यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए सभी जनपदों में सहायता करें यातायात निदेशालयः बगोली

सचिव गृह शैलेश बगोली ने प्रदेश एवं विशेषकर देहरादून और अन्य बड़े शहरों में यातायात को लेकर पुलिस एवं परिवहन विभाग सहित अन्य सम्बन्धित एजेन्सियों के साथ बैठक की। सचिव गृह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यातायात की समस्या के निराकरण के लिए शीघ्र ही अल्पावधिक एवं दीर्घावधिक योजनाएं तैयार की जाएं। सभी सम्बन्धित विभागों द्वारा आपसी सामंजस्य से व्यापक कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यातायात निदेशालय देहरादून सहित सभी जनपदों में यातायात व्यवस्था के सुधार के लिए कार्य करेगा।

सचिव गृह ने यातायात संकुलन को दूर करने के लिए आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था में सुधार की दिशा में कार्य कर रहे अन्य संस्थानों और एजेंसियों किए गए कार्यों का भी अध्ययन कराते हुए अपनी योजनाओं में शामिल किया जाए। उन्होंने अधिक यातायात संकुलन वाले स्थानों पर नयी पार्किंग चिन्हित करने के साथ ही नए सड़क मार्गों के निर्माण और पक्कीकरण पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए। वाणिज्यिक संस्थानों, मॉल, रेस्टोरेंट आदि द्वारा अपनी पार्किंग को प्रयोग में लाने हेतु एन्फोर्समेंट बढ़ाया जाए।

सचिव गृह ने शहर में रेहड़ी ठेली लगाने वालों के लिए मोबाईल वेंडिंग जॉन निर्धारित करने की दिशा पर भी कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने रेड लाईट वायोलेशन डिटेक्शन (लालबत्ती उल्लंघन पहचान प्रणाली) को सुचारू किए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि चौराहों पर ऑटोमेटेड रेड लाईट सिग्नल्स को बढ़ाया जाए। साथ ही अधिकतर समय ऑटोमेटेड मोड को चालू रखा जाए ताकि सिस्टम यातायात प्रवाह को सीख कर खुद को अपग्रेड कर सके। उन्होंने स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के साथ लगातार सामंजस्य स्थापित करते हुए यातायात समस्याओं का निस्तारण किया जाए।

इस अवसर पर विशेष सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, आईजी एवं निदेशक यातायात अरूण मोहन जोशी, अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल एवं एसएसपी देहरादून अजय सिंह सहित लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के अधिकारी उपस्थित थे।

16 हजार से ज्यादा युवाओं को धामी सरकार में अब तक मिला रोजगार, अब 4400 पदों को भरने की तैयारी

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की राह देख रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। सरकार 11 विभागों में रिक्त समूह ग के 4405 पदों पर इसी माह भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इसके लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने 15 सितंबर से आवेदन से लेकर परीक्षा और परिणाम का शेड्यूल जारी करने का निर्णय लिया है। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार अब तक 16 हजार से ज्यादा नौकरी देने का भी रिकॉर्ड बना चुकी है।

