देहरादून में सरस मेला 2024 का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेंजर्स ग्राउंड देहरादून में आयोजित सरस मेला-2024 का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेश भर के स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं से वार्ता कर उनके उत्पादों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा निर्मित मंडुवे के बने केक की सराहना की। उन्होंने, स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित दीए की खरीदकारी कर ऑनलाइन माध्यम से पेमेंट भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस मेले में महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद मातृशक्ति के परिश्रम, नवाचार के प्रतीक हैं। अपने परिश्रम और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से महिलाएं आजीविका चलाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा सरस मेला हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का भी प्रयास है। इन मेलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच प्राप्त होता है एवं हम ग्रामीण कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों, ग्रामीण उद्यमियों के साथ कृषि उत्पादों और ग्रामीण कौशल को भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हमारे स्थानीय उत्पादों को सशक्त बनाने के लिए वोकल फॉर लोकल अभियान प्रारंभ किया गया था। यह मेला भी इस अभियान को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा आजीविका मेले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को भी साकार करने में सिद्ध हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार मातृशक्ति को सर्वाेपरि मानकर उनके उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। महिला के आर्थिक रूप से सशक्त होने पर वो अपने परिवार एवं पूरे समाज को सशक्त बनाने का कार्य करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के तहत राज्य की एक लाख से अधिक महिलाओं ने लखपति बनने का गौरव प्राप्त किया है। हमारा संकल्प वर्ष 2025 तक 1.5 लाख लखपति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में भी सरकार ने मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह योजना के अंतर्गत 84 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान कर महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने का प्रयास किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 30 हजार से अधिक समूहों को ब्याज प्रतिपूर्ति के रूप में 24 करोड़ रुपये की छूट भी दी गई। 159 महिला सीएलएफ को लगभग 8 करोड़ रुपये का एकमुश्त अनुदान प्रदान किया गया। 43 हजार सक्रिय समूहों के स्वावलंबन हेतु 51 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत महिलाओं ने 95 ब्लॉकों में लगभग डेढ़ हजार स्टालों के माध्यम से 3 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार कर किया। राज्य में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 67 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 5 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हैं एंव 7 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 471 क्लस्टर स्तर के संगठन भी बनाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 53 हजार से अधिक समूहों को रिवाल्विंग फंड और 37 हजार से अधिक समूहों को सामुदायिक निवेश निधि भी उपलब्ध करवा चुके हैं। महिला समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री के विपणन हेतु 13 जनपदों में 33 नैनों पैकेजिंग यूनिट और 17 सरस सेन्टर भी संचालित किए जा रहे हैं। राज्य स्तर पर रानीपोखरी और देहरादून के रायपुर में उत्तरा आउटलेट की स्थापना की गई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर 110 अस्थायी आउटलेटों के माध्यम से भी महिला समूहों के उत्पादों का विपणन किया जा रहा है। उन्होंने कहा सभी प्रयासों के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।

मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान स्त्री शक्ती स्वयं सहायता समूह से स्वाति नेगी ने बताया कि उन्होंने 2019 में ग्रोथ सेंटर के माध्यम से ट्रेनिंग लेकर 20 महिलाओं के साथ दिवाली में काम आने वाली सजावटी मालाएं बनाने का कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया राज्य सरकार द्वारा सचिवालय से लेकर ग्राम स्तर हर जगह उनके स्टॉल लगाए जाते हैं। उन्होंने बताया समूह की प्रत्येक महिला महीने में 10 से 12 हज़ार कमा लेती हैं।

उन्नति स्वयं सहायता समूह की लखपति दीदी कोमल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा हर स्तर पर उनकी मदद की जाती है। उन्होंने कहा लखपति दीदी योजना से समाज में उनका मान सम्मान बढ़ा है। वह अपने साथ अन्य महिलाओं को भी रोज़गार से जोड़कर कार्य कर रही हैं। धरा स्वयं सहायता समूह की लखपति दीदी फरजाना खान ने बताया कि वह महिलाओं के साथ मिलकर दलिया बनाने का काम करती हैं। उनके उत्पाद की बाज़ार में बड़ी मांग है। उनके समूह की प्रत्येक महिला करीब 12000 कमा लेती हैं।

लखपति दीदी फरजाना की मांग पर मुख्यमंत्री ने आयुक्त ग्राम्य विकास को दिए निर्देश

लखपति दीदी फरजाना खान ने मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर आउटलेट खोले जाने का अनुरोध किया। जिसके उपरांत मुख्यमंत्री ने आयुक्त ग्राम्य विकास धीरज गर्ब्याल को प्रत्येक जिले के हर संभव स्थान पर आउटलेट खोले जाने हेतु परीक्षण करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अपनी बहनों को वचन देता हूं कि उनकी हर संभव मदद की जायेगी।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल विधायक खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विश्वास डाबर, जोत सिंह बिष्ट, आयुक्त ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल, जिला अधिकारी देहरादून सविन बंसल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राज्य में यूसीसी लागू करने के लिए कैबिनेट में जल्द तय की जाएगी तिथि

समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम के राज्य में क्रियान्वयन के लिए सेवानिवृत्त आई.ए.एस. शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में बनाई गई ‘नियमावली और क्रियान्वयन समिति’ ने सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नियमावली का ड्राफ्ट सौंपा। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आई.ए.एस. शत्रुघ्न सिंह, सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, अपर पुलिस महानिदेशक अमित सिन्हा और स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा मौजूद थे।

