जीएसटी की नई दरों से उपभोक्ता वस्तुएं सस्ती होने से आम लोगों को काफी लाभ मिलेगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के पटेलनगर में ‘जीएसटी बचत उत्सव‘ के उपलक्ष्य में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान व्यापारियों एवं आम लोगों से भेंट कर जी.एस.टी. की घटी दरों के लाभ के बारे में फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आर्थिक सुधारों का नया दौर शुरू हुआ है और जीएसटी की दरों में कमी से समाज में सभी वर्गों के जीवन को खुशहाल बनाने की ऐतिहासिक पहल हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी की नई दरों से उपभोक्ता वस्तुएं सस्ती होने से आम लोगों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने व्यापारियों से जीएसटी की घटी दरों के बारे में ग्राहकों को पूरी जानकारी देने का आग्रह भी किया। इस दौरान स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर प्रदेश एवं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी आह्वान किया।

इस दौरान व्यापारियों और आम लोगों ने जीएसटी दरों को घटाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व पर की गई इस नई शुरूआत से बाजार और खरीददारों में काफी उत्साह है। जीएसटी का यह उत्सव आगामी दीपावली के पर्व के दौरान आम लोगों के जीवन और कारोबार में उल्लास भरेगा।

इस दौरान विधायक विनोद चमोली, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

प्रदेश के लोगों को भूकम्प जैसी परिस्थितियों के लिए जागरूक किए जाने की आवश्यकताः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में उत्तराखण्ड भूकम्प जोखिम मूल्यांकन एवं शमन के सम्बन्ध में बैठक ली। बैठक में आईआईटी रूड़की और वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव ने कहा कि भूकम्प के प्रति संवेदनशीलता की दृष्टि से प्रदेश का एक बड़ा भू-भाग के जोन 5 में है, जिसके कारण यूईआरएएम के उद्देश्य, एक औपचारिक सुरक्षा-संचालित वातावरण तैयार करते हुए भूकंप से होने वाले मानवीय और आर्थिक नुकसान को कम करना पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के लोगों को भूकम्प जैसी परिस्थितियों के लिए जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को भूकम्प के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए भूकम्प की मॉक ड्रिल के लिए एक दिन निर्धारित करते हुए नियमित रूप से भूकम्प जागरूकता दिवस मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे भूकम्प जैसी परिस्थिति में न्यूनतम मानवीय और आर्थिक नुकसान होगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि यूएसडीएमए द्वारा विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों के साथ एक विस्तृत एमओयू किया जाए जिसमें विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के लिए संस्थानों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि वाडिया संस्थान ग्लेशियर लेक पर काम कर रहा है तो आईआईटी रूड़की भूकम्प जोखिम मूल्यांकन और शमन पर कार्य कर सकता है। मुख्य सचिव ने कहा कि भूकम्प के प्रति संवेदनशीलता की दृष्टि से भवन निर्माण के लिए कुछ मापदंड भी निर्धारित किए जाने चाहिए। उन्होंने भूकम्परोधी भवनों के सम्बन्ध सीबीआरआई के साथ एमओयू किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर सचिव विनोद कुमार सुमन एवं अपर सचिव आनन्द स्वरूप सहित आईआईटी रुड़की, वाडिया हिमालयन भू विज्ञान संस्थान और सीबीआरआई के वैज्ञानिक उपस्थित थे।

दिव्यांग समाज के इस वर्ग की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं से होः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों के कल्याण के चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों का पूरा लाभ उन्हें सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ मिले। समाज के इस वर्ग की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेशभर में दिव्यांगजनों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों में दिव्यांगजनों को उन्हें उपचार एवं चिकित्सा सुविधाओं के साथ ही प्रमाण-पत्र, कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण भी मौके पर ही उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री ने सचिव समाज कल्याण को निर्देश दिए कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न शासकीय सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आरक्षण के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजनों को पूरा लाभ दिया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि समाज कल्याण विभाग पेंशन योजनाओं में विशेष रूप से यह सुनिश्चित करे कि जो भी पात्र व्यक्ति दिव्यांग पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आते हों, उन्हें योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले।

