई जांच की मांग कर इस प्रकरण का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे बच्चों को गर्मी और धूप में परेशान होता देख और इनके षडयंत्र को विफल करने के लिए, मैंने स्वयं कल वहाँ जाकर युवाओं से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच की अनुशंसा की जाएगी और उनकी सभी न्यायोचित माँगों को पूरा किया जाएगा। क्योंकि हमारी सरकार ने ही भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसी का परिणाम है कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस कानून के लागू होने के पश्चात हमने बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया है जिन्होंने पूर्व की सरकारों के समय उत्तराखंड में नकल को एक उद्योग बना दिया था। ये सभी कदम हमारी सरकार ने युवाओं का भविष्य और हित सुनिश्चित करने के लिए ही उठाए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि हमारी सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हम किसी भी कीमत पर उनके सपनों के साथ खिलवाड़ करने वालों को सफल नहीं होने देंगे। कुछ लोग तो ये भी कह रहे हैं कि हम युवाओं के आगे या सीबीआई जांच की मांग करने वालों के आगे झुक गए। ऐसे सभी लोगों को ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं, युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सर झुका भी सकता हूं और सर कटा भी सकता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में आपदाओं का प्रकोप होने के बावजूद अब तक लगभग 42 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा पूरी कर सकुशल अपने गंतव्य को लौट चुके हैं। हमने अब राज्य में “शीतकालीन यात्रा” भी प्रारंभ की हैं, जिससे श्रद्धालु और पर्यटक शीत काल में भी हमारे धार्मिक स्थलों के साथ- साथ अन्य पर्यटक स्थलों के दर्शन कर सकें। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी शीतकालीन यात्रा एवं साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए इसी वर्ष मार्च में आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने स्वयं हर्षिल और मुखबा की यात्रा की थी और समस्त देशवासियों से शीतकाल में पहाड़ो में आने का आव्हान भी किया था। हम उत्तराखंड को देश और विश्व का ‘एडवेंचर टूरिज़्म हब’ बनाने के लिए ट्रेकिंग, माउंटेन बाइकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी अनेक परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं ताकि उत्तराखंड को देश का ही नहीं बल्कि विश्व का ‘एडवेंचर टूरिज़्म हब’ बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली नंदा देवी राजजात यात्रा और वर्ष 2027 में देवनगरी हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ को भी दिव्य और भव्य बनाने हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। आज हमारा प्रदेश धार्मिक पर्यटन के साथ – साथ वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म ,फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन और वेडिंग डेस्टिनेशन के क्षेत्र में भी एक विशिष्ट केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर औद्योगिक विकास भी सुनिश्चित किया जा रहा है। हमने राज्य में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर देश-विदेश के उद्यमियों के साथ 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए थे। मुझे गर्व है कि इस सम्मेलन के डेढ़ वर्ष के भीतर ही हम 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से हमने स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया है, जबकि हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड ने हमारे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। हमने जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है। राज्य में हमने ऑपरेशन कालनेमी चलाकर जहां हमने सनातन हिंदू धर्म को बदनाम करने वाले जेहादियों को पकड़ने का काम किया है। वहीं लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 9 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही करीब 250 अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओ को भी हटाने का काम हमारी सरकार ने किया है। हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत, राज्य में 1 जुलाई 2026 के पश्चात वो सभी मदरसे बंद हो जाएंगे जो हमारी सरकार द्वारा दिए गए सरकारी सेलेबस को अपने यहां नहीं पढ़ाएंगे। इतना ही नहीं, हमारी सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर अपने सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी से ये आग्रह करना चाहता हूँ कि आप सभी आदरणीय प्रधानमंत्री जी के “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें। हमारे देश में एक पेन की निब से लेकर अंतरिक्ष यान तक, सब कुछ स्वदेश में बनाने की क्षमता है। हमें अब संकल्पित होकर प्रत्येक वस्तु खरीदने से पहले ये देखना होगा कि वो स्वदेशी है या विदेशी। यदि हम स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो हमारा ये कदम न केवल हमारे कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को सशक्त बनाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा।

