राज्य स्थापना दिवस पर बोले सीएम, सड़क दुर्घटनाएं रोकने को बनाएंगे समग्र नीति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में 50 एवं उससे अधिक जनसंख्या वाले सभी गाँवों को 2030 तक सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों को साथ लेकर एक समग्र नीति बनायी जायेगी।

पुलिस लाइन में आयोजित राज्य स्थापना दिवस पर कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई अहम घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आपदा के कारण मार्ग एवं पुलों के बह जाने की दशा में यातायात को तुरंत सुचारू करने के लिए वैलीब्रिज स्थापित किए जाएंगे। उत्तराखण्ड राज्य में महिलाओं का समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए महिला नीति को यथाशीघ्र अधिसूचित किए जाने के साथ ही युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए एक विशिष्ट ’’युवा नीति’’ भी बनाई जाएगी। इसी तरह आगामी राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड के जो खिलाड़ी मेडल जीतेंगे, उनकों पुरस्कार हेतु नियत धनराशि के बराबर की धनराशि राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त रूप से प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से बाहर देश के दूसरे राज्यों में रहने वाले प्रवासियों के लिए प्रतिवर्ष नवंबर माह में ’’राष्ट्रीय उत्तराखंडी प्रवासी दिवस’’ आयोजित किया जायेगा, इसी तरह प्रतिवर्ष जनवरी माह में विदेशों में रहने वाले प्रवासी उत्तराखण्डियों के लिए ’’अन्तराष्ट्रीय उत्तराखण्डी प्रवासी दिवस’’का आयोजन किया जाएगा। सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कान्ट्रैक्टर एवं अभियन्ताओं का उत्तरदायित्व निर्धारित करने के लिए विशेष प्रक्रिया बनाई जायेगी। महिलाओं को प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की देखभाल हेतु ’’मुख्यमंत्री जच्चा-बच्चा प्रोत्साहन सहायता’’ प्रदान करने के लिए कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन की शुरुआत राज्य स्थापना दिवस शुभकामनाएं देने के साथ ही गत दिनों अल्मोड़ा जिले में हुई बस दुर्घटना में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की। मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद करते हुए कहा कि अटल जी के प्रधानमंत्रित्व काल में ही उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना का सपना साकार हुआ। और अब उत्तराखण्ड राज्य आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का एक अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। मोदी के मार्गदर्शन के चलते सभी क्षेत्रों में उत्तराखण्ड का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है। शहर से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, विभिन्न जनपदों के लिए हेली सेवाएँ प्रारंभ करने के साथ ही विभिन्न एयरपोर्ट्स और हेलीपोर्टस को विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के जरिए शीघ्र ही पहाड़ में रेल पहुंचने का सपना साकार होने जा रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना करने के साथ ही एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पर्यटन, कृषि, बागवानी और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसकी वजह से राज्य में वृहद स्तर पर व्यवसाय, स्वरोजगार और नौकरियों के अवसर सृजित हो रहे हैं। सरकार ने औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति सहित अनेकों नई नीतियां बनाकर राज्य में पूंजी निवेश के अवसरों को बढ़ाने का कार्य किया है। इसी प्रकार ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में शीघ्र ही एक ’’इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी’’ स्थापित होने जा रही है। इसलिए वो दिन दूर नहीं जब हम प्रदेश में रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर राज्य से पलायन की समस्या को भी जड़ से खत्म कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ने उत्तराखण्ड का विकास सुनिश्चित करने के साथ ही प्रदेश के हित में कई कठोर एवं ऐतिहासिक निर्णय भी लिए हैं। इसी क्रम में यूसीसी का कानून पास किया गया, साथ ही देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण रोधी कानून के साथ ही दंगा रोधी कानून लागू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जहां एक ओर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर प्रदेश भर में 5000 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का कार्य किया है। वहीं सरकारी नौकरियों में राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत एवं महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है। राज्य सरकार ने दंगारोधी कानून बनाकर और खाद्य पदार्थों में थूकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही कर ये बता दिया है कि हम देवभूमि की महान संस्कृति से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेंगे। मुख्यमंत्री धामी ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार अब शीघ्र ही राज्य में एक सख्त भू कानून लाकर राज्य के मूल स्वरूप के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे इन अभूतपूर्व कार्यों, निर्णयों एवं प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास के लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। हमारे प्रदेश को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। एक वर्ष के भीतर बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आज से प्रारंभ होने जा रहा राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दृष्टि से ऐतिहासिक वर्ष साबित होने जा रहा है। सरकार उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मूल मंत्र के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस वर्ष के ’’उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार’’ से सम्मानित भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, लोक गायक प्रीतम भर्तवाण, समाज सुधाकर एवं आध्यात्मिक गुरु माता मंगला, अभिनेता हेमंत पांडेय और डॉ. महेश कुड़ियाल को पुरस्कार के लिए शुभकामनाएं दी।

