उत्तराखंड की विकासगाथा में स्थानीय जनमानस के साथ ही उत्तराखंड के प्रवासियों को भी बनाया जाएगा भागीदार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम को देवभूमि रजतोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। आगामी 6 नवंबर को दिल्ली में उत्तराखंड भवन के लोकार्पण, 7 नवंबर को देहरादून में आयोजित होने वाले उत्तराखंड प्रवासी सम्मेलन, 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस तथा 12 नवंबर तक देवभूमि रजतोत्सव उत्तराखंड रजतगाथा से संबंधित कार्यक्रम भव्य तरीके से आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उत्तराखंड के जनमानस, यहां की मिट्टी से प्रेम करने वाले प्रवासियों और उत्तराखंड के विकास में प्रत्यक्ष – अप्रत्यक्ष भागीदार बनने की चाहत रखने वाले युवा, महिला, किसान, कारीगर, पर्यावरणविदों, राज्य आंदोलनकारियों सभी को देवभूमि रजतोत्सव उत्तराखंड रजतगाथा में भागीदार बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि विगत वर्षों से उत्तराखंड हर एक क्षेत्र में तेजी से तरक्की कर रहा है इसीलिए 6 नवंबर से 12 नवंबर तक विभिन्न दिवसों में समाज के विभिन्न पक्षों को आमंत्रित किया जाए तथा उनसे जुड़ी प्रेरक गतिविधियों को संपादित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड की विकास गाथा में सभी की सक्रिय भागीदारी चाहते हैं और हमारे लिए सभी के विचारों का व्यापक महत्व है।

उन्होंने कहा कि इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद, स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक क्विज प्रतियोगिता तथा महिला, किसान, वेंडर, स्वच्छकार, युवा, प्रवासियों सभी के लिए विशेष सम्मेलन, शिविर व कैंप इत्यादि आयोजित किए जाएं ताकि सभी प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहे उत्तराखंड की विकास गाथा के साक्षी बन सकें।

संदर्भित है कि दिनांक 6 नवंबर को दिल्ली में उत्तराखंड भवन का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा लोकार्पण किया जाएगा। 7 नवंबर को देहरादून में उत्तराखंड प्रवासी सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 8 से 12 नवंबर तक देवभूमि रजतोत्सव उत्तराखंड रजतगाथा से जुड़े प्रेरक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

देवभूमि रजतोत्सव उत्तराखंड रजतगाथा का 9 नवंबर 2024 को देहरादून में मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ किया जाएगा तथा एक वर्ष बाद एक वर्ष तक चलने वाले इस पर्व का 2025 में कुमाऊं मंडल में इसका समापन किया जाएगा।

इस दौरान बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, दीपेंद्र चौधरी व विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की सड़क गड्ढा मुक्त अभियान की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क गड्ढा मुक्त अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से अब तक पूर्ण हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। सीएम आवास में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां-जहां सड़कों की मरम्मत का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करते हुए जनता को सुरक्षित और सुगम यातायात उपलब्ध कराया जाए। निर्धारित समय सीमा में सड़कों की मरम्मत के कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि त्योहारों के दृष्टिगत राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए। स्थानीय उत्पादों की बिक्री की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रदेश की जनता से आह्वान किया है कि त्योहारों में स्थानीय उत्पादों की खरीद जरूर करें। इससे न केवल स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों को समर्थन मिलेगा, बल्कि “वोकल फॉर लोकल“ और “आत्मनिर्भर भारत“ जैसे अभियानों को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दृष्टिगत मिलावटखोरी से बचाव के लिए सघन चौंकिंग अभियान चलाया जाए। खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग की जाए। यातायात व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए लोगों को आवाजाही में अनावश्यक परेशानी न हो।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, एडीजी ए.पी. अंशुमन, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी मौजूद थे।

