यूएस नगर के बंगाली समुदाय के लोगों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा और विधायक शिव अरोड़ा के नेतृत्व में उधम सिंह नगर जनपद के सितारगंज, गदरपुर एवं रूद्रपुर क्षेत्र के बंगाली समुदाय के लोगों ने भेंट कर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याएं रखी। राज्य में विस्थापित बंगाली समुदाय के सदस्यों को जारी किए जाने वाले जाति प्रमाण पत्रों से “पूर्वी पाकिस्तान” शब्द हटाये जाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाली समुदाय के लोगों द्वारा जो समस्याएं रखी गई हैं, उन पर गहनता से विचार कर उचित समाधान करने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की भावना से कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा विभिन्न समुदायों की समस्याओं का हर संभव समाधान के लिए सरकार द्वारा निरंतर कार्य किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर बंगाली समुदाय से उत्तम दत्ता, हिमांशु सरकार, के.के.दास, विष्णुपद प्रमाणिक, देबू मण्डल, कार्तिक राय, सुनील विश्वास, संजय बाछाड़, गोपाल सरकार, विधान दास, रवि मजूमदार, अशोक माली, कृष्ण पद मण्डल, रविन्द्र विश्वास, विक्की राय, मयंक अगवाल, विश्वजीत हालदार, अशोक मण्डल, प्रभाकर राय, शंकर गोलदार और पंकज बसु मौजूद थे।

डिस्बर्समेंट को गम्भीरता से लेते हुए ऋण वितरण व अदायगियों के लक्ष्य को तत्परता से पूरा करेंः राधा रतूड़ी

नाबार्ड के तहत स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष विभागों द्वारा लक्ष्य से कम ऋण वितरण पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने डिस्बर्समेंट को गम्भीरता से लेते हुए ऋण वितरण व अदायगियों के लक्ष्य को तत्परता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

सीएस राधा रतूड़ी ने पेयजल विभाग को पेयजल सुविधाओं के विकास से सम्बन्धित प्रस्तावों को तत्काल भेजने तथा नाबार्ड को पेयजल प्रस्तावों को शीर्ष प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों के सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को ऋण वितरण एवं अदायगियों में तेजी लाने के लिए साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। विभागों द्वारा ऋण वितरण एवं अदायगियों के साथ ही नाबार्ड को प्रस्ताव भेजने के दौरान प्रक्रियाओं में हो रहे विलम्ब का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रक्रियाओं के सरलीकरण व तीव्रता के निर्देश दिए हैं। विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा आज की बैठक में मौजूद नही रहने पर मुख्य सचिव ने विभाग से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने वित्त विभाग को एक सप्ताह में धीमी गति से चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने नाबार्ड को निर्देश दिए हैं कि राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विकास के सापेक्ष किसानों की कृषि आय में बढ़ोतरी पर तुलनात्मक अध्ययन किया जाए। उन्होंने नाबार्ड को प्रस्तावों की स्वीकृति में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में नाबार्ड की आरआईडीएफ (ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि) पर द्वितीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्य सचिव ने कहा कि स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष विभागों द्वारा डिस्बर्समेंट की प्रगति संतोषजनक नहीं है। सभी विभागों को इसमें तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा वितरण और अदायगियों में आ रही समस्याओं का निवारण कर शीघ्र कार्यों को पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि अच्छे प्रस्ताव लगातार तैयार कर प्रस्ताव वित्त को भेजे जाने के साथ ही डीपीआर नाबार्ड को भी भेज दी जाए, ताकि समय पर नाबार्ड की भी संस्तुति मिल सके। उन्होंने प्रत्येक सप्ताह और पाक्षिक रूप से प्रस्तावों की लगातार मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर सचिव वित्त ने बताया कि उच्चाधिकार समिति द्वारा वर्श 2024-25 के लिए आरआईडीएफ के तहत 1162 करोड़ के सापेक्ष 1098 करोड़ ऋण डिस्बर्समेंट का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि 1098 करोड़ के डिस्बर्समेंट के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक विभागों द्वारा मात्र 232.28 करोड़ का डिस्बर्समेंट किया गया है।

राज्य में नाबार्ड के तहत ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) से 2.05 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिचाई सुविधाओं का सृजन एवं पुनर्द्धार किया गया है। लगभग 14,766 किमी ग्रामीण सड़कों के नेटवर्क का निर्माण एवं सुधार किया गया है। 27307 मीटर ब्रिज का निर्माण हो चुका है। 23.77 लाख ग्रामीण आबादी को पेयजल सुविधा मिल चुकी है। 241 स्कूल एवं आईटीआई का निर्माण एवं पुनर्द्धार हो चुका है।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर सचिव सी. रविशंकर एवं नाबार्ड अधिकारी पंकज यादव, निर्मल कुमार सहित विभागों के विभागाध्यक्ष एवं उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने स्वच्छता ही सेवा-2024 कार्यक्रम में किया प्रतिभाग एवं क्रॉस कंट्री मैराथन दौड़ को फ्लैग ऑफ कर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड मैदान में ’स्वच्छता ही सेवा-2024’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया एवं क्रॉस कंट्री मैराथन दौड़ को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई एवं ’एक पेड़ मां’ के नाम अभियान के अंतर्गत परेड मैदान परिसर में पौधरोपण भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बालिकाओं को किशोरी किट का वितरण भी किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विश्वकर्मा पूजन किया और सभी को विश्वकर्मा दिवस की शुभकामनाएं प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिवस पर शुभकामनाएं देते हुए प्रभु से उनके दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छता के प्रति सजगता, निष्ठा और नेतृत्व हम सबको प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि आज उनके जन्मदिवस के सुअवसर पर हम स्वच्छता पखवाड़े की शुरुआत कर रहे हैं। यह स्वच्छता पखवाड़ा 2 अक्टूबर को संपन्न होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद स्वच्छ भारत का मिशन शुरू किया था जिसके कारण आज देश के हर व्यक्ति के अंदर स्वच्छता का भाव उत्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक और दूरदर्शी विजन ने भारत को स्वच्छता के नए आयामों पर पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में देशभर के अंदर करोडों शौचालय का निर्माण हुआ, कचरा प्रबंधन के लिए जरूरी सुविधाओं का विकास किया गया है और स्वच्छता को लेकर आम लोगों में जागरूकता आयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भी स्वच्छता के मामले में सराहनीय प्रगति के साथ आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड को वर्ष 2017 में देश का चौथा ओडीएफ राज्य होने का गौरव प्राप्त हुआ। अब तक राज्य में कुल 5 लाख 37 हजार से अधिक शौचालय विहीन परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 2600 से भी अधिक स्वच्छता कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है। 9000 से अधिक गांव में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन का कार्य पूरा किया गया है। 77 विकासखंडों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की इकाइयां स्थापित कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि मार्च 2025 तक राज्य के शत प्रतिशत गांव में कचरा प्रबंधन का कार्य शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में नगर निगम देहरादून द्वारा जो प्रयास किये जा रहे हैं वो सराहनीय हैं। नगर निगम द्वारा आमजन की सफाई से सम्बंधित समस्याओं के निराकरण हेतु स्वच्छता कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है जो 24×7 संचालित होता है। इसके अलावा सफाई सुनिश्चित करने के लिए आठ टीमों का गठन करने के साथ ही सीसीटीवी कैमरे से निगरानी जैसे अभिनव प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत देश के पांच सबसे अच्छे शहरों में हमारे राज्य की राजधानी देहरादून को भी सम्मिलित किया गया है। यह हम सबके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता सुनिश्चित करने की दिशा में हम एक अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम ’स्वभाव स्वच्छता एवं संस्कार स्वच्छता’ रखी गई है। जिसके जरिये संदेश है कि हम सबको मिलकर आगे बढ़ाना है जिससे जन-जन के स्वभाव और संस्कार में स्वच्छता की भावना आए।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर हम शासन-प्रशासन के स्तर पर हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन यह प्रयास तभी सफल होंगे जब इसमें जनभागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने स्तर पर गांव, शहर, मोहल्ले इत्यादि को स्वच्छ बनाने का प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर बल्कि इसे हमें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि आज हमने यहां पर पौधरोपण किया है और जो स्वच्छता की शपथ ली है, वो हमारे राज्य को साफ सुथरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के हमारे संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि आइए हम सब मिलकर अपने आसपास साफ सफाई की जिम्मेदारी लें और हम एक स्वस्थ व स्वच्छ उत्तराखंड बनाने की दिशा में आगे बढ़ें।

इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि जिस दिन से हमारे स्वभाव में स्वच्छता आ जाएगी, तो उस दिन से प्रदेश भी स्वच्छ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आज प्रदेशभर में एक हजार से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकासखंडों के लिए स्वच्छता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, विधायक खजान दास, सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, भरत चौधरी, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव शैलेश बगोली, देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल, नगर आयुक्त गौरव कुमार आदि उपस्थित रहे।

युवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया मुख्यमंत्री का जन्मदिन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जन्मदिन उत्तराखण्ड समेत देशभर में “युवा संकल्प दिवस“ के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर जहां एक ओर प्रदेश के सभी जनपदों में खेलकूद प्रतियोगिताएं, वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं सामाजिक संगठनों द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित किए गए, वहीं चारों धाम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम पर विशेष पूजा अर्चना भी की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों के साथ बेहद सादगी से सपरिवार जन्मदिन मनाया।

मुख्यमंत्री धामी का जन्मदिन सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी लगातार ट्रेंड में रहा है। एक्स (ट्विटर) पर #YuvaSankalpDiwas दिनभर ट्रेंड करता रहा। इसके अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर पीएम मोदी समेत देश भर की विभिन्न हस्तियों व सभी राज्यों के मुख्यमंत्री गणों ने उन्हें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी।

चारों धाम में की गई भव्य पूजा अर्चना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के अवसर पर आज श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा बदरीनाथ व केदारनाथ सहित अधीनस्थ मंदिरों श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ, श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ, तृतीय केदार तुंगनाथ, सिद्धपीठ कालीमठ में विशेष पूजा-अर्चना तथा हवन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के दीर्घायु तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की गयी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर श्री गंगोत्री धाम में भी वृहद् पूजा-अर्चना की गई।

सोशल मीडिया में टॉप ट्रेंड पर रहे धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने जन्मदिन के अवसर पर सोशल मीडिया पर टॉप ट्रेंड में रहे। मुख्यमंत्री धामी के जन्मदिन के अवसर पर “युवा संकल्प दिवस“ #YuvaSankalpDiwas देश भर में टॉप ट्रेंड पर रहा। इसके अलावा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तराखंड के राज्यपाल ले. जनरल (रि.) गुरमीत सिंह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, समेत सभी केंद्रीय मंत्री गणों में मुख्यमंत्री को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं प्रेषित की।

दिव्यांग बच्चों संग सादगी से मनाया जन्मदिन

मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचे और दृष्टिबाधितार्थ बच्चों संग केक काटकर जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को केक खिलाया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर दिव्यांग उच्चतर माध्यमिक आदर्श विद्यालय के बच्चों ने उपहार स्वरूप अपने द्वारा बनाया गया मॉडल मुख्यमंत्री को भेंट किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे हर बार इस दिन पर यहां बच्चों के बीच आने का इंतजार रहता है और यहां आकर बहुत अच्छा लगता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं भगवान से आप सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में आप सभी लोग जिस किसी भी क्षेत्र में जाएंगे, वहां निश्चित ही सफलता प्राप्त पाएंगे।

अपने जन्मदिवस पर दृष्टि बाधितार्थ बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, केक काटकर मनाया जन्मदिन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने जन्म दिवस के अवसर पर राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचे और दृष्टिबाधितार्थ बच्चों संग केक काटकर जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को केक खिलाया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर दृष्टिबाधितार्थ उच्चतर माध्यमिक आदर्श विद्यालय के बच्चों ने उपहार स्वरूप अपने द्वारा बनाया गया मॉडल मुख्यमंत्री को भेंट किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे हर बार इस दिन पर यहां बच्चों के बीच आने का इंतजार रहता है और यहां आकर बहुत अच्छा लगता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं भगवान से आप सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में आप सभी लोग जिस किसी भी क्षेत्र में जाएंगे, वहां निश्चित ही सफलता प्राप्त पाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कार्य नहीं है जो आप लोग नहीं कर सकते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिव्यांग बच्चों की सर्वांगीण उन्नति के लिए प्रयासरत हैं। दिव्यांग शब्द भी मोदी जी द्वारा ही दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश-प्रदेश की शुभकामनाएं आप बच्चों के साथ हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार हमें प्रदेश में कई स्थानों पर आपदा की चुनौतियों का सामना करना पड़ा रहा है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे आज के दिन आपदा से प्रभावित लोगों के बीच जाएं और उनकी जो सेवा, मदद हो सकती है वे करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है 21 वीं सदी का यह तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा और हम प्रधानमंत्री जी के शब्दों को पूरा करने के लिए पूरे जी-जान से जुटे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान के फुटबॉल टूर्नामेंट का भी बॉल पर किक मारकर शुभारंभ किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्य आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, विद्यालय के प्रधानाचार्य अमित शर्मा, पीके अग्रवाल, लक्ष्मी अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड प्रीमियर लीग खिलाड़ियों के लिए नया प्लेटफॉर्म, प्रतिभा दिखाने के अवसर बढ़ेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज को राजीव गांधी अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर में क्रिकेट एशोसिएसन ऑफ उत्तराखण्ड के तत्वावधान में आयोजित उत्तराखण्ड प्रिमियर लीग का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने प्रिमियर लीग की ट्रॉफी का अनावरण कर प्रतिभागी खिलाडियों को शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्रीमियर लीग जैसे प्रतियोगिताओं से हमारे प्रदेश के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के नए अवसर प्राप्त होंगे जिससे वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हमारे देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, गणेश जोशी, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, सांसद मनोज तिवारी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, फिल्म अभिनेता सोनू सूद, क्रिकेट एशोसिएसन ऑफ उत्तराखण्ड के सचिव महिम वर्मा सहित क्रिकेट खिलाडी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सीएम धामी के प्रयास निरंतर तत्परता से होते हैं शुरू

हाल के महीनों में, उत्तराखंड ने कई प्राकृतिक आपदाओं को देखा है, जो मुख्य रूप से अनियमित मौसम पैटर्न और क्षेत्र की अनूठी स्थलाकृतिक चुनौतियों के कारण हुई हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में, पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें नागरिकों की भलाई को सबसे आगे रखने वाले सक्रिय दृष्टिकोण पर जोर दिया गया है। सरकारी अधिकारियों के बीच सतर्कता बनाए रखने और आपात स्थितियों के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की उनकी प्रतिबद्धता आपदाओं को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में उनके नेतृत्व को रेखांकित करती है।

मुख्यमंत्री धामी के प्रयास निरंतर तत्परता से शुरू होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को हर समय सतर्क रखने के उपाय किए हैं, खासकर अप्रत्याशित मौसम में। इस दृष्टिकोण की तात्कालिकता तब स्पष्ट हुई जब वे शुक्रवार को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रचार से लौटते ही अपना ध्यान राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र पर केंद्रित किया, जहां उन्होंने दो दिनों में हुई बारिश से संबंधित घटनाओं पर तुरंत अपडेट मांगा। यह तत्काल प्रतिक्रिया न केवल उनके समर्पण को दर्शाती है, बल्कि उनकी प्रशासनिक टीमों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल भी स्थापित करती है।

इसके अलावा, संभावित आपदा की स्थिति में, धामी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला मजिस्ट्रेटों से सीधे संवाद करते हैं। यह तरीका सुनिश्चित करता है कि सूचना राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से और प्रभावी ढंग से प्रवाहित हो। अपने निर्देशों में, वे सभी अधिकारियों को 24 घंटे तत्परता के लिए “अलर्ट मोड“ में रखने के महत्व पर जोर देते हैं। यह ऐसे राज्य में महत्वपूर्ण है, जहां अचानक और गंभीर मौसम परिवर्तन होने की संभावना होती है, जिससे सड़कें बंद हो सकती हैं और भूस्खलन हो सकता है। यह सुनिश्चित करके कि अधिकारी तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं, धामी संकट के समय में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हैं।

