15 साल पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग, सड़क सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रॉनिक इनफोर्समेंट से सम्बन्धित सुधारों को लागू करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) एवं सुधार लागू करने में विभागों की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर विभागों द्वारा जो रिफॉर्म्स लागू किया जाना संभव है, उन्हें अनिवार्य रूप से निर्धारित समय सीमा में लागू कर लिया जाए। जो विभाग ऐसा नहीं कर पाएंगे, उनके विभागाध्यक्षों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि सम्बन्धित विभाग अपने मंत्रालयों से लगातार संपर्क कर भारत सरकार से मिलने वाली ग्रांट्स और वित्तीय सहायताओं का 100 प्रतिशत लाभ लेने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित विभाग, वित्त एवं नियोजन से लगातार मिलकर विशेष सहायता योजना का अधिकतम लाभ लेने की दिशा में कार्य करें।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को 15 साल पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग, सड़क सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रॉनिक इनफोर्समेंट से सम्बन्धित सुधारों को लागू करने में तेजी लाएं। उन्होंने राजस्व विभाग को भूमि सुधार सम्बन्धी रिफॉर्म्स को समयबद्ध तरीके से लागू करें। उन्होंने कहा कि विभागों को जो स्टेट शेयर रिलीज किया जाना था उसे अगले 2 दिन में जारी कर दिया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग अपने स्तर से इसकी लगातार समीक्षा कर भारत सरकार से मिलने वाली विशेष सहायता योजना का अधिकतम लाभ लेने के लिए अधिक से अधिक प्रोजेक्ट्स तैयार करें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव दीपक कुमार, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं डॉ. वी. षणमुगम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

धामी कैबिनेट में इन सात अहम बिंदुओं पर हुआ फैसला, आप भी जानिए…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक हुई। सचिवालय में होने वाली इस बैठक में लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, आवास व वित्त विभाग समेत अन्य विभागों से जुड़े विषयों पर निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 10 प्रस्ताव आए, जिनमें से सात को मंजूरी दी गई। इस दौरान पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट को कैबिनेट ने दी श्रद्धांजलि। दो मिनट का मौन रखा गया।

ये हैं अहम प्रस्‍ताव
1- उत्तराखंड में मानव वन्य जीव संघर्ष में मृतक के स्वजनों को अब मिलेगी 10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि। पहले यह थी छह लाख। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वन्यजीवों के हमले में घायलों के उपचार का पूरा खर्च उठाएगी सरकार।

2- दुकानों, प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिलाओं को रात्रि पाली में रात्रि 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्य करने को मंजूरी। लेकिन, महिला कर्मियों को लिखित में देनी होगी सहमति।

3- देहरादून शहर में सार्वजनिक प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने नियो मेट्रो के विकल्प के तौर पर ईबीआरटीएस (एलिवेटेड बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) की तरफ कदम बढ़ाए हैं। केंद्रीय आवासन मंत्रालय द्वारा सुझाए गए प्रस्ताव को किया जाएगा शामिल।

4-अभियोजन विभाग के नए ढांचे को दी गई मंजूरी, कुल 86 पद स्वीकृत करने को मंजूरी।

5-ऊर्जा निगम के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा की पटल पर रखने को मंजूरी।

6- पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा की पटल पर रखने को मंजूरी।

7- दुकान अवस्थापना अधिनियम में संशोधन को मंजूरी। केंद्रीय श्रम सहिता को किया अंगीकृत।