इस अवसर पर फ़िल्म अभिनेता आशुतोष राणा सहित फ़िल्म, मीडिया व विभिन्न क्षेत्रों के लोकप्रिय गणमान्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने दिए निर्देश, महानवमी पर रहेगा अवकाश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर महानवमी को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश के निर्देश दिए गए थे।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सचिव सामान्य प्रशासन द्वारा इसके आदेश जारी कर दिये गए हैं। अब प्रदेश में दिनांक 01 अक्टूबर 2025 को राज्य सरकार के सभी कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। बैंक एवं कोषागारों में भी यह अवकाश रहेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को महानवमी की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि का यह पर्व समाज में नारी के महत्व एवं सम्मान को प्रदर्शित करने वाला है। यह हमारी समृद्ध, सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना भी की है।

युवाओं की भागीदारी से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के देहरादून जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों के विजयी प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री आवास में भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि युवा ही देश और राज्य की प्रगति की असली शक्ति हैं, और उनकी सक्रिय भागीदारी से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

विजयी प्रत्याशियों ने मुख्यमंत्री को अपनी आगामी योजनाओं और छात्र समाज के हित में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग देने का आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

सीएम ने प्रदेश में निर्माण व नव निर्माण कार्यों में तेजी लाने को दिए लोनिवि को निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में निर्माण और नव निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि अब मानसून अवधि पूर्ण हो चुकी है, सभी विभाग धरातल पर कार्यों में तेजी लाएं।

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सड़कें निर्धारित समय सीमा में गड्ढा मुक्त की जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। जिन क्षेत्रों से बार-बार सड़क संबंधी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने गड्ढा मुक्त सड़क अभियान की कार्य प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने तथा 31 अक्टूबर तक पैच वर्क पूर्ण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज पांडेय, विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड सीएम ने परेड ग्राउंड में आंदोलन कर रहे युवाओं से की मुलाकात, सीबीआई जांच की संस्तुति दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में आंदोलन कर रहे युवाओं के बीच पहुंचकर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की गत सप्ताह आयोजित परीक्षा प्रकरण की सीबीआई जांच कराने पर सहमति दे दी है।

आज दोपहर बाद सीएम धामी अचानक, परेड ग्राउंड में आंदोलनरत युवाओं के बीच पहुंच गए। यहां सीएम ने युवाओं का पक्ष सुनने के बाद कहा कि युवा इस त्योहारी सीजन में इतनी गर्मी के बीच आंदोलन कर रहे हैं, इससे खुद उन्हें भी अच्छा नहीं लग रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का एक ही संकल्प है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। विगत चार साल में सरकार ने इसी संकल्प के अनुसार काम किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि वो जानते हैं कि उत्तराखंड के युवा और छात्र पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करते हैं। इसी आधार पर उनके पास जीवन के लिए खूबसूरत सपने होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद ऐसी परिस्थितियों को देखा है, छात्रों और युवाओं के बीच काम करते हुए, इसका अनुभव लिया है।

युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विगत दिनों सामने आए प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में एसआईटी द्वारा की जा रही है। कमेटी ने काम भी शुरु किया है, लेकिन फिर भी युवा सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, इस कारण सरकार इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति करेगी। इसमें कोई रुकावट नहीं आएगी।

मैं भी आया हूं धरना स्थल पर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वो चाहते तो ये बातचीत कार्यालय में भी हो सकती थी, लेकिन युवाओं के कष्ट को देखते हुए, उन्होंने खुद धरना स्थल पर आने का निर्णय लिया है, वो पूरी तरह युवाओं के साथ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले चार साल में पारदर्शी तरीके से 25 हजार से अधिक सरकारी भर्तियां की है, इसमें कहीं कोई शिकायत नहीं आई है। सिर्फ एक प्रकरण में यह शिकायत आई है, इसलिए युवाओं के मन से हर तरह की शंका को मिटाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सीएम धामी ने कहा कि विगत सप्ताह भी जब युवा उनसे मिले थे तो उन्होंने तब ही स्पष्ट कर दिया था कि सरकार चाहती है कि युवाओं के मन में कोई अविश्वास, संदेह या शंका न रहे। इसलिए वो बिना किसी को बताए सीधे यहां परेड ग्राउंड में चले आए हैं।

मुकदमें वापस होंगे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आंदोलन के दौरान यदि युवाओं पर कहीं कोई मुकदमें दर्ज हुए हैं तो उन्हें वापस लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतकाल के विकसित भारत में उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने, इसमें युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी।