विश्व एकता दिवस पर मंत्री अग्रवाल ने किया धावकों को सम्मानित

सरदार बल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में रन फॉर यूनिटी क्रॉस कंट्री दौड़ में प्रतिभाग करने वाले धावकों को सम्मानित किया। इस दौरान दीपोत्सव की बधाई दी गई।

बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अभिषेक यादव, खुशी सैनी, चांदनी साहनी, अंजलि गुप्ता, अभिषेक त्रिशूलिया, मंजू गुप्ता, दीपा भारद्वाज को अंग वस्त्र और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया।

डॉ अग्रवाल ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार करने वाले, राष्ट्र के महानायक, लौह पुरुष, भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित कर दिया, उनका संपूर्ण जीवन हमें राष्ट्र सेवा की प्रेरणा प्रदान करता है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता, और अटूट समर्पण के माध्यम से अखंड भारत का सपना साकार किया। 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाया, और हमें एक ऐसा भारत दिया जिसमें विविधता के बावजूद एकता की भावना है।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सुमित पवार, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, पूर्व पालिकाध्यक्ष शंभू पासवान, कोच प्रवीण रावत, रूपेश गुप्ता, विकास तेवतिया, राजपाल ठाकुर, राम कृपाल गौतम, लल्लन राजभर, रोशन रांगड आदि उपस्थित रहे।

दीपोत्सव पर सीएम ने की प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और उन्नति की कामना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में अपने परिवार के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं उन्नति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा, दीपावली का यह पावन पर्व हम सबके जीवन में नया प्रकाश, ऊर्जा और उल्लास लेकर आए। हमारी प्रगति के साथ-साथ समाज में शांति और समृद्धि का भी मार्ग प्रशस्त हो।

सरहदों पर सेना के सुरक्षा कवच के कारण ही रोशन होते है दीपावली के दीपकः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लैंसडाउन छावनी में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए सैनिकों को दीपावली की बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने वार मेमोरियल पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सैनिक घर से दूर रहकर देश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। ऐसे में उनके बीच आकर दीपावली का त्योहार मनाना सौभाग्य की बात है। इस दौरान उन्होंने जवानों, वीर नारियों और बच्चों से भी भेंट की।

मुख्यमंत्री ने सेना के अधिकारियों, जवानों और उनके परिजनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि दीपावली के शुभ अवसर पर आप सबके बीच में आकर मैं बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। कहा जाता है कि पर्व वहीं होता है, जहाँ परिवार होता है। सब मिलकर उत्सव मनाते हैं। पर्व के दिन अपने परिवार से दूर रहना अपने आप में कर्तव्यनिष्ठा की पराकाष्ठा है। यदि पूरे देश के लोग दीपावली मना रहे हैं वह निश्चित तौर पर सुरक्षित हैं, तो हमारे जवानों की बदौलत हैं, जो 24 घंटे देश की सीमा पर तैनात हैं। इस महत्वपूर्ण पर्व पर अपने परिवार से दूर रहने के बावजूद आपके उत्साह में कोई कमी नहीं है। मुझे जवानों की बीच रहकर अपार खुशी हो रही है। आप सभी का उत्साह देखकर मेरे अंदर भी नई ऊर्जा का संचार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के बलिदानी सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली 10 लाख रुपए की धनराशि को बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार की दीपावली बहुत विशेष है, क्योंकि 500 वर्षों से हम प्रतीक्षा कर रहे थे कि भगवान राम अपने घर में आए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले के समय में हम बड़ी संख्या में विदेश से हथियार खरीदते थे, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर बन रहा है और आज 200 से भी अधिक सैन्य उपकरण हमारे ही देश में बनकर तैयार हो रहे हैं। जिसका इस्तेमाल भारत की सेना द्वारा किया जाता है।

ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने कहा कि राज्य की कई कल्याणकारी योजनाएं सैनिकों के हित को ध्यान में रखते हुए बनी है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने राज्य सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार द्वारा देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों के आश्रितो को दी जाने वाली धनराशि 10 लाख से बढ़कर 50 लाख रुपए कर दी गई है।

इस अवसर पर विधायक लैंसडाउन महंत दिलीप रावत, उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, जिलाधिकारी डॉ० आशीष चौहान, एसएसपी लोकेश्वर सिंह, सेना के अधिकारी और जवान उपस्थिति थे।