उन्होंने सभी सचिवगणों से अपेक्षा की कि दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दों पर विभागीय स्तर पर सतत गंभीरता से कार्यों का अनुश्रवण कर उनके हितों से सीधे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का एक अभिन्न अंग हैं और उन्हें सक्षम बनाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

बैठक में उपस्थित विधायकगणों एवं बोर्ड सदस्यों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने उन सभी सुझावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याएँ किसी भी सरकार के लिए केवल प्रशासनिक विषय न रहकर मानवीय सरोकार से जुड़ी जिम्मेदारी भी हैं, और इसी भाव से राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

बैठक में विधायक भरत चौधरी, सविता कपूर के साथ ही सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, रंजीत सिन्हा, चन्द्रेश कुमार, वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक समाज कल्याण प्रकाश चन्द्र एवं राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्यगण उपस्थित रहे।

देहरादून को साफ सुथरा आधुनिक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम की पहल सार्थकः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय परिसर में नगर निगम, देहरादून द्वारा संचालित वैक्यूम बेस्ड रोड़ स्वीपिंग मशीन का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून को साफ सुथरा आधुनिक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम देहरादून के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्मार्ट तकनीक आधारित यह पहल राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के उद्देश्यों को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को स्वच्छ एवं प्रदूषण रहित बनाने के लिए तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा बेड़े में शामिल की गई उन्नत मशीनों से सड़कों की नियमित सफाई अधिक प्रभावी और तेजी से होगी। साथ ही धूल व प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी, जिससे आमजन को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने नगर निगम एवं संबंधित विभागों से आह्वान किया कि देहरादून शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरा – भरा बनाए रखने के लिए इन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, नगर आयुक्त नमामि बंसल एवं नगर निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई नंदादेवी राजजात यात्रा के तैयारियों की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली नंदादेवी राजजात यात्रा के तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों और स्टेक होल्डर्स के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संपूर्ण यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) शीघ्र तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा की ऐतिहासिकता, विशिष्टता और मौलिकता से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए। उन्होंने इसकी डॉक्यूमेंट्री भी तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अत्यधिक वर्षा के कारण बहुत से यात्रा मार्ग और पड़ावों की स्थिति की जानकारी के लिए मार्गों और पड़ावों की रेकी करायी जाए। मार्गों एवं पड़ावों को दुरूस्त कराए जाने के लिए तत्काल कार्यवाही शुरू की जाए। उन्होंने टैन्ट आदि की व्यवस्था के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य सचिव ने नंदादेवी राजजात यात्रा के लिए कराए जाने वाले सभी स्थायी एवं अस्थायी प्रकृति के कार्यों की प्राथमिकताएं निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अनिवार्य रूप से कराए जाने वाले बड़े कार्यों को प्राथमिकता में लेते हुए तत्काल शुरू कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक यात्रा पड़ाव एवं संपूर्ण यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य अधिकारियों, दवाओं, पोर्टेबल ऑक्सीजन एवं स्वास्थ्य उपकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मार्गों का विद्युतीकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं, भीड़ प्रबंधन, खाद्य सामग्री की व्यवस्थाएं, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता प्रबंधन आदि की समावेशी एसओपी शीघ्र जारी की जाए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को पूरी यात्रा का वेस्ट मैनेजमेंट प्लान, सेप्टिक मैनेजमेंट और सेनिटेशन मैनेजमेंट प्लान बनाने के भी निर्देश दिए ताकि यात्रा में भागीदारी करने वाले लोगों को सुविधा मिले तथा पर्यावरण को किसी भी तरह की क्षति भी ना पहुंचे।