राज्य स्थापना दिवस पर सीएम ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कचहरी देहरादून में शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर गया है। हमारे राज्य आंदोलनकारियों द्वारा राज्य निर्माण के लिए किए गए संघर्षों के परिणामस्वरूप ही उत्तराखण्ड राज्य का गठन हुआ। मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का भी इस अवसर पर स्मरण किया जिन्होंने उत्तराखंड राज्य की नींव रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और विधायक खजान दास भी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के 24 वर्ष पूर्ण होने पर सीएम ने किया अमर शहीदों को नमन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के 24 वर्ष पूर्ण होने और रजत जयंती वर्ष के शुभारम्भ अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों एवं देश के लिये सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में कहा कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा राज्य आंदोलन के मूल में उत्तराखण्ड के समग्र एवं संतुलित विकास की अवधारणा रही थी। इस भावना को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पारदर्शिता, जन सहभागिता और नई कार्य संस्कृति के साथ विकास की नई गाथा लिखने की उल्लेखनीय पहल की गई है। प्रदेश की मातृशक्ति, युवा शक्ति और पूर्व सैनिकों की अहम भागीदारी से सशक्त उत्तराखण्ड के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में हम अग्रसर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य, तेजी से विकास पथ पर अग्रसर है।वर्ष 2023-24 के एस.डी.जी. इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है।उन्होंने कहा कि गत वर्ष जी-20 की तीन बैठकों के आयोजन का अवसर मिलना एक उपलब्धि है, जो प्रधानमंत्री जी का देवभूमि उत्तराखण्ड के लोगों की क्षमता और प्रतिभा पर अटूट विश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात है कि उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में 38वें नेशनल गेम्स हमारे राज्य में होने जा रहे हैं। राष्ट्रीय खेल महाकुम्भ के लिये उत्तराखण्ड तैयार है। उन्होंने कहा कि हमने पिछले विधानसभा चुनाव में राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था। जल्द ही हम इसे प्रदेश में लागू करने जा रहे हैं। ऊधमसिंहनगर के किच्छा में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण कार्य तेजी से हुआ है। बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य गतिमान हैं। इसी प्रकार मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत प्रथम चरण में 16 पौराणिक मंदिर क्षेत्रो को विकसित किया जा रहा हैं। ऑल वेदर रोड़ से चार धाम यात्रा को सुगम किया गया है। दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर केवल दो से ढ़ाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। जल्द ही पहाड़ में रेल का सपना साकार होने जा रहा है। जौलीग्रान्ट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए कार्य गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोपवे कनेक्टिविटी का भी विस्तार किया जा रहा है। पर्वतमाला परियोजना के तहत राज्य के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को रोपवे से जोड़ा जा रहा है। गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया है। सुरकंडा देवी मंदिर में रोपवे का शुभारम्भ किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिये हमारी सरकार ने निवेश अनुकूल वातावरण बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिये पर्यटन, आयुष, वेलनेस, आईटी और सौर ऊर्जा सहित सर्विस सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। सीमांत क्षेत्रों के लिये मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की गई है। वाईब्रेंट विलेज योजना से उत्तराखण्ड के सीमावर्ती गांवों का विकास हो रहा है। वोकल फॉर लोकल पर आधारित एक जनपद दो उत्पाद योजना से स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ाये जा रहे हैं। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई सौर ऊर्जा की नीति लाई गई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में आवेदनों के डिस्पोजल में उत्तराखण्ड देश में सबसे आगे है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के प्रति भी लोगों की रूचि बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है। पिछले 03 वर्षों में सरकारी सेवाओं में लगभग 18 हजार 500 भर्तियां की जा चुकी हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिये कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। टोल-फ्री नम्बर 1064 भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। अपणि सरकार पोर्टल, सीएम हेल्पलाईन 1905, सेवा का अधिकार, ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था से सुशासन की परिकल्पना साकार हो रही है। जनता से जुड़ी योजनाओं के सरलीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को बहुआयामी पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर काम किया जा रहा है। आध्यात्मिक, धार्मिक और सामान्य पर्यटन के साथ ही एडवेंचर टूरिज्म, इको टूरिज्म और रूरल टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी की वेड इन उत्तराखण्ड की अपील के बाद, उत्तराखण्ड की वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बन रही है। हमारी सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड की पहचान फिल्म शूटिंग के डेस्टिनेशन के रूप में बनी है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरुआत करने में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान हमारी परम्परा रही है। प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण के साथ ही सहकारी समितियों में भी राज्य की महिलाओं के 33 प्रतिशत पद आरक्षित रखे जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, लखपति दीदी योजना और मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना सहित अनेक योजनाएं महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बना रही हैं। हमारी सरकार ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों को पेंशन में वृद्धि के साथ ही राज्य आंदोलनकारियों और पात्र आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का निर्णय लिया है। आंगनबाड़ी और आशा बहनों के मानदेय में बढ़ोत्तरी के साथ ही प्रदेश के लोक कलाकारों का मानदेय भी दोगुना किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये राज्य में जबरन धर्मांतरण के विरूद्ध कठोर कानून बनाया गया है। प्रदेश में अब दंगा करने वाले दंगाइयों से ही सारे नुकसान की भरपाई का कानून लागू किया गया है। राज्य की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिये निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 5 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। प्रधानमंत्री जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय वाक्य मानकर हम आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास में देवभूमि की देवतुल्य जनता का आशीर्वाद हमें प्राप्त होता रहे, इसके लिये हम निरन्तर प्रयासरत हैं। रजत जयंती वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल हो यह हमारा संकल्प है।

