मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे कांग्रेस के तमाम बड़े नेता, यह रहे शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कैंप कार्यालय, देहरादून में कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, विधायक ममता राकेश, विधायक फुरकान अहमद, विधायक अनुपमा रावत, विधायक रवि बहादुर, विधायक वीरेंद्र जाति, विधायक काजी निजामुद्दीन, विधायक मोहम्मद शहजाद एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया

देहरादून। भारत सरकार के राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) के तहत ऊधमसिंह नगर जनपद में स्थित खुरपिया फार्म को स्मार्ट औद्योगिक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसके लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस संबंध में विशेष अनुरोध किया था। सीएम धामी का कहना था कि इस परियोजना के माध्यम से उत्तराखंड में 15 हजार करोड़ का निवेश संभावित है और करीब 50 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को एनआईसीडीपी के तहत ₹28,602 करोड़ के अनुमानित निवेश के साथ 12 नए परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से देश में औद्योगिक नोड्स और शहरों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होगा जो आर्थिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा। उत्तराखंड में ऊधमसिंह नगर के खुरपिया फार्म को इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिन्हित किया गया है।

खुरपिया फार्म में भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से 1002 एकड़ भूमि पर 1265 करोड़ की लागत से स्मार्ट औद्योगिक शहर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी के विशेष प्रयासों से परियोजना की स्थापना और संचालन के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।

डिजिटल डिपॉजिट रिफन्ड सिस्टम को धरातल में उतारने के लिए समन्वय से हों कार्यः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संचालित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं प्लास्टिक की बोतल को बार कोड से स्कैन कर डिजिटल पेमेंट प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक की खपत को कम करने एवं अधिक से अधिक प्लास्टिक को रिसाइकल कर, उसे इस्तेमाल में लाने के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफन्ड सिस्टम का शुभारंभ एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा डिजिटल डिपॉजिट रिफन्ड सिस्टम को धरातल में उतारने के लिए समन्वय से कार्य किये जाएं। यह पहल चार धाम यात्रा एवं अन्य पर्यटन स्थलो में भी कूड़े की खपत को कम करते हुए स्वच्छता का वातावरण बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक की समस्या संपूर्ण विश्व के लिए चुनौती बन गई है। धार्मिक और पर्यटन स्थलों में प्लास्टिक की बड़ी समस्या के तौर पर सामने आती है। इसके समाधान हेतु राज्य सरकार ठोस कदम उठा रही है। राज्य में स्वच्छता का वातावरण बनाते हुए क्लीन उत्तराखंड, ग्रीन उत्तराखंड पर सरकार विशेष फोकस कर रही है। राज्य की प्राकृतिक संपदा हम सभी के जीवन का अभिन्न अंग है, इसको सुरक्षित रखना भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल डिपोजिट रिफन्ड सिस्टम को 2 साल पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उत्तराखंड में लाया गया था। जिसके सफल संचालन के लिए उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले को डिजिटल इंडिया अवॉर्ड 2022 से भी सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा नदियां, जंगल, पहाड़ राज्य की धरोहर और पहचान है। प्लास्टिक हमारी इन धरोहरों को खतरे में डाल रही है। जिसके निस्तारण के लिए राज्य सरकार विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक के प्रयोग से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की गई थी। जिससे भारत में स्वच्छता के क्षेत्र में नई क्रांति का संचार हुआ था। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा की स्वच्छता के लिए अनेक कार्य हो रहे हैं।

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे का एकत्रीकरण सरल हो जाएगा। डी.डी.आर.एस के तहत प्लास्टिक बोतल/प्लास्टिक पदार्थों का उत्पादन करने वाली ईकाईयों द्वारा ’क्यूआर कोड सिस्टम’ जनित किया जायेगा, जिससे उपभोगताओं द्वारा प्लास्टिक पैकेजिंग में भण्डारित पदार्थों का प्रयोग करने के पश्चात् प्लास्टिक अपशिष्ट को नज़दीकी डी.डी.आर.एस सेंटर को वापस किया जायेगा व बार कोड स्कैन करने के पश्चात् उपभोगता को प्रत्येक प्लास्टिक अपशिष्ट पर एक निश्चित धनराशि वापस की जायेगी। डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम के लागू होने से प्लास्टिक कचरे को सर्कुलर इकोनॉमी में वापस लाया जा सकेगा, जिससे संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ धनंजय मोहन, विशेष सचिव/मेंबर सेक्रेटरी, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव युगल किशोर पंत, आलोक कुमार पाण्डेय एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने पिथौरागढ़ की चार आन्तरिक सम्पर्क मार्गों के निर्माण हेतु प्रदान की रूपये 1.16 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

