मानसून की शुरूआत के साथ मंत्री अग्रवाल ने किया नालों का निरीक्षण

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने श्यामपुर हाट बाजार के समीप नेशनल हाईवे से पुरानी चुंगी हरिद्वार मार्ग तक सड़क के दोनों ओर बने नालों का निरीक्षण किया। इस दौरान नालों में गंदगी देख डा. अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मानसून से पूर्व नालों की सफाई करने के सख्त निर्देश दिए। जिस पर अधिकारियों ने पांच जुलाई तक नालों की सफाई करने की बात कही। इस दौरान नेशनल हाईवे और नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

डा. अग्रवाल ने श्यामपुर से निरीक्षण की शुरूआत की। इस मौके पर स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां नालों पर गंदगी होने के चलते मानसून के दौरान पानी घरों में प्रवेश करता है। जिस पर मंत्री डा. अग्रवाल ने नेशनल हाईवे के अधिकारियों को नालों के सफाई के लिए निर्देशित किया। इस दौरान मंडल अध्यक्ष श्यामपुर दिनेश पयाल, मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा सोनी रावत, चंद्रमोहन पोखरियाल, प्रभाकर पैयूली आदि उपस्थित रहे।

इसके बाद डा. अग्रवाल ने नंदू फार्म से होते हुए कोयल घाटी, हरिद्वार मार्ग, पुरानी चुंगी तक निरीक्षण किया। यहां नालों में गंदगी और बिना सफाई किये स्लैब डाले जाने पर नाराजगी जताई। इस पर अधिकारियों ने पांच जुलाई तक नालों में सफाई करने की बात कही। इस दौरान मंडल अध्यक्ष वीरभद्र मोर्चा सुरेंद्र कुमार, मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा निर्मला उनियाल, महामंत्री तनु तेवतिया, पुनीता भंडारी, मनोरमा, पूनम डोभाल, पिंकी धस्माना, सुमन रावत, बालम सिंह, विजय जुगलान आदि उपस्थित रहे।

इस दौरान डा. अग्रवाल ने नगर निगम के अधिकारियों को कोयल घाटी पर सड़क पर बिखरी गंदगी के लिए भी निर्देशित किया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता नेशनल हाइवे नवनीत पांडेय, अधिशासी अभियंता मनोज राठौर, एमएनए शैलेन्द्र सिंह नेगी, एसएनए रमेश रावत, दिनेश भट्ट, मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, वन विकास निगम के सदस्य देवदत्त शर्मा, निवर्तमान पार्षद शिव कुमार गौतम, दीपक बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

शिक्षा विभाग में शीघ्र मिलेंगे 955 कार्मिकः धन सिंह

समग्र शिक्षा के अंतर्गत बीआरपी-सीआरपी के रिक्त 955 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उक्त पदों की पात्रता रखने वाले अभ्यर्थी कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के रोजगार प्रयाग पोर्टल पर 29 जून से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के लिये दो सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। इसके उपरांत चयन प्रक्रिया पूर्ण कर प्रदेश के सभी सीआरपी-बीआरपी केन्द्रों पर चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती आउटसोर्स के माध्यम से कर दी जायेगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ ही आउटसोर्स एजेंसी को शीघ्र भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि सूबे में शैक्षिक गतिविधियों में सुधार लाने के दृष्टिगत समग्र शिक्षा के अंतर्गत लम्बे समय रिक्त बीआरपी-सीआरपी के 955 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। जिस हेतु पात्र अभ्यर्थी सेवायोजन विभाग के अंतर्गत रोजगार प्रयाग पोर्टल पर शनिवार 01रू00 बजे के उपरांत ऑनलाइन आवेदन भर सकेंगे। अभ्यर्थी आवेदन संबंधित समस्त जानकारियां एवं सहायता के लिये संबंधित पोर्टल के दूरभाष संख्या 0135-2653665 तथा आउटसोर्स एजेंसी के दूरभाष नम्बर 0135-4145780 पर सम्पर्क कर सकते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में वही अभ्यर्थी अवेदन कर पायेंगे जो राज्य के किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत होंगे। इसके अलावा 10 प्रतिशत पद सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये आरक्षित किये गये हैं।

