बैठक कर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के सीएम ने दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में शासन के उच्चाधिकारियों एवं बीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस महानिदेशक सहित आयुक्तों, उपपुलिस महानिरीक्षको, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था की गहनता से समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश की कानून व्यवस्था को चुश्त, दुरुस्त बनाने तथा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के सख्त निर्देश दिये। प्रदेश में ज्वेलरी दुकानों पर डकैती सहित अन्य अपराधों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिये अधिकारियों का आपसी समन्वय बनाने, सूचनाओं के त्वरित संप्रेषण, इंटेलिजेंस व्यवस्था को प्रभावी बनाये जाने, रात्रि पेट्रोलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने पर ध्यान देने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को किसी भी आपराधिक घटना को ससमय ब्रिफिंग किये जाने के निर्देश देते हुए इसकी जानकारी सूचना महानिदेशक को भी अविलम्ब उपलब्ध कराये जाने को कहा, ताकि घटनाओं की वास्तविक स्थिति मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचे। उन्होंने मीडिया से निरन्तर समन्वय बनाये रखने को कहा। उन्होंने महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर नियंत्रण के लिये गौरा शक्ति एप को और अधिक सक्रिय बनाये जाने पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण, लव जिहाद आदि मामलों में कानून होने के बावजूद इस पर रोक न लगना चिन्ता का विषय है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने प्रदेश में अपराध कहां बढ़ रहे हैं और क्यों बढ़ रहे हैं इस पर भी चिन्तन की जरूरत बताई। डेमोग्राफिक चेंज की समस्या के समाधान के लिये भी संबंधित सभी एजेंसियों के मध्य समन्वय पर ध्यान देने के निर्देश भी उन्होंने दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड बाहरी प्रदेशों के अपराधियों की शरणगाह न बनें इसके लिये सीमावर्ती क्षेत्रों में निरन्तर सघन चेकिंग अभियान संचालित किया जाय। अपराधियों के मन में पुलिस का भय तथा आमजन का पुलिस के प्रति भरोसा बढे यह सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने किरायेदारों तथा बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन पर भी ध्यान देने के निर्देश देते हुए मदरसों व अन्य शिक्षण संस्थाओं में पढ़ रहे बच्चे राज्य के नागरिक कैसे बनाये जा रहे हैं, इस पर भी ध्यान देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में हुए ज्वेलरी दुकान डकैती के प्रकरण में एसपी सिटी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस प्रकरण में जो भी जिम्मेदार होगा उसके विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने उत्तराखण्ड को 2025 तक नशा मुक्त प्रदेश बनाने के लिये भी प्रयासरत रहने तथा सामुदायिक पुलिसिंग पर ध्यान देने पर बल दिया। प्रदेश में अपराधों पर नियंत्रण के लिये क्या बेहतर किया जा सकता है इस पर भी चिन्तन किये जाने की जरूरत मुख्यमंत्री ने बतायी। शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा अधीनस्थों के साथ अधिकारियों का सरल व्यवहार व क्षेत्रवाद की भावना से दूर रहने पर भी उन्होंने बल दिया। साइबर क्राईम पर प्रभावी रोकथाम के लिये जन जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूडी, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, ए.डी.जी. ए.पी.अंशुमन, आई.जी. के.एस. नगन्याल, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव निवेदिता कुकरेती, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार सहित आयुक्त कुमाऊं व सभी जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने किया अनुसूचित जाति के युवाओं से संवाद स्थापित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का खटीमा मुख्य चौराहे पर वाल्मीकि समाज एवं पर्यावरण मित्रों द्वारा पगड़ी पहनाकर तथा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण देने, पर्यावरण मित्रों का वेतन 7000 से 15000 किये जाने तथा राज्य की महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने के निर्णय पर सभी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का हमारा संकल्प है। इस दिशा में जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाएं संचालित की गई है। युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार के बेहतर साधन उपलब्ध हो इस दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। नकल विरोधी कानून से आज युवाओं की प्रतिभा को पहचान मिली है। आज युवा एक नही दो तीन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे है। शीघ्र ही सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की व्यवस्था हो इसके लिए समान नागरिकता लागू करने की भी प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून, अवैध अतिक्रमण हटाये जाने, दंगारोधी कानून लागू करने से समाज में सुख शांति एवं आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलेगा। इससे देवभूमि के मूलस्वरूप को बनाये रखने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सभी से राज्य के विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।

कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों के प्रांतीय नेता पूर्व दर्जा राज्य मंत्री संतोष गौरव अनिल कुमार नीरज कुमार राकेश कुमार राजा विनोद कुमार विजय पंकज रामू श्याम विक्की विक्रम जय एवं गणेश देवी ललिता देवी किलो देवी श्यामवती कलावती रूपा देवी नीतू सिंह सैकड़ो संख्या में वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधित उपस्थित थे।

पीसीएस परीक्षा में सफल युवाओं ने जताया सीएम धामी का आभार

देहरादून। सख्त नकल विरोधी कानून राज्य के प्रतिभावान युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर खरा उतरा है। हाल ही में जारी पीसीएस परीक्षा परिणाम में सफलता के झंडे गाड़ने वाले होनहारों ने देश में सबसे पहले इस कानून को लाने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद प्रकट किया है। सफल अभ्यर्थियों ने कहा कि सख्त नकलरोधी कानून लागू होने से प्रतियोगी परीक्षाओं में न केवल पारदर्शिता आई है बल्कि इस गारंटी को भी पक्का किया है कि इन परीक्षाओं में केवल पात्र और योग्य अभ्यर्थी ही चुनकर आएंगे। अब प्रतिभावान युवाओं को सरकारी सेवा के बेहतर और मनचाहे मौके मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार का सख्त नकलरोधी कानून देश के अनेक राज्यों के लिए ही नजीर नहीं बना है, बल्कि इसके कई प्रावधानों को केंद्र सरकार ने भी अंगीकार किया है। प्रदेश में नकल माफिया प्रतिभावान युवाओं के भविष्य के लिए वर्षों से ग्रहण बना हुआ था। आज नकल माफिया का नेटवर्क ध्वस्त होने से प्रतियोगी परीक्षाएं पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हो रही हैं। होनहार अभ्यर्थी एक नहीं तीन से चार परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं।

हाल ही में जारी पीसीएस परीक्षा परिणाम के माध्यम से 10 डिप्टी कलेक्टर और 10 पुलिस उपाधीक्षक समेत विभिन्न विभागों में कुल 289 अधिकारी प्रदेश को मिले हैं। इनमें 32 उप शिक्षा अधिकारी,
28 खंड विकास अधिकारी, 28 राज्य कर अधिकारी, 20 उद्यान विकास अधिकारी, 19 बाल विकास परियोजना अधिकारी, 18 वित्त अधिकारी, 17 सहायक निदेशक उद्योग, 16 सहायक आयुक्त राज्य कर, 11 जिला सूचना अधिकारी एवं 11 एआरटीओ मुख्य रूप से शामिल हैं। इससे पूर्व यूकेएसएसएससी परीक्षाओं में तमाम परीक्षार्थियों ने एक से अधिक परीक्षाओं में सफलता पाई है।

तीन साल में 16 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

राज्य सरकारी विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने का अभियान जोरों पर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने तीन साल के कार्यकाल में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में करीब 16 हजार से अधिक पदों पर भर्ती का रिकॉर्ड बनाया है। यही नहीं नियुक्ति समय पर देने का कीर्तिमान भी धामी सरकार के नाम है। रोजगार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता में रहा है। निजी क्षेत्र में अधिकाधिक रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ ही सरकारी पदों को भरने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

80 से अधिक आरोपी सलाखों के पीछे

राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर धामी सरकार ने नकल माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त किया है। कानून के तहत 80 से अधिक आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया। इसमें बड़े से बड़े अधिकारी और राजनीतिक पहुंच वालों को भी बख्शा नहीं गया है।

कड़ी से कड़ी सजा का है प्रावधान

बता दें कि इस कानून के तहत नकल माफिया को उम्र कैद या फिर 10 साल कैद की सजा का प्रावधान है। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाले नकल माफिया के खिलाफ 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, साथ ही उसकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है। एक्ट में यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर कोई छात्र भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक करते हुए पकड़ा जाता है या फिर नकल के जरिए परीक्षा पास करता है तो उस पर 10 साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

पीसीएस परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के कोट—-

मैं वर्तमान में अल्मोड़ा में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत हूं।मेरा वित्त अधिकारी के पद पर चयन हुआ है। मैं मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करना चाहूंगी, जिनकी पहल पर नकल विरोधी कानून लाया गया। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ी है। अभ्यर्थियों में चयन प्रक्रिया के प्रति विश्वास बढ़ने के साथ ही आगे परिश्रम करने के लिए उनके मनोबल में वृद्धि हुई है।
-आयुषी जोशी, अल्मोड़ा

