सभी दिव्यांगों को जिलेवार विशेष कैंप अगले विश्व दिव्यांग दिवस तक होंगे आयोजित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पूर्व में की गई घोषणा के तहत अगले विश्व दिव्यांग दिवस तक सभी दिव्यांग जनो को जिलेवार विशेष कैम्प आयोजित कर उनकी आवश्यकतानुसार उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराये जाने तथा दिव्यांग छात्रों को सिविल सेवा परीक्षा हेतु निःशुल्क ऑन लाईन कोचिग व्यवस्था किये जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा विद्यानसभा क्षेत्र रूद्रपुर के ग्रामीण क्षेत्र हरिचांद गुरूचांद बंग विशाल सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु 69.19 लाख की वित्तीय स्वीकृति के साथ देहरादून में बलभद्र खलंगा मेले के आयोजन हेतु 5 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने बेस चिकित्सालय, पिथौरागढ़ के लिये चण्डाक मोटर मार्ग के उचित स्थान से एप्रोच रोड का निर्माण किये जाने, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़ से सटे हुये अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग के सरकारी आवास को अयन्त्र स्थान पर शिफ्ट करते हुये जिला अस्पताल का विस्तार किये जाने, ध्वज जयन्ती माता मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विकास कार्य किये जाने तथा तहसील मुख्यालय देवलस्थल में आयोजित होने वाले बाराबीसी महोत्सव के आयोजन हेतु रूपये पाँच लाख का आर्थिक अनुदान प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने सीपू (गलाती नाला) एवं कालिका नाले (पुल तक) धारचूला, में सुरक्षात्मक कार्य किये जाने, पिथौरागढ़ में निवासरत राजी जनजाति को प्रशिक्षण दिये जाने, मुख्य राज मार्ग धारचूला-टनकपुर से सम्पर्क मार्ग ओगला हशेस्वर मिलान का कार्य के साथ मूलघाट से जौलजीवी सड़क मार्ग में तालेश्वर मंदिर के समीप दोनों और स्वागत द्वार का निर्माण किये जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा तहसील गैरसैंण के ग्राम सारकोट को आदर्श ग्राम सभा बनाये जाने के साथ सारकोट से भराड़ीसैण मोटर मार्ग का डामरीकरण कर उसका नाम शहीद स्व0 श्री वासुदेव के नाम पर किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने विधान समा क्षेत्र कर्णप्रयाग स्थित उत्तराखण्ड के एकमात्र दानवीर कर्ण के मंदिर का सौन्दर्गीकरण किये जाने की स्वीकृति प्रदान करते हुए गैरसैण को गढ़वाल एवं कुमाऊ जनपदों से जोड़ने तथा पर्यटन को सुगम एवं सुविधाजनक बनाये जाने हेतु गैरसैंण में उत्तराखण्ड परिवहन निगम का डिपो बनाये जाने के लिये विभागीय का आख्या उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये है।

राज्य की प्रगति से केंद्र संतुष्ट, उत्तराखंड से ही सबसे ज्यादा उम्मीद

केंद्र सरकार के बेहद महत्वपूर्ण प्रकृति परीक्षण अभियान में उत्तराखंड के कदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आयुर्वेद के जरिये हर एक नागरिक के उत्तम स्वास्थ्य के संकल्प वाले इस अभियान में राज्य की प्रगति से केंद्र सरकार संतुष्ट है। आयुर्वेद के मामले में प्रदेश की विशिष्ट स्थिति की वजह से केंद्र सरकार सबसे ज्यादा उम्मीद उत्तराखंड से ही लगाए हुए हैं।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 की रोशनी में उत्तराखंड में प्रकृति परीक्षण अभियान के और तेज होने की उम्मीद की जा रही है। दरअसल, केंद्रीय आयुष मंत्रालय इन दिनों पूरे देश में प्रकृति परीक्षण अभियान चला रहा है। इसमें किसी भी व्यक्ति की प्रकृति को आयुर्वेद के नजरिये से परखा जा रहा है। यानी किसी व्यक्ति में वात, पित्त और कफ या आयुर्वेद के त्रिदोष सिद्धांत के आधार पर स्वास्थ्य की क्या स्थिति है, इसका आंकलन किया जा रहा है। यह अभियान 29 अक्टूबर से शुरू हुआ है, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में किया। यह अभियान 25 दिसंबर तक चलेगा। इस अभियान के तहत पूरे देश में एक करोड़ लोगों के प्रकृति के परीक्षण का संकल्प प्रकट किया गया है।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो में भाग लेने के लिए आए केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव के अनुसार-उत्तराखंड देवभूमि है और आयुर्वेद के लिहाज से सबसे समृद्ध है। प्रकृति परीक्षण अभियान के जरिये देवभूमि के लोगों के आरोग्य के लिए कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय आयुष सचिव वैद्य राजेश कुटेचा के अनुसार-प्रकृति परीक्षण अभियान के पूरे देश में अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। उत्तराखंड भी इस अभियान में देश के साथ अच्छे से कदमताल कर रहा है।

