मौसम की चुनौतियों के बावजूद सीएम धामी पहुंचे ग्राउंड जीरो पर, धराली आपदा प्रभावितों से की मुलाकात

मौसम की तमाम चुनौतियों तथा विषम परिस्थितियों की परवाह न करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज धराली में ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर, हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए, राहत कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे कर्मियों से भी भेंट की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री समयबद्ध तरीके से प्रभावितों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को गति देने के उद्देश्य से दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से आवश्यक खाद्य और राहत सामग्री धराली क्षेत्र में पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाते हुए, सामान्य स्थिति बहाल करना है।

आपदा ग्रस्त धराली (उत्तरकाशी) में राहत एवं बचाव अभियान में केंद्र के साथ ही राज्य की एजेंसियां भी युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मौसम की चुनौतियों के बावजूद, आपदा ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की है। आज हेलीकॉप्टर की 07 सार्टी हुईं। सबसे पहली सार्टी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। घटना के बाद बुधवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति थे। मुख्यमंत्री के ग्राउंड जीरो पर पहुंचते ही प्रभावितों का दर्द और आंसू छलक उठे। कई लोग मुख्यमंत्री से लिपटकर रोने लगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं और राज्य सरकार के स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में पूरी राज्य सरकार धराली के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सभी महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों को 24ग7 मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में शासन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है। हर एक व्यक्ति की जान कीमती है और इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज प्रातः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर धराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा और इसके बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ जुटी हुई है। लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

यूकाडा के हेलीकॉप्टर निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका, रेस्क्यू टीमें पहुंची धराली
देहरादून। इस पूरे रेस्क्यू अभियान में यूकाडा के हेलीकॉप्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौसम की चुनौतियों के बीच बुधवार को यूकाडा के हेलीकॉप्टरों की कुल 07 सार्टी हुईं। इनमें से पहली सार्टी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। दूसरी सार्टी के जरिये जिलाधिकारी उत्तरकाशी तथा एसपी उत्तरकाशी घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं अन्य सार्टी में जिला प्रशासन की टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के कुल 22 लोग ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। एनडीआरएफ के 28 जवान भी 02 सेटेलाइट फोन के साथ यूकाडा के हेलीकॉप्टरों के जरिये धराली पहुंच चुके हैं। वहीं यूकाडा के हेलीकॉप्टरों ने सेना के ले. कर्नल समेत 10 जवानों का धराली से रेस्क्यू किया है। सेना के 02 घायलों को हेलीकॉप्टर से हायर सेंटर भेजा गया है, दो अन्य को सड़क मार्ग से एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा जा रहा है। शेष अन्य का उपचार मातली तथा जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है। साथ ही 03 अन्य नागरिकों का रेस्क्यू किया गया। इन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती कराया गया है।

मार्ग खोलने के लिए युद्धस्तर पर किए जा रहे प्रयास-सुधांशु
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तरकाशी से राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में उपस्थित शासन के वरिष्ठ अधिकारी गणों के साथ राहत और बचाव कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रभारी मुख्य सचिव आरके सुधांशु ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को किए जा रहे रेस्क्यू अभियान के साथ ही मौके पर भेजे जा रहे मानव संसाधन तथा उपकरणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मार्ग बंद होने के कारण बचाव दल अलग-अलग स्थानों पर फंसे हैं। मार्ग खोलने के लिए बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मौसम खराब होने की वजह से हवाई रेस्क्यू में बाधा उत्पन्न हो रही है, मौसम साफ होते ही हेली सेवाओं द्वारा बचाव दलों के साथ ही मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी को एयर ड्रॉप किया जाएगा। बुधवार शाम को भी आरके सुधांशु राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। सचिव शैलेश बगौली राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आज सुबह से ही उपस्थित हैं और राहत और बचाव कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष, राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग विनय कुमार रुहेला, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, एडीजी एपी अंशुमन, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव नितेश कुमार झा, सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, सचिव चंद्रेश यादव, सचिन कुर्वे, आईजी फायर मुख्तार मोहसिन, एसीईओ प्रशासन आनंद स्वरूप, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

