लोस अध्यक्ष बिरला और सीएम धामी ने किया इण्डियन ए.आई समिट में प्रतिभाग

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार द्वारा आयोजित इण्डियन ए.आई समिट में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आधुनिक युग में एआई की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। आज अनेक क्षेत्र में एआई का उपयोग हो रहा है। एआई का आध्यात्मिक मूल्यों के साथ समावेषन होना चाहिए। एआई के माध्यम पूरी दुनिया तक भारत के ज्ञान, संस्कृति को पहुंचाने की दिशा में सार्थक पहल होनी चाहिए। विज्ञान व अध्यात्म का समन्वय को साथ लेकर चलें। लोकसभा अध्यक्ष ने आशा व्यक्त की कि तकनीकी नवाचार के माध्यम से भावी पीढी सुदृढ हो, इस दिशा में देवसंस्कृति विवि कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आध्यात्मिकता और विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित एआई सम्मेलन का आयोजन करने के लिए देव संस्कृति विश्वविद्यालय और डॉक्टर चिन्मय पांडे का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में ज्ञान विज्ञान और अध्यात्म का एक अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। हमारी सनातन संस्कृति केवल आस्था और विश्वास पर आधारित नहीं है, बल्कि एक गहरी वैज्ञानिक दृष्टिकोण चिंतन और शोध का परिणाम है। हमारी सनातन संस्कृति निश्चित रूप से अपना एक वैशिष्ठय लिए हुए है, यही कारण है कि भारतीय संस्कृति ने विश्व को अनगिनत वैज्ञानिक खोजें दी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ साथ एआई भी व्यापक रूप से हमारे जीवन के हर पहलुओं को प्रभावित कर रहा है। एआई तकनीक हमारे दैनिक जीवन को न केवल आसान बना रही है बल्कि उद्योग में, चिकित्सा, शिक्षा, कृषि और अनेक क्षेत्रों में नवाचार की प्रगति का भी प्रमुख कारण बन गई है। यदि हम इस शक्ति का सही दिशा में सही प्रकार से उपयोग करें तो हम अनेकों क्षेत्र में सुधार ला सकते हैं। यदि हम ए.आई की शक्ति का सही दिशा और उद्देश्य के साथ उपयोग करें, तो ये अनेक क्षेत्रों में सुधार लाकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा आस्था एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए स्थापित विशेष आयोग के एशिया क्षेत्र के कमिश्नर डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि वर्तमान में एआई केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि यह शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग और सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। हालांकि इसके साथ ही नैतिकता, गोपनीयता, डेटा सुरक्षा तथा रोजगार पर इसके प्रभाव को लेकर कई चिंताएँ भी सामने आ रही हैं।

स्विटजरलैण्ड के इन्टर पार्लियामेंट्री यूनियन के सेक्रेटरी जनरल मार्टिल चुंगोंग ने वीडियो संदेश के माध्यम से एआई की वैश्विक भूमिका को सभी के समक्ष रखा।

इस अवसर पर भारत सरकार के एआई मिशन के सीईओ डॉ अभिषेक सिंह, रॉबर्ट ट्रैगर, विलियम जोन्स, स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश, स्टुअर्ट रसेल, जान टैलिन, नालंदा विवि के कुलपति डॉ सचिन चतुर्वेदी आदि अनेक एआई विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किये।