उत्तराखंड की आयुर्वेद के मामले में विशिष्ट स्थिति है। इसलिए हमें उत्तराखंड से खास उम्मीद है। अभी तक हमने जो पाया है, उसके अनुसार, उत्तराखंड की प्रगति बहुत अच्छी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आयुष के जरिए लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। इस अभियान के शुरू होने से पहले ही उन्होंने लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए कई अच्छे कदम उठाए हैं।
डा आशुतोष गुप्ता, सचिव, देश का प्रकृति परीक्षण अभियान।

मै हमेशा यह कहता हूं कि उत्तराखंड आयुर्वेद की प्रारंभ से ही प्रज्ञा भूमि रही है। आयुर्वेद केवल उपचार की चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि इससे कहीं आगे बढ़कर जीवन जीने की विशिष्ट कला है। प्रकृति परीक्षण अभियान और केंद्र की आयुष संबंधी सभी योजनाओं के मार्फत लोगों का उत्तम स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
(पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री)

2027 तक उत्तराखंड की जीएसडीपी दोगुना करने का लक्ष्यः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड / 2025 की समीक्षा करते हुए कहा कि पूर्व में उत्तराखण्ड के रजत उत्सव वर्ष तक सभी विभागों को दो-दो गेम चेंजर योजनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिये गये थे। सभी विभागों को उन्होंने इस संबंध में हुई कार्य प्रगति का स्पष्ट विवरण आगामी बैठक में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 तक राज्य की जीएसडीपी दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए सभी विभाग अल्पकालिक, मध्यकालिक तथा दीर्घकालिक योजना के अनुसार तेजी से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जो भी कार्य किये जाएं उनका परिणाम धारातल पर पूर्ण रूप से दिखाई दे। कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्यों में तेजी लाने के लिए सचिव और विभागाध्यक्षों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श उत्तराखण्ड की दिशा में तेजी से कार्य किया जाना अधिकारियों का दायित्व है। राज्य की आर्थिकी बढ़ाने के लिए नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। कृषि, बागवानी, ऊर्जा, पर्यटन, आयुष जैसे क्षेत्रों में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में रोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्वेस्टर समिट के दौरान आये निवेश प्रस्तावों की तेजी से ग्राउंडिंग हो, इसके लिए और प्रभावी प्रयास किये जाएं।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, सेतु के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्ध्रन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत सिन्हा, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन पाण्डेय एवं सबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

शीतकालीन चारधाम यात्रा के लिये पंडा पुजारियों ने जताया सीएम का आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में उत्तराखण्ड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के सदस्यों और पंडा पुजारियों ने भेंट की। उन्होने चारधामों में शीतकालीन दर्शन यात्रा के लिये मुख्यमंत्री द्वारा की गई अभिनव पहल के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होने 16 दिसम्बर से आरम्भ होने वाली शीतकालीन यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री को भी आमंत्रित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन चार धाम यात्रा के सफल संचालन में चार धाम तीर्थ पुरोहित महा पंचायत के साथ अन्य सभी सम्बन्धित संस्थानो एवं संगठनो आदि को भी सहयोगी बनना होगा। उन्होने कहा कि शीतकालीन चार धाम यात्रा सफलता पूर्वक संचालन हो, इसके लिये सभी सम्बधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है। शीतकालीन यात्रा से राज्य की आर्थिकी को भी बढावा देने में मदद मिलेगी तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होगें। पंच बद्री व पंच केदार के साथ ही चारों धामों के शीतकालीन यात्रा प्रवास के आसपास के प्रमुख तीर्थ एवं पर्यटक स्थलों को विकसित करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिये गये है। चारधाम यात्रा मार्गों के आबादी वाले क्षेत्रों में सुगम यातायात एवं पार्किंग की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश सभी सम्बधित विभागीय अधिकारियों को दिये गये है।

