होमगार्ड्स विभाग के राजपत्रित एवं अराजपत्रित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रत्येक 3 वर्ष में दिये जाने वाला वर्दी भत्ता होगा प्रतिवर्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ननूरखेड़ा, देहरादून में होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में रैतिक परेड का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर होमगार्ड्स जवानों के मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति की धनराशि के चेक भी प्रदान किये। होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की स्मारिका 2024 और विभागीय कलेण्डर 2025 का भी मुख्यमंत्री ने किया विमोचन। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि 9 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर ड्यूटीरत होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को पुलिस कार्मिकों एवं एस०डी०आर०एफ० की भांति प्रति जवान को 200 रू. प्रतिदिन अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। एस०डी०आर०एफ० जवानों के साथ प्रशिक्षित होमगार्ड्स को तैनाती होने पर 100 रुपए प्रति जवान को प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि अनुमन्य की जाएगी। होमगार्ड्स विभाग के राजपत्रित एवं अराजपत्रित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रत्येक 3 वर्ष में दिये जाने वाले वर्दी भत्ता को प्रतिवर्ष किया जाएगा। 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु पूर्ण करने वाले प्रत्येक होमगार्ड्स को होमगार्ड्स कल्याण कोष से दी जाने वाली अनुग्रह राशि में 50 हजार रुपए की बढ़ोत्तरी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सभी जवानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्र सेवा का अद्वितीय उदाहरण अगर कहीं स्पष्ट देखने को मिलता है तो वह जवानों के मध्य आकर देखने को मिलता है। होमगार्ड्स संगठन राज्य में सामाजिक सुरक्षा और व्यवस्था नियंत्रण के लिए सक्रिय रूप से काम करता है। हर स्थिति में अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए तत्पर रहते हैं। होमगार्ड्स जवान कानून – व्यवस्था को बनाए रखने, यातायात नियंत्रित करने, चारधाम यात्रा, कुम्भ मेला एवं कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राकृतिक आपदाओं के समय भी आवश्यकता पड़ने पर हमेशा तैयार रहते हैं। हमारे ये जवान “जहां कम वहां हम“ की भावना से कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे इन जवानों के हौसले और समर्पण को सम्मान देते हुए राज्य सरकार ने उनके कल्याण और संगठन के उत्थान के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। प्रेमनगर, देहरादून में एक अत्याधुनिक इंडोर फायरिंग रेंज का निर्माण किया जा रहा है, जो हमारे होमगार्ड्स को शस्त्र प्रशिक्षण में लाभ पहुंचाएगी। होमगार्ड्स के लिए सेना के जवानों की तर्ज पर सीएसडी कैंटीन की सुविधा भी प्रारंभ की है। होमगार्ड्स जवानों को 12 आकस्मिक अवकाश देने का निर्णय भी हमारी सरकार द्वारा ही लिया गया है। महिला होमगार्ड्स को प्रसूति अवकाश प्रदान करने का ऐतिहासिक निर्णय भी हमारी सरकार ने ही लिया। प्रदेश के 9 स्थानों पर कंपनी कार्यालय-ट्रांजिट कैंप और इमरजेंसी सर्च एवं रेस्क्यू सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई गई है। 13 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति से इन केंद्रों का निर्माण हो रहा है, ये केंद्र उत्तराखंड को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मजबूत करेंगे।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा, अनिता ममगाईं, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, कमांडेंट जनरल होमगार्ड पी.वी.के. प्रसाद, मुख्य राज्य सूचना आयुक्त विवेक शर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य सरकार छह माह की यात्रा को वर्ष भर चलाने पर कर रही कार्यः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के सारी गांव में ग्राम वासियों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। ग्रामवासियों एवं स्थानीय निवासियों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने सारी गांव में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं संग झुमैला नृत्य भी किया। मुख्यमंत्री ने सारी ग्रामवासियों के साथ रात्रि भोजन भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिला मंगल दल हेतु एक लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित ही देवरिया ताल में लगने वाले मेले को संस्कृति विभाग, राजकीय मेले के रूप में मान्यता देगा।

