सीएम धामी के तीन वर्ष पूर्ण, यह रहे प्रमुख कार्य…

1. समान नागरिक संहिता

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विधेयक लागू किया गया। इससे सभी को समान अधिकार मिलेंगे।

2. नकल विरोधी कानून

प्रदेश में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया। इस कानून के लागू होने के बाद पारदर्शिता के साथ समय पर परीक्षाएं संपन्न हो रही हैं।

3. धर्मांतरण विरोधी कानून

उत्तराखंड में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिये एक सख्त धर्मांतरण

विरोधी कानून लागू किया गया। अब प्रदेश में जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने या करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।

4. दंगारोधी कानून

प्रदेश में दंगारोधी कानून को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। अब दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही दंगे में होने वाली सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई भी दंगाइयों से ही की जाएगी। इसके लिए क्लेम ट्रिब्यूनल का गठन कर दिया गया है।

5. लैंड जिहाद

लैंड जेहाद पर कार्यवाही करके देवभूमि उत्तराखंड में सुख, शांति और अमन-चौन सुनिश्चित किया है। लैंड जिहाद के तहत की गई कार्यवाही के दौरान प्रदेश में करीब 5 हजार एकड़ सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है।

6. महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण

प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सरकारी नौकरी में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। इससे महिला सशक्तिकरण को और अधिक बल मिलेगा।

7. राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण

लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके सभी आश्रित पात्रों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया गया।

8. बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

राज्य में निःशुल्क जांच योजना के तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निःशुल्क सुविधा दी जा रही है। हरिद्वार में सुविधायुक्त मेडिकल कॉलेज का निर्माण प्रगति पर। ऊधमसिंह नगर जिले में एम्स ऋषिकेश का सैटेलाईट सेंटर का कार्य गतिमान है।

9. आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना

उत्तराखंड में इस योजना के तहत 55 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाएं जा चुके हैं, जिसमें से 9 लाख 11 हजार मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है, इस पर 1,720 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।

10. छात्रों को छात्रवृत्ति

उत्तराखंड नई शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू करने वाला राज्य बना। प्रदेश में मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत कक्षा 6वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है।

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11. नारी सशक्तिकरण योजना

नारी सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रोजेक्ट कॉस्ट का 30 प्रतिशत या एक लाख रुपए की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है।

12. लखपति दीदी योजना

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु लखपति दीदी योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है। वर्तमान में करीब 80 हजार महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सलाना पांच से सात लाख कमाकर लखपति दीदी बनी है। सरकार ने 2025 तक 1.25 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है।

13. उत्तराखंड ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट

उत्तराखंड ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में विभिन्न देशों के उद्योगपतियों द्वारा 3.56 लाख करोड़ के 1,779 एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं। राज्य सरकार 20 फीसदी करार को धरातल पर उताकर अब तक 71 हजार करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउंडिंग की जा चुकी है।

14. एक जनपद दो उत्पाद

उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को बड़े स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से ष्एक जनपद दो उत्पाद योजनाष् की शुरुआत की गई। इस योजना के जरिए प्रत्येक जिले में स्थानीय उत्पादो को व्यावसायिक रूप से बढ़ावा मिल रहा है, उत्तराखंड के 27 उत्पादों को जीआई टैग भी मिल चुके हैं।

15. होम स्टे योजना

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिये होम स्टे योजना शुरु की गई है। इस योजना के तहत, पर्यटकों के ठहरने के लिए पहाड़ों में होम स्टे बनाने पर सरकार 10 लाख रुपये तक की छूट दे रही है। यह योजना पहाड़ों से पलायन रोकने और रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने में काफी सफल साबित हो रही है।

16. नई खेल नीति

उत्तराखंड में नई खेल नीति को लागू कर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस नीति के तहत ओलंपिक खेल में पदक लाने वाले खिलाड़ियों को ग्रुप-ठ पद (ग्रेड पे-5400) पर और ओलंपिक खेल में प्रतिभाग करने वाले एवं विश्व चौंपियनशिप, विश्वकप, एशियन खेल एवं राष्ट्रमंडल खेल के पदक विजेता खिलाड़ी को सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति दी जा रही है। इसके साथ 8 से 14 साल तक के खिलाड़ियों को शारीरिक टेस्ट और दक्षता के आधार पर हर महीने 1500 रुपये एवं 14 से 23 साल तक के 2600 मेधावी खिलाड़ियों को 2000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है।

17. सीएम हेल्पलाइन 1905

समस्याओं के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन 1905 पर 24 घंटे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय-समय पर इस हेल्पलाइन नंबर की समीक्षा स्वयं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी करते हैं तथा शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेते हैं।

