राज्य में निवेश को बढावा देने को निवेशकों की सुविधाओं और सहूलियतों का पूरा ध्यान रखें: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उद्योग विभाग की गेमचेंजर योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग की दिशा में और अधिक तेजी से कार्य किया जाय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में निवेश को बढावा देने के लिए निवेशकों की सुविधाओं और सहूलियतों का पूरा ध्यान रखा जाय। मुख्यमंत्री ने उच्चाधिकारियों को राज्य में निवेश करने वाले शीर्ष पचास निवेशकों से व्यक्तिगत रूप से नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि निवेशकों की सुविधा हेतु निवेश मित्रों की तैनाती की जाय। मुख्यमंत्री ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, उद्यम रजिस्ट्रेशन से लेकर जमीन आवंटन तक की प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा सिंगल विंडो सिस्टम को अधिक सरल बनाने के निर्देश भी दिए ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम स्वरोजगार योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या में और अधिक वृद्धि की जाय। राज्य में यह योजना काफी कारगर साबित हो रही है। इस योजना से अभी तक लगभग पैंतीस हजार लोग लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य में लाई गई सभी नई नीतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के साथ ही अधिकाधिक युवाओं को इन नीतियों से लाभान्वित करने का प्रयास किया जाय। एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत राज्य के उत्पादों को बढावा देने के साथ ही निर्यात से जुड़ लोगों को भी प्रोत्साहन दिया जाय। मुख्यमंत्री ने पर्वतीय जिलों में हैंडलूम, होमस्टे और एग्रो-बेस्ड लघु उद्योगों को प्राथमिकता देने के साथ ही स्टार्टअप पॉलिसी को उद्योग विभाग के साथ जोड़कर यूथ इनक्यूबेशन सेंटर खोले जाने के भी निर्देश दिए।

बैठक में सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय ने बताया कि अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर के तहत खुरपिया फार्म में 1002 एकड़ क्षेत्रफल में विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं से युक्त इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन के लिए एसपीवी का गठन हो चुका है। 1265 करोड़ रूपये की लागत की इस परियोजना के बन जाने से लगभग 22 हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इस परियोजना के लिए केन्द्र सरकार के द्वारा रू. 207 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। उद्यमिता को बढावा देने के लिए हरिद्वार में 280 यूनिट्स, पंतनगर में 18 यूनिट्स और सेलाकुई में 12 यूनिट्स की क्षमता वाली फ्लैटेड फैक्टरी निर्माण का कार्य प्रगति पर है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम एवं उद्योग विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने दिए चारधामों के लिए नियमित चार्टर सेवा शुरु करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागरिक उड्डयन विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं में तेजी लाने के साथ ही राज्य में हेली सेवाओं के संचालन में सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

आज सचिवालय में आयोजित नागरिक उड्डयन विभाग की गेमचेंजर योजनाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में दूरस्थ क्षेत्रों तक आवाजाही को सुगम बनाने के लिए हवाई सेवाओं का नेटवर्क बढ़ाया जाना जरूरी है, इसी के साथ हवाई सेवाओं में सुरक्षा मानकों का भी सख्ती से पालन कराया जाए। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में एयरो स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा देने के प्रयास किए जाने के साथ ही चारधामों के लिए नियमित चार्टर सेवा शुरु करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में सचिव नागरिक उड्डयन श्री सचिन कुर्वे ने बताया कि पायलट प्रशिक्षण के लिए पंतनगर में नया फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल स्थापित किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन क्षेत्र में प्रशिक्षित पायलट की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह केन्द्र एक महत्वपूर्ण कदम है। हवाई यातायात को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए इसरो के साथ मिलकर डिजिटल मैपिंग की क्षमता विकसित की जा रही है। उकाडा के माध्यम से उत्तराखंड एयर कनेक्टिविटी स्कीम के तहत देहरादून- जोशीमठ, जोशीमठ- बद्रीनाथ के बीच शटल सेवा और पिथौरागढ़- धारचूला और पिथौरागढ़- मुनस्यारी के बीच हवाई सेवा शुरु करने की तैयारी की जा रही है। इसी तरह आदि कैलाश क्षेत्र में तीर्थाटन ओर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए गुंजी से सीधी हेलीकॉप्टर सेवा शुरु करने की योजना है। केदारनाथ हेली सेवा को मजबूत बनाने के लिए, गरुड्चट्टी के पास अतिरिक्त हेलीपैड बनाया जा रहा है।

