नैनीताल में पार्किंग के लिए शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर अस्थायी रूप से उत्तराखंड सरकार को आवंटित

भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा नैनीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पार्किंग के रूप में उपयोग के लिए उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र द्वारा इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नैनीताल में पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए शत्रु संपत्ति – मेट्रोपोल होटल परिसर के खुले स्थान को पार्किंग हेतु अस्थायी रूप से आवंटित करने का अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री के अनुरोध को स्वीकार करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नैनीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पार्किंग के रूप में उपयोग के लिए उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया गया है।

इस निर्णय से नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल में आने वाले पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। पार्किंग की बढ़ती समस्या से निजात मिलने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे नैनीताल में पार्किंग की समस्या को दूर करने में काफी सुविधा होगी।

नई दिल्ली में उत्तराखंड की राधा भट्ट को मिला पद्मश्री, राज्य के लिये गर्व की बात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रपति द्वारा नागरिक अलंकरण समारोह में उत्तराखंड की राधा भट्ट को सामाजिक कार्य, ह्यूग गैंट्ज़र और कोलीन गैंट्ज़र (मरणोपरांत) को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये इसे राज्य का भी सम्मान बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के सुदूर इलाके में जन्मी पद्म श्री से सम्मानित होने वाली राधा भट्ट का पर्यावरण एवं समाज सेवा के साथ महिला शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान रहा है। वह हिमालय सेवा संघ, नई दिल्ली की अध्यक्ष होने के नाते कई गांधीवादी संस्थाओं से जुड़ी रही हैं तथा उन्हें अनेक प्रतिष्ठित पुरुस्कारों से पूर्व में भी सम्मानित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने पद्म श्री से सम्मानित ह्यूग गैंट्ज़र को उत्तराखंड का प्रसिद्ध यात्रा वृतांत लेखक बताते हुए कहा कि उनके यात्रा वृतान्तों से भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में लेख लिखने के लिए लोग प्रेरित हुए, जबकि स्व0 श्रीमती कोलीन गैंट्ज़र ने 3,000 से अधिक लेख, कॉलम और पत्रिका फीचर्स लिखे हैं और 30 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। उन्होंने भारत में यात्रा लेखन के उच्च मानक स्थापित किए। उन्होंने अपनी लेखनी के द्वारा पाठकों के मन में देश के प्रति प्रेम को और गहरा ही नहीं किया, बल्कि कई लेखकों को प्रेरित भी किया।

21 जून को भराड़ीसैंण में होगा योग दिवस का मुख्य आयोजन

21 जून को आयोजित होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम इस बार, चमोली जनपद स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित किया जाएगा। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ 10 देशों के राजदूत शामिल होंगे।

निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। इसी क्रम में मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम चमोली जनपद में स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ 10 देशों के राजदूत भी शामिल होंगे, उक्त सभी गणमान्य 20 जून के दोपहर तक भराड़ीसैंण पहुंच जाएंगे। कुल मिलाकर मुख्य आयोजन में एक हजार से अधिक लोग प्रतिभाग करेंगे। इसलिए कार्यक्रम की व्यापकता को देखते हुए, व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके साथ ही प्रदेश भर में भी इस दिन 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भव्य स्तर पर मनाया जाएगा।

