सरकारी परीक्षा में चयनित 289 अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किये नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा -2021 के अन्तर्गत चयनित 19 विभागों के 289 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। राज्य में पिछले तीन सालों में 17500 से अधिक अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामना एवं बधाई देते हुए कहा कि आज हमारे इन युवा अधिकारियों के जीवन में एक नई शुरूआत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साल 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में हमारे इन युवा कर्णधारों का योगदान भी महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि हमारे ये युवा अधिकारी आजादी के अमृत काल के सिपाही हैं, जो विकसित भारत के स्वप्न को पूरा करेंगे। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में हमारे इन अधिकारियों की नियुक्ति होने से जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी आयेगी। इससे व्यवस्था को नई गति और दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया था कि राज्य के सरकारी विभागों में रिक्त सभी 24 हजार पदों को भरा जायेगा। अभी अनेक पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी और आदर्श राज्य बनाने के लिए सभी को टीम उत्तराखण्ड की भावना से कार्य करना है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश में विशिष्ट पहचान बना रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में राज्य को प्रथम स्थान मिला है।

मुख्यमंत्री ने चयनित सभी अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे अपने कार्यक्षेत्र में नियमित नवाचार लायेंगे। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अन्तिम छोर के लोगों तक सहजता से पहुंचायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे ये अधिकारी सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आजादी के अमृतकाल के हमारे ये कर्मयोगी अपनी प्रशासनिक क्षमता के माध्यम से आमजन की सेवा कर राज्य को लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ायेंगे।

आज जिन 289 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये उनमें 10 डिप्टी कलैक्टर, 10 डिप्टी एस.पी., 18 वित्त अधिकारी, 16 सहायक आयुक्त राज्य कर, 03 कारागार अधीक्षक, 11 सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (ए.आर.टी.ओ.), 28 खण्ड विकास अधिकारी, 04 कार्य अधिकारी जिला पंचायत, 07 सहायक निबन्धक सहकारिता, 04 जिला पूर्ति अधिकारी, 03 उप संभागीय विपणन अधिकारी, 05 जिला समाज कल्याण अधिकारी, 17 सहायक निदेशक उद्योग, 02 सहायक श्रम आयुक्त, 03 सहायक निदेशक कारखाना, 32 उप शिक्षा अधिकारी, 11 जिला सूचना अधिकारी/सूचना अधिकारी, 03 सहायक निदेशक मत्स्य, 01 सहायक गन्ना आयुक्त, 19 बाल विकास परियोजना अधिकारी, 02 जिला परिवीक्षा अधिकारी, 02 जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, 28 राज्य कर अधिकारी, 12 उप निबंधक श्रेणी-2, 01 अधीक्षक राजकीय प्रमाणित संस्था, 01 प्रचार अधिकारी पर्यटन, 03 केस वर्कर, 10 सहायक निदेशक कृषि एवं उद्यान, 20 उद्यान विकास अधिकारी, 01 मशरूम विकास अधिकारी, 01 पौध सुरक्षा अधिकारी, 01 खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी शामिल हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेमचन्द अग्रवाल, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, रेखा आर्या, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, एल. फैनई, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिवगण और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

चारधाम यात्राः एक दिन में पहुंच रहे 23 हजार से अधिक श्रद्धालु

देहरादून। चारधाम यात्रा फिर जोर पकड़ गई है। केदारनाथ धाम में दर्शनार्थियों की लंबी लाइन लग रही है। सोमवार 14 अक्टूबर को 27 हजार 789 तीर्थयात्रियों ने चार धाम दर्शन किए। केदारनाथ की यात्रा कठिन और चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद यहां सबसे अधिक 11 हजार 309 यात्री केदार भगवान के दर्शन को पहुंचे। इसी प्रकार बदरीनाथ में 6644, गंगोत्री में 2406 और यमुनोत्री में 3290 यात्रियों ने दर्शन किए। इस यात्रा काल में अब तक कुल 40 लाख 92 हजार 360 यात्री चार धाम दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल यात्रा प्रबंधन और सतत निगरानी के चलते केदारघाटी की आपदा भी यात्रियों के उत्साह को नहीं डिगा पाई है। यात्रा मार्ग और पड़ावों में सुरक्षा प्रबंध और सभी व्यवस्थाएं बेहतर होने से यात्रियों का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। उत्साह से लबरेज यात्रियों ने इसके लिए मुक्त कंठ से सरकार के प्रयासों को सराहा है। उनका कहना है कि 31 जुलाई की रात को अतिवृष्टि ने केदारघाटी में जिस प्रकार से तबाही मचाई थी, उस स्थिति में पैदल मार्ग को बहाल करना आसान नहीं था। सरकार ने इस कठिन चुनौती को स्वीकार करते हुए यात्रा को जल्द से जल्द बहाल किया। अब अगले माह चारों धामों के कपाट बंद होने वाले हैं, इसलिए यात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता रही है। देश-विदेश से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आते हैं। यात्रियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध हैं। चारधाम यात्रा राज्य की आर्थिकी से भी जुड़ी है। राज्य में आज जिस तेजी के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए हमें यात्रा व्यवस्थाओं को और विस्तार देना होगा। इसकी कवायद भी शुरू कर दी गई है। इस बार केदारघाटी आपदा के चलते व्यवस्थाएं प्रभावित हुई, लेकिन सरकार ने इस कठिन चुनौती का भी दृढ़तापूर्वक सामना कर केदार यात्रा को बहाल किया।
– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

सीएस की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय अनुमोदन व अनुश्रवण समिति की बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में शहरी विकास विभाग की 21वीं राज्य स्तरीय अनुमोदन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत सफाई कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कर्मियों, भवन व अन्य निर्माण श्रमिकों, पीएम-स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा के लाभार्थियों को प्राथमिकता देने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उक्त विशेष फोकस ग्रुप लाभार्थियों के साथ ही अन्य सभी लाभार्थियों के चयन हेतु डिमाण्ड सर्वे को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत नए शहरों को शामिल करते हुए सूची को जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो शहर पीएमएवाई-यू के तहत शामिल नही किये जा सके थे, उन्हें पीएमएवाई-यू 2.0 की सूची में रखा जाए। सीएस रतूड़ी ने पीएमएवाई-यू 2.0 के अनुरूप आवास नीति पर जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में शहरी विकास विभाग की 21वीं राज्य स्तरीय अनुमोदन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने वर्ष 2015 से 2022 तथा 31 दिसम्बर 2024 तक विस्तारित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा की तथा वर्ष 2024 से 2029 तक क्रियान्वित होने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत किये जाने वाले विभिन्न कार्यों को तत्परता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसएलएसएमसी के विभिन्न एजेंण्डा बिन्दुओं पर भी सहमति प्रदान की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अनुरूप कैपिसिटी बिल्डिंग प्लान हेतु एटीआई नैनीताल में प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव नितेश कुमार झा सहित शहरी विकास विभाग व वित्त विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

केदारघाटी में लोक निर्माण विभाग की 29, सिंचाई विभाग की 12 कार्ययोजनाएं स्वीकृत

केदारघाटी में 31 जुलाई को हुई अतिवृष्टि के चलते श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग, सड़क मार्ग एवं अन्य स्थानों पर हुई क्षति को दुरुस्त करने एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए 4836.63 लाख रुपए की धनराशि जारी हो गई है। लोक निर्माण विभाग की 29 एवं सिंचाई विभाग की 12 कार्ययोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।

