सीएम ने भीमराव अम्बेडकर समाज कल्याण बहुउद्देशीय शिविर रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से डॉ० भीमराव अम्बेडकर समाज कल्याण बहुउद्देशीय शिविर रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रथ 125 दिनों तक राज्य के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में 240 बहुउद्देशीय शिविरों के माध्यम से गरीब, जरूरतमंद एवं वंचित वर्ग के लोगों तक केंद्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक स्तर की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जायेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में जनपदों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सभी लाभार्थी योजनाओं एवं सेवाओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर समाज कल्याण अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष देशराज कर्णवाल, माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष शोभाराम प्रजापति, पूर्व विधायक प्रणव चौंपियन सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

छात्र आंदोलन पर बोले सीएम, किसी के साथ भेदभाव या मनभेद की भावना हमारे मन में कभी नहीं रही

अलग राज्य का सपना हमारे शहीदों और आंदोलनकारियों ने इसलिए साकार किया था ताकि उत्तराखंड के हर बेटे-बेटी का जीवन बेहतर हो, किसी का अहित न हो।

आज जब हमारे कुछ बच्चे सड़कों पर हैं, तो मैं उन्हें यही कहना चाहता हूँ कि वे भी हमारे अपने हैं, हमारे परिवार का हिस्सा हैं।

प्रदेश का ‘मुख्य सेवक’ होने के नाते, हर आवाज़ को सुनना, हर पीड़ा को समझना और हर दिल तक पहुँचना मेरा दायित्व है। आंदोलन कर रहे युवा भी हमारे अपने हैं।

इसलिए हमारी सरकार वर्ष 2023 में देश का सबसे पहला सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई, पर जैसा हमेशा होता रहा है, कुछ लोग कानून का उल्लंघन करते हैं, ऐसे हाकमो और उनके हाकिमों को हम इस बार ऐसा सबक सिखाएंगे कि ऐसे लोग कभी भूल नहीं पाएंगे। पर मैं अपने छात्रों को बता देना चाहता हूं कि किसी के साथ भेदभाव या मनभेद की भावना हमारे मन में कभी नहीं रही।
हम सब एक परिवार हैं और परिवार का उद्देश्य परिवार के सभी सदस्यों का कल्याण होता है।
मैं, सभी से आग्रह करता हूँ कि संवाद और विश्वास की राह पर आगे बढ़ें।
हम मिलकर उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को मिलकर पूर्ण करेंगे।

