सीएस ने सिंचाई विभाग को रिस्पना एवं बिंदाल नदियों के पुनर्जीवीकरण की स्थिति पर अपडेट करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने विभिन्न विषयों पर शहरी विकास एवं सिंचाई विभाग के साथ बैठक की।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शहरी विकास विभाग को राज्यभर में मलिन बस्तियों में निवासरत जरूरतमंदों के पुर्नवास हेतु चरणबद्ध कार्ययोजना पर प्रभावी पहल के निर्देश दिए हैं। सीएस ने पहले चरण में शहरी विकास विभाग एवं नगर निगम को देहरादून की मलिन बस्तियों के पुनर्वास के ठोस एवं प्रभावी वर्किंग प्लान पर तत्काल कार्य करने की हिदायत दी है। इसके साथ ही मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सिंचाई विभाग को रिस्पना एवं बिंदाल नदियों के पुनर्जीवीकरण की स्थिति पर अपडेट देने के साथ वर्किंग प्लान पर तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन आज सचिवालय में शहरी विकास एवं सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के साथ मलिन बस्तियों की स्थिति एवं रिस्पना व बिन्दाल के पुनर्जीवीकरण पर समीक्षा कर रहे थे।

मुख्य सचिव ने शहरी विकास विभाग को मलिन बस्तियों की सूचना, चिन्हीकरण की अद्यतन स्थिति, निवासरत लोगों की सूची पर अपडेट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने वांछित सूचना प्राप्ति के बाद मलिन बस्तियों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन की प्रभावी कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने अधिकारियों को स्लम फ्री उत्तराखण्ड के विजन के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि मलिन बस्तियों में रहने वाले परिवारों के जीवन स्तर में सुधार, पुनर्वास एवं पुनरुद्धार पर शीर्ष प्राथमिकता पर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मलिन बस्तियों के विषय को सामाजिक समस्या की तरह देखा जाना चाहिए तथा इस पर पूर्ण संवेदनशीलता एवं मानवीयता से कार्य किया जाना चाहिए।

बैठक में प्रमुख सचिव वन, सचिव शहरी विकास, सिंचाई, स्वास्थ्य, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

डबल इंजन का दमः बीते एक साल में बनी 814 किमी लंबी ग्रामीण सड़कें

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत हाल में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान 814 किमी लंबी सड़कों का निर्माण किया गया। राज्य की प्रगति को देखते हुए भारत सरकार ने योजना के तीसरे चरण में स्वीकृत 09 पुलों के निर्माण के लिए भी बजट जारी कर दिया है।

उत्तराखण्ड राज्य में प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में रू0 900 करोड़ के वित्तीय लक्ष्यों के सापेक्ष लगभग रू0 933 करोड़ की धनराशि व्यय की गई है, जो विगत वर्ष 2023-24 में किये गये व्यय से रू0 133 करोड़ अधिक है। इसी प्रकार भौतिक उपलब्धि में भी वित्तीय वर्ष 2024-25 में 814 किमी लम्बाई में मार्गाे का निर्माण किया गया है, जो वर्ष 2023-24 की उपलब्धि 206 किमी अधिक है। इस बीत गत वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन पीएमजीएसवाई -3 के अन्तर्गत 09 सेतुओं के निर्माण के लिए 40.77 करोड़ की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो गई है।

इधर, विभाग ने पीएमजीएसवाई-4 के तहत 1490 सड़क विहीन बसावटों को चिन्हित कर प्रथम चरण में लगभग 8500 किमी सड़कों निर्माण का सर्वे पूरा करते हुए, डीपीआर पर काम शुरू कर दिया है। विभाग ने कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जारी निर्देशों के अतिरिक्त एक विशेष निरीक्षण एप तैयार किया है। एप के माध्यम से फील्ड अधिकारियों द्वारा किये जाने वाले निरीक्षणों को नियमित रूप से अंकित किया जा रहा है, जिससे उच्चाधिकारियों द्वारा मार्गों की गुणवत्ता का अनुश्रवण करना सुलभ हो गया है। भारत सरकार स्तर पर भी इस पहल की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को इसे अपनाने को कहा है। विदित है कि सड़क विहीन गांवों के लिए केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2000 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना शुरु की गई थी। योजना के प्रथम तीन चरणों में न्यूनतम 500 की आबादी वाले गांवों को सड़कों से जोड़ने का काम करीब-करीब पूरा हो चुका है।

डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के जरिए राज्य की छोटी-छोटी बसावटों को सड़क से जोड़ने का काम किया जा रहा है। हाल के सम्पन्न वित्तीय वर्ष में विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है, अब हम चौथे चरण में शेष बसावटों को बराहमासी सड़क से जोड़ने का काम करेंगे।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

राज्य के श्रमिकों का हित सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में हैः सीएम

