आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित करने के लिए अभी से पूरा प्लान बनाकर कार्य करेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में बैठक लेते हुए कहा कि केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थलों की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को जीएमवीएन के होटलों में किराये पर 25 प्रतिशत की छूट प्रदान की जायेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शीतकालीन यात्रा स्थलों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। इस यात्रा के लिए विभिन्न माध्यमों से विभिन्न राज्यों में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। उन्होंने कहा कि शीतकालीन यात्रा राज्य की आर्थिकी को बढ़ाने में भी गेम चेंजर साबित होगी। पंच बद्री और पंच केदार के साथ ही शीतकालीन यात्रा प्रवास के आस-पास के प्रमुख स्थलों को विकसित करने के भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं।

आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने संबधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि इस बार चारधाम यात्रा में जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा और उनका उचित समाधान कैसे किया जा सकता है, इस पर एक सप्ताह में शासन को रिपोर्ट प्रेषित करें। चारधाम यात्रा मार्गों पर प्रमुख आबादी वाले क्षेत्रों और होटलों के आस-पास सुव्यवस्थित पार्किंग बनाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य के मान और सम्मान से जुड़ी यात्रा है। यात्रा को सुविधायुक्त बनाना और श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में हर साल तेजी से वृद्धि हो रही है। चारों धामों में जुटाई गई अवस्थापना विकास की सुविधाओं के दृष्टिगत कैरिंग कैपिसिटी बढ़ाने की दिशा में कार्य किये जाएं। चारधामों के आस-पास के प्रमुख पौराणिक स्थलों को विकसित किया जाए और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। चारधाम यात्रा मार्गों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। यमुनोत्री के दर्शन के लिए वैकल्पिक मार्ग पर भी कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए स्टेक होल्डरों के साथ शासन स्तर पर बैठक की जाए। स्टेक होल्डरों से सुझाव लेकर यात्रा प्रबंधन के लिए जो अच्छा हो सकता है, वह किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले आगामी अर्द्धकुंभ के लिए अभी से तैयारियां शुरू की जाए। यह बड़ा आयोजन होता है, इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए अभी से हर क्षेत्र में कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर पर भी तेजी से कार्य किये जाएं। पूर्णागिरी और कैंची धाम में दर्शनार्थियों की सुविधा के दृष्टिगत वैकल्पिक मार्गों की दिशा में कार्य किया जाए और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य किए जाएं। आगामी नंदा देवी राजजात यात्रा के दृष्टिगत भी तैयारियां शुरू की जाए। प्रयागराज कुंभ के लिए राज्य से परिवहन की उचित व्यवस्था करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में आने वाले आगंतुकों और महानुभावों को सम्मान और उपहार में उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पाद ही प्रदान किये जाएं। इससे वोकल फॉर लोकल को भी बढ़ावा मिलेगा और हमारे स्थानीय उत्पादों को व्यापक स्तर पर अलग पहचान मिलेगी।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, एच.सी. सेमवाल, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी अंशुमन, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस में भोजन से लेकर मनोरंजन में दिखेंगी उत्तराखंडी छाप

देहरादून, 09 दिसंबर। आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 में खाने से लेकर मनोरंजन तक में उत्तराखंडी छाप देखने को मिलेगी। देश-विदेश के डेलीगेट्स की थाली में दो दर्जन से ज्यादा पहाड़ी आइटम परोसे जाएंगे। चार दिन का मेन्यू तैयार कर लिया गया है। दो दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तय हुए हैं, जिसमें मांगल गायन से लेकर छोलिया और अन्य उत्तराखंडी नृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी।

विश्व स्तरीय यह आयोजन 12 से 15 दिसंबर तक परेड ग्राउंड देहरादून में होने जा रहा है। इस दौरान आयुर्वेद पर गहन मंथन किया जाएगा। इस बडे़ अवसर पर पहाड़ी संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए भी कदम उठाए गए हैं। आयुष सचिव रविनाथ रमन के अनुसार डेलीगेट्स के भोजन और इस दौरान होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्तराखंड की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