मेरा चयन डीएसपी के पद पर हुआ है। मैं बीटेक की छात्रा रही हूं। मैं मुख्यमंत्री जी और उनकी पूरी टीम का धन्यवाद करना चाहूंगी, जो सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आए। इस कानून के लागू होने से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता आई है। परीक्षा की तैयारी में जुटे सभी अभ्यर्थियों को निश्चिंत होकर मेहनत के साथ पढ़ाई में जुट जाना चाहिए।
-दीप्ति कैड़ा, देहरादून

मैं वर्तमान में जिला अल्मोड़ा में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत हूं। पीसीएस परीक्षा में मेरा चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है। मैं कहना चाहूंगा कि विगत कुछ समय से जो प्रतियोगी परीक्षाएं हो रही हैं, वह त्वरित और निष्पक्ष रूप से हो रही हैं। और इसमें सबसे अहम रहा है सख्त नकल विरोधी कानून। इस कानून को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का हृदय से आभार और अभिनन्दन। इस कानून से परीक्षाओं में न केवल पारदर्शिता आई है बल्कि परीक्षा की सुचिता और सरकार की कल्याणकारी मंशा के प्रति अभ्यर्थियों का विश्वास भी मजबूत हुआ है। यही नहीं इस कानून ने इस गारंटी को भी पक्का किया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल पात्र और योग्य अभ्यर्थियों का ही चयन हो, चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग का हो या गरीब व अमीर वर्ग का हो।
-अलकेश नौडियाल, अल्मोड़ा

चंपावत में सीटी स्कैन के लिए मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला अस्पताल चंपावत में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए 5 करोड़ 18 लाख 68 हजार रुपये की धनराशि से स्थापित सिटी स्कैन मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने जिला अस्पताल में मरीजों से मिलकर उनका हाल जाना एवं जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। साथ ही मरीजों को बेहतर से बेहतर ईलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श जनपद बनने की ओर जिला चंपावत तेजी से बढ़ रहा है। जनपद में विकास कार्यों के साथ-साथ लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जनपद में सीटी स्कैन मशीन की सुविधा से जहां एक ओर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया होंगी वही आदर्श जनपद चंपावत की परिकल्पना भी एक कदम और अग्रसित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद में लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी हो रही है। जिला अस्पताल लगातार आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित अस्पताल बन रहा है। सीटी स्कैन मशीन संचालित होने के बाद जनपद के मरीजों को बाहरी जनपदों के अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। मरीजों को सिटी स्कैन की सुविधा अपने ही जिले में प्राप्त होगी। उन्होंने कहा की जिला अस्पताल में लगातार विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की गई है तथा जिन चिकित्सकों/विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हुई है, उनकी भी शीघ्र तैनाती की जाएगी। जिससे यहां आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार के लिए कहीं अन्यंत्र नहीं जाना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा जनपद में क्रिटिकल केयर यूनिट का भी निर्माण कराया जा रहा है जो शीघ्र ही पूर्ण हो जाएगा। उन्होंने कहा अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार होने से क्षेत्र में पलायन रुकेगा एवं सीमांत क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा।

इस मौके पर अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल महारा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी नवनीत पांडे, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

नैनीताल में पत्रकारों के मामले में त्वरित कार्रवाई करने पर सीएम का मीडिया कर्मियों ने जताया आभार

राजधानी देहरादून के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकारों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। राजधानी के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री का नैनीताल जनपद के पत्रकारों के मामले में त्वरित कार्रवाई करने पर धन्यवाद ज्ञापित किया।

नैनीताल जनपद के एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा द्वारा जिस तरह पत्रकारों को नोटिस भेजे गए थे उक्त मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्रवाई करते हुए उचित निर्देश दिए हैं। सभी पत्रकारों के नोटिस वापस किए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने राजधानी के पत्रकारों से वार्ता की और कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा मजबूत स्तंभ है। मीडिया के द्वारा आम व्यक्ति की आवाज सरकारों तक भी पहुंचती है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं की मीडिया के साथ बराबर संवाद किया जाए। जब संवाद टूटता है तभी दिक्कतें पैदा होती हैं। इसलिए जरूरी है कि सभी अधिकारी मीडिया के साथ बराबर संवाद रखें।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सभी पत्रकारों को आश्वासन दिया कि कहीं भी अधिकारियों के द्वारा इस तरह के कार्यों की पुनरावृत्ति नहीं होगी। इस दौरान महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी मौजूद रहे।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मंडल में सुरेंद्र डसीला, अवधेश नौटियाल, मनीष डंगवाल, ध्रुव मिश्रा, सुदीप जैन, पंकज पंवार, अभय कैंतुरा, सौरभ भाटिया, अंकित शर्मा, हर्ष उनियाल, संदीप बडोला और अन्य शामिल रहे।