मुख्यमंत्री ने सारी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज सभी के बीच में आकर बेहद खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने कहा सारी गांव में जो कार्यक्रम शुरू हुआ है, अब ये कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चलेगा। मुख्यमंत्री ने आशा नौटियाल को विजय बनाने पर सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा अब सरकार की बारी है कि जो वादे उन्होंने चुनाव से पहले किए हैं अब उन्हें पूरा किया जाए। इस क्षेत्र के सभी प्रस्ताव, घोषणाओं, एवं जनहित के कार्यों को धरातल में उतारा जाएगा। उन्होंने कहा जनता के सुझावों पर प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी का उत्तराखंड एवं विशेषकर बाबा केदारनाथ जी की भूमि से गहरा लगाव है। प्रधानमंत्री के ह्रदय में उत्तराखंड बसता है। प्रधानमंत्री ने अनेकों योजनाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। 2013 की आपदा के बाद भगवान केदारनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री मोदी ने अपने हाथों में लिया। आज भगवान केदारनाथ धाम भव्य और दिव्य बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने उपचुनाव से पहले स्वयं केदारनाथ क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाली वो आगे भी क्षेत्र के विकास हेतु संकल्पित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारघाटी में इस वर्ष जुलाई में आई आपदा के दौरान वे अधिकारियों के साथ स्वयं जनता के बीच में मौजूद रहे। आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा को भी जल्द शुरू किया गया था। अब राज्य सरकार छह माह की यात्रा को वर्ष भर चलाने पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा सारी गांव एक आदर्श गांव है जहां 40 से भी ज्यादा होम स्टे हैं। होम स्टे को भी राज्य सरकार निरंतर बढ़ा रही है। होमस्टे राज्य की आर्थिक का साधन बन रहे हैं। देवरिया ताल, बाबा तुंगनाथ एवं अन्य देवी देवताओं में भी विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा हमने अपने गांव का बचाने का भी संकल्प लेना है।

मुख्यमंत्री ने कहा विदेश में भी महिलाएं अपने पारंपरिक परिधानों को पहनती है। ये दिखाता है कि हमारे लोग हमारी पारंपरिक संस्कृति को भी बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बोली भाषा, संस्कृति, घरों को संरक्षित करने का आग्रह किया है। हमारी सनातन संस्कृति पहले भी थी, अब भी है, और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा महिलाएं, राज्य के विकास में अपनी अहम भूमिका निभा रहीं है। महिलाएं अपने साथ अन्य लोगो को भी रोज़गार दे रहीं है। उन्होंने कहा युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। रुद्रप्रयाग में साइंस सिटी का निर्माण कार्य भी किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक आशा नौटियाल, विधायक भरत चौधरी, केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेन्द्र अजेय, चंडी प्रसाद भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो में 12 तरह की ओपीडी, तैनात रहेंगे विशेषज्ञ चिकित्सक

आयुर्वेद के परंपरागत ज्ञान को समझने-जानने के अलावा इसके उपचार की सुविधा भी एक ही जगह पर मिले, तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है। वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 में ऐसा ही मौका उपलब्ध हो रहा है। विश्व स्तरीय इस कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ आयुर्वेद के हर एक पहलू पर बात करेंगे, तो विशेषज्ञ चिकित्सक डेलीगेट्स के साथ ही सामान्य लोगों को भी इसका उपचार उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए 12 तरह की ओपीडी पूरे समय एक्टिव रहेंगी। हर एक ओपीडी में दो-दो विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात रहेंगे, जिनसे परामर्श भी मिलेगा और उपचार भी।