विभागीय मंत्री ने बताया कि ब्लॉक संदर्भ व्यक्ति (बीआरपी) हिन्दी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणति एवं सामाजिक विज्ञान के कुल 255 पदों हेतु न्यूनतम अर्हता स्नातक एवं स्नातकोत्तर में 55 फीसदी अंकों के साथ उपाधि ग्रहण की हो। इसके अलावा संकुल संदर्भ व्यक्ति (सीआरपी) के लिये 55 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि होनी जरूरी है। इसके अतिरिक्त बीआरीपी व सीआरपी पदों के लिये बीएड की उपाधि के साथ-साथ सीटीईटी अथवा यूटीईटी प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। साथ ही कम्प्यूटर में कार्य करने की दक्षता भी जरूरी है। जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये बीएड अथवा एलटी अर्हता होनी अनिवार्य है। बीआरपी-सीआरपी पदों के लिये आयु सीमा न्यूनतम 21 वर्ष व अधिकतम 42 वर्ष निर्धारित की गई है जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष तय की गई है, सेवानिवृत्त शिक्षकों के पास चिकित्सा प्रमाण पत्रा होना भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय संचार मंत्री से नैनीताल शहर में जाम के चलते डाकघर को अन्यत्र शिफ्ट करने का किया अनुरोध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया से भेंट कर उन्हें संचार मंत्रालय का दायित्व मिलने पर शुभकामनाएं दी तथा राज्य में संचार सेवाओं के विस्तार से संबंधित विभिन्न विषयों पर उनसे चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य में संचार व्यवस्था से वंचित क्षेत्रों में भी टावर लगाकर संचार व्यवस्था से आच्छादित किए जाने तथा पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र के गांवों में संचार सुविधाओं के विस्तार तथा रिलाइन्स जिओ द्वारा गुंजी में लगाये गये टावर को संचालित कराये जाने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय संचार मंत्री को अवगत कराया कि नैनीताल के तल्लीताल स्थित डाकघर को नैनीताल की यातायात समस्या के समाधान हेतु अन्यत्र शिफ्ट किया जाना जनहित में आवश्यक हो गया है। जनपद नैनीताल में प्रतिदिन श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या तथा विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज का आश्रम ‘श्री कैंची धाम’ की प्रसिद्धि में दिन-प्रतिदिन वृद्धि होने के कारण श्रद्धालुओं के साथ-साथ नैनीताल में पर्यटकों की संख्या में अत्यधिक बढोत्तरी हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल को यातायात समस्या के निवारण हेतु पूर्व में आईआईटी, दिल्ली द्वारा नैनीताल की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए किये गये विस्तृत अध्ययन एवम् सुझावों के आधार पर तकनीकी टीम तथा सड़क सुरक्षा समिति द्वारा नैनीताल के मुख्य चौराहे पर स्थित पोस्ट ऑफिस को जाम की समस्या का प्रमुख कारण माना है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय संचार मंत्री से नैनीताल शहर में जाम से मुक्ति तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ करने के लिये नैनीताल नगर के मुख्य चौराहे पर स्थित डाकघर को अन्यत्र शिफ्ट किये जाने की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय संचार मंत्री को यह भी अवगत कराया कि 4जी सैचुरेशन स्कीम के अन्तर्गत भारत संचार निगम (बीएसएनएल) द्वारा उत्तराखण्ड में 638 टावर स्थापित किये जाने थे, जिसमें से 481 टावर के लिये भूमि अधिग्रहण की जरूरत थी। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण कर ली गयी है, परन्तु बीएसएनएल द्वारा अभी 224 टावर ही लगाये गये है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्रीय संचार मंत्री से बी.एस.एन.एल. को त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित करने का आग्रह किया।

केंद्रीय संचार मंत्री द्वारा वर्णित विषयों पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन मुख्यमंत्री को दिया गया है।