CM gave financial approval of Rs 1.16 crore for मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राम विकास विभाग के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ के विकासखण्ड मूनाकोट के जुलपाता से भटेड़ी तक सम्पर्क मार्ग के निर्माण हेतु रूपये 29.97 लाख, भटेड़ी से सिरोड़ी तक सम्पर्क मार्ग निर्माण हेतु रूपये 44.42 लाख तथा मडसौन से डुगराकोट इण्टर कालेज तक सम्पर्क मार्ग निर्माण हेतु रूपये 17.94 लाख की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के ग्राम सभा बार्मों से हाई स्कूल तक आंतरिक सम्पर्क मार्ग निर्माण के लिए भी रूपये 23.50 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस प्रकार मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद पिथौरागढ़ की कुल 04 आन्तरिक सम्पर्क मार्गों के निर्माण हेतु रूपये 1.16 करोड़ की वित्तीय स्वीकृत मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने डी0ए0वी0पी0जी0 कॉलेज के बहुउद्देशीय क्रीडा भवन के निर्माण तथा आवश्यक उपकरणों के लिए प्रदान की रुपये 19.18 लाख की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र राजपुर के अंतर्गत अशासकीय डी0ए0वी0पी0जी0 कॉलेज, देहरादून के बहुउद्देशीय क्रीडा भवन के निर्माण कार्यों हेतु आवश्यक उपकरण एवं सिंथेटिक टर्फ सहित प्रकाश व्यवस्था एवं फाल्स सीलिंग लगाए जाने के लिए रुपये 19.18 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस धनराशि की वित्तीय स्वीकृति भी मुख्यमंत्री घोषणा के तहत प्रदान की गई है।the construction of four internal link roads of Pithoragarh.

आस्थाः इस्कॉन द्वारा जन्माष्टमी महोत्सव में आठ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किये दर्शन

इस्कॉन ऋषिकेश द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान आठ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन करते हुए राधा कृष्णा का दुग्ध, दही, शर्करा आदि से अभिषेक किया।

इस दौरान अंतर विद्यालय सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं ने प्रदर्शन किया। नृत्य प्रदर्शन, गायन प्रदर्शन, नाटक, भजन, कीर्तन और सभी के लिए प्रसाद वितरण किया गया। सभी आगंतुकों ने झूले पर बैठे राधा कृष्ण को भी झुलाया। इस्कॉन द्वारा बुक स्टॉल, गिफ्ट स्टॉल, यूथ काउंटर और कोर्स पेश किए गए। यह वास्तव में ऋषिकेश के सबसे खूबसूरत जन्माष्टमी समारोहों में से एक था। शहर के कई गणमान्य व्यक्ति, जिनमें शैक्षणिक, राजनीतिक और स्वास्थ्य सेवा पृष्ठभूमि से कई हस्तियां शामिल थीं।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, इस्कॉन के प्रमुख लोग राधाकुंड दास, माधवाचार्य दास, दीन गोपाल दास, चौतन्य लीला दास, पार्थमित्र दास, राजेश्वर दास, राजेश शर्मा और किरण भट्ट उपस्थित थे।

सीएस ने खाद्य सुरक्षा के सम्बन्ध में दायर वादों की त्वरित सुनवाई हेतु जिलाधिकारियों को निर्देश दिए

खाद्य सुरक्षा के सम्बन्ध में न्याय निर्णयन हेतु दायर वादों के विलम्ब के मामलों का गम्भीरता से संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने न्याय निर्णायक अधिकारी/जिलाधिकारी/एडीएम को वादों की त्वरित सुनवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देशों के ससमय अनुपालन ना होने की दशा में उत्तरदायी अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के भी निर्देश दिए हैं। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को मुख्य सचिव की ओर से पत्र प्रेषित किया जा रहा है। उन्होंने सचिवालय में सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ्य आहार पर गठित राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 नियम 2011 की धारा 68 के तहत न्याय निर्णयन हेतु दायर वादों के विलम्ब से निस्तारण के फलस्वरूप बढ़ती वादों की संख्या तथा इस कारण प्रवर्तन कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पर स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य आपूर्ति व पुलिस विभाग से रिपोर्ट तलब की। मुख्य सचिव ने त्यौहारों के दौरान विशेष अभियान संचालित कर दुग्ध, मिठाई व अन्य खाद्य उत्पादों की टेस्टिंग तथा मिलावटी कार्यों में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