परेड ग्राउंड देहरादून में यह कार्यक्रम 12 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है, जो कि 15 दिसंबर तक चलेगा। आयुर्वेद का विश्व स्तरीय यह कार्यक्रम पहली बार उत्तराखंड में हो रहा है। वर्ष 2002 से इस तरह के कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। पिछले वर्ष गोवा को इस कार्यक्रम की मेजबानी मिली थी। उत्तराखंड इस आयोजन के लिए उत्साहित है और तैयारियों पर पूरा जोर है। वैसे भी, आयुर्वेद के लिहाज से उत्तराखंड की समृद्ध विरासत रही है। इसलिए यहां से इस कार्यक्रम के संदेश देश-दुनिया में प्रभावी ढंग से जाने तय माने जा रहे है।

अपर सचिव आयुष डॉ विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर 12 ओपीडी सक्रिय रहेंगी। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। हर ओपीडी में दो-दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। मकसद ये ही है कि कार्यक्रम का हिस्सा बनने वालों को आयुर्वेद का ज्ञान भी मिले, साथ ही उनके रोगों का निदान भी परंपरागत चिकित्सा से संभव हो पाए।

ये होंगी ओपीडी, जहां मिलेगा परामर्श और उपचार

1-मर्म चिकित्सा (अस्थि संधि एव मर्म आघात चिकित्सा हेतु)
2-नाड़ी परीक्षा
3-क्षार सूत्र, अग्निकर्म एवं रक्तमोक्षण
4-नेत्र, शिरो, नासा एवं कर्ण रोग चिकित्सा
5-पंचकर्म चिकित्सा
6-स्त्री एवं प्रसूति रोग चिकित्सा
7-बाल रोग चिकित्सा
8-वृद्धजन रोग एवं मानस रोग चिकित्सा
9-स्वस्थवृत्त एवं अष्टांग योग चिकित्सा
10-किचन फार्मेसी एवं अरोमा थेरेपी
11-प्राकृतिक चिकित्सा
12-होम्योपैथी चिकित्सा
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विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और आरोग्य एक्सपो-2024 परंपरागत आयुर्वेद चिकित्सा को समझने और जानने के लिए एक बेहतरीन अवसर है। देवभूमि में आयुर्वेद के विभिन्न पहलुओं पर विचार मंथन निश्चित तौर पर सभी के लिए उपयोगी साबित होगा। इसके अलावा, निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुभव का लाभ भी लोगों को मिलेगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री 

मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पूजा अर्चना कर की प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के भ्रमण के दौरान ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित पाण्डव नृत्य में हुए शामिल होकर राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विकास के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समेकित प्रयासों पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने आशा नौटियाल को उप चुनाव में विजय बनाने पर जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केदारनाथ क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि ऊखीमठ क्षेत्र के लिए की कई घोषणाएं भी की गई हैं, जिन्हें जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। केदार घाटी में आई आपदा के बाद अनेक निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस वर्ष जुलाई में आई आपदा के दौरान वे सभी लोगों के साथ स्वयं जनता के बीच में मौजूद रहे। आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा को भी जल्दी शुरू किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रूद्रप्रयाग जनपद को आदर्श जनपद के रूप में पहचान मीलेे, इसके लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा केदार घाटी में महिलाएं निरंतर नवाचार को बढ़ावा दे रही हैं। हमारी बहनों द्वारा एक से बढ़कर एक गुणवत्तापूर्ण और अच्छी पैकिंग के साथ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आज हमारे स्थानीय उत्पादों की मांग पूरे देश और दुनिया में हो रही है। उन्होंने कहा स्वयं सहायता समूह, विभिन्न संगठनों एवं आमजन के साथ मिलकर हम इस क्षेत्र में विकास एवं समृद्धि का नया अध्याय स्थापित करने का काम करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी सम्बन्धित अधिकारियों को शीतकालीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के मकसद से दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। शीतकालीन यात्रा को लेकर भी सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही है। आगामी दिनों में चार धाम यात्रा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक भी की जानी है। उन्होंने कहा हमारी सरकार यात्रा समाप्त होते ही आगामी यात्रा की तैयारी में जुट गई है। शीतकालीन यात्रा में भी लोगों को काम मिले इसके लिए भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की भूमि से 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। अब राज्य सरकार उनके संकल्पों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड प्रथम स्थान में आया। राज्य में बेरोजगारी दर घटी है। जीएसटी संग्रह में राज्य ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जीएसडीपी में भी राज्य 1.3 गुणा की वृद्धि की है। राज्य में बीते तीन सालों में अब तक लगभग 19 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा जल्द ही राज्य सरकार भू कानून लाने वाली है। उन्होंने कहा इस क्षेत्र के सभी मंदिरों के सौर्दयीकरण कार्य को शीघ्र ही आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा आगामी रविवार को हम केदार की इस भूमि से शीतकालीन चार धाम यात्रा की भी शुरुआत करने जा रही है।

इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी, आशा नौटियाल, बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, दायित्वधारी चण्डी प्रसाद भट्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष महावीर पंवार सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

सीएम ने खटीमा में जनता से किया संवाद, समस्याएं सुन समाधान के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैम्प कार्यालय लोहिया हेड, खटीमा में आम जनता से संवाद कर जन समस्याएं सुनी मुख्यमंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित समाधान अधिकारियों का नैतिक दायित्व है। जनसमस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान हो इस पर अधिकारियों को विशेष ध्यान देना होगा।

इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, निवर्तमान उपाध्यक्ष किसान आयोग राजपाल सिंह, रमेश चंद्र जोशी, निवर्तमान मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत, सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी, ब्लॉक प्रमुख रणजीत सिंह नामधारी, सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

100 से अधिक स्थानों पर मौजूद हैलीपैड के जरिए हवाई यातायात का मजबूत नेटवर्क तैयार

भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने के लिए सरकार राज्य में हवाई सेवाओं के लिए मजबूत बुनियादी सेवाएं जुटा रही है। इसी क्रम में बीते दो साल में राज्य में आठ स्थानों पर हैलीपोर्ट बनकर तैयार हो चुके हैं। जबकि छह अन्य स्थानों पर हेलीपोर्ट का निर्माण प्रगति पर है।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) बीते दो साल में सहस्रधारा, श्रीनगर, गौचर, चिन्यालीसौड़, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और मुनस्यारी में हैलीपोर्ट तैयार कर चुका है, जो अब यात्रियों को अपनी नियमित सेवाएं दे रहे हैं। इसके बाद यूकाडा त्रिजुगीनारायण, जोशीमठ, मसूरी, रामनगर, बागेश्वर, हरिद्वार में हैलीपोर्ट पर काम प्रारंभ कर चुका है। इन सभी जगह अगले एक साल में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यूकाडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी दयानंद सरस्वती के मुताबिक इसके साथ ही राज्य में अब 100 से अधिक हैलीपैड बनकर तैयार हो चुके हैं जो किसी भी यात्री सेवा या आपातकालीन स्थिति में ऑपरेशन के लिए उपलब्ध हैं। इस तरह राज्य में अब दूर दराज तक एयर कनेक्टिविटी के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो चुकी हैं।

जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार
राज्य सरकार पंतनगर और जौलीग्रांट एयरपोर्ट का विस्तार कर रही है। इसके लिए जमीन अधिगृहण की कार्यवाई की जा रही है। पंतनगर एयरपोर्ट का विकास ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की तर्ज पर जबकि जौलीग्रांट का विकास इंटरनेशनल मानकों के अनुसार किया जा रहा है।

क्या है हैलीपोर्ट
हैलीपोर्ट पर एक साथ कई हैलीकॉप्टर की पार्किंग, मेंटीनेंस (हैंगर) सुविधा के साथ ही यात्रियों के लिए विश्राम करने, कैंटीन, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। हैलीपोर्ट का निर्माण एयरपोर्ट की तर्ज पर किया जाता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश का आम आदमी भी हवाई सफर कर सके। इसके लिए उत्तराखंड में उड़ान योजना के साथ ही मुख्यमंत्री उड़नखटौला योजना के जरिए, हवाई सेवाओं का विकास किया जा रहा है। इसका लाभ तीर्थाटन और पयर्टन गतिविधियां बढ़ने के रूप में भी मिलेगा।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के आयोजन की जिम्मेदारी को एक सप्ताह में एक्शन प्लान तय करने के निर्देश