48 फार्मेसी अधिकारी को पदोन्नति के लिए विभागीय मंत्री डा. धन सिंह ने दी मंजूरी

स्वास्थ्य विभाग में कई वर्षों से एक ही पद पर सेवाएं दे रहे 48 फार्मेसी अधिकारियों को पदोन्नति की सौगात दी गई है। इन सभी पात्र फार्मेसी अधिकारियों को मुख्य फार्मेसी अधिकारी के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने फार्मेसी अधिकारियों की पदोन्नति को मंजूरी देते हुये शासन को शीघ्र पदोन्नति आदेश निर्गत करने के निर्देश दिये हैं। जिस पर फार्मेसी एसोसिएशन ने खुशी जाहिर कर स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत का आभार जताया।

स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि समय-समय पर आयोजित समीक्षा बैठकों में विभाग के अंतर्गत सभी संवर्गों के पात्र कार्मिकों की पदोन्नति को लेकर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये थे। जिसके क्रम में विभाग द्वारा डीपीसी के माध्यम से 48 फार्मेसी अधिकारियों का चयन पदोन्नति के लिये किया गया है। डा. रावत ने बताया कि इन सभी पात्र फार्मेसी अधिकारियों को मुख्य फार्मेसी अधिकारी के पद पर पदोन्नत की मंजूरी प्रदान कर दी गई है। जिनको शीघ्र ही नई तैनाती दे दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पदोन्नति के इस फैसले के तहत वर्तमान चयन वर्ष के माह जून तक सेवानिवृत होने वाले चीफ फार्मेसी अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने के लिये 2 फार्मेसी अधिकारियों की भी पदोन्नति की गई है। विभागीय मंत्री ने कहा कि इस संबंध में शासन को शीघ्र पदोन्नति आदेश जारी करने कहा गया है ताकि समय पर फार्मेसी अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सके।

डा. रावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत पात्र कार्मिकों को पदोन्नति के लाभ से वंचित नहीं रखा जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को समय-समय पर डीपीसी कर कार्मिकों को पदोन्नत करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि कार्मिकों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिलने से उनके मनोबल में वृद्धि होगी और विभागीय कार्यप्रणाली में भी सुधार आयेगा। फर्मेसी अधिकारियों की मुख्य फर्मेसी अधिकारी पद पर पदोन्नति किये जाने पर फर्मेसी एसोसिएशन के पदाधिकरियों एवं फर्मेसी अधिकारियों ने खुशी जाहिर कर स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत का आभार जताया।