स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित आत्मनिर्भर भारत स्वदेशी संकल्प हर घर स्वदेशी घर घर स्वदेशी कार्यक्रम में मीडिया से संवाद के दौरान स्वदेशी के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव है। ये प्राचीन काल से सनातन संस्कृति की हमारी जीवन पद्धति है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक आत्मनिर्भर भारत का जो संकल्प लिया है उस संकल्प को पूरा करने के लिये यह अभियान और मजबूती प्रदान करेगा। स्वदेशी का संकल्प हमारे किसानों, कारीगरों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों के प्रति सम्मान का भी विषय है। स्वदेशी का संकल्प केवल आर्थिक मजबूती का साधन नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति हमारा प्रेम और समर्पण है। जब हम स्वदेशी अपनाते हैं तो हम न केवल अपने देश की मिट्टी से जुड़ते हैं, बल्कि अपनी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी इतिहास में स्वदेशी आंदोलन ने स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा भरी। लोकमान्य तिलक, महर्षि अरविंदो और महात्मा गांधी जैसे नेताओं का नेतृत्व हमें दिखाता है कि स्वदेशी आंदोलन राष्ट्रनिर्माण का आधार था। स्वतंत्रता के बाद भी दत्तोपंत ठेंगड़ी और पं. दीनदयाल उपाध्याय ने स्वदेशी आधारित आर्थिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को लाल किले से देश को संबोधित करते हुए जीएसटी की दरों में संशोधन कर इन दरों को 22 सितम्बर नवरात्रि से लागू करने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री की यह घोषणा साकार हुई है इसका परिणाम है कि आज जीएसटी की दरों में कमी के कारण व्यापारियों के साथ आम आदमी को फायदा हुआ है। उन्होंने अनेक स्थानों पर जाकर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से स्वयं संवाद कर इससे हुए लाभ की जानकारी ली है, इसके प्रति सभी में उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया है और वोकल फॉर लोकल से लेकर मेक इन इंडिया तक कई अभियान प्रारंभ किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्वदेशी का स्वरूप केवल खादी और दीयों तक सीमित नहीं है, ब्रह्मोस मिसाइल, तेजस विमान, सेमीकंडक्टर, डिजिटल इंडिया और यूपीआई जैसी आधुनिक तकनीक तक फैल चुका है। इसका प्रभाव ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के अंदर आतंक के ठिकानों को ध्वस्त करने तक दिखाई दिया है। उन्होंने कहा कोविड के संकट में पीपीई किट और वैक्सीन निर्माण भारत की स्वदेशी शक्ति का जीवंत उदाहरण है। पीपीई किट पहले आयात करते थे अब स्वदेश में बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों के विपणन हेतु हाउस ऑफ हिमालयाज नामक अंब्रेला ब्रांड की स्थापना की है। कम संसाधनों के बाद भी इसकी गुणवत्ता बेहतर है। साथ ही एक जिला दो उत्पाद जैसी योजना के माध्यम से भी जमीनी स्तर पर कार्य किया जा रहा है। हमारे किसान और काश्तकार शहद, मंडुवा, झंगोरा, रागी, मसालों और औषधीय पौधों की खेती द्वारा आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और लघु उद्योग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। युवाओं को स्टार्टअप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वदेशी उद्यमिता की ओर आगे बढ़ाया जाएगा। हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी अभियान के तहत उत्तराखंड में जन जागरण किया जाएगा। उन्होंने उत्तराखंड की जनता के साथ ही सभी देशवासियों का आह्वान किया कि अभी नवरात्रि का पर्व चल रहा है फिर दशहरा व दीपावली पर्व के साथ ही विवाह के अवसरों पर दैनिक उपयोग की वस्तुओं के क्रय में हमें स्वदेशी को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वदेशी को अपनाएं तथा हमारे उपयोग में आने वाली अधिकांश वस्तुयें स्वदेशी हो हमें इस पर ध्यान देना होगा। हमारे यही सामूहिक प्रयास हमें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे ले जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड मंत्र को अपनाएं तथा इसे आत्मसात करें।

सरकार लोककला और संस्कृति को सहेजने के लिए छह महीने की लोक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन कर रहीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल, देहरादून में आयोजित नरेन्द्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने नरेन्द्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान से हिमाचल के वरिष्ठ साहित्यकार एस.आर हरनोट को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी ने प्रत्येक उत्तराखंडवासी के हृदय को छुआ है। नरेंद्र नेगी ने अपने गीतों के माध्यम से उत्तराखंड की आत्मा को स्वर दिया है। उन्होंने लोक जीवन की पीड़ा, प्रेम, संघर्ष और सौंदर्य को सुरों में डालकर उसे जीवंत किया और राज्य की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा नरेंद्र नेगी ने पलायन के दर्द, पर्यावरण की चिंता और पहाड़ी महिलाओं के जीवन-संघर्ष पर भी कई मार्मिक गीत रचे हैं। नेगी जी ने अपने गीतों, लोकधुनों और लेखनी के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई ऊँचाइयाँ पर पहुंचाया है। उन्होंने उत्तराखंड की आत्मा को सुरों में पिरोकर उसे विश्वपटल पर प्रतिष्ठित भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में जागर, मांगल, खुदेड़, सहित अनेकों तरह के पारंपरिक गीत हमारी जीवन-शैली और भावनाओं को दर्शाते हैं। ढोल, दमाऊ, हुरका, मशाक, तुर्री, भंकोरा और हारमोनियम जैसे वाद्य यंत्र इन गीतों को और भी जीवंत बनाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड की लोक कलाओं को संरक्षित करने और समृद्ध बनाने के लिए कार्य कर रही है। सरकार हर छह माह में प्रदेश के लोक कलाकारों की सूची तैयार कर रही है। राज्य सरकार द्वारा कोरोना काल के दौरान लगभग 3,200 सूचीबद्ध लोक कलाकारों को प्रतिमाह दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध और अस्वस्थ लोक कलाकारों को प्रतिमाह तीन हजार रुपये की पेंशन दे रही है। लोककला और संस्कृति को सहेजने के लिए छह महीने की लोक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन भी कर रही है। इन कार्यशालाओं के माध्यम से युवा पीढ़ी को हमारी पौराणिक लोक संस्कृति की महत्ता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान, ‘साहित्य भूषण’ और ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’ पुरुस्कार के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित कर रही है। राज्य सरकार स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण के लिए भी सतत प्रयास कर रही है जिससे आने वाली पीढ़ियाँ अपनी समृद्ध भाषायी विरासत से जुड़ी रहें।