मुख्यमंत्री धामी का व्यावहारिक दृष्टिकोण घटनाओं के बाद आपदा स्थलों पर उनके तत्काल दौरे से स्पष्ट होता है। आपदा के स्थान पर उनकी उपस्थिति न केवल स्थानीय लोगों और आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ताओं दोनों के लिए मनोबल बढ़ाने का काम करती है, बल्कि उन्हें स्थिति का सीधे तौर पर आकलन करने का भी मौका देती है। यह व्यक्तिगत भागीदारी प्रतिबद्धता के स्तर को प्रदर्शित करती है जो नागरिकों के साथ प्रतिध्वनित होती है, जिससे सरकारी उपायों और नीतियों में विश्वास बढ़ता है।

जन जागरूकता की आवश्यकता को पहचानते हुए, धामी ने स्थानीय निवासियों, विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में, संभावित खतरों और सुरक्षा उपायों के बारे में सूचित करने के प्रयासों का निर्देश दिया है। जलभराव और अन्य जोखिमों के बीच लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए उनका आह्वान आपदा की तैयारियों में सभी की भागीदारी के महत्व को रेखांकित करता है। जागरूकता बढ़ाकर और सक्रिय उपायों को बढ़ावा देकर, वे आपदा प्रबंधन प्रक्रिया में नागरिकों को प्रभावी रूप से शामिल करते हैं।

अगले दिन ग्राउंड ज़ीरो में पर मौजूद होते हैं मुख्यमंत्री धामी!

6 जनवरी 2023 को मुख्यमंत्री धामी पहुंचे थे जोशीमठ।

जनवरी 2023 शुरुआत में ही जोशीमठ में भू-धंसाव के चलते सैकड़ों परिवारों का जीवन संकट में पड़ गया था। इस आपदा से निपटने के लिए कई प्रयास किए गए। 6 जनवरी 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए जोशीमठ का दौरा किया और अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने का आदेश दिए थे। इससे पहले सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी। मुख्यमंत्री धामी ने नरसिंह मंदिर और मारवाड़ी इलाके का भी दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने 6 जनवरी 23 तक 100 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। और रेस्क्यू अभियान को और भी तेज किया। जोशीमठ में होटल व अन्य भवन स्वामियों को सरकार की तरफ से उचित मुआवजा दिया गया।

हरिद्वार जल भराव, सीएम ने नाव से लिया जायजा!

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 13 जुलाई 2023 को हरिद्वार का दौरा कर जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया और नाव से भी स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद, मुख्यमंत्री ने देहरादून स्थित आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को आवश्यकताएँ, जैसे भोजन, पानी और मेडिकल सहायता, जल्द से जल्द पहुंचाई जाएं। मुख्यमंत्री धामी का यह त्वरित प्रतिक्रिया और स्थितियों का स्वयं निरीक्षण करना उनके जनता के प्रति समर्पण और संवेदनशीलता को दर्शाता है।

सिल्क्यारा-बड़कोट टनल , मुख्यमंत्री ने मातली में किया कैम्प

12 नवंबर 2023 को उत्तराखंड के सिल्क्यारा-बड़कोट निर्माणधीन टनल में भूस्खलन होने की वजह से 41 श्रमिक फँस गए थे, जिनमें कंपनी के दो फ़ोरमैन भी शामिल थे। यह घटना दिवाली के दिन सुबह करीब 5 बजे हुई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे एक बड़ी प्राथमिकता मानते हुए तुरंत ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाए। इसके लिए पूरी सरकारी मशीनरी को सक्रिय कर दिया गया और बचाव कार्य में दिक्कत न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने खुद भी स्थल पर विशेषज्ञ टीम और आईटीबीपी मातली उत्तरकाशी में करीब एक सप्ताह का कैम्प किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तत्परता और सक्रियता के कारण सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। यह दर्शाता है कि सरकार की तत्पर और सही समय पर राहत-बचाव कार्य की योजना और क्रियान्वयन की योग्यताएं आपात स्थिति में कितनी महत्वपूर्ण होती हैं। सभी श्रमिकों को बड़े परिश्रम के 17 दिन बाद 28 नवम्बर 2023 को सुरक्षित निकाल पाने की इस सफलता पर राज्य के नागरिकों में राहत और मुख्यमंत्री की कार्यशैली की सराहना हुई थी।