हल्द्वानी में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के आयोजन पर सीएम ने 17 करोड़ से अधिक की सहायता बांटी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एम0बी0 इंटर कॉलेज, हल्द्वानी (जनपद नैनीताल) में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में भव्य सहकारिता मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पशुपालन एवं सब्जी उत्पादन में कार्यरत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मध्यकालीन दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता कल्याण योजना के तहत 16.97 करोड़ रुपये तथा एनआरएलएम स्वयं सहायता समूहों के अंतर्गत 75.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय ने गर्मजोशी से मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मेले के शुभारंभ पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष और राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित यह मेला प्रदेश में सहकारिता आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि ‘सहकारिता से पर्यटन विकास’ थीम पर आधारित इस सात दिवसीय मेले में प्रदेश की सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और किसानों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को मंच मिलेगा। साथ ही ईको-आतिथ्य, ईको-पर्यटन, होमस्टे प्रबंधन, स्थानीय व्यंजन, कृषि एवं फल उत्पाद संवर्धन जैसे विषयों पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सहकारिता की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता मानव समाज का प्राचीन सिद्धांत है, जो सामूहिक प्रगति, सहयोग और एकता को बढ़ावा देता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को “अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया जाना सहकारिता की वैश्विक महत्ता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया है, जो केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में अभूतपूर्व कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में सहकारिता को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण की शुरुआत पूरे देश में पहली बार उत्तराखंड से हुई और आज सभी 671 समितियाँ पूरी तरह डिजिटल प्रणाली से कार्यरत हैं। 24 समितियाँ जन औषधि केंद्रों के रूप में कार्य कर रही हैं तथा 640 समितियाँ कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित की गई हैं, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा, पेंशन, आधार तथा अन्य डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 5511 समितियों में से 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड किया जा चुका है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ी हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने फरवरी 2023 से अब तक 800 नई च्।ब्ै, 248 नई डेयरी समितियाँ और 116 मत्स्य समितियाँ गठित की हैं। मिलेट मिशन के अंतर्गत किसानों से मंडुवा की खरीद दर भी बढ़ाई गई है, जो इस वर्ष 48.86 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि “दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना” के तहत किसानों व स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मत्स्य पालन एवं फ्लोरीकल्चर जैसे कार्यों हेतु 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण, तथा सहकारी समितियों के माध्यम से 1 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त फसली ऋण प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी होना जनता के भरोसे का प्रमाण है।

कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की स्वयं सहायता समूहों की बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और यह गर्व का विषय है कि प्रदेश की 1 लाख 68 हजार से अधिक महिलाएँ आज “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता और पर्यटन आधारित आजीविका की दिशा में मेले में की जा रही पहलें स्थानीय समुदायों को नए अवसर प्रदान करेंगी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में योग एवं आयुष अस्पताल, अंबेडकर पार्क, ओपन जिम जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्य किए गए हैं। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में राजकीय कैंसर संस्थान का निर्माण तेज़ी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि 792 करोड़ रुपये की रिंग रोड, हल्द्वानीदृलालकुआं बाईपास, नगर की सड़कों का सुधारीकरण, मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण, वेस्ट मैनेजमेंट, लीगेसी वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट, पोलिनेटर पार्क और एस्ट्रो पार्क जैसे कार्य क्षेत्रीय विकास को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। इसके अतिरिक्त हल्द्वानी से विभिन्न जिलों तथा मुंबई के लिए रेल एवं हेलीकॉप्टर सेवाओं की शुरुआत कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफी की सुरक्षा के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रदेश में कठोर धर्मांतरण विरोधी एवं दंगा विरोधी कानून बनाए गए हैं। लैंड जिहाद, लव जिहाद जैसी अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त कराई गई है, 250 अवैध मदरसों को सील किया गया है तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन कालनेमि” के माध्यम से सनातन संस्कृति के विरुद्ध पाखंड फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने से पिछले साढ़े चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाते हुए 200 से अधिक भ्रष्टाचारी जेल भेजे गए हैं।

मुख्यमंत्री ने अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के लिए किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग को जन आंदोलन का रूप देने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, राम सिंह कैड़ा, दर्जाधारी मंत्री सुरेश भट्ट, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएँ एवं स्थानीय उत्पादक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर उपनल कार्मिकों के हित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत कार्मिकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह निर्णय उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल में योजित रिट याचिका संख्या 116/2018 (पीआईएल) में पारित आदेश दिनांक 12.11.2018 के अनुपालन में, उपनल प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री से हुई बैठक के बाद शासन स्तर पर सम्यक विचार-विमर्श के उपरांत लिया गया है।

इस संबंध में सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी द्वारा प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड को प्रेषित परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि-

1. राज्य सरकार के अधीन विभागों/संस्थानों में उपनल के माध्यम से तैनात ऐसे कार्मिक, जिन्होंने 12 वर्ष या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूर्ण कर ली है, उन्हें समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत पर वेतनमान का न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ता प्रदान किया जाएगा।

2. अन्य उपनल कार्मिक, जिन्होंने चरणबद्ध रूप से निरंतर सेवाएं पूर्ण की हैं, उन्हें भी यथाशीघ्र समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत के अनुरूप वेतनमान का न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ता प्रदान किया जाएगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपरोक्त निर्णयों के क्रम में औपचारिक आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे, ताकि कार्मिकों को समयबद्ध रूप से लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उपनल कार्मिकों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है तथा उनके दीर्घकालिक हितों की रक्षा हेतु आवश्यक निर्णय लगातार लिए जा रहे हैं।