सीएस राधा रतूड़ी ने 12 जनवरी 2025 को देहरादून में प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन के आयोजन के दौरान विभिन्न सत्रों की जिम्मेदारी सम्बन्धित सचिवों को देते हुए एक सप्ताह में कार्ययोजना तय करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन के दौरान आयोजित होने वाले सत्रों में राज्य में विभिन्न क्षेत्रों जैसे मैन्युफेक्चरिंग, पावर जनरेशन, स्टार्ट-अप आदि में निवेश के सम्भावनाओं पर चर्चा करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेषकर पर्यटन, कृषि, बागवानी, ग्राम्य विकास, उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेण्ट, हेल्थ केयर, आयुष, योगा आदि पर विचार मंथन करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इन सत्रों में विषय विशेषज्ञों एवं अधिकारियों के साथ ही अतिथि प्रवासियों को भी वक्ताओं के रूप में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन के आयोजन के दौरान राज्य की लोक संस्कृति, खानपान, स्थानीय हस्तशिल्प, उत्पादों के बेहतरीन प्रदर्शन के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सम्मेलन के दौरान आयोजित किए जाने वाले प्रत्येक सत्र हेतु सम्बन्धित विभाग के सचिव को नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को सम्मेलन के आयोजन के दौरान शहर एवं आयोजन स्थल की स्वच्छता, पार्किंग व्यवस्था, विदेश से आने वाले प्रवासी अतिथियों के स्वागत-सत्कार हेतु सम्पर्क अधिकारियों, परिवहन, प्रोटोकॉल, रहने, ट्रैफिक की पुख्ता व्यवस्था हेतु निर्देश दिए हैं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव मीनाक्षी सुन्दरम, सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन सहित सभी विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

पीएम के नौ आग्रह के अनुपालन में की जा रही कार्यवाही पर मुख्य सचिव स्वंय लेगी नियमित अपडेट

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड राज्य के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये संबोधन में उत्तराखण्ड राज्य के निवासियों एवं उत्तराखण्ड में बाहर से आने वाले पर्यटकों से किये गए आग्रहो के अनुपालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपर मुख्य सचिव,प्रमुख सचिवो, सचिवो, प्रभारी सचिवो सभी जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री के आग्रह के अनुपालन हेतु गढ़वाली, कुमाऊनी, जौनसारी जैसी स्थानीय बोलियों के संरक्षण के संबंध में उच्च शिक्षा एवं विद्यालयी शिक्षा विभाग को एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु किये गए आग्रह के सम्बन्ध में वन एवं पर्यावरण विभाग को एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया था कि देव भूमि के लोग प्रकृति और पर्यावरण के कितने बड़े प्रेमी होते हैं। यह पूरा देश जानता है। उत्तराखण्ड तो गौरा देवी की भूमि है और यहां हर महिला मां नंदा का रूप है। बहुत आवश्यक है कि हम प्रकृति की रक्षा करें। इसलिए मेरा दूसरा आग्रह है-एक पेड़ मां के नाम, हर किसी ने इस आंदोलन को आगे बढ़ाना है। आजकल आप देख रहें हैं देश भर में ये अभियान तेज गति से चल रहा है। उत्तराखण्ड भी इस दिशा में जितनी तेजी से काम करेगा, उतना ही हम क्लाईमेट चेंज की चुनौती से लड़ पाएंगे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री द्वारा नदियों के संरक्षण हेतु किए गए आग्रह के अनुपालन हेतु जलागम विभाग को एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री द्वारा आग्रह किया गया था कि उत्तराखण्ड में तो नौलो धारों की पूजा की परंपरा है। आप सभी नदी-नौलों का संरक्षण करें, पानी की स्वच्छता को बढ़ाने वाले अभियानों को गति दे, यह मेरा आपसे तीसरा आग्रह है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेशवासियों से अपने गांवो से जुड़ने के आग्रह के अनुपालन हेतु सामान्य प्रशासन विभाग को एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया था कि मेरा चौथा आग्रह है अपनी जड़ों से जुड़े रहें, अपने गांव लगातार जाएं और रिटायरमेंट के बाद तो जरूर अपने गांवों में जाएं। वहां से संबंध मजबूत रखें।

मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेशवासियों से अपने गांवो में परंपरागत घरों के संरक्षण हेतु किए गए आग्रह के अनुपालन हेतु पर्यटन विभाग को एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया था कि उत्तराखण्ड के लोगों से मेरा पांचवा आग्रह है अपने गांव के पुराने घरों, जिन्हें आप विवरी वाले घर कहते हैं, उन्हें भी बचाएं। इन घरों को भूले नहीं। इन्हें होमस्टे बनाकर, अपनी आय बढ़ाने का साधन बना सकते हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री द्वारा बाहर से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं से किए गए चार आग्रह के अनुपालन हेतु पर्यटन विभाग को समस्त संबंधित विभागों से यथावश्यक समन्वय करते हुए जन जाग्रति लाने हेतु एक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया था कि उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटकों की संख्या हर साल बढ़ रही है और देश के कोने-कोने से आते हैं. विदेशों से आते हैं। पहला आग्रह है जब भी आप हिमालय की गोद में पहाड़ों पर घूमने जाएं। स्वच्छता को सर्वाेपरि रखें। इस प्रण के साथ जाएं कि आप सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करेंगे। दूसरा आग्रह है- वोकल फॉर लोकल के मंत्रों को वहां भी याद रखें। आपकी यात्रा का जो खर्च होता है, उसमें से कम से कम 5ः स्थानीय लोगों के द्वारा उत्पादित किए गए प्रोडक्ट खरीदनें में खर्च करें। तीसरा आग्रह है- पहाड़ पर जाएं तो वहां के ट्रैफिक नियमों का जरूर ध्यान रखें। सावधान रहें. हर किसी का जीवन अमूल्य है।

मेरा चौथा आग्रह है- धार्मिक स्थलों के रीति-रिवाजों वहां के नियम कायदों के बारे में यात्रा से पहले जरूर पता कर लें। वहां की मर्यादा का जरूर ध्यान रखें। इसमें आपको उत्तराखण्ड के लोगों से बहुत मदद मिल सकती है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री द्वारा राज्य के समग्र विकास हेतु किये गये उक्त सभी आग्रहों के अनुपालन हेतु सभी विभागों द्वारा सम्बन्धित बिन्दुओं पर यथावश्यक कार्यवाही की जानी है। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए हैं कि उत्तराखण्ड राज्य में बाहर से आने वाले पर्यटकों से किये गये आग्रहों का भी व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु यथोचित कार्यवाही तथा समय-समय पर उक्त के संबंध में की जा रही कार्यवाही से मुख्य सचिव को अवगत कराया जाएगा ।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा किए गए उक्त नौ आग्रह उत्तराखण्ड राज्य के सर्वांगीण विकास सहित देश के विकास में सहायक है।

उत्तराखंड आवास विकास परिषद 15 आवासीय परियोजनाओं पर कर रहा है काम

सर के ऊपर पक्की छत का सपना, हर कोई देखता है। पर जमीन से लेकर निर्माण की लागत के कारण लाखों लोग इस सपने को पूरा करने से वंचित रह जाते हैं। उत्तराखंड आवास विकास परिषद और एमडीडीए इसी क्रम में निर्बल आय वर्ग वाले परिवारों के लिए करीब 16 हजार किफायती घरों का निर्माण कर रहे हैं।

उत्तराखंड आवास विकास परिषद राज्य बनने के बाद पहली बार अपनी आवासीय परियोजनाओं पर काम कर रहा है। परिषद 15 परियोजनाएं निजी निवेशकों के साथ तैयार कर रहा है, जिसमें कुल 12,856 आवास शामिल हैं। जबकि शेष पांच संबंधित विकास प्राधिकरणों द्वारा विकसित की जा रही हैं, प्राधिकरणों के जरिए कुल 3104 आवास तैयार किये जा रहे हैं। अपर आयुक्त आवास पीसी दुम्का के मुताबिक अब तक निजी भागीदारी के साथ 1760 घर बनाते हुए लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं, जबकि 14635 आवासों का आबंटन भी किया जा चुका है। शेष सभी परियोजनाओं को मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