देश-विदेश के डेलीगेट्स के लिए तय मेन्यू
12 दिसंबर 2024
मंडुवे की रोटी, घर का मक्खन, गहत की भरवा रोटी घी में सेकी, राई की सब्जी, गहत की दाल/तुअर की दाल, लाल साठी भात, झंगोरे की खीर, टिमरू की चटनी।
13 दिसंबर 2024
मंडुवे की रोटी, घर का मक्खन, पालक की काफली, उड़द की दाल, लाल साठी भात, बाल मिठाई, रोटने, भंगेरे/भंगजीरे की चटनी।

14 दिसंबर 2024
मंडुवे की रोटी, घर का मक्खन, गहत की भरवा रोटी घी में सेकी, आलू की थिच्वाणी, भट्ट की चुटकाणी, झंगोरे का भात, सिंगोरी मिठाई, केले के गुलगुले, सफेद भुने भट्ट और तिल की चटनी।
15 दिसंबर 2024
मंडुवे की रोटी, घर का मक्खन, तिल कुचाई, भट्ट की चुटकाणी, चंबा का राजमा, लाल साठी भात, घुगती, अस्के, पीली राय की चटनी।

उत्तराखंडी लोक संगीत के ये होंगे कार्यक्रम
12 दिसंबर 2024 सुबह के सांस्कृतिक कार्यक्रम
कंचन भंडारी एवं साथी-मांगल गायन
उद्याचल पर्वतीय कला समिति-छोलिया नृत्य
12 दिसंबर 2024 शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम
नव हिमालय लोक कला समिति-कुमाऊंनी लोक नृत्य
ब्रहम कमल सांस्कृतिक समिति-गढ़वाली लोक नृत्य
जौनसार बावर सांस्कृतिक गांव का रिवाज संस्था-जौनसारी लोक नृत्य
पद्मश्री प्रीतम भरतवाण-जागर
14 दिसंबर 2024 शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम
संस्कार सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण समिति-कुमाऊंनी लोक नृत्य
संगम सांस्कृतिक समिति-गढ़वाली लोकनृत्य
स्पर्श जनजाति सामाजिक एवं सांस्कृतिक संध्या-जौनसारी लोक नृत्य
संगीता ढौंडियाल-लोक गायन

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 का आयोजन उत्तराखंड के लिए हर तरह से महत्वपूर्ण अवसर है। आयुर्वेद के संबंध में गहन विचार मंथन का उत्तराखंड साक्षी बनेगा, साथ ही यहां की संस्कृति का भी देश-दुनिया में प्रचार होगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

निर्धन परिवारों के मृतकों के लिये दाह संस्कार की व्यवस्था जिलाधिकारी करेंगेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि जरूरतमंदों को समय पर एंबुलेंस और एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित करते हुए अविलम्ब इसकी एसओपी तैयार की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि अस्वस्थता के कारण किसी मृतक व्यक्ति के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारजनों के द्वारा मृतक के दाह संस्कार में कठिनाई व्यक्त करने पर इसके लिए आर्थिक सहायता अथवा मृतक व्यक्ति के दाह संस्कार की व्यवस्था संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी अपने स्तर से सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने ऐसे परिवारों जिन्हें मृतक व्यक्ति के शव को उनके घर तक पहुंचाने के लिए आर्थिक समस्या हो रही हो, ऐसे व्यक्ति के शव को एबुलेंस के माध्यम से घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी जिलाधिकारी अपने स्तर से करेंगे।