योग के रूप में भारत ने दुनिया को आरोग्य और स्वस्थ्य रहने का मंत्र दिया है। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पहल की है। इसी क्रम में 11वां योग दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम भराड़ीसैंण में आयोजित किया जा रहा है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने किया तीन दिवसीय पहले गजा घण्टाकर्ण महोत्सव का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अटल उत्कृष्ट रा.इ.का. गजा, टिहरी में आयोजित ‘प्रथम‘ गजा घण्टाकर्ण महोत्सव-2025 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने गजा स्थित घण्टाकर्ण मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की तथा राज्य आंदोलनकारी शहीद बेलमती चौहान की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ सभी को महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महोत्सव समृद्ध संस्कृति और परम्परा को आगे बढ़ाने में अद्वितीय सहयोग देते हैं। गजा घण्टाकर्ण मंदिर पौराणिक मंदिरों में से एक है। बद्रीनाथ की परिक्रमा के बाद दूसरी परिक्रमा यहां पर की जाती है। पर्यटन की दृष्टि से यह अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थल है, जहां से हरिद्वार और हिमालय के दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा कि महोत्सव के आयोजन से यहां पर विकास की एक नई नींव पड़ रही है, जो ऐतिहासिक समृद्ध संस्कृति को आगे बढ़ाने का सराहनीय प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का वर्ष 2047 तक विकसित भारत संकल्प का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब गांव, पंचायत, क्षेत्र, जनपद और उत्तराखण्ड विकसित होगा। राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के लिए प्रयासरत है और उत्तराखण्ड को हिन्दुस्तान का सबसे श्रेष्ठ राज्य बनने से कोई नहीं रोक सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था 11वें से चौथे स्थान पर आ गई और 2027 तक तीसरी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर आएगी तथा भारत विश्वगुरू और नेतृत्व वाला देश बनेगा। आज प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की संस्कृति एवं विरासत अमृत काल में है। इस दौरान अयोध्या में भगवान राम का भव्य और दिव्य मंदिर से लेकर उज्जैन में महाकाल मंदिर, उत्तराखण्ड में बद्रीनाथ का मास्टर प्लान, केदारनाथ में पुर्ननिर्माण के कार्य, ऑल वेदर रोड़ के साथ ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, उद्यान, ऊर्जा, सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने, अवस्थापना आदि अनेकों कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गजा में लगभग 30 करोड़ की लागत से पॉलीटेक्निक, 24 करोड़ की लागत से हेंवलघाटी पम्पिंग पेयजल योजना का कार्य, नगर पंचायत कार्यालय, गौशाला, विश्राम गृह का कार्य किया गया है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने हेतु वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, हॉउस ऑफ हिमालय ब्रांड के उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। कौशल विकास में निपुण स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों के द्वारा तैयार किये गये शानदार उत्पाद विदेशी कम्पनियों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। फार्म मशीनरी, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, सौर स्वरोजगार, पर्यटन, कृषि आदि अनेकों क्षेत्रों में सम्भावना के द्वार खुल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड़ अग्रणी राज्य बनने की ओर उन्मुख है। राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं, इनमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून, नकल विरोधी कानून, धर्मान्तरण कानून, सख्त भू-कानून आदि शामिल हैं। भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए जीरो टॉलरेंस पर काम किया। नकल विरोधी कानून लाकर 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा है। लगभग 23 हजार नौजवानों ने नौकरियों में सफलता प्राप्त की है।

इस अवसर पर वन, तकनीकी शिक्षा, भाषा एवं निर्वाचन मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों का तेजी से विकास हो रहा है।

इस मौके पर स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, लोकगीत/लोककलाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नाटक की सुन्दर प्रस्तुति तथा झांकियों का सुन्दर प्रदर्शन किया गया। जिसके लिए मुख्यमंत्री ने बच्चों के माता-पिता और आयोजकों का आभार प्रकट किया और कहा कि उत्तराखंड का पहनावा और लोक संस्कृति को भी आगे बढ़ाना है। उत्तराखंड की माताओं और बहनों ने विदेश में जाकर भी हमारी संस्कृति को संजोकर रखा है। महोत्स में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाये गये हैं, जिनके माध्यम से लोगों को जन कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा स्थानीय मेधावी बच्चों को भी सम्मानित किया गया जिनका चयन एमबीबीएस, आईआईटी, एनआईटी, भारतीय नौसेना आदि में हुआ है। मुख्यमंत्री द्वारा शहीद विक्रम सिंह नेगी के गांव की सड़क का नाम उनके नाम पर रखने की घोषणा की।

