सीएम ने विश्व प्रसिद्ध महासू महाराज के दर्शन कर विकास योजनाओं का लिया फीडबैक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हनोल स्थित विश्व प्रसिद्ध महासू महाराज एवं बाशिक महाराज महेंद्रथ में पूजा अर्चना कर प्रदेश में खुशहाली तरक्की एवं प्रगति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर का भ्रमण किया एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात कर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं का फीडबैक लिया।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय ग्रामवासियों से महासू महाराज मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण के संबध में भी सुझाव लिए। उन्होंने कहा स्थानीय जनता की भावनाओं के अनुरूप ही मंदिर का पुनर्विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने महासू मंदिर परिसर में महासू महाराज, पवासी महाराज, बशीक महाराज के मंदिर मास्टर प्लान लेआउट का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा हमने महासू महाराज के परिसर को भव्य और दिव्य बनाना है। जिससे आने वाले समय में देश भर से यहां श्रद्धालु आसानी से पहुंच सके। उन्होंने कहा महासू देवता का मंदिर हमारी आस्था का बड़ा केंद्र है। महासू महाराज की महिमा को जन जन तक पहुंचाना भी हमारा कर्तव्य है।

हनोल में रात्रि विश्राम करेंगे मुख्यमंत्री
प्रसिद्ध महासू महाराज के दर्शन करने पहुंचे मुख्यमंत्री हनोल में ही रात्रि विश्राम करेंगे। मुख्यमंत्री इस दौरान हनोल क्षेत्र के लोगों से मिलकर उनकी जन समस्याएं सुनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा हनोल क्षेत्र सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ है। यहां आकर मन को शांति मिलती है। उन्होंने कहा यह स्थान हमारी देवभूमि का प्रमुख एवं पवित्र स्थान है। इसका विकास करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार हनोल क्षेत्र में होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए भी कार्य करेगी। जिससे यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा हमने जौनसार बावर की संस्कृति का भी व्यापक प्रचार प्रसार करना है। उन्होंने कहा आने वाले समय में राज्य सरकार महासू महाराज मंदिर के साथ ही हनोल क्षेत्र में अन्य मंदिरों का भी चरणबद्ध तरीके से विकास करेगी।

सीएम धामी ने त्यूनी में आयोजित मुख्य सेवक संवाद-आपके द्वार’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्यूनी जौनसार-बावर, देहरादून में आयोजित मुख्य सेवक संवाद-आपके द्वार’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिलाओं को किट वितरित की।