इस अवसर पर लोक कलाकार नरेंद्र सिंह नेगी, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, एस.पी सेमवाल, डॉ नवीन बलूनी, डॉ ईशान पुरोहित, अपर सचिव ललित मोहन रयाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सरकार छात्रोें के हित में निर्णय लेने के लिये एक प्रतिशत भी पीछे नहीं हटेगीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से अनौपचारिक वार्ता करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता से लेकर मीडिया जगत तक, सभी इस तथ्य के साक्षी हैं कि हमारी सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा है और योग्यता व प्रतिभा के आधार पर पिछले 4 सालों में 25,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। जिनकी परीक्षाएं बिना किसी भ्रष्टाचार और नकल के पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार छात्रोें के हित में निर्णय लेने के लिये एक प्रतिशत भी पीछे नहीं हटेगी। जब तक वे जीवित हैं तब तक उत्तराखण्ड के एक-एक छात्र को न्याय दिलाने का उनका संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में जो भी व्यक्ति नकल कराने के अपराध में शामिल होकर हमारे बेटे बेटियों, भाई बहनों, छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास करेंगे उनके विरूद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपने जीते जी छात्र-छात्राओं के हितों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में अगले एक साल में 10 हजार नियुक्तियां होनी हैं उनका कैलेंडर जारी कर दिया गया है ये नियुक्तियां पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ कराई जायेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि छात्र-छात्राओं के हितों के साथ कोई भी कुठाराघात नहीं होने दिया जाएगा।

उत्तराखंडः सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में पेपरलीक मामले की जांच होगी

नकल प्रकरण की जांच के लिए न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में आयोग गठित पूर्व में प्रस्तावित न्यायमूर्ति बी.एस. वर्मा ने निजी कारणों से असमर्थता जताई थी
राज्य सरकार ने स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा-2025 में कथित नकल के आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी (उच्च न्यायालय, नैनीताल) की अध्यक्षता में एक एकल सदस्यीय जांच आयोग के गठन की घोषणा की है। यह निर्णय जनहित एवं लोक महत्व को ध्यान में रखते हुए सम्यक विचारोपरांत लिया गया है।

ज्ञात हो कि 21 सितम्बर 2025 को आयोजित परीक्षा के दौरान नकल की शिकायतें सामने आई थीं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 3 के तहत न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

सरकार ने प्रारंभ में यह जिम्मेदारी न्यायमूर्ति बी.एस. वर्मा (सेवानिवृत्त) को सौंपने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने समयाभाव और निजी कारणों से असमर्थता जताई। इसके बाद राज्य सरकार ने न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया।

जारी आदेश के अनुसार, आयोग को अन्य अधिकारियों व विशेषज्ञों का सहयोग लेने की स्वतंत्रता होगी। आयोग का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण राज्य रहेगा तथा वह विभिन्न स्रोतों से प्राप्त शिकायतों, सूचनाओं और तथ्यों का परीक्षण करेगा।

इसके अतिरिक्त आयोग, 24 सितम्बर 2025 को गठित विशेष जांच दल (ैप्ज्) की आख्या का संज्ञान लेकर आवश्यकतानुसार उसे विधिसम्मत मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा। सरकार ने अपेक्षा की है कि आयोग शीघ्रातिशीघ्र अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा।