बैठक में एपीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज सिंह गर्ब्याल, सी. रविशंकर एवं अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शहीद सम्मान यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है, जिनकी शौर्यगाथा और बलिदान सदैव प्रेरणा देते रहेंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद राईफल मैन नरेश कुमार के गुजराड़ा मानसिंह सहस्त्रधारा रोड़ स्थित आवास से शहीद सम्मान यात्रा 2 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने इससे पहले शहीद राईफलमैन नरेश कुमार के चित्र पर माल्यार्पण के साथ ही शहीद स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद नरेश कुमार के परिजनों से भेंट कर उनके आंगन की मिट्टी का भी संग्रहण किया। उन्होंने शहीद के परिजनों को शहीद सम्मान समारोह में शामिल होने का भी आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देहरादून के गुनियाल गांव मे शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण कराया गया है जिसमें प्रदेश के सभी शहीद सैनिकों के घर-आँगन की पवित्र मिट्टी स्थापित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहीद सम्मान यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है, जिनकी शौर्यगाथा और बलिदान सदैव हमें प्रेरणा देते रहेंगे। हमारे शहीदों ने अपना आज हमारे कल के लिए न्यौछावर किया है। उनके त्याग और पराक्रम के कारण ही हम सब सुरक्षित और स्वतंत्र हैं। मुख्यमंत्री ने श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व का अवसर है, जब हम उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सबसे बड़ा बलिदान दिया। शहीदों का बलिदान हमें यह सिखाता है कि जीवन का वास्तविक मूल्य त्याग, सेवा और समर्पण में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनायें संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में वर्ष 2018 से अब तक 28 शहीद आश्रितों को उनकी योग्यता अनुसार नियुक्ति दी जा चुकी है और 13 की नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। शहीदों के परिजनों को एकमुश्त अनुग्रह अनुदान जो पहले 10 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया है। इसी प्रकार उत्तराखण्ड़ के परमवीर चक्र अलंकृत सैनिकोें एवं उनकी विधवाओं को दी जाने वाली राशि 50 लाख रूपये से बढाकर अब 1.50 करोड़ रूपये कर दी गयी है। उत्तराखण्ड़ देश का पहला राज्य है जहां पूर्व सैनिकों को ब्लॉक प्रतिनिधि नियुक्त मानदेय प्रदान किया है वर्तमान में यह मानदेय 8,000 रुपये प्रतिमाह है, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देहरादून में निर्मित हो रहे सैन्य धाम निर्माण से पूर्व प्रदेश के 1734 अमर बलिदानियों के आंगन की पवित्र मिट्टी सैन्य धाम लाई जा चुकी है। प्रदेश में शहीदों के सम्मान की परंपरा वर्ष 2021 से प्रारम्भ हुई। उस वर्ष जिला एवं राज्य स्तर पर शहीद सम्मान समारोह आयोजित किए गए और शहीद परिजनों को ताम्रपत्र भेंट किए गए। वर्ष 2021 में कतिपय कारणों से 39 शहीद सैनिकों के घर-आँगन की मिट्टी संग्रहित नहीं हो सकी थी। इसके पश्चात 2021 से 2025 के बीच प्रदेश के 32 और वीर सैनिक मातृभूमि पर बलिदान हुए। इन सभी 71 वीरों के सम्मान में हमारी सरकार द्वारा दिनांक 25 सितम्बर, 2025 से 04 अक्टूबर, 2025 तक शहीद सम्मान यात्रा आयोजित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह यात्रा 4 अक्टूबर तक चलेगी और 05 अक्टूबर को शहीद यात्रा रथ को गरिमामय कार्यक्रम के साथ शहीदों के परिजनों के साथ लैंसडाउन रवाना किया जाएगा। वहां आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में शहीद परिवारों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारी बलिदानियों के घर जाकर शहीदों के आंगन की मिट्टी कलश में एकत्र करेंगे। यह पवित्र मिट्टी सैन्य धाम के लोकार्पण से पूर्व उसमें सम्मिलित की जाएगी। सैनिक कल्याण मंत्री श्री जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहीदों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस अवसर मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, कैप्टन (सेनि) उमादत्त जोशी, कर्नल वैटरन आदित्य श्रीवास्तव, सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक बिग्रेडियर (सेनि) अमृत लाल, कैप्टन (सेनि) आनन्द राणा सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एंव जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