राज्य में बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने में पुष्कर सिंह धामी सरकार सबसे धाकड़ साबित हो रही है। सरकार ने महज तीन साल के भीतर 16 हजार युवाओं को विभिन्न विभागों में नौकरी देने का रिकॉर्ड बनाया है। यह आंकड़ा राज्य बनने के 23 साल में किसी सरकार में युवाओं को सबसे ज्यादा नौकरी मिलने में बड़ा है। नौकरी में पारदर्शिता रहे, इसके लिए खुद मुख्यमंत्री ने युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। अभी भी सरकार यूकेएसएसएससी, यूकेपीएससी, चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड आदि के मार्फत नौकरी दिलाने की प्रक्रिया में जुटी है। इसमें पुलिस दरोगा समेत शिक्षकों के सैकड़ों पदों पर वर्तमान में भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। इसी क्रम में धामी सरकार ने राज्य के करीब 11 विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती करने का सिलसिला जारी रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूकेएसएसएससी के द्वारा स्वीकृत अधियाचन वाले पदों पर पारदर्शिता और समय सीमा के भीतर भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष जी एस मर्ताेलिया ने बताया कि 11 विभागों से करीब 4405 रिक्त पदों पर भर्ती के अधियाचन स्वीकृत हुए हैं। आयोग ने इन रिक्त पदों के सापेक्ष भर्ती की तैयारी पूरी कर ली है। इस माह के 15 सितंबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगा। साथ ही परीक्षा तिथि से लेकर परिणाम का शेड्यूल भी जारी कर दिया जाएगा। आयोग के अध्यक्ष मर्ताेलिया ने कहा कि आयोग द्वारा संपादित की जा चुकी भर्ती तय शेड्यूल से रिकॉर्ड समय में संपन्न हुई हैं। आयोग का प्रयास रहता कि परीक्षा से लेकर परिणाम समय पर जारी हो। आगे भी पारदर्शिता और समय सीमा पर रिक्त पदों की भर्ती कराई जाएगी।

युवाओं को इन पदों पर मिलेगी नौकरी

आयोग के अनुसार 15 सितंबर से पुलिस आरक्षी के 2000, वन आरक्षी के 700, इंटर स्तरीय सींचपाल, कनिष्ठ सहायक, राजस्व सहायक, मेट, कार्य पर्यवेक्षक के 1200, वैयक्तिक सहायक के 280, वैज्ञानिक सहायक के 50, स्नातक स्तरीय 50, सहायक विकास अधिकारी के 40, वाहन चालक 25, लाइब्रेरियन के 10, प्राइमरी शिक्षक एसटी के 15, आईटीआई विभिन्न ट्रेड के 35 पदों पर भर्ती होनी है।

‘‘राज्य गठन के 23 सालों के भीतर युवाओं को समय पर रिकॉर्ड नौकरी मिली हैं। करीब 16 हजार युवाओं को अब तक नौकरी मिल चुकी हैं। खुद मेरे द्वारा युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। हमारी सरकार द्वारा राज्य में देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून बनाने के बाद प्रतिभावान युवाओं को चार-चार नौकरी मिल रहीं हैं। पहले नकल माफियाओं द्वारा नौकरी का सौदा कर दिए जाने से एक ही परिवार के सदस्यों को चार-चार नौकरी मिलती थी। हमने संकल्प लिया कि उत्तराखंड के हितों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।’’

– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड।

वरूणावत पर्वत पहुंचे प्रभारी मंत्री अग्रवाल, लैंड स्लाइड क्षेत्रों का किया निरीक्षण

प्रभारी व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेम चन्द अग्रवाल ने वरूणावत पर्वत से लगे गुफियारा-जल संस्थान कॉलोनी के ऊपर पहाड़ी पर हो रहे भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर कहा है कि भूस्खलन के उपचार एवं आबादी वाले क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सरकार विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार हर संभव कदम उठाएगी।

जिले के एक दिवसीय भ्रमण पर यहां पहॅुचे वित्त, शहरी विकास, आवास, विधायी एवं संसदीय कार्य, पुनर्गठन, जनगणना एवं जिले के प्रभारी मंत्री डा. प्रेम चंद अग्रवाल ने जिला मुख्यालय उत्तरकाशी में वरूणावत पर्वत से लगे गुफियारा-जल संस्थान कॉलोनी क्षेत्र में जाकर भूस्खलन का जायजा लेने के साथ ही इस भूस्खलन की रोकथाम एवं आबादी वाले क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि भूस्खलन का मलवा व पहाड़ी से गिरने वाले पत्थर आबादी वाले क्षेत्र के तरफ न बढें, इसके लिए विशेषज्ञ संगठनों की राय से तात्कालिक महत्व के कार्य करने के साथ ही इस क्षेत्र में पहले से स्थापित लोहे की रेलिंग को विस्तारित व सुदृढ करने के साथ ही सुरक्षा दीवार बनाए जाने पर भी विचार किया जाय।

