38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत होने वाले मौली संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आईटीडीए कैल्क के ड्रोन सर्विस टैक्नीशियन कोर्स (ड्रोन दीदी) में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली युवतियों को पुरस्कार स्वरूप ड्रोन देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन खेल के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा यह आयोजन प्रदेश के विभिन्न 11 अलग अलग स्थानों पर किया जा रहा है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से राज्य भर में खेल सुविधाओं का विस्तार हुआ है, खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर किया गया है। प्रदेश के विभिन्न खेल परिसरों में परमानेंट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है जिससे आने वाले समय में राज्य के युवा खिलाड़ियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि राष्ट्रीय खेलों का कोई भी खेल राज्य के बाहर, अन्य राज्यों में नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा वो स्वयं राज्य भर में जारी खेलो के अवलोकन हेतु विभिन्न स्थानों पर गए, कई स्थानों पर खिलाड़ियों के साथ मिलकर संवाद एवं भोजन भी किया। अन्य राज्यों से आए खिलाड़ियों ने स्वयं से व्यवस्थाओं की तारीफ की। उन्होंने कहा 37 वे राष्ट्रीय खेल के मुकाबले 38वे खेलों में उत्तराखंड ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हमारा राज्य वर्तमान समय पर 80 से अधिक पदकों के साथ 6वें स्थान पर आ गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों को लेकर राज्य भर में खिलाड़ियों में नया जोश है। इससे राज्य में खेल कल्चर को बढ़ावा मिलेगा। अब हमारा राज्य देवभूमि के साथ खेल भूमि के रूप में भी जाना जाएगा। उन्होंने कहा टिहरी में वाटर स्पोर्ट्स का आयोजन हुआ, टनकपुर में पहली बार रात्रि में राफ्टिंग की प्रतियोगिता हुई है, चकरपुर क्षेत्र में मल्लखंब का आयोजन किया गया। राज्य के हर क्षेत्र में इस तहर के आयोजनों से खेल में प्रति आम जन का भी रुझान बढ़ा है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मौली संवाद कार्यक्रम के तहत कई महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिससे खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिली है। हमने खेल के साथ पर्यावरण संरक्षण और क्लाइमेट चेंज जैसे विषयों पर भी कार्य किया है। उन्होंने युवाओं से खेलने, पढ़ने के साथ प्रकृति का संरक्षण के लिए भी समय देने की बात कही। उन्होंने कहा नेशनल गेम्स का आयोजन में वेस्ट से इनकम और रीसायकल इकोनामी को भी बढ़ावा गया है।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडे एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

हर जिले में गठित होगी जिला प्रवासी सेलः मुख्य सचिव

उत्तराखण्ड के प्रवासियों द्वारा राज्य के गांवों को गोद लेने के अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को प्रत्येक जनपद में भी तत्काल प्रभाव से जिला प्रवासी प्रकोष्ठ गठित करने निर्देश दिए हैं। सीएस ने जिलाधिकारियों को राज्य के विकास में विभिन्न कार्यों के माध्यम से सहयोग करने के इच्छुक प्रवासियों के सहयोग हेतु जिला प्रशासन एवं प्रवासियों की माह में एक बार अनिवार्य बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही इस बैठक की रिपोर्ट तथा हर माह प्रवासियों के साथ किए गए समन्वय के प्रयासों की जानकारी नियमित रूप से शासन को भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी डीएम को प्रवासियों के साथ निरन्तर संवाद बनाए रखने की हिदायत दी है। सीएस ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के विकास में भागीदारी के इच्छुक प्रवासियों को प्राथमिकता पर रखते हुए जिलाधिकारियों को प्रत्येक प्रवासी से व्यक्तिगत संवाद एवं समन्वय करना चाहिए। उन्होंने जिला प्रवासी सेल के माध्यम से प्रवासियों द्वारा गोद लिए जाने वाले गांवों के विभिन्न मुद्दों, समस्याओं, भूमि सम्बन्धित विषयों का तत्परता से निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विभिन्न देशों से वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम जुड़े प्रवासियों से भी आग्रह किया है कि जनपदों में विकास की विभिन्न संभावनाओं को देखते हुए राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के दूरस्थ क्षेत्रों के गांवों के विकास के लिए आगे आए तथा सम्बन्धित डीएम व जिला प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय बनाएं।

बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन, उत्तराखण्डी प्रवासी सेल के सदस्य सुधीर नौटियाल, वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, आयरलैण्ड से प्रवासी विकास लेखवार, विनोद लेखवार, यूएसए से वीरेन्द्र रावत, लंदन से विनोद जेठूरी, लखनऊ से एम पी भट्ट आदि मौजूद रहे।

38वें राष्ट्रीय खेल को ग्रीन गेम्स की थीम पर आयोजित किया गयाः सीएम

उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल को ग्रीन गेम्स की थीम पर आयोजित किया गया। ग्रीन गेम्स की कल्पना को पूरा करने के लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर देहरादून से लगे क्षेत्र को खेल वन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस वन में 38वें राष्ट्रीय खेलों में 1600 मेडल विजेता खिलाड़ियों के नाम पर एक-एक पेड़ लगाया जाएगा। विकसित किए जा रहे खेल वन में पौधारोपण का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नेे विजेता खिलाड़ियों के साथ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन ग्रीन गेम्स की थीम पर किया गया है। उन्होंने कहा 1600 मेडल विजेता खिलाड़ियों के नाम पर 2.77 हेक्टेयर वन भूमि को खेल वन के रूप में विकसित की जायेगी। 38वें राष्ट्रीय खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के नाम पर यहां पर पौधारोपण किया जाएगा। उत्तराखंड की यादें, और खिलाड़ियों का परिश्रम इन पेड़ों के माध्यम से उन्हें हमेशा याद रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा खेल के साथ पर्यावरण का संरक्षण भी हमारे लिए जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वे राष्ट्रीय खेलो में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है। खेल आयोजनों में ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया जा रहा है। रीसाइकिल बोतलों में ही पानी की व्यवस्था की गई है। स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर में 2 मेगावाट का सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है। रीसाइकिल वेस्ट के प्रयोग से सजावट की चीजें बनाई गई है। साथ ही खेल परिसर में साफ सफाई का भी विशेष ध्यान रखा गया है।

इस अवसर पर भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ पी टी उषा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडे, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

नेशनल गेम्सः कुश्ती और हॉकी प्रतियोगिता का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन्दना कटारिया स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुॅचकर 38वें राष्ट्रीय खेलों के अन्तर्गत आयोजित कुश्ती तथा हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साह वर्धन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी हम सभी के लिए बड़ा अवसर है। उत्तराखंड के सभी लोगों की तरफ से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने हमें मेजबानी का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि नेशनल गेम्स के सभी आयोजन बहुत अच्छे हो रहे हैं। अन्य प्रदेशों के जो खिलाड़ी आए हैं, वह भी एक अच्छा अनुभव देवभूमि से लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अच्छी खेल सुविधाएं विकसित हुई हैं और खिलाड़ियों ने भी बड़ा अच्छा प्रदर्शन करके राज्य का मान-सम्मान बढ़ाया है। पदक तालिका में भी हम टोप टेन में शामिल हैं, जबकि गोवा में आयोजित 37 वें राष्ट्रीय खेलों में हम 25 वें स्थान पर थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वे राष्ट्रीय खेलों में बड़ी उपलब्धि मिल रही है। उन्होंने कहा कि अब हमारी देवभूमि खेल भूमि के रूप में स्थापित होगी और यहां के खिलाड़ी खेलों के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, ऐंसे खिलाड़ियों को अच्छा स्थान मिलेगा, खिलाड़ियों के व्यक्तित्व का विकास होगा, खेलों के क्षेत्र में उनको अच्छा प्रदर्शन करने के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि कई सारे खेल स्ट्रक्चर हरिद्वार व देहरादून में भी बने हैं। राज्य में वेलो ड्रम्स बनाया गया है, अनेक स्विमिंग पूल से लेकर साइकिलिंग के साथ ही अनेक ऐसी प्रतियोगिताएं जो अन्य राष्ट्रीय खेलों में हैंगर्स में होती थीं, वे सारी प्रतियोगिताएं हमारे राज्य में परमानेंट स्ट्रक्चर पर हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य व अच्छे प्रदर्शन की कामना की। उन्होंने कहा कि जब बच्चे खाली होते हैं तो बच्चों के नशे एवं ड्रग्स की लत की तरफ आकर्शित होने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के लिए खेल एक बड़ा माध्यम बनने वाला है।