18. युवाओं को रोजगार

प्रदेश में पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं संपन्न करवाकर सरकारी पदों पर लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के तीन साल के कार्यकाल में रिकार्ड 7644 युवाओं को पुलिस, दूर संचार, रैंकर्स, आबकारी विभाग, पशुपालन, रेशम, शहरी विकास, वन विभाग, परिवहन विभाग, परिवहन निगम, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग में एलटी, पेयजल निगम, विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार, अनुदेशक, सचिवालय रक्षक, मत्स्य विभाग में रोजगार दिया गया है।

इसके साथ ही 19 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी और विभिन्न रोजगार मेलों के जरिए युवाओं को नौकरी दिलाई जा रही है।

19. अपणि सरकार पोर्टल

अपणि सरकार पोर्टल की सहायता से राज्य के नागरिक ई-डिस्ट्रिक के किसी भी प्रकार के दस्तावेजों को बनवाने अथवा शुद्धि करने हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। जिससे उन्हें सरकारी विभाग अथवा दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है।

20. भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064 लांच किया है, जिस पर आने वाली शिकायत सीधा विजिलेंस विभाग को मिलती है। इसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि जो शिकायत की गई, उसके स्टेटस के बारे में अपडेट शिकायतकर्ता को मिले।

21. मानसखंड कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर

केदारखंड के साथ-साथ मानसखंड कॉरिडोर के तहत कुमांऊ क्षेत्र के मंदिरों का भी विकास कर रहे हैं। वहीं हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ ही शारदा कॉरिडोर की प्रक्रिया भी गतिमान है।

22. रोपवे कनेक्टिविटी

प्रदेश में रोपवे कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर में रोपवे शुरू किया जा चुका है। इसके साथ ही गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविदं घाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास किया गया। वहीं पर्वतमाला परियोजना के तहत रानीबाग से नैनीताल, पंच कोटि से नई टिहरी, खलियाटॉप से मुन्स्यारी, नीलकंठ, औली से गौरसों रोपवे, पूर्णागिरि मंदिर रोपवे परियोजनाओं की प्रक्रिया भी गतिमान है। नैनीताल जिले के काठगोदाम से हनुमानगढ़ी के बीच रोपवे के निर्माण कार्य हेतु निविदा प्रक्रिया शुरू।

23. फसलों के दाम में वृद्धि

राज्य सरकार की तरफ से प्रदेश में गेंहू खरीद पर किसानों को 20 रूपए प्रति क्विंटल का बोनस दिया जा रहा है। इसके साथ ही गन्ना के मूल्य में 20 रूपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

24. नहर से मुफ्त सिंचाई योजना

किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए नहर के पानी को किसानों के लिए टैक्स फ्री कर दिया है। अब नहर से सिंचाई करने वाले किसानों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

25. पीआरडी जवानों का बढ़ाया मानदेय

लंबे समय से पीआरडी जवानों के मानदेय बढ़ाने की मांग को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरा करते हुए पीआरडी जवानों के मानदेय में 80 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोत्तरी कर 9,400 जवानों को तोहफा दिया। पूर्व में पीआरडी स्वयंसेवकों को प्रतिदिन 570 रुपये मानदेय दिया जाता था, अब इसमें 80 रुपये की बढ़ोत्तरी करके 650 रुपये प्रतिदिन हो गई है।

26. किसानों के लिए प्रमुख योजनाएं

राज्य सरकार किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही किसानों को श्फार्म मशीनरी बैंकश् योजना के अंतर्गत 80 फीसदी तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगभग साढ़े चार हजार जैविक क्लस्टरों में काम शुरू किया गया है।

27. किसान सम्मान निधि

वर्तमान में प्रदेश में योजना के अंतर्गत किसानों की संख्या 9.13 लाख है, जिसमें राज्य के 771567 किसानों को रुपए 166.08 करोड़ की धनराशि उनके खाते में हस्तांतरित की गई।

28. बिजली की आपूर्ति

बिजली से वंचित सभी गांवों का शत प्रतिशत विद्युतीकरण किया जा चुका है। वहीं 120 मेगावाट की व्यासी जल विद्युत परियोजना का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना को केंद्र से निवेश स्वीकृति मिलने के साथ धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।

29. सैन्य धाम

उत्तराखंड में पांचवें धाम के रूप में देहरादून में शहीद सैनिकों को समर्पित सैन्यधाम की स्थापना की जा रही है। सैन्यधाम के निर्माण के लिए प्रदेश के 1734 शहीद सैनिकों के आंगन की मिट्टी लाई गई है।

30. शहीद सैनिक के परिवार को नौकरी

राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा रहा है।

31. सैनिकों को देय एकमुश्त राशि में बढ़ोत्तरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान राशि में वृद्धि की है।

32. वन रैंक, वन पेंशन

आज, देश भर में सैनिकों के परिवारों को व्त्व्च् के तहत 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक मिल चुके हैं। उत्तराखंड में भी हजारों परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है।