डा. अग्रवाल ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में विस्तृत सर्वेक्षण में जुटे टीएचडीसी, जीएसआई एवं यूएलएमएमसी के सर्वेक्षण दल के सदस्यों से भी मौके पर वार्ता कर सर्वेक्षण की प्रगति एवं वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने टीम के सदस्यों से यथाशीघ्र अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट में दी जाने वाली संस्तुतियों के अनुसार भूस्खलन के उपचार एवं सुरक्षा कार्यों को लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में जन-जीवन की सुरक्षा के के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि गत गत 27 अगस्त को सक्रिय हुए इस भूस्खलन में विस्तार की प्रवृत्ति देखने में नहीं आई है और मलवा-पत्थर अभी पहाड़ी क्षेत्र में ही रूका पड़ा है और स्थिति अभी सामान्य बनी हुई है। लेकिन प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर प्रशासन के द्वारा सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। प्रशासन के द्वारा खतरे की आशंका वाले क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की व्यवस्था भी की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि भूस्खलन के कारणों की विस्तृत जांच एवं उसके निदान के लिए तात्कालिक एवं दीर्घकालीन उपाय सुझाने हेतु में टीएचडीसी, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के साथ ही उत्तराखंड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केन्द्र तथ जिला टास्क फोर्स के भूवैज्ञानिक एवं विशेषज्ञों की टीम द्वारा गत दिन से प्रभावित क्षेत्र का सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस टीम को जल्द सर्वेक्षण पूरा कर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट में दी जाने वाली संस्तुतियों के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा एवं उपचार कार्य करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस दौरान विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, मुख्यमंत्री के जन संपर्क अधिकारी किशोर भट्ट, उप जिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, उत्तराखंड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केन्द्र की वरिष्ठ भूवैज्ञानिक रूचिका टंडन, डिजायन इंजीनियर पंकज उनियाल, जीएसआई की वरिष्ठ भूवैज्ञानिक नेहा कुमारी, टीएचडीसी के वरिष्ठ प्रबंधक जेआर कोठारी, स्ट्रक्चरल इंजीनियर टीएचडीसी विनय पुरोहित, जिला टास्क फोर्स के भूवैज्ञानिक प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि रजनीश सैनी, तहसीलदार सुरेश सेमवाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेन्द्र पटवाल भी उपस्थित रहे।

अतिथि शिक्षिकाओं को मातृत्व अवकाश जैसी सुविधा को कैबिनेट के निर्णय के बाद हुआ शासनादेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माध्यमिक शिक्षा के अन्तर्गत कार्यरत अतिथि शिक्षिकाओं को प्रसूती व मातृत्व अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराये जाने को महिला कल्याण एवं महिला सशक्तिकरण के साथ शिक्षिकाओं के व्यापक हित में बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षिकाओं की इससे संबंधित मांग पर कैबिनेट द्वारा निर्णय लेकर अब इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी इसे अतिथि शिक्षिकाओं के हित में लिया गया निर्णय बताया है।

अतिथि शिक्षिकाओं को प्रसूती व मातृत्व अवकाश की सुविधा प्रदान किये जाने के संबंध में सचिव शिक्षा रविनाथ रमन द्वारा आदेश जारी किया गया है। महानिदेशक शिक्षा को संबोधित पत्र में सचिव शिक्षा द्वारा स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार के नियत्रणाधीन विभागों, सस्थानों में विभागीय, बाह्य स्रोत के माध्यम से संविदा/तदर्थ/नियत वेतन पर नियोजित महिला सेवकों को प्रसूति अवकाश अनुमन्य किये जाने के सम्बन्ध में माध्यनिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत नियत वेतन पर कार्ययोजित अतिथि शिक्षिकाओं को 180 दिनों का प्रतुति अवकाश अनुमन्य किये जाने की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की गयी है।

