अभद्रता और गाली गलौच मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी निलंबित हुए

जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कार्यालय के पत्र संख्या 681 दिनांक 12 अगस्त, 2025 के द्वारा अकिंत कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विकास खण्ड खानपुर से एक सप्ताहान्तर्गत स्पष्टीकरण माँगा गया था कि वह अधोहस्ताक्षरी को प्राप्त एक ऑडियो क्लिप में किसी व्यक्ति से गाली-गलौच करते हुए सुनाई दे रहे है। इतना समय व्यतीत होने के उपरान्त् भी अंकित कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विकास खण्ड खानपुर द्वारा आतिथि तक अपना इस संबंध में कोई भी प्रतिउत्तर इस कार्यालय को उपलब्ध नही कराया गया है। इस प्रकार अंकित कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के विरूद्ध उक्त अभिकथन इतने गम्भीर है कि इनके स्थापित हो जाने पर अंकित कुमार को दीर्घ शास्ति दी जा सकती है।

एक शासकीय कर्मचारी के लिए किसी व्यक्ति से फोन पर इस प्रकार की अभद्र भाषा और गाली-गलौच किया जाना कर्मचारी आचरण नियमावली 2002 के पूर्णतया विपरीत है। इसके साथ ही इस संबंध में कोई भी स्पष्टीकरण इतना समय व्यतीत हो जाने के बाद भी ना दिया जाना अंकित कुमार के अनुशासनहीनता को परिलक्षित करता प्रतीत हो रहा है।

अतः अंकित कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विकास खण्ड खानपुर को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए सहायक विकास अधिकारी (पं०) बहादराबाद के कार्यालय में सम्बद्ध किया जाता है। निलम्बन अवधि में अंकित कुमार, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-2 भाग-2 में 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता, अर्ध औसत वेतन/वेतन पर देय मंहगाई भत्ता भी देय होगा। निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते निलम्बन काल में इस शर्त पर देय होगें कि सम्बन्धित कमचारी द्वारा इन मदों पर वास्तव में व्यय किया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप ऐसे प्रतिकर भत्ते अनुमन्य है।

उपरोक्त प्रस्तर-2 में उल्लेखित मदों का भुगतान तभी किया जायेगा जब अंकित कुमार इस आशय का प्रमाण प्रस्तुत करेगें कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार वृत्ति या व्यवसाय में नहीं लगे है। इस सम्बन्ध में आरोप पत्र पृथक से निर्गत किया जाएगा।

मेडिकल स्टोर्स पर एफडीए की छापेमारी शुरू, सीएम ने प्रतिबंधित कफ सिरप पर सख्त कार्रवाई के दिए थे निर्देश

बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशभर में प्रतिबंधित कफ सिरप और औषधियों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) की संयुक्त टीमें प्रदेश के सभी जिलों में मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं और अस्पतालों की औषधि दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। यह अभियान हाल ही में राजस्थान और मध्य प्रदेश में खांसी की दवा (कफ सिरप) के सेवन से बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद शुरू किया गया है। उत्तराखंड सरकार ने इसे जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए तत्परता से कार्रवाई प्रारंभ की है।

केंद्र की एडवाइजरी पर तुरंत कार्रवाई
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा कि भारत सरकार की एडवाइजरी को प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से बड़ा कोई विषय नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि औषधि निरीक्षक चरणबद्ध तरीके से कफ सिरपों के नमूने एकत्र करें और उनकी गुणवत्ता की प्रयोगशाला जांच कराएं, ताकि किसी भी दोषपूर्ण या हानिकारक दवा को बाजार से तत्काल हटाया जा सके।

बच्चों के लिए प्रतिबंधित सिरप न लिखें डॉक्टर
डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रदेश के सभी चिकित्सकों से आग्रह किया है कि केंद्र सरकार की एडवाइजरी का संज्ञान लेते हुए वे बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप न लिखें। डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा यदि चिकित्सक इन सिरपों को लिखेंगे तो मेडिकल स्टोर भी उन्हें बेचेंगे। इसलिए ज़रूरी है कि डॉक्टर स्वयं भी जिम्मेदारी दिखाएं और प्रतिबंधित दवाओं से परहेज़ करें।