समिति द्वारा समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम की नियमावली का ड्राफ्ट सौंपे जाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2022 में प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद हमने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में निर्णय लिया कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन करेंगे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाई गई। कमेटी के रिपोर्ट सौंपने के बाद 07 फरवरी, 2024 को राज्य विधान सभा में पारित किया गया। उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 पर महामहिम राष्ट्रपति की सहमति के बाद 12 मार्च, 2024 को समान नागरिक संहिता उत्तराखण्ड, 2024 अधिनियम पारित हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता अधिनियम की नियमावली आज सौंपी गई है। इस नियमावली में मुख्य रूप से चार भाग है। जिसमें विवाह एवं विवाह-विच्छेद लिव-इन रिलेशनशिप, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण तथा उत्तराधिकार सम्बन्धी नियमों के पंजीकरण संबंधी प्रक्रियाएं उल्लिखित है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मंत्रिमंडल की बैठक में इस अधिनियम को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए तिथि तय की जायेगी। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। जन सामान्य की सुलभता के दृष्टिगत इस समान नागरिक संहिता के लिए एक पोर्टल तथा मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण, अपील आदि की समस्त सुविधाएं जनसामान्य को ऑनलाइन माध्यम से सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में सबको समान रूप से न्याय मिले। महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विधेयक बना है। जल्द इस अधिनियम को धरातल पर उतारा जायेगा। आजादी के बाद उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन जायेगा जिसे समान नागरिक संहिता लागू करने का गौरव प्राप्त होगा।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, विशेष सचिव रिद्धम अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड की 24वें वर्ष में 24 गुना बढ़ी जीएसडीपी

24 वर्षों की विकास यात्रा में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था ने लंबी छलांग लगाई है। आज अर्थव्यवस्था का आकार 24 गुना बढ़ा है। इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आय 17 गुना बढ़ी है। इससे साफ है कि उत्तराखंड राज्य में विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है।

दो दशक दस माह के कालखण्ड में तमाम उतार चढ़ावों का सामना करते हुए उत्तराखंड ने हार नहीं मानी है। पहाड़वासियों के पहाड़ जैसे हौसले ने विकास की रफ्तार धीमी नहीं पड़ने दी। आज राज्य की अर्थव्यवस्था (जीएसडीपी) लगातार सुधार की ओर है। अर्थव्यवस्था का बढ़ता आकार राज्य की समृद्धि को बयां कर रहा है।

आंकड़ों पर नजर दौडाएं तो पता चलता है कि उत्तराखंड राज्य गठन के वक्त यानी वर्ष 2000 में अर्थव्यवस्था का आकार ₹14501 करोड़ था, जो 2023-24 में बढ़कर ₹346000 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें पर्यटन क्षेत्र का अहम योगदान रहा है। दो वर्ष पूर्व जीएसडीपी में पर्यटन सेक्टर की भागीदारी 37 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 43.7 प्रतिशत हो गई है।

इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आमदनी भी बढ़कर ₹02लाख 60 हजार हो चुकी है। जबकि वर्ष 2000 में प्रति व्यक्ति आय ₹15285 थी। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर ही नजर डालें तो राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 26 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

राज्य में विकास के रफ्तार पकड़ने से बजट में भी बीस गुना बढ़ोतरी हुई है। राज्य गठन के समय वर्ष 2000 में उत्तराखंड का बजट ₹4500 करोड़ के करीब था। जबकि वर्ष 24-25 के लिए कुल ₹94 हजार करोड़ से अधिक बजट का प्रावधान किया गया है। इसमें ₹89230.07 आम बजट और ₹5013.05 अनुपूरक बजट की धनराशि शामिल है
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राज्य गठन के 24 वर्षों में उत्तराखंड ने विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल किया है। इस विकास यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला कालखंड विशेष रहा है। इस दौर में उत्तराखंड में तरक्की के नए द्वार खुले हैं। आर्थिक मोर्चे पर हमारा प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना वृद्धि हुई है। हमने आगामी पांच वर्षों में राज्य की जीएसडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। राजस्व वृद्धि के लिए कारगर कदम उठाए गए हैं। घाटे में चल रहे राज्य सरकार के कई विभाग आज लाभ देने की स्थिति में आ रहे हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि राज्य की देवतुल्य जनता और शासन-प्रशासन के प्रयासों से हम इस लक्ष्य को पाने में सफल होंगे।

-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

सीएम धामी के निर्देशों पर चलाया जा रहा है फैमिली रीयूनियन प्रोग्राम

देहरादून। इस दुनिया में शायद ही कोई ऐसा हो, जिसका अपना परिवार न हो। लेकिन वक्त की मार कई बार, इंसान को घर परिवार से इतना दूर कर देती है कि फिर वापसी की उम्मीद दिनों दिन क्षीण होती जाती है। महिला बाल कल्याण विभाग के अधीन देहरादून के केदारपुरम में संचालित नारी निकेतन में भी ऐसी कई दिल तोड़ने वाली कहानियां है। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार इन निराश्रितों के जीवन में रंग भरने का काम कर रही है। सरकार की ओर से चलाए जा रहे फैमिली रीयूनियन प्रोग्राम के तहत अब तक 23 महिलाओं को उनके बिछड़े परिवार से मिलाया जा चुका है।