बिल लाओ इनाम पाओं योजना के विजेताओं को सीएम धामी से मिला पुरस्कार, खिले चेहरे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में ’’बिल लाओ-इनाम पाओ’’ योजना के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। एक सितंबर 2022 से 31 मार्च 2024 के बीच संचालित इस योजना के तहत कुल 1888 उपभोक्ताओं ने पुरस्कार जीते हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि योजना में प्रतिभाग करने वाले सभी लोगों ने राज्य के राजस्व संग्रहण को एक नई चेतना, एक नया दृष्टिकोण और एक नई ऊर्जा प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में शुरु “बिल लाओ-इनाम पाओ” योजना राज्य सरकार का एक एक नवाचार था, जिसके द्वारा सरकार ने जनभागीदारी को राजस्व संग्रहण से जोड़ने का प्रयास किया। आज तीन वर्षों में “बिल लाओ-इनाम पाओ” योजना ने लोगों के बीच जागरुकता पैदा करने में कामयाबी हासिल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना से जनता में ये समझ बनी है कि प्रदेश के विकास में प्रत्येक बिल एक योगदान है। योजना आज जहां एक ओर उपभोक्ता जागरूकता का सशक्त माध्यम बनी है, वहीं उपभोक्ता एवं व्यापारी वर्ग के बीच साझा जिम्मेदारी का प्रतीक भी बनकर उभरी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में व्यापार, उद्यम, क्रिएटिविटी को साथ लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने एक नया विश्वास पैदा करने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार में व्यापारियों को ’’प्रोत्साहन’’ और ’’प्रॉफिट’’ के साथ ही ’’प्रोटेक्शन’’ भी मिला है। राज्य सरकार भी इसी क्रम में “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “व्यापार सुधार कार्य योजना” के माध्यम से राज्य में निवेश और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में ’’राजकोषीय अनुशासन’’ को मजबूती से स्थापित किया है। इसी का परिणाम है कि राज्य ’’राजकोषीय घाटे को निर्धारित सीमा के भीतर रखने में सफल’’ रहा है। इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है, हाल ही में जारी ’’अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट’’ की रिपोर्ट में उत्तराखंड को ’’देश के सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन वाले राज्यों’’ में स्थान दिया गया है। इसके साथ ही ’’सतत विकास लक्ष्यों’’ के राष्ट्रीय सूचकांक में भी ’’उत्तराखंड पूरे देश में शीर्ष स्थान’’ पर है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जब जनता सरकार पर भरोसा करती है, और सरकार भी जनता के साथ पारदर्शी तरीके से व्यवहार करती है तो विकास की गति अपने आप कई गुना बढ़ जाती है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचारों के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया है।

मुख्यमंत्री ने सभी से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग प्रत्येक खरीददारी पर बिल मांगकर लेनदेन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और राज्य के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने में सहयोग प्रदान करें।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने कहा कि योजना के तहत 90 हजार उपभोक्ताओं ने 270 करोड़ रुपए मूल्य के 6.5 लाख बिलों के साथ प्रतिभाग किया।

आयुक्त कर सोनिका ने बताया कि योजना के तहत कुल 1888 लोगों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा 17 माह तक 1500 प्रति माह मासिक पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

इस मौके पर विधायक सरिता कपूर, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आयुक्त कर सोनिका, अपर आयुक्त अनिल सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

पुरस्कारों का विवरण
02 ईवी कार, 16 मारुति ऑल्टो के- 10 कार, 20 ईवी स्कूटर, 50 बाइक, 100 लैपटॉप, 200 स्मार्ट टीवी, 500 टैबलेट, 1000 माइकोवेब

मुख्यमंत्री ने सुनी किसानों की समस्याएं, लॉन में बैठकर लिया गन्ने का स्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हरिद्वार जनपद से आए गन्ना किसानों ने मुलाकात की। किसानों ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना का समर्थन मूल्य घोषित करने सहित अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर किसानों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को गन्ना भी दिया, मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ ही धूप के बीच लॉन में ही बैठकर ही गन्ना का स्वाद लिया, साथ ही किसानों की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया।