कौन-सी दवाएं प्रतिबंधित हैं

भारत सरकार की एडवाइजरी के अनुसार कृ

दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार की खांसी या जुकाम की दवा नहीं दी जानी चाहिए।

पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में इन दवाओं का सामान्य उपयोग अनुशंसित नहीं है।

केवल विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह, सही खुराक और न्यूनतम अवधि के लिए ही इनका उपयोग किया जा सकता है।

सरकार ने विशेष रूप से Dextromethorphan युक्त सिरप और Chlorpheniramine Maleate + Phenylephrine Hydrochloride संयोजन वाली दवाओं को चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंधित किया है।

प्रदेशभर में छापेमारी और सैंपलिंग अभियान
प्रदेश में इस आदेश के बाद अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में राज्यभर में युद्धस्तर पर छापेमारी की जा रही है। स्वयं अपर आयुक्त ने देहरादून के जोगीवाला, मोहकमपुर समेत कई क्षेत्रों में औषधि दुकानों का निरीक्षण किया। सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस माह के भीतर सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और खुदरा दुकानों से सिरपों के नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण करवाएँ। ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि एफ.डी.ए. की टीमें प्रदेशभर में सक्रिय हैं। यदि किसी भी स्तर पर दोष पाया गया तो संबंधित कंपनी या विक्रेता के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सख्त संदेश दृ जनस्वास्थ्य सर्वाेपरि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रदेश में बिकने वाली हर दवा सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाली हो। जनस्वास्थ्य हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और बच्चों की सुरक्षा पर किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार प्रदेश में औषधि गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को और सुदृढ़ करने की दिशा में भी काम कर रही है।

बच्चों की दवा में लापरवाही अस्वीकार्य- डॉ. धन सिंह रावत
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा राज्य सरकार केंद्र की एडवाइजरी का पूरी गंभीरता से पालन कर रही है। बच्चों की दवाओं से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी चिकित्सकों और औषधि विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिबंधित सिरप को न लिखें और न बेचें। यह कदम बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

जनता से अपील दृ डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवा न दें
एफ.डी.ए. ने राज्यभर में कफ सिरप की सैंपलिंग शुरू कर दी है। अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने जनता से अपील की है कि वे बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। यदि किसी दवा के सेवन से कोई प्रतिकूल प्रभाव दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या अस्पताल से संपर्क करें।

पहली बार देवभूमि उत्तराखंड में सब-जूनियर नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता का होना ऐतिहासिकः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून में 50वीं सब-जूनियर राष्ट्रीय बास्केटबॉल चौंपियनशिप का शुभारंभ किया। 10 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में देश के 28 राज्यों से 54 टीमों के लगभग एक हजार से अधिक खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया एवं उत्तराखंड बास्केटबॉल एसोसिएशन को इस आयोजन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार देवभूमि उत्तराखंड में सब-जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चौंपियनशिप का आयोजन हो रहा है, जो राज्य के लिए गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, धैर्य, अनुशासन व टीम भावना भी सिखाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया मूवमेंट जैसी पहलों से देश में खेलों के प्रति नई जागरूकता आयी है और भारत खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को स्पर्श कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखंड तेजी से खेलभूमि के रूप में अग्रसर है। राज्य में 517 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित की जा रही है। शीघ्र ही आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों के साथ स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान लागू किया जाएगा तथा हल्द्वानी में प्रथम खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नई खेल नीति’ के तहत राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी, ‘खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, खेल किट, राज्य स्तरीय पुरस्कार तथा 4 प्रतिशत खेल कोटा की बहाली जैसे अनेक कदम खिलाड़ियों के हित में उठाए गए हैं। हाल ही में राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपये की सम्मान राशि भी दी गई है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून में बास्केटबॉल खिलाड़ियों के प्रशिक्षण (बास्केटबॉल प्रशिक्षण अकादमी) के लिए जिलाधिकारी देहरादून को भूमि चिन्हित करने तथा हल्द्वानी में निर्माणाधीन खेल विश्वविद्यालय के पास बास्केटबॉल प्रशिक्षण अकादमी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं के लिए खेल विभाग को आवश्यक कदम उठाने तथा अन्य खेलों की भांति बास्केटबॉल की भी समय-समय पर प्रतियोगिताएं आयोजित करने की बात कही।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, अध्यक्ष उत्तराखंड बास्केटबॉल एसोसिएशन सुशील कुमार, महासचिव बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया कुलविंदर सिंह गिल, उपाध्यक्ष उत्तराखंड बास्केटबॉल एसोसिएशन आदित्य चौहान, मंदीप सिंह ग्रेवाल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा कर दिए निर्देश