महा पंचायत के सदस्यों और पंडा पुजारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखण्ड के चार धामों, यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के बाद इन धामों की शीतकालीन पूजा, मां यमुना की खरसाली (खुशी मठ) मां गंगा की मुखवा (मुखीमठ), केदारनाथ की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ एवं उद्धव व कुबेर की पूजा पांडुकेश्वर तथा शंकराचार्य के गद्दी स्थल ज्योतिर्मठ के नृसिंह मंदिर में की जाती है। चारों धामों के तीर्थ पुरोहित एवं पुजारी समाज द्वारा मुख्यमंत्री से चारों धामों के शीतकालीन पूजा स्थलों का व्यापक प्रचार प्रसार के साथ ही इन पूजा स्थलों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर चारधाम महा पंचायत के अध्यक्ष एवं गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव श्री सुरेश सेमवाल, महापंचायत के महासचिव बृजेश सती, मीडिया प्रभारी रजनीकांत सेमवाल, गंगा पुरोहित सभा अध्यक्ष संजीव सेमवाल, निखिलेश सेमवाल, अनिरूध उनियाल, जगमोहन उनियाल, उमेश सती, प्रशांत डिमरी आदि अन्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न योजनाओं के लिये वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र बदरीनाथ के ग्राम मलारी स्थित माँ हीरामणि के मंदिर एवं धरमनी सामुदायिक स्थल के सौन्दर्याकरण हेतु 45.06 लाख, जनपद रूद्रप्रयाग के विधानसभा क्षेत्र केदारनाथ में महर्षि अगस्त्यमुनि के मंदिर के सौन्दर्याकरण हेतु 57.64 लाख, जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र धारचूला में कालीपातल फापा से चल्था खोलबन अश्वमार्ग निर्माण हेतु 40.96 लाख, जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट की तहसील कनालीछीना ग्राम टुण्डी में जन मिलन केन्द्र की स्थापना हेतु 21.09 लाख, जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के डोबरी से वेगा देवी मंदिर सी०सी० मार्ग एवं मेला स्थल का विकास हेतु 51.36 लाख, जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के ग्राम सभा सल्मोडा स्थित प्रसिद्ध थामा देवी मंदिर मेला स्थल सौन्दर्याकरण व पहुंच मार्ग यात्री शैड निर्माण हेतु 45.33 लाख कि वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा अल्पसंख्यक विकास निधि के योजनान्तर्गत गुरु नानक पब्लिक महिला इण्टर कॉलेज (बन्नू स्कूल के सामने) रेसकोर्स, देहरादून के कीडा मैदान की चारदीवारी के निर्माण हेतु ₹ 50.27 लाख की वित्तीय स्वीकृति की गई है।