पवित्र छड़ी यात्रा धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं हमारी सनातन संस्कृति की व्यापकता का जीवंत प्रमाण हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थ नगरी हरिद्वार से पवित्र छड़ी यात्रा को अधिष्ठात्री माया देवी मंदिर के प्रांगण से वैदिक विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ उत्तराखंड के चारों धामों के लिए रवाना किया। मुख्यमंत्री ने पवित्र छड़ी को रवाना करने से पूर्व पवित्र छड़ी का अभिषेक करते हुए माया देवी मंदिर में महामाया देवी की पूजा अर्चना भी की तथा सभी संतगणों का माल्यार्पण कर सम्मान किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने आदि गुरू शंकराचार्य द्वारा प्रारंभ की गई पवित्र छड़ी यात्रा में सम्मिलित होना अपना सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा आठवीं शताब्दी में आदि गुरू ने संपूर्ण भारतवर्ष में अद्वैत वेदांत का संदेश फैलाने का जो महान कार्य किया, उसकी गूंज आज भी हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है। उन्होंने कहा पवित्र छड़ी की पूजा-अर्चना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं बल्कि ये हमारी सनातन संस्कृति की व्यापकता का जीवंत प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा ये यात्रा उत्तराखंड की अद्भुत विविधता और एकता का भी प्रतीक है क्योंकि कुमाऊं से गढ़वाल तक, ऊंचे हिमालय से लेकर गंगा-यमुना के तराई क्षेत्रों तक, हर जगह यह पवित्र छड़ी हमें जोड़ती है। जब ये छड़ी हमारे पहाड़ों, वनों, नदियों और घाटियों से गुजरती है, तो ऐसा लगता है मानो स्वयं माता भगवती और भगवान शंकर हमारे साथ चल रहे हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 70 वर्ष पूर्व कतिपय कारणों से पवित्र छड़ी यात्रा का संचालन अवरूद्ध हो गया था, परन्तु 2019 में श्रीमहंत हरिगिरि महाराज के अथक प्रयासों से ये यात्रा पुनः प्रारंभ हुई।

उन्होंने कहा कि हमारे संतो का बद्री केदार क्षेत्र के साथ ही अन्य सीमांत क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोजगार के साथ आर्थिक विकास की सोच को आगे बढ़ाने के साथ ही समाज के समग्र विकास की चिंता करना, हर किसी के जीवन में बदलाव लाने की सोच रखना बडी बात है, जहां ऐसी सोच के साथ संत निवास करते है, उस समाज व देश को आगे बढने, नई पहचान दिलाने से कोई रोक नही सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ सनातन संस्कृति के संरक्षण और पुनरुत्थान का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि धर्म का अर्थ केवल अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि ये हमारे आचरण, हमारे कर्म और हमारी जीवनशैली में झलकना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में काशी विश्वनाथ, महाकाल लोक, बद्रीनाथ, केदारनाथ आदि धामों के पुनर्निर्माण के साथ- साथ अयोध्या में भगवान राम के भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण इसका स्पष्ट प्रमाण है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने ही प्रथम ध्वजवाहक बनकर आदि कैलाश यात्रा को पूरे विश्व में प्रसिद्धि दिलाने का काम भी किया है।

प्रधानमंत्री ने माणा के साथ देश के सीमांत गांवों को पहला गांव बनाया है। घोस्ट विलेजों के विकास के लिए वाइब्रेट विलेज योजना के माध्यम से विकास के नये द्वार खोले जा रहे है। प्रधानमंत्री जी ने 17500 फुट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश की यात्रा कर इसे नई पहचान दिलाई है आज हजारों लोग यहां आ रहे हैं। 2014 से पहले तक तिब्बत से जुड़े सीमांत क्षेत्रों में सड़क नहीं बनाई जाती थी। आज तिब्बत सीमा तक सड़कों का तेजी से निर्माण हो रहा है कैलाश के दर्शन भारत भूमि से हो रहे हैं। नाबीढांग, गुंजी, व्यास, चौंदास, दारमा, नेलांग, जादुंग क्षेत्रों का तेजी से विकास हो रहा है।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर के निर्माण के बाद धर्मनगरी हरिद्वार भी काशी और अयोध्या की भांति अपने भव्य स्वरूप में नजर आएगी। वर्ष 2027 में हरिद्वार में कुंभ का आयोजन भी होना है, इसकी अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ को भव्य व दिव्य रूप से आयोजित किया जायेगा। इसके लिए सभी अखाड़ों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिये जा रहे है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार के विकास की जो भी योजनायें बनाई जायेंगी उसमें स्थानीय लोगों की सहमति का ध्यान रखा जाएगा। हरिद्वार धर्म नगरी है इसके भव्य स्वरूप देश दुनिया के सामने आये इसके भी प्रयास किये जायेंगे।

