उत्तराखंड में अब पर्यावरण मित्रों को मिलेगा दो लाख रूपये तक का बीमा

वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत प्रदेश के नगर निकायों में पर्यावरण मित्रों का दर्जा प्राप्त कार्मिकों को दो लाख रुपए की बीमा धनराशि स्वीकृत करने के प्रस्ताव पर अपना अनुमोदन दिया है।

वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि धामी सरकार सिर्फ घोषणाएं ही नहीं करती, बल्कि अपने ही कार्यकाल में उन्हें धरातल पर भी उतारती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश के नगर निकायों में कार्यरत पर्यावरण मित्रों को पूर्व में मानदेय में बढ़ोतरी कर सौगात दी थी, जिसमें सभी श्रेणियां के सफाई कर्मियों के मानदेय में एकरूपता लाते हुए 500 रुपये प्रतिदिन किया था।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि पर्यावरण मित्रों के लिए एक बार फिर धामी सरकार सौगात लेकर आई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत अब प्रदेश में नगर निकायों में पर्यावरण मित्रों का दर्जा प्राप्त सफाई कर्मचारियों के लिए दो लाख रुपए की धनराशि बीमा के रूप में व्यवस्थित की है। उन्होंने बताया कि इस बीमा राशि का उपयोग स्वीकृत मद में ही किया जाएगा।

नजरिय धामी सरकार काः स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए 250 पद होंगे सृजित, 141 बैड का रैन बसेरा भी बनाया जाएगा

केंद्र सरकार ने हल्द्वानी में स्वामी राम कैसर अस्पताल के विस्तारीकरण को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने यहां 44 पेड़ों के कटान को अनुमति दे दी है। इसके बाद अस्पताल के विस्तारीकरण की राह आसान हो गयी है। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा है कि इस अस्पताल के निर्माण के बाद कैंसर के रोगियों को एक ही स्थान पर कैंसर की सम्पूर्ण जांचे एवं उत्कृष्ट उपचार उपलब्ध होगा। मरीजों को कैंसर उपचार के लिए अन्य शहरों की तरफ नहीं जाना पड़ेगा।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि राज्य कैंसर संस्थान हल्द्वानी की स्थापना के लिए 103.6565 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गयी। जिसके सापेक्ष वर्ष-2021 में 69.00 करोड रुपये़ राज्य सरकार को अवमुक्त किये गये। राज्य सरकार द्वारा कुल 152 पदों को स्वीकृत किया जा चुका है। इसके अलावा अतिआवश्यक 255 अन्य पदों की स्वीकृति का प्रस्ताव शासन के पास अनुमोदन भेजा जा चुका है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के अथक प्रयासों के तहत राज्य कैंसर संस्थान हल्द्वानी के प्रथम चरण का निर्माण प्रारम्भ करने के लिए भूमि और अन्य औपचारिकताएं पूर्ण की जा चुकी हैं। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि अस्पताल का निर्माण कार्य दो चरणों में होगा। पहले चरण में वार्ड ब्लॉक और सर्विस ब्लॉक का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। अस्पताल के उच्चस्तरीय अत्याधुनिक मशीनें खरीदने की प्रक्रिया भी चल रही है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि दूसरे चरण में डायग्नोस्टिक ब्लॉक, न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक प्रिवेन्टिव ऑन्कोलॉजी, व अन्य स्पेशियलिटी एवं सुपर स्पेशलिटी विभाग स्थापित किये जायेंगे। इससे रक्त आदि की जांच एक ही जगह पर हो सकेंगी। यहां न्यूक्लियर मेडिसिन समेत 31 विभाग होंगे। कैंसर मरीजों की थेरेपी के लिए सीटी सिमूलेटर आदि मशीनें आएंगी। रेडियोलॉजी विभाग में सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड आदि जांचें भी की जाएंगी। डायग्नोस्टिक ब्लॉक में ब्लड बैंक, पैथोलॉजी लैब, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री लैब भी होगी। प्रथम व द्वितीय चरण में कुल 196 बैड का निर्माण किया जायेगा। साथ ही रोगियों व उनके तीमारदारों के लम्बे उपचार के लिए ठहरने के लिए 141 शैय्या युक्त रैन बसेरा भी बनाया जायेगा।

गौरतलब है कि हल्द्वानी के 1.75 हेक्टेयर वन भूमि में निर्मित परिसर का नियमितिकरण राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी को करने के लिए केंद्र सरकार ने मंजूरी 22. सितम्बर 2022 को प्रदान की गयी। प्रथम चरण के निर्माण कार्यों के अन्तर्गत नये वार्ड एवं नये सर्विस ब्लॉक के निर्माण के लिए ले आऊट में विद्यमान 44 वृक्षों के पतन की अनुमति के लिए केंद्र सरकार से अपील की गयी थी। केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने इसकी स्वीकृति दे दी है।

मुख्य सचिव ने एम्स ऋषिकेश से आरम्भ होने वाली ऐरो मेडिकल सर्विस के सम्बन्ध में बैठक ली

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जल्द ही एम्स ऋषिकेश से आरम्भ होने वाली ऐरो मेडिकल सर्विस के सम्बन्ध में शीघ्र ही एसओपी को अन्तिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। सीएस रतूड़ी ने एम्स ऋशिकेश से सभी जिलाधिकारियों, सीएमओ, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारियों व अन्य हितधारकों के साथ समन्वय कर अन्तिम रूप से एसओपी तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को प्रेशित करने को कहा है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि एसओपी में राज्य के दुर्गम क्षेत्रों की गंभीर स्थिति वाली गर्भवती महिलाओं जिन्हें तत्काल आपात चिकित्सा सेवा की आवश्यकता हो, को एम्स की हेली इमरजेन्सी मेडिकल सेवाओं का शीर्श प्राथमिकता पर लाभ मिलना चाहिए।

एम्स ऋषिकेश द्वारा जानकारी दी गई कि ऐरो मेडिकल सर्विस की एसओपी तैयार हो गई है। हेली इमरजेंसी मेडिकल सर्विस कॉल सेन्टर स्थापित कर दिया गया है। हेल्पलाइन ऑडिट प्रोसेजर्स की गुणवत्ता सुधार पर कार्य प्रगति पर है। एम्स के मेडिकल स्टाफ व टीम की कैपिसिटी बिल्डिंग पर कार्य किया जा रहा है।

बैठक में अपर सचिव सोनिका, नमामि बंसल तथा निदेशक एम्स ऋषिकेश वर्चुअल माध्यम से मौजूद रही।

मुख्य सचिव ने आगामी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की तैयारियों की समीक्षा की

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आगामी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस के लिए नोडल अधिकारियों को मैन्यूफैक्चरिंग, सेवाओं, ग्रामीण गैर कृषि, शहरी विकास, रेन्यूएबल एनर्जी तथा सर्कुलर ईकॉनोमी पर अपने फीडबैक नोट्स 20 सितम्बर तक नियोजन विभाग को प्रेषित करने की डेडलाइन दी है। इसके साथ ही सीएस ने राज्य विशेष के सम्बन्ध में नोट्स शासन को भेजने के लिए 25 सितम्बर तक का समय दिया है।