बैठक में जानकारी दी गई कि पंतनगर और जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तार से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार कार्य 2027-28 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसी तरह वर्ष 2026 तक जौलीग्रांट एयरपोर्ट को इंटरनेशनल मानकों के अनुसार विकसित किया जा रहा है। गुंजी, मुनस्यारी, आदि कैलाश क्षेत्र की आवश्यकताओं एवं पर्यटन विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पिथौरागढ़ हवाई पट्टी को रीजनल हब सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही भारतीय सेना के सहयोग से सीमांत क्षेत्रों में नए हेलीपैड भी बनाए जाने की योजना है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सचिन कुर्वे, उकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान , अपर सचिव विनीत कुमार, उकाडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय टोलिया एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

रिस्पना और बिंदाल नदी पर चार लेन एलिवेटेड रोड निर्माण परियोजना की सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में लोक निर्माण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिस्पना और बिंदाल नदी पर चार लेन एलिवेटेड रोड निर्माण परियोजना की सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए। आशारोड़ी से मोहकमपुर तक देहरादून रिंग रोड/बाईपास एवं यूटिलिटी डक्ट पॉलिसी पर भी तेजी से कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों में नवीन तकनीक का उपयोग किया जाए। जिन पुलों की स्थिति खराब हो रही है, उनके पुनर्निर्माण और मरम्मत के कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित और टिकाऊ सड़कों के निर्माण के लिए जियोसिंथेटिक रिटेनिंग वॉल जैसी तकनीक का उपयोग किया जाए। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान लगातार चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। केदारखंड और मानसखंड की आपसी कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए तेजी से कार्य किए जाएं। देहरादून से हल्द्वानी, दिल्ली से हल्द्वानी और अन्य प्रमुख शहरों के लिए सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाने के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाई जाए। मसूरी और देहरादून के बीच यातायात के दबाव को कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों पर तेजी से कार्य किया जाए। सड़कों के डामरीकरण के कार्यों में तेजी लाई जाए।

सचिव, लोक निर्माण विभाग, डॉ. पंकज पाण्डेय ने जानकारी दी कि रिस्पना नदी पर 11 किलोमीटर और बिंदाल नदी पर 15 किलोमीटर लंबे चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य के प्रथम चरण की स्वीकृति के अंतर्गत फिजिबिलिटी स्टडी व हाइड्रोलॉजिकल स्टडी हो चुकी है। प्रस्तावित भू-अधिग्रहण प्लान के अनुसार मौके पर चिन्हीकरण की कार्यवाही गतिमान है। देहरादून रिंग रोड के संरेखण को अंतिम रूप दिया जा चुका है। परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और रेलवे के साथ संयुक्त निरीक्षण कर डायवर्जन प्लान भी तैयार कर लिया गया है। देहरादून-मसूरी कनेक्टिविटी परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और जियोटेक्निकल इन्वेस्टिगेशन किया जा चुका है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव आशीष चौहान, विनीत कुमार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन दिखा भारी सैलाब

उत्तराखंड हरिद्वार भव्य कांवड़ यात्रा का आज अन्तिम दिन है आपको बता दें कि हरिद्वार भव्य कांवड़ यात्रा के शुभारंभ से लेकर करोड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा जल भरकर पद यात्रा कर पुण्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं। कांवड़ यात्रा के अन्तिम दिनों में डाक कांवड़ यात्रा में कई राज्यों से भारी संख्या में शिव भक्तों की टोलियां हरिद्वार गंगा जल लेने आते हैं। जहां हरिद्वार हरकी पौड़ी क्षेत्र से लेकर मुख्य मार्ग, रेलवे स्टेशन मार्ग, पर शिव भक्तों का ही कब्जा दिखाई दे रहा है। हरिद्वार पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से सड़कों पर मुस्तैदी के साथ दिखाई दे रहा है। कांवड़ यात्रा के अन्तिम दिनों में हरिद्वार में शिव भक्त भारी संख्या में मोटर साईकिल से गंगा जल लेने पहुंच गए हैं। जिससे चारों तरफ शिव भक्तों के वाहनों की लम्बी कतारें दिखाई दे रही हैं। वहीं हर हर महादेव के जयकारों से हर कोई महादेव की भक्ति में डूबा हुआ है। हरिद्वार पुलिस प्रशासन के जवान भी व्यवस्थाओं को संभालने में पसीने बहाते नजर आ रहे हैं। रिकॉर्ड तोड़ श्रृद्धालुओं की भीड़ हरिद्वार में अलग ही नज़ारा देखने को मिल रहा है।