इस अवसर पर विधायक मदन कौशिक, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्यमंत्री डॉ जयपाल सिंह चौहान, ओम प्रकाश जमदग्नि सुनील सैनी, जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे सहित देव संस्कृति के छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच है तहसील दिवसः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से प्रदेशभर की सभी तहसीलों में आयोजित तहसील दिवस कार्यक्रमों में वर्चुअल प्रतिभाग कर जनता से संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तहसील दिवस आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच है तथा सरकार का लक्ष्य है कि हर शिकायत का तय समय में निस्तारण हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील दिवस पर आमजन की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो, ताकि लोगों को अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला मुख्यालय, शासन न जाना पड़े। उन्होंने कहा सभी ने मिलकर तहसील दिवस को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा शिकायतों का त्वरित समाधान के साथ ही अन्य शिकायतों का नियमित फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर समस्या न रहे। उन्होंने कहा सभी अधिकारी तहसील दिवस को गंभीरता से लें। यह दिवस सरकार की जनसेवा की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अपात्र व्यक्ति जिन्होंने गलत जानकारी के आधार पर आयुष्मान, राशन कार्ड, स्थायी निवास, जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज बनाए हैं। उन्हें भी चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के हक़ और संसाधनों की सुरक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि, नदी-नालों की ज़मीनों तथा अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अतिक्रमण रोकने के लिए कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण से संबंधित मामलों पर तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न न हों।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों में भूमि विवादों के निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए। जिसमें पुलिस विभाग, वन विभाग और सिंचाई विभाग आदि के अधिकारी भी सदस्य होंगे। उन्होंने कहा यह समिति सरकारी भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए जिम्मेदार होगी। साथ ही निजी भूमि के विवाद का निस्तारण भी इस समिति द्वारा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश भर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सेवा पखवाड़ा में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करें और जनहित में चलाए जा रहे कार्यक्रमों को सफल बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा समाज को जोड़ने और सेवा भाव को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में हमारा राज्य आपदा से जूझ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से हुए नुकसान का त्वरित आकलन किया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को गति दी जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी आपदा प्रभावित परिवारों के साथ संवाद करने एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बीडीसी और जिला पंचायत की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में भागीदारी से अधिकारियों को ग्राम स्तर पर उत्पन्न होने वाली वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलेगी और उनके समाधान की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाई जा सकेगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगोली, सचिव विनय शंकर पांडे, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एवं वर्चुअल माध्यम से प्रत्येक तहसील से अधिकारी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य में राहत कार्य और तेज़ी से संचालित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तत्परता से सक्रिय है और बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी देहरादून जनपद के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ उपस्थित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो और राहत सामग्री, सुरक्षित ठहराव, भोजन, पानी एवं स्वास्थ्य सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “प्रदेश सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व स्थानीय प्रशासन लगातार सक्रिय हैं।”

अतिवृष्टि से प्रभावित मालदेवता व केसरवाला के स्थलीय निरीक्षण को पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिवृष्टि से प्रभावित देहरादून जनपद के मालदेवता क्षेत्र एवं केसरवाला का स्थलीय निरीक्षण कर वहाँ की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा स्थानीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों, पुलों एवं सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे आमजन के जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र चालू किया जाए, सुरक्षित पेयजल व बिजली की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व प्रशासन की टीम निरंतर फील्ड में सक्रिय है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत, बचाव व पुनर्वास कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आपदा से निपटने हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

मुख्यमंत्री राज्य आपदा परिचालन केंद्र और विभिन्न जिलों की परिस्थितियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं एवं सभी जिलाधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को तात्कालिक प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आखिर सीएम ने पीएम और केंद्रीय मंत्री का जताया आभार, जानिए…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने उत्तराखंड राज्य के लिए ₹547.83 करोड़ की महत्वपूर्ण धनराशि स्वीकृत की है। इस राशि का उपयोग ऋषिकेश में वितरण संरचना एवं भूमिगत केबलिंग कार्यों और राजधानी देहरादून में आधुनिक SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) प्रणाली विकसित करने में किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से दोनों नगरों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था न केवल और अधिक सुदृढ़ होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को सुगम, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली भी प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उक्त स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड को लगातार केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है, जिससे राज्य की विकास गति को नई दिशा और ऊर्जा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से लाखों उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किच्छा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग को स्वीकृति प्रदान करते हुए महाराणा प्रताप चौक के समीप मुख्य रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास निर्माण की दिशा में ठोस पहल की है। इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सीएम धामी जन्मदिवस पर आपदा प्रभावितों और आमजन की मदद में देंगे समय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्णय लिया है कि उनके जन्मदिवस 16 सितम्बर के अवसर पर किसी प्रकार का उत्सव या औपचारिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह दिन सादगी और सेवा को समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि जन्मदिवस जैसे अवसर को समाज और जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित करना ही सच्चा उत्सव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस दिन आपदा प्रभावितों और आमजन की मदद में समय देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित परिवार कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं और ऐसे में समाज का प्रत्येक वर्ग उनके सहयोग के लिए आगे आए। हर एक प्रयास पीड़ित परिवारों के लिए संबल और आशा का स्रोत बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा सहयोग और आपदा राहत जैसे कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन सकते हैं। सेवा और त्याग की भावना ही उत्तराखंड की असली पहचान है और यदि हर नागरिक इसी सोच के साथ कार्य करे तो राज्य को हर क्षेत्र में मजबूती और नई ऊर्जा मिलेगी।