हरिद्वार में सिटी स्पोर्ट्स कांप्लैक्स का मंत्री अग्रवाल ने किया निरीक्षण

शहरी विकास व आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा सुंदर हरिद्वार, स्वच्छ हरिद्वार के तहत 17 करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि से निर्मित सिटी स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के जीर्णाेद्धार, 06 करोड़ रुपए की धनराशि से प्राधिकरण क्रिकेट स्टेडियम के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण किया। डॉ अग्रवाल ने किये गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए एचआरडीए के अधिकारियों की प्रशंसा की।

मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि समग्र विकास के लिए संकल्पित हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा हरिद्वार जनपद में खेल भावना से मायापुर में भल्ला कालेज की नजदीक पूर्व से निर्मित सिटी स्पोर्टस कॉम्पलेक्स के जीर्णाेद्धार के साथ-साथ उसके विस्तारीकरण का कार्य कराया जा रहा है। बताया कि यह अन्तिम चरण में है, इस कॉम्पलेक्स में 02 स्कैवश कोर्ट तथा 02 तलों पर जिम, टेरेस पर फुटसेल कोर्ट तथा भूतल पर जलपान गृह की निर्मित किया गया है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि नवनिर्मित स्पोर्टस कॉम्पलेक्स के पार्श्व 02 नये लॉन टेनिस कोर्ट का निर्माण किया गया है। बताया कि नवनिर्मित स्पोर्टस कॉम्पलेक्स के सामने बॉक्स किकेट हेतु पफ शीट हॉल निर्मित किया गया है, जिसमें दिन-रात 03 किकेट अभ्यास मैच कराया जाएगा। बताया कि पूर्व निर्मित बैडमिंटन कोर्ट का पुनरोद्धार तथा आधुनिकीकरण करते हुए वातानुकूलित 05 बैडमिन्टन कीडाएं एक साथ कराये जायेगें तथा दर्शकों हेतु दर्शक दीर्घा का निर्माण कार्य अन्तिम चरण में है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि भल्ला कालेज के नजदीक स्थित प्राधिकरण किक्रेट स्टेडियम के नवीनीकरण में 05 पिचों का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें से 03 किकेट पिचों का निर्माण तथा पूर्व एथेलीक मैदान का विस्तारीकरण करते हुए ग्रासिंग तथा स्वचलित वाटर स्प्रिंकलर कार्य पूर्ण किया गया है। बताया कि रात्रि में अभ्यास एवं खेल के लिए 04 स्पोर्टस हाईमास्ट लाईट स्थल पर स्थापित कर की गयी है। शेष 02 स्पोर्टस हाईमास्ट लाईट का कार्य गतिमान है। बताया कि प्राधिकरण स्टेडियम की सुरक्षा तथा जल निकासी हेतु दीवार तथा ड्रेनेज प्रणाली का कार्य गतिमान है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि प्राधिकरण स्टेडियम से सम्बन्धित समस्त कार्य, जैसेः- मैदान का विस्तारीकरण, नये किकेट पिचों का निर्माण, पार्किंग का निर्माण, दिन-रात किकेट मैच हेतु स्पोर्टस हाईमास्ट लाइट की आपूर्ति व स्थापना, किकेट मैदान के अनुरक्षण हेतु मशीनरी और औजारों की आपूर्ति तथा सुरक्षा दीवार व जल निकासी प्रणाली का कार्य किया गया है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल, सचिव उत्तम चौहान, जिला अध्यक्ष भाजपा संदीप गोयल, जिला महामंत्री आशु चौधरी, आशुतोष शर्मा, निवर्तमान पार्षद अनिरुद्ध भाटी, जोली, तरुण चौधरी, विकास पाल, ध्रुव गुप्ता, जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा विक्रम भुल्लर, अमन गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