इन्हें मिला पदोन्नति का लाभ
स्वास्थ्य विभाग में जिन फार्मेसी अधिकारियों की मुख्य फार्मेसी अधिकारी पद पदोन्नति की गई उनमें तारा दत्त उप्रेती, प्रदीप कुमार उनियाल, हरि राम, ललित वर्मा, चन्दन सिंह चौहान, एस0एस0 जेठूडी, दर्शन सिंह पंवार, दिनेश चन्द्र नौटियाल, सी0पी0 रतूडी, टी0एस0 बंगारी, प्रकाश चन्द्र रतूडी, गणेश राम नौटियाल, विजेन्द्र सिंह कैंत्यूरा, जनार्द्धन प्रसाद टम्टा, हेम चन्द्र पंत, हरभजन सिंह, एच0एम0 सिद्दकी, श्याम लाल बिजल्वाण, वीरेन्द्र सिंह असवाल, जगदीश लाल शाह, पुनीता नेगी, चिरंजी प्रसाद, महावीर सिंह राणा, जी0एस0 बिष्ट, डी0एन0 भट्ट, लखपत सिंह, महिपाल सिंह, उपेन्द्र दत्त, रघुवीर सिंह पंवार, भाग सिंह, सुदर्शन मैठाणी, विशालमणि अन्थवाल, रमेश राम, गिरीश चन्द्र काण्डपाल, गोपाल सिंह राणा, भूपाल सिंह, विनोद नेगी, डी0एस0 कोश्यारी, कैलाश चन्द्र चमोली, आत्मा राम जगूडी, अरबिन्द जगूडी, नन्द किशोर जोशी, दिनेश चन्द्र पाठक, इंदु कुमार जोशी, आनंद सिंह चौहान, जे0पी0 उप्रेती, भुवन चन्द्र जोशी तथा आर0सी0 नौटियाल शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राम मोहन नायडू से की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री किंजरापू राम मोहन नायडू से शिष्टाचार भेंट कर केंद्रीय मंत्री, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के दायित्व का कार्यभार ग्रहण करने पर बधाई और शुभकामनाएं प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की कार्यवाही शीघ्रातिशीघ्र शुरू करने के संबंध में अनुमोदन प्रदान कर सम्बंधित को निर्देशित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के जनपद उधमसिंहनगर के पंतनगर में स्थित रनवे छोटा होने के कारण इस एयरपोर्ट पर बड़े वायुयानों को उतारना संभव नहीं हो पा रहा है, जिसके लिए रनवे को बढ़ा कर एयरपोर्ट का विस्तारीकरण किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई वर्तमान में 1372 मीटर है जिसे बढ़ाकर 3000 मीटर किया जाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट के विस्तारीकरण हेतु राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में विभिन्न विभागों तथा राष्ट्रीय राजमार्ग सिडकुल की कुल 804.0162 एकड़ अथवा 325.5126 हैक्टेएयर भूमि अधिग्रहण की जा चुकी है। जिसमें से 212.4868 (524.78 एकड़) भूमि नागरिक उड्डयन विभाग के नाम हस्तान्तरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से देहरादून स्थित जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण हेतु वन विभाग की 87.0815 हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण के संबंध में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुरोध करते हुए विस्तारीकरण पर कार्य शुरू करने की अनुमति प्रदान करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट से काठमांडू (नेपाल) के लिए वायुयान सेवा संचालित किए जाने के लिए निविदा की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। जिसके दृष्टिगत जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का दर्जा देने की कार्यवाही को गति देने की नितांत आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग की 87.0815 हेक्टेयर भूमि को एयरपोर्ट के विस्तारीकरण हेतु माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के अनुसार नागरिक उड्डयन मंत्रालय को हस्तांतरित करने में कोई अवरोध नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्तारीकरण हेतु एयरपोर्ट सीमा से लगी एनटीआरओ की परिधि में आने वाली भूमि के लिए अनापत्ति की कार्यवाही गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से केदारनाथ धाम और देहरादून के सहस्त्रधारा हेलिड्रोम पर एटीसी की स्थापना के संबंध में अनुरोध करते हुए अवगत कराया कि वर्तमान में उत्तराखंड के तीन हवाई अड्डे हैं जहां टभ्थ् संचार सहित वायु यातायात सेवा उपलब्ध हैं। हालांकि टभ्थ्
संचार व्यवस्था एक लाइन ऑफ साइट कम्युनिकेशन व्यवस्था होने तथा राज्य की पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्र अभी भी इस व्यवस्था से आच्छादित नहीं हो पाए हैं। इसके मद्देनजर श्री केदारनाथ धाम और सहस्त्रधारा हेलिड्रोम में वायु यातायात नियंत्रण स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य के सीमावर्ती शहर पिथौरागढ़ के लिए अलायन्स एयर द्वारा द्वारा उत्तराखंड एयर कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत दिल्ली-पिथौरागढ़-दिल्ली उड़ान संचालन हेतु सहमति हो गई है। राज्य सरकार द्वारा हवाई अड्डे के लिए 2 सी श्रेणी का लाइसेंस प्राप्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एटीआर 42 विमानों के संचालन हेतु पायलट्स के लिए सिम्युलेटर ट्रेनिंग आवश्यक है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अलायन्स एयर को सिम्युलेटर ट्रेनिंग प्रक्रिया शीघ्र आरंभ करने हेतु सम्बंधित विभाग को निर्देशित करने का अनुरोध किया गया।

