सीएम धामी ने किया दून अस्पताल का निरीक्षण, मरीजों से सीधे संवाद कर जानी उनकी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार की गुणवत्ता तथा व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपचाररत विभिन्न मरीजों से भेंट कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उन्हें अस्पताल द्वारा प्रदान की जा रही चिकित्सीय सुविधाओं के बारे में पूछा। मरीजों और उनके परिजनों से संवाद के माध्यम से मुख्यमंत्री ने चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को प्रत्यक्ष रूप से समझा तथा आवश्यक निर्देश भी दिए।

राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद वेटिंग एरिया (प्रतीक्षालय) में तीमारदारों के लिए समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल के वेटिंग रूम का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को भी सुविधाजनक वातावरण मिले, इसके लिए पेयजल, पंखे एवं बैठने की पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि तीमारदार अस्पताल की व्यवस्था का अहम हिस्सा होते हैं और उन्हें भी बेसिक सुविधाएं मिलनी चाहिए, जिससे वे मानसिक रूप से सहज रह सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, नियमित सैनिटाइजेशन तथा रंग-रोगन की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से कराई जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल न केवल चिकित्सा का स्थान है, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक रूप से रोगियों एवं उनके परिजनों को संबल देने का स्थान भी है, अतः इसकी स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं सुव्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों की सुविधा और सम्मान भी राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकारी अस्पतालों में आमजन को बेहतर सेवाएं मिलें, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे
मुख्यमंत्री धामी ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे, जहाँ उन्होंने सेंटर में कार्यरत ऑपरेटर से सैंपल संग्रहण की प्रक्रिया, उनकी रिकॉर्डिंग तथा प्रयोगशाला में होने वाली टेस्टिंग संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सेंटर में उपयोग हो रही तकनीक एवं संसाधनों की कार्यकुशलता की सराहना की तथा इसकी निरंतर निगरानी के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन, चिकित्सा अधिकारियों एवं स्टाफ को निर्देश दिया कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संकल्पित है तथा इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और त्वरित सेवा व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि आम जनमानस को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेल्प डेस्क का भी जायजा लिया
अटल आयुष्मान योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्थापित अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेल्प डेस्क का भी जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारियों से योजना की कार्यप्रणाली, लाभार्थियों को दी जा रही सहायता, कार्ड बनाने की प्रक्रिया, मरीजों के क्लेम की स्थिति तथा जनसामान्य को प्रदान की जा रही सुविधा संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मौके पर उपस्थित लाभार्थियों से भी बातचीत कर उनके अनुभव सुने तथा हेल्प डेस्क की कार्यक्षमता की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अटल आयुष्मान योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क पर आने वाले हर व्यक्ति को सरल, स्पष्ट और त्वरित जानकारी मिलनी चाहिए, जिससे उन्हें योजना से जुड़ने और लाभ प्राप्त करने में कोई असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के लिए संजीवनी के समान है और इसकी प्रभावी क्रियान्वयन व्यवस्था के लिए सभी संबंधित विभागों को सजग एवं सक्रिय रहना होगा।

निरीक्षण के दौरान अपर सचिव बंशीधर तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक, वरिष्ठ चिकित्सकगण, प्रशासनिक अधिकारीगण एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

न्यायालय निर्णयः चेक बाउंस का आरोपी हुआ बरी

न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत ने चेक बाउंस मामले में परिवादी द्वारा वित्तीय क्षमता का साक्ष्य प्रस्तुत न कर पाने पर आरोपी को दोषमुक्त किया है। मामला वर्ष 2014 का है, इस मामले में आरोपी के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव पांडेय ने ठोस पैरवी की।

दरअसल, भट्ट कॉलोनी श्यामपुर निवासी अमित ने न्यायालय में दाखिल अपने वाद में बताया था कि खैरीखुर्द श्यामपुर निवासी देवेंद्र प्रसाद डोण्डियाल नामक व्यक्ति को उन्होंने वर्ष 2014 में 20 लाख रूपये उधार दिये थे। बताया था कि देवेंद्र सिंह सेे उनकी वर्ष 2010 से जान पहचान है। उन्होंने दायर वाद में यह भी बताया था कि वर्ष 2018 में जब आरोपी से अपने दिए हुए रूपये वापस मांगे तो आरोपी ने दो अलग-अलग चेक उन्हें दिए जो बाउंस हो गए।