विदेश संपर्क स्टेट आउटरीच कांफ्रेस में मुख्य सचिव ने किया प्रतिभाग

विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देहरादून में विदेश सम्पर्क-स्टेट आउटरीच कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि इस पहल से राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों व हितधारकों को केन्द्र सरकार द्वारा प्रवासियों के हित में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी मिलेगी। इस प्रयास से विभिन्न देशों में रहने वाले उत्तराखण्ड के प्रवासियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान में भी सहायता मिलेगी।

सीएस रतूड़ी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड के प्रवासियों की सुविधा के लिए उत्तराखण्ड प्रवासी प्रकोष्ठ बनाया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विदेशों में रह रहे उत्तराखण्ड के मूल निवासियों की शिकायतों के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए एक प्रवासी बोर्ड गठित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के सन्दर्भ में विदेशों में शिक्षा के लिए जाने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रक्रियाओं, प्लेसमेंट एजेंसियों के सेंसटाइजेशन, सुरक्षित व कानूनी माइग्रेशन, वैवाहिक विवाद, मृतकों के पार्थिव अवशेषों की वापसी की प्रक्रियाओं की जानकारी, प्रवासियों के सम्बन्ध में डेटा शेयरिंग का विशेष महत्व है। हमारे लिए अन्य राज्यों द्वारा अपने प्रवासियों की सुविधा और कल्याण के लिए अपनाये जा रही बेस्ट प्रैक्टिसेज की जानकारी भी जरूरी है। विद्यार्थियों तथा काम करने वालों के पंजीकरण की प्रक्रियाओं की जानकारी होनी भी आवश्यक है। हमारे समक्ष साइबर क्राइम भी एक बड़ी चुनौती है।

कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय से सचिव (सीपीवी एण्ड ओआईए) अरुण कुमार चटर्जी ने कहा कि विदेश सम्पर्क प्रोग्राम विदेश मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को गहरा करना तथा उनसे संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए राज्य सरकारों के साथ साझेदारी करना है। वर्ष 2017 से अब तक पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, महाराष्ट्र, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश और कर्नाटक की राज्य सरकारों के साथ आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।

संयुक्त सचिव (डीई) विदेश मंत्रालय अंकन बनर्जी ने प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ जुड़ाव, विदेश में भारतीय महिलाओं से संबन्धित मुद्दे, भारतीय छात्रों से संबन्धित मुद्दे, एनआरआई/पीआईओ के अधिकार व कानूनी मुद्दे, राज्यों में एनआरआई संस्थान, प्रवासी भारतीयों के लिए विदेश मंत्रालय की योजनाओं तथा डेटा का संग्रह जैसे विषयों पर चर्चा की।

सयुंक्त सचिव (सीपीवी) विदेश मंत्रालय, बिनॉय जॉर्ज ने विदेश में मरने वाले भारतीय नागरिकों के पार्थिव अवशेषों के परिवहन, काउंसलर शिकायत निवारण पोर्टल, उत्तराखण्ड में राज्य स्तर पर काउंसलर एक्सेस की प्रक्रिया, राष्ट्रीयता सत्यापन, विदेशियों तक काउंसलर एक्सेस व सजायाफता व्यक्तियों का स्थानांतरण जैसे विषयों पर चर्चा की।

अनु सचिव (ईडी) विदेश मंत्रालय रशेल गर्ग ने व्यापार व निवेश के अवसरों व चुनौतियों के सम्बन्ध में चर्चा की।

शुक्रवार को देहरादून में आयोजित विदेश सम्पर्क-स्टेट आउटरीच कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विदेश मंत्रालय ने उत्तराखण्ड सरकार के हितधारकों और अधिकारियों को वाणिज्य दूतावास और पासपोर्ट सेवाओं के लिए मंत्रालय द्वारा प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को बढ़ावा देने तथा उनके कल्याण और संरक्षण के लिए उठाए गए कार्यक्रमों, योजनाओं और पहलों से अवगत कराया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड सरकार और विदेश मंत्रालय ने प्रवासियों से सम्बन्धित मुद्दों और समस्याओं के समाधान के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करने पर मंथन किया।