सीएस राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को देहरादून में गढ़वाल मण्डल की फूड टेस्टिंग लैब के संचालन को आरम्भ करने के लिए 2 माह की डेडलाइन दी है। इस गढ़वाल मण्डल फूड टेस्टिंग लैब की अधिसूचना की कार्यवाही गतिमान है। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए 13 पदों की स्वीकृति दे दी गई है। इस सम्बन्ध में 23 करोड़ का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा चुका है। आरम्भ में इस लैब की क्षमता 5000 सैम्पलिंग टेस्ट की होगी। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने रूद्रपुर में अल्ट्रा मॉर्डन माइक्रोबाइलोजिकल फूड लैब की स्थापना तथा लैब में आधुनिक उपकरण की उपलब्धता के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार द्वारा फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स प्रोग्राम के संचालन हेतु भी संविदा के आधार पर 8 पदों की स्वीकृति दी गई है। मुख्य सचिव राज्य में अधिकाधिक टेस्टिंग बढ़ाये जाने तथा टेस्टिंग रिपोर्ट समयबद्धता से तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भोजनमाताओं व आंगनबाड़ी वर्कर्स को भी फूड टेस्टिंग में प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को सभी आवासीय विद्यालयों में फूड सेफ्टी के सम्बन्ध में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने होटल मेनेजमेंट के प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को फूड सेफ्टी की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने आमजन के लिए सैम्पल टेस्टिंग किट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य के उत्तराखण्ड की सीमा पर स्थित जिलों में मिलावटी दुग्ध व दुग्ध व खाद्य उत्पादों की सयुंक्त निगरानी एवं प्रवर्तन कार्यों को संचालित करने की दृष्टि से मुख्य सचिव राधा रतूड़ी द्वारा मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को पत्र भेजा जा रहा है। उन्होंने इस सम्बन्ध में सयुंक्त प्रवर्तन कार्यवाही हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने ईट राइट इण्डिया अभियान के तहत ईट राइट कैम्पस/ईट राइट स्कूल प्रमाणीकरण में सभी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, शासकीय एवं गैर शासकीय कैम्पस को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। राज्य में अभी तक उत्तराखण्ड सचिवालय पहला कैम्पस है जिसे एफडीए द्वारा ईट राइट इण्डिया का प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है।

बैठक में जानकारी दी गई कि चार धाम यात्रा मार्ग पर खाद्य कारोबार कर्ताओं के प्रतिष्ठानों पर विक्रय किये जा रहे खाद्य पदार्थों की जांच एवं अपमिश्रित खाद्य पदार्थों के विक्रय पर रोक लगाये -जाने हेतु खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अतिरिक्त रूप से तैनाती की गयी है। 1418 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किये गये। 190 विधिक तथा 519 सर्विलांस नमूने जॉच हेतु लिये गये है। 20 खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर किये गये हैं तथा न्यायालय द्वारा 09 खाद्य कारोबारियों पर 3,30,000 रूपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है। चारधाम यात्रा मार्ग पर मोबाईल खाद्य विश्लेषण शाला के माध्यम से आम जनमानस एवं खाद्य कारोबार कर्ताओं द्वारा उपलब्ध करायी गयी सामग्री की मौके पर जाँच/प्रशिक्षण/जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत 601 खाद्य पदार्थों की मौके पर सर्वेलांस जाँच की गयी, जिसमें से 529 खाद्य पदार्थ जाँच में सही पाये गये तथा 72 मानकों के अनुरूप नही पाये गये। उक्त कार्यक्रम को प्रभावी रूप से चलाने हेतु 02 नवीन संचल खाद्य विश्लेषणाशालाओं के संचालन हेतु टैक्निकल स्टाफ की आउटसोर्स के माध्यम से तैनाती की अनुमति प्राप्त हो गयी है तथा पदों को भरे जाने की कार्यवाही गतिमान है।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखण्ड के अधीन कार्यरत खाद्य संरक्षा तथा-सतर्कता सह अभिसूचना इकाई के अधिकारियों द्वारा प्रदेश के प्रवेश मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान संचालित किया जा रहा हैं।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त के द्वारा खाद्य संरक्षा तथा सर्तकता सह अभिसूचना के अधिकारियों की टीम गठित करते हुए चारधाम यात्रा/पर्यटक सीजन में सघन-प्रर्वतन की कार्यवाही की जा रही है।