न्यायालय में आरोपी देवेंद्र प्रसाद डोण्डियाल के बयान हुए तो उन्होंने बताया कि वादी के साथ वह पार्टनरशिप में काम करते हैं। उनकी ओर से वादी को कोई चेक नहीं दिए गए। इसके विपरित वादी ने उनकी कार में पूर्व से ही हस्ताक्षर कर रखी हुई चेक बुक में से चेक निकालकर दुरूपयोग किया गया है।

आरोपी के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव पांडेय ने मामले में ठोस पैरवी करते हुए न्यायालय में न्यायधीश के समक्ष वादी से जिरह की और वादी की वित्तीय क्षमता पर प्रश्न पूछा। जिस पर न्यायालय को मालूम हुआ कि वादी ने वर्ष 2011 में 12वीं की परीक्षा पास की हैं तथा 2013 में पॉलिटेक्निक में एडमिशन लिया जिसे वर्ष 2015 में पूर्ण किया गया तथा वादी ने अपना व्यापार वर्ष 2017 से शुरू किया।

अधिवक्ता संजीव पांडेय ने न्यायालय को बताया कि जब वादी ने अपना व्यापार ही वर्ष 2017 से शुरू किया तो वर्ष 2014 में वादी द्वारा आरोपी को 20 लाख रूपये देना कैसे संभव है। न्यायालय ने अधिवक्ता के प्रश्न पर वादी से वित्तीय क्षमता जानी जिस पर वादी कोई साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत न कर सका। साथ ही वादी कोर्ट में अपनी आय का माध्यम बताने में भी असफल रहा।

न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार मिश्र की अदालत ने यह पाया कि वादी और आरोपी के मध्य कोई देनलेन नहीं हुआ है। इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी देवेंद्र प्रसाद डोण्डियाल को दोषमुक्त करार दिया।

सीएम ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से उत्तराखण्ड में हवाई सेवाओं के विस्तार पर की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से भेंट कर राज्य में विमानन क्षेत्र के विकास, हवाई सम्पर्क में सुधार एवं पर्यटन को नई गति देने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने राज्य को विमानन क्षेत्र में मिले सहयोग के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश के हवाई अड्डों पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु अम्ब्रेला ब्राण्ड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के अंतर्गत कियोस्क स्थापित किए जाने की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे राज्य में स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में मानसून समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवाओं को पुनः प्रारंभ करने की योजना से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। यह सेवाएं विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग एवं असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के संबंधित विभागों के मध्य इस विषय पर समन्वय जारी है। विगत 01 सितम्बर को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में हेली सेवाओं के संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करते हुए हेली सेवाओं का पुनः संचालन यात्रा को सहज बनाएगा एवं सड़क मार्गों पर दबाव कम करेगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है। राज्य में विशेषकर पर्वतीय जिलों में हवाई सम्पर्क न केवल आवश्यक है, बल्कि पर्यटन, नागरिक आवागमन तथा आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने गौचर (चमोली) एवं चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) हवाई पट्टियों को छोटे विमान संचालन के लिए विकसित करने एवं इन्हें दिल्ली, देहरादून तथा हिंडन से जोड़ने का अनुरोध किया। इससे चारधाम यात्रा की सुविधा बढ़ेगी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी सुगमता रहेगी।

मुख्यमंत्री ने जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर रात्रिकालीन हवाई सेवा के संचालन का भी केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को विमान सेवा का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर भी चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार द्वारा अधिकांश आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को शीघ्र कार्य प्रारंभ करने हेतु निर्देशित करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के तहत दिल्ली से पिथौरागढ़ के लिए नियमित हवाई सेवा शीघ्र प्रारम्भ करने का अनुरोध करते हुए बताया कि राज्य के पर्यटन के साथ-साथ सामरिक एवं मानवीय दृष्टिकोण से भी हवाई सेवा लाभकारी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर हवाई सेवा का संचलान किये जाने हेतु कार्यवाही प्रारंभ करने का भी केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उपर्युक्त प्रस्तावों को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने मुख्यमंत्री को सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