मुख्य सचिव ने दिए नेशनल गेम्स आयोजन की तैयारियों को तत्परता से अन्तिम रूप देने के निर्देश

उत्तराखण्ड में 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को स्वर्णिम अवसर एवं चुनौती के रूप में लेने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को तैयारियों को तत्परता से अन्तिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने नेशनल गेम्स हेतु राज्य के खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को उत्कृष्ट स्तर तक विकसित करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में राज्य की उभरती हुई युवा खेल प्रतिभाएं अधिकाधिक लाभान्वित हो सके।

आज सचिवालय में 38वें राष्ट्रीय खेल 2024 की उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विभिन्न वित्तीय एवं सैद्धान्तिक स्वीकृतियां प्रदान की। प्रोक्यूरमेंट प्रक्रिया को ससमय सम्पन्न करने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने खेल इक्यूपमेंट से सम्बन्धित निविदा प्रक्रिया को समयबद्धता से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने नेशनल गेम्स के सुव्यवस्थित व सफल आयोजन हेतु सभी सम्बन्धित विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव रतूड़ी ने नगर निगम देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी व रूद्रपुर से शहरों के सौन्दर्यीकरण, खेल आयोजन स्थलों तक जाने वाली अप्रोच रोड के मरम्मत, आयोजन स्थलों से कूड़ा प्रबन्धन एवं वॉलियन्टर्स को बस सेवाओं का लाभ देने के सम्बन्ध में समन्वय हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने यूपीसीएल से खेल आयोजन स्थलों में आयोजन के दौरान अबाध विद्युत आपूर्ति तथा आयोजन स्थलों को इलेक्ट्रिकल सेफ्टी सर्टिफिकेट सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में समन्वय करने के निर्देश दिए हैं। पेयजल निगम से आयोजन स्थलों के स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेशन के सम्बन्ध में समन्वय हेतु निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग से आयोजक शहरों के भीतरी एवं बाहरी सड़कों के सौन्दर्यीकरण तथा आयोजन स्थलों के स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेशन के सम्बन्ध में समन्वय हेतु निर्देश दिए गए हैं। पर्यटन विभाग से उत्तराखण्ड के पर्यटक स्थलों का खेल गतिविधियों के साथ प्रचार प्रसार के सम्बन्ध में निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के साथ आयोजन स्थलों के फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन तथा आयोजन स्थलों पर फायर ब्रिगेड गाड़ियों की पर्याप्त व्यवस्था हेतु समन्वय के लिए निर्देश दिए गए है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एयर पोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इण्डिया व उत्तरी रेलवे जोन के साथ निःशुल्क हेल्प डेस्क सुविधा हेतु जगह देने, खिलाड़ियों व अतिथियों को रिसीव करने के लिए एयरपोर्ट एवं स्टेशन पर विशेष स्थान देने व पास सुविधा हेतु समन्वय करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, उधमसिंह नगर व नैनीताल के साथ आयोजन स्थलों पर सुरक्षा प्रबन्धन, ट्रेफिक मूवमेंट, पार्किंग मेनेजमेंट, वीवीआईपी हेतु पुलिस एस्कोर्ट व प्रोटोकॉल प्राप्त गणमान्यों हेतु सुरक्षा प्रावधानों के सम्बन्ध में समन्वय हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से 38वें नेशनल गेम्स के प्रत्येक आयोजन स्थल को फिट टू ईट का प्रमाणीकरण देने के सम्बन्ध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से आयोजन स्थलों पर फिजियोथेरेपिस्ट, साइकोथेरेपिस्ट, नर्स, दवाईयों एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था के संबंध में समन्वय हेतु निर्देश दिए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, विशेष सचिव अमित सिन्हा, सचिव दिलीप जावलकर, शैलेश बगौली सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से अभद्रता पर एकजुट हुआ आईएएस एसोसिएशन