फैमिली रीयूनियन प्रोग्राम, देहरादून नारी निकेतन में दिन काट रही महिलाओं के जीवन को नई दिशा दे रहा है। इस प्रोग्राम के तहत देश के विभिन्न राज्यों में ही नहीं, बल्कि नेपाल, बांग्लादेश में तक इन महिलाओं के बिछड़े परिवारों की तलाश की जा चुकी है। इसमें बांग्लादेश की नूरजहां को 32 साल बाद अपना परिवार मिल पाया है। इसी तरह रांची झारखंड की रहने वाली जूनी टोपो भी 30 साल बाद अपने परिवार से मिल पाई है। प्रोग्राम के तहत ना सिर्फ निराश्रित महिलाओं की घर वापसी कराई जाती है, बल्कि इसके बाद भी इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, एक नेटवर्क तैयार किया जाता है। इस तरह सरकार सुनिश्चित करती है कि कई सालों के बाद परिवार से मिलने के बावजूद महिलाओं का जीवन सुरक्षित बना रहे।

नारी निकेतन निराश्रित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय देता है, लेकिन यह बात प्रमाणित है कि हर इंसान अपने परिवार के बीच ही खुश रह सकता है। इसलिए सरकार का प्रयास है कि यहां रह रही सभी महिलाओं को उनके परिवार से मिलाया जाए। इसके लिए चलाए जा रहे फैमिली रीयूनियन प्रोग्राम ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सरकार यहां रह रही महिलाओं को कौशल विकास का भी प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।

– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

घर वापसी – 01

आसाम की रहने वाली वृंदा 17 साल पहले अपने परिवार से बिछड़ गई थी, उन्होंने लंबा समय आश्रमों में बिताया, वृंदा 25 अगस्त 2023 को देहरादून नारी निकेतन में दाखिल हुई। यहां प्रोग्राम फैमिली रीयूनियन प्रोग्राम के तहत, टीम ने उनकी घंटों काउंसिलिंग करते हुए, उनके परिवार का नाम पता जानने में कामयाबी हासिल की। आखिरकार इसी साल 29 अप्रैल को वृंदा के भाई उन्हें लेने के लिए देहरादून पहुंचे, जहां कानूनी औपचारिकता के बाद उन्हें परिवार को सौंप दिया गया।

घर वापसी – 02

नेपाल की रहने वाली कमला कुमारी 2012 में अपने परिवार से बिछड़ गई थी। इसके बाद वो 2016 में अचानक उत्तरकाशी में मिली, जहां स्थानीय जिला प्रशासन ने उसे नारी निकेतन भेज दिया। अब रीयूनियन प्रोग्राम के तहत, रोलपा नेपाल में उनका बेटा मिल गया है। तमाम कानूनी औपचारिकता पूरी करने के बाद इसी महीने तीन अक्तूबर को कमला का बेटा अपनी बिछड़ी मां को लेकर वापस नेपाल चला गया है।

थूक जेहाद पर सीएम की सख्ती के बाद जारी हुई गाईडलाइन

उत्तराखंड में खाद्य पदार्थों में थूक व गंदगी मिलाने की घटनाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कड़ा रूख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में इस तरह की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने दोषी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की सघन जांच हो और दोषियों को सजा मिले। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि त्योहारों का सीजन आ रहा है, जिसमें सुरक्षा और शुद्धता उनकी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अशुद्धता या असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

25 हजार से लेकर 1 लाख रूपये तक का जुर्माना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य सचिव व खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने विस्तृत एसओपी जारी कर दी है। जिसमें दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ 25 हजार से लेकर 1 लाख रूपये तक का जुर्माना के प्रावधान किया गया है। आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जूस एवं अन्य खानपान की वस्तुओं में मानव अपशिष्ट एवं अन्य गन्दी चीजों की मिलावट के प्रकरण प्रकाश में आये हैं। यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा सभी खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस लेना व उसकी शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों में स्वच्छता एवं सफाई सम्बंधी अपेक्षायें का अनुपालन करना भी अनिवार्य है।

स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से हो पालन
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा नियमों का पालन न करने वाले खाद्य करोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्राविधानों के तहत दण्डित किये जाने का प्राविधान है। उन्होंने कहा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत आम जनता को शुद्ध, स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के दृष्टिगत राज्य में संचालित होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैण्टीन, फूड वेन्डिंग एजेन्सीज, फूड स्टॉल, स्ट्रीट फूड वेण्डर्स इत्यादि द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु प्राविधान हैं। जिसको लेकर टीमें लगातार छापेमारी अभियान चला रही हैं। सैंपलिंग भरी जा रही हैं जांच में दोषी पाये जाने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई भी की जा रही है।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जारी की गई एसओपी पर एक नजर…