इस मौके पर जिलाध्यक्ष भाजपा उदय रावत, ब्लॉक प्रमुख प्रशासक, नरेन्द्रनगर राजेन्द्र भण्डारी, चम्बा शिवानी बिष्ट, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष चम्बा, शोभनी धनोला, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, लोक गायक प्रीतम भरतवाण सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद रहे।

सभी प्रतिभाशाली विद्यार्थी राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींवः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मेधावी छात्र सम्मान समारोह में उत्तराखण्ड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 75 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। अमर उजाला समाचार पत्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मान समारोह के माध्यम से अमर उजाला प्रतिवर्ष हमारे राज्य के प्रतिभावान छात्रों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मानित हो रहे सभी प्रतिभाशाली विद्यार्थी राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। अपने माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय के साथ ही इन विद्यार्थियों ने उत्तराखंड का मान भी बढ़ाया है। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार निरतंर प्रयासरत है। सरकार द्वारा क्वालिटी एजुकेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी सरकारी विद्यालयों में एन.सी.ई.आर.टी. की पाठ्य पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी छात्रों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में 226 विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। 500 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएं संचालित की जा रही हैं तथा 840 नए विद्यालयों में हाइब्रिड मोड में स्मार्ट क्लासरूम भी स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के सरकारी और अशासकीय स्कूलों के 6 से 12वीं कक्षा तक के मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से प्रत्येक माह छात्रवृत्ति दी जा रही है। बच्चों के व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से प्रत्येक विकासखण्ड के 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को भारत भ्रमण पर भेजने की शुरुआत की गई है। माध्यमिक विद्यालयों में 8 ट्रेड्स में व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ की गई है, जिससे 42 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं कौशल आधारित शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सरकार द्वारा स्थानीय भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी भाषाओं में पुस्तकें तैयार की गई हैं। ’हमारी विरासत’ पुस्तक के माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भारत की संस्कृति, लोक परंपरा और महान विभूतियों से परिचित कराने का कार्य भी किया जा रहा है। बच्चों में कौशल, उद्यमिता और भारतीय ज्ञान परंपरा को विकसित करने के लिए ’कौशलम कार्यक्रम’ भी प्रारंभ किया गया है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, सलाहकार संपादक अमर उजाला उदय कुमार, अमर उजाला के देहरादून संपादक अनूप वाजपेयी, यूनिट हेड पंकज शर्मा उपस्थित थे।

पूर्व मंत्री अग्रवाल ने श्री देव सुमन की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

क्षेत्रीय विधायक व पूर्व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने टिहरी जनक्रांति के नायक श्रीदेव सुमन की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके जीवन पर भी प्रकाश डाला गया।

बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय तथा छिद्दरवाला में कार्यक्रम आयोजित कर डॉ अग्रवाल ने कहा कि श्रीदेव सुमन एक लेखक, पत्रकार और जननायक ही नहीं बल्कि टिहरी की ऐतिहासिक क्रांति के भी महानायक थे। उन्होंने मात्र 14 वर्ष की किशोरावस्था में नमक सत्याग्रह आंदोलन में भाग लेकर साबित कर दिया था कि उनके अंदर देश प्रेम की भावना किस हद तक भरी हुई थी। इसके कारण उन्हें 14 दिन जेल रखा गया था। 

उन्होंने कहा कि श्री देव सुमन ने बहुत छोटी उम्र में श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित राजनीतिक सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि अगस्त 1942 में जब भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ तो टिहरी आते समय श्रीदेव सुमन को 23 अगस्त 1942 को देवप्रयाग में ही गिरफ्तार कर लिया गया और 10 दिन मुनि की रेती जेल में रखने के बाद 6 सितंबर को देहरादून जेल भेज दिया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि ढाई महीने देहरादून जेल में रखने के बाद श्रीदेव सुमन आगरा सेन्ट्रल जेल भेज दिया गया। जहां ये 15 महीने नजरबंद रखे गये। 84 दिन की ऐतिहासिक अनशन के बाद 25 जुलाई 1944 में 29 वर्ष की आयु में उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।