मुख्यमंत्री ने शीतकालीन चारधाम यात्रा के तहत उनके शीतकालीन स्थलों के पौराणिक महत्व एवं प्रभावी प्रचार-प्रसार करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने कहा कि इन स्थलों का प्राचीन काल से ही अपना विशिष्ट महत्व रहा है और श्रद्धालु इन स्थलों पर देव दर्शन करते रहे हैं। इन शीतकाल स्थलों के दर्शन से भी वही पुण्य प्राप्त होता है, जो नियमित यात्रा के दौरान होता है। शीतकाल में श्री केदारनाथ की ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में, बदरीनाथ की पाण्डुकेश्वर और नर्सिंग मंदिर ज्योर्तिमठ में, यमुनोत्री के खरसाली और गंगोत्री के मुखवा में पूजा अर्चना होती है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन और उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड प्राचीन काल से रही है आयुर्वेद व प्रज्ञा की भूमिः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड को योग एवं आयुष की भूमि बताते हुए देहरादून में आयोजित होने वाली 10वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस को आयुर्वेद के क्षेत्र में राज्य को नई पहचान दिलाने वाला प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि इस माह 12 से 15 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले इस वैश्विक आयोजन में होने वाले चिंतन, मंथन एवं विचार विमर्श से निकलने वाला अमृत आयुर्वेद के क्षेत्र में भारत को ही नहीं विश्व को जगाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में आयुर्वेद एवं आयुष का प्रभाव लोगों ने देखा है। सोमवार को मीडिया सेन्टर सचिवालय में 10वें विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के कर्टेन रेजर एवं प्रोग्राम गाइड का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह आयोजन सर्वे सन्तु निरामयः का संदेश भी घर घर तक पहुंचाने में मददगार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राचीन काल से आयुर्वेद व प्रज्ञा की भूमि रही है। हमारे ऋषि मुनियों एवं मनीषियों ने इस दिशा में व्यापक शोध कर हमें यह विधा प्रदान की है। हमारे राज्य की जलवायु औषधीय पादपों के सर्वथा अनुकूल है। आयुर्वेद का विषय राज्य के साथ हिमालय व वनों का भी है। हमारा राज्य हर क्षेत्र में अग्रणी बनें आगे बढ़े इस दिशा में हम प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अपने संदेश में कहा था कि उत्तराखण्ड में विकास का यज्ञ चल रहा है। प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन राज्य के विकास के प्रति हमें सतत प्रयत्नशील रहने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य हित में अनेक निर्णय लिये है। राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून बनाया गया है, समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में प्रयास जारी है। राज्य के समग्र विकास में हमारे प्रयासों को नीति आयोग द्वारा भी सराहा गया है। इसी का परिणाम है कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में राज्य को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक संपदा, औषधीय पौधों और शांत हिमालयीय वातावरण के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इस वैश्विक आयुर्वेद कांग्रेस में 58 देशों से 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं। जबकि देश भर के 6500 प्रतिनिधियों और 2 लाख आगंतुकों के साथ यह आयोजन ज्ञान और सहयोग का अद्वितीय मंच बनेगा। उत्तराखण्ड का पवेलियन-प्रदेश के 8 विभागों आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पर्यटन, उद्योग, उद्यान, ग्राम्य विकास के स्टॉल समेकित रूप से उत्तराखण्ड को आयुर्वेद और वेलनेस पर्यटन के प्रमुख केन्द्र के रूप में बढ़ावा देने में सहायक होंगे। यह आयुर्वेद के फायदों और आधुनिक तकनीक के साथ इसके एकीकरण के प्रति जागरूकता फैलायेगा तथा आयुर्वेद के क्षेत्र में ज्ञान साझा करने, शोध सहयोग और व्यापार के अवसरों को बढ़ावा देगा। उत्तराखण्ड और भारत में आयुष क्षेत्र के विकास और प्रगति में योगदान देने में भी यह आयोजन मददगार रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आयुष नीति के माध्यम से आयुष निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, कृषि सेक्टर को गति प्रदान की जा रही है। देश की प्रथम योग नीति निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है। जबकि राज्य में 03 नये 50 शैय्या युक्त आयुष चिकित्सालयों का निर्माण कार्य टिहरी /कोटद्वार/टनकपुर में किया जा रहा है। राज्य में आयुष आधारित 300 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना पूर्ण की जा चुकी है। सभी आयुष अस्पतालों में टेलीमेडिसिन/पंचकर्म/ मर्म चिकित्सा इत्यादि सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। राज्य के 150 से अधिक आयुष चिकित्सालय छ।ठभ् ।बबतमकपजंजपवद प्राप्त कर चुके है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूडी, सचिव रविनाथ रमन ने भी अपने विचार रखे। 10वें विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के ट्रस्टी श्री रजनीश पौराणिक द्वारा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का संचालन निदेशक आयुष विजय जोगदंडे ने किया।