सावन मास में हरितालिका तीज का विशेष महत्व हैः डा. अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने गोर्खाली समाज की ओर से आयोजित हरितालिका तीज महोत्सव में प्रतिभाग किया। उन्होंने सभी गोर्खाली समाज की व्रती महिलाओं को शुभकामनाएं दी।

बापूग्राम माहेश्वरी गार्डन में आयोजित गोर्खाली महिला हरितालिका तीज महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डॉ अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर किया। डा. अग्रवाल जी ने कहा कि हरितालिका तीज का विशेष महत्व है। गोर्खाली समाज की महिलाओं को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है। कहा कि इस व्रत से महिलाओं को सुहागिनी होने का गौरव प्राप्त होता है।

डा. अग्रवाल जी ने कहा कि हरितालिका तीज भगवान शिव और पार्वती जी को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि मां पार्वती जी ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए 107 बार तप व व्रत लिया था, 108वीं बार तप और व्रत में उन्हें भगवान शिव पति के रूप में प्राप्त हुए थे।

डा. अग्रवाल जी ने कहा कि गोर्खाली समाज की महिलाओं सहित अन्य समुदाय के लोगों में भी अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए इस व्रत को लिया जाता हैं। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं को हरितालिका तीज की बधाई दी।

इस मौके पर मण्डल अध्यक्ष वीरभद्र सुरेंद्र कुमार, कार्यक्रम अध्यक्ष अनिता प्रधान, छिद्दरवाला शाखा अध्यक्ष आशा पुन, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, धीरज थापा, दिल बहादुर खत्री, शालीग्राम पंडित, पूजा खत्री, विजेता क्षेत्री, रोशनी अग्रवाल, संजना भंडारी, लक्ष्मी गुरुंग, पूनम डोभाल, रिंकी राणा, सुमन रावत, पिंकी धस्माना, ममता नेगी, प्रमिला त्रिवेदी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अलका क्षेत्री, निर्मला उनियाल द्वारा किया गया।

टिहरी में कांगूड़ा नागराजा के मंदिर परिसर पर सीएम ने रोपा मां के नाम पौधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी स्थित कांगुड़ा नागराज मंदिर परिसर पहुंचकर श्री कांगुड़ा नागराज मंदिर पुनर्स्थापना जागरण समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर की परिक्रमा कर भगवान कांगुड़ा नागराज मंदिर में पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में एक पेड मां के नाम अभियान के तहत पौधा रोपण भी किया।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित मंदिर में भगवान कांगुड़ा नागराज के प्राण प्रतिष्ठा की बधाई देते हुए समस्त प्रदेशवासियों की मनोकामना पूर्ण होने की कामना की। उन्होंने कहा कि इस पूज्य धरती पर दूसरी बार आने का उन्हें सौभाग्य मिला है। कांगुड़ा को पर्यटन एवं धार्मिक रूप में विकसित करने हेतु की गई घोषणा जल्द ही पूरी होगी। इस हेतु जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराएगी लगभग 2 करोड़ की डीपीआर को जल्द स्वीकृति दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र का विकास मास्टर प्लान बनाकर किया जाएगा। मंदिर परिसर में आधुनिक गेस्ट हाउस, 30 हजार लीटर क्षमता का पेयजल स्टोरेज टैंक, मंदिर परिसर पहुंच मार्ग में टीन शेड, हाई मास्क आदि अन्य कार्य किए जायेंगे। राज्य सरकार देवभूमि के धार्मिक और सांस्कृतिक विकास को नई ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा जन हित में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि योजना, जनधन योजना, लखपति दीदी जैसी योजनाएं अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। राज्य में एक लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। 2025 तक डेढ़ लाख बहनों को लखपति बनाने का लक्ष्य है। राज्य सरकार प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने हेतु विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही है। डबल इंजन की सरकार द्वारा धनोल्टी क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न योजनाओं में वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस मौके पर क्षेत्र के लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को क्षेत्र के विकास से संबंधित मांग पत्र सौंपा गया, जिस पर मुख्यमंत्री ने परीक्षण कर सकारात्मक कार्यवाही किए जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि छाम-बल्डोगी झूला पुल की मांग सहित कई प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। छाम-बल्डोगी झूला पुल हेतु रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