15 फरवरी से शुरू होने वाली शारदीय कांवड़ यात्रा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कावड़ यात्रा हमारे लिए बहुत बड़ा आयोजन है, राज्य सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा पर भी अच्छी व्यवस्था की जाएगी। चार धाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली है, उसकी भी तैयारी कर रहे हैं। शीतकालीन यात्रा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी आने वाले हैं उसकी भी हम तैयारी कर रहे हैं। 14 फरवरी को राष्ट्रीय खेलों का समापन समारोह हल्द्वानी में हो रहा है सभी तैयारियां जोर शोर से से चल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में नंदा राज जात यात्रा के साथ ही मां गंगा के तट पर 2027 में अर्द्धकुंभ का भी आयोजन होना है, इसकी भी तैयारियां चल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सन्त शिरोमणि रविदास जयंती की सभी को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सन्त शिरोमणि रविदास का जीवन बहुत प्रेरणादाई रहा है और उनके निमित्त पूरे राज्य में सन्त रविदास जयन्ती पर अवकाश भी घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा ले और उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ें।

इस दौरान मेयर किरण जैसल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, आयुक्त गढ़वाल मण्डल विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, एचआरडीए उपाध्यक्ष अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, एचआरडीए सचिव मनीष सिंह, उपजिलाधिकारी अजयवीर सिंह सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

राज्य में क्रिटिकल मिनरल की खोज को लेकर वर्किंग प्लान बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने खनन विभाग को भारत सरकार तथा प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप खनिज संपदा में आत्मनिर्भरता बनाए रखने हेतु राज्य में खनिज संपदा की खोज के सम्बन्ध में वर्किंग प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में खनन विभाग, आईआईटी रुड़की, मोनाश यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया तथा उद्यम प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में दुर्लभ खनिजों (Critical Mineral) के अनुसंधान हेतु उत्तराखंड सरकार तथा आईआईटी रुड़की के मध्य भागीदारी पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने खनन विभाग आईआईटी रुड़की तथा उद्यमियों को क्रिटिकल मिनरल की खोज, निष्कासन, प्रसंस्करण तथा रिसाइकलिंग हेतु कार्य प्रणाली (Methodology) विकसित करने हेतु R & D पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में खनिज सम्पदा में आत्मनिर्भरता हेतु राज्य सरकार, शिक्षा क्षेत्र और उद्योग जगत के बीच सहयोग, साझेदारी और पूरकता के सिद्धांतों पर एक साझा मंच विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए हैँ।

सीएस रतूड़ी ने कहा है कि महत्वपूर्ण खनिजों के मूल्यांकन, अन्वेषण, निष्कर्षण, खनन स्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला विश्लेषण में अग्रणी विशेषज्ञों का सहयोग लेना आवश्यक है, जिसमें आईआईटी रुड़की की प्रमुख भूमिका होगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिज प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता विकसित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और व्यावहारिक अनुसंधान तथा क्षमता निर्माण को मजबूत करना आवश्यक है।

इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत, आई आई टी रुड़की से डॉ राकेश कुमार तथा सम्बंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

38वें राष्ट्रीय खेलः सीएम ने कयाकिंग-कैनोइंग प्रतियोगिताओं के शुभारंभ पर किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी झील कोटी कॉलोनी में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अन्तर्गत आयोजित कयाकिंग-कैनोइंग प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने 1000 मीटर हीट कयाकिंग मेन्स प्रतियोगिता में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक विजेताओं को मेडल पहनाकर एवं सोविनियर से सम्मानित किया। इस दौरान श्रीमती गीता धामी भी मौजूद रही।