मुख्यमंत्री ने महासू महाराज की पवित्र भूमि को नमन करते हुए कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें, टोंस की तट पर स्थित आध्यात्मिक चेतना विशिष्ट परंपराओं की भूमि में आने का मौका मिला। उन्होंने कहा 2022 विधानसभा परिणाम से पहले उन्होंने मासूम महाराज के दर्शन किए थे। ऐसे धाम में कोई भी देवों की इच्छा के बिना नहीं आ सकता है। उन्होंने कहा वो स्वयं महाजू महाराज के अनन्य भक्त हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने जौनसार बाबर में विभिन्न विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया है। इस क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को विश्व पटल पर एक नई पहचान दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य आरंभ किए गए हैं। महासू महाराज मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण के लिए 120 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मास्टर प्लान के बाद यहां तीर्थाटन और रोजगार बढ़ेंगे। राज्य सरकार विकास के साथ विरासत को भी आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा हनोल के मास्टर प्लान पर जिस प्रकार की आवश्यकता है, उसे विस्तार दिया जाएगा। अभी इस मास्टर प्लान की शुरुआत है। हनोल मास्टर प्लान से इस क्षेत्र में बहुत बड़ी समृद्धि आने वाली है। प्रधानमंत्री जी की भी प्राथमिकता में यह पूरा क्षेत्र है। भविष्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस क्षेत्र में आएंगे जिससे यहां रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा केदारखंड, मानसखण्ड में श्रद्धालुओं की निरंतर संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार विकासनगर में यमुना धाम और हरीपुर नगर बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा सत्र में कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा लंबे समय से हमारी जमीन और संसाधनों से छेड़छाड़ हो रही थी। कई लोग हमारी डेमोग्राफी को खराब और मूल अस्तित्व से छेड़छाड़ कर रहे थे। इस बार राज्य सरकार ने विधानसभा में जनता की मांग, और जनभावनाओं के अनुरूप सशक्त भू सुधार कानून को लागू किया है। उन्होंने कहा हमने जो वचन उत्तराखंड की देवतुल्य जनता से किया वो सारे वचन पूरे किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारा राज्य, पूरे देश में अनेकों विषयों पर चर्चाओं में है। देश के अग्रणी राज्य में हमारे राज्य का नाम है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड प्रथम स्थान पर आया है। बेरोजगारी दर में बीते एक साल में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। कर्तव्य पथ पर भी राज्य की झांकियां कभी पहले स्थान पर तो कभी टॉप 3 पर रहती हैं। ईज ऑफ डूइंग, स्टार्टअप, नवाचार हर क्षेत्र में हमारा राज्य आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा राज्यभर में होने वाले कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने वाली अधिकांश हमारी बहनें होती हैं, जो मातृ शक्ति का प्रतीक है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश के अंदर 1 लाख लखपति दीदी बनाई गई हैं। हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के तहत हम महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को भी बढ़ावा दे रहे हैं। राज्य की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की मांग देश और दुनिया में हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य की महिलाएं आशा की बड़ी किरण है। हमारा लक्ष्य तय है, दिशा स्पष्ट है और हम लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम से 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। जिस लक्ष्य को पाने के लिए हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। और इस लक्ष्य को पाने में सबसे बड़ा योगदान हमारी माताओं बहनों का होगा। महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे उत्पाद राज्य के लिए गेमचौंजर साबित होंगे एवं राज्य को समृद्धि प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड का जिक्र करते हुए हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रीय खेलों के आयोजन हेतु राज्य की प्रशंसा की है। प्रधानमंत्री मोदी के ह्रदय में उत्तराखंड बसता है। 38वें राष्ट्रीय खेलों ने देवभूमि को खेल भूमि के रूप में स्थापित किया है। राज्य सरकार प्रवासियों का सम्मेलन कर उन्हें सम्मानित का रही है। उन्होंने कहा राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हो गई है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, 100 से ज्यादा नकल माफियाओं को जेल में भेजा है। बीते 3 सालों में बीस हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं। प्रदेश सरकार हर क्षेत्र में विकास कार्यों को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने कहा आराकोट से लेकर अस्कोट तक, नीति से लेकर माणा तक, चकराता से लेकर गूंजी तक, राज्य का समेकित रूप से विकास होगा।

इस अवसर पर विधायक विकासनगर मुन्ना सिंह चौहान, विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, जिला पंचायत सदस्य मठोर सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल, पूर्व एस.टी आयोग अध्यक्ष मूरत राम शर्मा, सचिव रणवीर सिंह चौहान, जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मंडल अध्यक्ष नीरज शर्मा, प्रधान राजा राम शर्मा, प्रताप सिंह रावत, एसडीएम कालसी गौरी प्रभात, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी ने पीएम के मन की बात के 119वें संस्करण को सुना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जगतगुरु आश्रम, हरिद्वार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का 119 वां संस्करण सुना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम पूरे देश वासियों को एक नई प्रेरणा देता है। मन की बात से सभी में नया प्रोत्साहन एवं उत्साहवर्धन होता है। देश के सामूहिक प्रयासों, युवा सपनों और नागरिकों की आकांक्षाओं की बात को प्रधानमंत्री सबसे साझा कर, बेहतर कार्यों के लिए देशवासियों को प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बारे में देश व दुनिया को मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन उत्तराखंड के भिन्न-भिन्न स्थानों पर आयोजित किए गए। उत्तराखंड के 11 स्थान पर इन खेलों का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है। जिसमें राफ्टिंग की प्रतियोगिता शारदा और काली नदी में दिन के बजाय रात्रि में सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। उन्होंने कहा कि 38 वें राष्ट्रीय खेल राज्य की खेल प्रतिभाओं के लिए बहुत बड़ा अवसर था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि, वीर भूमि के साथ अब खेल भूमि के रूप में स्थापित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जहां 37वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का स्थान 25वे नंबर पर था वहीं 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का स्थान सातवें नंबर पर होना गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में देश भर से आए सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने मन की बात कार्यक्रम में उत्तराखंड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों की बात करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