विधायक आदेश चौहान और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के नेतृत्व में मिले गन्ना किसानों ने रायसी – बालावाली पुल तक तटबंद का निर्माण, इकबालपुर झबरेड़ा भगवानपुर क्षेत्र में शुगर मिल स्थापित किए जाने, इकबालपुर झबरेड़ा क्षेत्र में सिंचाई नहर निर्माण और डोईवाला मिल पर किसानों का बकाया भुगतान कराने की मांग उठाई। किसानों ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए राज्य परामर्शित मूल्य घोषित करने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने लॉन में बैठकर ही किसानों की मांगों को सुनते हुए, गन्ना मूल्य सहित अन्य सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ जमीन पर बैठकर गन्ना का स्वाद भी लिया। इस मौके पर विधायक प्रदीप बत्रा जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी के साथ ही पूर्व विधायक संजय गुप्ता भी शामिल हुए।

सीएम ने किया उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निकार कर्मकार कल्याण बोर्ड में मनरेगा कर्मकारों के पंजीकरण का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निकार कर्मकार कल्याण बोर्ड में मनरेगा कर्मकारों के पंजीकरण का विधिवत शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास को केंद्र में रखते हुए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस पंजीकरण से मनरेगा श्रमिकों को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निकार कर्मकार कल्याण बोर्ड की समस्त सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार भी समाज के अंतिम व्यक्ति को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए, उन्हें हर तरह से सक्षम बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मनरेगा के तहत 16.3 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं, जिसमें से 9.5 लाख श्रमिक एक्टिव हैं, इसमें से वर्ष में न्यूनतम 90 दिन काम करने वाले श्रमिक अब उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निकार कर्मकार कल्याण बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या 5.35 लाख है, मनरेगा श्रमिकों के योजना से जुड़ने पर बोर्ड की सेवाओं का लाभ लाखों अन्य श्रमिकों तक पहुंच सकेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में जहां श्रमिकों का कल्याण हो वहीं उद्योगों और निवेशकों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में सकारात्मक वातावरण बनाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अकेले खनन क्षेत्र लाखों लोगों को कई तरह से रोजगार देता है, पहले खनन को लेकर नकारात्मक धारणा रहती थी, लेकिन सरकार ने पारदर्शी नीतियों ने इस धारणा को तोड़ने का काम किया है, यही कारण है कि पहले खनन राजस्व सिर्फ 400 करोड़ रुपए का था जो अब बढ़कर 12 सौ करोड़ रुपए पहुंच गया है। खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों को देखते हुए केंद्र सरकार भी राज्य को 200 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर विशेष जोर देते हैं, इसी क्रम में सरकार उद्योगों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम जैसी सुविधा दे रही है। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को अनावश्यक औपचारिकताओं में ना उलझाया जाए।

इस मौके पर सचिव श्रीधर बाबू अदांकी ने बताया कि श्रम विभाग ओर ग्राम्य विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों से इस योजना को संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश के क्रम में श्रमिकों का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल पर किया जा रहा है, अब विकास खंड स्तर पर मनरेगा श्रमिकों का पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा। संचालन करते हुए श्रमायुक्त पीसी दुम्का ने कहा कि अब मनरेगा श्रमिक, बोर्ड में पंजीकृत अन्य श्रमिकों की तरह स्वास्थ्य सहायता, दो बच्चों की शिक्षा, दो बेटियों की शादी और श्रमिक की मृत्यु पर मिलने वाली सहायता के साथ ही अन्य योजनाओं के लाभ ले सकते हैं। इस मौके पर आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।

पीएमश्री स्कूलों में पुस्तकालयों के लिए शीघ्र बजट आबंटित किया जाएः बर्द्धन

पीएमश्री स्कूलों में कम्प्यूटर लैब एवं पुस्तकालयों के स्थापना में तेजी लायी जाए। कम्प्यूटर लैब अगले एक माह में की जाए स्थापित। यह निर्देश मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पीएमश्री स्कूलों की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पुस्तकालयों के लिए शीघ्र बजट आबंटित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि 32 पीएमश्री स्कूलों में एकीकृत विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना में भी तेजी लायी जाए। जिनका बजट जारी किया जाना है, एक माह के भीतर बजट जारी कराया जाए। उन्होंने टिंकरिंग लैब शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के लिए आईआईटी कानपुर से लगातार संवाद कर निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्य को पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी पीएमश्री स्कूलों में खेल के मैदान उपलब्ध कराए जाने पर भी शीघ्रातिशीघ्र कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।