धनौल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य आन्दोलन कारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लाया गया है। राज्य सरकार द्वारा सांकरी-बरनोली मोटरमार्ग की स्वीकृति दी, जिसमें कार्य भी शुरू हो चुका है साथ ही ज्वारना-बंगियाल मोटरमार्ग पर चौड़ीकरण की स्वीकृति दी और अन्य सड़कों को लेकर कार्य करने की बात कही। उन्होंने मुख्यमंत्री से गंगाड़ी व फिग्वाल समुदाय को ओ.बी.सी. केन्द्रीय आरक्षण सूचि में शामिल करने की मांग प्रस्ताव रखा।

इस अवसर पर विधायक राजपुर खजान दास, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठारी, जिला अध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा मोर्चा नेहा जोशी, ब्लॉक प्रमुख थौलधार प्रभा बिष्ट, पूर्व प्रमुख थौलधार जोत सिंह बिष्ट, खेम सिंह चौहान, ओबीसी अध्यक्ष संजय नेगी एवं उपाध्यक्ष राजेश नौटियाल, मंडल अध्यक्ष रामचंद्र खंडूरी, मंदिर समिति अध्यक्ष दिलबर सिंह रावत, जिलाधिकारी टिहरी मयूर दिक्षित एस.एस.पी. नवनीत सिंह भुल्लर उपस्थित थे।

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने गोर्खाली समाज की ओर से आयोजित हरितालिका तीज महोत्सव में प्रतिभाग किया। उन्होंने सभी गोर्खाली समाज की व्रती महिलाओं को शुभकामनाएं दी।

बापूग्राम माहेश्वरी गार्डन में आयोजित गोर्खाली महिला हरितालिका तीज महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डॉ अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर किया। डा. अग्रवाल जी ने कहा कि हरितालिका तीज का विशेष महत्व है। गोर्खाली समाज की महिलाओं को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है। कहा कि इस व्रत से महिलाओं को सुहागिनी होने का गौरव प्राप्त होता है।

डा. अग्रवाल जी ने कहा कि हरितालिका तीज भगवान शिव और पार्वती जी को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि मां पार्वती जी ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए 107 बार तप व व्रत लिया था, 108वीं बार तप और व्रत में उन्हें भगवान शिव पति के रूप में प्राप्त हुए थे।

डा. अग्रवाल जी ने कहा कि गोर्खाली समाज की महिलाओं सहित अन्य समुदाय के लोगों में भी अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए इस व्रत को लिया जाता हैं। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं को हरितालिका तीज की बधाई दी।

इस मौके पर मण्डल अध्यक्ष वीरभद्र सुरेंद्र कुमार, कार्यक्रम अध्यक्ष अनिता प्रधान, छिद्दरवाला शाखा अध्यक्ष आशा पुन, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, धीरज थापा, दिल बहादुर खत्री, शालीग्राम पंडित, पूजा खत्री, विजेता क्षेत्री, रोशनी अग्रवाल, संजना भंडारी, लक्ष्मी गुरुंग, पूनम डोभाल, रिंकी राणा, सुमन रावत, पिंकी धस्माना, ममता नेगी, प्रमिला त्रिवेदी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अलका क्षेत्री, निर्मला उनियाल द्वारा किया गया।