उत्तराखंड के डॉ मायाराम उनियाल को प्रतिष्ठित धनवंतरी पुरस्कार, प्रकृति परीक्षण अभियान में सराहना

आयुष के बडे़ फलक पर उत्तराखंड की चमक बिखरी है। पहाड़ के लाल और देश के जाने-माने आयुर्वेद, जड़ी-बूटी विशेषज्ञ डॉ मायाराम उनियाल को केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने प्रतिष्ठित धन्वंतरी पुरस्कार प्रदान किया है। देशभर के सिर्फ तीन विशेषज्ञों को यह पुरस्कार दिया गया है। दूसरी तरफ, आयुष मंत्रालय के बेहद महत्वपूर्ण प्रकृति परीक्षण अभियान के पहले चरण में उत्तराखंड को उसके प्रयासों के लिए सराहना मिली है। पूरे प्रदेश में डेढ़ लाख लोगों का प्रकृति परीक्षण किया गया है।

मुंबई में आयुष मंत्री ने किया डॉ उनियाल का सम्मान

केंद्रीय आयुष मंत्रालय की ओर से 20 फरवरी को मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में डॉ मायाराम उनियाल को यह पुरस्कार दिया गया। केंद्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने प्रताप राव जाधव ने डॉ उनियाल के साथ ही आयुर्वेद विशेषज्ञ प्रताप डॉ ताराचंद व डॉ जमदग्नि को धनवंतरी पुरस्कार प्रदान किया। इस पुरस्कार के अंतर्गत विशेषज्ञों को पांच-पांच लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई है। डॉ उनियाल को इससे पहले, आयुष मंत्रालय की ओर से प्रतिष्ठित लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार भी दिया जा चुका है। उन्होंने आयुर्वेद, जड़ी-बूटी के क्षेत्र में कई शोध किए हैं। डॉ उनियाल का कहना है कि जब से प्रधानमंत्री की कुर्सी पर नरेंद्र मोदी आसीन हुए हैं, तब से आयुष क्षेत्र ने गति पकड़ी है। उन्होंने कहा कि आयुष के क्षेत्र में उत्तराखंड तमाम संभावनाओं से भरा हुआ है।

उत्तराखंड में डेढ़ लाख लोगों का प्रकृति परीक्षण

केंद्रीय आयुष मंत्रालय के बेहद महत्वपूर्ण प्रकृति परीक्षण अभियान के पहले चरण में उत्तराखंड में डेढ़ लाख लोगों का प्रकृति परीक्षण किया गया है। इस अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया था। इस अभियान के तहत उत्तरकाशी के महीडांडा जैसे सीमांत इलाके में स्थित आईटीबीपी की पोस्ट तक भी आयुष टीम पहुंची और जवानों का प्रकृति परीक्षण किया। राज्य समन्वयक डॉ जेएन नौटियाल के अनुसार-विपरीत भौगोलिक स्थितियों के बावजूद डेढ़ लाख लोगों का उत्तराखंड में प्रकृति परीक्षण किया गया है। इसकी सराहना हुई है। उत्तराखंड समेत सभी राज्यों के समन्वयकों को मंत्रालय के स्तर पर सम्मानित किया गया है।