(1)-एसओपी के बारे में जानकारी देते हुए आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने कहा राज्य में स्वच्छता और सफाई की अनिवार्यता के दृष्टिगत खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा भोजन बनाने एवं परोसने वाले कार्मिकों को अनिवार्य रूप से फेस मास्क/ ग्लब्स/हेड गियर का उपयोग करना होगा।
(2)-खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों को हेन्डल करते समय धूम्रपान, थूकना आदि व डेयरी (दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ) उत्पादों को प्रयोग में लाये जाने से पूर्व व छूने से पूर्व नाक खुजाना बालों में हाथ फेरना, शरीर के अंगों को खुजाना आदि हैण्ड हैबिट पर नियंत्रण रखें। इन आदतों से खाद्य पदार्थों में बैक्टीरियल संक्रमण के दृष्टिगत यह नियमों के विरूद्ध है।
(3)-संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्तियों को खाद्य निर्माण/संग्रहण / वितरण स्थलों पर कदापि नियोजित न करें। खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबारकर्ताओं का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 के अंतर्गत खाद्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कार्मिको की सूची चिकित्सकीय प्रमाण-पत्र सहित उपलब्ध कराने का प्राविधान है। अतः सभी अनुज्ञप्तिधारकों / पंजीकरणधारकों द्वारा तदनुसार विनियम के अनुपालन में अपने समस्त खाद्य कार्मिकों की सूची उनके चिकित्सकीय प्रमाण-पत्रों के साथ कार्यस्थल/प्रतिष्ठान में सदैव रक्षित करना अनिवार्य होगा।
(4)-विगत दिनों हुई उपरोक्त घटनाओं के दृष्टिगत यह निर्देशित किया जाता है कि सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा खाद्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कार्मिकों को अनिवार्य रूप से फोटोयुक्त पहचान पत्र निर्गत किया जाएगा, जिसे कार्यस्थल पर प्रतिष्ठान के कार्मिकों द्वारा अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना सुनिश्चित किया जायेगा।
(5)-स्वच्छता और सफाई की अनिवार्यता के दृष्टिगत खाद्य पदार्थ निर्माण करने वाले कार्मिकों/परोसने वाले कार्मिकों/खाद्य पदार्थ विक्रय करने वाले कार्मिकों को कार्यस्थल पर थूकने एवं अन्य किसी भी प्रकार की गन्दगी फैलाने को प्रतिबन्धित किया जाता है। उक्त विनियम में वर्णित प्रावधानों का उल्लंघन किये जाने पर खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अधीन रू0 25,000 से रू0 1,00,000 तक अर्थदण्ड से दण्डित किया जायेगा।
(6)- उपरोक्त विनियम में वर्णित अनुज्ञप्ति की शर्तों के अनुसार खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा खाद्य परिसर में उत्पादित अथवा तैयार की गयी किसी खाद्य सामग्री को मल, मूत्र, थूक अथवा किसी अन्य दूषित पदार्थ से प्रभावित युक्त नहीं किया जायेगा। खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य कारोबार के लिये अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम 2011 का विनियम-2.1.2 (5) अनुसूची, 3

(1) प्रत्येक खाद्य कारोबारकर्ता प्रारूप-ग में जारी अनुज्ञप्ति की एक साफ, प्रमुख स्थान पर पठनीय प्रति चस्पा करेगा।
(2) प्रत्येक अनुज्ञप्ति धारी यह सुनिश्चित करेगा कि विनिर्दिष्ट उत्पादन से भिन्न अन्य किसी उत्पाद का उत्पादन नहीं किया जायेगा।
(3) प्रत्येक खाद्य कारोबारकर्ता उत्पादन, कच्ची सामग्री का उपयोग और विक्रय का अलग-अलग दैनिक रिकार्ड रखेगा।

अन्य दिशा-निर्देश-

(1)- अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण प्राप्त किये बिना कारोबार कर रहे खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही कर उन्हें तत्काल अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण से आच्छादित किया जाए। (एफ०एस०एस०एक्ट, 2006 की धारा-58 एवं 63)
(2)- समस्त खाद्य प्रतिष्ठानों यथा ढाबों / होटलों / रेस्टोरेंट्स आदि में सी०सी०टी०वी० कैमरों की व्यवस्था की जाए।
(3)- राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पत्र दिनांक 26.12.2022 के अनुपालन में प्रत्येक मीट विक्रेता, मीट कारोबारकर्ता, होटल एवं रेस्टोरैन्ट विक्रय/प्रस्तुत किये जा रहे मीट एवं मीट उत्पाद के प्रकार यथा हलाल अथवा झटका, का अनिवार्य रूप से प्रकटीकरण करेगें। उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन खाद्य कारोबारकर्ता का स्वयं का तथा अपने प्रतिष्ठान के कार्मिकों द्वारा कराये जाने का दायित्व खाद्य कारोबारकर्ता का होगा। उपर्युक्त निर्देशों का प्रदेश के समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया एवं कराया जायेगा। अनुपालन न किये जाने की स्थिति में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं तत्सम्बन्धी विनियमों के सुसंगत प्राविधानों के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी।

उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 24 वर्ष पूरे होने पर होगी देवभूमि रजतोत्सव की शुरूआत

उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 24 वर्ष पूरे होने तथा 25वीं रजत जयन्ती के शुभारम्भ के रूप में इस वर्ष मनाया जाना वाले राज्य स्थापना दिवस को भव्यता से आयोजित किए जाने के मुख्यमंत्री ण्के निर्देशो के क्रम में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में सभी अधिकारियों के साथ राज्य स्थापना दिवस की तैयारियों की समीक्षा की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस का विशेषरूप से भव्य आयोजन किया जाना हैं। उन्होंने कहा कि क्योंकि इस वर्ष उत्तराखण्ड राज्य के स्थापना के 24 वर्ष पूरे हो जाएंगे तथा 25वीं रजत जयन्ती की शुरूआत हो जाएगी, इसलिए प्रदेशवासियों के लिए इसका विशेष महत्व है। इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस 9 नवम्बर 2024 से अगले वर्ष 9 नवम्बर 2025 तक पूरे वर्ष मनाये जाने वाले ‘‘देवभूमि रजतोत्सव’’ की शुरूआत भी हो जाएगी। इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस का आयोजन लगभग 6 नवम्बर से आरम्भ होकर सप्ताह भर तक किये जाने का प्रस्ताव है, जिसकी शुरूआत नई दिल्ली में उत्तराखण्ड सदन के शुभारम्भ, दिल्ली में रहने वाले विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत उत्तराखण्ड मूल के अधिकारियों, कार्मिकों व प्रवासियों की भागीदारी से आयोजित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अगले क्रम में प्रवासी उत्तराखण्ड सम्मेलन के आयोजन, भव्य खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, महिला सशक्तीकरण की थीम पर विशेष उत्सव का आयोजन, जरूरतमंदों के लिए बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन, मलिन बस्तियों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का अयोजन, दिव्यांगों के लिए विशेष कार्यक्रम, विभिन्न सम्मान व पुरस्कार वितरण कार्यक्रमों का आयोजन, राज्य आन्दोलनकारियों व शहीदों की गौरवगाथा जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने 24 वर्षों में राज्य की उपलब्धियों एवं विकास की सम्भावनाओं पर स्कूल व कॉलेज स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर इसमें युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साल भर आयोजित होने वाले देवभूमि रजतोत्सव प्रदेश के सभी वर्गों, विशेषरूप से महिलाओं, स्कूली बच्चों व युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने मण्डल स्तर तथा जिला स्तर पर भी राज्य स्थापना दिवस को भव्यता से आयोजित किए जाने हेतु विशेष तैयारियों के निर्देश दिए हैं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार सहित सभी विभागों के सचिव, अपर सचिव, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून व अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

सुदृढ़ वित्तीय प्रबन्धन राज्य सरकार का मूल मंत्रः सीएम

राज्य में राजस्व वृद्धि के लिए सभी विभागों द्वारा इनोवेटिव प्रयास किये जाएं। विभागों द्वारा राजस्व बढ़ाने के लिए नये स्रोतों पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा जिन योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, उनमें राजस्व प्राप्ति बढ़ाने की दिशा में विभागीय सचिवों द्वारा विशेष ध्यान दिया जाए। विभागों द्वारा राजस्व संग्रहण मे वृद्धि करने के लिए नए तरीके और रणनीति अपनाई जाए। उन्होंने कहा कि कर संग्रहण प्रक्रिया में और सुधार के साथ ही कर चोरी रोकने के लिए नियमित कड़े कदम उठाये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न कार्यों का आमजन को पूरा लाभ मिले। कार्यों में मितव्ययता के साथ गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये निर्देश सचिवालय में वित्तीय मितव्ययता के संबंध में बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदृढ़ वित्तीय प्रबन्धन राज्य सरकार का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि हमें स्वयं के राजस्व संसाधनों में वृद्धि के लिए और तेजी से प्रयास करने हैं। खनन क्षेत्र में राजस्व वृद्धि के लिए किये गये प्रयासों की उन्होंने सराहना की। इस वर्ष खान क्षेत्र में प्रथम छमाही में गत वर्ष की तुलना में 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जो कुल वार्षिक लक्ष्य का 52 प्रतिशत प्राप्त हो गया है। एस.जी.एस.टी., परिवहन, आबकारी, वानिकी, ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में राजस्व वृद्धि के लिए और प्रयासों पर मुख्यमंत्री ने बल दिया। उन्होंने कहा कि मितव्ययता के बहुत से आयाम हैं। सुदृढ़ कानून व्यवस्था से जहां एक ओर निवेश बढ़ता है, आर्थिक गतिविधियां भी बढती हैं। राज्य के कर एवं करेत्तर आय में वृद्धि होती है। इसी प्रकार पालिसी इन्टरवेंशन से भी राज्य की आय में वृद्धि हो सकती है तथा मितव्ययता सुनिश्चित की जा सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नई नीतियों और जिन नीतियों में संशोधन किया गया है उनका असर उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखे। नीतियों के सफल क्रियान्वयन के लिए होलिस्टिक एप्रोच के साथ कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि मितव्ययता से आशय यह नहीं है कि हम कल्याणकारी राज्य की अवधारणा से समझौता करें। हमारी रणनीति होगी कि हम लोक कल्याण के कार्यों को और बेहतर ढंग से कर सकें। महत्वाकांक्षी परियोजनाओं तथा लोक कल्याणकारी कार्यों को करने के लिए आवश्यक है कि हम राज्य के संसाधनों में वृद्धि करें, बड़ी परियोजनाओं का सही ढ़ंग से लागत और लाभ का विश्लेषण करें। मितव्ययता के लिए उत्पादकता में सुधार, अनावश्यक व्यय में कटौती, और संसाधनों का सही उपयोग करना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप पिछले 20 माह में राज्य की जी.एस.डी.पी0. में 1.3 गुना वृद्धि हुयी है। दो सालों में राज्य के प्रति व्यक्ति आय में 26 प्रतिशत वृद्धि हुयी है। 2021-22 में प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 5 हजार रूपये थी। 2023-24 में यह बढ़कर 2 लाख 60 हजार रूपये हो गयी है। वर्ष 2023-24 में राज्य ने 34 प्रतिशत की वृद्धि पूंजीगत कार्यों में की है। पहली बार 10 हजार करोड़ से अधिक के पूंजीगत कार्य प्रदेश में हुये। वर्ष 2023-24 में राज्य के कर राजस्व में 12.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वर्ष 16.96 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में राज्य राजस्व संसाधनों में वृद्धि के लिये किये जा रहे प्रयासों, प्रतिबद्ध और गैर प्रतिबद्ध व्यय की प्रवृत्ति, महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता,राजकोषीय संसाधनों का बेहतर तरीके से उपयोग आदि विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में डी.पी.आर. बनाने से लेकर परियोजना पूरा करने तक पूंजीगत परियोजनाओें के कार्य की ई-मानीटरिंग, ई-गवर्नेंस का उपयोग और राजस्व स्रोतों की डिजिटल निगरानी, रिकार्ड, दस्तावेज और सेवाएं देने हेतु पेपरलेस विधि का उपयोग,ई-वाहन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन योजनाओं में केन्द्रांश और राज्यांश क्रमशः 90 और 10 के अनुपात में हो उनको अधिक प्राथमिकता दी जाए। नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित सार्वजनिक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये।