अवैध रूप से की जा रही प्लांटिंग पर एचआरडीए का चला पीला पंजा

हरिद्वार रूड़की विकास प्राधिकरण क्षेत्रांतर्गत रूड़की में अनधिकृत रूप से बन रही अवैध कॉलोनी पर कार्यवाही की है।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस अंशुल ने बताया कि कई बार पूर्व में नोटिस की कार्रवाई पूर्ण करने के बावजूद अनधिकृत रूप से कॉलोनी में प्लाटिंग की जा रही थी। जिस पर आज प्राधिकरण ने संज्ञान लेकर अवैध प्लाटिंग पर जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर कार्रवाई की गई है।

उन्होंने बताया कि रूड़की में शनिदेव मंदिर के पीछे शेरपुर पर पहुंची टीम ने अवैध प्लाटिंग करने वालों को चेतावनी भी दी है। जिसमें पुनः इस तरह की अवैध कार्रवाई से बचने को कहा गया है। इस अवसर पर सहायक अभियंता व अवर अभियंता पूरी टीम के साथ मौजूद रहे।

अभिनेता मोहन बाबू ने राज्य में फिल्मांकन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों को सराहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फिल्म अभिनेता मोहन बाबू ने मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात की। केदारनाथ यात्रा पर आए मोहन बाबू ने मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान राज्य में फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होने उत्तराखण्ड की फिल्म नीति का फिल्मों को बढ़ावा देने वाला प्रयास बताते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का प्राकृतिक सौन्दर्य फिल्मांकन के सर्वथा अनुकूल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फिल्मांकन को बढ़ावा देने के लिए फिल्म नीति के तहत फिल्मकारों की आवश्यक सहयोग एवं सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की गयी है। हमारी फिल्म नीति राज्य के पर्यटन स्थलों को देश एवं दुनिया में पहचान दिलाने में सफल हो इसके लिए भी हम प्रयासरत हैं। राज्य में फिल्मों को बढ़ावा देकर पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा तथा हमारे युवाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा को पहचान दिलाने में सफलता मिलेगी।

इस अवसर पर महानिदेशक सूचना एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

हेमकुंड साहिब यात्रा के सफल संचालन होने पर सीएम का हुआ थैंक्यू

इस वर्ष की हेमकुंड साहिब यात्रा निर्विघ्न एवं सफलतापूर्वक संपन्न होने पर हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया गया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा ने यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में मुख्यमंत्री धामी द्वारा समय समय पर दिए निर्देशों के प्रति भी उनका आभार व्यक्त किया है।

बिन्द्रा ने इसके लिए बरसात के दौरान यात्रा मार्गों को त्वरित रूप से आवाजाही के लिए खोले जाने के प्रति राज्य सरकार एवं चमोली जिला प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया है। उन्होने कहा है कि चारधाम सहित हेमकुंड यात्रा प्रदेश के पर्यटन की रीढ़ है। यहां आने वाले यात्रियों को आवश्यक सुविधायें उपलब्ध होने से सुखद यात्रा का संदेश भी देश दुनिया में गया है। इसके लिए भी मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार का हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट तहेदिल से आभार व्यक्त करता है।

बिन्द्रा ने बताया कि इस वर्ष हेमकुंड साहिब यात्रा 25 मई को प्रारंभ हुई थी और 10 अक्टूबर को यात्रा का समापन हुआ था।