राज्य के श्रमिकों का हित सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। जिन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए उत्तराखण्ड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन किया गया है, उनको पूरा करने के लिए स्पष्ट योजना के तहत कार्य किये जाएं। योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए उनको एक छत के नीचे लाया जाए, जिससे सभी पात्रों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। श्रमिकों को प्रदान की जा रही योजनाओं का उन्हें समुचित लाभ मिले। राज्य के श्रमिकों को पहले प्राथमिकता में रखा जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि एक प्रकार की योजना को क्लब कर पात्र को अधिकतम लाभान्वित किया जाए, जिससे योजना प्रभावी रहे और नियमित मॉनिटरिंग भी हो सके। राज्य के संसाधनों का बेहतर उपयोग हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाए । श्रमिकों के बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने और उनको मिलने वाली सुविधाओं से लाभान्वित करने पर भी जोर दिया जाए। श्रमिकों के कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों द्वारा स्पष्ट और सरल भाषा में आम लोगों को जानकारी दी जाय। बैठकों में प्रस्तुत किए जाने वाले पीपीटी में तीन चीजों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए कि अब तक क्या किया है? कोई कार्य नहीं हुआ, तो किस वजह से नहीं हुआ और आगे की क्या योजना है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के सदस्यों ने जो भी सुझाव दिये हैं, उन्हें भविष्य की योजनाओं में शामिल किया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड राज्य से लगभग 30 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें 17 लाख महिला और 13 लाख पुरुष कामगार है। अभी तक 20 लाख श्रमिकों का सत्यापन हो चुका है। 20 लाख सत्यापित कामगारों में 2.5 लाख निर्माण श्रमिक, 17.50 लाख अन्य विभिन्न श्रेणियों के कामगार है। श्रम विभाग द्वारा ई श्रम पोर्टल के 15 पंजीकृत कामगारों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से लाभान्वित किया गया है। जिसमें रुपए 02 लाख दुर्घटना बीमा के रूप में दिया जाता है। पीएम श्रम योगी मानधन योजना में 39 हजार 567 पंजीकृत कामगार है जिसमें 20 हजार 509 महिला और 19 हजार 58 पुरुष कामगार है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, सचिव नीतेश झा, सचिन कुर्वे, डा पंकज कुमार पांडेय, बृजेश कुमार संत, वी. षणमुगम, सी रविशंकर, आयुक्त श्रम दीप्ति सिंह ,बोर्ड के सदस्य और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

केंद्र सरकार ने स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल एक्सपेंडिचर के तहत मंजूर किया बजट

केंद्र सरकार ने देहरादून और नैनीताल में विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल एक्सपेंडिचर के तहत 164.67 करोड़ मंजूर किए हैं।
केंद्र सरकार की ओर से जिन विकास कार्यों के लिए बजट मंजूर किया गया है। उसमें मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के अधीन रामजीवाला (मियांवाला) में तालाब और पार्क निर्माण के लिए 828.27 लाख रुपए, डिफेंस कॉलोनी में गौरा देवी पार्क निर्माण के लिए 672.57 लाख रुपए, तहसील चौक पर मल्टीलेबल कार पार्किंग और ऑफिस स्पेश बिल्डिंग के लिए 13441.85 लाख रुपए, ऋषिकेश में मल्टीलेबल कार पार्किंग के लिए 12560.70 लाख रुपए, कारगी चौक के पास आढ़त बाजार निर्माण के लिए 12150.38 लाख रुपए, रायपुर के पास मालदेवता रोड पर जलस्रोत सौंदर्यीकरण के लिए 404.85 लाख रुपए, गढ़ी कैंट में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 1215.36 लाख रुपए शामिल है। इसी तरह जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण नैनीताल के अधीन शेर का डांडा में ड्रैनेज और सड़क निर्माण के लिए 1241.59 लाख रुपए और नैनीताल शहर के अंदर सड़क और ड्रैनेज कार्य के लिए 621.10 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

बड़ी परियोजनाओं के लिए लगातार केंद्र सरकार का सहयोग मिल रहा है। देहरादून और नैनीताल के लिए प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों के लिए बजट मंजूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का विशेष आभार।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

पीएम ने पत्र लिखकर धामी को कर्मठ और ऊर्जावान बताते हुए कहा ये तीन साल राज्य के उत्थान में बड़ी उपलब्धि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के तीन साल के सफल कार्यकाल पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

अपने बधाई संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि उत्तराखंड के कर्मठ और ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के ये तीन वर्ष सेवा, सुशासन और विकास के रूप में समर्पित रहे हैं, जो राज्य के उत्थान में एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि अपनी विरासत पर गर्व के भाव के साथ आगे बढ़ता हुआ उत्तराखंड आज विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। आज से 25 वर्ष पूर्व जिस विकास और पहचान को स्थापित करने के लिए उत्तराखंड का गठन हुआ था, आज राज्य उस दिशा में तेजी से अग्रसर है।