धामी कैबिनेट में 22 बिंदुओं पर हुई विस्तार से चर्चा, यह रहे निर्णय

उत्तराखंड कैबिनेट की मीटिंग में आवास नीति को मंजूरी मिल गई है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सीमा को पांच लाख तक बढ़ाया गया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 22 बिंदुओं पर चर्चा हुई।
यह लिए गए फैसले
सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि ऊर्जा और आवास विभाग के मामले बिजली उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी देने का फैसला लिया गया।
एलआइजी और एलएमआइजी को लेकर भी हुआ फैसला। पर्वतीय इलाकों में बाखली बनाने वालों को मिलेगी सब्सिडी।
30 जून और 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले कर्मचारियों को पूरे साल का पेंसनरी बेनिफिट नोशनल इनक्रीमेंट दिया जाएगा।
वाहन चालकों के भत्ते के रूप में मिलेंगे 3 हजार, वर्दी भत्ते के रूप में पहले 2400 था।
मानवाधिकार आयोग में विभाग अध्यक्ष के रूप में वित्तीय अधिकार दिए जाएंगे।
डॉक्टरों के इनक्रीमेंट को लेकर हुआ फैसला।
अब लिंग परिवर्तन करने वालों को नाम परिवर्तन करना होगा आसान।
खेल विश्वविद्यालय को फिर से अध्यादेश के रूप में सदन में रखा जाएगा।
गौ सदन को लेकर हुआ फैसला। शहरी इलाकों में शहरी विकास विभाग और ग्रामीण इलाकों में पंचायतें इसे बनाएंगी, प्रोत्साहन के लिए भी प्रावधान होगा।
प्रदेश ट्रांसजेंडर बोर्ड के गठन को मंजूरी
पटवारी व कानूनगो की हड़ताल अवधि को उपर्जित अवकाश के रूप में देने को मंजूरी।
सेब, माल्टा, गलगल का वित्त विभाग के अनुमोदन से अब विभाग ही इनका न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर सकेगा।
रेरा के वार्षिक पर प्रतिवेदन को विधानसभा में पटल पर रखने की मंजूरी।
मुख्यमंत्री शैक्षिक भ्रमण योजना के तहत अब उच्चशिक्षा के छात्रों के साथ ही शिक्षकों को भी भारत दर्शन कराया जाएगा। प्रतिष्ठित संस्थान भी घुमाया जाएगा।
30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों नोशनल वेतनवृद्धि
कैबिनेट ने अहम निर्णय के तहत 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के पेंशन की गणना के लिए उन्हें एक नोशनल वेतनवृद्धि दी जाएगी। इससे उन्हें पद के अनुरूप पूरी पेंशन मिल सकेगी। राज्य के विभिन्न कर्मचारी संगठन इसकी लंबे समय से मांग कर रहे थे।

राज्य में राजकीय कार्मिकों के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि की तिथि एक जनवरी और और जुलाई निर्धारित की गई है। इस तिथि से उन्हें बढ़ा हुआ वेतन दिया जाता है। वहीं राज्य में कई कर्मचारी ऐसे हैं जो अधिवर्षता आयु पूरा कर प्रतिवर्ष 30 जून और 31 जून को सेवानिवृत्त होते हैं।
इनमें कई सरकार सेवक ऐसे हैं जो एक ही वेतन स्तर पर इस तिथि में सेवानिवृत्त हो जाते हैं। उन्होंने आगामी वेतनवृद्धि इसलिए नहीं मिलती क्योंकि सरकारी सेवकों को वार्षिक वेतनवृद्धि एक वर्ष की संतोषजनक सेवा के बाद मिलती है।

इन कर्मचारियों के हितों को देखते हुए राज्य सरकार ने 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पेंशन गणना के लिए नोशनल वेतन वृद्धि देेने का निर्णय लिया है। यद्यपि यह स्पष्ट किया गया है कि सेवानिवृत्ति के उपरांत मिलने वाले अन्य लाभों के लिए नोशनल वेतनवृद्धि की गणना नहीं की जाएगी।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस 2024 में तीन दिन तक चलेगी इंटरनेशनल असेंबली