एअर इंडिया एक्सप्रेस ने दून-बेंगलुरु के बीच सीधी दैनिक उड़ानों के साथ उत्तराखंड से परिचालन किया शुरू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून से एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा देहरादून-बेंगलुरु के लिए शुरू की जा रही नई हवाई सेवा का विधिवत रूप से फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के समग्र विकास और हवाई संपर्क विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

आज उत्तराखंड में इस नई पहल के साथ ही देश की पहली अंतरराष्ट्रीय वैल्यू कैरियर एअर इंडिया एक्सप्रेस ने देहरादून हवाई अड्डे से बेंगलुरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानों की शुरुआत के साथ परिचालन शुरू कर दिया है। इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, डोईवाला के विधायक बृज भूषण गैरोला, एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक आलोक सिंह और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ, आईएएस, आशीष चौहान भी उपस्थित थे।

एअर इंडिया एक्सप्रेस का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा देहरादून से एअर इंडिया एक्सप्रेस सेवाओं की शुरुआत हमारे राज्य में नागरिक उड्डयन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बेंगलुरु से बेहतर कनेक्टिविटी से उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और निवेश के अवसरों को काफी बढ़ावा मिलेगा, साथ ही भारत के सबसे गतिशील शहरों में से एक के साथ छात्रों, पेशेवरों और उद्यमियों के लिए संबंध भी मजबूत होंगे। हम एअर इंडिया एक्सप्रेस का स्वागत करते हैं और इस कनेक्टिविटी से हमारे लोगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की देहरादून और बेंगलुरु के बीच सीधी हवाई सेवा उत्तराखंड के युवाओं, उद्यमियों, आईटी प्रोफेशनल्स, छात्रों और पर्यटकों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु देश की तकनीकी राजधानी है और वहां उत्तराखंड के हजारों युवा शिक्षा, सेवा और स्टार्टअप क्षेत्रों में कार्यरत हैं। अब उन्हें राज्य आने-जाने के लिए और अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध और सुरक्षित विकल्प मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बीते वर्षों में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए नीति स्तर से लेकर अधोसंरचना तक कई बड़े फैसले लिए हैं। आज प्रदेश में पिथौरागढ़, चिन्यालीसौड़, गौचर, नैनीसैनी जैसे रीजनल एयरपोर्ट्स को सक्रिय किया जा रहा है, वहीं जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य तेज़ी से चल रहा है, जो कुमाऊं क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को हवाई, रेल और सड़क मार्ग से तीव्र और सुलभ संपर्क व्यवस्था से जोड़ना है, जिससे न केवल पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि राज्य में निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ष्एयर कनेक्टिविटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत एयरलाइंस कंपनियों को आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन दे रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एयर इंडिया एक्सप्रेस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड की जरूरतों को समझते हुए यह सेवा प्रारंभ की है। उन्होंने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह सेवा दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगी और भविष्य में अन्य प्रमुख महानगरों से भी उत्तराखंड को जोड़ने वाली उड़ानों की संख्या में वृद्धि होगी।