सीएम हेल्पलाईन पर लंबित शिकायतों का आगामी 15 दिनों में सकारात्मक निवारण करेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन से वर्चुअल माध्यम से सी.एम. हेल्पलाईन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि सी.एम हेल्पलाईन पर आयी सभी शिकायतों का समयबद्धता से निस्तारण किया जाए। आगामी 15 दिनों में लंबित शिकायतों का सकारात्मक निवारण किया जाए। उन्होंने सख्त निर्देश दिये हैं कि जिन अधिकारियों ने पिछले एक माह में सी.एम हेल्पलाईन पोर्टल में लॉगइन नहीं किया है, संबंधित विभागीय शीघ्र उन अधिकारियों का यथाशीघ्र स्पष्टीकरण लें। यदि स्पष्टीकरण में संतोषजनक कारण नहीं बताया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में विभागों की कार्य के प्रति इस प्रकार की शिथिलता पाये जाने पर संबंधित विभागीय सचिव एवं विभागाध्यक्ष की भी जिम्मेदारी तय की जायेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ब्लॉक लेबल अधिकारी से विभागीय सचिव तक सभी अधिकारी जन शिकायतों के समाधान के लिए शिकायतकर्ताओं से स्वयं नियमित संवाद करें। उन्होंने कहा कि संवाद से समरसता के भाव से कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने जनपदों में प्रत्येक ब्लॉक में आयोजित होने वाली बीडीसी की बैठकों के लिए रोस्टर बनाया जाए। इन बैठकों में विकास से संबंधित विभागीय अधिकारियों और रेखीय विभागों के अधिकारियों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करवाई जाय। बीडीसी की बैठकों में जनपद स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी का भी रोस्टर बनाकर उन्हें बैठकों में भेजा जाए। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी भी प्रयास करें कि वे हर बीडीसी बैठक में रहें। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि तहसील दिवस का नियमित आयोजन किया जाए। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जनपदों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तहसील दिवस में नियमित प्रतिभाग कर जन समस्याओं का समाधान करें। तहसील दिवस पर शिकायतों के निस्तारण संबंधी जानकारी मुख्यमंत्री जन-समर्पण तहसील दिवस पोर्टल पर भी नियमित अपलोड किया जाए।

180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागीय सचिवों को निर्देश दिये कि इन शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए। इन शिकायतों में जो शिकायतें मांग से संबंधित हैं, उनका अलग से उल्लेख किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों को क्लोज करना उद्देश्य न हो, बल्कि शिकायतों का समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाईन मॉड्यूल के हिसाब से नियमित प्रशिक्षण कराया जाय। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण में संबंधित अधिकारी स्वयं उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष प्रत्येक माह के द्वितीय सप्ताह में सीएम हेल्पलाईन-1905 की विभागीय समीक्षा करें और शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें। सभी विभागों द्वारा समीक्षा बैठकों का कार्यवृत्त नियमित पोर्टल पर अपलोड किया जाए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सी.एम. हेल्पलाईन पर प्राप्त हुई शिकायतों के शिकायतकर्ताओं से फोन से वार्ता की। जिन 07 शिकायतकर्ताओं से मुख्यमंत्री ने वार्ता की उनमें से 03 शिकायतकर्ताओं की समस्या का समाधान किया जा चुका है, जबकि 04 शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान किये जाने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सी.एम. हेल्पलाईन के व्हाट्सएप चौटबोट का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एम हेल्पलाईन के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, रंजीत सिन्हा, बृजेश कुमार संत, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, निदेशक आई.टी.डी.ए. नितिका खण्डेलवाल, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने केंद्रीय विद्युत मंत्री खट्टर से भेंट की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से शिष्टाचार भेंट कर केंद्रीय मंत्री, आवास एवं शहरी मामले और केंद्रीय मंत्री ऊर्जा के दायित्व का कार्यभार ग्रहण किये जाने पर बधाई और शुभकामनायें दीं।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से केन्द्रीय तापीय संयंत्रों से 500 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति उत्तराखण्ड राज्य को स्थायी रूप से आवंटित किये जाने का अनुमोदन प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में विद्युत उत्पादन हेतु केवल जल विद्युत ऊर्जा उत्पादन केन्द्रों की उपलब्धता है जिसके फलस्वरूप राज्य के कुल म्दमतहल डपÛ में 55ः से अधिक ऊर्जा जल विद्युत ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त होती है। कोयला आधारित संयंत्रों से राज्य के एनर्जी मिक्स में केवल 55ः ऊर्जा ही प्राप्त होती है। जिसके फलस्वरूप राज्य में बेस लोड क्षमता का अभाव राज्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिये कठिन चुनौती बनता जा रहा है।