हरिद्वार में मुख्य सचिव ने कुंभ मेला क्षेत्रों का निरीक्षण कर दिए निर्देश

2027 के कुंभ को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से तथा आने वाले श्रद्धालुओं को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं किए जाने वाले निर्माण कार्यों का आज मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने मेला क्षेत्र का स्थलीय किया,निरीक्षण के दौरान मेला अधिकारी सोनिका,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा नजीबाबाद हाईवे पर गौरी पार्किंग स्थल में मल्टी मॉडल हब बनाये जाने हेतु कार्य का निरीक्षण, चण्डी देवी मन्दिर तक रोपवे का निर्माण हेतु स्थलीय निरीक्षण, दिव्य प्रेम मिशन आश्रम के समीप नीलधारा में कल्चरल हब के निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण,नमामिः गंगे घाट नीलधारा में लेजर शो हेतु स्थिल निर्माण की योजना का निरीक्षण, बैरागी कैम्प क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों एवं धार्मिक संस्थाओं के कैम्पिंग की योजना का निरीक्षण, बैरागी कैम्प क्षेत्र, दक्षद्वीप क्षेत्र में मायापुर स्कैप चौनल के दोनो 15 और नये घाटों के निर्माण कार्य की योजना का निरीक्षण, आईरीस सेतु से श्री यंत्र मन्दिर होते हुए मातृ सदन तक मार्ग के सुदृढ़ीकरण योजना का एवं उक्त मार्ग के मध्य 700 से 800 मी0 की कच्ची सड़क को पक्की सड़क बनाने जाने की योजना कार्य का निरीक्षण, नक्षत्र वाटिका के समीप कनखल ऐरिया कैनाल फ्रन्ट डेवलपमेन्ट योजना जिसके अन्तर्गत नक्षत्र वाटिका के पास पार्किंग ऐरिया, लैण्ड स्कैपिंग, पैदल स्थाई पुल चौड़ाई 7.0 मी0 (01 पुल दक्ष मन्दिर को जोडने हेतु एवं 01 पुल बैरागी क्षेत्र से सतीघाट को जोड़ने हेतु) कार्य का निरीक्षण, शमशान घाट कनखल के सामने 01 नग अतिरिक्त स्थाई सेतु के निर्माण कार्य का निरीक्षण,आनन्दमयी पुलिया से जान्ह्वी डेल होटल तक सिल्टइजैक्टर के ऊपर सड़क निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण,आनन्दमयी पुलिया से झंडा चौक कनखल है होते दक्ष मन्दिर मार्ग का निरीक्षण एवं झंडा चौक कनखल के चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण,भीमगोड़ा स्थित खड़खड़ी शमशान घाट को चमगाद्ध टापू से जोड़ने हेतु स्थाई सेतु निर्माण कार्य का निरीक्षण एवं हरकी पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने मेलाधिकारी, जिलाधिकारी एवं संबंधित कार्यदाई संस्थाओ के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि 2027 का कुंभ दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जाए। इसमें जिस स्तर से जो भी स्थाई एवं अस्थाई निर्माण कार्य एवं घाटों का विस्तारीकरण आदि कार्य किए जाने है, उन कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर लिए जाए तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टिगत जिन घाटों पर रेलिंग लगाई जानी है उन घाटों पर प्राथमिकता से रेलिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जो कार्य किए जाने है उन कार्य को तत्परता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं।

जनपद आगमन पर मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुष्प गुच्छ भेंट कर मुख्य सचिव का स्वागत किया। मेलाधिकारी सोनिका एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी दिशा निर्देश दिए गए उनका संबंधित अधिकारियों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता सिंचाई सुभाष चंद पांडे, मुख्य अभियंता सिंचाई चंद्र शेखर सिंह, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष सिंह, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा, एसपी सिटी पंकज गैरोला, सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डीके सिंह, अभियंता सिंचाई ओमजी गुप्ता, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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मेला के सफल आयोजन को विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से लिये गए सुझाव