मुख्य सचिव ने सभी आईएएस, पीसीएस अधिकारियों के साथ ही विभागाध्यक्षों तथा विभागीय अधिकारियों को अपने फील्ड अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए फीडबैक नोट्स बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलों में जिलाधिकारियों को फीडबैक नोट्स तैयार करते समय अपने अधीनस्थ व फील्ड अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सीएस रतूड़ी ने निर्देश दिए कि विशेषरूप से नीति आयोग के आंकाक्षी जिला कार्यक्रमों के तहत आने वाले जनपदों (हरिद्वार व उधमसिंह नगर) में निम्न सूचकांकों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी नवंबर में माह में आयोजित होने वाली चौथी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की तैयारियों की दृष्टि से राज्य ने नोडल अधिकारी नामित कर दिए है। नीति आयोग द्वारा चौथी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस के लिए निर्धारित की गई 6 थीम के अनुसार भी प्रत्येक थीम के लिए नोडल अधिकारी नामित कर दिए गए हैं। राज्य के नोडल अधिकारियों द्वारा केन्द्रीय नोडल मंत्रालयों द्वारा आयोजित विभिन्न बैठकों में प्रतिभाग किया गया है। अभी तक कुल 182 फीडबैक नोट्स प्राप्त हो चुके हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने नवंबर में आयोजित होने वाले चौथी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेस की तैयारियों के सम्बन्ध में शासन एवं सभी जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, राधिका झा सहित सभी सचिव व वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने बरसात के बाद प्रदेश में सड़कों की मरम्मत के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री आर.के. सुधांशु को निर्देश दिए हैं कि बरसात खत्म होने के साथ ही प्रदेश में सड़कों की मरम्मत के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जाए। जैसे ही बरसात समाप्त हो सड़कों के सुधार के लिए तीव्र गति से काम किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान के तहत सड़कों के सुधारीकरण के कार्य किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बारिश के कारण जहां भी सड़कें टूटी हैं वहां प्राथमिकता से काम किया जाए।

सीएम ने मिले प्रसून जोशी और अभिनेता अनुपम खेर, फिल्म नीति पर हुई वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी तथा फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने भेट की। उन्होने प्रदेश में फिल्म निर्माण एवं फिल्मांकन से सम्बधित विभिन्न विषयों तथा प्रदेश में फिल्म निर्माण हेतु राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है विभिन्न सुविधाओं पर चर्चा की। उन्होने राज्य की नई फिल्म नीति 2024 को फिल्मों को बढावा देने वाला प्रयास बताते हुए राज्य की फ़िल्म नीति के लिए मुख्यमंत्री पुष्क़र सिंह धामी का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति से उत्तराखण्ड में फ़िल्मांकन के लिए और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में 2024 की फिल्म नीति को मंजूरी दिये जाने के बाद राज्य के पर्यटन स्थलों को देश दुनिया में नई पहचान मिलेगी। नई फिल्म नीति के तहत स्थानीय फिल्मों के लिए दो करोड रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। फिल्मांकन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है ताकि फिल्म निर्माताओं को सुविधा हो। फिल्मों और ओटीटी की शूटिंग पर भी सब्सिडी दी जा रही है। सरकार द्वारा फिल्म उद्योग को उत्साहित करने के लिए कई अन्य योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे कलाकार अपनी प्रतिभा के बल पर फिल्म जगत में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सके इसके भी प्रयास किए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार फ़िल्म निर्माण से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। फ़िल्म निर्माण से राज्य में प्रत्यक्ष रोज़गार की नयी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा साथ ही राज्य के पर्यटन को नयी मज़बूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि नए शूटिंग डेस्टिनशनों को भी पर्यटन विभाग के सहयोग से चिन्हित कर उनको भी शूटिंग के लिए प्रचारित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे फिल्मों के माध्यम से उत्तराखंड के अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों का भी प्रचार हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी 2024 से अभी तक उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के ऑनलाइन अनुमति सिंगल विंडो सिस्टम के द्वारा मात्र 8 महीनों में 150 से भी अधिक शूटिंग अनुमतियों प्रदान की गई है। उन्होने कहा की राज्य के संरक्षित वन क्षेत्र को छोड़कर उत्तराखण्ड सरकार के अधीन आने वाले विभाग फ़िल्म शूटिंग के लिए कोई शुल्क नहीं लेंगे ऐसा फ़िल्म पालिसी में प्रावधान किया गया है। फ़िल्म पालिसी में उत्तराखंड के अनछुए शूटिंग डेस्टिनेशन को बढ़ावा देने का भी प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड फ़िल्म नीति 2024 में प्रादेशिक भाषा की फ़िल्मों के लिए फ़िल्म प्रोडक्शन पर प्रदेश में किए गये हुए व्यय का 50 प्रतिशत तक सब्सिडी या अधिकतम 2 करोड़ तक, और हिन्दी और भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में आने वाली भाषाओं के लिये फ़िल्म प्रोडक्शन पर प्रदेश में किए गये हुए व्यय का 30 प्रतिशत या अधिकतम 3 करोड़ तक के अनुदान प्राविधान किया गया है।