अतिवृष्टि के बाद से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार मामले पर अपडेट ले रहे हैं एवं गढ़वाल कमिश्नर सहित आपदा सचिव को भी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी है। जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग विपरीत परिस्थितियों के बीच लगातार आपदा सुरक्षा एवं पुनर्स्थापना कार्य कर रहे हैं।बता दें कि केदारघाटी में 31 जुलाई को हुई अतिवृष्टि के चलते केदरनाथ सड़क एवं पैदल मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। पैदल यात्रा मार्ग 29 स्थानों पर क्षतिग्रस्त, जबकि सड़क मार्ग भी वाश आउट हुआ था। मंदाकिनी एवं सोन नदी के वेग से कई स्थानों पर सुरक्षा दीवारें भी क्षतिग्रस्त हुई थी। जनपद स्तर से विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा कार्यों एवं पुनर्स्थापना कार्यों के लिए 41 प्रस्ताव भेजे गए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग की 1934.86 लाख की लागत की 29 जबकि सिंचाई विभाग की 2901.77 लाख लागत की 12 कार्य योजनाओं को स्वीकृति मिली है। लोक निर्माण विभाग के लिए 1472.21 लाख जबकि सिंचाई विभाग के लिए 1197.51 लाख रुपए सोमवार को दोनों विभागों ने अवमुक्त भी कर दिए हैं।

बॉलीवुड फिल्म पास्ट टेंस की शूटिंग कर सीएम ने मिलने पहुंचे अभिनेता परेश रावल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सुप्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता श्री परेश रावल ने भेंट की। उन्होंने उत्तराखण्ड के देहरादून, ऋषिकेश और मसूरी में अनंत नारायण महादेवन निर्देशित बॉलीवुड फ़िल्म “पास्ट टेंस” की शूटिंग की है। उन्होंने कहा कि वे पिछले 42 दिनों से उत्तराखण्ड में फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में फिल्मांकन के लिए बहुत अच्छा वातावरण है। जनता के साथ ही सरकारी विभागों से फिल्मों की शूटिंग के लिए पूरा सहयोग मिला। शूटिंग के लिए राज्य में बहुत शांत वातावरण है। उत्तराखण्ड के लोग भी बहुत सकारात्मक विचारधारा के हैं। उन्होंने कहा कि वे उत्तराखण्ड में एक और फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मों की शूटिंग के लिए अनेक डेस्टिनेशन है। उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक सौन्दर्यता से जुड़े अनेक स्थल है। राज्य का हर डेस्टिनेशन फिल्मांकन के लिए उपयुक्त है। आदि कैलाश, चकराता, माणा जैसे अनेक स्थल उत्तराखण्ड में हैं। राज्य में उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 बनाई गई है। हिन्दी एवं संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल भाषाओं की फिल्मों को अनुदान राशि राज्य में व्यय कुल धनराशि का 30 प्रतिशत या अधिकतम 03 करोड़ का अनुदान दिया जा रहा है। विदेशी फिल्मों और 50 करोड़ से अधिक बजट की फिल्मों पर राज्य में व्यय राशि का 30 प्रतिशत या अधिकतम 03 करोड़ तक का अनुदान दिया जा रहा है। राज्य की क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को राज्य में व्यय राशि का अधिकतम 02 करोड़ रूपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। राज्य में फिल्मों की शूटिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम से अनुमति प्रदान की जा रही है।

इस अवसर पर फिल्म निर्देशक अनंत नारायण महादेवन, फिल्म प्रोड्यूसर अनूप पोड्डर, एश्वर्या मेशराम, शिवम यादव, कार्तिके यादव, डॉ. अंजलि नौरियाल सतीश शर्मा, संयुक्त निदेशक सूचना एवं उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय उपस्थित थे।