दुनिया में आयुर्वेद का परचम लहराने की रणनीति उत्तराखंड की धरती पर बनेगी। वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो 2024 में तीन दिन इंटरनेशनल असेंबली का आयोजन किया जा रहा है। दुनिया के विभिन्न देशों में केंद्रीय आयुष मंत्रालय के स्तर पर स्थापित आयुष चेयर के प्रतिनिधि इस असेंबली में उपस्थित रह कर विचार विमर्श करेंगे। मकसद ये ही है कि दुनिया के तमाम देशों में आयुर्वेद के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए रणनीति तैयार की जा सके।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो 2024 में जो कार्यक्रम फाइनल हुआ है, उसमे इंटरनेशनल असेंबली तीन दिन कराए जाने का निर्णय लिया गया है। 12 से लेकर 14 दिसंबर तक हर दिन असेंबली का कार्यक्रम रखा गया है। प्रमुख रूप से अमेरिका, ब्रिटेन, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, श्री लंका, इटली, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, कनाडा, नीदरलैंड, पुर्तगाल सिंगापुर जैसे देशों में स्थापित आयुष चेयर के डेलीगेट्स असेंबली का हिस्सा होंगे, जिनकी संख्या 40 से 50 के करीब रहेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह दुनिया में आयुष के प्रचार के लिए ब्रांड एंबेसडर बन कर कार्य किया है, उससे आयुष के लिए बेहतर माहौल बन रहा है। उत्तराखंड भी इस अभियान में कदमताल कर रहा है। अब वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस जैसे विश्व स्तरीय कार्यक्रम की मेजबानी का उत्तराखंड को महत्वपूर्ण अवसर मिला है।

पहला हिमालयी राज्य, जहां हो रहा आयोजन

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 के दसवें संस्करण की मेजबानी कर रहे उत्तराखंड के नाम एक उपलब्धि दर्ज हुई है। यह पहला हिमालयी राज्य है, जहां पर आयुर्वेद का विश्व स्तरीय यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वर्ष 2022 से यह आयोजन शुरू हुआ है। कोच्चि केरल को इसके पहले संस्करण की मेजबानी का अवसर मिला था। इसके बाद, देश के विभिन्न हिस्सों में इसके आयोजन हुए हैं। उत्तर भारत क्षेत्र की बात करे, तो सिर्फ दिल्ली में अभी तक यह आयोजन हुआ है। वर्ष 2014 में परेड ग्राउंड में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उत्तराखंड इस हिसाब से दिल्ली के बाद उत्तर भारत का दूसरा राज्य बन रहा है, जहां पर यह आयोजन किया जा रहा है।
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उत्तराखंड का सौभाग्य है कि वह आयुर्वेद के इस विश्व स्तरीय कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा है। आयुर्वेद के लिहाज से उत्तराखंड की धरती हमेशा से समृद्ध रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आयुष को दुनिया भर में प्रचारित प्रसारित करने का बीड़ा उठाया है। इस आयोजन से निश्चित तौर पर हम इस दिशा में और आगे बढ़ेंगे।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सीएम धामी के निर्देश पर अधिकारी गांवों में रात्रि प्रवास कर स्थानीय लोगों से करेंगे संवाद

देहरादून। डबल इंजन सरकार की योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्प है। अब अपर सचिव स्तर के अधिकारी राज्य के हर विकासखंड में जाएंगे और राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। सभी अधिकारी विकासखंड के एक या दो गांवों में रात्रि प्रवास कर स्थानीय लोगों से भी संवाद करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विभागों को प्रदेश और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। राज्य में गांवों के विकास का क्या हाल है, प्रदेश और केंद्र की ओर से संचालित विकास योजनाओं की क्या स्थिति है, स्थानीय लोगों की विशिष्ट समस्याएं क्या हैं, इसका जायजा लेने के लिए अपर सचिव स्तर के अधिकारी सभी 13 जिलों के 95 विकासखंडों में पहुंचेंगे और विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।

शासनादेश के अनुसार सभी अधिकारी विकास योजनाओं का निरीक्षण कर केंद्र और प्रदेश स्तर के ध्वजवाहक कार्यक्रमों व अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षात्मक रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही ब्लॉक स्तर पर होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों में भी प्रतिभाग करेंगे। केंद्र और प्रदेश की लाभार्थी परक योजनाओं का स्थलीय सत्यापन कर देखेंगे कि पात्र लोग लाभान्वित हो रहे हैं या नहीं।

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हमारी सरकार प्रदेश और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशानिर्देशन में उत्तराखण्ड के विकास को नई गति दी जा रही है। हम ‘अंत्योदय एवं गरीब कल्याण’ के संकल्प को सिद्धि की ओर ले जाने के लिए तत्पर हैं। विकास गांव के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए उच्च स्तरीय अधिकारियों को मॉनिटरिंग का जिम्मा दिया गया है। अपर सचिव स्तर के अधिकारी गांवों के प्रवास पर जाएंगे तो विकास की वस्तुस्थिति की पूरी जानकारी शासन को हो सकेगी। वरिष्ठ अधिकारियों के दूरस्थ गांवों का हाल जानने से विकास की योजनाएं भी गांवों की जरूरत के अनुसार बनाई जा सकेंगी।
– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड 