खाद्य पदार्थों में मिलावट के सम्बन्ध में विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन मामलों की प्रभावी पैरवी ए०पी०ओ० के माध्यम से कराये जाने हेतु जनपदीय अभिहित अधिकारियों को प्रकरण जिला स्तरीय सलाहकार समिति के समक्ष रखने हुये निर्देशित किया गया है।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अन्तर्गत दायर विभिन्न वादों का निस्तारण करने वाले न्याय निर्णायक अधिकारी/ए०डी०एम० को प्रशिक्षण प्रदान किये जाने हेतु भारतीय खाद्य संरक्षा एंव मानक प्राधिकरण नई दिल्ली को अनुरोध पत्र प्रेषित किया गया है।

खाद्य सुरक्षा के सम्बन्ध में आम जनमानस द्वारा विभागीय हैल्प लाईन पर प्राप्त शिकायतों/जानकारी की पंजीकरण प्रक्रिया का ऑटो डिजीटाइजेशन कर हेल्पलाईन न0 18001804246 को 24×7 संचालित किये जाने एवं आई०ई०सी० के माध्यम से टोल फ्री न० के व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है।

उद्योग जगत से सहयोग लेते हुए सी०एस०आर० फंड के तहत चारधाम यात्रा मार्ग पर 1200 स्ट्रीट वेंडर को फॉस्टेक प्रशिक्षण प्रदान किये जाने हेतु कार्यवाही गतिमान है। जनपद देहरादून में नेस्ले इण्डिया के सहयोग से स्ट्रीट फूड वेंडर को फॉस्टेक प्रशिक्षण का आरम्भ किया गया है तथा जनपद रूद्रप्रयाग, पौडी, चमोली, उत्तरकाशी एवं टिहरी में फॉस्टेक प्रशिक्षण प्रदान किये जाने की कार्यवाही गतिमान है।

बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, सचिव डा0 आर राजेश कुमार सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, पुलिस, महिला एवं बाल कल्याण विकास के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उत्साहित हुए असिस्टेंट प्रोफेसर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत लोक सेवा आयोग, उत्तराखण्ड से चयनित 72 असिस्टेंट प्रोफेसर को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र और अंग्रेजी विषय में चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर को आज नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के मेधावी छात्रों के लिए नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एन.आई.आर.एफ) इंस्टीट्यूट में 50 हजार रुपये की धनराशि प्रदान किये जाने के लिए पोर्टल का शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अस्टिंट प्रोफेसर को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षार्थियों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आपके पास हमारे युवाओं का भविष्य निर्माण करने की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इन नव चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर का यह पहला पड़ाव है। अब आपके पास अपने कार्यक्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन से बच्चों के भविष्य को संवारने की महत्वपूर्ण चुनौती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी इस चुनौती को साकार रूप देकर राज्य सरकार के विकल्प रहित संकल्प को पूरा करने में अपना योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि नव चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर अपने कार्य स्थल पर नवाचार का प्रयोग करेंगे। समाज की कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएंगे, शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का प्रयोग और रोजगारपरक शिक्षा के साथ बच्चों को अच्छे संस्कार भी देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। राज्य सराकर इस दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए तैयारी अंतिम चरण में। पिछले तीन सालों में जनहित में अनेक निर्णय लिये गये हैं। पिछले तीन सालों में 16 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्रदान की गई है। शेष रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू किया गया है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान मिला है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा पिछले तीन सालों में लिए गये अनेक फैसलों को मॉडल के रूप में पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा मानवीय संसाधनों को तराशने का आधार है। युवा कर्णधारों को सही दिशा देने में उच्च शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षार्थियों को अच्छी शिक्षा के साथ समाज और देश के प्रति जिम्मेदार बनाने में भी शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को उद्यमिता और स्टार्टअप के प्रति भी प्रोत्साहित किया जाए। राज्य सरकार द्वारा उद्यमिता और स्टार्टअप को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस तरह तैयार करना है कि वे सिर्फ रोजगार पाने वाले ही न बनें, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने वाले बनें। इसके लिए राज्य में देवभूमि उद्यमिता योजना भी शुरू की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को राज्य में लागू किया गया है। शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्वक और प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों और विश्व विद्यालयों में आधारभूत संरचनाओं के निर्माण, तकनीक के विस्तार के सभी क्षेत्रों में कार्य किये जा रहे हैं। 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है। मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जा रही है। शोध को बढ़ावा देने के लिए शोद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। गौरव योजना के तहत राज्य के उच्च शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत छात्रों को बैंकिंग एवं वित्तीय त्रिस्तरीय प्रशिक्षण तथा 05 हजार छात्रों के प्लेसमेंट का भी लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, सविता कपूर, उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति प्रो. देवेन्द्र भसीन, सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, अपर सचिव आशीष श्रीवास्तव एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