33. हवाई सेवा

देहरादून से अमृतसर, देहरादून से पंतनगर, देहरादून से अयोध्या, देहरादून से पिथौरागढ़, देहरादून से गोवा, देहरादून से कुल्लू के हेली सेवा शुरू की गई। त्रिजुगीनारायण, लैंसडाउन, अल्मोड़ा आदि स्थानों के लिए भी हेली सेवा के लिए प्रयासरत। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है, इसके लिए नये टर्मिनल का शुभारंभ किया गया। पंतनगर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा ओएलएस सर्वे कर लिया गया है।

34. एयरपोर्ट का निर्माण

जॉलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है, नये टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। वहीं दूसरी ओर ऊधमसिंह नगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की योजना का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा ओएलएस सर्वे कर लिया गया है।

35. वृद्धा पेंशन

वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 1500 रू. किया गया है। पहले बुजुर्ग दंपत्ति में से किसी एक को पेंशन मिलती थी, अब पति-पत्नी दोनों को पेंशन दिया जा रहा है।

36. मुख्यमंत्री अंत्योदय निःशुल्क गैस रिफिल योजना

मुख्यमंत्री रिफिल योजना के तहत राज्य के करीब पौने दो लाख गरीब परिवारों के साल में तीन सिलेंडर मुफ्त रिफिल किये जा रहे है। गैस रिफिल करने के बाद पूरी धनराशि सब्सिडी के रूप में डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के

बैंक खाते में डाली जा रही है।

37. क्लस्टर योजना

राज्य में क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस में सब्जी एवं फूलों की खेती के लिए बनाई गई योजना। नाबार्ड की आर०आई०डी०एफ० योजनान्तर्गत क्लस्टर आधारित 100 वर्गमीटर आकार के 17648 पॉलीहाउस स्थापना के लिए 304 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये।

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38. एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन

मादक पदार्थों की रोकथाम एवं इस सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही हेतु राज्य में वर्ष 2022 में त्रिस्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया।

39. हाउस ऑफ हिमालयाज

उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को अंतर्रास्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के लिए अम्ब्रेला ब्राण्ड ष्हाउस ऑफ हिमालयाजष् की शुरूआत की गई है।

40. नई फिल्म नीति

प्रदेश में उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 को मंजूरी दी गई है। नई फिल्म नीति के बाद उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग का क्रेज बढ़ेगा। इस नीति में क्षेत्रीय फिल्मों की शूटिंग पर दो करोड़ तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसके साथ ही नई फिल्म नीति में फिल्म विकास परिषद का गठन करने का प्रस्ताव है।

40. सोलर एनर्जी उत्तराखंड, सूर्यघर योजना

उत्तराखंड में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। नई सौर ऊर्जा नीति के तहत उरेडा द्वारा चिन्हित 1000 गांवों को सोलर ग्राम बनाया जा रहा है। राज्य सरकार का वर्ष 2025 तक 2000 मेगावाट और 2027 तक 4000 मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा प्लांटो के जरिए उत्पादित करने का लक्ष्य है। सोलर प्रोजेक्ट
लगाने के लिए सरकार 70 फीसदी तक सब्सिडी दे रही है।

41. इन्फ्रास्टक्चर

जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना का मिली निवेश की स्वीकृति। नैनीताल व ऊधमसिंहनगर के तराई क्षेत्र लाभान्वित होंगे।

300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के लिये निविदा आमंत्रित । 120 मेगावाट की व्यासी जल विद्युत परियोजना का निर्माण पूर्ण कर उत्पादन प्रारम्भ किया जा चुका है।

सौंग बांध परियोजना से देहरादून में वर्ष 2053 तक अनुमानित आबादी के लिए पेयजल आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी।

चीला पॉवर हाऊस 144 मेगावाट की योजना (306 करोड़ रूपये की लागत) का रेनोवेशन कार्य।

जिला रूद्रप्रयाग में 113.71 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 4.5 मेगावाट की कालीगंगा-द्वितीय लघु जल विद्युत परियोजना।

नैनीताल जिले में बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की 45.33 एकड़ जमीन उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित कर दी गई है। राज्य में 30 नई नीतियां प्रख्यापित की गई हैं।

42. बद्रीगाय से उत्पादन का योगदान

बद्री गाय उत्तराखंड की पहली पंजीकृत मवेशी नस्ल है, जिसे राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (छठ।ळत्) द्वारा प्रमाणित किया गया है। साल 2019 की गणना के अनुसार उत्तराखंड में बद्री गाय की संख्या करीब 988,000 थी। बद्री गायों की संख्या में अधिक वृद्धि हो, इसके लिए सरकार कई तरह की योजनाएं भी चला रही है।

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43. श्री अन्न योजना

सरकार ने मिलेट्स के तहत मंडुवे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 35.78 रूपये तय किया है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन कार्ड धारकों को भी वितरित किया जा रहा है। 2025 तक मिलेट उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अंत्योदय परिवारों को दिया जा रहा एक किलो मंडुआ एवं मध्यान्ह भोजन योजना में झंगोरा और मंडुआ भी दिया जा रहा है।