02 लोगों के शव बरामद, 15 के लापता होने की सूचना
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि धराली आपदा में लगभग 15 लोगों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई है। दो लोगों के शव बरामद हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सड़कों को खोलने के लिए लगातार मौके पर टीमें कार्य कर रही हैं। खराब मौसम के कारण राहत और बचाव कार्य संचालित करने के साथ ही बचाव दलों तथा उपकरणों को आवश्यक स्थानों तक पहुंचाने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद धराली में वहां पर मौजूद बचाव दलों द्वारा राहत और बचाव कार्य मंगलवार को ही प्रारंभ कर दिए गए थे।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में बनी रेस्क्यू अभियान की रणनीति
देहरादून। प्रभारी मुख्य सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, जीओसी सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के साथ ही विभिन्न विभागों के सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारीगण प्रातः साढ़े आठ बजे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन को लेकर रणनीति बनाई। सड़कों को खोलने के लिए बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए सभी विकल्पों पर विचार किया गया। खराब मौसम के बीच हेली सेवाओं का उपयोग किस प्रकार किया जाए, किन हेलीपैडो का उपयोग किया जाए, मार्ग बाधित होने के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बीच उपकरणों को किस प्रकार ग्राउंड जीरो पर भेजा जाए, विभिन्न स्थानों पर फंसी रेस्क्यू टीमों को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए, इस पर मंथन किया गया। मौसम विभाग से आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को लेकर भी जानकारी ली गई।

चिनूक पहुंचा जौलीग्रांट, बड़ी संख्या में हेलीकॉप्टर तैयार
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्र सरकार के स्तर पर हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। वे लगातार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रेस्क्यू अभियान की अपडेट ले रहे हैं। भारत सरकार द्वारा त्वरित गति से वायु सहायता उपलब्ध कराई गई है। 02 चिनूक हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट पहुंच चुके हैं। इसमें एनडीआरएफ के 50 जवानों तथा उनके उपकरणों को ग्राउंड जीरो के लिए भेजे जाने की कार्यवाही की जा रही है। एक एमआई 17 खराब मौसम के कारण जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर पाया और उसे वापस सरसावा बेस लौटना पड़ा। मौसम साफ होते ही एमआई 17 के पुनः लैंडिंग के प्रयास किए जाएंगे। वहीं 115 स्पेशल फोर्सेज के साथ सेना के 05 एएन-32 हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट पहुंच चुके हैं।

युद्धस्तर पर कार्य कर रहे राहत और बचाव दल
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राहत और बचाव दल युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान में डटे हैं। मार्ग बंद होने के कारण विभिन्न बचाव दल विभिन्न स्थानों में फंसे हैं। बंद सड़कों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। मार्ग खुलते ही सभी दल ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ करेंगे। भटवाड़ी में बंद सड़क को खोलने की कार्यवाही गतिमान है। हर्षिल तथा पापड़गाड़ में मार्ग बंद है। उत्तरकाशी तक सड़क खोल दी गई है। गंगनानी तथा लिंचा ब्रिज क्षतिग्रस्त हुए हैं। बैली ब्रिज बनाकर यहां यातायात सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मानव संसाधनों का विवरण निम्नानुसार है
वर्तमान में राजपुताना रायफल्स के 150 जवान तथा घातक बटालियन के 12 जवान ग्राउंड जीरो में मौजूद हैं तथा राहत व बचाव कार्य कर रहे हैं।
आईटीबीपी के 100 कार्मिक जिनमें अधिकारी, डाक्टर व जवान शामिल हैं, मौके पर राहत और बचाव कार्यों को संचालित कर रहे हैं।
एसडीआरएफ के 06 जवान भी मंगलवार से ही धराली में ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं और उनके द्वारा राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
सेना के 40 जवान नेलांग से पैदल रवाना की गई है। वहीं 50 जवानों की मेडिकल टीम टेकला तक पहुंच गई है।
आईटीबीपी के 130 अतिरिक्त जवान घटनास्थल के लिए रवाना किए गए हैं।
एसडीआरएफ के 10 जवान सेटेलाइट फोन के साथ भटवाड़ी पहुंच गए हैं। 07 जवान लाटा पहुंच गए हैं। 07 जवान सेटेलाइट फोन के साथ गंगोत्री में मौजूद हैं। उजैली में ढालवाला तथा बटालियन से 20 जवानों को भेजा गया है। 08 जवानों को सहस्त्रधारा हेलीपैड में रिजर्व में रखा गया है। डॉक स्क्वायड की 06 टीमें उजैली पहुंच चुकी हैं।