बड़ी संख्या में पहले से नौकरी कर रहे अभ्यर्थियों ने पास की पीसीएस परीक्षा

देहरादून। राज्य में सख्त नकलरोधी कानून और सरकार की पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया प्रतिभावान अभ्यर्थियों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। धामी सरकार के महज तीन साल के कार्यकाल के भीतर जहां समूह ग में 40 फीसद युवाओं ने सरकारी नौकरी की दो से चार परीक्षाएं पास की हैं, वहीं पीसीएस परीक्षा परिणाम के बाद भी पहले से नौकरी कर रहे युवाओं ने परीक्षा पास कर टॉप पदों पर नौकरी पाई है। इनमें अकेले 17 नायब तहसीलदार हैं, जिन्होंने पीसीएस परीक्षा पास की है। ऐसे में यहां अतिश्योक्ति नहीं होगी कि धामी सरकार में प्रतिभावान युवाओं को प्रतिभा से नौकरी पर नौकरी मिल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के सख्त नकलरोधी कानून और पारदर्शी परीक्षा नीति के परिणाम दिखने लगे हैं। समूह ग में न केवल समय पर परीक्षा और परिणाम बल्कि नियुक्ति पत्र मिलने के राज्य में रिकॉर्ड बन गए हैं। वहीं, पारदर्शी परीक्षा से 30 से 40 फीसद प्रतिभावान युवाओं ने एक नहीं बल्कि दो से चार नौकरी की परीक्षा पास की हैं। अकेले यूकेपीएससी की परीक्षाओं में 448 युवाओं ने दो से ज्यादा नौकरी की परीक्षा पास की हैं। जबकि यूकेएसएसएससी में यह संख्या कई गुना ज्यादा है। खासकर पटवारी, क्लर्क, फॉरेस्ट गार्ड, रेंजर से लेकर विभिन्न विभागों में नौकरी पाने में युवाओं ने मेधा का परिचय दिया है। अब पीसीएस परीक्षा का परिणाम जारी हुआ तो यहां भी पहले से नायब तहसीलदार, समीक्षा अधिकारी, आबकारी निरीक्षक, ईओ, शिक्षक जैसे पदों पर कार्यरत अभ्यर्थियों ने एसडीएम, डीएसपी, वित्त अधिकारी आदि टॉप पदों पर परीक्षा पास की है। इससे स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार का सख्त नकलरोधी कानून युवाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। इससे पहले राज्य में नकल करके और सिफारिश से एक ही परिवार को चार चार नौकरी मिलती थी। लेकिन अब कठोर नकलरोधी कानून से एक अभ्यर्थी चार से पांच नौकरी की परीक्षा पास कर प्रतिभा का लोहा मनवा रहा है।

17 नायब तहसीलदारों ने पास की पीसीएस परीक्षा

राज्य में गत दिवस जारी पीसीएस में प्रतिभावान अभ्यर्थियों ने सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। जोशीमठ में नायब तहसीलदार आशीष जोशी ने महज दो साल के भीतर चौथी नौकरी एसडीएम जैसे पद पर टॉप कर अपनी मेधा का प्रदर्शन किया है। इसी तरह आबकारी निरीक्षक पंकज भट्ट, अधिशासी अधिकारी वैभव कांडपाल, समीक्षा अधिकारी मुकेश जोशी, बिजनौर में प्रशिक्षु एसडीएम आकांक्षा गुप्ता, अक्षिता भट्ट, नायब तहसीलदार रोबिन राणा, अलकेश नौडियाल आदि ने एसडीएम समेत टॉप पदों पर नौकरी पाई है इनमें अकेले 17 अभ्यर्थी जो पहले से ही नायब तहसीलदार हैं, जिन्होंने पीसीएस परीक्षा पास की हैं। जबकि प्रतिभावान सोनिया सिंह, सौम्य गबर्याल, अनिल रावत जैसे युवाओं की लम्बी फेहरिस्त है, जिन्होंने पहले ही प्रयास में पीसीएस की टॉप नौकरी प्राप्त की है।

राज्य में नकल माफियाओं की तोड़ी कमर

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कमान संभालते ही सबसे पहले नकल माफिया की कमर तोड़ी है। मुख्यमंत्री धामी ने वर्षों से दीमक की तरह मेहनती और काबिलियत रखने वाले युवाओं की नौकरी पर डाका डालने वाले नकल माफियाओं का नेस्तनाबूद किया। करीब 60 से ज्यादा नकल माफियाओं को सलाखों के भीतर डाला। राज्य में देश का सबसे कठोर नकलरोधी कानून लाते हुए युवाओं के हितों की रक्षा पर फैसला लिया। नतीजन, परिणाम भी सबके सामने आने लगे। जो परीक्षाओं में पहले सिफारिश और नकल माफियाओं से एक एक परिवार को चार नौकरी मिलती थी, अब उन नौकरियों में मेहनती और काबलियत वाले युवाओं को सफलता मिल रही है।

युवाओं को प्रतिभा के बूते मिल रही मनपसंद नौकरी

सरकार के निर्णय का परिणाम है कि युवाओं को समय पर न केवल नौकरी मिली बल्कि एक साथ दो से ज्यादा परीक्षाएं पास करने से मनपसंद नौकरी का विकल्प भी मिला। युवाओं को नौकरी मिलने की यह रफ्तार अभी भी जारी है। बहरहाल उत्तराखंड में धामी सरकार के तीन साल के कार्यकाल की उपलब्धियां नौकरी पाने वाले युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है।