44. मेट्रोरेल

उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के बड़े शहरों में ट्रैफिक के लोड को कम करने और देहरादून से हरिद्वार और ऋषिकेश को जोड़ने के लिए अत्याधुनिक रैपिड ट्रांजिक सिस्टम का निर्माण करने जा रहा है। इसके लिए उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (न्ज्ञडत्ब्) ने योजना तैयार कर ली है। पहले चरण में, ड्रोन टेक्नोलॉजी और एनालिटिक्स कंपनी आईजी ड्रोन को देहरादून शहर के भीतर प्रस्तावित पर्सनलाइज्ड रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर (च्त्ज्) के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (क्च्त्) तैयार करने के लिए टोपोग्राफिकल सर्वे करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है।

45. भारत माला प्रोजेक्ट

वर्तमान में उत्तराखंड में भारतमाला परियोजना के तहत 5 योजनाएं चल रही हैं, जिसमें 650 किलोमीटर की 5 सीमावर्ती और सामरिक दृष्टि की सड़कें शामिल हैं। इन सड़कों में भैरव घाटी-नीलम नागा सोनम सड़क, जोशीमठ-मलारी सड़क, माणा से माणा पास सड़क, कर्णप्रयाग से सिमली ग्वालदम की सड़क और अस्कोट से लिपुलेख तक सड़क शामिल है।

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46. प्रधानमंत्री आवास योजना

अब तक केन्द्र सरकार से उत्तराखंड को 47,654 आवास का अप्रूवल मिल चुका है, जिसमें से 27,923 घरों का निर्माण कार्य पूरा करवाकर उन्हें लाभार्थियों को दे दिया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लेटेस्ट रैंकिंग में उत्तराखंड परफॉर्मेंस इंडेक्स में नेशनल रैंकिंग में दूसरे पायदान पर आ गया है।

47. निःशुल्क राशन

उत्तराखंड के अंत्योदय और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा गारंटी राशन कार्ड वाले करीब 61.94 लाख पात्रों को सरकार रियायती मूल्य पर तीन किलो गेंहू दो किलो चावल व एक किलो मंडवा प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत राज्य की मासिक खपत 1.80 लाख कुंतल गेंहू, 1.20 लाख कुंतल चावल की है।

अन्य महत्वपूर्ण कार्य

48. पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय बढ़ाकर 500 रूपये किया। जबकि पहले उन्हें 300 रुपए प्रतिदिन मिलता था।

49. प्रधानमंत्री निःशुल्क अन्न योजना के तहत देवभूमि के 50 लाख से अधिक परिवारों को मिल रहा खाद्यान्न।

50. कोरोना महामारी और अन्य दुर्घटना में मृत माता-पिता के बच्चों के पालन पोषण के लिए किया जा रहा मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना का सफल संचालन । 51. जल जीवन मिशन के अंतर्गत ष्हर घर नल से जलष् में एक रूपये मात्र में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। इसमें राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के 7 लाख से अधिक परिवारों को पानी के कनेक्शन दिये जा चुके हैं।
52. ऑलवेदर रोड के तहत दुर्गम क्षेत्रों की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।

53. महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता के लिये एक विशेष कोष गठित किया जाएगा।

54. पिटकुल द्वारा हरिद्वार जनपद के पदार्था में 84 करोड़ रूपये की लागत से 132 के.वी. के आधुनिक तकनीक के बिजली घर एवं इससे संबंधित लाइन का निर्माण।

55. राज्य की सभी ग्राम पंचायतों को ऑप्टीकल फाईबर से जोड़ने की योजना पर कार्य गतिमान ।

56. मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के तहत प्रथम दो बालिकाओं के जन्म पर माता और नवजात कन्या शिशु को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट।

57. आपातकाल में जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को भी अब पेंशन मिलेगी। लोकतंत्र सेनानियों की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी या पति को भी 20,000 प्रतिमाह की पेंशन राशि।

58. प्रदेश में गंगा के किनारे 5 कि0मी0 के कोरिडोर में प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहित करने हेतु ष्नमामि गंगे प्राकृतिक कृषि कोरिडोर योजनाष् बनाने हेतु कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

59. आवास विकास विभाग के तहत मिनिस्ट्रियल संवर्ग की कोई नियमावली नहीं थी जिसे मंजूरी दी गई है। वित्त सेवा के तहत प्रमोशन होने के बाद भी अब ट्रेनिंग होगी। पहले प्रमोशन के बाद ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं थी।

60. वित्त विभाग के तहत कर्मचारियों को पहले बैंक से एक्सीडेंट पर बीमा नहीं मिलता था, लेकिन अब बैंकों ने बीमा की कर्मचारियों को सुविधा दी है।
61. बैंक अब 38 लाख से 1 करोड़ तक बीमा देंगे। एसबीआई, कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक में जिन कर्मचारियों के खाते होंगे उन्हें बीमा का लाभ मिलेगा।