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से सचिवालय में उत्तराखंड आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद बर्द्धन सहित सभी सदस्यों ने मुलाकात कर 6 नवंबर 2024 को शासन में तैनात वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के साथ हुई घटना से अवगत कराया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस संबंध में सचिव गृह को उक्त घटना के विषय में आरोपियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने हेतु सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था का तत्काल परीक्षण कर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग को भी उक्त घटना के विषय में पुलिस विभाग को तहरीर देने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने हेतु सचिवालय की सुरक्षा एवं पास जारी करने की व्यवस्था का तत्काल परीक्षण करते हुए प्रभावी कार्यवाही हेतु निर्देश दिए हैं।

सीएम ने देहरादून से उत्तरकाशी और गौचर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड हवाई सम्पर्क योजना के तहत सहस्त्रधारा (देहरादून) से जोशियाडा (उत्तरकाशी) और सहस्त्रधारा (देहरादून) से गौचर (चमोली) के लिए हेलीकॉप्टर सेवा एवं दिल्ली से पिथौरागढ़ विमान सेवा का सीएम आवास से वर्चुअल शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हवाई सेवाएं, राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रही हैं, इसलिए सरकार उड़ान योजना के तहत 18 स्थानों पर हेलीपोर्टस का निर्माण कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने इन सेवाओं को प्रारंभ करने में सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राममोहन नायडु जी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये तीनों परियोजनाएँ हमारे राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने जा रही हैं, इन सेवाओं के प्रारंभ होने से राज्य में पर्यटन एवं आर्थिक विकास को गति मिलने के साथ-साथ सीमांत क्षेत्र पिथौरागढ़ की जनता को देश की राजधानी तक पहुँचने के लिए एक नया और बेहतर विकल्प मिल सकेगा। इन हवाई सेवाओं के प्रारंभ होने से आपातकालीन और आपदा प्रबंधन कार्यों में भी गति आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हवाई संपर्क योजना के तहत देहरादून सहस्त्रधारा से जोशियाड़ा और गौचर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का प्रारम्भ होना हमारे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। अब देहरादून से जोशियाड़ा की यात्रा केवल 40 मिनट और गौचर की यात्रा मात्र 50 मिनट में पूरी की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम हमारे पर्वतीय क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ वर्ष पूर्व आम आदमी को भी हवाई यात्रा करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से दूरदर्शी योजना उड़ान का शुभारंभ किया था। इस योजना ने उत्तराखंड में भी हवाई संपर्क को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उड़ान योजना के अंतर्गत राज्य में वर्तमान में 18 हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं। जिनमें से अब तक 10 हेलीपोर्ट्स पर हवाई सेवाएं सफलतापूर्वक शुरू की जा चुकी हैं। इन हेली सेवाओं से श्रीनगर, हल्द्वानी, मुन्स्यारी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत और अल्मोड़ा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सफलतापूर्वक जोड़ा जा चुका है। आने वाले समय में राज्य के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी हेली सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जहाँ पहले पहाड़ों के दुर्गम रास्तों को पार करने में घंटों लग जाया करते थे, वहीं अब हम एक घंटे के अंदर ही सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों तक आसानी से पहुँच सकेंगे। इन हवाई सेवाओं के प्रारंभ होने से जहां एक ओर हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा वहीं स्थानीय व्यवसाय, होमस्टे और युवाओं हेतु रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। हवाई कनेक्टिविटी की महत्ता को समझते हुए राज्य सरकार घरेलू उड़ानों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक उमेश शर्मा काऊ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा सोनिका, एसीईओ दयानन्द सरस्वती, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पवन हंस संजय, एलान्स एयर से रंजन दत्ता, आर. सी. शर्मा वर्चुअल माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टमटा, विधायक सुरेश सिंह चौहान, अनिल नौटियाल, जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी चमोली डॉ. संदीप तिवारी और जिलाधिकारी पिथौरागढ़ श्री विनोद गिरी गोस्वामी उपस्थित थे।