श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय टिहरी की छात्रा साक्षी द्वारा विवि के स्तर से डिग्री नहीं दिए जाने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन किए जाने के बावजूद इस प्रकरण का निस्तारण नहीं किया गया।
सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा के दौरान उक्त प्रकरण जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में आया तो उन्होंने इस पर सख़्त नाराज़गी व्यक्त करते हुए सचिव आईटी और सचिव उच्च शिक्षा एक सप्ताह में इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ ही संबंधित अधिकारी पर सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभ्यर्थी को एक सप्ताह के अंदर डिग्री उपलब्ध कराई जाए। छात्र-छात्राओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में हेल्प डेस्क बनाई जाए। सेवा के अधिकार के तहत दी जाने वाली सेवाओं को कार्यालयों के डिस्प्ले बोर्ड पर दर्ज किया जाए। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज बिजली, पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण तेजी से किया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारी कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करें कि वे किस निर्धारित दिन समस्याओं के समाधान के लिए बैठेंगे।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिकायतकर्ताओं से बात कर उनकी समस्याओं के यथाशीघ्र समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की शिकायतों और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह, सचिवगणों को माह में दो बार और मुख्य सचिव को प्रत्येक माह में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करने के निर्देश दिए, साथ ही कहा कि 3 माह से अधिक लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निस्तारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारियों को जनता मिलन कार्यक्रमों का आयोजन नियमित तौर पर करना होगा, साथ ही शिकायतों का समाधान निर्धारित समयसीमा के भीतर न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। आपदा से क्षतिग्रस्त लाइनों, सुरक्षा दीवारों का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने के साथ ही रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान तभी माना जाएगा, जब शिकायतकर्ता पूर्ण रूप से संतुष्ट होगा। प्रत्येक माह की 5 तारीख तक सभी विभागों को हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त शिकायतों की स्थिति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं।

निदेशक आईटीडीए गौरव कुमार ने सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और विभागों द्वारा समाधान के लिए की गई कार्यवाही के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड पेयजल, गृह विभाग, ऊर्जा से संबंधित लोगों की अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