पुलिस स्मृति दिवसः उत्तराखण्ड पुलिस में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के पौष्टिक आहार भत्ते में होगी 100 रुपये की वृद्धि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था बनाये रखने का उत्तरदायित्व राज्यों के पुलिस बल एवं अर्द्ध सैनिक बलों का है। विगत एक वर्ष में सम्पूर्ण भारत में कुल 216 अर्द्ध सैनिक बलों एवं विभिन्न राज्यों के पुलिसकर्मी शहीद हुए, जिसमें उत्तराखण्ड पुलिस के 04 वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की स्थापना की गई है, जो हमारे पुलिस बल के अद्वितीय समर्पण और बलिदान का प्रतीक है। पिछले कुछ वर्षों में हमारी पुलिस ने अनेक चुनौतियों का सामना किया है। आतंकवाद, देश के विभिन्न क्षेत्रों में नक्सलवाद, प्राकृतिक आपदाओं, कानून व्यवस्थाओं से संबंधित जटिल परिस्थितियों में हमारी पुलिस ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक एवं सामरिक महत्व के दृष्टिगत राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखने में हमारे पुलिस की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। किसी भी राज्य की पुलिस व्यवस्था उस राज्य की सुरक्षा और समृद्धि का एक अभिन्न स्तम्भ है। राज्य पुलिस भी सेवा की भावना और कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए अनेकों चुनौतियों नशा, साइबर क्राइम, महिला अपराध, यातायात व्यवस्था, चारधाम यात्रा, आपदा, भूस्खलन, काँवड यात्रा प्रबंधन का सामना करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक देवभूमि उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए उत्तराखण्ड पुलिस के अन्तर्गत एक त्रिस्तरीय एण्टी नारकोटिक फोर्स का गठन किया गया है। इस वर्ष 1100 से ज्यादा नशे के सौदागरों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए लगभग 23 करोड़ रूपये के नारकोटिक पदार्थ भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध एक बड़ा खतरा बन चुका है। हमारी पुलिस को इस दिशा में भी सजग रहना होगा और तकनीकि रूप से और अधिक दक्ष होना पड़ेगा। राज्य में महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के प्रत्येक थाने पर “महिला हैल्प डेस्क” के अन्तर्गत ‘क्यूआरटी’ का गठन किया गया है। बच्चों एवं महिलाओं के प्रति हुए अपराधों में 95 प्रतिशत से अधिक मामलों का अनावरण कर 50 प्रतिशत से अधिक अभियुक्तों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी है। जिसके लिए उत्तराखण्ड पुलिस बधाई की पात्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कर्मियों के आवासीय स्तर को सुधारने के लिए 150 करोड़ से अधिक की लागत से 380 आवासों का निर्माण किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 42 करोड़ की लागत से 05 पुलिस थानों 02 पुलिस चौकियों, 02 फायर स्टेशनों और तीन पुलिस लाईनों के प्रशासनिक भवनों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पुलिस के रिस्पॉस टाइम को बेहतर करने के लिए 1105 पुलिस वाहनों की खरीद के लिए मंजूरी दी गई है। पुलिस सैलरी पैकेज के अन्तर्गत पुलिस कार्मिकों के लिए 75 लाख से 1 करोड़ तक का दुर्घटना बीमा कराया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत 15 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि दिवंगत पुलिस कार्मिकों के परिजनों को प्रदान की जा चुकी है। आपदा एवं राहत के क्षेत्र में सरकार द्वारा एस0डी0आर0एफ0 की एक कम्पनी स्वीकृत करते हुए 162 पदों का सृजन किया गया। 06 थानों व 21 पुलिस चौकियों के क्रियान्वयन हेतु 327 पद स्वीकृत किये गये, पी0पी0एस0 के ढांचे में 11 नये पदों का सृजन किया गया। उप निरीक्षक स्तर के 222 पदों पर भर्ती निकाली गयी है तथा 2000 सिपाहियों की भर्ती की प्रक्रिया प्रचलित है। राज्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए उत्तराखण्ड खेल नीति के अन्तर्गत कुशल खिलाड़ी कोटे में भी पुलिस विभाग में भर्तियां की जायेंगी।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, विधायक विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगोली, डीजीपी अभिनव कुमार एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने वर्चुअल जुड़कर लालकुआं-बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से लालकुआं-बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कैंची धाम के आशीर्वाद से आज लालकुंआ से बांद्र के मध्य ट्रेन संचालन का स्वप्न पूरा हुआ है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। इन्होंने कहा कि इस ट्रेन के संचालन से रामपुर, मुदादाबाद, गाजियाबाद, हजरत निजामुदीन, मथुरा, सवाई माधोपुर, कोटा, वडोदरा सूरत जैसे रेलवे स्टेशन से जुड़े लोगों को को यात्रा करने का आसानी से विकल्प मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लालकुआं-बांद्रा रेल सेवा शुरू होने से बाबा कैंची धाम, जागेश्वर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा का एक बेहतर विकल्प मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम भारतीय रेल के स्वर्णिम युग की ओर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भरता और आधुनिकता के प्रतीक के रूप में वंदेभारत जैसी मेड इन इंडिया ट्रेन, रेल नेटवर्क का हिस्सा बनी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से पहाड़ तक ट्रेन पहुंचने का स्वप्न ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन बनने के साथ ही पूर्ण हो जायेगा। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन पर भी सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है, जल्द ही इसमें भी कार्य शुरू हो जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्त्राखण्ड से काशी, अयोध्या और अन्य प्रमुख शहरों के लिए रेल सेवा के और विस्तार के लिए प्रयास किये जायेंगे। आज हमारी डबल इंजन की सरकार प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। प्रदेश की देवतुल्य जनता के सहयोग से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है।