बैठक में नवाचार और टेक्नोलॉजी के उपयोग, पब्लिक ऐसेट मैनेजमेंट और मोनेटाइजेशन, सार्वजनिक अधिप्राप्ति में बचत एवं मितव्ययिता, पीएसयू में सुधार, योजनाओं के पुनरुद्धार, अनावश्यक व्यय की पहचान कर उसका निराकरण करने पर भी विचार विमर्श किया गया।

बैठक में वित्त मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुदंरम, शैलेश बगोली, राधिका झा, नितेश झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, रंजीत सिन्हा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, एच. सी. सेमवाल, विनोद कुमार सुमन, डॉ. नीरज खैरवाल, डा. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव मनमोहन मैनाली एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

कॉरपोरेट सैलरी पैकेज के लिये सरकार ने किये बैंकों के साथ एमओयू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की उपस्थिति में सचिवालय में सरकारी कार्मिकों के लिए कॉरपोरेट सैलेरी पैकेज और अन्य लाभों के लिए उत्तराखण्ड सरकार के साथ भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और जिला सहकारी बैंक ने एम.ओ.यू किया। अभी राज्य के लगभग 64 प्रतिशत सरकारी कार्मिक जिनका सैलरी खाता इन बैंकों में है, वे इस अनुबंध से लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सरकारी कार्मिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस अनुबंध का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि ये सभी बैंक कॉरपोरेट सैलेरी पैकेज को कर्मचारियों के लिए और लाभकारी बनाने के लिये निरंतर कार्य करते रहेंगें। हमारा प्रयास होगा कि भविष्य में शत-प्रतिशत कर्मचारी इस लाभकारी पैकेज का फायदा उठा सकें। इन बैंकों की शाखाओं में वेतन खातों में वेतन बचत खाते के खाताधारकों को व्यक्तिगत बीमा कवर के साथ-साथ अन्य वित्तीय लाभों की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इसके अंतर्गत कार्मिकों को दुर्घटनास्वरूप मृत्यु, पूर्ण अपंगता तथा आंशिक अपंगता की स्थिति में उनके आश्रितों को क्षतिपूर्ति के रूप में क्लेम का लाभ तथा अन्य लाभ बिना कोई प्रीमियम किये प्रदान किये जायेंगे।

राज्य सरकार और इन 05 बैंको के मध्य हुए अनुबंध के अनुसार किसी कार्मिक की मृत्यु की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में यह कवरेज उनके परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, जो रू. 30 लाख से रू. 100 लाख के, मध्य होगी। पूर्ण अपंगता की स्थिति में रू. 30 लाख से रू. 50 लाख, तथा आंशिक अपंगता की स्थिति में रू. 10 लाख से रू. 40 लाख तक की वित्तीय सहायता बैंक द्वारा पैकेज के अन्तर्गत प्रदान की जाएगी। इसके साथ-साथ इस पैकेज में दुर्घटना के कारण चिकित्सा, एम्बुलेंस की सुविधा, बच्चों की शिक्षा, पुत्री के विवाह जैसी आने वाली आवश्यकताओं के लिए भी वित्तीय सहायता की व्यवस्था है। कार्मिकों की प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में भी उनके आश्रितों को आने वाली चुनौतियों से बचने में भी बैंक रू. 3 लाख से रू. 10 लाख तक योगदान प्रदान करेगा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव मनमोहन मैनाली, कोषागार निदेशक दिनेश लोहनी, एस.बी.आई. के जनरल मैनेजर दीपेश राज, डिप्टी जनरल मैनेजर विनोद कुमार, एम अनिल, बैंक ऑफ बड़ौदा के जनरल मैनेजर एम. अनिल, यूनियन बैंक के जनरल मैनेजर अमरेन्द्र कुमार, कैनरा बैंक के असिस्टैंट जनरल मैनेजर मयंक मोहन कौशिक, कॉपरेटिव बैंक से नीरज बेलवाल, स्टेट लेबल बैंकर्स कमेटी से राजीव पंत उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया संभागीय परिवहन कार्यालय, हल्द्वानी का औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संभागीय परिवहन कार्यालय, हल्द्वानी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय के विभिन्न पटलों में जाकर विभिन्न जानकारी लेने के साथ ही सम्पूर्ण कार्यालय का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कुमाऊं कमिश्नर को आरटीओ कार्यालय के संबंध में रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय से कार्यालय आने, तय समय पर ही कार्यालय से जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा मानकों के अनुसार आमजन की सहूलियत को देखते हुए सरलीकरण समाधान और निस्तारण पर जनता से जुड़े कार्य प्राथमिकता से हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन कार्यालय से संबंधित कार्यों में आम जन को बेवजह ना लटकाया जाए। सभी अधिकारी फाइलों पर नो पेंडेंसी पर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कार्यालय में इधर-उधर पड़ी फाइलों पर नाराजगी जताते हुए फाइलों को व्यवस्थित तरीके से रखने एवं अधिक से अधिक फाइलों को डिजिटल मोड में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा दफ्तरों में ई-फाइलिंग, एवं ई-रिकॉर्ड को भी बढ़ावा दिया जाए।