इस मौके पर अमर शहीद श्रीदेव सुमन जी के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान, पूर्व मंडल अध्यक्ष अरविंद चौधरी, सुमित पवार नितिन सक्सेना, अशोक पासवान रविंद्र कश्यप, शिवकुमार गौतम, सोहन सिंह केंतुरा, बर्फ सिंह पोखरियाल, समां पवार आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में यूसीसी में चार माह में डेढ़ लाख से अधिक आवेदन मिलेः सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में लागू समान नागरिक संहिता पर प्रस्तुतिकरण देते हुए कहा कि यूसीसी लागू करने के लिए मजबूत सिस्टम का निर्माण किया गया है। प्रक्रिया को जनसामान्य के लिए अधिक सुलभ और सहज बनाने के लिए एक पोर्टल और समर्पित मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है। साथ ही ग्राम स्तर पर 14,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर्स को इससे जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के समय आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए ऑटो एस्केलेशन और ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम भी लागू किया गया है। व्यापक डिजिटल और भौतिक नेटवर्किंग के परिणामस्वरूप केवल चार माह की अवधि में समान नागरिक संहिता के अंतर्गत राज्यभर से लगभग डेढ़ लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इतना ही नहीं, राज्य के लगभग 98 प्रतिशत गाँवो से आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं, जो ये दर्शाता है कि यूसीसी को जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने यूसीसी के सफलतापूर्वक लागू करने में मार्गदर्शन और सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में 2022 के विधानसभा चुनाव में अपने दृष्टि पत्र के माध्यम से राज्य की जनता को ये वचन दिया था कि यदि जनादेश मिला, तो उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। चुनावों में विजय के पश्चात पहले दिन से ही उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के लिए अपना कार्य प्रारंभ कर दिया। यूसीसी के बिल का मसौदा तैयार करने के लिए 27 मई 2022 को जस्टिस रंजना देसाई जी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। समिति द्वारा उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में व्यापक जन-परामर्श किया गया।

जिसके माध्यम से समिति को लगभग 2 लाख 32 हजार सुझाव प्राप्त हुए। समिति ने न केवल आम नागरिकों से परामर्श किया, बल्कि सभी राजनीतिक दलों और विभिन्न वैधानिक आयोगों के प्रमुखों से भी बातचीत की।

राज्य सरकार ने 7 फरवरी, 2024 को समान नागरिक संहिता विधेयक को राज्य विधानसभा में पारित कर राष्ट्रपति महोदया को भेजा। मा. राष्ट्रपति महोदया ने 11 मार्च, 2024 को इस ऐतिहासिक विधेयक को अपनी स्वीकृति प्रदान की। आवश्यक नियमावली एवं प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए, 27 जनवरी, 2025 को पूरे उत्तराखंड राज्य में समान नागरिक संहिता को विधिवत रूप से लागू कर दिया गया। इस प्रकार उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना को मूर्त रूप देते हुए समान नागरिक संहिता को व्यवहारिक धरातल पर लागू किया।

मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता जाति, धर्म, लिंग आदि में अन्तर के आधार पर कानूनी मामलों में होने वाले भेदभाव को खत्म करने का एक संवैधानिक उपाय है।

इसके द्वारा सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का प्रयास किया गया है। इसके लागू होने से प्रदेश में सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सकेगा। इसके द्वारा अब हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह, तीन तलाक आदि कुप्रथाओं पर पूर्णतः रोक लगाई जा सकेगी।

संविधान के अनुच्छेद 342 के अंतर्गत वर्णित हमारी अनुसूचित जनजातियों को इस संहिता से बाहर रखा है, जिससे कि उन जनजातियों का और उनके रीति रिवाजों का संरक्षण किया जा सके।

समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं बल्कि ये समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों में समानता से समरसता स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है। जिसकी परिकल्पना हमारे संविधान निर्माताओं ने भी की थी और राज्य के नीति निर्देशक तत्वों में इसे सम्मिलित किया था।