2027 कुंभ मेले को सुव्यवस्थित एवं दिव्य व भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सीसीआर सभागार में जनप्रतिनिधियों,स्टेक होल्डर,श्री गंगा सभा,व्यापार मंडल, प्रेस क्लब एवं विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जिसमें सभी सुझाव लिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संस्थाओं से आए पदाधिकारियों का स्वागत किया, उन्होंने कहा कि कुंभ मेला का सफल संचालन एवं भव्यता के साथ आयोजित किए जाने के लिए सभी का सहयोग बहुत जरूरी है ताकि सभी सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को ठीक किया जा सके।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए सभी का सहयोग हर कुंभ मेले में उपलब्ध हो रहा है तथ्य आगामी कुंभ मेले को भी सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है जिससे कि सभी के सहयोग से कुंभ मेले को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जा सके।

उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी सुझाव दिए गए हैं तथा जो भी व्यवस्थाएं कराई जानी है उसके लिए मेला अधिकारी एवं जिला अधिकारी द्वारा बैठक में आए सभी सुझावों को शामिल किया जाएगा तथा उन पर जो भी कार्यवाही की जानी है वह कार्यवाही संबंधित विभाग द्वारा तत्परता से कराई जाएगी।

बैठक के दौरान महापौर किरण जैसल, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरके सिंह, एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा, एसपी सिटी पंकज गैरोला, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष सिंह, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, सेक्रेटरी होटल एसोसिशन अमित चौहान, अध्यक्ष धर्मशाला समिति महेश गौड़, अध्यक्ष प्रेस क्लब हरिद्वार धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री दीपक मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष राज्य व्यापार मंडल तेज प्रकाश साहू, जिला महामंत्री प्रदेश व्यापार मंडल संजय त्रिवाल, जिलाध्यक्ष महानगर व्यापार मंडल सुनील सेठी सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सीएम और मंत्रीगण करेंगे निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री और मंत्रीगण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुए नुकसान का जनपदों में जाकर गहनता से समीक्षा करेंगे। आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण भी करेंगे। इस समीक्षा का उद्देश्य राहत और पुनर्वास कार्यों की प्रगति की बारीकी से निगरानी करना और समस्त प्रभावित परिसंपत्तियों के नुकसान का व्यापक स्तर पर आकलन करना है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आपदा प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर समन्वित प्रयास करेंगे। इसके अंतर्गत आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करना तथा पुनर्वास कार्यों को शीघ्र पूरा करना प्राथमिकता होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से हुए नुकसान की व्यापक समीक्षा की जाएगी ताकि आगामी रणनीतियाँ और नीतिगत निर्णय समयानुसार और प्रभावी ढंग से लिए जा सकें।

देहरादून पहुंचे पीएम मोदी, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की, प्रभावितों से भी मिले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून का दौरा किया और उत्तराखंड में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए समीक्षा बैठक की।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में बाढ़ और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत व्यापक सहायता की घोषणा की।

प्रभावितों से मिलकर संवेदना व्यक्त की
प्रधानमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्र स्वयंसेवकों से भी मिले और उनके प्रयासों की सराहना की। केंद्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली और पुनर्निर्माण के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

प्रधानमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत कार्यों की सराहना की

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जौलीग्रांट एअरपोर्ट पर आपदा राहत कार्यों की गहन समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में आपदा से हुए नुकसान का विस्तार से जानकारी लेने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों की ताजा स्थिति और भविष्य की चुनौतियों पर राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (से.नि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा तथा राज्य के सांसदों सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धराली, थराली सहित राज्य के आपदा प्रभावित अन्य क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव अभियानों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के प्रयासों की सराहना की और राहत बचाव कार्यों में जुटे राज्य व केन्द्र सरकार के संगठनों के कार्मिकों से भेंट कर उनके अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने आपदा पीड़ितों से भी मुलाकात कर उनका ढांढस बंधाने के साथ ही समुचित मदद का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आपदा से हुई क्षति तथा प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के अभियान पूरी तत्परता एवं क्षमता के साथ संचालित करने में केन्द्र सरकार के संगठनों से भरपूर सहयोग मिला है। जिसके चलते प्रभावितों तक त्वरित गति से समुचित राहत पहॅॅंुचाना संभव हो सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।