62. पर्यटन नीति के तहत जिलों को श्रेणी में बांटा गया था, लेकिन अब 10 साल के लिए श्रेणी में बदलाव किया गया है। 10 साल के लिए एसडीएसी होगा।

63. खाद्य वितरण प्रणाली के तहत 13 पदों को भरने को मंजूरी मिली।

64. चिकित्सा सेवा नियमावली में बदलाव किया गया है।

65. चिकित्सा बोर्ड में 3 पदों को भरने के लिए नियमावली में बदलाव किया गया है।

66. महासू देवता मास्टर प्लान के तहत विस्थापितों के लिए पुनर्वास नीति को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत 16 परिवारों को विस्थापित किया जाएगा।

शिक्षा प्रणाली में हो गुणात्मक सुधार, विद्यार्थी केंद्रित हो शिक्षा व्यवस्थाः सीएम

शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक सुधार के साथ शिक्षा व्यवस्था को विद्यार्थी केन्द्रित बनाया जाए। गुणात्मक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और स्कूलों से बालिकाओं के ड्रॉप आउट को कम करने के लिए आवासीय छात्रावासों को और अधिक बढ़ावा दिया जाए। बच्चों के स्कूल बैग का बोझ कम किया जाए। सप्ताह में बस्ता मुक्त दिवस पर विद्यार्थियों को नैतिकता पर आधारित शिक्षा प्रदान की जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने सचिवालय में विद्यालयी शिक्षा की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये। समीक्षा के दौरान सचिव शिक्षा द्वारा शिक्षकों के ट्रांसफर में आ रही विभिन्न कठिनाइयों तथा शिक्षा विभाग में ट्रांसफर प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए बनाई जा रही नीति के बारे में जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में व्यावसायिक आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। यह सुनिश्चत किया जाए कि सभी स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में हो। स्कूलों में जहां-जहां संभव है, सोलर पैनल की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा ट्रांसफर के सरलीकरण के लिए जो नीति बनाई जा रही है, कार्मिक विभाग के के स्तर पर उसका पूरा परीक्षण कर लिया जाए। राज्य हित में जो निर्णय सही होगा, वह किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए ऐसी व्यवस्थाएं बनायें, ताकि अभिभावक सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए स्वयं प्रेरित हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए तेजी से प्रयास किये जाएं। स्मार्ट और वर्चुअल क्लास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में चलाई जा रही मुख्यमंत्री गौरवशाली भारत भ्रमण योजना के तहत मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट शिक्षकों को प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और तकनीकि संस्थानों में भ्रमण कराने की व्यवस्था का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन किया जाए। छात्र शैक्षिक भ्रमण योजना के तहत प्रत्येक विकासखण्ड से 50 मेधावी भारत भ्रमण पर भेजे जायेंगे। जिसमें 50 प्रतिशत छात्राएं शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विद्यार्थी उपहार योजना के तहत कक्षा 01 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क नोटबुक उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में समस्त भौतिक एवं मानव संसाधन उपलब्ध कराने, तकनीकी और डिजिटल शिक्षा, आवासीय छात्रावास, व्यावसायिक पाठ्यक्रम और यातायात की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कलस्टर एवं पी.एम. श्री स्कूलों की स्थापना पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि हमारी विरासत के तहत उत्तराखण्ड के आन्दोलन का इतिहास, लोक संस्कृति के विभिन्न आयामों, भारतीय ज्ञान परंपरा मूल्यों एवं संस्कृति तथा स्थानीयता को समाहित करते हुए छात्र-छात्राओं को इसकी अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, रविनाथ रमन, डॉ. रंजीत सिन्हा, कुलपति वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह, अपर सचिव शिक्षा रंजना राजगुरू, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी सहित शिक्षा एवं तकनीकि शिक्षा के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः कोयला आपूर्ति के लिए केंद्र से मिली सैद्धांतिक स्वीकृति


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर विद्युत मंत्रालय भारत सरकार द्वारा यूजेवीएन लिमिटेड एवं टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम को कोयला आधारित तापीय बिजली संयंत्र की स्थापना हेतु सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा शक्ति नीति के अंतर्गत अप्रैल 2024 में कोयला आवंटन हेतु भारत सरकार को अवगत कराया गया कि राज्य सरकार अपने सार्वजनिक उपक्रम यूजेवीएन लिमिटेड के अतिरिक्त टीएचडीसी एवं यूजेवीएन लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से भी कोयला आधारित तापीय विद्युत संयंत्र की स्थापना की इच्छुक है। इसी क्रम में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा भी उत्तराखंड राज्य को शक्ति नीति के अंतर्गत 1320 मेगावाट तापीय विद्युत उत्पादन के प्रयोजनार्थ कोयला आपूर्ति हेतु प्रबल संस्तुति की गई थी। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार द्वारा टीएचडीसी तथा यूजेवीएन लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से तापीय विद्युत संयंत्र स्थापना पर सहमति जताई गई। शक्ति नीति के अनुसार कोल इंडिया लिमिटेड केंद्र एवं राज्य सरकारों की उत्पादन कंपनियों तथा उनके संयुक्त उपक्रमों को अधिसूचित दरों पर कोयला आपूर्ति की अनुमति दे सकती है। इसी क्रम में टीएचडीसी तथा यूजेवीएन लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम द्वारा कोयला आवंटन हेतु आवेदन किया जाना प्रस्तावित किया गया था। कोयला आवंटन के उपरांत उत्पादित होने वाली विद्युत से राज्य की विद्युत व्यवस्था में निश्चित ही सुधार होगा।