शीत ऋतु में राज्य के जल विद्युत ऊर्जा स्रोतों से औसतन 300-400 मेगावाट ऊर्जा ही प्राप्त हो पाती है, जो ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति को और गम्भीर बनाती है। राज्य में लगभग 4800 मेगावाट क्षमता की जलविद्युत परियोजनाओं का निर्माण मुख्यतः पर्यावरणीय कारणों से विभिन्न मा० न्यायालयों अथवा अन्य स्तरों पर लम्बित है जिस कारण राज्य में उपलब्ध जल शक्ति का विकास न हो पाने के कारण राज्य में विद्युत की माँग एवं उपलब्धता का अन्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा इस वर्ष संपादित की गई त्मेवनतबम ।कमुनंबल ैजनकपमे में भी उत्तराखण्ड राज्य के म्दमतहल डपÛ में वर्ष 2027-28 तक 1200 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत कोयला आधारित तापीय संयत्रों से प्राप्त किये जाने की संस्तुति की गई है।

आगामी पाँच वर्षों में राज्य की आर्थिकी को दोगुना करने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु राज्य के आधारभूत ढ़ाँचे में व्यापक वृद्धि की जानी है, जिसमें राज्य में औद्योगिकीकरण, सेवा क्षेत्र जिसमें पर्यटन से जुड़ा आधारभूत ढाँचा मुख्य है, कृषि एवं वानिकी तथा शिक्षा आदि क्षेत्रों में मुख्य रूप से निवेश आकर्षित हो रहा है, जिसके फलस्वरूप निकट भविष्य में विद्युत की मांग में तेज वृद्धि अपेक्षित है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से राज्य की बेस लोड की आवश्यकताओं को पूर्ण किये जाने और विद्युत की मांग तथा उपलब्धता के अंतर को कम किये जाने के लिए केन्द्रीय तापीय संयंत्रों से 500 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति उत्तराखण्ड राज्य को स्थायी रूप से आवंटित किये जाने का अनुमोदन प्रदान करने का अनुरोध किया।

राज्य के विभिन्न विषयों को लेकर मुख्यमंत्री ने की केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री से राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत पुनर्प्राप्ति और पुनर्निमाण की गाईडलाइन्स के अनुसार पुनर्निमाण के लिए कम धनराशि होने के कारण आवश्यक धनराशि राज्य को वहन करनी पड़ती है। राज्य सरकार के पास सीमित संसाधनों के वजह से परियोजना के पुनर्निमाण में विलम्ब होता है। उन्होंने राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत पुनर्निमाण के लिए धनराशि बढ़ाने का अनुरोध केन्द्रीय गृह मंत्री से किया। राज्य आपदा मोचन निधि के मानकों में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त 33 के. वी. से अधिक क्षमता की भ्.ज् स्पदम के पुनर्निर्माण के लिए राज्य के लिए धनराशि की व्यवस्था का अनुरोध भी मुख्यमंत्री ने किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की वृद्धि को देखते हुए पार्किंग की समस्या है। उन्होंने नैनीताल स्थित शत्रु सम्पति मेट्रोपोल होटल परिसर की समस्त भूमि वाहन पार्किंग एवं सड़क चौड़ीकरण के लिए राज्य सरकार को दिये जाने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया

नए आपराधिक कानूनो को लागू करने लिए उत्तराखंड की तैयारी पूरीः सीएस

देशभर में 1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले तीन नए आपराधिक कानूनों हेतु उत्तराखंड की तैयारी पूरी हो चुकी है. उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज गृह सचिव भारत सरकार की अध्यक्षता में सभी राज्यों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह जानकारी दी है. राधा रतूड़ी ने कहा कि 1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले 3 नए आपराधिक कानूनो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय सुरक्षा अधिनियम 2023 हेतु उत्तराखंड राज्य ने पूरी तैयारी कर ली गई है।

उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि नये आपराधिक कानूनों के पास होने के बाद हमारे द्वारा सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (CDTI ) और ब्यूरो आफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) से समन्वय स्थापित कर PTC/ ATC तथा अन्य प्रशिक्षण केन्द्रों से 50 अधिकारियों को ग़ाज़ियाबाद और जयपुर से मास्टर ट्रेनर का कोर्स कराया गया है। साथ ही उत्तराखंड पुलिस हस्तपुस्तिका तैयार की गई है, जिसके आधार पर सारे कोर्स का संचालन किया जा रहा है। इसमें वृहद कानूनों को सरल तरीके से पढ़ने की विधि तैयार की गई है जिसकी एक एक प्रति समस्त पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को वितरित की जा रही है।

प्रदेश की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने यह भी जानकारी दी कि अल्प अवधि में ट्रेनिंग को जिला स्तर पर Decentralize किया गया। ऐसे कर्मचारी जिनका पुलिस विवेचना में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं होता है, उन्हें ऑनलाइन मोड में प्रशिक्षण दिया गया है, जिसके लिए ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार किया गया, जो एआई बेस्ड है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि RTC’s में संचालित नागरिक पुलिस/ PAC के लगभग 1000 रिक्रूट आरक्षियों को 03 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है. इसके अतिरिक्त लगभग 500 मुख्य आरक्षियों को पदोन्नति हेतु भी नये आपराधिक कानूनों का प्रशिक्षण दिया गया है. समस्त आईपीएस अधिकारियों तथा जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के असिस्टेंट प्रोफेसर द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया नये आपराधिक कानूनों के प्रशिक्षण के लिए ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों मोड में ट्रेनिंग करवाई गई है. आईगोट कर्मयोगी पोर्टल पर समस्त पुलिस कर्मियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है।

बैठक में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, सचिव दिलीप जावलकर सहित गृह विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने प्रधानमंत्री से की राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर उन्हें तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री का दायित्व संभालने पर हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में देश समग्र विकास के नए आयाम प्राप्त कर सम्पूर्ण विश्व में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करने में सफल होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महासू मंदिर की प्रतिकृति भेंट की।