इस अवसर पर सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, त्रिवेन्द्र सिंह रावत, अनिल बलूनी, माला राज्य लक्ष्मी शाह, नरेश बंसल, कल्पना सैनी, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन एवं पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में आपदा से हुए नुकसान की भरपाई हेतू राहत पैकेज की घोषणा के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड की जनता की तरफ से आभार व्यक्त करता हूं। उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा से निपटने में राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ प्रयास कर रही है, इस कार्य में पहले ही दिन से ही केंद्र सरकार का सहयोग मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं उत्तराखंड आकर, आपदा पीड़ितों का दुःख-दर्द साझा किया है। राज्य के प्रति आत्मीयता व संवेदनशीलता के लिए प्रधानमंत्री का बहुत-बहुत आभार।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

सीएम ने राज्य के युवाओं के हित में एकीकृत भर्ती की व्यवस्था बनाने के दिए थे निर्देश, अब नियमावली हुई लागू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में राज्य के विभिन्न विभागों के वर्दीधारी उपनिरीक्षक एवं सिपाही के पदों पर सीधी भर्ती में एकरूपता लाने के लिए बनाई गई एकीकृत भर्ती नियमावलियां लागू कर दी गई हैं।

राज्य में विभिन्न विभागों के समूह ‘ग‘ के वर्दीधारी उप निरीक्षक के पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया को विहित करने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड वर्दीधारी उप निरीक्षक पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया नियमावली-2025‘ और वर्दीधारी सिपाही के पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया को विहित करने हेतु ‘उत्तराखंड वर्दीधारी सिपाही पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया नियमावली-2025‘ बनाए जाने के संबंध में अधिसूचनाएं शासन के गुरूवार को जारी की गई।

‘उत्तराखंड वर्दीधारी उप निरीक्षक पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया नियमावली-2025‘ गृह विभाग के अधीन वेतन लेवल-7 में उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस/ अभिसूचना), प्लाटून कमांडर, गुल्म नायक (पी.ए.सी./आई.आर.बी.), अग्नि शमन द्वितीय अधिकारी के पदों और उप कारापाल (वेतन लेवल-6) के साथ ही वेतन लेवल-5 में होमगार्ड विभाग के प्लाटून कमांडर, वन विभाग के वन दरोगा, आबकारी विभाग के आबकारी उप निरीक्षक तथा युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल अधिकारी के पदों पर सीधी भर्ती के मामले में लागू होगी।

शासन द्वारा जारी ‘उत्तराखंड वर्दीधारी सिपाही पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया नियमावली-2025‘ के अंतर्गत गृह विभाग के आरक्षी पुलिस, आरक्षी पी.ए.सी., आरक्षी आई.आर.बी., अग्निशामक एवं बंदी रक्षक, वन विभाग के वन आरक्षी, आबकारी विभाग के आबकारी सिपाही, परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही तथा सचिवालय प्रशासन विभाग के सचिवालय/ विधान भवन रक्षक के वेतन लेवल-3 के पदों को शामिल किया गया है।

राज्य के युवाओं के हितों व सुविधा का ध्यान रखते हुए विभिन्न विभागों में वर्दीधारी उप निरीक्षक एवं सिपाही के पदों पर एकीकृत भर्ती की व्यवस्था एक महत्वपूर्ण कदम है। “उत्तराखंड सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप वर्दीधारी पदों हेतु तैयार की गई नई नियमावलियां युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती के अवसर प्रदान करने के साथ ही राज्य की सुरक्षा और सेवा व्यवस्था को भी और अधिक सशक्त बनाएगी।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा बैठक के लिये पीएम कल पहुंचेंगे उत्तराखंड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण एवं समीक्षा बैठक के लिए पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचकर प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियों का जायजा लिया।

उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है, यही कारण है कि आपदा के इस कठिन समय में हमें निरंतर उनका सहयोग एवं मार्गदर्शन मिलता रहा है। प्रधानमंत्री के आगमन से उत्तराखंड में आपदा राहत कार्यों को और बल मिलेगा।

पंडित गोविंद बल्लभ पंत की आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रहीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर वक्ता, समाज सुधारक एवं भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और देश के गृह मंत्री रहते हुए पं. गोविंद बल्लभ पंत की आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके विचार हमें सदैव जनसेवा और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।