राज्य में काउंसलिंग से होंगे शिक्षकों के तबादले, विभागीय मंत्री धन सिंह ने दी मंजूरी

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों के तबादले काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से किये जायेंगे। इस संबंध में विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय प्रस्ताव को स्वीकृत प्रदान कर दी है। तबादलों में काउंसलिंग प्रक्रिया की मंजूरी मिलते ही विभाग शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण की तैयारी में जुट गया है।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों के स्थानांतरण काउंसलिंग के माध्यम से किये जायेंगे। इस संबंध में विभागीय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। जिसका शासनादेश जारी होते ही शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश देते हुये तबादला कार्यक्रम के अनुसार आगामी 10 जुलाई से पहले काउंसलिंग प्रक्रिया को पूर्ण करने को कहा।

विभागीय मंत्री ने बताया कि लम्बे समय से शिक्षकों की काउंसलिंग के माध्यम से वार्षिक स्थानांतरण की मांग रही है, जिसे राज्य सरकार द्वारा पूरा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सुगम क्षेत्र से दुर्गम क्षेत्र तथा दुर्गम से सुगम क्षेत्र में अनिवार्य स्थानांतरण की सीमा में आने वाले शिक्षकों को आवेदन पत्र में दिये गये विकल्पों में पद रिक्त न होने की दशा में विकल्प से इतर विद्यालयों में स्थानांतरण कर दिया जाता था, जिससे शिक्षकों में भारी नाराजगी देखने को मिलती थी। डा. रावत ने कहा कि अब काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ शिक्षकों के स्थानांतरण किये जायेंगे, साथ ही इस व्यवस्था के तहत पात्र शिक्षकों को इच्छित विद्यालय भी आवंटित हो सकेंगे। जिससे अध्यापक पूर्ण मनोयोग से अध्यापन कार्य कर सकेंगे। जिसके फलस्वरूप विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों में व्यापक सुधार आयेगा जिसका लाभ प्रदेशभर के छात्र-छात्राओं को मिलेगा।

तबादलों में काउंसलिंग की मंजूरी मिलते ही विभागीय अधिकारियों ने शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर तैयारी शुरु कर दी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक महावीर बिष्ट ने बताया कि काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शीघ्र ही शिक्षकों की काउंसलिंग के लिये तिथि घोषित की जायेगी। उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश रहेगी कि आगामी 10 जुलाई से पहले शिक्षकों के तबादले कर दिये जाय।

गंगा की शुद्धता को बिना एसटीपी लगे नालों को चिन्हित करे सिंचाई विभागः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सिंचाई विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि शहरों के मास्टर ड्रेनेज प्लान तथा फ्लड प्लेन जोनिंग के कार्यों में तेजी लाई जाए। जल स्तर बढ़ाने के लिए बांधों से सिल्ट निकालने और ड्रेजिंग सिस्टम के लिए 02 माह के अन्दर ठोस प्लान बनाकर प्रस्तुत किये जाने के साथ पिंडर और कोसी नदी को आपस में जोड़ने के लिए राज्य स्तर पर की जाने वाली सभी कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों में शुद्ध पानी जाए, इसके लिए ऐसे नाले भी चिन्हित किये जाए जहां एसटीपी नहीं लगे हैं। घाटों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ सुरक्षा के कार्यों में तेजी लाई जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा बढ़ाने तथा नहरों के अनुरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना और सौंग बांध पेयजल परियोजना पर कार्य जल्द शुरू हो, इसके लिए सितम्बर तक सभी कार्यवाही पूर्ण की जाए। जमरानी बांध परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 710 करोड़ रूपये के बजट का प्राविधान किया गया है। इस परियोजना से हल्द्वानी शहर एवं उसके समीपवर्ती क्षेत्रों में 117 एम.एल.डी पेयजल की उपलब्धता, लगभग 57 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता का सृजन किया जायेगा जबकि सौंग बांध परियोजना से देहरादून शहर एवं उपनगरीय क्षेत्रों के लिए 2053 तक की अनुमानित आबादी के लिए 150 एम.एल.डी. ग्रविटी से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 में सौंग बांध के लिए 300 करोड़ के बजट का प्राविधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि नैनीताल जनपद के बलियानाला भूस्खलन क्षेत्र का उपचार कार्य, चमोली जनपद के हल्दापानी लॉ कॉलेज के निकट भूधसांव और भूस्खलन की रोकथाम के लिए सुरक्षात्मक कार्य और पिथौरागढ़ के धारचूला विकासखण्ड में ग्वालगांव भूस्खलन उपचार के कार्य जल्द पूर्ण किये जाएं।