सहस्त्रधारा- गौचर हेलीकॉप्टर सेवा
इस सेवा में लगभग 50 मिनट का समय लगेगा। सहस्त्रधारा से यह हेलीकॉप्टर प्रातः 09ः30 बजे गौचर के लिए रवाना होगा तथा अपराहन् 10ः40 बजे गौचर से सहस्त्रधारा के लिए वापसी करेगा। पवन हंस की यह सेवा सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक 06 दिन होगी। 20 नवम्बर 2024 तक इसका प्रति व्यक्ति एक तरफ किराया 03 हजार रूपये और उसके बाद 3600 रूपये प्रति व्यक्ति होगा।

सहस्त्रधारा-जोशियाड़ा हेली सेवा
इस सेवा में लगभग 40 मिनट का समय लगेगा। सहस्त्रधारा से यह हेलीकाप्टर मध्याहन 12ः00 बजे जोशियाड़ा के लिए रवाना होगा तथा अपराहन् 01ः00 बजे जोशियाड़ा से सहस्त्रधारा के लिए वापसी करेगा। पवन हंस की यह सेवा सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक 06 दिन होगी। 20 नवम्बर 2024 तक इसका प्रति व्यक्ति एक तरफ किराया 03 हजार रुपये और उसके बाद 3300 रुपये प्रति व्यक्ति होगा। इन हवाई सेवाओं की वेबसाईट https://booking.pawanhans.co.in/ है।

दिल्ली-नैनी सैनी (पिथौरागढ़) विमान सेवा

यह सेवा ‘एलान्स एयर’ वायुयान के माध्यम से प्रदान की जाएगी।यह सेवा सप्ताह में 03 दिन (मंगलवार, वृहस्पतिवार एवं शनिवार) को संचालित होगी। दिल्ली से पिथौरागढ़ की इस वायुयान यात्रा में लगभग 1 घण्टा 25 मिनट का समय लगेगा। यह वायुयान दिल्ली से प्रातः 09ः20 बजे पिथौरागढ़ के लिए रवाना होगा तथा 11ः15 बजे पिथौरागढ़ से दिल्ली के लिए वापसी करेगा। इसका किराया 14 नवम्बर 2024 तक 2499 रूपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है, जबकि 16 नवम्बर से दिल्ली से पिथौरागढ़ का किराया 6999 और पिथौरागढ़ से दिल्ली का किराया 7447 प्रति व्यक्ति तय किया गया है। इस हवाई सेवा की बुकिंग वेबसाईट https://allianceair.in/ पर होगी।