पीएम के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहाः धामी

केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि के अंतर्गत जनपद ऊधमसिंह नगर के गदरपुर-दिनेशपुर- मटकोटा-हल्द्वानी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं मानूनगर-गदरपुर-दिनेशपुर-मटकोटा-हल्द्वानी के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के कार्य का शिलान्यास ₹55 करोड़ की लागत से किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह निर्माण कार्य तराई क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस परियोजना के पूरे होने से सुगम आवागमन के साथ ही व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। यह मार्ग गदरपुर, दिनेशपुर, मटकोटा, छतरपुर के साथ उत्तर प्रदेश के विलासपुर को भी आपस में जोड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र के लगभग 2 लाख स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़कों की कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हमें कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि आज सरकार द्वारा युद्धस्तर पर कार्य कर वहां पुनः यातायात को सुचारु किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे सीमांत इलाकों तक सड़कों का व्यापक नेटवर्क बन रहा है। डबल इंजन की सरकार दशकों से लंबित कार्यों को पूर्ण करने का कार्य कर रही है। सरकार द्वारा राज्य में रोड कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार करने के साथ विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित करने का प्रयास भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान किया जा रहा है। खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से पूरे क्षेत्र में विकास को गति दी जा रही है। सरकार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड की भांति ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण के लिए कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोड़ा, प्रदेश मंत्री भाजपा गुंजन सुखीजा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सहस्त्रधारा में क्रॉसिंग बाजार का भ्रमण कर सीएम ने व्यापारियों से की वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित सहस्त्रधारा क्रॉसिंग बाजार का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात कर स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में राज्य की भूमिका पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना न केवल हमारी परंपराओं और स्थानीय उद्योगों को मजबूत करता है बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराता है।

मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से साफ-सफाई, ग्राहक सुविधा और बाजार व्यवस्थापन पर भी विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु प्रयासरत है तथा व्यापारिक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद थे।

बीते चार साल में रिकॉर्ड 25 हजार युवाओं को पारदर्शिता के साथ मिली सरकारी नौकरीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानूरखेड़ा स्थित एससीईआरटी ऑडिटोरियम में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के 75 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। इस मौके पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों के तीन-तीन प्रधानाचार्यों के साथ ही श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 50-50 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि उसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्य, सामाजिक समरसता और व्यावहारिकता का समावेश भी अनिवार्य रूप से होना चाहिए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू कर शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, व्यवहारिक और गुणवत्ता-युक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसी क्रम में राज्य सरकार भी शिक्षा में नवाचार, डिजिटल लर्निंग और भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने जहां एक ओर अपने शिक्षण संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। वहीं, हमारी विरासत पुस्तक के माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भारत की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं तथा देश और प्रदेश की महान विभूतियों से परिचित कराने का कार्य भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहां एक ओर, 226 विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहीं सभी 13 जनपदों के 1300 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं। साथ ही, दूरस्थ क्षेत्रों तक बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु 5-पीएम ई-विद्या चौनल भी संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य के सभी राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से 12 तक के सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा उत्तराखंड के सरकारी और अशासकीय स्कूलों के छठवीं से 12वीं कक्षा तक के मेधावी छात्र-छात्राओं को, मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से प्रत्येक माह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। इतना ही नहीं, राज्य के बच्चों के व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से प्रत्येक विकासखंड के 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को भारत भ्रमण पर भी भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा, संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस आदि की लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।