उन्होंने कहा कि देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे इसके लिए ऑपरेशन कालनेमि जैसे धर्म के मार्ग को अवरूद्ध करने वाले कारणों को दूर करने का हमारा प्रयास जारी रहेगा। हमें देश में चलाए जा रहे लैंड जेहाद, लव जेहाद, थूक जेहाद, अवैध मजार जेहाद, नशा जेहाद, धर्मांतरण जेहाद, डेमोग्राफिक जेहाद, अवैध मदरसा जेहाद और वोट जेहाद जैसे षड्यंत्रों से सावधान रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ निरंतर कार्य कर रही है और इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए आप सभी साधु-संतों, महंतों का आशीर्वाद इसी तरह बना रहना चाहिए।

इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री महन्त हरि गिरि ने बताया कि जूना अखाड़े से पवित्र छड़ी यमुनोत्री, गंगोत्री होते हुए केदारनाथ और बद्रीनाथ जाएगी। बद्रीनाथ से यह छड़ी कुमाऊं मंडल के विविध तीर्थ स्थलों से होते हुए हरिद्वार जूना अखाड़े में वापस आएगी और माया देवी के मंदिर में प्रतिष्ठित की जाएगी। इससे पहले यह छड़ी बागेश्वर कुमाऊं मंडल से चारों धामों के लिए निकलती थी और कई सालों से यह छड़ी यात्रा बंद थी। सन् 2021 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ को देखते हुए इस छड़ी के मार्ग में बदलाव किया गया है।

इस अवसर जूना अखाड़ा के महामंत्री हरिगिरी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है तथा उन्होंने कई ऐतिहासिक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं जो अन्य प्रदेशों के लिए भी उदाहरण बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि ताकत उसी के हाथ में अच्छी लगती है जो निर्भिक निडर एवं सहास के साथ आगे बढ़ते हुए देश एवं समाज की आन बान शान को कायम रखने में समर्थ हो। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिकता संहिता कानून लागू करने के साथ ही भू कानून भी लागू किया गया है जिससे प्रदेश की भूमि सुरक्षित हुई है। निरंजनी आखाड़ा के पीठाधीश्वर कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री संतो का आदर करते हुए सनातन के लिए कार्य कर रहे है। कार्यक्रम का संचालन अखाडा परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र पुरी महाराज द्वारा किया गया।

इस अवसर पर ललितानंद गिरी महाराज, प्रेमगिरी महाराज, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, मेयर नगर निगम किरण जैसल, जिलाध्यक्ष भाजपा अशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष लव शर्मा, राज्य मंत्री सुनिल सैनी, देशराज कर्णवाल, जिला महामंत्री भाजपा संजीव चौधरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार सहित साधु संत आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने जीएसटी बचत उत्सव के तहत हरकीपैड़ी में आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीएसटी बचत उत्सव की श्रृंखला में हरिद्वार में हरकीपैड़ी बाजार में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कारोबारियों एवं आम लोगों के साथ जीएसटी की घटी दरों को लेकर संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आर्थिक सुधारों एवं विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। जीएसटी की दरों में सुधार के चलते प्रदेश व देश की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन होना तय है।

जीएसटी बचत उत्सव के तहत हरकीपैड़ी क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में जीएसटी की दर घटाए जाने से उत्साहित व्यापारियों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री धामी के प्रति आभार जताया। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर ‘घटी जीएसटी मिला उपहार- धन्यवाद मोदी सरकार‘ जैसे बैनर लगाकर जीएसटी की दरों को घटाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जनजागरूकता से संबंधित स्टीकर चस्पा किए और व्यापारियों को फूल भेंट कर आग्रह किया कि जीएसटी को लेकर आम लोगों को जागरूक बनाने में सहयोग दें और एवं घटी दरों का पूरा लाभ ग्राहकों को पहुंचाना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित कर देश व प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में योगदान करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी सामान अपनाने से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, स्वदेशी उत्पादों एवम् कामगारों को समर्थन मिलेगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और रोजगार के भी नए अवसर सृजित होंगे।

इस दौरान विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, मेयर किरन जैसल, दर्जा राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल, सुनील सैनी, शोभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, सीडीओ आकांक्षा कोंडे,बीजेपी जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, बीजेपी जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, आशु चौधरी, पार्षद अनुज सिंह सहित वाशु पाराशर भी उपस्थित रहे।