उन्होंने कहा कि भारत विकसित भारत, डिजिटल भारत की ओर आगे बढ़ रहा है। परिवहन विभाग भी डिजिटल प्रणाली के तहत कार्य कर कम से कम समय में जनता को सुविधाएं प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन कार्यालय सीधे रूप से जनता से जुड़ा हुआ है। ऐसे में कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं। उन्होंने सभी कर्मचारियों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा हमें हर स्वरूप में जनता की सेवा करनी है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न पटलों में जाकर पटल सहायक से उनके द्वारा पंजीकरण, प्रवर्तन आदि से संबंधित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने आयुक्त एवं जिलाधिकारी को समय समय पर कार्यालय का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधियों समेत अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना के प्रभावित परिवारों को दी सहायता राशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 494 प्रभावितों को रुपये 1 अरब 95 करोड़ 51 लाख 67 हजार की धनराशि उनके खाते में ऑनलाइन डाली गई। शेष लाभार्थियों को भी शीघ्र ही धनराशि उनके खाते में सत्यापन के उपरान्त डाल दी जाएगी जिसकी कार्यवाही चल रही है।

राज्य सरकार द्वारा परियोजना से विस्थापित परिवारों को उनके पुनर्वास के लिए जनपद उधम सिंह नगर के प्रयाग फार्म स्थित ग्राम गडरियाबाग में 300.5 एकड़ भूमि सिंचाई विभाग को निशुल्क आवंटित की गई है। यह भूमि इंडस्ट्रियल एरिया में दी गई है, जिसका सर्वांगीण विकास किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जमरानी बांध परियोजना के प्रभावित के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य के लिए, राज्य के अच्छे भविष्य के लिए, आसपास के क्षेत्र के अच्छे भविष्य के लिए अपने भविष्य को इस परियोजना को समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना से प्राप्त 117 एमएलडी पानी से हल्द्वानी शहर की वर्ष 2051 की आबादी को देखते हुए इस पेयजल योजना से आपूर्ति की जायेगी। उन्होंने कहा जमरानी परियोजना बनने से भूजल का स्तर बढ़ेगा तथा रोजगार भी सृजित होगा। इस योजना से जहां पेयजल की आपूर्ति होगी वही नैनीताल-उधमसिह नगर के किसानों को सिंचाई हेतु पर्याप्त पानी मिलेगा। उन्होनें कहा हल्द्वानी शहर के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 2000 करोड़ की लागत से विकास कार्य हो रहे हैं शीघ्र ही हल्द्वानी महानगर एक आधुनिक एवं भव्य नगर के रूप में विकसित होगा। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड एवं उत्तरप्रदेश संपत्ति के लंबित बटवारे का समाधान कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना वर्ष 2029 तक पूर्ण कर ली जायेगी। उन्होंने कहा सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाल विकास, महिला विकास, कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उत्तराखंड में निवेशकों को एक विशेष माहौल दिया जा रहा है। मानस खण्ड योजना के अन्तर्गत कुमाऊं एवं गढ़वाल के मन्दिरों को इससे जोड़ा जा रहा है साथ ही आज उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को देश व विदेशों में बढावा दिया जा रहा है जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिकी मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत करने हेतु कार्य किये जा रहे हैं, लखपति दीदी योजना के अन्तर्गत महिलाओं को 1 लाख की धनराशि दी जा रही है साथ ही सरकारी भर्ती प्रक्रिया में 30 प्रतिशत मातृशक्ति की भागेदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंन कहा प्रदेश सरकार शीघ्र ही समान नागरिक संहिता कानून लागू करने जा रही है, जो महिला शशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा जनपद उधमसिंह नगर में खुरपियाफार्म को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जायेगा जिससे स्थानीय व प्रदेश के लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होने कहा प्रदेश सरकार ने पंतनगर एयरपोर्ट को 8 एकड़ भूमि स्वीकृत कर दी है जल्द ही इस एयरपोर्ट से राष्ट्रीय एवं अन्तरार्ष्ट्रीय स्तर की उड़ानें होगी, जिससे यहां के लोगों को दिल्ली व अन्य स्थानो पर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड देश का अग्रणी राज्यों में शुमार होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया जिसमें रु.100.00 लाख की लागत से नगर वन हल्द्वानी में ग्रीन हल्द्वानी की परिकल्पना के अनुसार शहर इकोलॉजी पार्क निर्माण, रु. 57.02 की लागत से छात्र-छात्राओं की बेहतर शिक्षा हेतु रा.उ.मा.वि. मेहरा गांव में विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर कक्ष एवं आर्ट क्राफ्ट कक्ष व रु. 44.07 की लागत से रा.क.उ.मा. विद्यालय गांधीनगर में विज्ञान प्रयोगशाला एवं कंप्यूटर कक्ष, एवं रुपए 61.50 लाख की लागत से रा.इं.कॉ. मोती नगर जनपद नैनीताल में 01 भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला 01 रसायन विज्ञान प्रयोगशाला 01 जीव विज्ञान प्रयोगशाला कक्ष, तथा रुपए 41.69 लाख की लागत से रा.उ. मा. वि. हिम्मतपुर सोमवार में विज्ञान प्रयोगशाला एवं आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष और रु. 359.86 की लागत से विकासखंड भीमताल के ग्राम आना अमिया की लगभग 200 आबादी को गोला नदी की बाढ़ से सुरक्षा कार्य व रु. 477.39 लाख की लागत से स्पोर्ट स्टेडियम हल्द्वानी में फुटबॉल मैदान का निर्माण, रु. 5805.81 की लागत से केंद्रीय सडक अवसंरचना निधि योजना के अंतर्गत गदरपुर दिनेशपुर मधकोटा हल्द्वानी मोटरमार्ग को मधु कोटा से हल्द्वानी तक दो लाइन शोल्डर सहित चौड़ीकरण में सुदृढीकरण का कार्य और रु. 851.52 लाख की लागत से राज्य योजना के अंतर्गत वर्कशॉप लाइन से एसबीआई होते हुए मुखानी चौराहे तक नहर कंपनी तथा मार्ग का सुधारीकरण आदि कार्यों का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने रुपए 182.83 लाख की लागत से हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र के अंतर्गत राजमार्ग संख्या 41 की सुरक्षा हेतु सुखी नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्य, रु. 4456.92 लाख से नैनीताल के अंतर्गत 100 शैय्यायुक्त मानसिक चिकित्सालय, गेठिया का निर्माण कार्य, रु. 3941.13 लाख से केंद्र पोषित योजना के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में स्टेट कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य व रु. 124.82 लाख से लाख से विकासखंड कोटाबाग के ग्राम बेल पोखरा में रघुवीर सिंह के खेत में 01 व रु. 234.18 लाख से ग्राम रतनपुर-बैलपडाव नलकूप निर्माण, बजनिया हल्दू-कोटाबाग में 124.16 लाख की लागत से नलकूप निर्माण, पूरनपुर पानसिंह में 121.90 लाख से नलकूप निर्माण की योजनाओं का शिलान्यास किया।