पुरोला में ट्रेक आफ द ईयर घोषित करने पर निवासियों ने जताया सीएम का आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जी.टी.सी हेलीपैड, देहरादून में पुरोला विधानसभा से आए प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल ने राज्य सरकार द्वारा जनपद उत्तरकाशी के सर बडियार/सरनौल -सोत्तरी से सरुताल तक ट्रेक को ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सर-बडियार/सरनौल – सौत्तरी से सरूताल तक ट्रेक को ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित किए जाने के बाद पुरोला क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे एवं ट्रैक मार्ग पर पर्यटकों एवं ट्रैक्टर्स की संख्या बढ़ेगी। ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित होने से क्षेत्र में बुनियादी विकास सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रुकेगा, जिससे क्षेत्र के लोग काफी उत्साहित हैं।

भाजपा जिला अध्यक्ष (उत्तरकाशी) सतेंद्र सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तरकाशी के विकास के लिए हमेशा अग्रसर रहते हैं। उत्तरकाशी जिले में ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित होने से क्षेत्र के विकास को नई मजबूती मिलेगी। इससे उत्तरकाशी क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा एवं दूरस्थ क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार होगा। बड़ी संख्या में ट्रैकर्स के आने पर क्षेत्र के युवा होमस्टे एवं स्वरोजगार को अपना कर उत्तरकाशी के साथ ही राज्य की आर्थिकी को मजबूत करेगें।

इस दौरान भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, धर्मवीर ज्याडा, अरविंद ज्याडा, कैलाश रावत, जगवीर सिंह रावत, चिरंजीव सेमवाल एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

मन की बात में सीएम ने अल्मोड़ा बाल मिठाई का किया जिक्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात“ कार्यक्रम का 113 वां संस्करण सुना। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्रों द्वारा शुरू किए गए ैचंबमजमबी ैजंतज-न्च ळंसंÛम्लम की टीम के सदस्यों से वार्ता की। इस टीम के सदस्यों में से एक अल्मोड़ा, उत्तराखंड निवासी रक्षित भी हैं। रक्षित से वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री ने अल्मोड़ा की प्रसिद्ध बाल मिठाई का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बैडमिंटन खिलाडी लक्ष्य सेन हमेशा उनके लिए अल्मोडा की बाल मिठाई लाते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पेस सेक्टर में उत्कृष्ट कार्य कर रहे अल्मोड़ा के रक्षित से वार्ता कर स्पेस संबंधित विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। आज हमारे प्रदेश के युवा प्रत्येक सेक्टर में राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा अल्मोड़ा की प्रसिद्ध बाल मिठाई एवं प्रदेश के बैडमिंटन खिलाडी लक्ष्य सेन का जिक्र करना उत्तराखण्ड के प्रति उनके आत्मीय लगाव को प्रदर्शित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ’मन की बात’ कार्यक्रम युवा पीढ़ी, मातृशक्ति के उत्थान एवं सभी को प्रेरणा देने का काम करता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बेहतर और समृद्ध भारत की प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के कोने कोने में हो रहे उत्कृष्ट कार्य को आगे लाने का काम किया है। ऐसे अनगिनत कार्य देश के सामने लाए गए हैं, जिस ओर किसी का ध्यान नहीं जाता था। इस कार्यक्रम के माध्यम से छोटे स्थानो पर होने वाले बड़े कार्यों को देश दुनिया के सामने लाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ’ मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री, लोगों के प्रयासों को प्रोत्साहन देकर उनका विश्वास जगाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में तिरंगा यात्रा का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने मनुष्य और जानवरों के बीच के प्रेम पर भी प्रकाश डाला है। क्रिएटिविटी के माध्यम से जानवरों की रक्षा एवं फिट इंडिया के बारे में भी प्रधानमंत्री ने सभी को बताया है। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम ने हमें यह एहसास कराया कि हमारा देश एक बड़े परिवार की भांति है। जहां हर एक नागरिक की देश को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पुनः विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। पूरी दुनिया प्रधानमंत्री की बातों को पूर्ण गंभीरता से लेती है। भारत ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रत्येक भारतवासी में आज विश्वास जगा है। आज सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के लिए कार्य कर रही है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकलने का कार्य हुआ है। 50 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए हैं, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत साढे तीन करोड़ मकान बनाए गए हैं। 10 करोड़ से अधिक उज्जवला योजना के अंतर्गत कनेक्शन दिए गए हैं। जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आमजन के जीवन स्तर में सुधार आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत के तहत 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख तक का बीमा प्रदान किया गया है। हर साल किसान सम्मान निधि को सीधा लाभार्थियों के खातों में भेजा जा रहा है। फसल बीमा योजना से किसानों की फसल को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, मुद्रा योजना के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत किया जा रहा है।