वन्यजीव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंगः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जू में वन्य जीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश में वन्य जीवों के हमले में होने वाली जनहानि पर मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपए किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन्यजीव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग हैं, हमारे देवी – देवताओं ने भी इनके साथ सह-अस्तित्व का संदेश दिया है। मां दुर्गा का वाहन शेर, गणेश जी का वाहन मूषक, मां सरस्वती का हंस, भगवान कार्तिकेय का मोर, लक्ष्मी जी का उल्लू और देवाधिदेव महादेव के कंठ पर विराजमान नागराज और साथ बैठे नंदी हमारी सनातन संस्कृति में मानव और जीव-जगत के बीच एकात्म भाव के प्रतीक हैं। यही कारण है कि आदिकाल से वन्यजीवों का संरक्षण भारत की जीवन पद्धति का स्वाभाविक हिस्सा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की लगभग 14.77 प्रतिशत भूमि, 6 राष्ट्रीय उद्यानों, 7 वन्यजीव विहारों और 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्रों के रूप में संरक्षित है, जबकि पूरे देश में ये अनुपात मात्र 5.27 प्रतिशत ही है। ये अंतर हमारे राज्य की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की हरियाली और इसमें स्वच्छंद विचरण करते वन्य जीव वर्ष भर देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। पर्यटकों की सुविधाओं का ध्यान रखने के साथ – साथ राज्य सरकार वनों के प्राकृतिक स्वरूप को अक्षुण्ण बनाए रखने और वन्य जीवों को सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विकास के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग से कहा कि हर जिले में कम से कम एक नए पर्यटन स्थल की पहचान करते हुए उसे विकसित करें, साथ ही बिना प्राकृतिक स्वरूप को बदले, उसे पर्यटकों के लिए सुलभ बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नए इको-टूरिज्म मॉडल पर काम चल रहा है, ताकि लोग जंगलों से जुड़ें, लेकिन प्रकृति को नुकसान न पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सामूहिक प्रयासों से बाघ, गुलदार, हाथी, हिम तेंदुवे जैसे दुर्लभ वन्य प्राणियों की संख्या में उत्साहजनक वृद्धि हुई है। परंतु इनके साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौतियाँ भी बढ़ रही हैं। इस संघर्ष को कम करने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक उपायों का उपयोग कर रही है। वन विभाग को ड्रोन और जीपीएस की तकनीकी सुविधा दी जा रही है, ताकि वन्यजीवों की निगरानी और सुरक्षा और बेहतर ढंग से हो सके। स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं, ताकि वे जंगलों की रक्षा और वन्यजीवों की सुरक्षा में सक्रिय भागीदार बन सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एक लाख युवाओं को ’’सीएम यंग ईको-प्रिन्योर’’ बनाने की बात कही थी, अब ये स्कीम रंग ला रही है। इस स्कीम के अंतर्गत नेचर गाइड, ड्रोन पाइलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ईकोटूरिज्म, वन्यजीव टूरिज्म आधारित कौशल कार्यों को एक उद्यम के रूप में परिवर्तित किए जाने की दिशा में काम आगे बढ़ चुका है। इस सबके साथ- साथ अब प्रदेश के प्रत्येक जिले में छात्रों के लिए इको क्लब के जरिए वन्यजीवों से संबंधित शैक्षिक यात्रा के आयोजन भी कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विश्व मंच से ’’लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’’ का आह्वान किया है जो मात्र एक नारा नहीं, बल्कि धरती मां को बचाने का एक मंत्र है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आने वाले सभी पर्यटकों से ये आह्वान करते हुए कहा कि वे जब भी जंगल सफारी या किसी धार्मिक पर्यटन स्थल पर जाएं तो वहां गंदगी न फैलाएं।

इस मौके पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन और वन्य जीवों को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इकोनॉमी, इकोलॉजी और टैक्नोलॉजी के मेल से ही प्रदेश आगे बढ़ सकता है।

इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी, राज्य सभा सांसद नरेश बसंल, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रमुख मुख्य वन संरक्षक समीर सिन्हा, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव रंजन कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।

मुख्यमंत्री धामी ने जनता से की अपील, अधिक से अधिक अपनाएँ स्वदेशी उत्पाद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करने का आग्रह किया था। इसी क्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के चकराता रोड स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन से सामान खरीदा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र या उत्पाद नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की पहचान और महात्मा गांधी के स्वदेशी विचारों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर चलाया गया स्वदेशी अभियान और वोकल फॉर लोकल आज देशभर में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

उन्होंने कहा कि खादी और स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे त्योहारों के अवसर पर विशेष रूप से स्वदेशी उत्पादों को अपनाएँ और अधिक से अधिक खादी एवं स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो रहा है। वोकल फॉर लोकल केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह आर्थिक और सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड खादी और अन्य स्वदेशी उत्पादों का बड़ा केंद्र बनेगा और यह प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः धरातल पर दिखाई दे रहा महिला सशक्तिकरण को समर्पित प्रोजेक्ट ऑटोमेटेड पार्किंग