बैठक में जानकारी दी गई कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, पर्यटन विकास मत्स्य पालन एवं भू जल संवंर्द्धन लिए पिथौरागढ़ में थरकोट झील, चम्पावत में कोलीढ़ेक झाल अल्मोड़ा में गगास नदी पर जलाशय का निर्माण किया गया है। धारचूला में काली नदी पर स्थित घटगाढ़ नाले से भारत-नेपाल पुल तक तटबन्ध सुदृढ़ीकरण का कार्य किया गया है। राज्य के 14 महत्वपूर्ण शहरों में ड्रेनेज प्लान पर कार्य किया जा रहा है, देहरादून का सर्वे पूरा कर लिया गया है।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, डॉ. आर. राजेश कुमार, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश के सभी 95 विकासखण्डों में एकल महिलाओं को मिलेगा मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का लाभ

वित्त मंत्री डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में “मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना“ के क्रियान्वयन के लिए गठित मंत्री मंडलीय उप समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की।

मंत्री ने कहा कि बैठक में “मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना“ के तहत प्रदेशभर में एकल महिलाओं की कुल संख्या एवं योजना के तहत एकल महिलाओं को मिलने वाले स्वरोजगार के निर्धारण पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग से प्राप्त होने वाले अतिरिक्त शुल्क को खेल, गौशाला एवं महिला कल्याण के लिए दिया जाना था। मंत्री ने कहा कि आबकारी विभाग से मिलने वाली धनराशि का 10 करोड़ रूपया “मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के लिए निर्धारित किया गया है।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना प्रदेश के सभी जिलों में लागू की जायेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर ब्लॉक की एकल महिलाओं (विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता, किन्नर, अपराध एवं एसिड हमलों से पीड़ित महिला) को इस योजना के अन्तर्गत शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 95 विकासखण्डों में एकल महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जायेगा।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत एकल महिलाओं के लिए स्वरोजगार के तहत कृषि, बागवानी, पशुपालन, कुकुट, पालन, भेड़ पालन, बकरी पालन, उद्यान, बुटीक, टेलरिंग, जनरल स्टोर, टिफन सेवा, कैंटीन, कैटरिंग, प्लम्बर, इलैक्ट्रिशियन, डाटा एन्ट्री कार्य, कम्प्यूटर हार्डवेयर रिपेयरिंग, टेली कॉलिंग आदि जैसे कार्यों को जोड़ा गया है।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना 18 से 50 वर्ष तक की आयुसीमा वाली एकल महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य है कि प्रदेशभर की एकल महिलाएं इस योजना के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें और उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ें।

मंत्री ने कहा कि उप समिति की आगामी बैठक में अन्तिम रूप देने के बाद इसे शासन में भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि मंत्री मण्डल की समिति में पारित होने के बाद मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना को इसी साल लागू किया जायेगा।

इस अवसर पर बैठक में सदस्य सचिव, उप समिति, चन्द्रेश कुमार यादव, निदेशक, उप समिति, प्रशान्त आर्य एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

केन्द्र से राज्य को हुआ 100 मे.वा. विशिष्ट विद्युत आवंटन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर प्रदेश को केन्द्र सरकार द्वारा केंद्रीय पूल से 100 मे.वा. विद्युत का विशिष्ट आवंटन किया गया है। यह आवंटन इस माह 04 जुलाई से 31 जुलाई तक के लिये किया गया है इसके लिये मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का आभार जताया है।

ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री ने पिछले माह केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेट कर राज्य में विद्युत उत्पादन एवं आपूर्ति से संबंधित विषयों पर चर्चा की थी, तथा राज्य को केंद्रीय पूल से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपेक्षा की थी।

आंगनबाड़ी कार्यकत्री और एएनएम के माध्यम से गर्भवती माताओं का ट्रेकिंग सिस्टम अपडेट रखेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि बच्चों में कुपोषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जच्चा और बच्चा दोनों का स्वस्थ रहना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकत्री और एएनएम के माध्यम से गर्भवती माताओं का ट्रेकिंग सिस्टम अपडेट रखा जाए। एनीमिया की कमी को दूर करने के लिए महिलाओं को मिलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चत की जाए। आंगनबाड़ी के माध्यम से बच्चों और माताओं को दिये जाने वाले पुष्टाहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। पुष्टाहार की आकस्मिक रूप से गुणवत्ता जांच भी की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कुपोषण से मुक्ति, मातृ-शिशु मृत्यु दर को और कम करने के लिए राज्य के कुछ गांवों को आकांक्षी गांवों के रूप में लिया जाए। कुपोषण से मुक्ति के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को आपसी समन्वय के साथ संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत राज्य में बालिकाओं को बेहतर शिक्षा और आत्मनिर्भर बनाने के लिए बनाई गई योजनाओं को और अधिक व्यवहारिक बनाया जाय। महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, चन्द्रेश यादव, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास प्रशांत आर्य उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने सीएम घोषणाओं में विलंब, लापरवाही न करने की दी हिदायत