उक्त प्रतियोगिता में उत्तराखंड के प्रभात कुमार ने स्वर्ण पदक, एसएससीबी ने रजत तथा दिल्ली ने कांस्य पदक जीता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि, वीरभूमि के बाद अब खेलभूमि के रूप में स्थापित हो रहा है। राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करना पहला और सुखद अनुभव है। 28 जनवरी से 38वें राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन हो रहा है। सारी खेल प्रतियोगिताएं उत्तराखण्ड के 11 अलग-अलग स्थानों पर आयोजित की गई, खिलाड़ियों के लिए सारे खेल ट्रैक बनाये गये तथा कोई भी खेल उपकरण बाहर से नहीं लाये गये। जहां 37वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड 25वें स्थान पर रहा था वहीं अब हमारा राज्य 38वें राष्ट्रीय खेलों में 7 स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील ऊर्जा उत्पादन के साथ ही पर्यटन और साहसिक खेलों के लिए अन्यन्त अनुकूल है। यह वाटर स्पोर्ट्स का बहुत बड़ा हब बनेगा। यहां पर पहले भी राष्ट्रीय/अर्न्तराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं और आगे भी खेलों का क्रम सालभर चलता रहे यह प्रयास किये जायेंगे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा स्थानीय आर्थिकी को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, प्रदेश को ड्रग्स फ्री करने का संकल्प लिया गया है, निश्चित ही यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उन्होंने अन्य राज्यों से आये खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों को देवभूमि उत्तराखण्ड के विभिन्न पर्यटक स्थलों का भ्रमण पर जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यहां की प्राकृतिक नैसर्गिक सुन्दरता से तन-मन में एक नई ऊर्जा का संचार होने के साथ ही शांति का अनुभव होगा। उन्होंने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने टिहरी में शीतकालीन पर्यटन की थीम पर डेस्टिनेशन टिहरी कैलेंडर 2025 लॉन्च किया। यह कैलेंडर टिहरी की एक प्रमुख शीतकालीन पर्यटन स्थल के रूप में उभरती क्षमता पर प्रकाश डालता है, जिसमें रोमांच, प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक स्थलों का समृद्ध मिश्रण है। उत्तराखंड पर्यटन और टाइम्स ऑफ इंडिया के सहयोग से टिहरी गढ़वाल के जिला प्रशासन द्वारा कैलेंडर बनाया गया है।

टिहरी झील में 38वें राष्ट्रीय खेल के अन्तर्गत तीन दिवसीय कयाकिंग-कैनोइंग प्रतियोगियों में 16 राज्यों के 160 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं, जिनमें उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उड़ीसा, मणिपुर, कर्नाटक, केरल, पंजाब, चंडीगढ़, एसएससीबी आदि के 80 महिला खिलाड़ी एवं 80 पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं।

विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन को लेकर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि गंगा की निर्मलता बनी रहे और वह अविरल बहती रहे, इसकी रक्षा करना भी जरूरी है।

इस अवसर पर विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी, प्रशासक जिला पंचायत टिहरी सोना सजवाण, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, अध्यक्ष ओबीसी संजय नेगी, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद् टिहरी मनमोहन सिंह रावत, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद् चम्बा शोभनी धनोला, प्रशासक ब्लाक जाखणीधार सुनीता देवी, प्रशासक ब्लॉक चम्बा शिवानी बिष्ट, सचिव ओलम्पिक एसोसिएसन ऑफ उत्तराखण्ड डी.के. सिंह, अध्यक्ष भारतीय कैनोइंग-कयाकिंग एसोसिएशन प्रशान्त कुशवाह, डीएम टिहरी मयूर दीक्षित, एसएसपी आयुष अग्रवाल, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का किया गया समापन

38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत चंपावत जिले के शारदा नदी में राफ्टिंग (डैमो) प्रतियोगिता का आयोजन सम्पन्न हुई। अंतिम दिन सोमवार को विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। प्रथम बार रात्रि में राफ्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। समापन समारोह पर बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उनकी धर्मपत्नी गीता धामी ने रात्रि में आयोजित राफ्टिंग प्रतियोगिता का अवलोकन किया तथा विश्व रिकॉर्ड के साक्षी बने। मुख्यमंत्री एवं गीता धामी ने समापन समारोह में विभिन्न प्रदेशों से आए विजेता प्रतिभागियों को मैडल प्रदान का सम्मानित किया।