इस अवसर पर एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक, आलोक सिंह ने कहा हमें देहरादून से परिचालन शुरू करके खुशी हो रही है, यह हमारा 58वां स्टेशन है। हम अपने सबसे बड़े घरेलू केंद्र, बेंगलुरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानें शुरू कर रहे हैं। यह अहमदाबाद और चंडीगढ़ के बाद इस महीने लॉन्च किया गया तीसरा नया स्टेशन है, जो हमारे नेटवर्क के तेजी से विस्तार को रेखांकित करता है। यह नया मार्ग न केवल उत्तराखंड को सीधे बेंगलुरु के आर्थिक और शैक्षिक केंद्रों से जोड़ता है, बल्कि पूरे भारत में 18 और शहरों के लिए सुविधाजनक वन- स्टॉप कनेक्शन भी प्रदान करता है। हमारे बेड़े में अब 115 से अधिक विमान शामिल हैं, हम एक मजबूत, अधिक सुलभ नेटवर्क का निर्माण कर रहे हैं जो आधुनिक भारत की आकांक्षाओं को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे की विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी कि देहरादून -बेंगलुरु की पहली उड़ान देहरादून से 16ः30 बजे रवाना हुई और 19ः30 बजे बेंगलुरु पहुंची। इस लॉन्च के साथ, देहरादून से यात्री बेंगलुरु के माध्यम से चेन्नई, गोवा, कोच्चि, कोझिकोड, मंगलुरु, उत्तरी गोवा, पुणे, रांची, तिरुवनंतपुरम, तिरुचिरापल्ली, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम सहित 18 गंतव्यों के लिए सुविधाजनक वन-स्टॉप कनेक्टिविटी का लाभ उठा सकते हैं।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी कि देश की विविधतापूर्ण कला और संस्कृति को सम्मानित करने वाली वाली एयर इंडिया एक्स्प्रेस की श्टेल्स ऑफ इंडियाश् पहल के हिस्से के रूप में, देहरादून से पहली उड़ान संचालित करने के लिए तैनात नया बोइंग 737-8 विमान, गर्व सेश् ऐपणश् से प्रेरित एक टेल आर्ट को प्रदर्शित करता है, जो उत्तराखंड की फर्श और दीवार पर की जाने वाली पारंपरिक कला का एक रूप है।

उन्होंने जानकारी दी कि नेटवर्क विस्तार के अलावा, एअर इंडिया एक्सप्रेस ने हाल ही में अपना बुक डायरेक्ट अभियान शुरू किया है, जो यात्रियों को सर्वाेत्तम किराए और निर्बाध बुकिंग अनुभव के लिए अपनी पुरस्कार विजेता वेबसाइट www.airindiaexpress.com और मोबाइल ऐप पर सीधे बुकिंग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। जो यात्री सीधे बुकिंग करते हैं, वे प्रोमो कोड और बैंक ऑफ़र के साथ 20ः तक की छूट, ऐप और वेबसाइट पर नेट बैंकिंग भुगतान पर शून्य सुविधा शुल्क, छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए विशेष छूट, और श्गौर्मेयरश् मेनू से 50ः तक की छूट पर हॉट मील का प्री-बुक करने जैसे लाभों का आनंद ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त, मास्टरकार्ड डेबिट और क्रेडिट कार्ड से बुकिंग करने वाले मेहमानों को घरेलू उड़ानों पर 250 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 600 रुपये की छूट मिलती है।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि यात्री एअर इंडिया एक्सप्रेस के एक्सप्रेस हॉलिडे प्लेटफॉर्म का भी लाभ उठा सकते हैं, जो आवास, परिवहन और गतिविधियों सहित क्यूरेटेड हॉलिडे पैकेज प्रदान करता है। श्एक्सप्रेस हॉलिडेश् को एयरलाइन की वेबसाइट के प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज सेक्शन में एक्सेस किया जा सकता है।

फ्लैग ऑफ समारोह में प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एयरपोर्ट अथॉरिटी के प्रतिनिधि, एयर इंडिया एक्सप्रेस के पदाधिकारी, यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो दिन के भीतर दून अस्पताल में बढ़ी सुविधाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से दून अस्पताल में जनसुविधाएं बढ़ाने को लेकर दिए गए निर्देश के 48 घंटे के भीतर ही, अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों के लिए सुविधाएं बढ़ा दी गई हैं। अब अस्पताल के वेटिंग एरिया में पंखे और मास्क की समुचित व्यवस्था कर दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का औचक निरीक्षण करते हुए, अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और जन सुविधाओं का जायजा लिया था। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल के वेटिंग एरिया में तीमारदारों के लिए पेयजल, पंखे एवं बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए थे कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, नियमित सैनिटाइजेशन तथा रंग-रोगन की व्यवस्था की जाए। इसी क्रम में 48 घंटे से कम समय में अस्पताल में सीसीयू के बाहर वेटिंग एरिया में पंखे लगा दिए गए हैं, जिससे उमस गर्मी में तीमारदारों को भारी राहत मिली है। साथ ही वेटिंग एरिया में सेनेटाइजर और मास्क की भी समुचित व्यवस्था की गई है। अस्पताल परिसर की साफ सफाई में भी सुधार हुआ है। जिस पर तीमारदारों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। तीमारदारों का कहना है कि उन्हें कई बार वेटिंग एरिया में ही आराम करना पड़ता है, ऐसे में पंखे, साफ, सफाई और मास्क की समुचित व्यवस्था होने से सुविधा रहेगी। तीमारदारों ने कहा कि शनिवार को मुख्यमंत्री ने खुद उनसे अस्पताल की सुविधाओं पर फीडबैक लिया था, इसके 48 घंटे से कम समय में अस्पताल में सुविधाएं बढ़ गई हैं।