देश ने पार किया एक करोड़ का निर्धारित लक्ष्य
प्रकृति परीक्षण अभियान में पूरे देश में एक करोड़ लोगों के प्रकृति परीक्षण का लक्ष्य रखा गया था। लक्ष्य से ज्यादा एक करोड़ 29 लाख लोगों का प्रकृति परीक्षण किया गया है। इस अभियान में केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने एक पोर्टल लॉच किया है, जिसमें रजिस्ट्रेशन कराने के बाद संबंधित व्यक्ति से बातचीत के आधार पर उसकी प्रकृति का निर्धारण किया जा रहा है। वात, कफ व पित्त की स्थिति का आंकलन करके संबंधित व्यक्ति की प्रकृति उसे बताई जा रही है। इसके साथ ही, आयुर्वेद चिकित्सक संबंधित व्यक्ति को उसकी प्रकृति के अनुरूप आहार-विहार का परामर्श दे रहे हैं।

देश के प्रकृति परीक्षण अभियान में लक्ष्य से ज्यादा लोगों का परीक्षण किया गया है और कई कीर्तिमान बने हैं। कठिन भौगोलिक स्थितियों वाले उत्तराखंड राज्य ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए अच्छे प्रयास किए हैं। इस अभियान का दूसरा चरण गतिमान है। लोगों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए यह अभियान उपयोगी साबित होगा।
डॉ आशुतोष गुप्ता, सचिव देश का प्रकृति परीक्षण अभियान।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आयुष के क्षेत्र में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। देश के प्रकृति परीक्षण अभियान को पहले चरण में मिली सफलता उत्साहित करने वाली है। इससे लोगों का जीवन निरोगी व स्वस्थ होगा। मैं इस अभियान से जुड़े समस्त लोगों और पुरस्कृत होने वाले विशेषज्ञों को हार्दिक बधाई देता हूं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सीएम ने रिस्पना और बिंदाल कॉरिडोर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि रिस्पना और बिंदाल कॉरिडोर का कार्य जल्द शुरू किया जाए। देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर को एक्सप्रेसवे से जोड़ते हुए केन्द्र से सहयोग का अनुरोध करने और स्टेट सेक्टर से शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये हैं। देहरादून में आबादी और वाहनों की संख्या में तेजी से हो रही वृद्धि, पर्यटकों की संख्या में हो रही वृद्धि और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यातायात में संभावित वृद्धि के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर का कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिये हैं।

रिस्पना नदी के तल पर 11 किलोमीटर और बिंदाल नदी के तल पर 15 किलोमीटर लंबे चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य होना है। इन नदियों के अन्दर स्थित जन सेवाओं विद्युत लाइन, हाई टेंशन लाइन, सीवर लाइन का नदी से बाहर विस्थापन होना है। एलिवेटेड रोड के साथ नदी के दोनों किनारों पर रिटेनिंग वाल और निर्माण और बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने सभी रेखीय विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि आबादी और वाहनों की वृद्धि के दृष्टिगत राज्य के अन्य शहरों के लिए भी सुनियोजित प्लान पर कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि राज्य में जो भी विकास के कार्य किये जा रहे हैं, उनका आउटपुट धरातल पर दिखे। कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा आगामी राजजात यात्रा के लिए भी तैयारी शुरू की जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि यूआईआईडीबी, देहरादून एलिवेटेड रोड, गढ़वाल और कुमांऊ की कनेटिविटी के कार्यों, मानसखखण्ड मंदिर माला मिशन, आगामी नंदा राजजात की तैयारियों नियमित समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री भी समय-समय पर इनकी समीक्षा करेंगे।

बैठक में राज्य अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, वी. षणमुगम, एस.एन. पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, रणवीर सिंह चौहान, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, एसएसपी देहरादून अजय सिंह,नगर आयुक्त नमामि बंसल एवं सबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