अभिनेता अनुपम खेर ने उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सरल शूटिंग अनुमति की प्रक्रिया को सराहते हुए, शूटिंग के लिए प्रदेश को संपूर्ण रूप से फ़िल्मकारों के लिए एक फ़िल्म फ्रेंडली डेस्टिनशन बताया। उन्होंने यहाँ फ़िल्म शूटिंग करना बाक़ी प्रदेशों की तुलना में बहुत ही सरल बताया, और स्थानीय लोगो द्वारा की गई सहायता को भी सराहा। उन्होंने नई फिल्म नीति को फ़िल्म निर्माताओं के अनुकूल बताया। फिल्म अभिनेता श्री खेर ने कहा कि उत्तराखण्ड में पिछले कुछ समय से फ़िल्म और वेब सीरीज शूटिंग में तेज़ी आयी है। अभी हाल ही “अनुपम खेर स्टूडियो” की फ़िल्म “तन्वी द ग्रेट” की शूटिंग भी उनके द्वारा लैंसडौन में कि गई जो 36 दिनों में पूर्ण की गई।

इस अवसर उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के सीईओ एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी उपस्थित थे।

पिछले दस वर्षों में मोदी सरकार ने न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आठ हजार करोड़ से अधिक धनराशि खर्च कीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न्यायिक परिसर (पुरानी जेल) देहरादून में बार एसोसिएशन देहरादून के नवीन भवन का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री ने सभी अधिवक्ततागणों को नए चैंबर भवन के शिलान्यास की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड सहित पूरे देश में न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्य को मजबूत करने का काम अनवरत रूप से किया जा रहा है। पिछले दस वर्षों में मोदी सरकार ने न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 8000 करोड़ से ज्यादा की धनराशि खर्च की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने अंग्रेजों के जमाने के तमाम कानूनों को हटाकर आज की नई आवश्यकता के अनुसार नए कानूनों को लागू किया है। इन कानूनों के लागू होने के बाद न्याय की अवधारणा को और भी अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि नए कानूनों के तहत इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल रिकॉर्ड को भी मजबूत सबूत के रूप में मान्यता मिली है, जो कि आज की डिजिटल क्रांति के समय में अहम है। इससे सभी अधिवक्ताओं को अपना पक्ष कोर्ट में आसानी से रखने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार राज्य के अंदर प्रदेश में जितने भी न्याय से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर हैं उन्हें मजबूत करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून बार एसोसिएशन के चैंबर भवन की मांग भी काफी लंबे समय से चल रही थी, इसके संबंध में बार एसोसिएशन के साथ अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के पदाधिकारियों ने भेंट कर नए भवन हेतु जमीन की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पर कुल साढ़े पांच हजार से ज्यादा लोग कार्यरत हैं। इसलिए सभी की समस्याओं को समझते हुए पांच बीघा जमीन बार एसोसिएशन देहरादून को देने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि इस जमीन पर 1500 चौम्बर, एक ऑडिटोरियम, लाइब्रेरी, कैंटीन, पार्किंग से भरपूर नौ मंजिला भवन का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस भवन निर्माण के लिए हर संभव सहयोग दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून के अलावा धर्मांतरण कानून, दंगा रोधी आदि कानूनों को लागू किया है। इनके लागू हो जाने से आज देश भर में उत्तराखंड की पहचान एक अनुशासित और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस रखने वाले राज्य के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में 09 नवम्बर 2024 से पहले समान नागरिक संहिता लागू की जायेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचन्द अग्रवाल, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, जिला जज प्रेम सिंह खिमाल, बार एसोसिएशन देहरादून के अध्यक्ष राजीव शर्मा, सचिव राजवीर सिंह बिष्ट और अधिवक्तागण उपस्थित थे।