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी विभागीय सचिवों को कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि जल्द ही मुख्यमंत्री की घोषणाओं के सम्बन्ध में प्रत्येक विभाग की अलग अलग समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री घोषणाओं के सम्बन्ध में एक दिन में मात्र एक ही विभाग की विस्तृत व गहन समीक्षा की जाएगी। सीएस ने सभी विभागों को इस सम्बन्ध में अपनी सभी तैयारियां समय से पूरी रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस विषय में किसी भी प्रकार के विलम्ब, लापरवाही या अपूर्ण तैयारी ना करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणाओं के कार्यान्वयन के सम्बन्ध में सम्पूर्ण डाटा समय से सीएम पोर्टल पर अपलोड करने तथा स्थान्तरित की जाने वाली घोषणाओं की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरा करने के भी निर्देश दिए हैं। सीएस राधा रतूड़ी ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं के कार्यान्वयन को शीर्ष प्राथमिकता तथा गम्भीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री की विधानसभा चम्पावत से सम्बन्धित 174 घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी चम्पावत को नियमित रूप से मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। सीएस ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के कार्य कब तक पूरे कर लिए जाएंगे यह जिलाधिकारी द्वारा तत्काल स्पष्ट किया जाए। अधिकारियों को बैठकों में पूरी तैयारी के साथ आने की कड़ी हिदायत देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि विधानसभा चम्पावत हेतु मुख्यमंत्री द्वारा की गई कुल 174 घोषणाओं में 111 पूर्ण कर ली गई हैं। 47 घोषणाओं पर कार्यवाही गतिमान है। उन्होंने अपूर्ण 16 घोषणाओं पर तत्परता से कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव राधिका झा, शैलेश बगौली, एस. एन. पाण्डेय सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी चम्पावत मौजूद रहे।

अगले पांच साल में विद्युत उत्पादन दोगुना करने को यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल समन्वय बनाएंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में विद्युत उत्पादन बढ़ाने की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 05 साल में प्रदेश में विद्युत उत्पादन दोगुना करने के लिए तीनों निगमों यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल को समन्वय के साथ कार्य करें। तीनों निगमों को समयबद्धता के साथ परियोजनाओं को पूर्ण करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण की मूल अवधारणा में ऊर्जा और पर्यटन रहा है। ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य में तेजी से कार्य करने की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए सभी ट्रांसफार्मर का सेफ्टी ऑडिट भी किया जाए। राज्य में तेजी से स्थापित हो रहे औद्योगिक संस्थानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विद्युत उत्पादन बढ़ाने की दिशा में तेजी से प्रयास किये जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिन लघु जलविद्युत परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, उन्हें तेजी पूर्ण किया जाए। सरकारी भवनों में सोलर रूफटॉप के माध्यम से विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना से अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार मिले, इस दिशा में और प्रयास किये जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लोगों को अधिक से अधिक मिले। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि नये बिजली घरों के निर्माण तथा ट्रांसमिशन लाईन अपडेट करने की कार्यवाही में तेजी लाई जाए। लाईन लॉस को कम करने के लिए भी प्रभावी योजना पर कार्य किये जाने एवं विद्युत लाईनों को भूमिगत किये जाने की योजनाओं पर तेजी से कार्य करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में 121 मेगावाट. क्षमता की 06 लघु जलविद्युत परियोजनाएं आवंटित की गई हैं, जिनमें से 24 मेगावाट की मेलेखेत और 21 मेगावाट की खुटानी जल विद्युत परियोजना दिसम्बर 2026 तक पूर्ण हो जायेंगी, जबकि 22.80 मेगावाट की बर्नीगाड और 06 मेगावाट की रयात जल विद्युत परियोजना पर आगामी दो वर्षों में कार्य आरंभ किया जायेगा। राज्य में पम्प स्टोरेज प्रोजक्ट के तहत 200 मेगावाट की लखवाड़-ब्यासी, 150 मेगावाट की ब्यासी- कट्टा पत्थर और 168 मेगावाट की कालागढ़ परियोजना पर प्रारंभिक फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। 01-01 मेगावाट की तिलोथ, खटीमा और ढ़करानी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के तहत विकसित किये जा रहे है।
बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव रंजना राजगुरू, अहमद इकबाल, एमडी यूजेवीएनएल संदीप सिंघल, एमडी पिटकुल पी.सी ध्यानी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।