विश्व मानक दिवस पर सीएम ने किया हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, नींबूवाला, गढ़ी कैण्ट में “विश्व मानक दिवस“ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि आज हम एक ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा कर रहे हैं, जो हमारे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बनाने के साथ-साथ भारतीय उत्पादों को वैश्विक मानचित्र पर शीर्ष स्थान प्रदान कराने हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोई भी मानक केवल तकनीकी दिशा-निर्देश या मापदंड नहीं होते, बल्कि वे हमारे देश के विकास और आत्मनिर्भरता की बुनियाद होते हैं। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा स्थापित मानक हमारे उद्योगों, व्यापार और सेवाओं के प्रमाणीकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये न केवल हमारे कार्यों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करते हैं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन को भी किसी न किसी रूप में प्रभावित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में मानकों के इकोसिस्टम का व्यापक विस्तार हुआ है, जो अब कृषि, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य और अन्य सेवाओं सहित लगभग सभी क्षेत्रों को समाहित करता है। सभी क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता के मानक लागू हों, जिससे हमारे जीवनस्तर में सुधार हो और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके। मानक ये सुनिश्चित करते हैं कि भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल सके और उनकी विश्वसनीयता बढ़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “आत्मनिर्भर भारत“ का सपना साकार हो रहा है और इसमें भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा स्थापित मानकों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब हम अपने उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करते हैं, तो हम न केवल उनकी गुणवत्ता को बढ़ाते हैं, बल्कि अपने उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भी सशक्त आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उद्देश्य है कि भारतीय उत्पाद अपनी गुणवत्ता, नवाचार और विश्वसनीयता के लिए पूरे विश्व में एक मिसाल स्थापित करें। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा 22 हजार से अधिक मानक निर्धारित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध एक सुंदर प्रदेश होने के साथ-साथ औद्योगिक और कृषि विकास में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसलिए हमारे राज्य में मानकों का पालन करने की अत्यधिक आवश्यकता है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि हम अपने पारंपरिक उत्पादों, जैसे हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पाद, औषधीय जड़ी-बूटियाँ और अन्य स्थानीय उत्पादों के लिए भी उच्च मानक स्थापित करें। इससे हमारे उत्पादों की पहचान न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी बल्कि वैश्विक स्तर पर भी हमारी ब्रांडिंग मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने “हाउस ऑफ हिमालयाज“ नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की स्थापना की है, जो हमारे स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारियों से अपेक्षा की कि इन ब्रांड के मानकों का भी मापन हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के विश्व मानक दिवस की थीम एसडीजी-9 है, जो उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचे से संबंधित है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य के विभिन्न विभागों पीडब्ल्यूडी, एमडीडीए, यूपीसीएल और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय करते हुए, भारतीय मानक ब्यूरो ने इन सभी को मानकीकरण की दिशा में जागरूक और सशक्त किया है। यह पहल इन विभागों के कार्यों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को बढ़ाने में कारगर सिद्ध होगी। भारतीय मानक ब्यूरो ने देशभर के दस हजार से अधिक स्कूलों में स्टैंडर्ड क्लब स्थापित किए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों में मानकों के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर तक मानकों के महत्व को पहुंचाने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो के प्रयासों की सराहना की।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि जीवन के किसी भी कार्यक्षेत्र में सफलता पाने के लिए जीवन में मानक बनाने जरूरी हैं। इसी तरह भारतीय मानक ब्यूरो भी विभिन्न वस्तुओं और उत्पादों के मानकों का निर्धारण करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो का मानकों के निर्धारण का महत्वपूर्ण कार्य है।

इस अवसर पर सचिव एवं आयुक्त खाद्य हरि चन्द्र सेमवाल, महानिदेशक यू कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत एवं संयुक्त निदेशक भारतीय आदि उपस्थित रहे।