खटीमा और चंपावत जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 9 जुलाई 2024 में कुमाऊं मंडल के दौरे के दौरान उधम सिंह नगर के खटीमा और चंपावत जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अतिवृष्टि के कारण हुए बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए उन्होंने अधिकारियों से त्वरित और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। खटीमा क्षेत्र में चकरपुर, अमाऊं, खटीमा बाजार, रेलवे क्रासिंग, आवास विकास और पकड़िया जैसे अनेक क्षेत्र अतिवृष्टि से प्रभावित हुए। सीएम धामी ने इन क्षेत्रों का हवाई और स्थलीय निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। सीएम धामी ने आठ जुलाई को कुमाऊं मंडल के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को तुरंत राहत पहुंचाने और छक्त्थ्, ैक्त्थ् व जल पुलिस की मदद से फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। अतिवृष्टि और बाढ़ से उत्पन्न समस्याओं से निपटने के लिए सीएम धामी ने प्रशासन की तत्परता और समर्पण की प्रशंसा की और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए अधिकतम प्रयास करने का आग्रह किया।

टिहरी के तोली और तिनगढ़ त्रासदी!

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 29 जुलाई 2024 को उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्र घनसाली, टिहरी का दौरा किया। भारी बारिश और भूस्खलन ने इस क्षेत्र में काफी तबाही मचाई थी। तिनगढ़ गांव में शनिवार को हुए भूस्खलन में 15 आवासीय मकान मलबे में दब गए थे, लेकिन प्रशासन की तत्परता से इन घरों को पहले ही खाली करा लिया गया था, जिसके कारण कोई जनहानि नहीं हुई। प्रभावित ग्रामीणों को विनयखाल के राजकीय इंटर कॉलेज में अस्थायी रूप से ठहराया गया। भिलंगना ब्लॉक के तोली गांव में भूस्खलन की त्रासदी ने एक परिवार को प्रभावित किया, जहां एक मकान के अंदर मां और बेटी की मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्य भाग कर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। मुख्यमंत्री ने विनयखाल के आपदा शिविर में रह रहे पीड़ितों से मुलाकात की और उनके दुख-दर्द को साझा किया। उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सीएम के सामने कई पीड़ित भावुक हो गए, खासकर बुजुर्ग महिलाओं के आंसू छलक आए, जो इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी। आपदा के मद्देनजर प्रशासन और राहत कार्यकर्ता लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। सरकार ने भी आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन और सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जा सके और उनका सामान्य जीवन पुनः स्थापित हो सके। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह दौरा पीड़ितों के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित हुआ और उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।

आपदाग्रस्त क्षेत्र जखन्याली टिहरी का दौरा किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद टिहरी के आपदाग्रस्त क्षेत्र जखन्याली का 1 अगस्त 2024 को स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने आपदाग्रस्त क्षेत्र में यात्रा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने शोकसंवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को धैर्य और साहस प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार और प्रशासन इस कठिन परिस्थिति में उनके साथ खड़े हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय एक दूसरे का सहयोग करने का है और सबको मिलकर इस संकट का सामना करना होगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि वे राहत कार्यों में तेजी लाएं और सुनिश्चित करें कि कोई भी प्रभावित व्यक्ति सहायता से वंचित न रह जाए। उनकी उपस्थिति ने प्रभावित समुदायों को सांत्वना और उत्साह प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे इस कठिन घड़ी में एकजुट रहें और एक-दूसरे का समर्थन करें।

केदारघाटी में सफल रेस्क्यू अभियान!