सांसद अजय भट्ट ने कहा कि यहां के लोगों की यह बहुत पुरानी मांग थी कि लालकुआं से मुंबई को सीधे रेल सेवा सुचारू हो, जो आज पूर्ण हुई है। इसके रेल सेवा के संचालन से पूरे कुमाऊं क्षेत्र के लोगों के साथ ही यहां के विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के दर्शनार्थियों व पर्यटकों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब सप्ताह में तीन रेल गाड़ियां रामनगर, हल्द्वानी और अब लालकुआं से मुम्बई के लिए जा रही हैं, जिसका लाभ यहां के पर्यटक क्षेत्रों को भी मिलेगा।

लालकुआं बान्द्रा टर्मिनल के मध्य नई ट्रेन सं० 22544 सोमवार को लालकुआ से सुबह 07ः45 बजे प्रस्थान कर रूद्रपुर सिटी, रामपुर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, कोटा, बडोदरा, सूरत होते हुए हुए अगले दिन मंगलवार को प्रातः 08ः30 बजे बान्द्रा टर्मिनस पहुंचेगी तथा वापसी में बान्द्रा टर्मिनस से सुबह 11ः00 बजे मंगलवार को प्रस्थान कर लालकुओं अगले दिन बुधवार 13ः15 बजे लालकुओं पहुंचेगी । इस गाड़ी में यात्रियों की सुविधा के लिए 2 एसी के 01 कोच, 3 एसी के 02 कोच, एसी इकोनॉमी श्रेणी के 03 कोच तथा स्लीपर क्लास के 06 कोच, सामान्य श्रेणी के 04. कोच से संचालित होगी। इस गाड़ी में सभी कोच एलएचबी के लगाये गये हैं जो कि यात्रियों के लिए सुविधाजनक एवं संरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त हैं।

इस अवसर पर विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक नवीन दुमका, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, दीप कोश्यारी और डी.आर.एम रेखा यादव उपस्थित थे।

11 करोड़ रूपये का लाभांश सरकार को पिटकुल ने दिया

पिटकुल द्वारा उत्तराखण्ड शासन को लाभांश के रूप में 11 करोड़ की धनराशि का चेक प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में 11 करोड़ का लांभांश का चेक प्रबंध निदेशक पिटकुल ने सौंपा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड को ऊर्जा प्रदेश बनाने के लिए विद्युत निगमों को पूरी सक्रियता से सहयोगी बनना होगा। राज्य स्थापना की मूल संकल्पना में उत्तराखण्ड को ऊर्जा प्रदेश बनाना था। उन्होंने कहा कि ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा लगातार कार्य किये जा रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि आगामी पांच सालों में उत्तराखण्ड में राज्य की मांग के हिसाब से ऊर्जा का उत्पादन हो। ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने पिटकुल के अधिकारियों को निर्देश दिये कि सितम्बर 2024 में पिटकुल के जिन 05 नये उपकेन्द्रों का शिलान्यास किया गया उनके कार्यों में तेजी लाई जाए।