उत्तराखंड में राफ्टिंग के क्षेत्र में ऋषिकेश के साथ-साथ टनकपुर शारदा क्षेत्र भी अब विकसित हो गया है। यहां लगातार राफ्टिंग हो रही है जिससे पर्यटन विकास बढेगा।

कार्यक्रम क्षेत्र (ग्राम उचौलिगोठ) के दो युवाओं की वाहन दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण राफ्टिंग प्रतियोगिता का समापन कार्यक्रम सादगी पूर्वक सपन्न हुआ। सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को निरस्त किया गया। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री ने वाहन दुर्घटना में मृत दोनों व्यक्तियों के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख जताया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में भारत नेपाल सीमा देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है जहां देवों का वास होता है और यहां के प्रत्येक घर से सेना को सैन्य बलों में अपनी सेवा देकर देश की रक्षा में योगदान यहां के लोग कर रहे हैं। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से अब यह भूमि खेल भूमि के रूप में भी स्थापित हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे राज्य के खिलाड़ियों ने मैडल प्राप्त कर अपना बेहतर स्थान बना लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का कहना है 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा उसके अनुरूप आज उत्तराखंड राज्य हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा टनकपुर के मां शारदा ने जन्म जन्मांतर अपना आशीर्वाद यहॉं के लोगों को दिया है,आने वाले समय में यहॉं राफ्टिंग से अनेक प्रकार से यहॉं के लोगों को लाभ मिलने के साथ ही माँ शारदा का आशीर्वाद मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नशा मुक्त उत्तराखंड का जो संकल्प लिया है। उन्होंने कहा निश्चित रूप से यहॉं राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत खेलों के आयोजन हेतु जो मूलभूत सुविधाएं राज्य में स्थापित हो गई है। उन सुविधाओं का लाभ हमारे युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारी देवभूमि उत्तराखंड में होना बेहद गौरव और सौभाग्य की बात है। साथ ही राष्ट्रीय खेलों में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का चंपावत में होना और भी अधिक गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इन खेलों के जरिए चंपावत का पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है को देश भर में पहचान मिली है। इसके अलावा देवभूमि में राष्ट्रीय खेल के आयोजन से चंपावत के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विजेता टीमों को पदक पहनाकर सम्मानित किया तथा उनका उत्साहवर्धन किया। समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चंपावत में आयोजित राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता के आयोजन से जनपद को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि देव भूमि उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने के लगातार प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराया है। उन्होंने आए सभी प्रतिभागियों को बधाईयां और शुभकामनाएं प्रेषित की। साथ ही उन्होंने कहा को प्रतिभागी मेडल प्राप्त नहीं कर सके उनको भी मायूस नहीं होना है, बल्कि निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते जिलाधिकारी नवनीत पांडे ने कहा कि चंपावत के टनकपुर में देशभर से राफ्टिंग प्रतिभागी आए हैं, सभी ने अपना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उन्होंने सभी विजेताओं बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर चंपावत में राष्ट्रीय खेल की प्रतियोगिता होने से जनपद की पहचान में वृद्धि होगी तथा इसका लाभ यहां के लोगों को मिलेगा।

इस अवसर पर एशियन फैंसिंग एसोशिएशन के महासचिव राजीव मेहता, राज्य ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह,प्रशासक जिला पंचायत ज्योति राय,ब्लॉक प्रमुख रेखा देवी,अध्यक्ष नगर पालिका टनकपुर विपिन कुमार,चंपावत प्रेमा पाण्डे,बनबसा रेखा देवी,खटीमा रामू जोशी, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह,अपर जिलाधिकारी जय वर्द्धन शर्मा समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा खेल प्रबंधन के अधिकारी, गणमान्य नागरिक समेत स्थानीय जनता एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

सीएस ने दी ड्रॉप आउट महिलाओं को पुनः शिक्षण संस्थानों में प्रवेश हेतु नियमों में उदारतापूर्ण संशोधन की नसीहत