विधवा के घर को बीमा कंपनी ने किया जब्त, डीएम ने संज्ञान लेकर कंपनी की सील

बैंकिंग संस्थाएं और नान बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (एनबीएफसी) ऋण की वसूली के लिए नियम कायदों के साथ ही मानवता को भी तार-तार कर रही हैं। ऋण का बीमा होने के बाद भी ऋण लेने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो जाने की दशा में बीमा से उसकी भरपाई नहीं की जा रही। बल्कि, ऋण लेने वाले व्यक्तियों का उत्पीड़न उपद्रवी और अपराधी प्रकृति के एजेंटों के माध्यम से कराया जा रहा है।

ऐसी ही एक मामले में फाइनेंस कंपनी सीएसएल फाइनेंस लिमिटेड ने पति की मौत के बाद उनकी पत्नी से न सिर्फ जबरन ऋण की वसूली की, बल्कि घर भी जब्त कर लिया। हालांकि, जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस कृत्य को नाकाबिले बर्दाश्त करार देते हुए फाइनेंस कंपनी की आरसी काटने के बाद सोमवार को उसकी शाखा को सील भी करा दिया।

फाइनेंस कंपनी की ओर से किए जा रहे उत्पीड़न की यह कहानी झाझरा निवासी प्रिया की है। प्रिया के पति विकास ने न्यू कैंट रोड स्थित सीएसएल फाइनेंस लि. से अप्रैल 2024 में 6.5 लाख रुपए का गृह ऋण लिया था। कंपनी के ही कहने पर ऋण का टाटा एआइ लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से बीमा भी कराया गया था। बीमा के दौरान आवश्यक शारीरिक परीक्षण भी कराए गए थे।

जुलाई 2024 में विकास की आकस्मिक मृत्यु हो जाने पर प्रिया पर अपनी चार छोटी बच्चियों के परवरिश की जिम्मेदारी आ गई। खराब आर्थिक स्थिति के चलते प्रिया ने ऋण अदा करने में असमर्थता जताई। लेकिन, फाइनेंस कंपनी ने एक नहीं सुनी और ऋण की वसूली बीमा से करने की जगह एजेंटों के माध्यम से प्रिया को परेशान करना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद एजेंटों ने प्रिया का घर भी जब्त कर लिया।

दर-दर भटकने के बाद 11 जुलाई को प्रिया बच्चियों के साथ जिलाधिकारी सविन बंसल की जनसुनवाई में पहुंचीं और न्याय की गुहार लगाई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर अगले ही दिन फाइनेंस कंपनी की आरसी काट दी गई थी। कंपनी को 18 जुलाई तक प्रिया का घर और कागजात वापस लौटकर नो ड्यूज जारी करने का आदेश दिया गया था।

इसके बाद भी फाइनेंस कंपनी ने जब कुछ नहीं किया तो प्रशासन की टीम ने सोमवार को कंपनी की शाखा को सील कर दिया। इसके साथ ही कंपनी की संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

स्वास्थ्य सचिव ने दिए निर्देश, रैफरल पर CMO-CMS की काउंटर साइन अनिवार्य, SOP तैयार करने के निर्देश

राज्य के सरकारी अस्पतालों में कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और मरीज-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सोमवार को सचिवालय स्थित सभागार में सभी 13 जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) और उप-जिला अस्पतालों के प्रमुख अधीक्षकों (CMS) के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।

स्वास्थ्य सचिव ने रैफरल प्रणाली को लेकर खासतौर पर नाराजगी जताई और इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब अस्पतालों से मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई बार देखा गया है कि अस्पतालों की लापरवाही या संसाधन प्रबंधन की कमी के कारण मरीजों को बिना किसी स्पष्ट कारण के रेफर कर दिया जाता है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। उन्होंने निर्देश दिए कि हर रेफरल की जिम्मेदारी संबंधित CMS पर होगी। हर रेफरल को CMS की काउंटर-साइनिंग के साथ वैध और ठोस कारणों से ही किया जाना अनिवार्य होगा। यदि किसी केस में यह प्रक्रिया नहीं अपनाई गई या कारण अपर्याप्त पाया गया तो उस अधिकारी के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्वास्थ्य महानिदेशक को निर्देशित किया कि रैफरल से संबंधित एक स्पष्ट SOP तैयार की जाए, ताकि पूरे प्रदेश में एकरूपता के साथ रेफरल की प्रक्रिया अपनाई जा सके।

*आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 108 नहीं मिली तो स्थानीय संसाधनों से हो मरीज की मदद*

बैठक में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि अगर किसी परिस्थिति में मरीज को समय पर 108 एंबुलेंस सेवा और विभागीय एंबुलेंस सेवा दोनों उपलब्ध नहीं हो पाती है, तो स्थानीय अस्पतालों को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि CMO और CMS की यह जिम्मेदारी होगी कि किसी भी आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल या उच्च चिकित्सा सुविधा तक ले जाने के लिए सरकारी अन्य संसाधनों का प्रयोग कर सेवा उपलब्ध कराई जाए। हमारी प्राथमिकता मरीज की जान है, न कि प्रक्रिया की जटिलता। इसके लिए पहले से एक स्थानीय एंबुलेंस नेटवर्क और संसाधन सूची भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

*मृतकों के परिजनों को नहीं उठाना पड़ेगा शव ले जाने का बोझ*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस गंभीर समस्या की भी ओर ध्यान दिलाया कि कई बार मृत्यु के बाद मृतक के परिजनों को शव को घर ले जाने में काफी परेशानी होती है, खासकर जब जनपद में मोर्चरी वाहन या शव वाहन उपलब्ध नहीं होता। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी स्थिति में संबंधित अस्पताल प्रशासन या CMO स्वयं संसाधन जुटाकर यह सुनिश्चित करें कि शव को सम्मानपूर्वक परिजनों तक पहुंचाया जाए। एक परिवार को और कष्ट न झेलना पड़े, यह हमारी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है ।

*ज्वाइनिंग न करने वाले डॉक्टरों को नोटिस, होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन डॉक्टरों को पोस्ट-पीजी ट्रेनिंग के बाद 13 जून को स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे और उन्होंने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, उन्हें तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। डॉ. कुमार ने कहा कि सेवा शर्तों की अवहेलना को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आवश्यकतानुसार संबंधित डॉक्टरों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। बैठक में महानिदेशक सुनीता टम्टा, निदेशक डॉ. शिखा जंगपागी, निदेशक डॉ. सी.पी. त्रिपाठी, अनुसचिव अनूप मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

सीएम निर्देश, स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले निकायों को प्रोत्साहित करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में शहरी विकास विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य के सभी नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाय। स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए इस काम में जनसहभागिता भी सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले नगर निकायों को प्रोत्साहित किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के साथ ही स्ट्रीट लाईट, सीवर लाईन, पार्किंग व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, ई वेस्ट के निस्तारण सहित नागरिक सुविधाओं की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जांय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नगर निकायों के राजस्व बढ़ाने के लिए नवाचार को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नए पार्कों के निर्माण के साथ ही पुराने पार्कों के सौंदर्यीकरण व बेहतर रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाय। शहरी विकास विभाग के अधीन संचालित 90 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता वाली योजनाओं पर प्राथमिकता से कार्य किया जाय।

बैठक में सचिव शहरी विकास नितेश झा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त देवभूमि रजत जयंती पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इन पार्कों में योग, वॉक और ओपन जिम की सुविधा भी होगी। 9 नवंबर 2026 तक सभी पार्क बनकर तैयार हो जाएंगे। नगर क्षेत्रों में प्रतिवर्ष पचास लाख लीटर वर्षा जल संचय करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। राज्य के सभी 11 नगर निगमों में केन्द्रीयकृत नित्रंण व प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से स्ट्रीट लाईट प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव गौरव कुमार, सी.पी.पी.जी.जी. के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

