उत्तराखंड सरकार ने बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह की पत्नी की 27.5 नाली जमीन की कब्जेदारी खत्म की

उत्तराखंड सरकार ने बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भावनी सिंह की 27.5 नाली (0.555 हेक्टेयर) कृषि भूमि को राज्य सरकार के खाते में निहित कर लिया है। यह भूमि नैनीताल के सिल्टोना गांव में वर्ष 2007 में खेती के उद्देश्य से खरीदी गई थी।

16 वर्षों तक भूमि पर खेती न होने पर सरकार की कार्रवाई
कानूनन खरीदी गई कृषि भूमि पर निर्धारित समयावधि में खेती का कार्य न करने पर राज्य सरकार के राजस्व विभाग ने इस पर कार्रवाई की। जांच में यह पुष्टि हुई कि भूमि पर कोई भी कृषि कार्य नहीं किया गया है। इसके बाद नियमानुसार भूमि को राज्य सरकार के अधीन कर दिया गया।

भावनी सिंह ने राजस्व विभाग की इस कार्रवाई को कमिश्नर कोर्ट और फिर राजस्व बोर्ड में चुनौती दी थी, लेकिन दोनों जगहों से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। मामले के निर्णय के बाद प्रशासन ने उक्त भूमि पर सरकार का कब्जा सुनिश्चित कर दिया है।

सशक्त भू-कानून के तहत बड़ी कार्रवाई
उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून को लागू करने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में कई कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। इस दिशा में राज्य सरकार का यह बड़ा निर्णय दर्शाता है कि जो लोग जमीन का प्रयोजन बदलकर इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने हाल ही में हल्द्वानी और बेतालघाट में आयोजित सभाओं में भी इस बात को स्पष्ट किया था।

नैनीताल जिले में भूमि खरीद की जांच जारी
प्रदेश में भू-कानून के संबंध में चल रही जांचों के बीच, नैनीताल जिले में बड़े पैमाने पर खरीदी गई जमीनें भी प्रशासन की जांच के दायरे में हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि जो लोग जमीन खरीदकर उसका सही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का सख्त संदेश
विपिन चंद पंत, एसडीएम, श्री कैंची धाम तहसील ने कहा, “नियमानुसार भूमि सरकार के खाते में निहित कर दी गई है, और जल्द ही जमीन की तारबाड़ भी हटा ली जाएगी। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश है कि नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सीएम ने अधिकारियों को लोगों की शिकायतों को शीर्ष प्राथमिकता पर निस्तारण के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस दौरान प्रदेश भर से आए हर वर्ग के लोगों, महिलाओं, पूर्व सैनिकों, किसानों ने मुख्यमंत्री से भेंट की। इस अवसर पर लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याएं मुख्यमंत्री को बताई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की समस्याओं का शीर्ष प्राथमिकता पर निदान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं का निस्तारण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

सशक्त नकल विरोधी कानून से भर्ती प्रक्रिया में आई पारदर्शिता, काबिल युवाओं का हुआ चयन

आज उत्तराखंड प्रांतीय सिविल सेवा-2021 परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर भेंट करते हुए परीक्षाओं को पारदर्शिता और समयबद्धता से संपन्न करवाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अभ्यर्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के सख्त नकल विरोधी कानून से, परीक्षाओं को कैलेंडर के अनुसार तेजी से और पूरी पारदर्शिता से संपन्न करवाने के प्रयासों के चलते ही योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित हुआ है। महिला आरक्षण को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करने के चलते सिविल सेवा में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है। पीसीएस परीक्षा के कैलेंडर समय से जारी हो रहे हैं तथा परीक्षाएं भी समय से और पूरी पारदर्शिता के साथ संपादित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे प्रदेश हित में पूरी कुशलता और निष्ठा से कार्य करने की अपेक्षा की।