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारघाटी में सफल रेस्क्यू अभियान के पूरा होने की घोषणा की। केदारनाथ पैदल यात्रा पुनः शुरू होने की उम्मीद है। 6 अगस्त 2024 को रुद्रप्रयाग पहुंचकर, सीएम धामी ने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की और प्रभावित लोगों का हालचाल जाना। रेस्क्यू ऑपरेशन के पहले चरण के पूरा होने की जानकारी देते हुए सीएम धामी ने कहा कि अब दूसरे चरण में व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर केदारनाथ पैदल यात्रा को शुरू कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। चौमासी से भैरव मंदिर तक के पैदल मार्ग को वैकल्पिक रूट के रूप में बनाने का कार्य भी प्रगति पर है। मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि रिकॉर्ड समय में लगभग 15,000 यात्रियों और स्थानीय लोगों को एयरलिफ्ट और पैदल मार्गों से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। अब जहां भी मार्ग क्षतिग्रस्त हैं, उनकी मरम्मत के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है।

टिहरी के घुत्तु-पंजा-देवलिंग में 22 अगस्त को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

22 अगस्त को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र में व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद टिहरी जिले के घुत्तु-पंजा-देवलिंग के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का महत्वपूर्ण दौरा किया। यह दौरा पिछले दिन हुई विनाशकारी घटनाओं के जवाब में था, जब 21 अगस्त को इस क्षेत्र में एक आपदा आई थी। मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने चल रहे राहत और बचाव कार्यों की तात्कालिकता और महत्व को रेखांकित किया, जो प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण थे। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री धामी ने मलेठी में प्रभावित परिवार विशाल मणि की पत्नी दुर्गा देवी से मुलाकात की। यह बातचीत महज औपचारिक नहीं थी; इसने आपदा से होने वाले मानवीय नुकसान के प्रति करुणामय समझ को प्रदर्शित किया।

पैदल मार्ग घोड़े- खच्चरों के लिए 26 दिनों के भीतर ही खुल गए हैं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी में चले रेस्क्यू अभियान में हजारों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनता को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से पैदल मार्ग को तेजी के साथ दुरुस्त करने की चुनौती थी। इस चुनौती को भी जिला प्रशासन ने पार पा लिया जिसके बाद मार्ग को घोड़ा खच्चर संचालन के लिए भी दुरुस्त कर लिया गया है।
26 अगस्त को श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते बंद हुए पैदल मार्ग घोड़े- खच्चरों के लिए 26 दिनों के भीतर ही खुल गए हैं। यात्रा मार्ग पर घोड़े- खच्चरों की आवाजाही के साथ ही घोड़े- खच्चरों से राशन एवं अन्य अनिवार्य सामग्री की आपूर्ति भी शुरू हो गई है।

जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में भी प्रचार करेंगे सीएम धामी

जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनावों के तीसरे चरण में भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एक बार फिर धुआंधार प्रचार करते हुए दिखेंगे। भारतीय जनता पार्टी की ओर से तीसरे चरण के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी व केंद्रीय मंत्रियों के अलावा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री धामी का भाजपा आलाकमान निरंतर चुनावों में प्रचार के दौरान इस्तेमाल कर रहा है। लोकसभा चुनावों के दौरान धामी ने देशभर में 60 से अधिक जनसभाओं को संबोधित किया था। जम्मू कश्मीर विधानसभा के प्रथम चरण के चुनाव में भी उनका आलाकमान ने भरपूर उपयोग किया। हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए भी उन्हें स्टार प्रचारकों में शामिल किया गया है। अब, जम्मू कश्मीर विधानसभा के तीसरे चरण के चुनावों के लिए जारी सूची में भी धामी को स्टार प्रचारक के रूप में शामिल किया गया है।

दरसअल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड में लागू किए गए तमाम फैसलों को लेकर देश में चर्चित रहे हैं। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी सख्त कानून, धर्मांतरण कानून और लैंड जिहाद के जरिए मुख्यमंत्री धामी अपनी अलग छवि बनाने में कामयाब रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी की पहचान पिछले तीन वर्षों में सख्त कानून बनाने वाले मुख्यमंत्री के रूप में उभरी है।