सीएम धामी ने भी लोगों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की

देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार के अधीन सभी विभाग और कार्यालयों की बैठकों, आयोजनों के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद खरीदे जाएंगे।

हाउस ऑफ हिमालयाज, उत्तराखंड के महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों का कॉमन ब्रांड है। इसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हुआ है। सचिव राधिका झा ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग के अधीन संचालित हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड अपने गुणवत्ता को लेकर भी कम समय में पहचान बनाने में कामयाब रहा है। हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद ई कॉमर्स पोर्टल पर भी उपलब्ध हैं। इसी क्रम में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से बुधवार को सभी विभागों ओर कार्यालयों प्रमुखों को पत्र लिखकर, विभिन्न विभागीय और कार्यालय की बैठकों, कार्यक्रमों, समारोहों और होली, दिवाली जैसे मुख्य त्यौहारों के मौके पर हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों को प्राथमिकता के आधार पर क्रय करने को कहा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी में तेजी आने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल, मंत्र से प्रेरणा लेते हुए, उत्तराखण्ड सरकार हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड को प्रोत्साहित कर रही है। हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के गुणवत्ता युक्त उत्पाद, दिवाली जैसे बड़े अवसर के लिए गिफ्ट पैक के रूप में भी उपलब्ध हैं। सभी राज्यवासी इन उत्पादों को खरीद कर अपने प्रदेश के ग्रामीण उद्यमियों की आजीविका बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं।

स्थानीय आजीविका बढ़ाने में अहम भूमिका निभायेगा आईटीबीपी और उत्तराखंड सरकार के बीच हुआ समझौताः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा की उपस्थिति में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सरकार और आईटीबीपी के मध्य समझौता किया गया। वाइब्रेंट विलेज योजना के अन्तर्गत आईटीबीपी की उत्तराखण्ड में तैनात वाहिनी के लिए स्थानीय उत्पादों जिन्दा बकरी/भेड़, चिकन और मछली की आपूर्ति के लिए किये गये समझौता ज्ञापन पर उत्तराखण्ड शासन से सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम और आईटीबीपी से आईजी संजय गुंज्याल ने हस्ताक्षर किये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस समझौते से जहां स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका बढ़ेगी, उन्हें लगेगा कि किसी न किसी रूप में हम देश की सुरक्षा से जुड़े हैं। इससे स्थानीय लोगों का आईटीबीपी के साथ सम्पर्क भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोग देश के प्रहरी हैं। राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आईटीबीपी ब्रांड एंबेसडर की भूमिका में कार्य करेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के स्थानीय उत्पादों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में रहे। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी को सब्जियां, दूध, पनीर, अण्डा की आपूर्ति की व्यवस्था भी राज्य से किये जाने की दिशा में योजना बनाई जाए।

पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि पशुपालकों और मत्स्य पालकों की आजीविका में वृद्धि के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके लिए उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी।

इस समझौते से प्रदेश की लगभग 80 से अधिक सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 11 हजार से अधिक पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा। जिसमें प्रमुख रूप से 7 हजार महिलाएं शामिल हैं। भेड़-बकरी पालकों में 10 हजार पशुपालक, कुरकुट की आपूर्ति से लगभग 800 से अधिक एवं मछली आपूर्ति के लिए 500 से अधिक मछली पालकों को इसका लाभ मिलेगा। उत्तराखण्ड में यह पहला मौका है जिसमें इतनी बड़ी संख्या में भेड़, बकरी, मछली एवं मुर्गीपालकों को विपणन हेतु बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे सालाना 200 करोड़ के कारोबार का अनुमान है।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर एवं आईटीबीपी के अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य सरकार के कर्मचारियों को धनतेरस पर मुख्यमंत्री का उपहार

1. महंगाई भत्ता (क्।) में बढ़ोतरीः
राज्य सरकार ने 14 मार्च, 2024 को एक आदेश जारी किया, जिसके तहत 7वें वेतनमान के सरकारी कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2024 से 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मंजूरी दी गई।

इसके बाद, भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के एक आदेश के आधार पर, यह दर 1 जुलाई, 2024 से बढ़ाकर 53 प्रतिशत कर दी गई है।

इस भत्ते का फायदा राज्य सरकार के सभी नियमित, पूर्णकालिक, कार्यप्रभारित कर्मचारी और न्ळब् से जुड़े पदाधिकारी भी ले सकेंगे।