राज्य में आर्थिकी और पारिस्थितिकी में संतुलन बनाने को आयोजित हुआ कार्यक्रम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आर्थिकी और पारिस्थितिकी में संतुलन के लिए ‘त्रि-स्तम्भीय और नौ-सूत्रीय रणनीति कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्य में ईकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में नियोजन विभाग द्वारा तीन स्तंभों समुदाय सशक्तिकरण अभियान, नवाचार एवं तकनीकी अभियान तथा वित्तीय स्वायत्तता एवं साक्षरता अभियान पर रणनीति बनाई गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करने के लिए हम सबको अपना विशेष योगदान देना है। राज्य सरकार द्वारा विकास के साथ ही पर्यावरण संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की है कि आज जो ‘त्रि-स्तम्भीय और नौ-सूत्रीय रणनीति कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है, इस पर सभी विभाग तेजी से कार्य करेंगे। सभी विभागों को नवरात्रि के पावन पर्व पर संकल्प लेकर राज्य में आर्थिकी एवं पारिस्थितिकी में संतुलन बनाकर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ना है।

राज्य की आर्थिकी एवं पारिस्थितिकी में संतुलन के लिए प्रत्येक स्तम्भ के लिए तीन सूत्रीय रणनीति बनाई गई है। पहले स्तम्भ समुदाय सशक्तिकरण अभियान के तहत तीन सूत्र पारंपरिक प्रथाओं का पुनरावर्तन, उचित उपभोग हेतु व्यवहार परिवर्तन एवं युवाओं का कौशल उन्नयन है। दूसरे स्तम्भ नवाचार एवं तकनीकी अभियान के तहत तीन सूत्र ग्रीन टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहन, तकनिकी आधारित त्वरित समाधान एवं सर्कुलर इकॉनमी का अंगीकरण है। तीसरे स्तम्भ वित्तीय स्वायत्तता एवं साक्षरता अभियान के तहत तीन सूत्र ग्रीन प्रैक्टिसेज का मानकीकरण, कार्बन क्रेडिट हेतु सहभागिता एवं सतत परियोजनाओं हेतु ब्रिज फंडिंग की रणनीति है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, एल. फैनई, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ.पंकज कुमार पाण्डेय, चन्द्रेश यादव, वी. षणमुगम, विनोद रतूड़ी, निदेशक अभियोजन पी.वी.के प्रसाद, अपर सचिव विजय जोगदंडे, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीपीपीजीजी डॉ. मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी के अन्तर्गत मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना के तहत होगा तीन नये स्थानों के लिये हवाई सेवा का संचालन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट पर बने ’पैसेंजर्स टर्मिनल भवन’ का लोकार्पण व ’देहरादून-अल्मोड़ा हेलीकॉप्टर सेवा’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में तीन नए स्थानों यमुनोत्री, गौचर एवं जोशियाड़ा के लिए सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट से हवाई सेवा प्रारंभ करने की घोषणा की। इनका संचालन उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी के अन्तर्गत मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना के तहत किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अल्मोड़ा से वर्चुअल रूप से जुड़े यात्रियों से संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हवाई सेवा के लिए राज्य सरकार बहुत दिनों से प्रयासरत थी और आज देहरादून में सहस्त्रधारा हेलीपैड का भी विस्तार हो गया है। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा-देहरादून की सेवा प्रारंभ होने से पहले ही राज्य में चिन्यालीसौड़, गौचर, मुनस्यारी, श्रीनगर, हल्द्वानी, पिथौरागढ़ की सेवाएं चल रही हैं। इन सेवाओं से निश्चित रूप से सभी को लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़ान योजना के अंतर्गत देहरादून से अल्मोड़ा के बीच हेली सेवा से एक ओर पर्यटन, आर्थिकी, रोजगार स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा तो वहीं हमारी मातृशक्ति जो उत्पाद बना रही है उनको भी निश्चित ही इससे लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के साथ ही हम सबके जीवन में एक बेहतर बदलाव लाने का काम भी यह सेवा करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा राज्य के प्राचीन नगरों में से एक है। इसका अपना एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है। जागेश्वर धाम, चितई गोल्ज्यू का स्थान, कटारमल सूर्य मंदिर ऐसे अनेक स्थान यहां हैं जो लोगों की आस्था के केंद्र हैं और यहां पर हैं। नंदा देवी मंदिर आदि प्रमुख स्थान भी अल्मोड़ा को विशेष बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इस हेली सेवा से पर्यटक अब आसानी से अल्मोड़ा जा सकेंगे। अभी तक सड़क मार्ग से यह यात्रा थोड़ी लंबी होती थी लेकिन इस सेवा के प्रारंभ होने से अब लोगों को आसानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हवाई सेवाओं का आधुनिकीकरण होने के साथ ही स्वदेशीकरण हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों को भी यह सेवा मिले, विशेषकर हमारे जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य के लिए इन हेली सेवाओं का बहुत महत्व है। एक समय था जब पूरे देश के अंदर रेल सेवा को प्राथमिकता दी जाती थी लेकिन पिछले कुछ समय से हवाई सेवा एक प्रमुख परिवहन का रास्ता बन गया है और लोगों में यह अत्यंत लोकप्रिय भी हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की दीर्घकालिक सोच के कारण यह सब संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि इस टर्मिनल का बहुत अद्भुत तरह से विस्तार किया गया। आपदा के दौरान इसकी स्थापना की गई थी। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और भारत सरकार के सहयोग से राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग ने इस क्षेत्र में कुशलता से किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की ’उड़ान’ योजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी सेवा प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय मे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आवागमन में हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका हमारी हवाई सेवा की है। उन्होंने कहा कि जॉलीग्रांट एयरपोर्ट को भी हम अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। वहां नए टर्मिनलों का शुभारंभ पहले ही किया जा चुका है। आज देश के समस्त प्रमुख शहरों के लिए जॉलीग्रांट से हवाई सेवाएं चल रही हैं। इसके साथ ही पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 800 एकड़ से भी ज्यादा जमीन नागरिक उड्डयन मंत्रालय को हस्तांतरित कर दी गई है। उसकी सारी प्रक्रिया पूरी हो गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से भेंट के दौरान निवेदन किया कि हमारी चिन्यालीसौड़ की हवाई पट्टी का संचालन भी ठीक प्रकार से हो। इसके अलावा, पिथौरागढ़ के लिए ट्रायल लैंडिंग हो रही है। दिल्ली से पिथौरागढ़ तक दो ट्रायल लैंडिंग हो चुकी है और अभी एक लैंडिंग और होगी उसके एक बड़ा काम होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आदि कैलाश, जागेश्वर धाम के दर्शन के बाद से वहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हेली सेवाओं के अधिक से अधिक विस्तार हेतु संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है।

सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट में नवनिर्मित यात्री टर्मिनल भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। वर्तमान में यात्रियों की निरन्तर बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए इस भवन को डिजाइन किया गया है। जिसके निर्माण में सरकार द्वारा 2482.96 लाख रुपये का निवेश किया गया है। इस भवन में एक समय में लगभग 400 यात्रियों की बैठने की सुविधा है। जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक सुविधाएँ शामिल की गई हैं। इस रूट पर मै० पवन हंस लिमिटेड डबल इंजन हैलीकॉप्टर के माध्यम सेवा प्रदान की जाएगी। इस योजना से उत्तराखण्ड राज्य विशेषकर कुमायूँ क्षेत्र के आम नागरिकों/पर्यटकों को सस्ते दरों में हैलीकॉप्टर सेवा का लाभ प्राप्त होगा। यह हैलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में 06 दिन संचालित होगी, जिसका प्रति व्यक्ति किराया रू० 4989 निर्धारित किया गया है, जिसमें लगभग 55 मिनट का समय लगेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, यूकाडा की सीईओ सोनिका, वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी, जिलाधिकारी अल्मोड़ा आलोक कुमार पाण्डेय उपस्थित थे।

अगले वर्ष जनवरी में 38वें राष्ट्रीय खेल का आयोजन होगा

38वें राष्ट्रीय खेल 28 जनवरी से 14 फरवरी 2025 तक उत्तराखण्ड में होंगे। 25 अक्टूबर 2024 को प्रस्तावित भारतीय ओलंपिक संघ की आम सभा की बैठक में इसका पूरा कार्यक्रम जारी किया जायेगा। राष्ट्रीय खेलों के साथ ही विंटर नेशनल गेम का आयोजन भी उत्तराखण्ड में किया जायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में भारतीय ओलम्पिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पी.टी उषा से भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि उत्तराखण्ड को 38वें राष्ट्रीय खेलों की जिम्मेदारी मिली है, इसके लिए उन्होंने भारतीय ओलम्पिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पी.टी उषा का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ के दर्शन के लिए भी आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए उत्तराखण्ड पूरी तरह से तैयार है। राष्ट्रीय खेलों के लिए राज्य में काफी इन्फ्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन भव्य तरीके से किया जायेगा। जिन राज्यों में पिछले राष्ट्रीय खेल हुए हैं, उनके अनुभवों के आधार पर भी राज्य में और अच्छे तरह से खेलों के आयोजन के लिए कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि उत्तराखण्ड में होने वाले राष्ट्रीय खेलों का आयोजन अभी तक हुए राष्ट्रीय खेलों से बेहतर हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों की अच्छी व्यवस्था के साथ ही खिलाड़ियों और देश भर से आने वाले लोगों के लिए उत्तराखण्ड में होने वाले राष्ट्रीय खेल में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेल के आयोजन से यहां के लोगों का मनोबल और प्रोत्साहन भी बढ़ेगा। उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से एक अच्छा मंच मिलेगा। हमारे उदीयमान खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अच्छा अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा एवं स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा भी उपस्थित थे।

बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों के साथ नदियों के नियमित चैनलाइजेशन के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को एसडीआरएफ (राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि) के तहत होने वाले विभिन्न सुरक्षात्मक एवं पुर्ननिर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्धता को प्राथमिकता देने की सख्त हिदायत दी है। सीएस रतूड़ी ने बाढ़ सुरक्षात्मक कार्याे के साथ ही नदियों के नियमित चौनलाइजेशन करने के निर्देश दिए हैं। जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में आबादी की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता पर रखने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कटाव स्थलों पर त्वरित कार्यवाही करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर नियमित निरीक्षण हेतु भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत क्षतिग्रस्त केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग के सुरक्षात्मक कार्यों, रूद्रप्रयाग में ऊखीमठ के बेडुला तिमली तोक व सरूणा गांवों की मधुगंगा नदी से कटाव सुरक्षा योजना, ऊखीमठ के पैज गांव की आवासीय बस्ती के समीप वैज-करोखी मोटर मार्ग पर भू-धंसाव एवं भू-स्खलन की रोकथाम हेतु सुरक्षा योजना, रा0 ई0 कालेज वैडा के समीप हो रहे भूस्खलन एवं आकाश कामिनी नदी से कटाव सुरक्षा योजना, सीतापुर बाजार की पातीगाड एवं मन्दाकिनी नदी के दांये तट से कटाव सुरक्षा योजना, सोनप्रयाग में सोन नदी के बाएं तट पर बिजली घर पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों, सोनप्रयाग में सोन व मन्दाकिनी नदी के संगम में डाउन स्ट्रीम में निर्मित योजनाओं के सुरक्षात्मक कार्यों, ऊखीमठ की मंगोली आवासीय बस्ती की कुपडा गदेरे से कटाव सुरक्षा योजना, उत्तरकाशी के बड़कोट के बनास गांव में आबादी के बचाव हेतु सुरक्षात्मक कार्यों, उधमसिंहनगर के सितारगंज में निर्मल नगर को बैगुल नदी की बाढ़ से बचाने हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना जैसे विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन दिया।

सचिवालय में राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के प्रस्तावों पर अनुमोदन हेतु मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में गठित राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में सचिव शैलेश बगौली, डा0 आर राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन सहित लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के अधिकारी तथा जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग एवं उधमसिंहनगर मौजूद रहे।