अस्पतालों में मरीजों के साथ तीमारदारों की सुविधाओं का भी ख्याल रखा जाना जरूरी है। कई बार तीमारदारों को अस्पताल में ही रात बितानी पड़ती है। इसलिए बुनियादी जनसुविधाएं होनी जरूरी है। प्रदेश के सभी अस्पतालों में जन सुविधाओं को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सोशल मीडिया एक्स पर सीएम धामी ने प्रधानमंत्री से जुड़ा संस्मरण किया साझा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक संस्मरण साझा किया है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली को करीब से देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। हर मुलाकात से उन्हें अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र प्रेम का नया पाठ सीखने को मिलता है।

अपने संस्मरण में उन्होंने वाराणसी का एक प्रसंग साझा किया, जब भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक देर रात 1 बजे समाप्त हुई थी। सभी थके हुए थे, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने मुस्कुराते हुए कहा – “अभी एक ज़रूरी काम बाकी है।” उन्होंने बताया कि वे अपने संसदीय क्षेत्र में दिन में निरीक्षण से जनता को असुविधा नहीं देना चाहते, इसलिए रात में ही विकास कार्यों का निरीक्षण करते हैं।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रधानमंत्री रातभर सड़कों पर परियोजनाओं का जायज़ा लेते रहे और सुबह 9 बजे बैठक में पहले की तरह ऊर्जा और एकाग्रता के साथ उपस्थित हुए। इस अनुशासन और समर्पण ने सभी के हृदय पर गहरी छाप छोड़ी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जीवन उदाहरण है कि सच्चा नेतृत्व उपदेश देने में नहीं, बल्कि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने में है।

यूपीसीएल का मार्च 2027 तक का लक्ष्य अगस्त 2025 में ही पूरा, प्रदेश में 42,000 से अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा से जोड़ने के संकल्प को साकार करते हुए, उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि० (यूपीसीएल) ने अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा यूपीसीएल को मार्च 2027 तक 40,000 सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया था, किन्तु यूपीसीएल ने अपने अथक प्रयासों एवं उपभोक्ताओं के सहयोग से यह लक्ष्य समय से लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व ही अगस्त 2025 में पूरा कर लिया है। साथ ही प्रदेशभर में अब तक 42,000 से अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र सफलतापूर्वक स्थापित कर लिये गये हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता लगभग 156 मेगावाट है। यह उपलब्धि उत्तराखण्ड को हरित ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करती है। इस अभियान के नोडल अधिकारी, श्री आशीष अरोड़ा, मुख्य अभियन्ता, यूपीसीएल थे।

प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रेरणादायी नेतृत्व और प्रमुख सचिव (ऊर्जा) के सतत् मार्गदर्शन का परिणाम है। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘पीएम सूर्य-घर मुफ्त बिजली’ को प्रदेश के घर-घर तक पहुँचाना हमारे लिये गर्व का विषय है। हमने जो लक्ष्य मार्च 2027 तक प्राप्त करना था, उसे अगस्त 2025 में ही पूरा कर लिया है जो यूपीसीएल परिवार की प्रतिबद्धता और उपभोक्ताओं के सहयोग का परिणाम है। भविष्य में भी हम इसी उत्साह से कार्य कर उत्तराखण्ड को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाते रहेंगे।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न ‘पीएम सूर्य-घर मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत उत्तराखण्ड ने जिस तरह डेढ़ वर्ष पहले ही लक्ष्य हासिल कर लिया है, वह हम सभी के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तराखण्ड न केवल स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि आने वाले समय में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी राज्य बनेगा। मैं यूपीसीएल परिवार, ऊर्जा विभाग और प्रदेशवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हृदय से बधाई देता हूँ। राज्य सरकार हर संभव सहयोग कर यह सुनिश्चित करेगी कि उत्तराखण्ड हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश को नई दिशा दे सके।”