बैठक में उत्तराखण्ड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, सभी विभागीय सचिव, सभी जनपदों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व विदेश मंत्रालय के अधिकारी मौजूद रहे।

देहरादून में होगी फोरेंसिक साइंस एक्सपर्ट की तैनाती, वित्त मंत्री ने दिया अनुमोदन

अब प्रदेश में रजिस्ट्री में फ्रॉड केस होने पर गठित एसआईटी टीम को दस्तावेजों का सैंपल चंडीगढ़ नहीं भेजना पड़ेगा। इसके लिए देहरादून में ही फॉरेंसिक साइंस एक्सपर्ट तैनात किया जाएगा। जो पुलिस और एसआईटी टीम के बीच समन्वय का काम करेगा। इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अपना अनुमोदन दिया है।

वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में रजिस्ट्री में फ्रॉड केस जैसे फर्जी हस्ताक्षर, फर्जी कागजात, फर्जी लेखनी आदि की शिकायतें मिलती हैं। इसके लिए पूर्व में एक एसआईटी टीम का गठन किया गया था। उन्होंने बताया कि एसआईटी टीम दस्तावेजों की प्रमाणिकता के लिए चंडीगढ़ स्थित फोरेंसिक लैब को दस्तावेज भेजती थी।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि चंडीगढ़ से दस्तावेजों की प्रमाणिकता की रिपोर्ट आने में अधिक समय लगता था। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार फॉरेंसिक साइंस एक्सपर्ट की तैनाती देहरादून में करने का विचार कर रही है इससे दस्तावेजों की प्रमाणिकता में लगने वाला समय में बचत होगी और निस्तारण समय पर किया जा सकेगा।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि फोरेंसिक साइंस एक्सपर्ट पुलिस और गठित एसआईटी के बीच समन्वय का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की धामी सरकार रजिस्ट्री में फ्रॉड केस के मामले में गंभीर है इसी क्रम में राज्य सरकार ने पूर्व में एसआईटी टीम का गठन किया था।

वर्तमान समय में गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ ही नवीन टेक्नोलॉजी को अपनाना जरूरीः राज्यपाल

शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार सम्मान समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्ष 2023 में शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कारों के लिए चयनित शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को सम्मानित किया। शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित सम्मान समारोह में वर्ष 2023 के लिए चयनित 19 शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को पुरस्कार प्रदान किए गए है।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों एवं दुर्गम क्षेत्रों में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिक्षक वास्तव सम्मान के अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘मैं शिक्षा के क्षेत्र में आपकी सेवाओं और प्रतिबद्धता के लिए प्रदेशवासियों की ओर से आपका आभार व्यक्त करता हूँ’’।

राज्यपाल ने कहा कि गुरु का स्थान सबसे ऊपर है। राज्य शैक्षिक पुरस्कार से चयनित उत्कृष्ट शिक्षक अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि आज के दिन, विशेष रूप से, हर व्यक्ति को अपने विद्यार्थी जीवन की अवश्य ही याद आती है और अपने शिक्षक भी याद आते हैं। अपने गुरुओं को याद करते हुए राज्यपाल ने कहा कि गुरुओं द्वारा दिया गया ज्ञान आज भी मार्गदर्शन और प्रेरणा देता है।