राज्य में साइबर हमले की जांच के लिये हुई एसआईटी गठित

उत्तराखंड पर हुए साइबर हमले की जांच के लिए उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सीओ अंकुश मिश्रा के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित कर दिया है। एसआइटी मेल भेजकर फिरौती मांगने वाले हैकर के बारे में जानकारी जुटाएगी।

एसआइटी ने मेल आइडी हरमेसा और लिंगर की जांच के लिए मेल होस्टिंग को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है। इसके अलावा केंद्रीय एजेंसी भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (आई4सी), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए), भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (सर्ट-इन), राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (एनसीआइआइपीसी) भी जांच में जुट गई है।

पटेलभवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पुलिस महानिरीक्षक एसआइटी नीलेश आनंद भरणे, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी पुलिस उप महानिरीक्षक सैंथिल अबूधाई कृष्ण राज एस व एसटीएफ के एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि दो अक्टूबर की दोपहर को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) प्रोजेक्ट ने काम करना बंद कर दिया।

अन्य सिस्टम पर चेक किया गया तो इन्फार्मेशन टेक्नोलाजी डेवलमेंट एजेंसी (आइटीडीए) से जानकारी मांगी गई तो आइटीडीए के सर्वर पर हैकिंग संबंधी मैसेज (नोट पैड) में सर्वर के प्रत्येक फोल्डर में प्रदर्शित हो रहा था। हैकर ने संपर्क करने के लिए मेल आइडी दी गई व भुगतान के बाद डाटा सुरक्षित उपलब्ध कराए जाने से संबंधित मैसेज भेजा गया। इस पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में जबरन वसूली व आइटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह की ओर से जांच के लिए एसआइटी गठित की गई है, जिसमें पुलिस उपाधीक्षक अंकुश मिश्रा, निरीक्षक विकास भारद्वाज, उपनिरीक्षक राजीव सेमवाल को शामिल करते हुए जांच की जा रही है। एसटीएफ ने आइटीडीए के कर्मचारियों को पूर्ण सहयोग दिया और डाटा सुरक्षित करने के बाद हैकर का पता किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि विभिन्न डिजीटल लाग व साक्ष्य संरक्षित करने की प्रणाली व वायरल की फाइल को रिकवर कर लिया गया है। साथ ही प्रारंभिक विश्लेषण में वायरस आने की तकनीकी कारण भी विवेचना में शामिल किया जा रहा है। एसआइटी की ओर से तकनीकी उपकरण की वर्चुअल मशीन की कापी विश्लेषण के लिए भेजी जा रही है। भविष्य के लिए इस प्रकार के वायरस के आने के कारण को ढूंढकर सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली को बेहतर करने में सहायता मिलेगी।

फाइलों को सुरक्षित करने के बाद हैकर के बारे में जुटा रहे जानकारी
आइजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि साइबर हमले के कारण जो भी एप्लीकेशन प्रभावित हुई तो उन्हें ठीक करने के बाद अब हैकर के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि आखिर अनाधिकृत फाइल सिस्टम में कहां से आई है। वसूली के लिए जो ईमेल भेजी गई थी, उसके बारे में पता करने के लिए मेल होस्टिंग को पत्र लिखा गया है।

1400 वर्चुअल मिशन की स्कैनिंग की गई
पुलिस महानिरीक्षक सैंथिल अबूधाई कृष्ण राज एस के अनुसार प्रदेश के आइटी सिस्टम में मालवेयर को हटाने के लिए करीब 1400 वर्चुअल मिशन (सर्वर से होस्टिंग की सर्विस देने की व्यवस्था) और उससे संबंधित एक-एक डेटा की स्कैनिंग की गई। इसमें ई-आफिस से ही संबंधित 60 वर्चुअल मशीन शामिल रहीं। इसके लिए पूरी टीम ने सरकार के नेतृत्व में अथक प्रयास किए।