संपर्क फाउंडेशन के संस्थापक चैयरमैन ने की सीएम ने मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सम्पर्क फाउंडेशन के संस्थापक चेयरमैन श्री विनीत नायर ने भेंट की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में शिक्षा में सुधार के लिए 4,337 सरकारी स्कूलों में सम्पर्क टीवी स्मार्ट स्कूल कार्यक्रम के विस्तार किया जायेगा। इससे प्रदेश के लगभग ढाई लाख बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने सम्पर्क फाउंडेशन के संस्थापक चेयरमैन विनीत नायर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक सराहनीय पहल है। सरकार द्वारा शिक्षा में आधुनिक तकनीक के प्रयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सम्पर्क फाउंडेशन द्वारा सरकारी स्कूलों में बच्चों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आधारित कोर्स पर शैक्षिक वीडियो के माध्यम से शानदार सामग्री तय की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

सम्पर्क फाउंडेशन के संस्थापक चेयरमैन विनीत नायर ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत स्कूलों को सम्पर्क फाउंडेशन के द्वारा मुफ्त में 43-इंच टीवी सेट और टीवी डिवाइस (एंड्रॉइड सेट-अप बॉक्स और रिमोट प्रदान किया जा रहा है। डिवाइस में 1,000 घंटे की इंटरएक्टिव शैक्षिक सामग्री, 500 पाठ योजनाएँ, खेल आधारित मूल्यांकन और कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए शैक्षिक वीडियो लोड किए गए हैं। यह डिवाइस बिना इंटरनेट के काम करता है और केवल समय- समय पर सामग्री को अपडेट करने के लिए इंटरनेट की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि इससे पहले मई 2023 में चंपावत में शुरू किए गए सम्पर्क टीवी पायलट कार्यक्रम से बेहतर शैक्षणिक परिणाम प्राप्त हुए थे, जिसके आधार पर अब इस कार्यक्रम का विस्तार राज्य के सभी जिलों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सम्पर्क फाउंडेशन वर्ष 2014 से उत्तराखंड के शिक्षा विभाग के साथ साझेदारी कर रहा है और इस कार्यक्रम के लिए 75 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

इस अवसर पर सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, अध्यक्ष सम्पर्क फाउण्डेशन डॉ. राजेश्वर राव उपस्थित थे।

उत्तराखंड की शांति वादियों में अशांति फैलाने वालों को नहीं बख्शा जाएगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने वाले आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। देवभूमि उत्तराखंड के लोग शान्तिप्रिय हैं। यदि आपराधिक प्रवृत्ति के लोग यहाँ आकर यहाँ की शांत वादियों में अशांति फैलायेंगे और क़ानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करेंगे तो देवभूमि में इसको बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ऐसे आपराधिक तत्वों को चिन्हित करने के लिए वृहद् सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। क़ानून अपना काम करेगा। अपराधियों के साथ हम सख्ती से निपटेंगे।