हाउस ऑफ़ हिमालयाज के उत्पादों की यूनिटी मॉल के माध्यम से विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित करें: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के अम्ब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज‘ का टर्न ओवर वर्ष 2030 तक एक सौ करोड़ रूपए किए जाने का लक्ष्य तय करते हुए इसके उत्पादों की यूनिटी मॉल के माध्यम से भी विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विकासखंड में एक-एक स्मार्ट गांव विकसित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सभी परिवारों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत संचालित गेमचेंजर योजनाओं-मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना, ग्रोथ सेंटर योजना, हाऊस ऑफ हिमालयाज तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण उद्यमिता को बढावा देने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के संसाधन बढाने के साथ ही रिवर्स पलायन करने वाले लोगों को हर संभव प्रोत्साहन दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ‘डोर स्टेप डिलीवरी सिस्टम‘ को मजबूत किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने के लिये अंब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के उत्पादों के विपणन के लिए ठोस रणनीति बनाकर काम किया जाय। इसके उत्पादों की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाते हुए ग्रोथ सेंटर्स के उत्पादों को बेहतर बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जांय। जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका में वृद्धि हो सके। ग्रोथ सेंटर्स को कौशल विकास से जोड़ने के लिए भी काम किया जाय।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत आवश्यक कौशल, संसाधन और सहायता प्रदान करने के साथ ही प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने की उपयुक्त व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए।

बैठक में सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा द्वारा ग्राम विकास विभाग की गेंमचेंजर योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया। उन्होेंने बताया कि राज्य में अभी तक एक लाख पैंसठ हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। आगामी तीन सालों में एक लाख और महिलाओं को लखपति दीदी बनाए जाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत तीन सालों में पन्द्रह हजार ग्रामीण उद्यमों को सहायता प्रदान की जाएगी। हाऊस ऑफ हिमालयाज के अंतर्गत राज्य के 150 से अधिक उत्पादों को जोड़े जाने के लिए चरणबद्ध ढंग से कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव झरना कमठान, अपर सचिव अनुराधा पाल, सी.पी.पी.जी.जी. के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

डिजिटल उत्तराखंड के एकीकृत प्लेटफॉर्म से तय रोड़मेप पर कार्यवाही करें: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘डिजिटल उत्तराखंड‘ के एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक सेवाओं की सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तय रोडमैप के अनुसार प्रभावी व समयबद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस के लिए राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण गेमचेंजर डिजिटल पहल को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग तत्परता से कार्यवाही सुनिश्चित करें।

गेमचेंजर योजनाओं को लेकर सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने डिजिटल उत्तराखंड प्लेटफॉर्म के क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को डिजिटल युग की मुख्यधारा में लाने की दिशा में इस पहल से शासन प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी और नागरिकों तक संवाद और सेवाओं के वितरण के तरीके में भी क्रांतिकारी बदलाव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म को सुगम, सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाय।

बैठक में सचिव सूचना प्रोद्यौगिकी नितेश झा ने जानकारी दी कि डिजिटल उत्तराखंड प्लेटफॉर्म को राज्य सरकार की सभी योजनाओं के त्वरित एक्सेस लिंक तथा सेवाओं के लिए डिजीटल एकल एक्सेस प्वांइंट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे डेटा आधारित प्रशासन और कार्यक्षमता व दक्षता में अपेक्षित सुधार कर नागरिक सेवाओं के वितरण एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

इस अवर पर अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, निदेशक आईटीडीए गौरव कुमार, सी.पी.पी.जी.जी. के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

पर्वतीय जनपदों में खाद्यान्न, दवाइयों और अन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त स्टॉक रखें: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटी पार्क स्थित राज्य आपदा परिचालन केन्द्र से प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत कर जनपदों में बारिश की स्थिति, सड़कों की स्थिति, चारधाम और कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं तथा विद्युत, पेयजल एवं मूलभूत आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन में सभी अधिकारी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहें। किसी भी जान-माल के नुकसान से बचाव के लिए यह सुनिश्चित किया जाए कि बारिश के पूर्वानुमान का अपडेट लोगों को तुरंत मिल जाए। इसके लिए जनपद, तहसील, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रखा जाए। वर्षा के कारण जो सड़कें बाधित हो रही हैं, उन्हें शीघ्रता से सुचारु किया जाए। भू-स्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर सभी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए रिस्पांस टाइम कम से कम किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के दृष्टिगत राज्य के पर्वतीय जनपदों में खाद्यान्न, दवाइयों और अन्य मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। संपर्क मार्ग बाधित होने पर आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी रखी जाएं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन सुरक्षा की दृष्टि से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। किसी जनपद से करंट लगने की शिकायतें न आएं। पुलों का सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश मुख्यमंत्री पहले ही अधिकारियों को दे चुके हैं। शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्याएं न हों, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिए हैं। नदियों के बढ़ते जल स्तर की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को मौसम का नियमित अपडेट दिया जाए। वर्षा के कारण यातायात प्रभावित होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को ठहराव स्थलों पर भोजन, पानी एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए।

इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनन्द स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।