दून विश्वविद्यालय में प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने की घोषणा, बोले प्रवासियों के परिषद का करेंगे गठन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में “प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन“ में सभी प्रवासी उत्तराखंड़ियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले अल्मोड़ा जनपद में बस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की माटी से जुड़े हुए प्रवासियों ने शिक्षा, अनुसंधान, ब्यूरोक्रेसी, फिल्म निर्माण, उद्योग, व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान उत्तराखंड से हैं। भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस विपिन रावत भी इसी भूमि से थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति अपने आप में विशिष्ट है। हमारे प्रवासी देश के विभिन्न राज्यों में अपनी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सालों में उन्हें देश के अनेक राज्यों में पर्वतीय समाज के लोगों से मिलने का अवसर मिला और उन्होंने महसूस किया कि हमारे प्रवासियों के भीतर बसा उत्तराखंड सदैव उनके साथ रहता है। उन्होंने उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति और संस्कारों को कभी नहीं छोड़ा। यह प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन सभी को उत्तराखंड की मिट्टी से पुनः जोड़ने का एक प्रयास है। यह ऐसा समागम है जहां सभी प्रवासी भाई बहन न सिर्फ राज्य के अधिकारियों के साथ संवाद कर सकेंगे बल्कि उन्हें विभिन्न राज्यों में निवासरत अन्य उत्तराखंडी प्रवासियों से भी मिलने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यहां से निकलने वाला संदेश लाखों उत्तराखंडी प्रवासियों तक पहुँचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूर्ण करने में उत्तराखंड भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, पेयजल सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से मजबूत हो रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य भी तेजी से चल रहा है। एयर कनेक्टिविटी को मजबूत बनाया जा रहा है। 30 से अधिक नई नीतियां लाकर उत्तराखंड को निवेश और रोजगार सृजन के लिए अनुकूल बनाया है। प्रदेश में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी प्राथमिकता के साथ कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश हित में कई कठोर एवं ऐतिहासिक निर्णय लिये गये हैं। यूसीसी का कानून राज्य में जल्द लागू होगा। देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण रोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू किया गया है। लैंड जिहाद के खिलाफ भी मुहिम चलाकर प्रदेश भर में 5000 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास के लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी में है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर 4.4 प्रतिशत कम हुई है। राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई फिल्म नीति को भी मंजूरी दी है जिसमें राज्य में फिल्मों की शूटिंग करने पर कई प्रकार की सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंड़ियों को प्रदेश की विभिन्न जानकारियां उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से एक डेडीकेटेड वेबसाइट भी तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रवासियों से अपील की कि कम से कम वर्ष में एक बार अपने गांव और पैतृक घर पर जरूर आएं और अपनी-अपनी विशेषज्ञता के हिसाब से अपने क्षेत्र के विकास में योगदान दें। आपके सुझावों एवं कार्यों के आधार पर विशिष्ट नीतियां बनाकर उन पर कार्य किया जायेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज होने वाले मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह अवश्य ही उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि यह गौरवशाली क्षण है, आज प्रवासी उत्तराखंड़ियों ने अपने संघर्ष और परिश्रम के बल पर देश के कोने-कोने में अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। राज्य में कार्य करने के लिए अनेक क्षेत्रों में संभावनाएं हैं।

विधायक विनोद चमोली ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना बड़े संघर्षों के बाद हुई। राज्य में कार्य करने के लिए बहुत अच्छा वातावरण है। हम सबको राज्य के विकास के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।

प्रवासी उत्तराखंडी और मेयर लखनऊ सुषमा खरकवाल ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें प्रवासी सम्मेलन में आने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मेरे लिए मातृभूमि उत्तराखंड है। यह देवभूमि प्रतिभाओं की धनी है।

प्रवासी उत्तराखंडी और अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने कहा कि राज्य में क्षेत्रीय फिल्मों को बढ़ावा मिलना चाहिए। उत्तराखंड की लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के आयोजन सेतु के रूप में कार्य करेंगे।

प्रवासी उत्तराखंडी और भारत सरकार में सचिव वाणिज्य सुनील बर्थवाल ने कहा कि प्रवासियों को अपने गांव को गोद लेने वाला विचार बहुत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए वे हर संभव सहयोग देंगे और अपनी मातृभूमि के विकास के लिए भागीदार बनेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जैविक उत्पाद के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। इनकी मांग राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ी है। सामुहिक खेती से उत्त्राखंड में जैविक उत्पादों को बढ़ाया जा सकता है।

प्रवासी उत्तराखंडी और राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंड़ियों को अपने माटी से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सराहनीय पहल की गई है। राज्य में पर्यटन, ऊर्जा, वन संपदाओं, उद्योग के क्षेत्र में कार्य के अनेक संभावनाएं हैं। हर क्षेत्र में राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभूमि के लिए कार्य करने के लिए उन्हें जो भी अवसर मिलेगा, वे हमेशा उपस्थित रहेंगे।

इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत, किशोर उपाध्याय, सविता कपूर, विधायक एवं प्रवासी उत्तराखंडी सुरेन्द्र मैठाणी, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अनेक संख्या में आये प्रवासी उत्तराखंडी और शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में पहुंचे देशभर से प्रवासी, सीएम ने किया गर्मजोशी से स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के दून विश्वविद्यालय में आयोजित “प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन” में सभी प्रवासी उत्तराखंडियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस विशेष सम्मेलन का उद्देश्य प्रवासी उत्तराखंडियों को राज्य के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करना और उनके साथ संवाद स्थापित करना था। सम्मेलन के दौरान दो प्रमुख सत्रों का आयोजन हुआ, जिनमें राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, निवेश के अवसर और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।