पुस्तक ‘भारतीय हिमालय क्षेत्र एक सतत भविष्य की ओर’ का हुआ विमोचन

नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, अल्मोड़ा और अन्तरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केन्द्र के साथ राजपुर रोड स्थित होटल में ‘स्प्रिंगशेड प्रबंधन एवं जलवायु अनुकूलनः भारतीय हिमालयी क्षेत्र में सतत विकास के लिए रणनीतियां विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हे.न. बहुगुणा विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल द्वारा लिखित पुस्तक ‘भारतीय हिमालय क्षेत्र एक सतत भविष्य की ओर’ का विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करते हुए कहा कि इस कार्यशाला से जहां भारतीय हिमालयी क्षेत्र में जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों को बल मिलेगा, वहीं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए कार्ययोजना बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्प्रिंग शेड मैनेजमेंट और जलवायु संरक्षण की दिशा में प्राथमिकता से कार्य कर रही है। पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता बनाये रखने के लिए इकोनॉमी और इकोलॉजी के बीच समन्वय बनाकर कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में जी.डी.पी की तर्ज पर जी.ई.पी इंडेक्स तैयार कर जल, वन, भूमि और पर्वतों के पर्यावरणीय योगदान के आकलन के प्रयास किये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का एक महत्वपूर्ण वाटर टावर भी है। यहां के ग्लेशियर पानी के अविरल स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिकी संकट से समस्याओं के समाधान के लिए राज्य में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य में ‘स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी’ का गठन किया गया है। इसके तहत 5500 जमीनी जलीय स्रोतों तथा 292 सहायक नदियों का चिन्हीकरण कर उपचार किया जा रहा है। हरेला पर्व पर राज्य में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। अमृत सरोवर योजना के तहत राज्य में 1092 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना के तहत पिडंर को कोसी, गगास, गोमती और गरूड़ नदी से जोड़ने का अनुरोध नीति आयोग से किया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देश के पर्वतीय क्षेत्रों के प्राकृतिक जल स्रोतों के वैज्ञानिक पुनर्जीवीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

उपाध्यक्ष नीति आयोग सुमन के. बेरी ने हिमालयी राज्यों में खाली हो रहे गांवों को फिर से पुनर्जीवन दिए जाने के लिए बाहर बस गए लोगों को अपने गांवों में वापस लाने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने इसके लिए वाईब्रेंट विलेज योजना को गंभीरता से लेते हुए, ऐसे गांवों में रोजगार और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की बात कही। उन्होंने नीति आयोग के अध्यक्ष एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए विज्ञान, सामुदायिक सहभागिता एवं महिलाओं को सशक्तिकरण पर विशेष बल दिए जाने की बात कही। इसके लिए उन्होंने ब्रॉडबैंड सेवा के विस्तार, इन्टरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाये जाने पर बल दिया।

सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक जल स्रोतों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उत्तराखण्ड की परंपरा में जल स्रोतों को पवित्र माना जाता है और इनकी पूजा की जाती है। जल के महत्व को ध्यान में रखते हुए इसके संरक्षण के लिए सबको सामुहिक प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. सारस्वत, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, नीति आयोग के सलाहकार सुरेन्द्र मेहरा, प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन, उप निदेशक आईसीआईएमओडी इजाबेल, निदेशक एनआईएचई प्रो. सुनील नौटियाल उपस्थित थे।

महाकुंभ खबरः उत्तराखंड परिवहन निगम के बस स्टाफ की बदौलत बच पाई चार युवतियों की जान

दून से प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के लिए गई चार युवतियों की जान उत्तराखंड परिवहन निगम के बस स्टाफ और उत्तर प्रदेश पुलिस की सक्रियता के चलते सुरक्षित बच गई। दरअसल, इन चारों युवतियों ने महाकुंभ के बेला कछार बस अड्डे से परिवहन निगम की वोल्वो बस पकड़ने के लिए दो रैपिडो बाइक बुक की थी, लेकिन बाइक सवार युवक उन्हें संदिग्ध स्थान ले गए।
निर्धारित समय पर न पहुंचने पर परिचालक ने फोन पर जब युवतियों से सम्पर्क किया, तो युवतियों ने खुद को असुरक्षित बताया। परिचालक व चालक ने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित कर युवतियों के मोबाइल नम्बर उपलब्ध कराया। पुलिस ने सर्विलांस के माध्यम से सभी युवतियों को सकुशल बरामद कर लिया। दोनों बाइक सवार युवकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