राष्ट्रीय खेल उत्तराखण्ड को खेल भूमि के रूप में भी स्थापित करेंगेः धामी

उत्तराखण्ड में 28 जनवरी से 14 फरवरी 2025 तक होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए सभी तैयारियां बेहतर व्यवस्थाओं के साथ पूर्ण की जाएं। राष्ट्रीय खेल का आयोजन प्रदेश के लिए न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह प्रदेश की खेल संस्कृति और विकास को प्रोत्साहन देने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। राष्ट्रीय खेल उत्तराखण्ड को खेल भूमि के रूप में भी स्थापित करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में राष्ट्रीय खेल की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि खिलाड़ियों के लिए सभी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता वाली और सुगम हों। नेशनल गेम्स के सफल आयोजन के लिए प्रत्येक विभाग से एक नोडल अधिकारी की तैनाती की जाए। खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था, खान-पान, परिवहन और आयोजन स्थल तक पहुंचने की सभी सुविधाओं का प्रबंधन और निगरानी की समुचित व्यवस्था की जाए। भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि राष्ट्रीय खेलों के बेहतर आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं की प्रत्येक दिन समीक्षा की जाए। खेल मंत्री और स्वयं मुख्यमंत्री समय-समय पर राष्ट्रीय खेल के तैयारियों की समीक्षा करेंगे और विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी स्पोर्ट्स उपकरण की खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। आयोजन स्थलों पर चिकित्सा सुविधाओं का पुख्ता इंतजाम किया जाए। खेलों के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए। आयोजन स्थलों पर सुरक्षा के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरों और सिक्योरिटी की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आयोजन स्थलों पर पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए। प्लास्टिक के उपयोग को सीमित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। उत्तराखण्ड में होने वाले राष्ट्रीय खेलों का आयोजन ग्रीन गेम्स की थीम पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थलों पर आने-जाने वाले आगंतुकों के लिए पेयजल एवं शौचालय की उचित व्यवस्था के साथ ही स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के लिए सभी विभाग पूरे समन्वय से कार्य करें। इस आयोजन को सफल बनाने में जिलाधिकारियों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में होने वाले राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के लिए प्रदेश की जनता का सहयोग भी लिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि खेल आयोजन स्थलों पर सभी संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी के साथ व्यवस्थाओं को बेहतर बनायेंगे। सड़क कनेक्टिविटी, स्वच्छता और खेलों के लिए सभी बेहतर व्यवस्थाओं पर उन्होंने विशेष बल दिया। राष्ट्रीय खेलों के दृष्टिगत फायर सेफ्टी ऑडिट के भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं।

भारतीय ओलंपिक संघ से 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए बनाई गई गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी की अध्यक्ष सुनैना कुमारी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखण्ड में तैयारियां बेहतर ढंग से हो रही हैं। अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। कमेटी के सदस्य दिग्विजय सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी बहुत अच्छा कार्य हुआ है। खेलों के आयोजन के लिए तैयारियां भी ठीक ढंग से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले हर स्टेडियम का ट्रायल होगा तो सभी खेल सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सकेंगे। इस अवसर पर गुजरात एवं गोवा में आयोजित राष्ट्रीय खेलों के अनुभवों को भी वहां के अधिकारियों ने साझा किया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने तीरंदाजी के खिलाड़ियों से भेंट की तथा स्वयं भी तीरंदाजी में प्रतिभाग कर खिलाडियों का उत्साह बढाया।

इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या, विधायक उमेश शर्मा काऊ, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आंनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल परीक्षा 2024 के टॉपर 157 छात्र-छात्राओं को भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण यात्रा पर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा निदेशालय, नानूरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में हाईस्कूल परीक्षा 2024 के टॉपर 157 छात्र-छात्राओं के दल को भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण यात्रा पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेधावी छात्र- छात्राएं भ्रमण कार्यक्रम के दौरान देशवासियों को उत्तराखंड की विशिष्टता से भी परिचित कराने का काम करेंगे।

मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में शिक्षा विभाग ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के ब्लॉक स्तर पर मेधावी छात्र छात्राओं के लिए शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम शुरू कर दिया है। इसके तहत हाईस्कूल परीक्षा 2024 के कुल 157 विद्यार्थियों के दल को सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड आज ऐसे निर्णय ले रहा है जो पूरे देश के लिए बेस्ट प्रैक्टिस साबित हो रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौ नवंबर के संबोधन में इन निर्णयों का उल्लेख कर राज्य सरकार को प्रोत्साहित किया है। प्रधानमंत्री ने इसे उत्तराखंड में विकास का महायज्ञ करार दिया है। इसी क्रम में अब प्रदेश सरकार बोर्ड परीक्षा के मेधावी छात्र-छात्राओं को देश के विभिन्न राज्यों के ऐतिहासिक, शैक्षिक महत्व वाले स्थलों के भ्रमण पर भेज रही है। पहला दल आज हिमाचल, पंजाब, चंड़ीगढ़, हरियाणा, दिल्ली के एतिहासिक स्थलों के भ्रमण पर जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये भ्रमण उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में नया अध्याय जोड़ेगा। छात्र दृ छात्राएं इस दौरान जहां भी जाएंगे, वहां उत्तराखंड के ब्रांड अम्बेसडर के तौर पर खुद को पेश करें। इसलिए सभी छात्र दृ छात्राएं उत्तराखंड की पवित्र नदियों, देवस्थानों, मौसम, पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि शीतकाल के लिए चार धामों के कपाट बंद होने के बाद अब शीतकालीन प्रवास स्थल पर भगवान के दर्शन हो सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकार शीतकालीन यात्रा प्रारंभ कर चुकी है। दल में शामिल छात्र-छात्राएं इस बात की जानकारी दे सकते हैं कि शीतकालीन गद्दी पर भी लोग दर्शन कर पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम छात्र दृ छात्राओं की सोच और व्यक्तित्व विकास को नया आयाम देगा। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि बच्चों के भ्रमण से प्राप्त अनुभव भी लिए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय भाषा सप्ताह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत विविधता में एकता का उदाहरण पेश करता है। भारतीय भाषा सप्ताह हमारे अंदर भारतीयता का गौरव भाव पैदा करेगा। उन्होंने महाकवि सुब्रमण्यम भारती का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ऐसे अनेक नायको से परिचित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड वासियों से जो नौ आग्रह किए हैं, उसमें अपनी क्षेत्रीय बोली भाषा का संरक्षण भी शामिल है। इसलिए सभी मेधावी अपनी बोली भाषा संस्कृति का भी संरक्षण करें। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर विद्या समीक्षा केंद्र का दूसरे चरण करने और निदेशालय में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नाली निर्माण की भी घोषणा की है।

शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि पहली बार कोई राज्य सरकार अपने प्रदेश में ब्लॉक स्तर के टॉपर दो -दो बच्चों के लिए इस तरह का शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम शुरू कर रही है। इस दौरान मेधावी आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम के साथ ही वहां के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों से भी मिलेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अपार आईडी तैयार करने में भी उत्तराखंड देश के टॉप 10 राज्यों में शामिल है। अब तक राज्य में 45 प्रतिशत छात्र-छात्राओं की अपार आईडी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षिक सत्र से सरकार सभी छात्र छात्राओं का निशुल्क पाठ्य पुस्तकों की तर्ज पर कॉपियां भी प्रदान करेगी।

इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ, राजपुर विधायक खजान दास, कैंट विधायक सविता कपूर के साथ ही विभागीय सचिव रविनाथ रमन, महानिदेशक झरना कमठान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य के पांच मैदानी जनपदों में टीबी जांच को चलेगी मोबाइल टेस्टिंग वैन

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रदेश में टीबी रोगियों को खोजने प्रयास और तेज कर दिये हैं। इसके लिये शीघ्र ही पांच मैदानी जनपदों में मोबाईल टेस्टिंग वैन चलाई जाएगी, जो डोर टू डोर जाकर मरीजों के बलगम की जांच करेगी। रिपोर्ट में पाजीटिव आने वाले टीबी मरीजों को ट्रीटमेंट से जोड़ा जाएगा।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ रावत ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी रोगियों की जांच व उपचार युद्ध स्तर चल रहा है। यही वजह है कि टीबी उन्मूलन की दिशा में उत्तराखंड देश के शीर्ष राज्यों में सुमार है। डॉ रावत ने बताया कि राज्य में टीबी मरीजों की जांच व उपचार अधिक से अधिक हो इसके लिये शीघ्र ही पीपीपी मोड़ में मोबाइल ट्यूबरक्लोसिस टेस्टिंग वैन चलाई जायेगी। इस योजना के तहत राज्य के पांच मैदानी राज्यों को कवर किया जायेगा जिसमें हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत, नैनीताल व देहरादून जनपद शामिल हैं। मोबाइल टेस्टिंग वैन्स इन जनपदों के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर मरीजों की टीबी जांच करेगी। रिपोर्ट में पाजीटिव आने वाले मरीजों को ट्रीटमेंट से जोड़ा जाएगा। जिससे इस बीमारी पर कंट्रोल किया जा सके। डॉ रावत ने बताया कि मोबाइल वैन में टीबी जांच के लिए सीबी नेट मशीन के साथ बलगम जांच की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इन जनपदों में अधिक से अधिक मरीजों तक पहुंच के लिये बकायदा रूट प्लान तैयार किया जाएगा साथ ही सम्बन्धित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा इस योजना की समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाएगी।