एनडीआरएफ के 79 जवान पापड़गाड़ में फंसे हैं, हालांकि 15 को यहां से आगे भेजने में सफलता मिली है। 07 जवान गौचर से उत्तरकाशी रवाना किए गए हैं। 50 तथा 24 सदस्यीय 02 टीमें जौलीग्रांट एयरपोर्ट में स्टैंडबाई में हैं। 15 जवानों को सहस्त्रधारा हेलीपैड में स्टैंडबाई में रखा गया है।

फायर सर्विस यूनिट गंगोत्री के 04 जवान घटनास्थल पर मौजूद हैं। उत्तरकाशी फायर स्टेशन में अन्य जनपदों से भेजी गई 03 टीमों को एलर्ट मोड पर रखा गया है। एफएसएसओ उत्तरकाशी मार्ग बंद होने के कारण रास्ते में फंसे हैं।

जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी से एक मेडिकल टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। दून मेडिकल कॉलेज से 11 विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम, स्वास्थ्य विभाग के 05 विशेषज्ञों की टीम भी रवाना कर दी गई है। 10 डॉक्टरों की टीम को पोस्टमार्टम के लिए स्टैंडबाई में रखा गया है। मनोचिकित्सकों की टीम भी बनाई गई है, जिसे घटनास्थल के लिए रवाना किया जा रहा है। 25 एम्बुलेंस तैयार हैं। 10 को स्टैंडबाई में रखा गया है। सीएचसी भटवाडी, चिन्यालीसौंड़, जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी, जिला चिकित्सालय देहरादून, दून मेडिकल कॉलेज तथा एम्स ऋषिकेश में 65 आईसीयू बैड तथा 270 जनरल बैड आरक्षित किए गए हैं।

शाम को करीब पांच बजे चार सदस्यीय एक मेडिकल टीम हर्षिल पहुंच गई है, जिसमें सर्जन, गायनेकोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट व एक सीनियर डाक्टर हैं, जो स्थानीय निवासी हैं।

धराली आपदा में राहत कार्यों के लिये वायुसेना के चिनूक व एमआई-17 हेलीकॉप्टर पूरी तरह से तैयार

उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष से राहत एवं बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेना के प्रतिनिधियों से स्थिति की वस्तुनिष्ठ जानकारी प्राप्त की और उन्हें राहत कार्यों को तीव्र गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रेस्क्यू एवं मेडिकल कैंप्स की स्थापना कर दी गई है तथा प्रभावितों के लिए भोजन एवं आवश्यक सामग्री की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर प्रारम्भ कर दिए गए हैं। भारतीय वायुसेना के चिनूक व एमआई-17 हेलीकॉप्टर पूरी तरह से तैयार स्थिति में हैं, ताकि आवश्यकतानुसार शीघ्रतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

प्रदेश सरकार राहत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक प्रभावित नागरिक तक सहायता पहुँचाने हेतु कटिबद्ध है।

पूर्व मंत्री अग्रवाल ने जाना मायाकुंड में गंगा के जलस्तर से प्रभावित लोगों का हाल विधायक