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा महानगर देहरादून द्वारा आयोजित सदस्यता अभियान – 2024 कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुए।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, विधायक खजान दास, विधायक दुर्गेश्वर लाल, विधायक बंशीधर भगत, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति विश्वास डाबर, उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ. देवेंद्र भसीन, महानगर अध्यक्ष भाजपा सिद्धार्थ अग्रवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

केदारनाथ धाम के नाम से दिल्ली में अब नहीं बनेगा कोई मंदिर

दिल्ली के बुराड़ी में श्री केदारनाथ धाम के नाम से अब कोई मंदिर नहीं बनेगा। दरसअल, पिछले दिनों इस मुद्दे पर उत्तराखंड के तमाम धर्मावलंबियों ने अपना विरोध प्रकट किया था। माना जा रहा है कि इसी के चलते श्री केदारनाथ धाम दिल्ली ट्रस्ट ने इसे नहीं बनाने का निर्णय लिया है। राज्य की पुष्कर धामी सरकार ने भी इस मसले पर जनभावनाओं को भांपते हुए धामों के नाम का कहीं भी दुरपयोग न हो सके, इसके मद्देनजर कठोर कानून लाने का निर्णय हाल के दिनों में कैबिनेट के माध्यम से किया है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों दिल्ली में श्री केदारनाथ धाम की तर्ज पर मंदिर बनाने का श्री केदारनाथ धाम दिल्ली ट्रस्ट ने निर्णय लिया था और इसके लिए मंदिर के कार्यों का शिलान्यास भी कर दिया गया। हालांकि, अगले ही दिन से इस मामले में उत्तराखंड में भारी विरोध देखने को मिला। चारधामों के पंडा-पुरोहितों ने इसे लेकर घोर आपत्ति प्रकट की की कैसे केदारनाथ धाम के नाम पर कहीं भी कोई दूसरा मंदिर बनाया जा सकता है। मामले में राज्य सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा। तमाम धर्मावलंबियों की भावनाओं से इत्तेफाक रखते हुए राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कैबिनेट के माध्यम से निर्णय लिया कि भविष्य में उत्तराखंड के धामों का कोई दुरपयोग न कर सके, इसके मद्देनजर राज्य सरकार जल्द ही कानून लेकर आएगी। स्वयं, मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में केदारनाथ धाम एक ही है और एक ही रहेगा। राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रफुल्लित तमाम पंडा-पुरोहितों ने इस मुद्दे पर देहरादून से लेकर केदारनाथ धाम तक उनके निर्णय की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन एवं आभार प्रकट किया।

इधर अब, श्री केदारनाथ धाम दिल्ली ट्रस्ट की अध्यक्ष सुमन मित्तल ने अवगत कराया है कि पूर्व में सभी ट्रस्टी मिलकर दिल्ली के बुराड़ी, बख्तावरपुर रोड हिरणकी में मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करने जा रहे थे, लेकिन उत्तराखण्ड के कुछ लोगों के द्वारा विरोध/आपत्ति के बाद यह अहसास हुआ की जन मानुष और धार्मिक भावनाओं को केदारनाथ धाम बनाने से ठेस पहुँचती है तो इसके मद्देनजर दिल्ली में केदारनाथ धाम बनाने का कार्य त्याग दिया गया है और अब इस नाम से कोई मंदिर नहीं बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए ऑनलाइन /क्यू कोड से दान लेने की प्रक्रिया भी बंद कर दी है और अब कोई दान नहीं लिया जा रहा। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम ट्रस्ट बंद करने के लिए हमने प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है।