2. अलग श्रेणी के कर्मचारियों पर प्रभावः
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्य, और कुछ अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों पर ये आदेश स्वतः लागू नहीं होंगे। उनके लिए अलग से आदेश जारी होंगे।

1 जुलाई, 2024 से 30 सितंबर, 2024 तक के महंगाई भत्ते के बकाया का भुगतान नकद में किया जाएगा। 1 अक्टूबर, 2024 से भत्ता नियमित वेतन में जोड़ दिया जाएगा।

3. तदर्थ बोनस (।क-ीवब ठवदने)ः
2023-24 के लिए राज्य के गैर-राजपत्रित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों, और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को तदर्थ बोनस का लाभ मिलेगा।
भारत सरकार के आदेशानुसार, 30 दिनों का बोनस अधिकतम ₹7000 तक की सीमा में दिया जाएगा।

4. बोनस के लिए पात्रता शर्तेंः
बोनस का लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो 31 मार्च, 2024 को सेवा में थे और जिन्होंने कम से कम 6 महीने की सतत सेवा की हो।

6 महीने से 1 साल तक की सेवा वाले कर्मचारियों को उनके सेवा अनुपात के हिसाब से बोनस दिया जाएगा।

तदर्थ बोनस की राशि एक वर्ष की औसत प्राप्तियों के आधार पर गणना की जाएगी। उदाहरण के लिए, अधिकतम सीमा ₹7000 मानते हुए, 30 दिनों के लिए तदर्थ बोनस की गणना ₹6908 होगी।

कैजुअल/दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, जिन्होंने पिछले 3 वर्षों में हर साल कम से कम 240 दिन (6-दिन वाले कार्यालयों के लिए) कार्य किया हो, भी इस बोनस के पात्र होंगे। ऐसे कर्मचारियों का बोनस ₹1184 होगा।

विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही या आपराधिक मामले में दोषी पाए जाने पर कर्मचारी बोनस के पात्र नहीं होंगे।

यदि किसी कर्मचारी को निलंबन के बाद बहाल किया गया हो, तो वह बोनस के लिए पात्र होगा।

आर्थिक रूप से कमजोर निकायों के कर्मचारियों का बोनस उनका निकाय खुद वहन करेगा, इसमें सरकार की ओर से कोई अनुदान नहीं मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री शेखावत से सीएम ने की मुलाकात

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की।

मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में उत्तराखंड में चल रहे विकास कार्यों से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थाटन बहुत तेजी से बढ़ा है, जिससे फ्लोटिंग पापुलेशन बड़ी संख्या में राज्य में आ रही है। ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सड़क का चौड़ीकरण और पार्किंग का विस्तार करना नितांत आवश्यक है। इसके समाधान के लिए केंद्रीय सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन के विस्तार की संभावना को देखते हुए नए टूरिस्ट स्पॉट विकसित किए जा रहे हैं।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव अपेक्षित सहयोग देने का आश्वासन दिया।

दीपावली का पर्व हम सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का है माध्यमः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउण्ड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित दीपावली महोत्सव में प्रतिभाग करते हुए पत्रकारगणों एवं प्रेस क्लब के सभी सदस्यों को दीपावली की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व हम सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का एक विशिष्ट माध्यम है। सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की उन्होंने कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता को संविधान का चौथा स्तंभ कहा जाता है। पत्रकार और पत्रकारिता सिर्फ राजनीतिक और सामाजिक विषयों के प्रचार-प्रसार का माध्यम मात्र नहीं बल्कि लोकतंत्र को जीवित रखने का एक साधन भी है। आम जनता को सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं से परिचित कराना हो या उनकी समस्याओं से सरकार को अवगत कराना हो, इन दोनों महत्वपूर्ण दायित्वों का भार मीडिया पर होता है। पत्रकार समाज का वो दर्पण है, जो सरकार और उसके पूरे तंत्र को, उसके कार्यों के धरातल पर होने वाले प्रभावों से अवगत कराता है। जब कभी राष्ट्र को विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है तो हमारे पत्रकार बंधु, हमारे वीर जवानों की भांति उस विकट परिस्थिति में सरकार और जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सशक्त बनाने की दृष्टि से मीडिया जगत को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। उत्तराखंड सरकार भी पत्रकार बंधुओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। हमने जहां एक ओर पत्रकारों की पेंशन में वृद्धि की, वहीं विभिन्न जिलों से देहरादून आने वाले पत्रकारों को पूर्व की भांति सूचना विभाग के जरिये प्रदेश की राजधानी में रहने की उचित व्यवस्था में सहयोग करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री पत्रकार पेंशन योजना के तहत पत्रकार कल्याण कोष में 2 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवंगत पत्रकार दुर्गा नौटियाल के परिवारजनों को पत्रकार कल्याण कोष से 05 लाख रूपये दिये जायेंगे।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय राणा, भाजयुमो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं पत्रकार व उनके परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