क्षेत्रीय विधायक व पूर्व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने स्थानीय प्रशासन के साथ अत्यधिक वर्षा से जलमग्न हुए गंगा समीप मायाकुंड क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा नदी के जलस्तर का भी निरीक्षण किया। डा. अग्रवाल ने मौके पर मौजूद लोगों से नदी तट छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील भी की।

डा. अग्रवाल ने मेयर शंभु पासवान, एसडीएम योगेश मेहरा के साथ मायाकुंड के गंगा नदी से सटे क्षेत्र का निरीक्षण किया। डा. अग्रवाल ने कहा कि उत्तरकाशी में अत्यधिक वर्षा के कारण भारी नुकसान हुआ है। इसी तरह मैदानी क्षेत्रों में भी लगातार हो रही वर्षा के कारण गंगा की सहायक नदियों जैसे चंद्रभागा का जलस्तर भी बढ़ा है। बताया कि इसके चलते गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान के ऊपर चला गया है।

डा. अग्रवाल ने बताया कि गंगा नदी के तट पर लगभग जितनी भी झोपड़ियां थी। बढ़ते जलस्तर की चपेट में आ गईं हैं। डा. अग्रवाल ने एसडीएम और एमएनए को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रभावित लोगों को कैंप के माध्यम से राहत पहुंचाएं। बताया कि राइंका विद्यालय में बने राहत कैंप के अलावा आवश्यकतानुसार कैंप बढ़ाएं जाएं, जिससे प्रभावितों को राहत मिले।

डा. अग्रवाल ने एसडीएम को निर्देशित किया कि कैंप में प्रभावितों की भोजन की व्यवस्था भी करें। इसके अलावा अन्य लोगों को राशन व राहत राशि भी दी जाएगी। डा. अग्रवाल ने नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लगातार जागरूकता अभियान जैंसे लाउड स्पीकर के जरिए लोगों को नदी तट से दूर रहने के लिये कहा जाए।

डा. अग्रवाल ने कहा कि सरकार प्रभावितों के साथ हैं, फिर भी सुरक्षित स्थान पर जाएं। इसके अलावा डा. अग्रवाल ने त्रिवेणी घाट पर भी गंगा के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोगों से गंगा तट से सुरक्षित स्थान पर जाने का अनुरोध किया। साथ ही पुलिस टीम को हर समय यहां मौजूद रहने के लिये कहा। इसके अलावा सिंचाई विभाग को टूटे हुए तट को व्यवस्थित करने के लिये कहा।

इस अवसर पर मेयर शंभु पासवान, एसडीएम योगेश मेहरा, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, पार्षद अजय दास, उपखंड अधिकारी सिंचाई विभाग सुरेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज विनेश कुमार, रजिस्ट्रार कानूनगो सुनील चौधरी, जितेंद्र पाल, रवि बिष्ट, विश्वजीत हलधर, हर्ष पाल, अविनाश शाह, राजीव मिस्त्री आदि उपस्थित रहे।

एमडीडीए उपाध्यक्ष ने अवैध निर्माणों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई के दिए निर्देश

प्रदेश में तेजी से फैल रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ अब सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी कीमत पर सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण, अवैध कब्जा या प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सख्त समीक्षा बैठक की।

बैठक में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने साफ कहा कि सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सेक्टर्स वाइज सघन निरीक्षण कर अवैध निर्माणों को तत्काल चिन्हित करें और त्वरित कार्यवाही करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्राधिकरण का कोई अधिकारी लापरवाही करता पाया गया तो उसकी व्यक्तिगत जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कई निर्णायक फैसले लिए गए और साफ कहा गया कि अब कार्रवाई से ही व्यवस्था सुधरेगी।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं-