मुख्यमंत्री ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित रैन बसेरे का किया औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर शाम आई.एस.बी.टी, देहरादून में बेसहारा एवं बेघर लोगों, मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों को सर्दी से बचाव हेतु कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री ने ट्रांसपोर्ट नगर आईएसबीटी स्थित रैन बसेरे का भी औचक निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने रैन बसेरे में रह रहे लोगों का कुशलक्षेम जाना।

मुख्यमंत्री ने आई.एस.बी.टी में कंबल वितरण के दौरान सभी का कुशलक्षेम जाना एंव प्रशासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कंबल, गर्म कपड़े वितरण के साथ ही सर्दी से बचाव के लिए अलाव जलाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने आईएसबीटी में यात्रियों के लिए भी ठंड से बचाव हेतु व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

ट्रांसपोर्ट नगर स्थित रैन बसेरे के औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां रह रहे श्रमिकों के साथ अलाव भी सेखा। उन्होंने अधिकारियों को रैन बसेरों में पर्याप्त सुविधाओं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा रैन बसेरे पर्याप्त मात्रा में बिस्तर हो। उन्होंने कहा शहर में सड़को किनारे रह रहे लोगों, आवासहीन लोगों और परिवारों को भी रैन बसेरे में शिफ्ट किया जाए। उन्होंने कहा खासकर बच्चों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और बीमार लोगों को तत्काल रैन बसेरा की सुविधा दी जाए। उन्होंने रैन बसेरे में आवश्यकता अनुसार भोजन की व्यवस्था कराने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जरूरतमंद लोगों को तय समय के अंदर कंबल वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य में कोई भी व्यक्ति सर्दी की चपेट में ना आए। उन्होंने कहा हमने जन सेवा के भाव से इस पूरे शीतकाल में बेसहारा लोगों की हर संभव सहायता करनी है। मुख्यमंत्री ने शहर में विभिन्न प्रमुख स्थानों में भी विशेष रूप से अलाव जलाने के भी निर्देश दिए।

भू कानून को लेकर आम जनता, सामाजिक कार्यकर्ता, राज्य आंदोलनकारी, राजनीतिक कार्यकर्ता के सुझाव शामिल करेंः सीएस

सशक्त भू-कानून के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों द्वारा तहसील स्तर पर सभी हितधारकों से की गई बैठकों की रिपोर्ट की अपडेट लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रत्येक जिले में भू-कानून से सम्बन्धित सुझाव प्राप्त हुए एक सारगर्भित रिपोर्ट तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में विडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समस्त जिलाधिकारियों के साथ भू-कानून से सम्बन्धित बैठक लेते हुए सीएस राधा रतूड़ी जिलाधिकारियों को भू-कानून के सम्बन्ध शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट/प्रपत्र में धरातल स्तर पर सभी हितधारकों जिनमें आम जनता, सामाजिक कार्यकर्ता, राज्य आन्दोलकारी, राजनैतिक कार्यकर्ता सहित सभी वर्गाे के सुझावों को सम्मिलित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि अल्मोड़ा एवं नैनीताल के अतिरिक्त सभी जिलों से रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भू-कानून के सम्बन्ध में प्रत्येक जिले की प्रत्येक तहसील में हितधारकों के साथ अभी तक कितनी बैठके हुई यह स्पष्ट किया जाए। उन्होंने प्रत्येक तहसील की रिपोर्ट का गहन विश्लेषण करते हुए जिलास्तर पर एक सारगर्भित रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने कहा कि इस सम्बन्ध में बैठकों के आयोजन में तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव एस एन पाण्डेय, चन्द्रेश कुमार, जिलाधिकारी सविन बंसल, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव एवं राजस्व विभाग के अधिकारी सहित विडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी जिलो के जिलाधिकारी मौजूद रहे।