सीएम ने किया आम्रपाली विवि के अभिनंदन समारोह में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी, स्थित आम्रपाली विश्वविद्यालय में आयोजित अभिनन्दन समारोह – 2024 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के कार्यक्रम में आकर उनके मन में हमेशा जोश एवं उत्साह का संचार होता है। उन्होंने कहा कि हमारे युवा शिक्षा, तकनीक, कला, खेल हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। युवा शक्ति अपने सपनों को साकार करने के साथ ही समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपना योगदान दे रही है। आम्रपाली विश्वविद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े कार्य किए हैं। आम्रपाली से पढ़कर आज युवा हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण विश्व भारत के ज्ञान और शक्ति से परिचित हो रहा है। बीते 10 सालों में भारत की पहचान और शक्ति पूरे विश्व में बढ़ी है। उन्होंने कहा स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि मनुष्य अनंत शक्ति और ऊर्जा का भंडार है। व्यक्ति को केवल अपनी शक्ति ऊर्जा को पहचानने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ सही दिशा में चलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। अल्मोड़ा, चंपावत, देहरादून में साइंस सेंटर, हल्द्वानी में एस्ट्रो पार्क एवं खेल विश्वविद्यालय के निर्माण सहित कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार युवाओं के बेहतर और सुरक्षित भविष्य के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते 3 वर्षाे में 17 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी विभागों में नियुक्ति दी गई है। राज्य में धर्मान्तरण को रोकने के लिए कानून लाया गया है। 5000 एकड़ से ज्यादा जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। राज्य की महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। राज्य में समान नागरिक संहिता भी जल्द लागू हो जायेगी। राज्य में जीएसडीपी में बीते 20 महीनों में 1.3 गुणा वृद्धि हुई है। बीते 2 साल में राज्य में प्रति व्यक्ति आय में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्तराखंड में बेरोजगारी दर 4.4 प्रतिशत कम हुई है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड ने देश में सबसे पहला स्थान प्राप्त किया है। राज्य में ग्रॉस एनवायरनमेंट प्रोडक्ट पर भी कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कार्य कर रही है। राजकीय महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के आधारभूत संरचना पर कार्य किये जा रहे है। राज्य में 20 मॉडल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। प्रदेश में आईटी लैब, स्मार्ट क्लास एवं महिला छात्रावास का भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने ब्रिटिश उच्चायोग एवं इन्फोसिस स्प्रिंगबोर्ड के साथ एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किए हैं। स्कॉलरशिप के तहत प्रदेश के 05 छात्रों को प्रतिवर्ष अध्ययन के लिए ब्रिटेन भेजा जाएगा। राज्य सरकार ने आम बजट में युवा कल्याण, खेल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा पर 1700 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इस मौके पर सांसद अजय भट्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री डॉ अनिल डब्बू, सुरेश भट्ट, दीपक मेहरा, जिलाध्यक्ष भाजपा प्रताप बिष्ट, निवर्तमान मेयर डॉ जोगेंद्र पाल रौतेला, आयुक्त कुमाऊँ दीपक, पुलिस उप महानिरीक्षक योगेन्द्र सिंह रावत रावत, जिलाधिकारी वंदना, पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा मौजूद थे।

जब तक केदारनाथ को विधायक नहीं मिलता मैं स्वयं विधायक बनकर करूँगा कार्यः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने वादे के अनुरूप केदारनाथ विधानसभा की स्थानीय के लिये एक के बाद एक बड़ी सौग़ात दी है। मुख्यमंत्री धामी ने बीते रविवार को रुद्रप्रयाग दौरे से लौटने के बाद स्थानीय जनता की माँग के अनुरूप 14 अन्य महत्वपूर्ण विषय घोषणा में शामिल किए हैं। बीते रविवार को मुख्यमंत्री ने केदारघाटी समेत पूरे जनपद के लिये 25 घोषणाएं की इन 14 घोषणाओं समेत अब कुल 39 घोषणाओं को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि केदारनाथ की विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र की जनता से वादा करते हुए कहा कि जब तक आपका विधायक नहीं बनता तब तक मैं ख़ुद वहाँ का विधायक बनकर काम करूँगा। मुख्यमंत्री ने अपने वादे के अनुरूप केदारघाटी समेत, तल्ला नागपुर, कालीमठ घाटी, मध्यमहेश्वर घाटी के लिए भी विभिन्न विकास योजनाओं की घोषणा की है।

सचिव मुख्यमंत्री डॉ. विनय शंकर पांडेय ने बताया कि मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा बीते रविवार को रुद्रप्रयाग जनपद के लिए की गई 25 घोषणाओं के अतिरिक्त 14 अन्य 14 अन्य घोषणाओं को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया गया है।

इन 14 घोषणाओं को किया गया शामिल
1. मणिगुहा में नन्दाबाड़ी से सरकारी अस्पताल को जोड़ते हु धौनिक तक 02 किमी0 सडक का निर्माण किया जाएगा।
2. मचकण्डी से सौर भूतनार्थ (अगस्तमुनि) मन्दिर तक 03 किमी० मोटर मार्ग निर्माण ।
3. बासवाडा जलई किरधू गौर कण्डारा (अगस्तमुनि) द्वितीय चरण मोटर मार्ग निर्माण कार्य
4. केदारनाथ विधान सभा के अन्तर्गत अंधेरगढ़ी से धार तोलियों मोटर मार्ग के सुधारीकरण एवं डामरीकरण।
5. ऊखीमठ आन्तरिक मोटर मार्ग से किमाडा तक मोटर मार्ग (1.300 किमी0) का सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य।
6. त्यूंग बैण्ड से नहरा-कुण्डलिया मोटर मार्ग (1.78 किमी0) का सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य।
7. उनियाणा से किरमोडी पौल्दी द्वणी होते हुए कालीशिला 06 किमी० मोटर मार्ग निर्माण।
8. गोण्डार बंडतोती मोरखण्डा नदी पर पुल का निर्माण कार्य किया जाए।
9. चौमासी से खाम रेकाधार से केदारनाथ पैदल ट्रैकिंग मार्ग का अवशेष किया जाय।
10. वासवाड़ा मोहनखाल मोटर मार्ग का चौडीकरण व डामरीकरण का कार्य।
11. आपदा ग्रस्त ग्राम सभा किणझाणी का विस्थापन किया जायेगा।
12. सांणेश्वर मन्दिर सिल्ला बमड़ गांव (अगस्तमुनि) का सौन्दर्गीकरण का कार्य किया जाए।
13. पठालीधार (अगस्तमुनि) में खेल मैदान का निर्माण कार्य किया जाए।
14. अगस्तमुनि रा०स्नात्कोत्तर महाविद्यालय में ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य किया जाए।

प्रदेश में भ्रष्टाचारियों को सीधे जेल भेजने की मुहिम हुई तेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का “भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड“ का संकल्प निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ विजिलेंस की कार्यवाई निरंतर गतिमान है। बीते 48 घंटो में विजिलेंस ने चमोली एवं पौड़ी से 2 रिश्वतखोरों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इससे स्पष्ट दिखता है कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भ्रष्टाचारियो को जेल भेजने की मुहिम तेज कर दी है।

विजिलेंस टीम ने पौड़ी जिले के अगरोड़ा क्षेत्र में राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) कैलाश रवि को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस घटना के तुरंत बाद रविवार को चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक जयबीर सिंह को 30 हजार रूपये रिश्वत लेते हुए सतर्कता सेक्टर देहरादून की टीम द्वारा रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। बीते 48 घंटो में विजिलेंस द्वारा लगातार 2 बड़ी गिरफ्तारियां से मुख्यमंत्री धामी के भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की मुहिम और तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले दिन से ही भ्रष्टाचारियो को सख्त चेतावनी दी है। आम जनता की भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों को सुनने के लिए राज्य में “भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064“ को भी लॉन्च किया गया है। एवं प्रदेश के हर छोटे-बड़े सरकारी दफ्तरों में “भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064“ के पोस्टर लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों में जागरूकता पैदा हो। एप में अब तक 980 से ज्यादा विजिलेंस और नॉन विजिलेंस की शिकायतों दर्ज हुई हैं। इन शिकायतों पर गंभीरता से कार्य करते हुए विजिलेंस ने रिश्वतखोरों को जेल भेजा है। बीते 9 माह में विजिलेंस ने करीब 30 रिश्वतखोरों को जेल भेजा है। बीते 48 घंटे में दो गिरफ्तारियों से यह आंकड़ा 32 के करीब पहुंच गया है। 23 साल के उत्तराखंड में जहां भ्रष्टाचार से जुड़े 281 ट्रैप में कुल 303 गिरफ्तार हुए हैं। वहीं बीते 3 सालों में विजिलेंस ने करीब 70 भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता को परेशान करने वाले, भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आगे भी तेजी से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा जो भी व्यक्ति भ्रष्टाचार में शामिल होगा उसपर कठोर कार्रवाई होगी। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए विजिलेंस को और अधिक सशक्त बनाया गया है।

भ्रष्टाचारियों पर यह कार्रवाई ’भ्रष्टाचारमुक्त एप 1064’ की लांचिंग के बाद तेजी से हुई है। यह एप आम नागरिक के लिए मददगार साबित हो रहा है। इस एप के मार्फत आम नागरिक बेझिझक रिश्वतखोरों, कामचोरों और बेवजह काम लटकाने वालों को सबक सीखा रहे हैं। इस एप में शिकायत करने वाले लोगों की पहचान गुप्त रखी जाती है।

सीएम धामी ने रुद्रप्रयाग में लखपति दीदी अभियान शक्ति को सम्मान में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि क्रीड़ा मैदान में लखपति दीदी अभियान- शक्ति को सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केदारघाटी के स्थानीय उत्पादों को देश- विदेश में केदार ब्रांड बनाकर तैयार कर विपणन किया जाएगा। मातृशक्ति की आजीविका सुधार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा वहीं घाटी के होम स्टे से लेकर अन्य सुविधाओं को भी इसके अंतर्गत पहचान दी जाएगी। केदारघाटी की धार्मिक पहचान के साथ राज्य सरकार घाटी को नई पहचान दिलाने के लिए इसके अंतर्गत कार्य करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ विधानसभा की दिवंगत विधायक शैला रानी रावत को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके निधन पर मैंने इस विधानसभा की जिम्मेदारी बतौर उनका प्रतिनिधि लेने का आश्वासन दिया था। इसी क्रम में लगातार क्षेत्र के विकास के लिए शासन- प्रशासन सहित वरिष्ठ मंत्री इसमें लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बीते दिनों 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते भारी नुकसान हुआ, सड़कें और पैदल मार्ग बंद हो गए थे। यात्रा मार्ग पर फंसे विभिन्न स्थानों से करीब 15 हजार लोगों को रिकॉर्ड समय में मैनुअल एवं हैली से रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया। इसके अलावा 15 दिनों में पैदल मार्ग को सुचारू कर एक महीने के भीतर ही यात्रा को पूर्व जैसे भव्य स्वरूप में वापस लाया गया। उन्होंने स्थानीय जनता एवं केदार घाटी के लोगों को इस पूरे रेस्क्यू अभियान से लेकर यात्रा को दोबारा समय पर शुरू करवाने के लिए धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को नई पहचान दिलाने के लिए मातृशक्ति बड़ी अहम भूमिका निभा रही है। पूरे प्रदेश के अंदर सैकड़ों की संख्या में महिला स्वयं सहायता समूहों में जुड़ी हजारों महिलाएं वर्ड क्लास उत्पाद तैयार कर अपने समूह और राज्य को नई पहचान दिला रही हैं। लगातार उनकी आजीविका में सुधार हो रहा है। वहीं प्रदेश सरकार ने हाउस ऑफ हिमालयाज कम्पनी का गठन कर प्रदेश के उत्पादों की नई सिरे से ब्रांडिंग कर मातृशक्ति को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। इन्हीं महिला समूहों द्वारा 110 आउटलेट चारधाम यात्रा मार्गों पर खोले गए हैं जिनसे उनकी आजीविका सुदृढ़ हो रही है। रुद्रप्रयाग जनपद में 4000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने में सफल रही हैं और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और प्रदेशवासियों के हित में जल्द सख्त भू- कानून लागू होने जा रहा है। जिन लोगों ने अवैध रूप से जमीनों की खरीद फरोख्त की है उनसे जमीन वापस लेकर सरकारी भूमि में निहित की जाएगी। वहीं देश में सर्वप्रथम समान नागरिकता संहिता लागू करने वाला पहला प्रदेश भी उत्तराखण्ड बनने जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केदारनाथ धाम एक था, एक है और एक ही रहेगा, देश में किसी भी स्थान पर उत्तराखंड के चार धामों के प्रयोग कर कोई मंदिर नही बनने दिया जाएगा।

इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, राज्यमंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, विधायक शक्ति लाल शाह, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा आशा नौटियाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठरी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी करन नगन्याल, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं भारी संख्या में मातृशक्ति एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं
1. त्रियुगीनारायण-तोषी गरुड़चट्टी मार्ग स्वीकृति
2. विजयनगर झूला पुल से रामलीला मैदान के पीछे एप्रोच रोड एवं पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
3. स्व० शहीद फते सिंह रा०उ०मा०वि० बाडव का उच्चीकरण कर इण्टरमीडिएट किया जाएगा।
4. श्री वासुदेव मंदिर पुजारगांव के सौन्दर्गीकरण हेतु रुपए 01 करोड़ की स्वीकृति।
5. ग्राम मैठाणा के पणसिल्ला नामी तोक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति।
6. राजकीय इंटर कॉलेज नागजगई, रांसी, पौठी, बावई, कमसाल, ग्वेफड़, खाखंरा, बीना में कला वर्ग के पदों की स्वीकृति दी जाएगी।
7. ग्राम सभा नाला में त्रिपुरा सुंदरी खेल मैदान, ग्राम सभा बडेथ (ताल जामण) के बुगला तोक, शिवानंदी, रणधार बांगर एवं कोठगी में मिनी स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति।
8. पर्यटक स्थल बधाणीताल का सौंदर्यीकरण किया जायेगा।
9. सुमाड़ी को नगर पंचायत बनाया जायेगा।
10. थाती बड़मा में वैटनरी मेडिकल की स्वीकृति (पूर्व में प्रस्तावित स्वीकृति सैनिक स्कूल की भूमि पर)
11. चिरबटिया आईटीआई का भवन निर्माण किया जायेगा।
12. रुद्रप्रयाग में सर्किट हाउस का निर्माण किया जायेगा।
13. गंगाधर मैठाणी राजकीय महाविद्यालय विद्यापीठ में बीएससी, एमएससी एवं एमए के साथ स्नातकोत्तर की स्वीकृति दी जाती है।
14. नाला से जाखधार- बणसू- त्यूडी तक मोटर मार्ग का डामरीकरण किया जायेगा।
15. चोपता में पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन के अवशेष निर्माण कार्य को पूर्ण करने हेतु वन पत्रावली का निस्तारण किया जायेगा।
16. ऊखीमठ- पिंगला पानी पेयजल योजना की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाती है।
17. गुप्तकाशी- मस्ता- कालीमठ मोटर मार्ग की स्वीकृति दी जाती है
18. सिल्ला- बामण गाँव में साणेश्वर मन्दिर, सिद्धपीठ आशुतोष महादेव, तुगेश्रवर महादेव मन्दिर, फलासी एवं महड़ महादेव मंदिर महड़ गांव के सौंदर्गीकरण के लिए 25-25 लाख रुपए की स्वीकृति दी जाती है।
19. बसुकेदार में तहसील भवन के निर्माण की स्वीकृति दी जाती है।
20. पूर्व घोषणा के अंतर्गत शहीद राम सिंह राणा रा०उ०मा०वि० कालीमठ के उच्चीकरण की सैद्धान्तिक स्वीकृति ।
21. उरोली से कुंड सौड़ तक 2 किलोमीटर मोटर मार्ग की स्वीकृति दी जाती है।
22. जनता इंटर कॉलेज देवीधार (मोलखाचौरी) में भूगोल, ग्रह विज्ञान, मनोविज्ञान, एवं विज्ञान वर्ग की इंटर स्तर पर वित्त संहिता मान्यता स्वीकृति दी जाती है।
23. बदरी-केदार मंदिर समिति में अस्थाई कर्मियों का वन टाइम सेटलमेन्ट विनियमितीकरण किया जायेगा।
24. नगर पालिका परिषद रूद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि एवं नगर पंचायत तिलवाड़ा तथा ऊखीमठ के बाल्मिकी बस्ती के निवासियों हेतु आवासीय सुविधा की व्यवस्था की जायेगी।
25. फाटा में नई पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी।

डाटा की सुरक्षा के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना होगी, सीएम ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में स्टेट डाटा सेंटर में आए मालवेयर एवं अस्थायी रूप से बंद की गई ऑनलाइन सेवाओं के संबंध में स्टेट डाटा सेंटर, स्वान, एन.आई.सी, आई.टी.डी.ए से संबंधित सभी अधिकारियों, विशेषज्ञों, पुलिस विभाग एवं शासन के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्टेट डाटा सेंटर की स्कैनिंग अति शीघ्र पूर्ण कर जनहित से जुड़े विभागों की साइट को प्रथमिकता से पुनः शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए कि सोमवार तक सभी साइट्स का संचालन शुरू हो जाए । मुख्यमंत्री ने कहा इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति न हो, एवं ऑनलाइन सेवाओं से संबंधित सुरक्षा हेतु राज्य में अति शीघ्र साइबर सिक्योरिटी टास्क फोर्स का गठन किया जाए। उन्होंने कहा आईटी के क्षेत्र में कार्य कर रही भारत सरकार की सर्वश्रेष्ठ एजेंसियों के सहयोग से स्टेट डाटा सेंटर की सुरक्षा प्रणाली को और ज्यादा आधुनिक बनाए एवं तय समय में स्टेट डाटा सेंटर, ऑनलाइन साइट्स का सेफ्टी ऑडिट भी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की सुरक्षा एवं विभिन्न विभागों से संबंधित ऑनलाइन डाटा की रिकवरी के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा साइबर सुरक्षा में सर्वश्रेष्ठ कार्य कर रहे राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों एवं एजेंसियों की बेस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन कर उन्हें राज्य में लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आई.टी.डी.ए में टेक्निकल कार्य कर रही कंपनी की पुनः समीक्षा की जाए, यदि समीक्षा के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो कंपनी पर कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आई.टी.डी.ए में आवश्यकता अनुसार कार्मिकों की तैनाती हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक कर सभी पदों को अतिशीघ्र भरा जाए। उन्होंने कर्मचारियों एवं अधिकारियों को साइबर सिक्योरिटी प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा आईटीडीए यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक सरकारी कार्यालय में एंटी वायरस सिस्टम अपडेट हो, जिससे इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने कहा आगे इस तरह की समस्याएं न आए, इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए।

सचिव नितेश झा ने बताया कि आई.टी.डी.ए डाटा सेंटर में वर्चुअल मशीनों पर मालवेयर के कारण किसी भी प्रकार की डेटा हानि नही हुई है। 1378 में से 11 मशीनों पर मालवेयर का प्रभाव पड़ा था। बीते 2 दिनो में डाटा सेंटर की स्कैनींग कई बार कर ली गई है। ई- ऑफिस एवं सीएम हेल्पलाइन सूचारू सहित अन्य साइट्स शुरू हो गयी हैं।

इस दौरान बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूडी (वर्चुअल), पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, निदेशक आई.टी.डी.ए. नितिका खण्डेलवाल, एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

ग्लोबल समिट 2024 में सीएम ने किया प्रतिभाग, विद्वानों का किया स्वागत व अभिनंदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्थान के माउंट आबू स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्विद्यालय द्वारा आयोजित ’ग्लोबल समिट-2024’ में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने वैश्विक सम्मेलन में उपस्थित सभी विद्वान जनों का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देवों की भूमि कहा जाता है, जहां कण-कण में शंकर का वास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य एक ओर जहां प्राकृतिक रूप से सुरम्य है वहीं आध्यात्मिक रूप से विशिष्ट भी है। विश्व के कोने-कोने से लोग देवभूमि उत्तराखंड में आकर स्वयं की खोज करते हैं। स्वयं को साधना में लगाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग उन्हें पूछते हैं कि देवभूमि में कितने देवस्थान हैं या कितने प्रसिद्ध स्थान हैं तो मेरा एक ही उत्तर होता है कि देवभूमि में जिधर भी आपकी नजर जाएगी वो हर स्थान देवों का है। हर स्थान हमारा पर्वतों, वनों से आच्छादित है, हर स्थान हिम ग्लेशियर, नदियों से आच्छादित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी देवभूमि से आकर आप सबके बीच आकर आप सबके कार्यक्रम से जुड़ना, आप सबके बीच आने का जो सुअवसर प्राप्त हुआ यह उनके लिए सौभाग्य की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे स्थान पर वही आ पाता है जिन पर बाबा की कृपा होगी। इसीलिए सब लोग यहां पर पहुँचे हैं। उन्होंने कहा कि आज मैं भी एक जिज्ञासु बनकर आया हूँ, मुझे अपने भीतर भी एक आत्मिक शांति का एहसास हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कई वर्षों से प्रजापिता ब्रह्मकुमारीज के कार्यक्रमों में आते रहे हैं। बहुत बार संस्थान के लोग माउंट आबू आने के लिए कहते थे। मन में आने की बहुत इच्छा भी रही। इसके पीछे का कारण परमपिता परमात्मा का असीम आशीर्वाद भी है और इस स्थान की महत्ता भी है और राज योगिनी दीदी मां रतन मोहिनी से जो स्नेह यहां मिलता है वह भी इसका बड़ा कारण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबके लिए यह गर्व का विषय है कि संयुक्त राष्ट्र के साथ ही परामर्शदात्री दर्जा प्राप्त भारत की भूमि से उपजा हुआ यह स्थान विश्व के कोने-कोने में आज शांति, सद्भाव और मानवता का संदेश देने का कार्य कर रहा है। सच में लोगों को स्वयं को खोजने का एक बहुत बड़ा प्रकल्प चल रहा है। मैं आज यहां स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण में आद्यात्मिक की महत्वपूर्ण भूमिका को ही समझने के लिए ही आया हूँ कि कैसे इन मूल्यों को हम अपने जीवन में उतार सकते हैं ताकि सभी के लिए एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम भारतीय जीवन दर्शन का सार है। परस्पर भाईचारे का संदेश आज भी प्रासंगिक है। जिस प्रकार से नई तकनीक हमें भौतिक सुख प्रदान करती है वैसे ही आध्यात्मिकता हमें आंतरिक सुख प्रदान करती है। हमारे शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य पूर्ण संतुलन बनाने का काम करती है। पूरे विश्व के अंदर यह संस्था करोड़ो लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम कर रहा है। ब्रह्कुमारीज संस्था से जुड़ी बहने और भाइयों द्वारा जीवन जीने की कल बहुत ही सरल शब्दों में लोगों को समझाया जाता है, उससे आमजनमानस में भी आसानी से इन विषयों को जानकर लोग अपने जीवन को सरल बना सकते हैं। इस प्रकार के जो बदलाव हैं, इनको मैंने अपने जीवन में महसूस किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम आध्यात्मिकता को अस्तित्व के एक भागीदार के रूप में देखने लगते हैं तो हमारा मन स्वतः ही स्वच्छ होने लगता है। हमे अहसास होता है कि यह हमारे जीवन की आवश्यकता नहीं है बल्कि जीवन की अनिवार्यता है। आध्यात्मिकता की वह शक्ति है जो शरीर को बाहरी व अंदरूनी रूप से स्वच्छ रखने के साथ साथ मानसिक और शारीरिक दबावों को सहने के सामर्थ्य प्रदान करती है। स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण केवल आधुनिक तरीके व कानूनों से भी संभव नहीं है कि केवल हम कानून व अन्य तरह से इसको कर पाएं बल्कि इस लक्ष्य को जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को शामिल करके ही हासिल किया जा सकता है।

इस अवसर पर भारत सरकार के रेल एवं फूड प्रोसेसिंग मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, गोरखपुर के सांसद रवि किशन आदि उपस्थित रहे।

नई बातः उत्तराखंड में 14 महिलाओं ने हासिल किया व्हाइट वॉटर रिवर राफ्टिंग गाइड सर्टिफिकेट, अब चलाएंगी राफ्ट

देहरादून। उत्तराखण्ड की बेटियां जल्द ही ऋषिकेश में गंगा नदी पर पर्यटकों को राफ्टिंग कराती नजर आएंगी। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से 14 महिलाओं को व्हाइट वॉटर रिवर राफ्टिंग गाइड का प्रशिक्षण दिया गया है। जो अब पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद, बतौर प्रोफेशनल राफ्टिंग गाईड अपना करियर शुरू करने को तैयार हैं।

ऋषिकेश हाल के समय में राफ्टिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है, यहां हर साल पांच लाख से अधिक पयर्टक राफ़्टिंग के लिए आ रहे हैं, इस तरह राफ्टिंग गतिविधि, कारोबार के साथ ही रोजगार का भी जरिया बन रही है। लेकिन अब तक राफ्टिंग गाइड का काम पूरी तरह पुरुष ही कर रहे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पहली बार उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने महिलाओं को रिवर राफ्टिंग गाइड का प्रशिक्षण दिया है। इसके बाद पर्यटन विभाग ने चुनिंदा 14 महिलाओं को अप्रैल से जून के बीच तीन महीने का निशुल्क प्रशिक्षण दिया। इसमें प्रशिक्षण के साथ ही रहने खाने का खर्च भी पर्यटन विभाग की ओर से उठाया गया।
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सफलता की कहानी
01- पौड़ी जिले में सिरांसू गांव निवासी प्रियंका राणा, वर्तमान में बीबीए कर रही हैं, प्रियंका क्याकिंग एथलीट हैं। प्रियंका बताती हैं कि उनके गांव के पास बड़ी संख्या में राफ्टिंग होती है, ऐस में जब उन्हे उत्तराखंड सरकार के अधीन महिलाओं को राफ्टिंग गार्डड का प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने इसमें अपना पंजीकरण कर लिया। प्रियंका इसके लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि अब बतौर राफ्टिंग गाइड अपना करियर बनाना चाहती हैं।

02- रामनगर निवासी कामाक्षी गोयल वर्तमान में गोवा की नॉटिकल कंपनी में काम कर रही हैं। कामाक्षी बताती हैं कि वो पहले से ही वाइट वॉटर फील्ड में जॉब कर रही थी, इसलिए उन्होंने स्किल बढ़ाने के लिए राफ्टिंग प्रशिक्षण लिया। इसके लिए उत्तराखण्ड सरकार की ओर से तीन महीने का प्रशिक्षण के साथ ही रहने खाने की सुविधा निशुल्क मिली। कामाक्षी इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा प्रयास करार दे रही हैं।

03- ऋषिकेश निवासी मुस्कान भी पहले बैच में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं। मुस्कान अभी ऋषिकेश से ग्रैज्यूएशन कर रही हैं, मुस्कान बताती हैं कि तीन महीने तक उन्हें विदेशी प्रशिक्षकों ने रिवर राफ्टिंग की ट्रेनिंग दी, इस दौरान एक हफ्ते तक उन्होंने देवप्रयाग से लेकर ऋषिकेश तक गंगा में राफ्टिंग भी की, पूरी तरह महिलाओं के द्वारा संचालित यह अभियान लाजवाब था, मुस्कान अब इसी क्षेत्र में करियर बढ़ाना चाहती हैं, वो इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त कर रही हैं।
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उत्तराखण्ड में साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, अब बड़ी संख्या में महिला पयर्टक भी राफ्टिंग के लिए आ रही हैं। ऐसे में महिलाओं को बतौर राफ्ट गाईड प्रशिक्षण दिया जाने का प्रयास किया जा रहा है। अच्छी बात है कि महिलाओं ने इसके लिए रुचि दिखाई है, यह उत्तराखण्ड की बेटियों और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।

– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री उत्तराखंड

सीएम ने किसान मेले का शुभारंभ किया विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पं.गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर पहुँचकर 116वां अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और हरेला उद्यान का वर्चुअल शुभारम्भ भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से आये प्रगतिशील कृषकों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 116वां किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी की बधाई देते हुए कहा कि भारत में हरित क्रांति के अग्रदूत के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आकर उन्हें हर्ष का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के किसान मेले प्रदेश के किसान भाईयों की उन्नति में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इस प्रकार के कृषि मेलों के माध्यम से वैज्ञानिक, किसान एवं उद्यमी एक ही स्थान पर कृषि सम्बन्धी नवीनतम तकनीकों तथा विभिन्न जानकारियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। किसानों को उन्नत बीज, पौध, कृषि यंत्र और जैविक खाद सहित कृषि से जुड़ी सभी आवश्यक वस्तुएं एक ही स्थान पर मिल जाती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस मेले में उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी जानकारियों से हमारे किसान अवश्य लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह मेला वास्तव में कृषि का एक ऐसा कुंभ है, जो किसानों को आधुनिक तकनीकी का बोध कराकर उन्हें समृद्ध बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों को कुशल, समृद्ध और आधुनिक सुख-सुविधा युक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। आज एक ओर उपज बढ़ाने के लिए तकनीकी के प्रयोग और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार द्वारा किसानों को सभी प्रमुख फसलों पर बढ़ी हुई एम.एस.पी देकर किसानों की आय में बढ़ोत्तरी सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के प्रति मोदी जी की प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार जब उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली तो सबसे पहले उन्होंने किसान भाईयों को किसान सम्मान निधि आवंटित करने वाली फाइल पर हस्ताक्षर किए। किसान सम्मान निधि की योजना के जरिए आज उत्तराखंड के भी लगभग 8 लाख से अधिक किसानों को आर्थिक संबल मिल रहा है, इतना ही नहीं, मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले दिनों किसान भाईयों का जीवन स्तर बेहतर करने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से करीब 14 हज़ार करोड़ रुपये की लागत वाली कुल सात नई योजनाओं को भी मंजूरी दी है। जिन योजनाओं से किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार भी प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है तथा किसानों को कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य “फार्म मशीनरी बैंक“ योजना के जरिये कृषि उपकरण खरीदने के लिए 80 फीसदी तक की सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद पर कृषकों को प्रति क्विंटल 20 रू. का बोनस दिया जा रहा है, गन्ने के रेट में भी 20 रूपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए नहर से सिंचाई को बिल्कुल मुफ्त कर दिया गया है। चाय बागान धौलादेवी, मुन्स्यारी और बेतालघाट को जैविक चाय बागान के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। सगंध खेती को बढ़ावा देने के लिए 6 एरोमा वैली विकसित करने पर कार्य किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार के बजट में 200 करोड़ रूपए का प्रावधान विशेष रूप से पॉलीहाउस निर्माण के लिए किया है, जिससे किसानों की आय बढ़ने के साथ ही रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट“ भी स्वीकृत किया गया है। फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी सरकार विभिन्न स्तर पर काम कर रही है, जिसके अंतर्गत सेब और कीवी का उत्पादन व्यापक स्तर पर बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य में एप्पल और कीवी मिशन की शुरुआत की गई है। एप्पल मिशन के अंतर्गत सेब के बागान लगाने वाले किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। कीवी के बगीचे स्थापित करने में भी सरकार हर संभव मदद कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पं.गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय “उन्नत कृषि-समृद्ध किसान“ के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यहां पर विकसित की गई फसलों, सब्जियों एवं फलों की विभिन्न प्रजातियां और अनेक उन्नत कृषि तकनीकें ना सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के किसानों को फायदा पहुंचा रही हैं। आज आयोजित हो रहा यह किसान मेला निश्चित रूप से किसान भाईयों के उत्थान में अहम योगदान देगा।

पं.गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने सभी अतिथियों व किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की ओर अग्रसर है तथा प्रदेश की जीडीपी भी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि पूरे देश में दलहन की 28 बीज स्वीकृत हुए हैं जिसमें से 10 बीज पंतनगर विश्वविद्यालय के खाते में आये हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ग्लोबल बनने जा रहा है विगत दो वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा 7 एमओयू अंतरराष्ट्रीय स्तर के हुए हैं तथा विश्वविद्यालय द्वारा 300 कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गए हैं तथा ड्रोन व एआई तकनीक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर भी विश्वविद्यालय द्वारा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बद्री गाय का क्लोन भी विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोड़ा, तिलक राज बेहड़, राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, गुंजन सुखीजा, जिला महामंत्री भाजपा अमित नारंग, प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, उप महानिदेशक यूएस गौतम, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी उदय राज सिंह, एसएसपी मणिकांत मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट आशिमा गोयल, एसपी सिटी मनोज कत्याल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण व किसान आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड को केंद्रीय पूल से मिलेगी 480 मेगावाट अतिरिक्त बिजली

देहरादून। प्रदेशवासियों को अब शीतकाल में भी निर्बाध बिजली मिलेगी। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को आवंटित अतिरिक्त बिजली कोटे में 180 मेगावाट की वृद्धि कर इसकी समयावधि को भी 30 जून 2025 तक के लिए बढ़ा दिया है। विगत 26 सितंबर को केंद्र की ओर से 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली 31 मार्च 2025 तक के लिए उत्तराखंड को आवंटित की गई थी। इस प्रकार अब कुल 480 मेगावाट अतिरिक्त बिजली केंद्रीय पूल से उत्तराखंड को मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार प्रकट किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश को बिजली संकट से निजात दिलाने के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर केंद्रीय पूल से उत्तराखंड को अतिरिक्त बिजली आवंटित करने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। बिजली उत्पादन बढ़ाने को राज्य सरकार सौर ऊर्जा, हाइड्रो पावर और कोयले से बिजली उत्पादन के लिए दीर्घकालिक योजना पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी की प्रभावी पैरवी पर केंद्र ने उत्तराखंड के लिए अतिरिक्त बिजली का कोटा बढ़ा दिया है। शीतकाल में बर्फबारी और अन्य कारणों से जल विद्युत परियोजनाओं के उत्पादन में गिरावट आने से राज्य में कई बार बिजली सप्लाई पर असर पड़ता है। अब केंद्रीय पूल से मिलने वाले अतिरिक्त कोटे में वृद्धि से उपभोक्ताओं को शीतकाल में भी निर्बाध बिजली मिलेगी।
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उत्तराखंड को केंद्रीय पूल से 480 मेगावाट अतिरिक्त बिजली स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी का आभार। केंद्रीय पूल से 480 मेगावाट बिजली मिलने से अब प्रदेशवासियों को शीतकाल में भी बिजली निर्बाध मिलती रहेगी।

– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

उत्तराखंडः कम आय वर्ग की गर्भवती महिलाओं की पीएमएमवीवाई की कवरेज करने के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूडी ने महिला एवं बाल विकास विभाग को प्रदेशभर में 4 अक्टूबर से अगले 15 दिन तक अभियान चलाकर असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत गर्भवती महिलाओं, निर्माण स्थलों में काम करने वाली गर्भवती महिला श्रमिकों व घरेलू नौकरों के रूप में कार्यरत तथा शहरी मलिन बस्तियों में निवासरत गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) में पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए हैं।
सीएस रतूडी ने निर्धारित समयसीमा के भीतर असंगठित क्षेत्र में कार्यरत विशेष रूप से कम आय वर्ग की सभी गर्भवती महिलाओं की पीएमएमवीवाई की शत् प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने श्रम विभाग को कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने सचिव शहरी विकास को शहरी निकायों में कार्यरत कार्मिकों विशेषकर कम आय वर्ग वाले कर्मचारियों एवं सफाई कर्मचारियों को ईएसआई कवरेज सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में तत्काल समीक्षा बैठक कर इस सम्बन्ध में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने महिला एवं बाल विकास विभाग को एएनएम द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं के तीन एएनसी अनिवार्यतः करने तथा गर्भवती महिलाओं की प्रसव के दौरान होने वाली मृत्यु का अनिवार्य रूप से डेथ ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में विशेषरूप से मलिन बस्तियों एवं निर्माण स्थलों के निकट आंगनबाडियों की मैपिंग के निर्देश दिए हैं, ताकि पांच वर्ष की आयु से छोटे बच्चों में कुपोषण व कम वजन की समस्या का समाधान एवं गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं व विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्य सचिव ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को वितरित किए जाने वाले टेक होम राशन के तहत मिलेट्स को प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में एसडीजी इण्डेक्स 2023-24 के तहत महिला एवं बाल विकास एवं श्रम विभाग से सम्बन्धित अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन वाले इंडिकेटर्स की समीक्षा बैठक के दौरान उक्त इंडिकेटर्स में सुधार के लिए महिला एवं बाल विकास व श्रम विभाग से सम्बन्धित योजनाओं के युक्तिकरण के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने राज्य में मातृ मृत्यु दर, गर्भवती महिलाओं व किशोरियों में एनिमिया तथा बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम करने हेतु सभी विभागों को समन्वित रणनीति से कार्य करने की हिदायत दी है।

आज की बैठक में अपर सचिव प्रशांत आर्य तथा महिला एवं बाल विकास व श्रम विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।