’अवैध निर्माणों पर रोक के लिए सचल दस्ता गठित’
एमडीडीए द्वारा अब सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सचल दस्ते गठित किए जाएंगे, जो विभिन्न सेक्टरों में सघन निरीक्षण कर अवैध निर्माणों पर निगरानी रखेंगे। हर क्षेत्र में दस्ते नियमित रूप से गश्त करेंगे और किसी भी गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया देंगे।

’सरकारी भूमि पर अवैध निर्माणों पर त्वरित कार्रवाई’
जहां कहीं भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या निर्माण होता पाया गया, उस पर सीलिंग/ध्वस्तीकरण की कार्यवाही तत्काल की जाएगी।

’संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्रों में विशेष निगरानी’
गंगा नदी के किनारे, आईएमए, डीआरडीओ जैसे सुरक्षा महत्व के क्षेत्रों, और हाईटेंशन लाइन के नीचे हो रहे निर्माणों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

’व्यवसायिक भवनों में वाटर कन्जरवेशन अनिवार्य’
नवनिर्मित और पूर्व निर्मित व्यवसायिक इमारतों में वाटर कंजर्वेशन सिस्टम की जांच की जाएगी। जहां यह व्यवस्था नहीं मिलेगी, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

’अवैध प्लॉटिंग पर जनता को किया जाएगा जागरूक’
जिन सरकारी जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग की गई है, वहां क्रय-विक्रय न हो इसके लिए आम जनता को जागरूक किया जाएगा। साथ ही, आवश्यक आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस अभियान में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी और फील्ड स्तर पर निरंतर निगरानी और रिपोर्टिंग की व्यवस्था की जाए। यह अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन व्यवस्था की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जहां कानून का राज और जनहित सर्वाेपरि है।

सीएम ने किया दौरा किया निरस्त, राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए

अपने आंध्र प्रदेश दौरे को बीच में ही तत्काल निरस्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार शाम को सीधे देहरादून आईटी पार्क स्थित आपदा परिचालन केंद्र पहुंच कर उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव में बादल फटने की घटना से से प्रभावित क्षेत्र में चल रहे हैं रेस्क्यू ऑपरेशन का अपडेट लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए एक-एक व्यक्ति की जान अमूल्य है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी सहित सम्बंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित टीमों को प्रभावी समन्वय के साथ राहत कार्यों को तत्परता संपादित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित सभी वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया तथा स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा विभाग तथा जिलाधिकारी को प्रभावित क्षेत्र में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी शैक्षणिक तथा अन्य संस्थान बंद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों से संपर्क बनाए रखने के लिए जल्द से जल्द नेटवर्क व्यवस्था को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आपदा प्रभावितों तत्काल रेस्क्यू के बाद होटल, होमस्टे आदि में रहने, खाने तथा दवाइयां की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से हर्षिल क्षेत्र में बन रही झील को जल्द से जल्द खुलवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को एयरलिफ्ट करवाने तथा तत्काल भोजन, दवाइयां तथा कपड़े आदि भेजने के लिए वायु सेना के डप् 17 का सहयोग लेने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो लोग बेघर हो गए हैं उनके रहने के लिए अच्छी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। यदि होटल आदि अधिग्रहित करना पड़े तो उसको तुरंत कर लिया जाए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा से प्रभावित लोगों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े इसका विशेष ध्यान रखा जाए। तत्काल आसपास के क्षेत्र में स्थित होटल तथा स्कूलों में राहत शिविरों की व्यवस्था की जाए। लोगों के लिए खाने-पीने की समुचित व्यवस्था की जाए। बिस्तर कंबल तथा कपड़ों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। खाने के पैकेट एयर ड्रॉप किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी ने अपना परिवार खोया है तो सरकार उसके साथ खड़ी है। सरकार ऐसे सभी लोगों की संरक्षक है और उनके जीवन यापन का पूरा जिम्मा सरकार का है। मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में जिलाधिकारी के रूप में सेवा दे चुके अपर सचिव डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, अभिषेक रोहिल्ला तथा गौरव कुमार को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपर सचिव विनीत कुमार को नोडल अधिकारी की तत्काल तैनाती करते हुए जो उत्तरकाशी में ही रह कर कैंप करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे शासन स्तर से धराली आपदा हेतु नोडल अधिकारी नामित करने की निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल के एमडी से बात कर मंगलवार रात को ही बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