चंपावतः दशहरा महोत्सव में सीएम ने किया प्रतिभाग, विभिन्न घोषणाओं की दी सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तामली, (तल्लादेश) चंपावत में आयोजित दशहरा महोत्सव में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने तामली, (तल्लादेश) क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न घोषणाएं की। जिसमें तामली से पोलप- रूपालीगाड़ तक मोटर मार्ग के निर्माण हेतु विधायक निधि से 15 लाख रुपये दिए जाने, तामली क्षेत्र में पेयजल की समस्या के स्थाई समाधान हेतु लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण कार्य कराए जाने, दशहरा महोत्सव मेला स्थल तामली के सौंदर्यीकरण हेतु तैयार प्रस्ताव के अनुसार धनराशि जारी किए जाने, रणकोची मंदिर में बाढ़ सुरक्षा के कार्य किए जाने, तामली में आपातसेवा 108 की एम्बुलेंस की सुविधा दी जाने, बकौड़ा सीमा अश्वमार्ग का सुधारीकरण किया जाने, सतकुला को जोड़ने वाले मोटरपुल के निर्माण हेतु उचित कार्यवाही की जाने की घोषणा शामिल है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा गोरखनाथ को नमन करते हुए सभी क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा वह तामली क्षेत्र में आकर बेहद खुशी महसूस कर रहे हैं। क्षेत्र की जनता द्वारा दिए गए आशीष व आशीर्वाद से अभिभूत हैं। उन्होंने कहा चंपावत व पिथौरागढ़ का क्षेत्र नेपाल से लगा है। नेपाल से हमारे रोटी-बेटी का संबंध हैं। इस क्षेत्र में हमें भारत व नेपाल की संयुक्त संस्कृति की झलक एक मंच पर दिखती है। यह हमारे आपसी मित्रता, प्रेम, भाव का पर्याय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवन्त करने का कार्य करते हैं। यह नई पीढ़ी को भी हमारी संस्कृति से रूबरू कराने का कार्य करते हैं। हमारी आने वाली पीढ़ी को भी हमें यहां की संस्कृति से जोड़े रखना है। जिस हेतु हमारे लोक कलाकार व युवा पीढ़ी कार्य कर रही है। कलाकार अपनी प्रतिभाओं से संस्कृति को संजोए रखने हेतु अपना योगदान निरंतर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के दो दिन पूर्व प्रवासी उत्तराखंडियों को उत्तराखंड बुलाने हेतु एक सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में ‘‘आओ अपने गाँव वापस आओ’’ तथा अपने उत्तराखंड के विकास में सहयोग करने के लिये अपील की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पलायन को कम करने के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रोजगार के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार ने विधानसभा सभा में विधेयक लाकर उत्तराखंड की महिलाओं के हित के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया है। साथ ही नकल विरोधी एवं धर्मांतरण जैसे कठोर कानून भी राज्य सरकार ने बनाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अपराध करने वाले बाहरी लोगों के लिए यह भूमि नहीं है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर समान नागरिकता संहिता कानून लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को राज्य हित में कठोर से कठोर निर्णय भी लेने पड़े तो लेंगे। उन्होंने कहा उत्तराखंड को देश में श्रेष्ठ राज्य बनाने हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्ध है इस हेतु निरन्तर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने सभी से अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का आग्रह किया। साथ ही आह्वान किया कि गांव से बाहर रह रहे लोगों से भी कहे कि अपनी बोली-भाषा, रीति-रिवाज को न छोड़े क्योंकि हमारी संस्कृति व रीति-रिवाज ही हमें परिचित कराते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा पर्व हमे धर्म की अधर्म पर जीत सिखाता है। अन्याय करने वाला कितना ही बलवान क्यो न हो अंत में हार ही जाता है और हमेशा सत्य की ही जीत होती है। यह पर्व असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म, बुराई पर अच्छाई की जीत एवं बुरी आदत का त्याग करने हेतु प्रेरित करता है। उन्होंने कहा प्रभु श्रीराम के पारिवारिक, सामाजिक जीवन शैली को अपनाना चाहिए, क्योंकि भगवान राम हमारे आदर्श हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश को पर्यटन, धार्मिक एवं संस्कृति के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का कार्य हुआ है। भारत पुनः विश्व गुरु बनने हेतु अग्रसर है। हमारी सरकार अंतिम छोर में बैठे हर व्यक्ति तक अपनी योजनाएं पहुंचा रही है।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल सिंह मेहरा, महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, भाजपा प्रदेश कार्यकारी सदस्य सतीश चंद्र पांडे, शंकर पांडे सुभाष बगोली, दशहरा महोत्सव समिति तामली के अध्यक्ष शैलेश जोशी, जिलाधिकारी नवनीत पाण्डे, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह, एडीएम हेमन्त वर्मा, सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक, लोक कलाकार स्थानीय लोग आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड पर्यटन विभाग दे रहा है युवाओं को पैराग्लाइडिंग का निशुल्क प्रशिक्षण