आतिशबाजी कर मंत्री अग्रवाल ने मनाई कार्यकर्ताओं के साथ हरियाणा फतह की खुशी

हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की हैट्रिक लगने व प्रचंड बहुमत की सरकार बनने पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ आतिशबाजी की और मिष्ठान खिलाकर एक दूसरे को बधाई दी।

मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ता कोयल घाटी किराए पर एकत्रित हुए यहां मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार व हरियाणा की भाजपा सरकार के विकास कार्यों से प्रभावित होकर जनता ने पुनः अपना आशीर्वाद दिया है। कहा कि भाजपा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाई है और प्रचंड बहुमत की सरकार बनाई है।

डॉ अग्रवाल ने इस जीत का श्रेय हरियाणा के देवतुल्य कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी की रीढ़ उसके कार्यकर्ता होते हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में भाजपा ने अपना जनादेश बढ़ाया है। वहां की जनता ने भी भाजपा के कार्यों को सराहते हुए उसके पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जम्मू और कश्मीर में अपना ग्राफ बढ़ाया है।

इस मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने गोलघाटी पर आतिशबाजी की और मिष्ठान खिलाकर एक दूसरे को बधाई दी। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सुमित कुमार, पूर्ण दायित्वधारी संदीप गुप्ता, संजय व्यास, संजय शास्त्री, इंद्र कुमार गोदवानी, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, प्रतीक कालिया, चेतन शर्मा, जितेंद्र अग्रवाल, कपिल गुप्ता, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष गुप्ता, शिव कुमार गौतम, रुचि जैन, नितिन सक्सेना, दीपक बिष्ट, देवदत्त शर्मा, जगावर सिंह, शंभू पासवान, राजपाल ठाकुर, नंदकिशोर जाटव, एकांत गोयल, जितेंद्र पाल, सोनू पांडे, रूपेश गुप्ता, सचिन अग्रवाल, सीमा रानी, रेखा चौबे, आशा शुक्ला, रुचि जैन, सुधा असवाल, निवेदिता सरकार, उषा जोशी, प्रदीप कोहली, राजेंद्र बिजलवान, रमन भट्ट, सुभाष जायसवाल, अनंतराम भट्ट, विशाल शाही, गंभीर मेवाड़, रंजन अंथवाल, विनायक कुमार आदि उपस्थित रहे।

हरियाणा की जीत पीएम के नेतृत्व में आमजन के विश्वास को करती है प्रदर्शितः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये जीत प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आम जन के विश्वास को प्रदर्शित करती है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति और बाबा केदारनाथ का प्रसाद भी भेंट किया।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के विकास में निरंतर मिल रहे प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञ समिति-२ द्वारा संस्तुत 21 जल परियोजना (कुल क्षमता 2123) के विकास एवं निर्माण की अनुमति प्रदान किए जाने हेतु अनुरोध किया। उन्होंने तीन रोपवे परियोजनाए, (क) सोनप्रयाग-गौरीकुंड केदारनाथ (ख) गोविंद घाट-हेमकुंड साहिब और (ग) काठगोदाम-नैनीताल को राज्य सरकार द्वारा विकास और संचालन के लिए हस्तांतरित करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना के अंतर्गत देहरादून-गौचर- देहरादून और देहरादून-चिन्यालीसौंड-देहरादून की हवाई सेवा पुनःसंचालित किए जाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय को निर्देशित करने के लिए भी आग्रह किया। सीएम ने कहा कि चिन्यालीसौंड हवाई पट्टी जनपद उत्तरकाशी पर छोटे विमान संचालन की अनुमति हेतु सम्बन्धित मंत्रालय को दिशा-निर्देश का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कुमाऊँ एवं गढ़वाल को संयोजित करने के लिये 02 मार्गों, (क) खैरना-रानीखेत-बंगीधार-बैजरों मोटरमार्ग (256.9 किमी0) और (ख) काठगोदाम-भीमताल लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग (189 किमी०) को राष्ट्रीय राजमार्ग अधिसूचित करने का भी अनुरोध किया। इसके साथ ही देहरादून रिंग रोड़ की अवशेष लम्बाई की स्वीकृति का भी अनुरोध किया।