एसडीआरएफ आइटीबीपी तथा अन्य राहत एजेंसियों ने मिलकर लगभग 130 से अधिक लोगों का रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। उन्होंने संचार व्यवस्था को भी मंगलवार रात्रि ही बहाल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पीडब्ल्यूडी/जल संस्थान/ऊर्जा आदि विभाग के अधिकारी वहीं डटे रहें। डॉक्टर्स और दवाई की व्यवस्था की जाए। पोस्टमार्टम आदि की व्यवस्था वहीं मौके पर की जाए। मुख्यमंत्री ने मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बुधवार सुबह ही विभिन्न विभागों के सचिवों की टीम भी धराली हर्षिल के लिए रवाना हो जाएगी।

नेताला में अवरुद्ध मार्ग को रात्रि करीब आठ बजे खोल लिया गया है। मार्ग खुलते ही यहां फंसे जिलाधिकारी उत्तरकाशी और एसपी के साथ ही अन्य राहत और बचाव दल मौके के लिए रवाना हो गए हैं। खाद्य विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की एक टीम बनाकर भी घटनास्थल के लिए रवाना की जा रही है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, डी जीपी दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगौली, पंकज पांडे, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडे, सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तरकाशी धराली आपदाः विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रवाना, अस्पतालों में बेड आरक्षित, चिकित्सकीय अवकाश पर रोक

उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव में सोमवार को बादल फटने से उत्पन्न भीषण आपदा के बाद राज्य सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं, ताकि समय पर पीड़ितों तक सहायता पहुंच सके।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रवाना
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम तत्काल धराली क्षेत्र के लिए रवाना करने के निर्देश दिए हैं। इस टीम में सर्जन, निश्चेतक, फिजीशियन और आर्थाेपेडिक सर्जन शामिल हैं। टीम का संचालन गढ़वाल मंडल के निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को सौंपा गया है, जिन्हें इस आपदा में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

अस्पतालों में बेड आरक्षित, चिकित्सकीय अवकाश पर रोक
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आपदा प्रबंधन के तहत राज्य के सभी प्रमुख चिकित्सालयों को निर्देश दिए गए हैं कि गंभीर रूप से घायल मरीजों के इलाज के लिए बेड आरक्षित रखें। साथ ही, सभी चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। यह सुनिश्चित किया गया है कि अस्पतालों में दवाओं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी न रहे।

108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर
धराली और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन सेवाओं के माध्यम से घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देना, उन्हें निकटतम अस्पतालों तक पहुंचाना और संवेदी वर्गों की प्राथमिक चिकित्सा सुनिश्चित करना प्रमुख उद्देश्य है। आसपास के जनपदों से भी एंबुलेंस सेवाओं का समन्वय कर आपदा क्षेत्र में भेजा गया है।

जिला स्तरीय आपात नियंत्रण कक्ष स्थापित
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि उत्तरकाशी जिले में 24Û7 सक्रिय एक आपात नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। यह नियंत्रण कक्ष राहत और चिकित्सा कार्यों की निरंतर निगरानी करेगा और आवश्यक समन्वय स्थापित करेगा, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा को तत्काल दूर किया जा सके।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय आपदा है, जिसमें हर अधिकारी और कर्मचारी से संवेदनशीलता और तत्परता अपेक्षित है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

धराली गांव में बादल फटा, जन धन के नुकसान की सूचना पर सीएम पीएम और गृहमंत्री ने जताया दुख

उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव में बादल फटने की घटना से हुए जन-धन के नुकसान की सूचना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुःख व्यक्त करते हुए प्रभावितों के प्रति संवेदना प्रकट की है। इस दौरान प्रधानमंत्री व गृह मंत्री ने सीएम से फोन पर घटना की संपूर्ण जानकारी हासिल की। उन्होनंे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ एवं अन्य राहत एजेंसियों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपना दौरा स्थगित कर तत्काल देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं तथा स्थिति की नियमित जानकारी ले रहे हैं ।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित नागरिकों को शीघ्र राहत पहुँचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

सीएम निर्देश पर पौड़ी, बागेश्वर, देहरादून में 9600 राशन कार्ड निरस्त किये गए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश में जिन लोगों ने गलत तरीके से राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य दस्तावेज प्राप्त किए हैं, तथा ऐसे कार्ड बनाने में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारियों द्वारा इस संबंध में कार्यवाही की जा रही है। अब तक जिलाधिकारी पौड़ी, बागेश्वर एवं देहरादून द्वारा निरस्त किए गए अपात्र राशन कार्डों का विवरण उपलब्ध कराया गया है। जिसमें जनपद पौड़ी में राशन कार्ड सत्यापन के अंतर्गत 961 अपात्र कार्डधारकों के राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। जनपद बागेश्वर में 5307 तथा देहरादून में 3332 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड आदि धारकों की सही पहचान करना जरूरी है, ताकि पात्र व्यक्तियों को ही योजनाओं का लाभ अनुमन्य हो सके। इससे प्रदेश में योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में मदद मिलेगी तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जन सुविधायें प्राप्त करने वालों की पहचान हो सकेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलाधिकारियों द्वारा जनपद स्तर पर राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड का सत्यापन अभियान सघनता से संचालित किया जा रहा है।

सरकारी कार्यक्रमों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को उपयोग में लाएंः सीएम

सीएम धामी ने राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों व समारोहों में केवल महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए स्मृति चिन्ह, शॉल व भेंट आदि ही उपयोग में लाने के शासनादेश को जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सभी महिलाओं को ग्रोथ सेन्टर में प्रशिक्षण दिलवाने, महिला स्वयं सहायता समूहो द्वारा तैयार उत्पादों को राज्य के अम्बै्रला ब्राण्ड हॉउस ऑफ हिमालयाज से जोड़ने, सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा बनाए गए उत्पादों की क्वालिटी कण्ट्रोल पर विशेष ध्यान देने तथा उत्पादों की बेहतरीन पैंकेजिंग व मार्केटिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शासन-प्रशासन को राज्य की महिलाओं को लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनाने के विजन के साथ मिशन मोड पर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के बाद उत्तराखंड में दूसरी औद्योगिक क्रांति आई है जिसका लाभ महिला स्वयं सहायता समूह को भी उठाना चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से राज्य के विभिन्न विकास खण्डों में महिला स्वयं सहायता समूहों से वर्चुअल संवाद किया।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रत्येक जनपद की विभिन्न विकासखण्डों के बहुत से महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद करते हुए उनके स्वयं सहायता समूहों द्वारा कौन-कौन से उत्पाद बनाए जा रहे हैं, स्वयं सहायता समूहों को कितना लाभ हो रहा है, हर स्वयं सहायता समूहों से कितनी महिलाएं जुड़ी हैं, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं की आय में कितनी वृद्धि हुई, समूहों में कार्य करने से महिलाओं को क्या लाभ हुआ, महिलाओं द्वारा बनाएं गए उत्पादों की आपूर्ति की क्या स्थिति है, जैसी विस्तृत जानकारी ली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला स्वयं सहायता समूहों से उनके उत्पादों की बिक्री हेतु डिजिटल प्लेटफ्रॉम के उपयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को इस सम्बन्ध में महिला स्वयं सहायता समूहों से सहयोग व सहायता करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाएं ही आर्थिक व सामाजिक क्रान्ति की सबसे बड़ी संवाहक हैं। मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों से एसएचजी के और अधिक विस्तार व महिलाओं को स्वरोजगार में प्रोत्साहन के सम्बन्ध में सरकार को सुझाव देने हेतु भी आमंत्रित किया।