पीसीएस, लोअर पीसीएस समेत अन्य पदों पर बड़ी संख्या में युवाओं ने दो से ज्यादा नौकरी की परीक्षा पास की है। आयोग में इस तरह के मामले पहली बार देखे जा रहे हैं। खासकर दो से ज्यादा परीक्षा पास करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। पारदर्शी परीक्षा प्रकिया और सख्त नकलरोधी कानून का परिणाम है कि युवाओं को प्रतिभा के अनुरूप नौकरी मिल रही है।

जीएस रावत, सचिव, यूकेपीएससी, उत्तराखंड

सीएम ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों तथा रैनफाल की तकनीकी संस्थानों से अध्ययन कराये जाने के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में शासन के उच्चाधिकारियों एवं वीडियो क्रांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से जनपदों में अतिवृष्टि से हुए नुकसान तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को वरूणावत भूस्खलन क्षेत्र के तकनीकी अध्ययन के लिए आई.आई.टी रूड़की एवं टी.एच.डी.सी. से सहयोग के निर्देश देते हुए कहा कि इस संबंध में पूर्व में हुए अध्ययनों का भी संज्ञान लिया जाए ताकि लैंडस्लाइड जोन के उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित हो। उन्होंने जानकीचट्टी के आसपास के क्षेत्रों के उपचार एवं विस्तारीकरण के कार्यों में भी तेजी लाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से भूस्खलन क्षेत्रों की सूची तैयार करने तथा बरसात समाप्त होते ही सड़क मरम्मत सहित अन्य पुर्ननिर्माण योजनाओं पर तेजी से कार्य किए जाने के लिए टेण्डर प्रक्रिया अविंलब प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्ग के मरम्मत के साथ ही भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों तथा रेनफाल की स्थिति की भी तकनीकि संस्थानों से अध्यनन कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में होने वाले पुर्ननिर्माण कार्यों पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने भूस्खलन से संबंधित चेतावनी प्रणाली को विकसित किये जाने तथा आपदा की चुनौतियों का आपसी समन्वय से सामना किये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आपदा मद में धनराशि की सीमा बढ़ाये जाने से निर्माण कार्य बेहतर ढंग से हो सकेंगे। आपदा पीड़ितो की सहायता एवं पुननिर्माण कार्यों के लिए धनराशि की कमी न होने देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के कारण विकास कार्य प्रभावित न हो इस दिशा में भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने 7-8 जुलाई को सितारंगज टनकपुर बनबसा तथा तराई भाबर के क्षेत्रों में दशकों बाद भारी मात्रा में पानी जमा होने तथा बाढ़ की स्थिति पैदा होने की स्थिति के भी अध्ययन की जरूरत बताई। उन्होंने जल निकासी प्रणाली तथा ड्रेनेज सिस्टम को और प्रभावी बनाये जाने के भी निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की जिलाधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसके रिस्पांस टाइम को और बेहतर बनाये जाने को कहा। उन्होंने कहा कि आपदा पीड़ितों की तुरंत मदद करना हमारी जिम्मेदारी है। हम आपदा को रोक तो नहीं सकते है, लेकिन उसके प्रभाव को पीड़ितो की मदद कर कम कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से वृक्षारोपण की रिपोर्ट तैयार करने तथा अमृत सरोवरों की स्थिति की भी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। सभी कार्य धरातल पर दिखाई दे, यह भी सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितंबर में भी भारी वर्षा की संभावना के दृष्टिगत सभी अधिकारी सतर्क रहे तथा वर्षा के बाद होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार किये जाने के निर्देश दिए।

सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश में आपदा की स्थिति, राहत, पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आपदा मद में हुई धनराशि वृद्धि से क्षतिग्रस्त सम्पत्तियों, आवासीय भवनों, मूलभूत सेवाओं को सुचारू किये जाने तथा वृहद योजनाओं को भी पुननिर्मित करने में मदद मिलेगी।

बैठक में उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु,, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आर. राजेश कुमार, एस.एन.पाण्डेय, रविनाथ रामन, डॉ पंकज कुमार पाण्डे, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, बी.आर.ओ के अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर मेजर ध्यानचंद को किया याद, खिलाड़ियों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बहुउद्देशीय क्रीडा भवन, परेड ग्राउंड देहरादून में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सभी को खेल दिवस की शुभकामना दी तथा हॉकी के जादूगर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पेरिस ओलंपिक 2024 में प्रतिभाग करने वाले उत्तराखंड के 4 खिलाड़ियों (लक्ष्य सेन, परमजीत सिंह, सूरज पंवार, अंकिता ध्यानी) को 50-50 लाख की धनराशि के चेक प्रदान किये।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर उत्तराखंड में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेल की वेबसाइट का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में राज्य के खिलाड़ियों को एक ही स्थान पर अपना पंजीकरण करने एवं उपलब्धियां दर्ज करने के उद्देश्य से न्ज्ञैत्ै पोर्टल भी लाचं किया गया है। उन्होंने उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के 3900 ( 1950 बालक एवं 1950 बालिकाएं) खिलाड़ियों को डी.बी.टी के माध्यम से कुल 58 लाख 50 हज़ार रूपये की छात्रवृत्ति वितरित की। मुख्यमंत्री ने 269 राष्ट्रीय, 58 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों एवं 65 प्रशिक्षको, इस प्रकार कुल 392 लोगों को डी.बी.टी के माध्यम से 7 करोड़ 4 लाख की पुरस्कार धनराशि का भी वितरण किया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान घोषणा की कि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून के छात्रों हेतु खेल गतिविधियों से जुड़ी स्नातक कक्षाओं को भी प्रारंभ किया जाएगा। जिसे निर्माणाधीन खेल विश्वविद्यालय के साथ जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत चयनित 2600 खिलाडियों में से 10 प्रतिशत खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर चयनित कर विशेष प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था की जायेगी। भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा संचालित टारगेट ओलम्पिक पोडियम योजना की भांति राज्य सरकार द्वारा भी टारगेट इंटरनेशनल पोडियम योजना संचालित की जायेगी। जिससे कि उत्तराखण्ड राज्य के खिलाड़ियों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक अर्जित करने में सहायता प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का खेल के क्षेत्र में दिया गया योगदान प्रेरणादायी है। पेरिस ओलंपिक में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियो एवं पैरा ओलंपिक में प्रतिभाग करने जा रहे सभी खिलाड़ियों को भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा उत्तराखंड के जिन खिलाडियों ने पेरिस ओलंपिक तक का सफर तय किया है, यह अभी इन खिलाडियों की शुरूवात है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु हर स्तर पर अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। देश के हर खिलाड़ी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री निरंतर उनसे संवाद करते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में खेल के लिए मजबूत आधार तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति लागू की गई है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरियों में प्रमोशन देने की शुरुआत की गई है। इसके तहत 31 खिलाड़ियों को सरकारी विभागों में नियुक्ति प्रदान की है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय बनाने के लिए विधेयक भी पास कर दिया गया है। राज्य में खेल विश्वविद्यालय बनने से हमारे खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, सुविधायें एवं अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री खेल विकास निधि की स्थापना की है। जिसमें पूर्व निर्धारित धनराशि में 100 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों के लिए खेल किट खरीदने हेतु दी जाने वाली धनराशि को 3 हजार से बढ़ाकर 5 हजार किया गया है। राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। राज्य में उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार एवं हिमालय खेल रत्न पुरस्कार भी प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खेल कोटे को फिर से लागू कर दिया है। खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के साथ खेल अवस्थापनाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मौजूद विभिन्न खेल मैदानों को राष्ट्रीय स्तर के मैदानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य के लिए हर्ष का विषय है कि प्रदेश को 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करना राज्य के लिए बड़ा अवसर है।

खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्य ने राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित है। उन्होंने पहले के समय में चुनौतियों का सामना करते हुए पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया। आज अभिभावक अपने बच्चों को खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ा रहे हैं। जब मेहनत और जुनून की पराकाष्ठा पार हो तब परिणाम जादूगरी में ही दिखते हैं। उन्होंने कहा खिलाड़ी की उपाधि आसान नही है। खिलाड़ी असंभव कार्य को संभव करके दिखाता है। मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र में ऐतिहासिक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

खेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत खिलाड़ियों के चयन एवं उनके लिए संसाधनों हेतु आर्थिक सहयता प्रदान की जा रही है। राज्य में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। सरकार द्वारा स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही खेल सामग्री का वितरण भी किया जाएगा। 38वें राष्ट्रीय खेल की मेजबानी उत्तराखंड राज्य को मिली है, जिसके लिए सारी तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल जितेंद्र सोनकर एवं खेल जगत से जुडे़ प्रतिनिधि उपस्थित थे।