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने यूएन विमेन इण्डिया के प्रतिनिधियों के साथ सचिवालय में आयोजित बैठक में सचिव उच्च शिक्षा को अधूरी शिक्षा को पूरी करने की इच्छुक महिलाओं को उच्च शिक्षण संस्थानों में आसानी से प्रवेश दिलाने लिए एक उदार कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग को गांवों में आंगनबाड़ी भवनों के पूर्णतः उपयोग को सुनिश्चित करते हुए बहुउद्देशीय कार्यों जैसे महिलाओं हेतु कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव रतूड़ी ने परिवहन एवं शिक्षा विभाग को छात्राओं हेतु शिक्षण संस्थानों तक आसानी से एवं कम लागत में परिवहन की सुविधा सुलभ करवाने हेतु एक प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यूएन विमेन के राज्य में महिला सशक्तिकरण के विजन को धरातल पर उतारने हेतु नियोजन, श्रम, शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण एवं परिवहन विभाग को प्रभावी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में कौशल विकास विभाग को नोडल बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने यूएन विमेन इण्डिया से कल्याणकारी योजनाओं का महिलाओं के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने का आग्रह किया है।

यूएन विमेन इण्डिया के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि राज्य में यूएन विमेन का फोकस महिलाओं की आय की सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण तथा स्वतंत्रता, लैगिंक हिंसा की समाप्ति, राज्य के बजट एवं नियोजन में लैगिंक समानता पर कार्य करना है।

बैठक में यूएन इण्डिया के प्रतिनिधि पदमाकक्षी, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, पंकज कुमार पाण्डेय, डा0 रंजीत कुमार सिन्हा सहित वित्त, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, यूकॉस्ट, ग्राम्य विकास के अधिकारी मौजूद रहे।

संतो के समागम में, मुख्यमंत्री धामी का यूसीसी लागू करने पर हुआ सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आचार्य शिविर, सेक्टर-09, गंगेश्वर मार्ग, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में आयोजित समानता के साथ समरसता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर सभी संतो ने उत्तराखंड राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता लागू करने पर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। संतो द्वारा पुष्पमाला के साथ मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी संतो को धन्यवाद अर्पित करते हुए कहा कि त्रिवेणी की पवित्र भूमि और महाकुंभ के शुभ अवसर पर पूज्य संतों का आशीर्वाद मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की कल्पना में पूज्य संतों का आशीर्वाद सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा समान नागरिक संहिता लागू करना, विकसित भारत की ओर कदम बढ़ाना है। मेरा जो सम्मान संतों ने किया है, वो उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक का सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 विधानसभा चुनाव से पहले हमने उत्तराखंड की जनता के सामने समान नागरिक संहिता लागू करने का संकल्प रखा था। उन्होंने कहा जनता ने हमें अपना आशीर्वाद दिया। सरकार बनने के बाद सबसे पहले मंत्रिमंडल की बैठक में समान नागरिक संहिता के लिए कमेटी का गठन किया गया। जिसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड की राज्य सरकार ने देश की आजादी के बाद सबसे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू किया।

मुख्यमंत्री ने कहा देवभूमि में किसी भी धर्म, जाति के रहने वाले लोगों के लिए अब समान कानून हैं। प्रधानमंत्री के आशीर्वाद के कारण ही हम उत्तराखंड में यूसीसी लागू कर पाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने भी समान कानूनों का प्रावधान किया था। उत्तराखंड देवभूमि है, हमारा राज्य गंगा, यमुना, चार धामों, आदि कैलाश, संतों का प्रदेश है। उत्तराखंड राज्य में प्रत्येक घर का सदस्य सेना में है। देश के हर स्थान में देवभूमि का युवा, मां भारती की सेवा कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा महाकुंभ हमारी सनातन संस्कृति की विशालता का एक प्रतीक सूत्र है। महाकुंभ के अवसर पर सभी महान संतों का आशीर्वाद मिलना उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। हमारी सनातन संस्कृति सदैव समरसता और समानता की संभावक रही है। सनातन संस्कृति हम सबको समानता का अधिकार देना सिखाती है। सनातन संस्कृति की प्रेरणा से राज्य सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने का साहसिक निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता न्याय और समानता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। देवभूमि उत्तराखंड से समान नागरिक संहिता की यह गंगा अवश्य ही संपूर्ण देश में जाएगी। यह समान कानून देश को दिशा दिखाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा यूसीसी प्रधानमंत्री के एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प को भी पूरा करती है। यह हमारी भावी पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने 2022 में दिल्ली में श्रद्धा वॉकर की हत्या की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद इस प्रकार की घटना पूर्ण रूप से बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा अब हमारी बेटियों के साथ कोई भी ऐसा अपराध नहीं कर पाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में सभी राज्यों में यूसीसी लागू किया जाएगा।