प्रबंध निदेशक पिटकुल पी.सी.ध्यानी ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पिटकुल ने गत वर्ष 2022-2023 में रू0 26.99 करोड़ की तुलना में वित्तीय वर्ष 2023-24 में रू0 141.67 करोड़ का लाभ अर्जित किया। विगत 03 वर्षों से उत्तराखण्ड शासन को प्रत्येक वर्ष रू० 5 करोड़ का लाभांश दिया गया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में पिटकुल में विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किये जा रहे हैं। वर्तमान में पिटकुल की ट्रॉसमिशन उपलब्धता भी 99.70 प्रतिशत है जिसके निर्धारित राष्ट्रीय मानकों 98 प्रतिशत से अधिक होने के फलस्वरूप पिटकुल को प्राप्त होने वाली प्रोत्साहन धनराशि के एक तिहाई भाग को विद्युत टैरिफ में छूट के रूप में सीधे दिये जाने से विद्युत उपभोक्ताओं को लाभ प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मैनाली, निदेशक पिटकुल जी.एस. बदियाल, पिटकुल से अरूण सबरवाल, मनोज कुमार, शालू जैन, पंकज कुमार उपस्थित थे।

सीएम और नीति आयोग के उपाध्यक्ष के बीच राज्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी के साथ राज्य से जुड़े अहम विषयों पर बैठक की। मुख्यमंत्री ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। राज्य में पर्वतीय, मैदानी, भाबर और तराई क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा, वनाग्नि, पलायन और फ्लोटिंग जनसंख्या बड़ी चुनौती है। दो देशों की अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे होने के कारण उत्तराखण्ड सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष से अनुरोध किया कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नीतियों का निर्धारण किया जाए। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों की आजीविका में वृद्धि के लिए विशेष नीति बनाने का अनुरोध भी किया। इससे पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन जैसी बड़ी समस्या का समाधान होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिम आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोड़े जाने की एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर कार्य कर रही है, इसके दीर्घकालिक परिणाम गेम चेंजर साबित होंगे। “नदी-जोड़ो परियोजना“ के क्रियान्वयन के लिए अत्यधिक धनराशि की आवश्यकता है जिसके लिये उन्होंने इसके नीति आयोग से तकनीकी सहयोग के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जनसख्या मूल रूप से लगभग सवा करोड़ है, लेकिन धार्मिक और पर्यटन प्रदेश होने की वजह से राज्य में इससे 10 गुना लोगों की आवाजाही है। राज्य में फ्लोटिंग जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए आधारभूत और बुनियादी सुविधाओं के विकास की आवश्यकता होती है। उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष से अनुरोध किया राज्य में फ्लोटिंग आबादी को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए नीति बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से बहुत संवेदनशील राज्य है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य को प्रत्येक साल जन-धन की काफी क्षति होती है। राज्य में विकसित किया गया इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राकृतिक आपदाओं के कारण काफी प्रभावित होता है। उन्होंने अनुरोध किया कि राज्य की प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए नीति बनाई जाय। उन्होंने कहा कि वनाग्नि भी राज्य की बड़ी समस्या है। राज्य में वनाग्नि की चुनौतियों से समाधान के लिए राज्य को पर्याप्त संसाधनों की आवश्यकता होगी। राज्य के सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए भी विशेष नीति बनाने का अनुरोध भी मुख्यमंत्री ने किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने की दिशा में लिए ’सशक्त उत्तराखण्ड पहल“ वर्ष 2022 में आरम्भ किया गया, जिसके अन्तर्गत आगामी पांच वर्षों में राज्य की आर्थिकी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हमने राज्य की आर्थिकी वर्ष 2022 के सापेक्ष 1.3 गुना हो चुकी है। हमने इस लक्ष्य को पूरा करने हेतु अल्पकालीन, मध्यकालीन एवं दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किये है।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखण्ड को प्रथम स्थान मिलने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज बैठक में राज्य की प्रमुख चुनौतियों से संबंधित जिन विषयों पर चर्चा हुई है, इन सभी विषयों पर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के आकांक्षी जनपदों और विकासखण्डों के विकास के लिए भी नीति आयोग द्वारा हर संभव सहयोग दिया जायेगा।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरं के. सुधांशु, राज्य सलाहकार नीति आयोग, भारत सरकार सोनिया पंत, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, एस.एन.पाण्डेय, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, सीपीपीजीजी के एसीईओ डॉ. मनोज पंत उपस्थित थे।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में उत्तराखंड, पढ़िए राज्य स्थापना दिवस पर विशेष खबर