राज्यपाल ने कहा कि समाज एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विश्व गुरु और विकसित भारत बनाने की दिशा में शिक्षकों की अहम भूमिका होगी। शिक्षकों से कहा बच्चों के सर्वांगीण विकास का दायित्व आप सभी के कंधों पर ही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ ही नवीन टेक्नोलॉजी को अपनाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन शिक्षकों के प्रति आदर सम्मान प्रकट करने का दिन है। आज के दिन सम्मानित हो रहे शिक्षकों ने समाज में ज्ञान का संचार एवं अपने अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को आकार देने का कार्य किया है। भारतीय संस्कृति में गुरु का सर्वाेच्च स्थान होता है। शिक्षक हर स्थिति में अपने विद्यार्थी को मार्गदर्शन देने का कार्य करता है। गुरु ही अपने प्रकाश से अंधकार की अज्ञानता को दूर करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन इतिहास में गुरु शिष्य परंपरा का उल्लेख मिलता है। शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षक अन्य लोगों को भी प्रेरणा देंगे एवं समाज के लिए रोल मॉडल हैं। गुरु का कार्य शिक्षा देने के साथ ही अपने शिष्य के व्यक्तित्व का निर्माण, अनुशासन एवं समाज के प्रति भावनाओं को जागृत करना भी है। वर्तमान समय में नैतिक शिक्षा की आवश्यकता है। धीरे-धीरे समाप्त हो रहे मूल्यों को पुनः जागृत करने का जिम्मा भी गुरुओं का है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में शिक्षकों की भूमिका और बढ़ गई है। तकनीकी विकास और वैश्वीकरण के दौर में शिक्षक, छात्रों को संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा राज्य के विकास और नौनिहालों के भविष्य को बनाने में राज्य सरकार शिक्षकों की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। राज्य में शिक्षकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं। शिक्षकों को नवाचार से जोड़ने पर निरंतर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षक हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी शिक्षकों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण मनोयोग से किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शैलेश मटियानी पुरस्कार के तहत मिलने वाली धनराशि को दस हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किए जाने की घोषणा की।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सभी के अथक प्रयासों से राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी दी। कार्यक्रम में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रामन ने सम्मान समारोह में उपस्थित लोगों का स्वागत किया और सम्मान समारोह की विस्तृत जानकारी दी।

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, अपर सचिव शिक्षा रंजना राजगुरु, शिक्षा विभाग के अन्य उच्च अधिकारीगण और पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं व उनके परिजन उपस्थित रहे।

पुलिस मुख्यालय पहुंचे सीएम धामी, किया औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस मुख्यालय से संचालित महिला सुरक्षा हेल्पलाईन और पुलिस द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए। कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने और शांति भंग करने वाले अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों से जुड़ी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जरूरतमंद लोगों को पुलिस की सहायता तत्काल मिले।

मुख्यमंत्री ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिये कि डेमोग्रेफी चेंज, धर्मान्तरण, लव जिहाद के प्रकरणों पर यथाशीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य का शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा सघन अभियान चलाया जाए तथा आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों पर नियमित निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिये कि उन्होंने जिन थानों से नौकरी की शुरूआत की है, उन थानों का स्थलीय निरीक्षण करें, आवश्यकतानुसार संबंधित थानों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी वे सहयोगी बनें।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए एवं प्रदेश में आने-जाने वालों पर निगरानी रखी जाए। अपराधों को कम करने की दिशा में लगातार कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि महिला अपराधों को रोकने के लिए और उन्हें जल्द न्याय दिलाने के लिए वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाए। अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अधिकारियों को आपस में समन्वय बनाने, सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान, इंटेलीजेंस व्यवस्था को और मजबूत बनाये जाने और रात्रि पेट्रोलिंग की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये। जिन क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियां बढ़ी हैं, ऐसे क्षेत्रों की सतत निगरानी करते हुए गश्त बढ़ाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कार्मिकों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए। साइबर अपराध एवं तकनीक आधारित अन्य प्रशिक्षण समय-समय पर पुलिसकर्मियों को दिये जाएं।

इस अवसर पर डीजीपी अभिनव कुमार, एडीजी अमित कुमार सिन्हा, वी. मुरूगेशन, ए.पी. अंशुमान, आईजी विम्मी सचदेवा, नीलेश आनंद भरणे, के. एस. नगन्याल, अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती, डीआईजी सेंथिल अबुदई एवं एस.एस.पी देहरादून अजय सिंह उपस्थित थे।