261 संस्कृत विद्यार्थियों को सीएम ने वितरित की छात्रवृत्ति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रम में संस्कृत शिक्षा से जुड़े हुए 261 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। उन्होंने संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान में 2024- 25 हेतु 10 वीं और 12 वीं के कुल 24 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः रु 5100, रु 4100 और रु 3100 रुपए की धनराशि दी गई। डॉ भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति- जनजाति संस्कृत छात्रवृत्ति योजना 2024 – 25 हेतु कुल 148 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इसी प्रकार से मुख्यमंत्री ने गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना 2024- 25 के अंतर्गत कुल 89 छात्राओं को सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्कृत शिक्षा के छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। कहा कि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के माध्यम से संस्कृत विद्यालयों में अध्यनरत बालिकाओं के प्रोत्साहन हेतु प्रथम बार गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ किया गया है। जिसके अंतर्गत संस्कृत विद्यालय में अध्यनरत सभी वर्गों की बालिकाओं को 3012 रुपए वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। डॉ भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 3012 रु वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।

संस्कृत शिक्षा के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने के लिए संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान योजना संचालित की जा रही है। जिसके तहत हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में संस्कृत शिक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले तीन-तीन विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने पर क्रमशः 5100, 4100 और 3100 रुपए की धनराशि प्रदान की जा रही है। कहा कि प्रदेश के 13 जनपदों में 13 संस्कृत ग्राम विकसित करने के लिए सरकार कार्य कर रही है। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार के माध्यम से सरकार प्रतिवर्ष अखिल भारतीय शोध सम्मेलन, अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन, अखिल भारतीय वेद सम्मेलन, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, संस्कृत शिक्षा कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यशाला, संस्कृत छात्र प्रतियोगिता आदि विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर देव भाषा संस्कृत के प्रचार – प्रसार हेतु निरंतर प्रयत्नशील है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी प्राचीन मौलिक विरासत और संस्कृति के उत्थान के तौर से गुजर रहा है। भारत के प्राचीन वैभव और गौरव को प्रदर्शित करने वाली पहचान और प्रतीकों का संरक्षण और संवर्धन हो रहा है। उत्तराखंड भी हर दिशा में नवाचार के दौर से गुजर रहा है। उत्तराखंड में स्थानीय स्तर पर लिए जाने वाले निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर भी मार्गदर्शन का कार्य कर रहे हैं। विकास के नित नए आयाम स्थापित किया जा रहे हैं। कहा कि उत्तराखंड के प्रवासी भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि उनके पूर्वजों की देवभूमि तेजी से उन्नति के दौर से गुजर रही है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सरिता कपूर, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार गैरोला, निदेशक संस्कृत शिक्षा आनंद भारद्वाज आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डीएम चमोली से गैरसैंण विकास कार्याे की समय पर कर रहे समीक्षा