देहरादून। उत्तराखण्ड का पर्यटन अब तक मुख्य तौर पर धार्मिक और सामान्य पर्यटन तक सीमित था, लेकिन अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार इसमें साहसिक पर्यटन के जरिए नए आयाम जोड़ रही है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप इसके लिए पर्यटन विभाग 700 से अधिक युवाओं को पैराग्लाइडिंग का निशुल्क कोर्स करवा रहा है।

उत्तराखण्ड में नैनीताल जिले के भीमताल और देहरादून में मालदेवता जैसे कुछ स्थानों पर पैराग्लाइडिंग पर्यटन बढ़ रहा है। नई संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन विभाग ना सिर्फ इसके लिए नए स्पॉट तलाश रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण भी दे रहा है। इस तरह साहसिक पयर्टन में अपने कौशल के जरिए युवा ना सिर्फ अपना रोजगार , स्वरोजगार कमा सकेंगे, बल्कि उत्तराखण्ड में पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकेंगे।

इसी क्रम में सरकार की ओर से टिहरी में कुल 15 बैच में युवाओं को बेसिक से लेकर गाइडेड पैराग्लाइडिंग के पांच अलग-अलग कोर्स कराए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग इसमें प्रशिक्षण, रहने, खाने की सुविधा निशुल्क दे रहा है। विभाग ने प्रथम चरण में 741 युवाओं को प्रशिक्षण का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 124 महिलाएं शामिल हैं।

उत्तराखण्ड में साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसलिए युवाओं को पैराग्लाइडिंग, वाइट वाटर राफ्टिंग, माउंटेनियरिंग जैसे साहसिक खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि अगले कुछ सालों में उत्तराखंड के पास इस क्षेत्र में पर्याप्त प्रशिक्षित मानव संसाधन हो, ताकि उत्तराखण्ड में साहसिक पर्यटन ना सिर्फ फूले फले बले, बल्कि यह सुरक्षित भी हो।
पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

सफलता की कहानी

01 – उत्तरकाशी जिले में सांकरी के पास सौड़ गांव निवासी संगीता रावत भी चुनिंदा महिला प्रशिक्षणार्थियों में शामिल हैं। संगीता अपने क्षेत्र में एक एडवेंचर टूरिज्म कंपनी चलाती हैं, अब वो पैराग्लाइडिंग के जरिए अपने काम को नई ऊंचाई देना चाहती हैं। संगीता अपनी बैच की अकेली महिला ट्रेनी हैं। अब तक वो सोलो फ्लाई सीख चुकी हैं। अब एडवांस कोर्स के बाद उनका प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा, संगीता इसे शानदार अनुभव करार देती हुई कहती हैं कि इससे उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी।

02 – नैनीताल जिले में भीमताल निवासी भरत जोशी, डिप्लोमा करने के बाद दिल्ली में प्राइवेट जॉब कर रहे हैं। भरत जोशी बताते हैं कि वो वापस अपना घर लौटना चाहते हैं, इसलिए जैसे ही सरकार की तरफ से निशुल्क पैराग्लाइडिंग कोर्स की जानकारी मिली तो उन्होंने, अपना रजिस्ट्रेशन करवा लिया। जोशी बताते हैं कि उनके क्षेत्र में पहले से ही कई लोग इस पेशे में काम कर रहे हैं, प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वो भी वापस भीमताल लौट आएंगे, वो अब तक टिहरी झील के ऊपर कई प्रशिक्षण उड़ानें भर चुके हैं।

03 – सीमांत जिला चमोली के कुनौल गांव निवासी दिनेश सिंह अभी संविदा की नौकरी कर रहे हैं। दिनेश सिंह अब पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित पैराग्लाइडिंग कोर्स का प्रशिक्षण ले रहे हें। दिनेश सिंह मई जून और सितंबर में दो अलग कोर्स पूरा कर चुके हैं, फरवरी तक वो प्रशिक्षण पूरा कर लाइसेंस लेकर व्यावसायिक उड़ान के लिए तैयार हो जाएंगी। दिनेश के साथ उनके गांव के तीन अन्य युवा भी प्रशिक्षण ले रहे हैं। दिनेश बताते हैं कि सरकार रहने खाने से लेकर प्रशिक्षण तक निशुल्क दे रही है। दिनेश सिंह इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त कर रहे हैं।