देहरादून शहर में निर्माणाधीन स्मार्ट ऑटोमेटेड पार्किंग का कार्य पूर्ण ही गया है तथा इसका कोरोनेशन तथा परेड ग्राउंड में पार्किंग का संचालन भी शुरू हो गया है । जल्द ही यह पार्किंग मुख्यमंत्री द्वारा विधिवत रूप से जनमानस को समर्पित की जाएंगी।
यह राज्य की महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित प्रथम पार्किंग है। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित इस पार्किंग को जिला प्रशासन द्वारा अनुदान दिया जाएगा। शहर के तीन स्थानों पर बनाई गई इन ऑटोमेटेड पार्किंग की परेड ग्राउंड पर 96, तिब्बती मार्केट पर 132 ,तथा कोरोनेशन चिकित्सालय में 18 वाहन क्षमता वाली इस पार्किंग में परेड ग्राउंड तथा कोरोनेशन में स्वसंचालन शुरू हो गया है जिसे विधिवत रूप से जनमानस को समर्पित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश व जिलाधिकारी सविन बंसल के सतत प्रयासों से जनपद देहरादून अंतर्गत आधुनिक सुविधायुक्त आटोमेटेड पार्किंग निर्माण कार्य पूर्ण। जिलाधिकारी के अभिनव पहल से एक ओर जहाँ कोरोनेशन अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ अब भौतिक ढांचे को भी स्मार्ट बनाया जा रहा है, जिससे शहर की चिकित्सा व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी। वहीं शहर के बढ़ती ट्रैफिक के दृष्टिगत शहर में व्यवस्थित रूप से पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने में डीएम का प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। आधुनिकता की दौड़ में ऑटोमेटेड पार्किंग आवश्यकता अनुसार कम स्थान पर निर्मित हो जाती है जिसे भविष्य में एक उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। जहां एक ओर सड़कों पर यातायात का बहुत अधिक दबाव है वही पर्याप्त पार्किंग न होने की वजह से शहर वासी वह पर्यटक नो पार्किंग जोन में वाहन पार्क करने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन का यह प्रयास शहर की यातायात व्यवस्था पर दबाव कम करने को एक उम्मीद की किरण के तौर पर देखा जा रहा है यदि यह सफल रहा वह भविष्य में शहर में कई स्थानों पर इस प्रकार की पार्किंग नजर आएँगी। यह इस पार्किंग की सबसे बड़ी खूबी है कि इसे जरूरत के अनुसार एक स्थान से दूसरे स्थान पर भी शिफ्ट किया जा सकता है।

वन्य जीव सप्ताह के तहत सीएम ने वन विभाग की बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

वन्यजीव सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में वन्यजीव सप्ताह का राज्य में विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने वन विभाग की बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बाइक रैली वन्यजीव संरक्षण के संदेश का प्रचार-प्रसार करते हुए मुख्य स्थलों घण्टाघर, परेड ग्राउंड, सर्वे चौक से होते हुए मालसी जू तक पहुँची। हर वर्ष अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में वन्यजीव सप्ताह मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण तथा उनके प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह की 74वीं थीम “मानव वन्यजीव सह-अस्तित्व“ रखी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन और वन्यजीव हमारे पारिस्थितिक तंत्र के महत्वपूर्ण अंग हैं जिनके संरक्षण के बिना जीवन संभव नहीं। मानव और वन्यजीव के बीच सह-अस्तित्व ही प्रकृति की स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण की कुंजी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की हरित विरासत को बचाना हमारी ज़िम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से अपील की कि वे वन्यजीव संरक्षण के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करें।