इसके लिए एक ठोस कार्य योजना के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, परिवहन एवं पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

उत्तराखंड का दशक साबित होगा

प्रधानमंत्री ने प्रदेशवासियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड अपने आप में असीम संभावनाओं को समेटे हुए है। यहां की पराक्रमी और परिश्रमी जनता में वह सामर्थ्य है कि वे अपने प्रयासों से राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक लेकर जा सकें। मुझे पूरा विश्वास है कि जनशक्ति से यह दशक उत्तराखंड का होगा, जिसमें प्रदेश विकास के नए कीर्तिमान गढ़ेगा। इस नई पहचान के साथ उत्तराखंड आजादी के अमृत काल में विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।

ष्प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हमेशा उत्तराखंड के हितों के लिए चिंतनशील रहते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड लगातार विकास के नए आयाम छू रहा है। प्रधानमंत्री का यह संदेश हमें और भी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

उत्तराखंडः हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधमसिंह नगर जिले के कई स्थानों के नाम होंगे परिवर्तन

मुख्यमंत्री धामी द्वारा आज एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए जनपद हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर में स्थित विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन जन भावना और भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप किया जा रहा है। जिससे लोग भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ले सके।

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार,

हरिद्वार जनपद में औरंगजेबपुर का शिवाजी नगर, गाजीवाली का आर्य नगर, चांदपुर का ज्योतिबा फुले नगर, मोहम्मदपुर जट का मोहनपुर जट, खानपुर कुर्सली का अंबेडकर नगर, इंदरीशपुर का नंदपुर, खानपुर का श्री कृष्णपुर, अकबरपुर फाजलपुर का नाम विजयनगर किया जाना है।

देहरादून जनपद में मियांवाला का रामजी वाला, पीरवाला का केसरी नगर, चांदपुर खुर्द का पृथ्वीराज नगर, अब्दुल्ला नगर का नाम दक्ष नगर किया जाएगा।

जनपद नैनीताल में नवाबी रोड़ का अटल मार्ग, पनचक्की से आईटीआई मार्ग का नाम गुरु गोवलकर मार्ग किया जाएगा।

उधमसिंह नगर में नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम बदलकर कौशल्या पुरी किये जाने की घोषणा की गई है।

मिलावटी आटा खाकर बीमार प्रकरण में सीएम ने सख्त, मुख्य सप्लायर और दुकानदारों पर केस दर्ज

नवरात्र के दौरान देहरादून में कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने से 100 से भी अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग से प्रभावित हुए। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि सभी मरीजों की हालत स्थिर है और अगले 24 घंटे में अधिकांश मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत के निर्देशों के बाद खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने राज्य के सीमावर्ती इलाकों के साथ देहरादून और आसपास के इलाकों में दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों में ताबड़तोड़ छापेमारी चलाया गया। जिसमें एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमें दर्ज कराये गये हैं।

कुट्टू का आटा सप्लायर का गोदाम सील, केस दर्ज
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा आज सुबह सूचना मिली कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज और कोरोनेशन अस्पताल में मरीज भर्ती किए गए हैं। मरीजों के परिजनों से पूछताछ करने पर पता चला कि इन सभी ने कुट्टू के आटे से बनी सामग्री का सेवन किया था, जिसके बाद उन्हें फूड पॉइजनिंग के गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे। जांच के दौरान पाया कि मरीजों के परिवारों ने अलग-अलग दुकानों से कुट्टू का आटा खरीदा था, लेकिन सभी आटे का स्रोत सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) और विकासनगर (देहरादून) से जुड़ा हुआ था।

मुख्य सप्लायर और जिम्मेदार दुकानदारों की पहचान
जांच में सामने आया कि कुट्टू के आटे की आपूर्ति निम्नलिखित प्रतिष्ठानों द्वारा की गई थी:
1. मेसर्स गोविंद सहाय शंकर लाल – यह प्रतिष्ठान सहारनपुर (उ.प्र.) से कुट्टू का आटा सप्लाई कर रहा था।
2. विकास गोयल चक्की – यह चक्की मोग्गंज जामा मस्जिद के पास, थाना कोतवाली शहर, सहारनपुर (उ.प्र.) में स्थित है, जहां कुट्टू का आटा पिसा गया था।
3. Laxmi Trading, Sangam Vihar, Bhojwala Road, Vikasnagar, Dehradun – यह प्रतिष्ठान देहरादून में कुट्टू के आटे का मुख्य वितरक था। इसका गोदाम मेट्याला अकबरी मस्जिद, देहरादून के पास स्थित है।