केदारनाथ क्षेत्र, उत्तराखंड की आस्था, समृद्ध परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय संगमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में वर्चुअल रूप से रूद्रप्रयाग में आयोजित जागतोली दशज्यूला विकास महोत्सव-2024 कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागतोली दशज्यूला महोत्सव की सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दशज्यूला का यह क्षेत्र सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षिणिक गतिविधियों का केंद्र एवं प्राचीन परंपराओं, मेलों और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध रहा है। इस क्षेत्र की नैणी चोटी पर विराजमान मां नैणी देवी समस्त उत्तराखंड वासियों की रक्षा करती हैं। यह क्षेत्र उत्तराखंड की आस्था, समृद्ध परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम भी है। पारंपरिक मेले हमारे भीतर धार्मिक ऊर्जा को मजबूत कर हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और एकता, समर्पण एवं आस्था की भावना को बढ़ाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की धरा से कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। राज्य सरकार प्रधानमंत्री के कथन को चरितार्थ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेश को आर्थिक, औद्योगिक और सतत विकास के दृष्टिकोण से देश दुनिया में एक अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक स्व. शैला रानी ने इस क्षेत्र के विकास और यहां के लोगों के कल्याण की हमेशा चिंता की। राज्य सरकार उनके सपनों को अवश्य पूरा करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित हर क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए प्रदेश के हर वर्ग का जीवन स्तर ऊपर उठाया जा रहा है। केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम सहित विभिन्न पौराणिक स्थलों के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। केदारनाथ धाम में करीब 2 हजार करोड़ रूपये से अधिक की लागत से पुनर्निमाण कार्य करवाए जा रहे हैं। बद्रीनाथ के मास्टर प्लान पर भी तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य सरकार चार धाम यात्रा को और अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बना रही है। उन्होंने कहा बड़ी आपदाओं का सामना करने के बावजूद सरकार समय पर प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं आपदा प्रभावित विभिन्न जगहों पर जाकर वहां की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए। केदारनाथ धाम का पैदल मार्ग भी प्राकृतिक आपदा के चपेट में आने से यात्रा मार्ग में फंसे हर एक श्रद्धालु को सुरक्षित लाया गया। बाबा केदार के आशीर्वाद से ही हजारों लोगों को सकुशल नीचे लाने में कामयाब हुए। राज्य सरकार ने केदारनाथ धाम के मार्गों को ठीक करने एवं यात्रियों की सुरक्षा और भी पुख्ता करने की दिशा में 30 करोड़ रूपए की राशि जारी की है। उन्होंने कहा प्रदेश का हर नागरिक उनका परिवार है और अपने परिवार के किसी भी सदस्य को आपदा में अकेला नहीं छोड़ना उनका संकल्प है। उन्होने कहा केदारनाथ क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में विकास की धारा को अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना ही हमारा संकल्प है।

मुख्य सचिव ने ली यूसीसी की नियमावली बनाने को लेकर बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी तथा उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता की समिति के सदस्य शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में बीजापुर अतिथिगृह में उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता की नियमावली बनाने के संबंध में समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में गृह, पुलिस, स्वास्थ्य, आबकारी, अल्पसंख्यक, संस्कृति, खाद्य व नागरिक आपूर्ति, ऊर्जा, नियोजन, वित्त विभाग के सहयोग व समन्वय से उत्तराखण्ड यूसीसी की नियमावली बनाने से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव राधा रतू़ड़ी व उत्तराखण्ड यूसीसी सदस्य श्री शत्रुघ्न सिंह ने यूसीसी के क्रियान्वयन के लिए बनने वाली नियमावली को अन्तिम रूप देने में सभी विभागों को सहयोग व समन्वय के निर्देश दिए हैं।

यूसीसी सदस्य मनु गौऱ, सुरेखा डंगवाल, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु सहित गृह, पुलिस, स्वास्थ्य, आबकारी, अल्पसंख्यक, संस्कृति, खाद्य व नागरिक आपूर्ति, ऊर्जा, नियोजन, वित्त विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।