एक शिकायत के आधार पर अराजकता का प्रयास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले चार वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं का चयन सरकारी नौकरी में हुआ है, अब सामान्य परिवारों के कई युवा एक से अधिक परीक्षा में सफल हो रहे हैं। जबकि राज्य बनने के शुरुआती 21 साल में कुल 16 हजार नियुक्तियां ही हुई थी। सख्त नकल विरोधी कानून के लागू होने के बाद से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुछ लोगों को पारदर्शिता के साथ युवाओं का सरकारी नौकरियों में जाना रास नहीं आ रहा है। इसलिए वे युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने के लिए संगठित रूप से पेपर लीक का षड्यंत्र रच रहे हैं। हाल ही में राज्य में पेपर लीक कराने का असफल प्रयास किया गया, सिर्फ एक जगह की शिकायत के आधार पर अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के मामलों के लिए पहले से ही सख्त कानून बना है, जिसके इस प्रकरण में सख्ती से कार्यवाही की जाएगी।

एक-एक नकल माफिया को करेंगे गिरफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल में सामने आई परीक्षा गड़बड़ी की जांच के लिए एक एसआईटी गठन का निर्णय लिया है। एसआईटी जांच के आधार पर इस मामले में निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। सरकार राज्य में एक-एक नकल माफिया को चुन-चुन कर गिरफ्तार कर, सजा दिलवाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने शपथ लेने के बाद ही संकल्प लिया था कि रिक्त पदों को प्राथमिकता पर भरा जाएगा। इसके बाद रिकॉर्ड भर्तियां हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई जांच के जरिए भर्ती प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ भर्ती करना है। सरकार भर्ती में देरी के कारण किसी भी युवा के साथ अन्याय नहीं होने देगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू किया है। इस कानून के अंतर्गत एक जुलाई 2026 के बाद से उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। साथ ही, मदरसे में पढ़ाने वाले धार्मिक गुरु जो बिना किसी शैक्षिक योग्यता के केवल धार्मिक आधार पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे, उन पर भी लगाम लगेगी।

इस मौके पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि इस साल बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास होने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 18 प्रतिशत बढ़ी है। अब अंक सुधार परीक्षा भी हो रही है, इससे छात्र- छात्राओं पर परीक्षा को लेकर रहने वाला दवाब कम हुआ है।

कार्यक्रम में शिक्षा सचिव रविनाथ रामन, महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह सहित अन्य शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस बर्द्धन ने सचिवालय में कुम्भ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में कुम्भ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। इस दौरान मुख्य सचिव ने कुम्भ क्षेत्र में कराए जा रहे और कराए जाने वाले विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले से सम्बन्धित सभी स्थायी एवं अस्थायी प्रकृति के कार्यों की प्राथमिकता तय की जाए।

मुख्य सचिव ने नोडल अधिकारियों की तैनाती शीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग नहर बंदी के समय कराए जाने वाले कार्यों को समय से पूरा कराने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करा लें। उन्होंने नहर बंदी का समय बढ़ाए जाने हेतु यूपी से लगातार संवाद किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार की अनापत्ति प्रमाण पत्रों के लिए तत्काल कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने रेलवे स्टेशनों का सौन्दर्यीकरण के लिए शीघ्र कार्यवाही कराये जाने हेतु डीआरएम मुरादाबाद संग्रह मौर्य से भी अनुरोध किया, साथ ही जीआरपी थानों में मानक व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की बात कही। उन्होंने पुलिस एवं रेलवे विभाग को संयुक्त रूप से यातायात प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस का सर्विलांस सिस्टम एवं अस्थायी थानों की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ के दौरान घाटों को लगातार साफ रखना चुनौतिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्य घाटों में लगातार सफाई के लिए प्रणाली विकसित की जाए। उन्होंने कुम्भ मेला क्षेत्र की आंतरिक सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंतरिक सड़कों का कार्य नगर निगम के माध्यम से करवाया जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग द्वारा घाटों के सौन्दर्यीकरण में ग्रीन ओपन स्पेस का प्रावधान अनिवार्य रूप से किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को उनके द्वारा कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेला अधिकारी को थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, एडीजी डॉ. वी मुरूगेशन, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे, मेला अधिकारी सोनिका, सचिव सी. रविशंकर एवं युगल किशोर पंत सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।