ग्रीष्मकालीन राजधानी परिक्षेत्र का स्थाई विकास करना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता में शामिल है। विगत नवंबर माह में मुख्यमंत्री ने गैरसैंण का दौरा करते हुए जिलाधिकारी चमोली सहित जनपद के तमाम विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक करते हुए राजधानी परिक्षेत्र के ढांचागत विकास पर जोर दिया था और जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैंण का स्थाई विकास कर पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने और बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने सारकोट गांव को गोद लेकर एक आदर्श ग्राम बनाने की घोषणा भी की थी। जिसके बाद राजधानी परिक्षेत्र में तेजी से विकास कार्य होने लगे है। ग्रीष्मकालीन राजधानी के विकास को लेकर मुख्यमंत्री गंभीर है और चमोली के जिलाधिकारी के साथ विकास कार्याे की नियमित समीक्षा भी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने सभी विभागों की योजनाओं को एकीकृत करते हुए राजधानी परिक्षेत्र में विकास कार्याे को रफ्तार देने में जुटे है। मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीक़े से काम चल रहा है। कृषि और उद्यान विभाग के माध्यम से गांव में पालिहाउस लगाकर यूरोपियन वेजिटेबल उत्पादन को बढावा दिया जा रहा है। गांव में मशरूम हार्वेस्टिंग के लिए मशरूम टनल लगाना की भी योजना है। गांव में मशाला चक्की लगाने के साथ डेयरी पर काम शुरू किया गया है। स्वास्थ्य जांच के लिए गांव में नियमित शिविर लगाए जा रहे है। सारकोट गांव में उरेडा के माध्यम से 10 सोलर लाइट लगाकर गांव को रोशन किया गया है। गांव में ही रोजगार मिलने से ग्रामीणों में उत्साह है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर मशरूम उत्पादन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गैरसैंण ब्लाक के आदिबद्री, खेती, मालसी और थापली गांव का चयन करते हुए यहां पर किसानों को शतप्रतिशत अनुदान देकर मशरूम टनल बनाई गई और किसानों मशरुम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। जिससे किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ हो रही है। मशरूम उत्पादन में अच्छा मुनाफा पाकर राजधानी क्षेत्र के अन्य गांवों से भी किसान लगातार मशरूम हार्वेस्टिंग की डिमांड कर रहे है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर पूरे राजधानी क्षेत्र को मशरूम वैली के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने राजधानी देहरादून में संचालित विद्यालयों की तर्ज पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विद्यालयों को आदर्श विद्यालय बनाने हेतु दिए गए निर्देशों के अनुपालन में पहले चरण में राजकीय इंटर कॉलेज भराडीसैंण को मॉडर्न विद्यालय बनाने का काम तेजी से चल रहा है। राजधानी के राइका भराडीसैंण को मार्डन स्कूल बनाने के लिए सभी संसाधन जुटाए जा रहे है। कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग इस काम को अंजाम देने में जुटा है। आने वाले कुछ समय में आदर्श शिक्षा के लिए यह विद्यालय पूरी तरह से हाइटेक नजर आएगा।

गैरसैंण नगर क्षेत्र में जाम की समस्या को दूर करने के लिए यहां पर मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण हेतु कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएन के माध्यम से आगणन तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सिंचाई विभाग के माध्यम से गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में मां भराड़ी देवी का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। सिंचाई विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके लिए स्थानीय जनता एवं हितधारक तीर्थ पुरोहितों के सुझाव भी लिए जा रहे है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर गैरसैंण के स्थाई विकास के लिए रिक्त एसडीएम पद पर भी अधिकारी की तैनाती कर दी गई है। गैरसैंण को जल्द ही उप जिलाधिकारी मिलने से यहां विकास कार्याे और तेजी आएगी।

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के सर्वांगीण विकास को लेकर सीएम धामी संकल्पबद्ध है और जिलाधिकारी चमोली से लगातार फालोअप ले रहे है।

मुख्यमंत्री ने आवास पहुंचे मौली का किया स्वागत, बोले मौली की सक्रियता ने जीता सभी का दिल

38वें राष्ट्रीय खेल में लोगों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहा शुभंकर ‘मौली’ राष्ट्रीय खेलों के समापन के बाद सीएम आवास पहुंचा। मुख्यमंत्री ने सीएम आवास में मौली का स्वागत किया। राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर प्रतीक ’मौली’ (मोनाल पक्षी) देशभर में चर्चा का केन्द्र रहा है।

उत्तराखण्ड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर मौली राज्य के हर जनपद में भव्य स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेल के दौरान मौली की सक्रियता ने सबका दिल जीतने का कार्य किया। उत्तराखण्ड का राज्य पक्षी मोनाल की विशिष्टता से देशभर के लोग परिचित हुए।

38वें राष्ट्रीय खेल ने उत्तराखण्ड को देवभूमि और वीरभूमि के साथ ही खेल भूमि के रूप में नई पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास और नई खेल नीति के परिणाम स्वरूप राज्य के खिलाड़ियों द्वारा 38वें राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन कर 103 पदक हासिल कर देशभर में शीर्ष सात राज्यों की श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है। 37वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड 25वें स्थान पर था। उत्तराखण्ड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेल ग्रीन गेम्स, ई-वेस्ट से बनाये गये मेडल और पदक विजेता खिलाड़ियों के नाम से पौध रोपण के लिए भी याद किया जायेगा।