बैठक के दौरान बताया गया कि प्रदेश में कुल 226 विद्यालयों को पीएमश्री विद्यालयों के रूप में चुना गया है। इसमें 34 प्राथमिक एवं 192 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इसके साथ ही 15 और अन्य विद्यालयों को स्वीकृति मिली है। बताया गया कि पीएमश्री के 22 कम्पोनेंट्स में से 16 को 100 प्रतिशत लागू कर लिया गया है। बाकि 6 कम्पोनेंट्स का कार्य विभिन्न चरणों में गतिमान है।
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जाइका से वित्त पोषित उत्तराखण्ड एकीकृत उद्यान विकास परियोजना की उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में जाइका से वित्त पोषित उत्तराखण्ड एकीकृत उद्यान विकास परियोजना की उच्च स्तरीय/संचालन समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को परियोजना का वित्तीय एवं भौतिक प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदों में भ्रमण कर समीक्षा कर फीडबैक लेने के लिए लगातार दौरे करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य विभागों की फल एवं सब्जियों से जुड़े आजीविका की योजनाओं को भी इसमें शामिल किया जाए।

मुख्य सचिव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्ययोजना जनवरी माह तक पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण हो सकें इसके लिए जनपदों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। संपूर्ण प्रोजेक्ट का भी वर्षवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए प्लान तैयार कर लिया जाए।

इस अवसर पर सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, महानिदेशक कृषि एवं उद्यान वंदना सहित कृषि, उद्यान एवं सगन्ध पौधा केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

लाखमंडल पहुंचे सीएम धामी ने 16 सूत्रीय मांगपत्र पर दिया सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज लाखामंडल स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे, जहाँ स्थानीय जनता एवं कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

16 सूत्रीय मांग पत्र प्राप्त – मुख्यमंत्री ने दी सकारात्मक कार्रवाई की बात
कार्यक्रम में राज्य मंत्री व कार्यक्रम संयोजक गीता राम गौड़ द्वारा क्षेत्र की विभिन्न स्थानीय समस्याओं से संबंधित 16 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी मांगों का गंभीरता से परीक्षण कर सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

भारी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनेक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठा रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 4.5 वर्षों में 26,000 से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ सरकारी नौकरियों में चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि “यह नौकरियाँ पूरी तरह मेरिट और प्रतिभा के आधार पर दी गई हैं।” सरकार ने लैंड जिहाद, थूक जिहाद, लव जिहाद और जबरदस्ती धर्मांतरण जैसी गतिविधियों पर सख्त रोक लगा दी है राज्य सरकार राज्य की डेमोग्राफी और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर 500 वर्षों के बाद स्थापित हुआ, उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर का निर्माण पूरा हुआ, उसी प्रकार उत्तराखंड में भी सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए व्यापक कार्य चल रहे हैं। इस क्षेत्र के प्रसिद्ध हनोल मंदिर का ₹120 करोड़ का विशेष मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत इस आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल का संरक्षण व विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लाखामंडल की जनता द्वारा दिया गया स्नेह और स्वागत उनके लिए अत्यंत भावुक करने वाला है। उन्होंने जनता का हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर संकल्पबद्ध है।

इस अवसर पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं भारी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

नई दिल्ली में आयोजित हुआ भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला, उत्तराखंड दिवस में सीएम धामी ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 44वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के तहत उत्तराखंड पवेलियन में उत्तराखंड दिवस समारोह एवं इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर नाट्यशाला थियेटर में उत्तराखण्ड के लोक कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। इस वर्ष व्यापार मेले की थीम ’’एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ रखी गयी है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला हमारी संस्कृति, हस्तशिल्प, और समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने का अवसर प्रदान करता है। यही नहीं इस मेले में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्या के माध्यम से हमारी लोक संस्कृति और उत्तराखंडी परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे पारंपरिक मेलों, उत्सवों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु “वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल” के रूप में विकसित करने का आव्हान किया है। इस पहल से हमारे राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित होने वाले पारंपरिक मेलों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। हमारे स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, लोककला और पर्यटन को भी इससे पहचान मिलेगी।

उत्तराखंड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने का है हमारा संकल्प
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार उत्तराखंड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है। इसके लिये प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्य में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने के स्वप्न को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी हम निरंतर प्रयासरत हैं।

राज्य में केदारखंड और मानसखंड क्षेत्र के मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए योजनाएं बनाने के साथ हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ स्थल के पुनरुद्धार, हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

हमारी लोक संस्कृति हमारी पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रवासी उत्तराखंडी राज्य से बाहर कही भी बसे हों लेकिन वो अपनी लोक आस्था, संस्कृति, खान-पान और अपनत्व की भावना को सदैव जीवंत रखते हैं तथा उनकी दहलीज पर आज भी ऐंपण की कलाकृति देखने को मिल जाती है जो उत्तराखंड की पहचान है।