देहरादून। पृथक उत्तराखण्ड राज्य के गठन में महिलाओं की अहम भूमिका रही है। पलायन प्रभावित कई पहाड़ी जिलों में तो महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। इस कारण महिलाओं को पहाड़ के लोक जीवन की धुरी भी कहा जाता है। अच्छी बात यह है उत्तराखण्ड राज्य के अब तक के 24 साल के सफर में महिलाएं अब हर ऊंचाई को छूती नजर आ रही है।

उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद से ही सरकारों ने कई कदम उठाए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। एक बड़ा सकारात्मक बदलाव, निकाय और त्रिस्तरीय पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण दिए जाने से सामने आया। इससे अब विभिन्न स्तर पर महिला नेतृत्व उभरता हुआ नजर आने लगा है। वर्तमान सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए, अब सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का निर्णय लिया है। साथ ही पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उत्तराखण्ड की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण फिर लागू कर दिया है। राज्य की वर्तमान मुख्य सचिव भी एक महिला हैं। साथ ही कई जिलों में जिलाधिकारी के साथ ही पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी तक महिलाएं उठा रही हैं।

उच्च शिक्षा में नया आयाम

उच्च शिक्षा में भी छात्राओं की संख्या बढ़ती जा रही है, प्रदेश सरकार बालिका शिक्षा के लिए कई तरह से प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए नंदा गौरा योजना के तहत बेटी के जन्म के साथ ही 12 हजार और 12वीं पास करने पर 51 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही बेटी के जन्म पर मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट भी उपलब्ध कराई जा रही है।

तिलू रौतेली पुरस्कार

उत्तराखंड सरकार हर साल वीरांगना तीलू रौतेली के जन्मदिन पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली उत्तराखंड की महिलाओं को राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार प्रदान करती है। इस पुरस्कार के तहत 51 हजार की धनराशि, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। सरकार प्रत्येक जिले में कामकाजी महिला हॉस्टल भी शुरू करने जा रही है, देहरादून, हरिद्वार में इस तरह के हॉस्टल शुरू भी हो चुके हैं। जहां घर से दूर रहने वाली महिलाओं को सस्ती दरों पर सुरक्षित आवासीय सुविधा मिलती है।

हो रहा आर्थिक सशक्तिकरण

सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए, महिलाओं के नाम प्रापर्टी खरीदने पर, स्टाम्प ड्यूटी में भी छूट दे रही है। सरकार महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए लखपति दीदी योजना भी चला रही है। इसमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी प्रत्येक महिला की सालाना आय एक लाख के पार पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें महिलाओं को कृषि उत्पाद, दुग्ध उत्पादन, सिलाई कढ़ाई के साथ ही रसोई गैर वितरण, प्रारंभिक पशु चिकित्सा सेवा, बीमा योजना, डिजिटल लेनदेन का प्रशिक्षण देकर आजीविका से जोड़ा जा रहा है। साल 2022 में शुरू की गई इस योजना के सफल परिणाम अब सामने आने लगे हैं। प्रदेश में एक लाख से अधिक महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। अब प्रदेश सरकार ने लक्ष्य बढ़ाते हुए 2026 तक कुल 2.50 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों का कारोबार शुरू करने के लिए पांच लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जा रहा है। इसी तरह मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत भी समूहों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

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प्रदेश सरकार मातृशक्ति को समर्पित है। हमारी सरकार की कोशिश है कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो, इसके लिए सरकार महिला समूहों के जरिए कई योजना चला रही है। साथ ही महिलाओं को स्वरोजगार के लिए भी लोन दिया जा रहा है। इसी सोच के चलते सरकारी नौकरियों में महिला आरक्षण लागू किया गया है। प्रदेश में जल्द लागू होने जा रही समान नागरिक संहिता भी महिलाओं को आर्थिक सामाजिक तौर पर सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री