टीबी उन्मूलन में देश मे अव्वल उत्तराखंड
स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड टीबी उन्नमूलन के क्षेत्र में देश के शीर्ष राज्यों में से एक है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य में 10,705 निरूक्षय मित्र बनाया गये हैं, जिनके द्वारा 23,819 टीबी मरीजों की सहायता की। जिनमें से 14,948 टीबी मरीज निरूक्षय मित्र की सहायता ले चुके हैं जबकि 8,871 टीबी मरीजों को निरूक्षय मित्रों द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है।

टीबी मुक्त पंचायत में अग्रणी उत्तराखंड
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उत्तराखंड तेजी से टीबी उन्मूलन की ओर अग्रसर है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के नेतृत्व में अबतक प्रदेश के 1424 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत लगभग 3200 गॉंवों को भारत सरकार द्वारा टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। जो कि टीबी मुक्त उत्तराखंड की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति है।

चोपता के चांदधार व गैंठाना बांगर में बनेगा मिनी स्टेडियमः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास खंड अगस्त्यमुनि के स्यालसौड़ में आयोजित कृषि, औद्योगिक एवं पर्यटन विकास मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 47.43 करोड़ की 18 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास एवं ₹1.23 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चोपता के चांदधार एवं गैंठाणा बांगर में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य किया जाएगा। स्वांरीग्ंवास से कार्तिक स्वामी तक 8 किमी मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। अंधेरगढ़ी-तलसारी मोटर मार्ग के जैचोंरा से ऐटा पवननगर, थापली व कमसाल मोटर मार्ग के द्वितीय चरण के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जाएगी। कार्तिक स्वामी के कनकचौरी में कार पार्किंग का निर्माण कार्य किया जाएगा। एवं चिनग्वाड़ मोटर मार्ग से पाबौ धनपुर मोटर मार्ग तक मिसिंग लिंक का निर्माण कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित जनसमुदाय का अभिनंदन करते हुए कहा कि विधान सभा केदारनाथ की जनता ने जिस तरह अपार समर्थन देकर आशा नौटियाल को विधानसभा में बतौर सदस्य निर्वाचित करने का कार्य किया है उसी तरह राज्य सरकार द्वारा भी इस क्षेत्र के विकास के कार्यों को गति देने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा उनकी सरकार चारधाम यात्रा को अनवरत चलाने का प्रयास कर रही है। चारधाम यात्रा को शीतकाल में भी चलाने हेतु आज श्री ओंकारेश्वर मंदिर में इसकी अधिकारिक रूप से घोषणा की। इससे जहां एक ओर देश-विदेश से पहुंचने वाले पर्यटक यहां की अलौकिक प्रकृति का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे वहीं दूसरी ओर यहां के व्यवसायियों के वर्षभर रोजगार की संभावना को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत हैं। एक ओर प्रदेश के 8 लाख कृषक किसान सम्मान निधि से लाभान्वित हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर किसानों को बिना ब्याज के 3 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उद्यानीकरण को विकसित करने हेतु 200 करोड़ का विशेष प्राविधान इस बार के बजट में किया गया है। सरकार प्रदेश में उद्योग व पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के निर्देशन में राज्य में बड़े निवेशकों के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अनुबंध किए गए हैं। जिसका आने वाले समय में स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने पारंपरिक परंपरा, विरासत व विकास के लिए मेलों के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया।

रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि जिस तरह देश को प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जैसा युगपुरुष मिला है। उसी तरह हमारे प्रदेश को धामी के रूप में धाकड़ व धार्मिक मुख्यमंत्री मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन के लगभग 40 वर्षों में उन्होंने धामी जैसा राजनेता नहीं देखा जिनके पास विकास की स्पष्ट नीति है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी जी के रूप में प्रदेश नित्य विकास के नए आयाम छू रहा है। साथ ही प्रदेश निरंतर ऐतिहासिक प्रगति की ओर अग्रसर है। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी जी के हाथों में प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित बताया।

विधायक आशा नौटियाल ने केदारनाथ विधानसभा की समस्त जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह केदारनाथ जनता की सदैव ऋणी रहेंगी। उन्होंने पूर्व विधायक शैला रानी को याद करते हुए कहा कि उनका असमय चले जाने से केदारनाथ विधान सभा नेतृत्व विहीन हो गया था। लेकिन मुख्यमंत्री धामी जी की दूरगामी सोच का परिणाम है कि मुख्यमंत्री ने केदारनाथ को नया विधायक निर्वाचित होने तक स्वयं इस क्षेत्र के विकास का जिम्मा उठाया। उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री जी की केदार बाबा पर विशेष आस्था है। उसी का परिणाम है कि केदारपुरी ने आज दिव्य व भव्य रूप में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री का जनपद आगमन पर धन्यवाद स्वरूप अभिनंदन पत्र पढ़ा। साथ ही उपस्थित ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि विधानसभा केदारनाथ हेतु पूर्व में हुई सभी घोषणाओं को घरातल पर उतारा जाएगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई कैनोपी का निरीक्षण किया।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा महावीर सिंह पंवार, अमरदेई शाह, दर्जाधारी चंडी प्रसाद भट्ट, ऋषि कंडवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल, विजय कप्रवाण, भारत भूषण भट्ट, सुमंत तिवारी, विक्रम कंडारी, दिनेश उनियाल, शकुंतला जगवाण, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कौंडे, मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग आशीष चंद्र घिल्डियाल, ऊखीमठ अनिल कुमार शुक्ला, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध कुमार घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि प्रवीण भट्ट सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

ऊखीमठ से सीएम ने किया चारधाम यात्रा का शुभारंभ, दर्शन कर प्रदेश की उन्नति की कामना भी की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास स्थल, ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं राज्य की उन्नति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने उखीमठ में शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ करते हुए, प्रशासन द्वारा यात्रा के लिए की गई विभिन्न व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को शीतकालीन यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शीतकालीन यात्रा के शुभारंभ से देवभूमि का तीर्थाटन व पर्यटन और भी सशक्त होगा। इससे न केवल वर्षभर पर्यटकों का आगमन बढ़ेगा, बल्कि यहां के अनेक पर्यटन स्थल भी प्रचलित होंगे। साथ ही स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में सहायक होंगे।

इस अवसर पर विधायक आशा नौटियाल, भरत चौधरी, श्री बदरी- केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने अलाव व रैन बसेरों में पर्याप्त सुविधाओं के निर्देश दिए

प्रदेश में मौसम विभाग की ओर से बारिश के साथ ही ठंड बढ़ने की चेतावनी दिए जाने को देखते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को रैनबसेरों में पर्याप्त सुविधा जुटाने के साथ ही जरूरतमंद लोगों को रजाई, कंबल वितरित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सभी जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि तहसील स्तर पर ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम कर लिए जाएं। जरूरत के अनुसार रैन बसेरे शुरू करने के साथ ही रैन बसेरा में आवासहीन लोगों ओर परिवारों को शिफ्ट किया जाए, खासकर बच्चों, महिलाओं और बीमार लोगों को तत्काल रैन बसेरा की सुविधा दी जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कंबल, रजाई भी वितरित किए जाएं, इसके अलावा प्रमुख स्थानों पर अलाव का भी इंतजाम किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक उंचाई वाले स्थानों पर बर्फवारी से निचले स्थानों पर भी ठंड बढ़ने के चलते जिला प्रशासन अपने स्तर से सावधानी बरतते हुए, जरूरतमंद लोगों को हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराएं।