सीएम धामी ने प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की

मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत जनपद चम्पावत के पाटी ब्लॉक में छिनकाछिना-रौलमेल मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण के लिए धनराशि रू0 531.68 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है।

जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र धनौल्टी में राज्य योजना के अन्तर्गत बंगशील-गोलधार मोटर मार्ग के डामरीकरण कार्य के लिए धनराशि रू0 314.54 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है।

राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र थराली के विकासखण्ड घाट में न्याय पंचायत मुख्यालय उस्तोली को जोड़ने हेतु किमी० 01 से 05 तक सुधारीकरण एवं डामरीकरण के लिए लागत धनराशि रू0 581.23 लाख स्वीकृति की गई है।

मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत “मनोली दबोली मोटर मार्ग का नाम शहीद सहायक कमाण्डेंट चारू चन्द्र पाठक के नाम पर रखे जाने को स्वीकृति प्रदान की गई है।

पंतनगर हवाई अड्डे के विस्तारीकरण हेतु छभ् -8 के अन्तर्गत रामपुर काठगोदाम तक 43.446 किमी से 93.226 किमी. चार लेन कार्य एवं एन०एच०-87 के अंतर्गत 54 $500 से 61 $300 किमी. अर्थात 7 किमी. का संरेखण की डी०पी०आर० तैयार किये जाने हेतु डी०पी०आर० कंसलटेंट की नियुक्ति किये जाने के सम्बन्ध में रू0 24.92.067.00 (चौबीस लाख बयानबे हजार सड़सठ मात्र) लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

विभिन्न इण्डेक्स में सुधार को लेकर नियोजन विभाग के साथ हुई मुख्य सचिव की बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एसडीजी इण्डेक्स 2023-24 के तहत उत्तराखण्ड में मातृ मृत्यु दर में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग को 104 के माध्यम से एएनएम द्वारा गर्भवती महिलाओं की एएनसी (प्रसव पूर्व देखभाल) के लिए की जाने विजिट की ट्रैकिंग के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने हरिद्वार एवं उधम सिंह नगर में मातृ मृत्यु दर में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मिशन मोड में कार्य करते हुए प्रदेशभर में गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग, एएनसी, एनिमिया की स्थिति पर गैर सरकारी स्वास्थ्य संगठनों के साथ कार्य करते हुए जल्द एक एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस राधा रतूड़ी ने स्कूली शिक्षा में दिव्यांग बच्चों की भागीदारी में सुधार के लिए प्रदेश में शिक्षा से वंचित दिव्यांग बच्चों की गणना के निर्देश देते हुए उनके लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था के लिए एनआईवीएच सहित चार प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों की सहायता लेने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एसडीजी इण्डेक्स के तहत निजी क्षेत्र में प्रबन्धकीय पदों में महिलाओं की भागीदारी के बढ़ाने के लक्ष्य के सम्बन्ध में श्रम विभाग को नोडल बनाते हुए इस सम्बन्ध में सर्वेक्षण व डेटा एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं। महिलाओं के प्रति घरूलू हिंसा के मामलों पर मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को महिला हेल्प डेस्क पर आने वाली प्रताड़ित महिलाओं को सेफ हाउस में रखने तथा उनके अभिभावकों की काउसिंग की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने राज्य में आत्महत्या के मामलों के सम्बन्ध में पुलिस विभाग को आयु के अनुसार आत्महत्या के आंकड़ों की जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं ताकि टारगेटेड अप्रोच के साथ इस दिशा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की जा सके। अनुसूचित जातियों के खिलाफ हिंसा के मामलों में मुख्य सचिव ने प्रभावी जांच एवं ससमय क्षतिपूर्ति वितरण के निर्देश दिए हैं। सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में नियंत्रण के सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को नोडल बनाते हुए ब्लैक स्पॉट, क्रैश बैरियर से सम्बन्धित डेटा एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में एसडीजी इण्डेक्स 2023-24 के तहत विभिन्न इण्डेक्स में सुधार के सम्बन्ध में नियोजन विभाग के साथ मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, डा0 आर राजेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य कर्मचारियों की भांति अब निगम, निकाय और प्राधिकरण के कर्मियों को मिलेगा महंगाई भत्ता

उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार ने राज्य कर्मियों की भांति निगमों, निकायों, प्राधिकरण इत्यादि में कार्यरत कर्मियों को 1 जनवरी 2024 से 4 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ देने का निर्णय लिया है।

राजकीय कर्मचारियों की भांति बढ़े हुए 4 प्रतिशत मंहगाई भत्ते का भुगतान निगमों, निकायों, प्राधिकरणों, पंचायतों, स्वायत्तशासी संस्थाओं व उपक्रमों में सेवारत् व सेवानिवृत्त कार्मिकों को दिनांक 01 जनवरी, 2024 से प्रदान किया जायेगा।

इन्हें भी मिलेगा लाभ

पांचवें केन्द्रीय वेतनमान में आहरित कर रहे सार्वजनिक निकाय/ उपक्रमों के कर्मचारियों के लिये मंहगाई भत्ते का 01 जनवरी, 2024 से बढ़ी हुई दर पर भुगतान किया जाएगा।

आपदा प्रभावितों को राहत राशि वितरित किए जाने में ना हो किसी भी प्रकार की देरीः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक दिवसीय भ्रमण पर जनपद चंपावत पहुंचे। उन्होंने जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्र सरयू घाटी,काली घाटी, पंचेश्वर घाटी, रौसाल तथा तामली आदि विभिन्न क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके पश्चात् एनएचपीसी गेस्ट हाउस, बनबसा में जनपद के अधिकारियों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों तथा अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में जन जीवन सामान्य बनाने तथा पुनर्निर्माण कार्यों की अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री जनता से मिले और उनकी समस्याएं सुनी इस दौरान जनता द्वारा मुख्यमंत्री को विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन दिया गया। मुख्यमंत्री ने जनता को उनकी हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद में आपदा से क्षतिग्रस्त हुए सड़क मार्गों एवं पुलों को ठीक करने हेतु किए जा रहे कार्यों की भी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्थाएं सामान्य बनाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त मार्गों, पेयजल एवं विद्युत लाइनों को यथाशीघ्र बहाल किया जाए। तथा वैकल्पिक तौर पर उरेडा द्वारा सौर ऊर्जा से विद्युत व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए की जनपद के प्रत्येक आपदा प्रभावित को हर संभव मदद दी जाए। जिन प्रभावितों को आपदा राहत राशि वितरित की जानी है तत्काल राहत राशि वितरित की जाए। जनपद में पुनर्निर्माण कार्यों सहित जनपद के विभिन्न व्यवस्थाओं को शीघ्र सामान्य कराएं और जनपद में बंद पड़ी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर यातायात हेतु सुचारु किया जाए। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा ग्रसित क्षेत्रों में स्वयं जाकर स्थलीय निरीक्षण करने तथा वहां प्रभावितों को उचित सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो इस बात को सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आपदा से हुए नुकसान तथा राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी लेने के साथ ही क्षेत्र में आपदा प्रभावितों से बात कर उनकी समस्याओ व मांगों को भी सुने और जनता की समस्याओ का प्राथमिकता से समाधान करें। उन्होंने आपदा राहत के कार्यों को तत्परता तथा समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावितों में राहत राशि वितरित करने के साथ ही पुनर्निर्माण के कार्यों में युद्ध स्तर पर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को कहा कि जनपद में जो भी नुकसान हुआ है प्रत्येक विभाग द्वारा आकलन करते हुए प्रस्ताव शीघ्र शासन को भी भेजें।

बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा सड़क निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, ऊर्जा, खाद्यान्न, स्वास्थ्य, पेयजल आदि विभागों से किए गए कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड राज्य में साल भर किसी न किसी रूप में आपदा से काफी नुकसान होता था उसके मध्यनजर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुरोध किया गया, उनके द्वारा राज्य को 200 गुना अधिक धनराशि आपदा में बढ़ाई गई जिससे पुननिर्माण आदि के कार्य तत्काल किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा लोगों को तत्काल राहत राशि प्रदान कर मदद करना सरकार की प्रथम प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि आपदा के बाद राहत कार्यों के पश्चात् अब प्रथम प्रयास पुनर्निर्माण के कार्यों में होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने तल्लादेश, मंच, तामली सहित टनकपुर, बनबसा क्षेत्र में हुए नुकसान से स्थानीय लोगों द्वारा अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने शारदा नदी, हड्डी नदी एवं किरोड़ा नाला से हो रहे नुकसान के स्थाई समाधान हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश जिलाधिकारी व सिंचाई विभाग को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा बनबसा में नेपाल को बन रहे ड्राई पोर्ट में जल भराव की समस्या के समाधान हेतु एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए की समस्या का स्थाई जिम्मेदारी से समाधान करें। साथ ही उन्होंने नेपाल को जोड़ने वाले उक्त सड़क से स्थानीय गांव को भी कनेक्टिविटी से जोड़ने के निर्देश दिए।

इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रशासन द्वारा तत्काल एवं तत्परता से राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ आपदा ग्रसित क्षेत्र के लिए किया जा रहे कार्यों की सराहना की गई।

बैठक में जिलाधिकारी नवनीत पांडे द्वारा मुख्यमंत्री को जनपद में हुई क्षति के संबंध में जानकारी देते हुए अवगत कराया की विगत दिनों हुई भारी बारिश से जिले के विभिन्न मुख्य एवं ग्रामीण सड़क मार्ग जो बंद हो गए थे उन्हें खोलकर यातायात हेतु सुचारु किया गया है तथा जो मार्ग अभी भी बंद हैं उन पर कार्य निरंतर गतिमान हैं। साथ ही आपदा ग्रसित क्षेत्र में ग्रामीणों को खाद्यान्न किट जिसमें आवश्यक खाद्यान्न सामग्री के अतिरिक्त गैस सिलेंडर, आवश्यक रोजमर्रा की वस्तुओं को शामिल कर वितरित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने बताया की जनपद की सभी सस्ता गल्ला दुकानों में अक्टूबर तक का खाद्यान्न स्टॉक रखकर उपभोक्ताओं को वितरित किया जा रहा है। साथ ही आपदा प्रभावित गांवों के सभी सस्ता गल्ला की दुकानों में खाद्यान्न पैकेट के स्टॉक भी पर्याप्त संख्या में रखे गए हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर जरूरतमंद व आपदा प्रभावितों में वितरित किया जा सके। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के दूरस्थ क्षेत्र जहां बड़े वाहनों के माध्यम से रसोई गैस वितरण नहीं हो पा रहे हैं, वहां छोटे वाहनों आदि के माध्यम से रसोई गैस नियमित रूप से वितरित किए जा रहे हैं।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 23 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद है जिनमें यतायात सुचारु किये जाने हेतु निरंतर कार्य गतिमान है। राष्ट्रीय राजमार्ग- 09 पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात हेतु सुचारु किया गया है। इसके अतिरिक्त जनपद अंतर्गत पेयजल निगम की 77 अवरुद्ध पेयजल योजना में से 52 पेयजल योजनाओं को तथा जल संस्थान की 136 में से 123 पेयजल योजनाओं को सुचारु किया गया है। तथा जिन क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था अवरुद्ध है उन क्षेत्रों में पिकअप तथा टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति कराई जा रही है।

विद्युत विभाग द्वारा 17 ग्रामों/कस्बों में बाधित विद्युत् व्यवस्था में से 11 ग्रामों/कस्बों में विद्युत् व्यवस्था सुचारू की गई है तथा शेष में निरंतर कार्य किया जा रहा है। तथा वहां वैकल्पिक रूप से उरेडा के माध्यम से सौर ऊर्जा स्थापित की गई है।

जनपद में विगत दिनों आपदा से हुई क्षति में अब तक प्रभावितों को कुल 01 करोड़ 34 लाख 79 हजार 954 रुपए की राहत राशि का वितरण किया गया है।

जनपद में आपदा ग्रसित 50 परिवारों को 2.50 लाख (2 लाख 50 हजार )की अहैतुक सहायता राशि प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त जनपद में विगत दिनों हुई अतिवृष्टि से 03 जनहानि के अतिरिक्त 35 पशु हानि हुई जिसमें पशुपालकों को 12 लाख की धनराशि वितरित की गई है तथा जनपद में कुल 41 मकान (21 पूर्ण तथा 20 तीक्ष्ण) क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिस हेतु प्रभावितों को 62 लाख की धनराशि वितरित की गई। जनपद में 294 परिवारों को फसलों की क्षति हेतु 7 लाख 34 हजार 454 रुपए की धनराशि वितरित की गई है। इसके अलावा जनपद में आपदा ग्रसित क्षेत्र के लिए तैनात की गई टीमों द्वारा लगातार आपदा ग्रसित क्षेत्र में जाकर हुई क्षति का आंकलन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जनपद में पुनर्निर्माण के कार्य प्रारंभ किये जा चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जो मार्ग बंद है तथा अन्य हुए नुकसान का आकलन कर मनरेगा अंतर्गत प्रस्ताव तैयार कर कार्य कराए जा रहे हैं।

बैठक में मा0 विधायक लोहाघाट खुशाल सिंह अधिकारी, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी तथा विधायक प्रतिनिधि टनकपुर दीपक रजवार, भाजपा महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, रोहिताश अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक नैनीताल हरवंश सिंह मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एमसी पलडिया, अधिशासी अभियंता जल संस्थान बिलाल युनुस, जल निगम, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जिला पूर्ति अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः मुख्यमंत्री धामी ने किया पंचम राज्य ओलम्पिक खेलों का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मनोज सरकार स्पोर्ट्स स्टेडियम रुद्रपुर में 27 सितम्बर तक आयोजित होने वाले पंचम राज्य ओलंपिक खेलों का विधिवत शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री के हेलीपैड से रोड शो के दौरान स्टेडियम पहुंचने पर खिलाड़ियों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं ओलंपिक ध्वज फहराकर विभिन्न जनपदों से आये खेल दलों के मार्चपास्ट की सलामी ली तथा शुभांकर व मैडल का अनावरण कर खेलों का विधिवत शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों, जिला प्रशासन, राज्य ओलंपिक संघ को बधाई देते हुए कहा कि खेलों का यह आयोजन उत्तराखंड के खिलाड़ियों को ना सिर्फ अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देगा बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करने के लिए प्रेरित भी करेगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य खेलों की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करवाना एवं उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों सहित सभी मेहनती और समर्पित खिलाड़ियों को एक स्तरीय मंच प्रदान करना है। जिसके द्वारा वे अपने खेल को एक नई दिशा प्रदान कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खेल के क्षेत्र में उत्तराखंड को एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में खेलों और खिलाड़ियों को हर प्रकार से प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “नई खेल नीति“ लागू की है। इस नीति के तहत राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को “आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी देने की शुरुआत की गई है। इस साल मेडल लाने वाले प्रदेश के 31 खिलाड़ियों को सरकारी विभागों में नियुक्ति दी है एवं मुख्यमंत्री खेल विकास निधि के माध्यम से पूर्व में दी जाने वाली नकद पुरस्कार धनराशि में लगभग शतप्रतिशत की वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों के खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, शिक्षा, आवास, भोजन एवं किट आदि प्रदान किए जा रहे हैं। “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना“ और “मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’ के जरिए प्रदेश के उभरते हुए खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को खेल उपकरण खरीदने हेतु प्रति वर्ष 10 हजार रूपये की धनराशि प्रदान की जा रही है एवं राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को दी जाने वाली खेल किट की धनराशि को भी 3000 रूपए से बढ़ाकर 5000 किया गया है। इसी प्रकार प्रशिक्षकों को दी जाने वाली धनराशि में भी वृद्धि की गई है। इसी क्रम में दिव्यांग खिलाड़ियों तथा प्रशिक्षकों को भी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा “उत्तराखण्ड खेल रत्न और द्रोणाचार्य पुरस्कारों सहित हिमालय खेल रत्न पुरस्कार“ भी प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गई है, राज्य की सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कर दिया गया है। प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के साथ ही राज्य में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत बनाया जा रहा है। नए खेल मैदानों का निर्माण एवं मौजूदा खेल मैदानों को राष्ट्रीय स्तर के मैदान के रूप में विकसित करना का कार्य भी जारी है। जिससे हमारे प्रदेश में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि 264 करोड़ रूपये की लागत से जल्द ही चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही, हम बहुत जल्द राज्य में “खेल विश्वविद्यालय“ भी अस्तित्व में आयेगा, जिससे हमारे खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, सुविधाएँ और अधिक अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को आगामी “राष्ट्रीय खेलों“ की मेजबानी करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। इस आयोजन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जा रहा है साथ ही खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षण शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। उन्होने कहा कि राज्य खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को निश्चित ही राष्ट्रीय खेलों में भी प्रतिभाग करने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से मेहनत के साथ राज्य खेलों में पदक हासिल करने के साथ ही आगामी राष्ट्रीय खेलों में भी अधिक से अधिक पदक प्राप्त कर राज्य का नाम रोशन करने की अपेक्षा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य खेलों का यह आयोजन आपके खेल करियर को नई दिशा और गति देने का माध्यम बनेगा। मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर में ओलंपिक संघ के कार्यालय हेतु भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी जिलाधिकारी को दिए।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट ने सभी खिलाड़ियों को 5वां राज्य ओलंपिक खेल 2024 की बधाई देते हुए कहा कि खेल हमे अनुशासन सिखातें है, खेल स्वास्थ्य एवं मानसिक और शारीरिक विकास के लिए भी अति आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित करें ताकि भविष्य में मैडल जीत कर प्रदेश व देश का नाम रोशन कर सकें।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री, अनिल कपूर डब्बू, उत्तम दत्ता, अध्यक्ष राज्य ओलंपिक संघ महेश नेगी, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिन्दल, गुँजन सुखीजा, महासचिव अमित नारंग, निवर्तमान मेयर रामपाल सिंह, जिलाधिकारी उदय राज सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित अनेक अधिकारी, कोच इंस्टेक्टर रेफरी आदि मौजूद थे।

सीएम ने पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी की पुस्तक ‘‘खाकी में स्थितप्रज्ञ’’ का किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे चौक, देहरादून स्थित आई.आर.डी.टी सभागार में उत्तराखण्ड के पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री अनिल रतूड़ी द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘खाकी में स्थितप्रज्ञ’’ का विमोचन किया। अनिल रतूड़ी ने यह पुस्तक एक आईपीएस अधिकारी के रूप में अपने संस्मरण एवं अनुभव के आधार पर लिखी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अनिल रतूड़ी द्वारा इस पुस्तक के माध्यम से एक पुलिस अधिकारी के रूप में अपने सेवाकाल के संस्मरणो, अनुभवों और चुनौतियों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता दोनों में एक समान रहना स्थितप्रज्ञ है। यह पुस्तक सेवा में आ रहे लोगों को निर्णय लेने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमें एहसास होता है कि धरा पर कोई हमारा साथ देने वाला नहीं, तब हम धरातल से ऊपर उठकर सीधे प्रभु से संबंध वाली स्थिति में आते हैं, यह भी स्थितप्रज्ञ है। ऐसा प्रभु की कृपा से ही संभव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिल रतूड़ी ने एक सफल और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्य किया। रतूड़ी दंपति ने अपने कार्यों और व्यवहार से उत्तराखण्ड में ही नहीं बल्कि देश में अपना एक विशेष स्थान बनाया। दोनों ने साधारण रहते हुए जनहित में असाधारण कार्य कर अपनी अलग साख बनाई। अपने सेवाकाल के दौरान अनिल रतूड़ी ने अनेक बार कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर समस्याओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य में कर्म करते हुए अपने मन को शांत रखते हुए लक्ष्य प्राप्त करने का गुण होना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के पास शांति और कानून व्यवस्था को बनाए रखने की बड़ी चुनौती होती है। हर चुनौती का सामना करने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ संयम का होना भी जरूरी होता है। यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें अनेक उतार-चढ़ाव और चुनौतियां आती हैं, इसमें विपरीत परिस्थितयों में नैतिकता और धैर्य बनाये रखना जरूरी है। आज पुलिस के पास आधुनिक तकनीक है। पहले सीमित संसाधन होते हुए भी पुलिस को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।

‘‘खाकी में स्थितप्रज्ञ’’ पुस्तक के लेखक अनिल रतूड़ी ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से उन्होंने पुलिस अधिकारी के रूप में साढ़े तीन दशक के अनुभव के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण संस्मरणों, अनुभवों और चुनौतियों का वर्णन करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि शांति और कानून व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस को जो शक्तियां दी गई हैं, मानव कल्याण के लिए उनका सदुपयोग करना आवश्यक है। इस पुस्तक के माध्यम से यह प्रयास किया गया है कि हमारे नये अधिकारी कैसे चुनौतियों का सामना कर धैर्य से अपने कार्यपथ पर आगे बढ़े और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी कर्तव्यनिष्ठा और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर कर सकें। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य कि सफलता में केवल एक व्यक्ति की भूमिका नहीं होती है, उसमें अनेक लोगों का योगदान होता है।

कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि ऐसी धारणा होती है कि अगर वर्दी है तो स्थितप्रज्ञ नहीं हो सकता है और अगर स्थितप्रज्ञ जो है वो वर्दी नहीं पहन सकता है। अनिल रतूड़ी ने इस मिथक को अपने जीवन के प्रेरणादायी यात्रा से तोड़ा है कि वर्दी में स्थितप्रज्ञ रहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अनिल रतूड़ी के लेखन शैली में में टी.एस. इलियट का प्रभाव दिखता है। सुख, दुःख, जोश में और अपने उतार-चढ़ाव वाले जीवन में एक तरह व्यवहार करने वाला व्यक्ति स्थितप्रज्ञ है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से उन्होंने बताया है कि एक पुलिस अधिकारी की जिंदगी तलवार की धार की तरह है। चक्रव्यूह के अन्दर आ गये और उसे तोड़ दिया तो भी विजित कहलायेंगे वो जरूरी नहीं है, नहीं तोड़ा तो असफल तो आप कहलायेंगे ही।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मांगलगीत गाया।

इस अवसर पर डीजीपी अभिनव कुमार, पूर्व मुख्य सचिव एन. रविशंकर, साहित्यकार एवं पूर्व कुलपति डॉ. सुधा रानी पाण्डे, शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं साहित्य के क्षेत्र से जुड़े महानुभाव उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने पूंजी निवेश के लिये राज्य की विशेष सहायता योजना की समीक्षा की

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पूंजी निवेश 2024-25 के लिए राज्य की विशेश सहायता योजना के तहत महिला एवं बाल कल्याण विभाग को विभिन्न जनपदों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल निर्माण की डीपीआर 30 सितम्बर, पर्यटन विभाग को प्रतिष्ठित पर्यटक केन्द्रों के विकास से सम्बन्धित लगभग 250 करोड़ की धनराशि के प्रोजेक्ट के प्रस्ताव 15 अक्टूबर, परिवहन विभाग को लगभग 100 करोड़ की धनराशि के पुराने वाहनों के स्क्रैपिंग प्रस्ताव दिसम्बर, उद्योग एवं आवास विभाग को लगभग 100 करोड़ के औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने प्रस्ताव 31 अक्टूबर, राजस्व एवं कृषि विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों भूमि रिकॉर्ड सम्बन्धित सुधारों व आधुनिकीकरण से सम्बन्धित लगभग 505 करोड़ के प्रस्ताव जल्द से जल्द भारत सरकार को प्रेषित करने की डेडलाइन दी है।

सचिवालय में पूंजी निवेश 2024-25 के लिए राज्य की विशेष सहायता योजना की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी सम्बन्धित विभागों को राज्य की विशेष सहायता योजना तहत पूंजी निवेश के सभी प्रोजेक्ट की डीपीआर व प्रस्तावों पर तत्परता से कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा पर प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, सचिव दिलीप जावलकर, एस एन पाण्डेय, अपर सचिव पूजा गर्ब्याल, नितिन भदौरिया व विजय जोगदण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी की पर्यटन प्रदेश की मुहिम रंग लाई, चार गांवों को मिलने जा रहा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश बनाने की मुहिम रंग ला रही है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने पर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से राज्य के चार गांवों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। आगामी 27 सितंबर को नई दिल्ली में यह पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा।

पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। संस्कृति और प्राकृतिक संपदा के संरक्षण, समुदाय आधारित मूल्यों व जीवन शैली को बढ़ावा देने एवं आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को इसमें परखा जाता है। इन्हीं विषयों पर प्रविष्टियां आमंत्रित की जाती हैं। इस वर्ष प्रविष्टियों के आधार उत्तराखंड के चार गांवों का इस पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।

उत्तरकाशी जिले के जखोल गांव को साहसिक पर्यटन, हर्षिल गांव को वाइब्रेंट विलेज, पिथौरागढ़ जिले के सीमान्त गुंजी गांव को वाइब्रेंट विलेज और नैनीताल जिले के सूपी गांव को कृषि पर्यटन के लिए सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार के लिए चुना गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी ग्राम वासियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्यटन विकास में आम जनता की अहम भूमिका है। उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश के रूप में स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, इसके लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं, लेकिन राज्य की देवतुल्य जनता के सहयोग से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

केदारनाथ में आपदा से प्रभावित व्यापारियों के लिए स्वीकृत हुए 56.30 लाख रूपये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस वर्ष 31 जुलाई को केदारनाथ क्षेत्र में अतिवृष्टि से लिनचोली से सोनप्रयाग तक पैदल तथा मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त होने से विभिन्न प्रभावित व्यवसायियों को 56.30 लाख रूपये की राहत राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से किये जाने की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री द्वारा इससे पूर्व भी प्रभावित व्यवसायियों के लिए 09 करोड़ 08 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।

सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली द्वारा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि उनके अनुरोध पर 56.30 लाख रूपये की धनराशि और स्वीकृत की गई है। यह धनराशि पूर्व में स्वीकृत 09 करोड़ 08 लाख रूपये के अतिरिक्त है।

सचिव मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रस्ताव के संदर्भ में शासन स्तर पर सम्यक विचारोपरान्त मुख्यमंत्री के निर्देश पर निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से लिनचोली से सोनप्रयाग तक के अतिवृष्टि के प्रभावितों की क्षतिपूर्ति हेतु जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से प्राप्त प्रस्तावानुसार उपरोक्त धनराशि स्वीकृत की गई है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि स्वीकृत धनराशि का भुगतान प्रभावितों को करने से पूर्व प्रकरणों का संगत शासनादेशों में किये गए प्रावधानों के तहत परीक्षण तथा प्रभावितों का नियमानुसार सत्यापन करने के उपरान्त पूर्णतः संतुष्ट होने पर भुगतान यथासंभव ई-बैंकिंग के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। जहां ई-बैंकिंग की सुविधा न हो, वहां धनराशि डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से वितरित की जाएगी।

प्रभावितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत धनराशि के वितरण के पश्चात् लाभार्थियों का विवरण यथा-नाम, पता, दूरभाष संख्या इत्यादि जनपद स्तर पर सुरक्षित रखे जाने के भी निर्देश वर्णित शासनादेश में दिए गए हैं।

सीएस ने एसडीआरएफ के तहत जिलाधिकारी को एक करोड़ तथा मंडलायुक्त को पांच करोड़ की वित्तीय स्वीकृति के दिए अधिकार

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण के विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन दिया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने नैनीताल के हल्द्वानी के गौलापार में स्थित इंदिरा गाँधी अर्न्तराष्ट्रीय स्पोर्टस कॉम्पलेक्स की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्यों के निर्णय के सम्बन्ध में तत्काल एक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) के तहत जिलाधिकारी को 1 करोड़ रूपये तक के कार्य तथा सम्बन्धित मण्डलायुक्त को 5 करोड़ रूपये तक योजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के अधिकार के प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण के विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन दिया है। मुख्य सचिव ने विभिन्न जनपदों व रेखीय विभागों को उनकी मांग के अनुसार स्वीकृत की गई 287.48 करोड़ धनराशि पर कार्याेत्तर अनुमोदन दिया है। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने पेयजल निगम, पीएमजीएसवाई, लोक निर्माण विभाग व यूपीसीएल को एसडीआरएफ से वित्तीय वर्ष 2024-25 में आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के पुनर्निर्माण हेतु 95 करोड़ की धनराशि आवंटित किये जाने के प्रस्ताव को भी अनुमोदन दिया है।

मुख्य सचिव ने जनपद देहरादून के सहस्त्रधारा मोटर मार्ग के 4 किमी0 चौनेज 3.300 में 48.00 मी0 स्पान स्टील गर्डर सेतु के अपस्ट्रीम में बाढ़-भूस्खलन से बचाव हेतु सुरक्षात्मक कार्य, जनपद उत्तरकाशी के नौगांव-सुनारा-कोटियालगांव मोटर मार्ग के 5 किमी० में क्षतिग्रस्त प्रतिधारक दीवार का सुरक्षात्मक कार्य, उत्तरकाशी के विकासखण्ड नौगांव अन्तर्गत पत्थरगाड- नन्दगांव मोटर मार्ग के 1 कि०मी० में सुरक्षात्मक कार्य, एस०डी०एम०एफ० वर्ष 2023-24 के अन्तर्गत पौन्टी-मोल्डा मोटर मार्ग के 2 कि०मी० में सुरक्षात्मक कार्य, जनपद नैनीताल के भीमताल में अमृतपुर स्थित डहरा पुल के एबेटमेंट की भूकटाव हेतु प्लम ब्लॉक का सुरक्षात्मक कार्य, नैनीताल बाईपास मोटर मार्ग मुख्य जिला मार्ग में ड्रेनेज सुधारीकरण एवं सुरक्षात्मक कार्य, जनपद चमोली के नंदप्रयाग- घाट- सुतोल केनाल मोटर मार्ग के चौनेज 14. 000 एवं 14.025 का सुरक्षात्मक कार्य, श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग, छोटी लिंचोली, कुबेर ग्लेशियर, छानी कैंप में हुए भूस्खलन एवं बादल फटने से प्रभावित पैदल मार्ग का सुरक्षात्मक कार्य, जनपद उत्तरकाशी की मोरी विकासखंड में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नीचे बाढ़ सुरक्षा कार्य, सितारगंज में राज्य स्तरीय इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क की सूखी/ बेगुल नदी से सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना जैसे विभिन्न प्रस्तावो पर अनुमोदन दिया है।

बैठक में सचिव आपदा प्रबन्धन विनोद कुमार सुमन सहित आपदा प्रबन्धन, लोक निर्माण, जल संस्थान, सिचाई व अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी तथा जिलों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।