मुख्य संचालक :
शीशपाल चीतान पुत्र शोभा राम–Laxmi Trading, विकासनगर, देहरादून

खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
जांच में पाया गया कि FSSAI (भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण) के निर्देशों और गाइडलाइन्स के विपरीत इन प्रतिष्ठानों ने मिलावटी कुट्टू का आटा सप्लाई किया था, जिससे 84 लोगों की जान जोखिम में पड़ गई।

एफआईआर दर्ज, सैंपल लिए गए और गोदाम सील

घटना की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई की:
मुख्य सप्लायर Laxmi Trading के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
गोदाम को सील कर दिया गया।
संदिग्ध कुट्टू के आटे के नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया।
सहारनपुर स्थित चक्की और दुकान की भी जांच की जा रही है।
आगामी दिनों में अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी।

यूपी के फूड कमिश्नर को पत्र
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि खाद्य विभाग लगातार तीन महीने वस्तुओं के सैंपल ले रहा था और छापेमारी अभियान भी चला रहा था। इस संबंध में यूपी के फूड कमिश्नर को भी 15 दिन पहले एक पत्र लिखा था कि मिलावटखोरों पर कार्रवाई करें क्योंकि अधिकांश मिलावटी उत्पाद यूपी से उत्तराखंड आते हैं।

टोल फ्री नंबर 1800-180-4246 पर दर्ज कराएं शिकायत
खाद्य आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि जिला अभिहीत अधिकारी मनीेष सिंह की ओर से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि खुले या संदिग्ध कुट्टू के आटे का सेवन न करें। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर ही खरीदारी करें। कुट्टू का आटा खरीदते समय प्रमाणित दुकानों से ही खरीदें। यदि किसी खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद अस्वस्थ महसूस करें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। मिलावटी आटे की जानकारी टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-4246 पर दें।

24 घंटे में अधिकांश मरीजों को अस्पताल से छुट्टी
स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) डॉ. आर राजेश कुमार ने दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल का दौरा किया और मरीजों का हाल-चाल जाना। उन्होंने फूड पॉइजनिंग से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी और चिकित्सकों को बेहतर इलाज और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि अनावश्यक रूप से मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर न किया जाए। स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि सभी मरीजों की हालत स्थिर है और अगले 24 घंटे में अधिकांश मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने किया पदभार ग्रहण

नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय स्थित मुख्य सचिव कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन को पदभार सौंपा। इस अवसर पर नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि सरकार की नीतियों का राज्य के विकास में सफलतापूर्वक क्रियान्वयन करना प्रशासन की प्राथमिकता है। आजीविका, रोजगार, कौशल विकास व रिवर्स माइग्रेशन भी प्रमुख प्राथमिकताओं में है।

आजीविका के नए-नए अवसरो पर काम करना तथा इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना राज्य की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शहरीकरण तथा राज्य का स्वास्थ्य क्षेत्र भी एक बड़ी चुनौती है। हमें शहरों को बेहतर बनाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए निरंतर कार्य करना होगा। इसके साथ ही जल संरक्षण भी एक बड़ा मुद्दा है, जल संकट का सामना पूरी दुनिया कर रही है। इन मुख्य मुद्दों पर आम नागरिक के हित में धरातल पर प्रभावी कार्य करने की जरूरत है।

राज्य की वित्तीय स्थिति पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि हमें नए संसाधनों की खोज तथा वर्तमान संसाधनों को बढ़ाने पर निरंतर कार्य करना होगा।

इस अवसर पर सचिवालय के सभी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

परिवहन विभाग में नियुक्त आठ अभ्यर्थियों को मिला सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में परिवहन विभाग के अन्तर्गत सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) पद पर नियुक्त 08 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह आपके जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव चयनित अभ्यर्थी अपने कार्यक्षेत्र में नवाचार करेंगे और परिवहन विभाग में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। राज्य में परिवहन के क्षेत्र में बहुत चुनौतियां हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वाहनों की फिटनेस जाँच, मोटर वाहन अधिनियम और नियमों के पालन कराने और सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों में सम्भागीय निरीक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, ऐसे में सड़क सुरक्षा और वाहनों की फिटनेस से संबंधित कार्यों में परिवहन विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
इस अवसर पर सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत, अपर सचिव परिवहन एवं प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड परिवहन निगम रीना जोशी एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीनारायण घाट रुड़की में किया मां गंगा आरती का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में लक्ष्मीनारायण मंदिर, उत्तरी गंगनहर स्थित लक्ष्मीनारायण घाट पर आयोजित मां गंगा आरती का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने पूर्ण विधि विधान के साथ नवसंवत्सर चौत्र नवरात्रि के अवसर पर मां गंगा की आरती के शुभारंभ को मां गंगा के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां गंगा का उद्गम क्षेत्र होने के नाते गंगा की पावनता के प्रति भी हम सबको समेकित प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर विधायक प्रदीप बत्रा के साथ ही मंदिर समिति के सदस्य एवं स्थानीय जनता उपस्थित थी।