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि उत्तराखंड जैसा दिव्य स्थान कोई नहीं है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री सभी संतो के बेहद प्रिय हैं। महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि भारत के सभी संत मुख्यमंत्री धामी के साथ हैं। छोटा राज्य होने के बाद भी उत्तराखंड सबसे बड़ा बन गया है, जिसमें समान नागरिक संहिता सबसे पहले लागू हो गई है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री धामी ने यूसीसी लागू करके भारत को बल दिया है। अब उत्तराखंड के साथ अन्य राज्य भी यूसीसी लागू करने की ओर कदम बढ़ाएंगे।

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने उत्तराखंड सरकार ने यूसीसी लागू कर समाज में भेदभाव को खत्म कर दिया है। उत्तराखंड सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वो भारतीय परंपराओं के प्रति कितने संवेदनशील है। उन्होंने कहा हम सभी संत गण अत्यंत गौरवान्वित है कि हम जिस राज्य से आते हैं, जहां हम रहते हैं, जो हमारी जन्मभूमि, कर्मभूमि है, उस राज्य के मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता लागू करके दिखा दिया है। उन्होंने कहा यूसीसी कि कमेटी ने स्वयं जाकर साधु संतों से भी संवाद किया था।

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि हमारे देश के सभी साधु संत आज मुख्यमंत्री धामी के सम्मान के लिए यहां उपस्थित है। अब दूसरे राज्यों में भी मुख्यमंत्री धामी के कारण यूसीसी लागू होगा।

स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने कहा कि चार धामों, उत्तराखंड की पावन धरती, मां गंगा, मां यमुना ने मुख्यमंत्री धामी को चुना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तराखंड की पवित्र भूमि से विशेष प्रेम है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री धामी ने उपासक के रूप में उत्तराखंड की सेवा का संकल्प लिया है। पूरे कुंभ मेले में कई कार्यक्रम हुए पर इस कार्यक्रम में पूरे विश्व को दिखाया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता की मांग को पूरी करके भारत माता का मान बढ़ाया है। उत्तराखंड को जो लोग बदलने की सोचते थे उन सब पर मुख्यमंत्री धामी ने नकेल कसी है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री धामी ने समान नागरिक संहिता लागू करके सर्व समाज की बात की है। इस देश में आत्म मंथन करके जो अमृत आया, वो समान नागरिक संहिता है। उन्होंने कहा यूसीसी लागू करके मुख्यमंत्री धामी ने भारत के लिए एक नई राह दिखाई है।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी जी महाराज, महंत रविंद्रपुरी महाराज, महंत हरि गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर नारायण गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति, महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषानंद गिरी महाराज एवं अन्य संतगण बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए ज्ञान महाकुंभ का आयोजन, युवाओं को मिलेगी नई दिशाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेक्टर-08, प्रयागवाल मार्ग, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में आयोजित ज्ञान महाकुंभ भारतीय शिक्षा, राष्ट्रीय संकल्पना कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए ज्ञान महाकुंभ का आयोजन किया गया है। जिससे हमारे युवाओं, आने वाली पीढ़ी को शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान होगी। महाकुंभ के साथ ज्ञानकुंभ का आयोजन देश को नई दिशा देगा। यह हमारे लिए ऐतिहासिक क्षण है कि अनेकों विकास कार्य आज हमारे देश के अंदर हो रहे हैं। आज भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। भारत हर क्षेत्र में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड की राज्य सरकार ने देश की आजादी के बाद सबसे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी देवभूमि वासियों के लिए समान कानून लागू किए हैं। देवभूमि में किसी भी धर्म, जाति के रहने वाले लोगों के लिए अब समान कानून होंगे। जो संकल्प हमारी सरकार ने जनता के सामने रखा, उसे हमने पूरा किया है। कई लंबे अध्ययन के बाद हमने राज्य में यूसीसी लागू किया है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, डॉ. वी नारायण, आर.एस वर्मा, संजय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।