मसूरी में सीएम ने गोलीकांड की 30वीं बरसी पर किया शहीद आंदोलनकारियों को नमन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी गोलीकांड की 30 वीं बरसी के अवसर पर मसूरी के शहीद स्मारक पहुँचकर शहीद आंदोलनकारियों को नमन किया एवं उनकी प्रतिमा पर श्रद्धाजंलि अर्पित की। इस अवसर पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू किये जाने पर राज्य आंदोलनकारियों की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य आंदोलनकारियों ने अपनी जान की परवाह किये बिना अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि शहीद आंदोलनकारियों ने जो सपने उत्तराखंड के लिए देखे थे, उन्हें पूरा करने का कार्य राज्य सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि 1 सितंबर को खटीमा कांड, 2 सितंबर को मसूरी और 2 अक्टूबर को रामपुर तिराहा कांड हुआ, ये तीनों दिन हमारे राज्य के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने अमर शहीदों के सर्वाेच्च बलिदान को कभी भूला नहीं सकते। मुख्यमंत्री ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे आंदोलन को बर्बरतापूर्ण कुचलने का काम तत्कालीन सरकार ने किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद आंदोलनकारियों का सपना था कि एक ऐसा उत्तराखंड बने, जहां सबको समान अधिकार मिले। इसी लक्ष्य को लेकर राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में जारी नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड ने नंबर एक स्थान प्राप्त किया है। राज्य में विकास के साथ पर्यावरण संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में जी.ई.पी की शुरूआत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। आने वाले दस वर्षों में उत्तराखंड अपने विकास और उन्नति के चरम पर होगा। इसके लिए इकोलॉजी और इकोनॉमी के समन्वय के साथ कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू की है एवं पेंशन दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलन में हमारी नारी शक्ति की बड़ी भूमिका रही है। इसी के दृष्टिगत राज्य सरकार ने महिलाओं को राज्य की सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। 100 से ज्यादा नकल माफियाओं को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाने का कार्य किया गया। इसके अलावा राज्य में जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए कड़ा कानून लाने के साथ ही दंगा रोधी कानून भी राज्य में लागू किया गया है। राज्य में डेमोग्राफी चेंज न हो, इसके लिए लैंड जिहाद पर कठोर कार्रवाई की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 16 हजार से ज्यादा नियुक्तियां विगत 3 वर्षों में सरकारी विभागों में की गई है। उन्होंने कहा कि अभी एक ही दिन में राज्य पीसीएस परीक्षा 2021 का फाइनल रिजल्ट और 2024 का प्री का रिजल्ट जारी किया गया। इस परीक्षा में अधिकांश अभ्यर्थी उत्तराखण्ड के चयनित हुए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी के शहीद स्मारक में बलिदानियों के स्मरण में संग्रहालय बनाया जायेगा। हमारे राज्य आन्दोलनकारियों के बारे में भावी पीढ़ी को जानकारी होना जरूरी है।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने मसूरी में स्वं इन्द्रमणि बडोनी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्वांजलि भी दी।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि 1 सितंबर को खटीमा गोलीकांड के बाद मसूरी में लोगों में भारी आक्रोश था। जिसको लेकर 2 सितंबर को आंदोलनकारी खटीमा गोली कांड के विरोध में शांतिपूर्वक तरीके से एक सितंबर को उधमसिंह नगर खटीमा में हुए गोलीकांड के विरोध में क्रमिक अनशन कर रहे थे। इस दौरान तत्कालीन सरकार के निर्देश पर पीएसी व पुलिस ने आंदोलनकारियों पर बिना पूर्व चेतावनी के अकारण ही गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। जिसमें आंदोलनकारी बलबीर सिंह नेगी, धनपत सिंह, राय सिंह बंगारी, मदनमोहन ममगाईं, बेलमती चौहान और हंसा धनाई शहीद हो गए। उन्होंने कहा अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड को अलग राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, मसूरी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, ओपी उनियाल, भगवान सिंह धनई एवं राज्य आन्दोलनकारी उपस्थित थे।