अगले तीन माह में करें एक वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों के निस्तारणः बर्द्धन

मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष राजस्व परिषद आनन्द बर्द्धन ने राजस्व परिषद सभागार में जिलाधिकारियों के साथ राजस्व वादों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि धारा 34 एवं 143 से सम्बन्धित एक वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों को अगले तीन माह में निपटारा कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को धारा – 34 और 143 से सम्बन्धित वादों में गंभीर अनियमितताओं पर तत्काल विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार विकास नगर को वादों के निस्तारण में धीमी गति पर कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वादों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की कोताही न की जाए।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में ऑनलाइन म्यूटेशन प्रक्रिया लागू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आरसीएमएस पोर्टल शीघ्र ही पूर्णतः संचालित होने लगेगा। इससे रजिस्ट्री होते ही तत्काल म्यूटेशन की प्रक्रिया पूर्ण हो सकेगी। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को तहसील मुख्यालयों एवं एसडीएम कार्यालयों में भी ई-ऑफिस शीघ्र लागू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां नेटवर्क एवं हार्डवेयर की अनुपलब्धता है, शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्य सचिव ने जनपदों में कार्मिकों के स्थानान्तरण हो जाने के बावजूद जनपदों से कार्यमुक्ति न दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बैठक समाप्ति के तत्काल बाद सभी स्थानान्तरित कार्मिकों को कार्यमुक्त किया जाए एवं जनपदों द्वारा आज शाम तक कार्यमुक्ति से सम्बन्धित प्रमाण पत्र उपलब्ध करा कर अवगत कराया जाए।

मुख्य सचिव ने राजस्व वसूलियों से सम्बन्धित समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं। उन्होंने दोनों मंडलों के आयुक्तों को भी अपनी मासिक बैठकों में राजस्व वादों एवं राजस्व वसूली से सम्बन्धित मामलों की समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेवेन्यू रियलाइजेशन कमिटी, वन, वाणिज्य, रजिस्ट्रेशन और आरसीएस से सम्बन्धित बैठकों को भी नियमित रूप से आयोजित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आपदा से क्षतिग्रस्त पटवारी चौकियों एवं तहसील भवनों का आंकलन शीघ्र भेजे जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रमोशन के पदों के लिए पात्र कार्मिकों की प्रमोशन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि पटवारी, कानूनगो, नायब तहसीलदार आदि के पदों को शीघ्र भरा जा सके और वादों के निस्तारण में तेजी आए।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सेवा का अधिकार के अंतर्गत समस्त प्रमाणपत्रों के निर्गत किए जाने की समय सीमा का उल्लेख सम्बन्धित कार्यालयों के सम्मुख अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए, ताकि आवेदकों को, उनके द्वारा आवेदित प्रमाण पत्र कब तक उपलब्ध हो जाएंगे, इसकी जानकारी मिल सके।

इस अवसर पर सचिव एवं आयुक्त राजस्व परिषद रंजना राजगुरू सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों से जिलाधिकारी एवं आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत उपस्थित थे।

सीएम ने जीएसटी एवं स्वदेशी जागरूकता अभियान की समीक्षा बैठक की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश में चल रहे जी.एस.टी. एवं स्वदेशी जागरूकता अभियान की समीक्षा बैठक की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से लागू हुई जी.एस.टी. की नई दरें प्रदेश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इसका सीधा लाभ अब जनता को मिलने लगा है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि जन जागरूकता गतिविधियों को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाएँ और ग्राम सभाओं, नगर निकायों के हर छोटे बड़े कारोबारी तक पहुंचे। उन्होंने कहा इस अभियान के माध्यम से हमने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के क्षेत्र में भी क्रांति लाने का काम करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी अभियान से हमारे स्थानीय उत्पादों की खरीदारी बढ़ेगी एवं राज्य एवं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर ही हम आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के सपने को साकार कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दें, ताकि प्रदेश और देश आगे बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा आगे आने वाले त्योहारों में भी हमने स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट (वर्चुअल), कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक रेणु बिष्ट एवं अन्य जनप्रतिनिधि वर्चुअल मौजूद रहे।