प्रथम सत्रः उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और पर्यटन में निवेश की संभावनाएं

प्रथम सत्र में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र के योगदान और विभिन्न निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। इस सत्र की कोऑर्डिनेटर पूजा गर्याल, अपर सचिव, पर्यटन, उत्तराखंड थीं, और इसका संचालन प्रतीक जैन, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग द्वारा किया गया। सत्र के पैनलिस्टों ने विभिन्न उद्योगों में संभावित निवेश और रोजगार के अवसरों पर अपने अनुभव साझा किए।

सत्र के पैनलिस्टों में शामिल रहेः
एस.आर. नौटियाल, एमडी, स्पार्क टेक्नोलॉजीस, जिन्होंने तकनीकी क्षेत्र में निवेश के बारे में चर्चा की। गोर्की चंदोला, होम स्टे के संस्थापक, जिन्होंने होमस्टे के माध्यम से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। संजय शर्मा, इको ग्लैम्पिंग रिसॉर्ट काणाताल के संस्थापक, जिन्होंने इको-टूरिज्म की संभावनाओं को प्रस्तुत किया।
कर्नल अश्विनी पुंडीर, एडिशनल सीईओ (एडवेंचर) यूटीडीबी, जिन्होंने साहसिक पर्यटन के विस्तार पर विचार व्यक्त किए।
रजत जैन, सनफॉक्स टेक्नोलॉजीस के संस्थापक, जिन्होंने पर्यावरण-अनुकूल तकनीकी समाधानों की संभावनाएं उजागर कीं।

द्वितीय सत्रः कृषि, बागवानी और ग्रामीण विकास में नवाचार की संभावनाएँ
दूसरे सत्र में उत्तराखंड में कृषि, बागवानी और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस सत्र की कोऑर्डिनेटर राधिका झा, सचिव, उत्तराखंड थीं, और इसका संचालन विनय कुमार, प्रबंधक निदेशक, यू.ओ.सी.बी. द्वारा किया गया। पैनल में विशिष्ट विशेषज्ञों और उद्यमियों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

पैनलिस्टों में सम्मिलित रहेः
नवीन पटवाल, मशरूम विशेषज्ञ और उद्यमी, जिन्होंने मशरूम खेती के बढ़ते अवसरों पर बात की। प्रेम चंद शर्मा, पद्मश्री पुरस्कार विजेता, जिन्होंने कृषि क्षेत्र में किए गए नवाचारों पर अपने अनुभव साझा किए।
रॉबिन नागर, संस्थापक एवं सीईओ, वैलीकल्चर इंडिया, जिन्होंने जैविक खेती के क्षेत्र में कार्य को बढ़ावा देने के सुझाव दिए।
शालिनी चौहान, हिमालयन हर्बेरिया की सीईओ, जिन्होंने औषधीय पौधों की खेती में संभावनाओं को सामने रखा।
डॉ. नृपेन्द्र चौहान, निदेशक, सगन्ध पादप केंद्र, जिन्होंने सगंध पौधों की खेती और प्रसंस्करण के बढ़ते अवसरों को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री का संदेशः उत्तराखंड के विकास में प्रवासियों की भूमिका है अहम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में प्रवासी उत्तराखंडियों के राज्य के विकास में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रवासियों के पास न केवल अनुभव और संसाधन हैं बल्कि अपनी मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम भी है। यह सम्मेलन प्रवासी उत्तराखंडियों को राज्य के विकास में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

सम्मेलन के अंत में प्रवासी उत्तराखंडियों ने राज्य में निवेश और रोजगार के लिए संभावनाओं की खोज और उत्तराखंड के विकास में अपनी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह सम्मेलन उत्तराखंड की स्थिर और सतत आर्थिक प्रगति के लिए नए मार्ग खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

सीएम से मिला आईएएस एसोसिएशन, विभिन्न विषयों पर की वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भेंट कर विभिन्न विषयों पर वार्ता की।

आईएएस एसोसिएशन द्वारा बीते दिन सचिवालय में शासन के वरिष्ठ सचिव मीनाक्षी सुंदरम से हुए दुर्व्यवहार के मामले पर नियम अनुसार वैधानिक कार्यवाही किए जाने का आग्रह किया गया। आईएएस एसोसिएशन द्वारा शासन में सुरक्षित कार्य प्रणाली को विकसित किए जाने को लेकर भी मुख्यमंत्री से निवेदन किया गया। आईएएस एसोसिएशन द्वारा जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे अधिकारियों और सचिवालय कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी विशेष रूप से ध्यान दिए जाने का आग्रह किया गया।