लाभार्थी को ढाई लाख में मिलता है घर
योजना के तहत निजी निवेशक छह लाख रुपए की लागत से दो कमरे, किचन और शौचालय जैसी सुविधाओं से युक्त घर तैयार करता है, जिसमें से उन्हें केद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से साढ़े तीन लाख रुपए मिलते हैं, इस तरह लाभार्थी को महज ढाई लाख रुपए की लागत में आसान होम लोन के जरिए घर मिल जाता है। इसमें जमीन सहित निर्माण का समस्त खर्च निजी निवेशक द्वारा उठाया जाता है। योजना के तहत तीन लाख रुपए से कम सालाना आय वर्ग वाले आवासहीन परिवार पात्र होते हैं। साथ ही पात्र परिवार का 15 जून 2015 से पहले उत्तराखंड का निवासी होना भी जरूरी है।

एमडीडीए की तीन परियोजनाएं
योजना के तहत मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ट्रांसपोर्ट नगर में 224, तरला आमवाला में 240 फ्लैट वाली परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि धौलास में 240 फ्लैट मार्च 2025 तक तैयार हो जाएंगे। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के मुताबिक परियोजना के लिए लाभार्थियों का चयन पारदर्शिता के साथ किया गया है। तय समय में सभी को फ्लैट की चाबी सौंप दी जाएगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अंत्योदय के लक्ष्य को केंद्रित करते हुए, पीएम आवास योजना लागू की है। इसके तहत आवासहीन परिवारों को पक्का घर बनाकर दिया जा रहा है। उत्तराखंड में आवास विकास प्राधिकरण ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

ऋषिकेश में राफ़्टिंग बेस स्टेशन को सीएम ने जताया प्रधानमंत्री मोदी का आभार

केंद्र सरकार द्यारा पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के अंतर्गत ऋषिकेश में आधुनिक राफ़्टिंग बेस स्टेशन स्वीकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय पयर्टन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऋषिकेश राफ्टिंग के लिए प्रमुख डेस्टिनेशन के रूप में अपनी जगह बना चुका है। अब यहां 100 करोड़ की लागत से राफ्टिंग बेस स्टेशन तैयार किए जाने से, राफ्टिंग गतिविधियों के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित हो सकेंगी। इससे ऋषिकेश में राफ्टिंग गतिविधियां तेज होंगी, जिसका लाभ आस पास के क्षेत्र में पयर्टन गतिविधियां बढ़ने के रूप में मिलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस परियोजना के तहत राफ्टिंग केंद्रों पर शौचालय, कपड़े बदलने की सुविधा के साथ ही खानपान की सुविधा भी विकसित की जाएंगी। साथ ही तपोवन क्षेत्र में भीड़-भाड़ कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी निर्माण किया जाना है। इस परियोजना के माध्यम से लगभग 1500 लोगों को रोजगार मिलने का भी अनुमान है। योजना के लिए ज़मीन उपलब्ध कराने में राज्य सरकार पूरा सहयोग देगी। दो वर्ष की तय समय सीमा में इस कार्य को पूरा किया जाएगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन में उत्तराखंड के लिए विशेष स्थान है। यही कारण है कि केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद उत्तराखंड को हर स्तर पर सहयोग मिल रहा है। चारधाम यात्रा मार्ग, कर्णप्रयाग रेल लाइन से लेकर हमारे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर हो रहे विकास कार्य इसके उदाहरण है। अब मोदी जी ने ऋषिकेश के लिए 100 करोड़ रुपए की विकास परियोजना को मंजूरी प्रदान कर, उत्तराखंड के लोगों को एक और उपहार दिया है। इसके लिए उत्तराखंडवासी उनके हमेशा आभारी रहेंगे।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री