उन्होंने कहा कि उन्हें आज राजस्थान के पवित्र तीर्थ पुष्कर में, वहाँ के पर्वतीय समाज द्वारा निर्मित ‘उत्तराखंड धर्मशाला आश्रम’ का लोकार्पण करने का भी अवसर मिला यह हम सबके लिये गर्व की बात है कि हमारे लोगों द्वारा किसी दूसरे राज्य में इस प्रकार से अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने का सराहनीय प्रयास किया गया है। हमारे पर्वतीय समाज के लोग उत्तराखंड के बाहर अपनी संस्कृति, भाषा और सद्भाव की भावना को हमेशा जीवंत रखने का प्रयास करते हैं जो हमारे लिये सम्मान की बात है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्य के पवेलियन में लगने वाले स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों पर लगने वाले शुल्क को माफ किया जाएगा। उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले कलाकारों, संगीतकारों और सांस्कृतिक दलों के साथ सभी उद्यमियों और शिल्पकारों को भी धन्यवाद दिया। जिन्होंने राज्य के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को इस मंच पर प्रदर्शित करने का सराहनीय प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ने इस पर भी प्रसन्नता व्यक्त की है कि इस वर्ष राज्य पवेलियन में हथकरघा बुनकरों एवं अन्य उत्पाद धारकों द्वारा अब तक 01 करोड़ का बिजनेस किया गया तथा 2.50 करोड के ऑर्डर प्राप्त किये। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके उत्पादों की बिक्री 2.50 करोड़ से अधिक की होगी।

राज्य में औद्योगिक विकास एवं निवेश पर दिया जा रहा है विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, भारतमाला और पर्वतमाला परियोजना, अमृत योजना, ऑल वेदर रोड और उड़ान योजना जैसी महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नए आयाम प्रदान किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन किया था। इसके सुखद परिणाम हमारे सामने हैं। इस समिट के अंतर्गत प्राप्त हुए 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश समझौतों में से लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में हमें सफलता मिली है। औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और एमएसएमई नीति सहित 30 से अधिक नीतियां बनाकर उद्योगों को बेहतर माहौल और अवसर प्रदान करने का प्रयास किया है। इसके साथ ही, राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य हो रहा है।

स्थानीय आजीविका के बढाये गये हैं अवसर
राज्य में ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढावा देने के साथ हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने में भी हमें कामयाबी मिली है। ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की भी प्रभावी पहल की गई है। उन्होंने कहा कि हमारे समेकित प्रयासों का परिणाम है कि विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए भी बीते साढ़े चार वर्षों में प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली राज्य को सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के प्रति हमारे समर्पित प्रयासों का परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है।

देवभूमि का मौलिक स्वरूप बनाये रखने के लिये हो रहे हैं प्रयास
प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया गया है। राज्य में ऑपरेशन कालनेमी चलाकर जहां हमने संस्कृति को बदनाम करने वाले लोगों को पकड़ने का काम किया है, कड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। जुलाई 2026 के बाद राज्य में वे मदरसे बंद हो जाएंगे जो हमारी सरकार द्वारा दिए गए सरकारी सेलेबस को अपने यहां नहीं पढ़ाएंगे। राज्य में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया है। जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य के 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त करने में सफलता प्राप्त हुई है, राज्य से भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ‘’ज़ीरो टॉलरेंस’’ की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य किया जा रहा है। पिछले साढ़े चार वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से प्रधानमंत्री के “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने की भी अपेक्षा की। इससे हम अपने कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को सशक्त बनाते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करने में सफल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने इस “विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी प्रवासी राज्य वासियों से प्रदेश के विकास में सहयोगी बनने की अपेक्षा करते हुए सभी निवेशकों को हर संभव सुविधा एवं सहायता उपलब्ध कराने का विश्वास दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य सभी के सहयोग से सशक्त एवं समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण करना है, हम सब मिलकर ही आदर्श एवं अग्रणी उत्तराखंड के निर्माण की परिकल्पना को पूर्ण कर सकते हैं।

इस अवसर पर लोकसभा सांसद राजलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र दत्त सेमवाल, उत्तराखंड सरकार की मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, उद्योग सचिव विनय शंकर, इंडियन ट्रेड प्रोमोशन ऑर्गेनाइजेशन के एमडी नीरज खैरवाल, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा उपस्थित रहे।