यूसीसी के माध्यम से किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है, केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है। यूसीसी के अंतर्गत सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से संबंधित मामलों में एक समान विधिक प्रक्रिया निर्धारित की गई है। अब पति-पत्नी को विवाह विच्छेद के लिए निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा तथा बहुविवाह की प्रथा पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इन कानूनों के अंतर्गत सभी धर्म और समुदायों में बेटी को भी संपत्ति में समान अधिकार प्रदान किए गए हैं। इसके साथ ही, संपत्ति के अधिकार में बच्चों में किसी भी प्रकार का भेद नहीं किया गया है, अर्थात प्राकृतिक संबंधों के आधार पर, सहायक विधियों द्वारा या लिव इन संबंधों द्वारा जन्मे बच्चों का भी संपत्ति में बराबर अधिकार माना जाएगा। यूसीसी के अंतर्गत बच्चों की संपत्ति में माता-पिता को भी अधिकार प्रदान किया गया है, जिससे बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और उन्हें सम्मान पूर्वक जीवन यापन का अधिकार प्राप्त हो।

वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए, युवा पीढ़ी विशेष रूप से युवक-युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें संभावित सामाजिक जटिलताओं एवं अपराधों से बचाने के उद्देश्य से इसमें लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार उनके माता-पिता या अभिभावक को देगा, ये जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। यूसीसी के माध्यम से जन्म एवं मृत्यु के पंजीकरण की भांति विवाह और विवाह-विच्छेद दोनों का पंजीकरण भी किया जा सकेगा। समान नागरिक संहिता लागू करने के साथ ही इसके क्रियान्वयन हेतु एक प्रभावी एवं स्पष्ट नियमावली को भी लागू कर दिया है।

मुख्य सचिव को सीएम ने दिए निर्देश, नीति आयोग की बैठक में पीएम द्वारा निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए ठोस रणनीति बनें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को निर्देशित किया कि शनिवार को आयोजित नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जिन बिंदुओं पर राज्यों को मार्गदर्शन और निर्देश दिए गए हैं, उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तर पर स्पष्ट और व्यवहारिक रणनीति तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा विकसित भारत /2047 के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए राज्य सरकार को केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं और नीतियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।

मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए कि संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए और उसकी सतत मॉनिटरिंग की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए हर स्तर पर पारदर्शिता और उत्तरदायित्व तय किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में पूर्ण निष्ठा से सहभागी है।