क्षेत्र के विकास के लिये मुख्यमंत्री द्वारा की गयी घोषणाएं

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा जिले के विकास हेतु विभिन्न घोषणाएं की जिसमें दमुवादूंगा क्षेत्र का स्वामित्व योजना अंतर्गत सर्वे का कार्य किया जाएगा, हल्द्वानी काठगोदाम पुरानी नगर निगम डिपो क्षेत्र में 24 घंटे जलापूर्ति वितरण प्रणाली हेतु कार्य की स्वीकृति प्रदान की जाएगी, हल्द्वानी सड़क चौड़ीकरण के प्रभावितों हेतु स्वामित्व शॉपिंग कंपलेक्स का निर्माण किया जाएगा, राम नगर में भरतपुरी, पंपापुरी कौशल्यापुरी, दुर्गापुरी का स्वामित्व योगदान अंतर्गत सर्वे का कार्य कराया जाएगा,रामनगर के प्रभावित क्षेत्र चुगम गांव का विस्थापन किया जाएगा,हल्द्वानी नगर निगम के सड़कों के कार्य हेतु विशेष परियोजना बनाई जाएगी, हल्द्वानी विधानसभा में शहर में जल भराव की समस्या के सुधार हेतु रकसिया नाला एवं कलसिया नाले के कटाव से रोकथाम हेतु सुरक्षा कार्यों के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की जाएगी, हल्द्वानी में निराश्रित गोवंश गौशाला निर्माण हेतु एक करोड़ की धनराशि दिए जाने के साथ ही बची हुई धनराशि का प्रावधान किया जाएगा,कालाढूंगी विधानसभा के हल्द्वानी ब्लॉक में ग्राम सभा आनंदपुर गोसाई धनपुरी प्रेमपुरी लोसज्ञानी छड़ेल हिम्मतपुर बैजनाथ पांडे नवाड हल्दू पोखरा नायक एवं करायल चतुरसिंह के मध्य बहने वाले नाली से हो रहे नुकसान हेतु निकासी बन क्षेत्र में किए जाने हेतु कार्य कराया जाएगा, बेल पड़ाव के करकट नालो में रतनपुर मोटर मार्ग को जोड़ने वाले पुल का निर्माण किया जाएगा, भीमताल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बनियाड से सीमालिया मोटर मार्ग के निर्माण की स्वीकृति की जाएगी,भीमताल विधानसभा क्षेत्र में लेटी बूंगा सनी में मिनी स्टेडियम बनाने की स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, सांसद अजय भट्ट, विधायक सरिता आर्य, रामसिंह कैडा, बंशीधर भगत, दीवान सिंह बिष्ट, डा0 मोहन सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत बेला तोलिया, दर्जा मंत्री डा0 अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्य, सुरेश भटट जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, निवर्तमान मेयर डा0 जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला, रंजन बर्गली, उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग मजहर नईम नवाब, डा0 जेड ए वारसी, राजेन्द्र बिष्ट, दीपक मेहरा के साथ ही आयुक्त/ सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, डीआईजी डा0 योगेन्द्र रावत जिलाधिकारी वंदना सिंह, एसएसपी पीएन मीणा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डा0 अरुण जोशी,डा0 केसी पाण्डे के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य जमरानी बांध विस्थापित, मातृशक्ति आदि उपस्थित थे।