बीआरओ द्वारा निर्मित 75 प्रमुख परियोजनाओं को रक्षा मंत्री ने किया राष्ट्र को समर्पित

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित 75 प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित किया। इसमें 09 परियोजनाएं उत्तराखंड की शामिल हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्चुअल रूप से उपस्थित थे।

उत्तराखंड में जिन 09 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें गढ़वाल क्षेत्र में करछा पुल, मींग गधेरा पुल, घस्तोली पुल, पागल नाला पुल और देहरादून जनपद में शिवालिक परियोजना का कार्यालय और रहने का स्थान शामिल हैं। कुमाऊं क्षेत्र में सुरिंगघाट पुल, चिमला पुल, पैनागढ़ पुल और गोसीगढ़ पुल का लोकार्पण किया गया।

उत्तराखंड की 09 परियोजनाओं का लोकार्पण करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पूरी हुई बुनियादी ढांचे की ये परियोजनाएं विशेष रूप से दूरदराज और वंचित क्षेत्रों के उत्थान के लिए काफी सहायक होंगी। ये परियोजनाएं कनेक्टिविटी को बढ़ाकर और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देकर राज्य के परिदृश्य को बदलने में सहयोग करेंगी। इनसे न केवल पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि महत्वपूर्ण रोजगार के अवसरों के सृजन का भी अवसर मिलेगा। ये परियोजनाएं जीवंत ग्राम समुदायों के विकास को गति देंगी और दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच में सुधार करेंगी, जिससे इन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों में आर्थिक विकास और रक्षा क्षमताएं दोनों मजबूत होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए पुलों के निर्माण से राज्य में कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा। यात्रा के समय को कम करेंगे। इससे धार्मिक एवं सामान्य पर्यटन के साथ ही सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे और उत्तराखंड को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेंगे। ये बुनियादी ढांचा परियोजनाएं क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक सतत विकास और समृद्धि को बढ़ावा देंगी।

इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, शिवालिक परियोजना के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर प्रसन्न जोशी और कर्नल प्रदीप शर्मा उपस्थित थे।

जनता मिलन कार्यक्रम में हरिद्वार के मंगलौर उदलहेड़ी से मुख्यमंत्री से मिलने पहुँचा था किसान, सीएम ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में शुक्रवार को हरिद्वार के मंगलौर से आये किसान द्वारा खेतों में सिंचाई हेतु ट्यूबवेल के लिए बिजली का खंभा लगाने का मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री ने किसान की समस्या का तत्काल संज्ञान लिया। नतीजा आज के आज ही उसके खेत में विभाग ने बिजली का खंभा लगवा दिया।

सीएम धामी को उदलहेड़ी मंगलौर निवासी किसान संजय सिंह पुत्र बुद्ध सिंह ने भेंट कर अवगत कराया कि उदलहेड़ी मंगलौर बिजलीघर जिला हरिद्वार से उसने अपने खेत में ट्यूबवैल का सिंचाई हेतु पिछले चार महीने से कनेक्शन लिया हुआ है। उसने बताया कि पड़ोसी किसान जिसके खेत में बिजली की 11 हजार की लाईन है वो अपने खेत में बिजली हेतु खम्बा नही लगने दे रहे हैं। कहा कि बिजलीघर से जब भी कोई अधिकारी लाईनमैन को लेकर लाईन खींचने जाते हैं तो इनके विरोध के कारण वापस लौट जाते हैं जिससे पूरे सेक्टर में पानी न आने के कारण फसल सूखने की कगार पर पहुँच रही है।

संजय सिंह ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया जाये कि उसके खेत में बिजली लाईन खिंचवा दी जाये जिससे दस से ज्यादा किसानों की फसल नष्ट होने से बच जाएगी।

किसान संजय सिंह की समस्या को गंभीरता से सुनने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम के निर्देशों के क्रम में ऊर्जा निगम की ओर से पुलिस व अन्य विभागों के सहयोग से मौके पर खम्बा लगवा दिया गया है।