राष्ट्रीय स्तर पर शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ ड्रेनेज प्रणाली विकसित करने को विशेष योजना बनाने का किया अनुरोध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की दसवीं बैठक में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण के चलते शहरों में ड्रेनेज की समस्या एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने अनुरोध किया कि इस समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर टिकाऊ ड्रेनेज प्रणाली विकसित करने के लिए विशेष योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने “पीएम कृषि सिंचाई योजना“ की गाइडलाइन्स में लिफ्ट इरिगेशन को सम्मिलित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वर्तमान में पर्वतीय क्षेत्र का मात्र 10 प्रतिशत भूभाग ही सिंचित हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हिमनद आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोडने की दिशा में “नदी जोड़ो परियोजना“ के साथ ही चेक डैम्स और लघु जलाशयों के निर्माण के माध्यम से वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में उत्तराखंड में पर्वतीय महाकुंभ के रूप में प्रसिद्ध “मां नन्दा राजजात यात्रा“ तथा वर्ष 2027 में हरिद्वार में “कुंभ“ का आयोजन होना है। इन दोनों आयोजनों को “भव्य एवं दिव्य“ बनाने के लिए सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में “डेमोग्राफिक डिविडेंड“ की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस लाभ को प्राप्त करने के लिए एक निश्चित समय सीमा में इसका दोहन करना आवश्यक है। इस दृष्टि से आने वाले दस वर्ष हमारे प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इन्हीं वर्षों में हम “डेमोग्राफिक डिविडेंड“ का सर्वाधिक लाभ उठा सकते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए राज्य में विशेषरूप से स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जीडीपी में प्राथमिक सेक्टर का योगदान जहां मात्र 9.3 प्रतिशत है, वहीं इस कार्य में लगभग 45 प्रतिशत आबादी लगी है। इस समस्या को देखते हुए हमने प्रदेश के काश्तकारों को “लो वैल्यू एग्रीकल्चर“ की बजाए “हाई वैल्यू एग्रीकल्चर“ अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया है, जिनमें एप्पल मिशन, कीवी मिशन, ड्रैगन फ्रूट मिशन, मिलेट मिशन तथा सगंध कृषि को प्रोत्साहन शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के सशक्त नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक “विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए उत्तराखंड सरकार भी दृढ ़संकल्पित होकर वित्तीय प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रहे हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था में पिछले तीन वर्षों में लगभग डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 में नीति आयोग द्वारा जारी एसडीजी रैंकिंग में जहां हमारे राज्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं इस वर्ष जारी हुई “केयरऐज रेटिंग रिपोर्ट“ में सुशासन एवं वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में छोटे राज्यों की श्रेणी में हमें दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में “समान नागरिक संहिता“ कानून लागू किया गया। पिछले साढ़े तीन साल में राज्य के 23 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रधानमंत्री के नेट जीरो के विजन को ध्यान में रखते हुए “ग्रीन गेम्स“ की थीम पर आयोजित किया गया। इन खेलों में “इलैक्ट्रॉनिक्स वेस्ट“ सामग्री की “रीसाइक्लिंग“ से 4000 पदक तैयार किए। “सौर ऊर्जा“ के माध्यम से संपूर्ण ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति की गई। इस आयोजन में लगभग 4000 से 5000 टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को रोकने में सफलता प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में “शीतकालीन यात्रा“ के सफल परिणाम सामने आए हैं। प्रधानमंत्री के हर्षिल और मुखबा की यात्रा से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को काफी लाभ हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटकों को साहसिक पर्यटन, इको टूरिज्म और हाई-एंड टूरिज्म के माध्यम से आकर्षित करने के लिए वृहद नीति बनाकर जमीनी स्तर पर कार्य शुरू किये गये हैं। उत्तराखंड में नवाचार एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित “सतत एवं समावेशी विकास“ पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में जीडीपी की तर्ज पर जीईपी अर्थात “ग्रोस एनवायरमेंट प्रोडक्ट इंडेक्स“ जारी करने की शुरुआत की है, इसके आंकलन द्वारा अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के मध्य बेहतर सामंजस्य स्थापित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “जियोथर्मल ऊर्जा नीति“ शीघ्र लागू किया जायेगा। राज्य में “मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना“ प्रारंभ की गई है। इस योजना के लाभार्थी प्रतिमाह एक लाख रूपए से अधिक की आमदानी प्राप्त कर रहे हैं।

सीएम के स्पष्ट निर्देश, दून के तीन प्रमुख निजी अस्पतालों में गोल्डन कार्ड से इलाज की सुविधा पूरी तरह जारी रहेंगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड धारकों को देहरादून के तीन प्रमुख निजी अस्पतालों में पूरी तरह से इलाज की सुविधा पूरी तरह जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि जॉली ग्रांट हॉस्पिटल, श्री महंत इन्द्रेश हॉस्पिटल और ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में गोल्डन कार्ड से इलाज की सेवाएं नियमित रूप से जारी रहेंगी और इन अस्पतालों में आने वाले पात्र मरीजों को सभी आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि सरकार का उद्देश्य यही है कि राज्य के प्रत्येक पात्र नागरिक को समय पर और उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है और राज्य सरकार इस योजना को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि भविष्य में भी गोल्डन कार्ड से मिलने वाली सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा ताकि राज्य के हर नागरिक को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल सके।

अपने हर नागरिक को ससमय और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार का लक्ष्य और सर्वाेच्च दायित्व है। हमारी सरकार निर्धन और जरूरतमंदों को आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से निशुल्क उपचार की सुविधा आसानी से पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री ।