महानिदेशक यूकॉस्ट के संयोजन में बनेगी हिमालय के सरोकारों से जुड़ी कमेटीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय के सरोकारों से जुड़े विषयों के लिए महानिदेशक यूकॉस्ट दुर्गेश पंत के संयोजन में एक कमेटी बनाई जायेगी। इस अवसर पर उन्होंने यूकॉस्ट द्वारा आयोजित की जाने वाली राज्य स्तरीय पांचवें देहरादून, अन्तरराष्ट्रीय साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी फैस्टिवल के पोस्टर का विमोचन किया। यह महोत्सव 06 जनपदों देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ स्थित इंजिनियरिंग कॉलेजों में किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सभी को हिमालय दिवस की शुभकामनाएं दी और हिमालय के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रहे लोगों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में हर वर्ष 02 सितम्बर को बुग्याल संरक्षण दिवस मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहा है। देहरादून में भी इस वर्ष तापमान में काफी वृद्धि हुई। अगर तापमान इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले समय के लिए चिंताजनक है। हमें हिमालय, जल और जंगल के संरक्षण की दिशा में मिलकर प्रयास करने हैं, सोचना होगा कि अपनी आने वाली पीढ़ी को विरासत में क्या देकर जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमने तमाम आपदाएं देश-दुनिया मे देखी हैं। इस बार भी हमारे प्रदेश में कई जगह आपदा आई। पिछले साल हमने आपदाओं पर वर्ल्ड कांग्रेस का आयोजन भी किया। 29 नवंबर 2023 को यह आयोजन हुआ था और उसी दिन सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। उन्होंने कहा कि जब 17 दिन तक रेस्क्यू चल रहा था तो बहुत बार लगता था कि आज ब्रेक थ्रू होगा लेकिन कुछ न कुछ अड़चन आती रही। दुनिया भर की तकनीक उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहयोग से हमें मिली और आखिरकार हम सभी को सकुशल बाहर निकालने में सफल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय दिवस का यह आयोजन केवल एक सप्ताह का कार्य नहीं होना चाहिए बल्कि प्रत्येक दिन हमें प्रकृति को बचाने का कार्य करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय के महत्व को हमें नई तरह से समझने की जरूरत है। जल स्रोतों और नदियों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में सरकार द्वारा निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। इसके लिए स्प्रिंग एण्ड रिवर रिज्यूवनेशन अथॉरिटी का गठन किया गया है। हिमालय के संरक्षण के लिए अनेक कार्य किये जा सकते हैं। हिमालय हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसे बचाने की आवश्यकता है। उत्तराखंड पहला राज्य है जहाँ जी.ई.पी की शुरूआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इकोलॉजी व इकॉनमी में संतुलन बनाकर विकास के कार्य किये जा रहे हैं। सरकार पौधरोपण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है, लेकिन इन सब में जनसहभागिता की जरूरत है, तभी हम इन प्रयासों में सफल हो पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में भी उन्होंने हिमालय के लिए अलग से योजना बनाये जाने की बात उठायी है। उत्तराखंड की जनसंख्या सवा करोड़ है और व्यवस्था हर साल लगभग 10 करोड़ लोगों के लिए करनी पड़ती है। उत्तराखण्ड के लिए योजना बनाते समय राज्य में आने वाली फ्लोटिंग पोपुलेशन को ध्यान में रखकर योजना बनाने के लिए नीति आयोग की बैठक में अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा हमने सस्टेनेबल टूरिज्म की बात की है, जिसे लेकर योजनाएं बनाई जा रही हैं।

हेस्को के संस्थापक और पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरी गंभीरता से हिमालय एवं इसके संरक्षण के लिए कई नई पहल की हैं। नीति आयोग की बैठक में भी मुख्यमंत्री ने संपूर्ण हिमालय की समस्या को गंभीरता से उठाया। हिमालय से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक क्षेत्र में भी ले जाना होगा। देश के कई बड़े संस्थान हिमालय के संरक्षण एवं इस क्षेत्र में अध्ययन का कार्य कर रहे हैं। इन सभी संस्थाओं को एक मंच पर लाकर हिमालय विकास पत्र पर कार्य होना चाहिए। हिमालय की भूमिका संपूर्ण देश के लिए महत्त्वपूर्ण है। हिमालय के संरक्षण के लिए विकास वैज्ञानिकों के अनुसंधान के अनुरूप होना चाहिए।

विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि मध्य हिमालय के लिए विकास का मॉडल बनना जरूरी है। आज जिस तेजी से ग्लेशियर पिघल रहे हैं, यह चिंता का विषय है। हिमालय के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हमने हिमालयन यूनिटी नाम से एक संस्था बनाई। तब यह तय हुआ कि 9 सितंबर को हिमालय दिवस मनायेंगे।

महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो दुर्गेश पंत ने कहा कि 02 सितम्बर से 09 सितम्बर तक हिमालय सप्ताह के रूप प्रदेशभर में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय संस्थानों और प्रदेश के अनेक संस्थानों में कार्यक्रमों के आयोजन कर हिमालय के संरक्षण और संवर्द्धन संबंधी अनेक विषयों पर विचार विमर्श किया गया।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, विधायक उमेश शर्मा काऊ, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, प्रमुख वन संरक्षक डा. धनंजय मोहन, इसरो देहरादून के निदेशक आर.पी. सिंह, आई.आई.पी के निदेशक हरेन्द्र बिष्ट एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।