ईसी रोड पर 66 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज स्मारक का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत, सर्वे चौक, ई०सी० रोड देहरादून में 66 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज स्मारक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पलटन बाजार के मुख्य द्वार का लोकार्पण भी किया।

राष्ट्रीयता एवं देश प्रेम के भाव के लिए सर्वे चौक देहरादून में यह राष्ट्रीय ध्वज स्मारक स्थापित किया गया है। यह मार्ग देहरादून के मुख्य स्थलों राष्ट्रपति आशियाना, राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, उत्तराखण्ड शासन का सचिवालय एवं अन्य महत्त्वपूर्ण संस्थानों को जोड़ता है। इस स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज स्मारक की स्थापना से जन सामान्य के हृदय में देश प्रेम एवं राष्ट्रीयता का भाव जाग्रत करने का प्रयास किया गया है।

इस अवसर पर विधायक खजानदास, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड संस्कृति साहित्य एवं कला परिषद मधु भट्ट, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, एवं स्मार्ट सिटी परियोजना के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने दीपावली पर्व पर प्रदेशवासियों को दी 130 नई बसों की सौगात

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में 130 नई बसों को शामिल कर राज्य के विकास में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ रही है। आधुनिक तकनीक से युक्त नई बसें हमारे राज्य के परिवहन तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी। ये बसें न केवल यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी, बल्कि प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों में भी नई ऊर्जा का संचार भी करेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों की तुलना में चुनौतीपूर्ण हैं। राज्य के दुर्गम और सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं के लिए हमारे परिवहन नेटवर्क पर ही निर्भर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ऐसे में प्रभावी परिवहन तंत्र न केवल यात्रियों की सुविधा के लिए अति-आवश्यक है, बल्कि आर्थिक विकास में भी अपना योगदान देता है। राज्य के हर कोने को बेहतर सड़क नेटवर्क और विश्वसनीय परिवहन सेवाओं से जोड़ना हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड परिवहन निगम को मजबूती प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जहाँ कुछ वर्ष पूर्व तक हमारा परिवहन निगम 500 करोड़ से भी अधिक के घाटे में था। पिछले तीन वर्षों से परिवहन निगम लगातार मुनाफे में है। इसके लिए उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की प्रशंसा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए हम आगे बढ़ रहे हैं। आज अनेक क्षेत्रों में उत्तराखण्ड देश की अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों में राज्य को प्रथम स्थान मिला है, इसे बनाये रखना हमारे लिए चुनौती है। राज्य की जीएसडीपी तेजी से बढ़ी है और बेरोजगारी दर घटी है। जल्द ही बस बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों का भी समावेश किया जायेगा। सरकार अपने चालक-परिचालकों की समस्याओं से भी भलीभांति परिचित है। इसके लिए चाहे डीए में बढ़ोतरी हो, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना हो या निगम में भर्तियों के माध्यम से मैन-पावर की समस्या का समाधान करना हो, हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ उनके कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। इस दीपावली के अवसर पर सेवाएं देने वाले चालकों, परिचालकों और तकनीकी कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि देने का भी फैसला किया गया है।

विधायक विनोद चमोली ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में एक ही बार में बसों के बेड़े में 10 प्रतिशत की वृद्धि राज्य के लिए एक बड़ी सौगात है। इससे जहां लोगों का आवागमन सुगम होगा वहीं लोगों को अपनी विरासत से जोड़ने का कार्य मुख्यमंत्री ने किया है। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम को और फायदे में लाने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी है। आईएसबीटी का सौन्दर्यीकरण के साथ ही अतिक्रमण को रोकने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर विधायक प्रमोद नैनवाल, सविता कपूर, मण्डल अध्यक्ष संजीव सिंघल, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव परिवहन निगम नरेन्द्र जोशी, अनिल गर्ब्याल एवं परिवहन निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।