मुख्यमंत्री ने सभी को प्रभावी ढंग से नियमानुसार बिना किसी दबाव के कार्य करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा हम सभी को राज्य की जनता के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा आईएएस एसोसिएशन द्वारा रखी गई मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव दिलीप जावलकर, सचिव शैलेश बगौली, एंव अन्य सचिवगण मौजूद रहे।

उत्तराखण्ड निवास में राज्य की संस्कृति, लोक कला और वास्तुकला का किया गया है समावेशः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में उत्तराखण्ड राज्य अतिथि गृह ‘उत्तराखण्ड निवास’ का लोकार्पण किया। इस भव्य उत्तराखण्ड निवास का निर्माण लगभग 120 करोड़ 52 लाख की लागत से किया गया है। इस अवसर पर सबसे पहले मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद के मार्चुला बस दुर्घटना में दिवंगत आत्माओं की शांति और उनके परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज हम सब उत्तराखण्ड निवास के लोकार्पण के ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहा हैं। उत्तराखण्ड निवास में राज्य की संस्कृति, लोक कला और वास्तुकला का समावेश किया गया है। उत्तराखण्ड की अद्वितीय कला की छाप उत्तराखण्ड निवास संजोये हुए है। इसकी दीवार पारंपरिक रूप से पहाड़ी शैली के सुंदर पत्थरों से निर्मित है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत करने का का कार्य करती है। यह भवन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक पंरपराओं को एक नई ऊंचाई प्रदान करने के साथ ही उत्तराखण्ड और देश-विदेश से आने वाले अतिथियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आरामदायी आवास व्यवस्था तथा उत्तराखण्ड की संस्कृति की झलक को समेटे यह भवन राष्ट्रीय राजधानी में हमारे प्रदेश की गरिमा का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड निवास में हमारे पारंपरिक व्यंजनों की व्यवस्था की जाए। श्री अन्न उत्पादों और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए भी यहां पर एक विशेष काउंटर की व्यवस्था की जाए। उत्तराखण्ड की पहचान टोपी, पिछोड़ा, शॉल, जैकेट एवं राज्य के प्रसिद्ध उत्पादों की बिक्री की भी व्यवस्था हो। राज्य की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उच्च गुणवत्ता के उत्पाद बनाये जा रहे हैं। यह हमारे आने वाले अतिथियों के लिए एक विशेष प्रकार का अनुभव होगा। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भवन के निर्माण में योगदान देने वाले सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। सभी श्रमिकों के समर्पण भाव की भी उन्होंने सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 09 नवम्बर को हम उत्तराखण्ड राज्य की रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं। ऐसे में उत्तराखण्ड भवन का लोकार्पण श्रेष्ठ उत्तराखण्ड बनाने का हमारे संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा और राज्य को आगे बढ़ाने में हम सबको प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए पिछले सालों में कई महत्वपूर्ण योजनाएं और नीतियां लागू की गई हैं। यही कारण है कि नीति आयोग द्वारा इस वर्ष जारी सतत विकास के लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखण्ड को देश प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टप में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। जीएसडीपी में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखण्ड युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बना है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत कमी लाई गई है। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सबसे अनुकूल राज्य होने के लिए भी उत्तराखण्ड को देश में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य हित में अनेक निर्णय लिये हैं। समान नागरिक संहिता की दिशा में कदम उठाने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। जल्द ही यूसीसी राज्य में लागू करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। जिससे प्रदेश के युवाओं में नया आत्मविश्वास जगा है। हर जनपद से युवाओं का चयन हो रहा है। विगत तीन वर्षों में राज्य में 18500 सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। राज्य में धर्मान्तरण को रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है। जो देवभूमि की पवित्रता और संस्कृति की रक्षा करेगा। 05 हजार से भी अधिक सरकारी जमीन जो गैरकानूनी रूप से कब्जे में थी, उसको अतिक्रमण से मुक्त कराया है। प्रदेश में लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घटिया मानसिकता के खिलाफ भी कड़ा रूख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले बजट सत्र में एक सख्त भू-कानून भी लाया जायेगा। जिसकी काफी लंबे समय से प्रतिक्षा है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड के अंतिम छोर के व्यक्ति तक विकास की धारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचन्द अग्रवाल, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सासंद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सासद डॉ. कल्पना सैनी, विधायकगण, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु एवं सचिवगण उपस्थित थे।