उत्तराखंड में 68 हजार स्वयं सहायता समूहों (SHG) से लगभग 5 लाख से अधिक महिलाएँ जुड़ी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला स्वयं सहायता समूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से हमारी राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रदेश की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें संगठित करने का काम किया है, ताकि उनके जीवन में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और गरिमा का नया अध्याय जुड़ सके। आज राज्य में 68 हजार स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाकर लगभग 5 लाख महिलाएँ संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। आज 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएं सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल पेश कर रही हैं।

मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” ने राज्य में महिला आर्थिक सशक्तिकरण का लिखा नया इतिहास

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने वर्ष 2023 में रक्षाबंधन के पर्व पर स्वयं सहायता समूहों की हमारी बहनों द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” प्रारंभ की थी। जिसके माध्यम से हमारी बहनों ने विभिन्न आयोजनों में 27 हजार से अधिक स्टॉल लगाकर 7 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री करने में सफलता प्राप्त की। इन उत्पादों के प्रभावी विपणन हेतु 13 जनपदों में 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट्स, 17 सरस सेंटर, 3 राज्य स्तरीय विपणन केंद्र तथा 8 बेकरी यूनिट्स का भी संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही, चारधाम यात्रा मार्गों पर भी सैंकड़ों अस्थायी आउटलेट्स के माध्यम से महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री की जा रही हैद्य इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार की श्वन स्टेशन, वन प्रोडक्टश् योजना के अंतर्गत देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री हेतु विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं। हमारी सरकार द्वारा जहां एक ओर हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से हमारे पारम्परिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने का काम भी किया जा रहा हैं।
वहीं, ‘Hilans’ ब्रांड के अंतर्गत हमारी बहनों द्वारा निर्मित उत्पाद प्रदेश में ही नहीं बल्कि प्रदेश के बाहर भी अपनी सशक्त पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की हमारी सभी माताओं और बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि आपका ये भाई, आपका ये बेटा, आपके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी शक्ति, निष्ठा और समर्पण के साथ निरंतर कार्य करता रहेगा।

मुख्यमंत्री धामी का स्वदेशी आग्रह

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी से ये आग्रह भी करना चाहता हूं, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देशवासियों से ये आह्वान किया कि वे स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हमारा संकल्प और भी सशक्त हो सके।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, अपर सचिव सुश्री झरना कमठान एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं 95 विकासखण्डों से विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूह उपस्थित थे।

यदि मातृशक्ति को अवसर, संसाधन और सहयोग मिले तो वो स्वयं के साथ परिवार को भी सशक्त बना सकती हैंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय परिसर में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना अन्तर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम का समस्त 95 विकासखंडो में शुभारम्भ एवं महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा रक्षाबन्धन पर्व हेतु लगाये गये स्टॉलों का अवलोकन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी को विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों ने राखी बाँधी। मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिला स्वयं सहायता समूहों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्वरोजगार, महिला स्वावलंबन, स्थानीय उत्पादों व हस्तशिल्प में किये जा कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य की महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह सिद्ध कर दिया है, कि यदि मातृशक्ति को अवसर, संसाधन और सहयोग मिले तो वो न केवल स्वयं को सशक्त बना सकती है, बल्कि अपने परिवार, समाज और प्रदेश के विकास में भी अहम भूमिका निभा सकती है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आप सभी ने जो आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है, वो उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने का माध्यम बन रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की 1 लाख 63 हजार से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा है। हमारी सरकार ने मातृशक्ति द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री के लिए भी एक सशक्त इकोसिस्टम विकसित किया है, जिसके अंतर्गत जहां एक ओर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग हेतु 49 ग्रोथ सेन्टरों की स्थापना की गई है।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी एवं विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी उद्यमी महिलाये उपस्थित थी।