इस वर्ष उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वन्यजीव सप्ताह के दौरान 02 से 08 अक्टूबर तक दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में वन्यजीव संरक्षण एवं जागरूकता हेतु वन्यजीव फोटोग्राफी प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है। वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत आगामी दिनांक 03 अक्टूबर को मालसी जू, देहरादून में वन्यजीव संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न जनप्रतिनिधि, पर्यावरण विशेषज्ञ एवं नागरिक भाग लेंगे।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधाशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ डॉ. समीर सिन्हा, प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजन कुमार मिश्र सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी पहुंचे रामपुर तिराहा, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शहीद स्थल रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी शहीदों की पुण्य स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रामपुर तिराहा शहीद स्थल के री-डेवलपमेंट का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। संग्रहालय को भव्यता प्रदान करने के लिए कार्य किए जाएंगे।इस स्थल पर एक कैंटीन बनाई जाएगी और उत्तराखण्ड की बसों को ठहरने के लिए स्टॉपेज भी बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर 1994 का रामपुर तिराहा गोलीकांड, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के इतिहास में सबसे क्रूर और गहरे घाव देने वाले काले अध्याय के रूप में अंकित रहेगा। आज भी उस बर्बर गोलीकांड और महिलाओं की अस्मिता पर किए गए अमानवीय अत्याचारों को याद करके प्रत्येक उत्तराखंडी की रूह कांप उठती है। जिन पर जनता की रक्षा की जिम्मेदारी थी, उन्होंने ही हिंसा और बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थीं। एक शांतिपूर्ण आंदोलन को निर्दयतापूर्वक कुचलने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें सदा याद दिलाता रहेगा कि उत्तराखंड की नींव हमारे शहीदों ने अपने खून से सींची है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे आंदोलनकारियों के त्याग, तपस्या और बलिदान के परिणामस्वरूप ही हमें अलग राज्य मिला।आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए राज्य सरकार ने नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा प्रारंभ की गई है। साथ ही घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। सरकार ने चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में हमारी मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनका सम्मान करते हुए राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया। रामपुर गोलीकांड के समय इस क्षेत्र के लोगों द्वारा राज्य आंदोलनकारियों की सहायता को चिरस्थायी बनाने हेतु रामपुर, सिसौना, मेघपुर और बागोंवाली में जनमिलन केन्द्रों का निर्माण कराया गया है। शहीद स्मारक हेतु भूमि दान करने वाले स्वर्गीय महावीर शर्मा के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए शहीद स्मारक में उनकी प्रतिमा भी स्थापित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और कर्तव्य सुनिश्चित किए गए हैं। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले 4 वर्षों में उत्तराखंड के लगभग 24 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। राज्य में सख्त दंगारोधी कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय भी लिया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद 1 जुलाई 2026 से उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वालों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

इस अवसर पर उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, कपिल देव, पूर्व सांसद सजीव बालियान, विधायक रूड़की प्रदीप बत्रा, विधायक खानपुर उमेश कुमार, विधायक झबरेड़ा विरेंद्र जाति, दर्जाधारी मधु भट्ट, राजेंद्र अंथवाल, शोभाराम प्रजापति, सचिव युगल किशोर पंत, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेन्द्र डोभाल, राज्य आंदोलनकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

पूर्व पीएम और महात्मा गांधी जयंती पर सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए । मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के सत्य व अहिंसा के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। हमें अपने आचरण में अहिंसा का भाव जागृत करने के साथ ही मानवता के प्रति करूणा का भाव पैदा करना होगा। यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनका स्मरण करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए । मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने ‘जय जवान जय किसान’ का नारा देकर राष्ट्र को स्वाभिमान और एकजुटता के साथ मजबूती से खड़े होने का रास्ता दिखाया। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सादगी, सत्यनिष्ठा, लगन, नैतिकता व राष्ट्र के प्रति समर्पण की जो अदभुत मिसाल कायम की, वह हम सबके लिए प्रेरणादायी है।
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गांधी पार्क पहुंचे सीएम ने बापू की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने सत्य, अहिंसा और त्याग के मार्ग से पूरे विश्व को शांति और एकता का संदेश दिया। उनका जीवन दर्शन आज भी समाज को नई दिशा देने वाला है। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से गांधीजी के विचारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी की प्रेरणा से ही हमें स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और सादगी का संदेश मिलता है, जो राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।
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शहीद स्थल कचहरी में राज्य आंदोलनकारी शहीदों को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित शहीद स्थल कचहरी परिसर में राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान से ही उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आन्दोलनकारियों और शहीदों के परिजनों के कल्याण हेतु निरंतर संकल्पित है तथा उनके हितों और सम्मान की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के सपनों के अनुरूप एक समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।