प्रधानमंत्री मोदी से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास हेतु जल विद्युत परियोजनायें राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि का मुख्य कारक है। राज्य की विद्युत ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु उत्तराखण्ड को खुले बाजार से प्रतिवर्ष लगभग 1000 करोड़ की ऊर्जा क्रय करनी पड़ती है, जिससे राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने अलकनंदा, भगीरथी तथा सहायक नदियों में प्रस्तावित 24 जल विद्युत परियोजनाओं के बारे में मा. सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित विशेषज्ञ समिति-2 की अन्तिम रिपोर्ट पर जल शक्ति मंत्रालय तथा विद्युत मंत्रालय के साथ पुर्नसमीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से यह भी अनुरोध किया कि उत्तराखण्ड राज्य की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत राज्य में भारत सरकार तथा उनकी एजेन्सियों के द्वारा सड़क निर्माण परियोजना को सुचारू रूप से क्रियान्वित किये जाने हेतु क्षतिपूरक वृक्षारोपण हेतु उपयुक्त भूमि के चयन में कठिनाई हो रही है, क्योंकि वर्तमान में प्रचलित वन संरक्षण एवं सवंर्धन नियम, तथा गाईडलाईन 2023 के अनुसार उपरोक्त प्रयोजन हेतु केवल गैर वन भूमि को आधार बनाया गया है, जिसमें समतुल्य गैर वन भूमि में क्षतिपूरक वृक्षारोपण किया जा सकता है। इसमें यह भी प्राविधान किया गया है कि राजस्व विभाग के अभिलेख में दर्ज वन भूमि जो वन विभाग के नियत्रंण में नहीं है, में दो गुना वन भूमि पर क्षतिपूरक वृक्षारोपण किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड 67 प्रतिशत वन आच्छादित क्षेत्र है। राज्य के विकास कार्यों के लिये भूमि की उपलब्धता कम है। उत्तराखण्ड राज्य, अर्न्तराष्ट्रीय सीमा से लगे एक सामरिक महत्व रखने वाला राज्य है। इसके महत्व के दृष्टिगत् राज्य में स्थित वन भूमि में भारत सरकार के विभिन्न संस्थानों एन०एच०ए०आई०, बी०आर०ओ०, आई०टी०बी०पी०, रेलवे एवं सेना विभाग के द्वारा सड़क तथा अन्य संरचनाओं के निर्माण में वन संरक्षण एवं सवंर्धन अधिनियम, 2023 के तहत भूमि की अनउपलब्धता के कारण अनुमोदन प्राप्त किये जाने में विलम्ब हो रहा है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री ने पुनः स्पष्ट किया कि उत्तराखण्ड के विशिष्ठ भौगोलिक परिस्थितियों एवं सामरिक महत्व के दृष्टिगत् भारत सरकार के उपक्रमों द्वारा कराये जा रहे गैर वानिकी परियोजना हेतु अधिसूचित नियम, 2017 की व्यवस्था को यथावत रखते हुए पूर्व की भांति राज्य में उपलब्ध ‘अधिसूचित अवनत वन भूमि’ (आरक्षित एवं संरक्षित वन) में क्षतिपूरक वृक्षारोपण कराये जाने तथा इन सभी प्रयोजन के लिये गतिमान वन भूमि हस्तान्तरण प्रस्तावों पर सम्बन्धित मंत्रालय को अनुमोदन प्रदान करने हेतु निर्देशित करने का अनुरोध प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री ने किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिये डनसजप डवकमस स्वहपेजपबे च्ंता तथा औद्योगिक विकास हेतु ठभ्म्स् हरिद्वार से राज्य को भूमि हस्तान्तरण का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत करवाया कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से 1002 एकड़ भूमि पर एकीकृत विनिर्माण कलस्टर, खुरपिया का निर्माण 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी के अन्तर्गत किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गयी भूमि का मूल्य रू 410 करोड़ है तथा सभी एनओसी प्राप्त है। मुख्यमंत्री ने प्दजमहतंजमक डंदनंिबजनतपदह ब्सनेजमत, खुरपिया के अनुमोदन हेतु प्रधानमंत्री से आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी अवगत कराया कि मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन के अन्तर्गत चिन्हित 48 पौराणिक मंदिरों में से 16 मंदिरों में अवस्थापना विकास के कार्य शुरू हो चुके हैं। इन मंदिर मार्गों को 02 लेन करने और आपसी कनेक्टिविटी के लिए प्रधानमंत्री जी से 01 हजार करोड़ रूपये की सहायता प्रदान करने का अनुरोध भी मुख्यमंत्री ने किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अन्तर्गत कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध पूर्णागिरी धाम को विकसित करने के लिये शारदा कॉरिडोर के विकास की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मानसखण्ड माला मिशन के अन्तर्गत कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम के विकास हेतु मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। पिथौरागढ़ स्थित सीमान्त गांव गुंजी (आदि कैलाश क्षेत्र) को अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किये जाने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। गुंजी को’’शिव नगरी’’थीम के आधार पर विकसित किये जाने हेतु छः घटक कला संस्कृति, कौशल, ज्ञान, ध्यान, विज्ञान तथा विश्राम, में विभाजित किया गया है। प्रथम चरण में स्वदेश दर्शन योजना-2.0 के अन्तर्गत गुंजी में साधना केन्द्र, ईको ट्रेल, संसाधन केन्द्र, हेरिटेज ग्राम विकसित करना और साहसिक गतिविधियां प्रस्तावित हैं। राज्य सरकार द्वारा गुंजी तथा आदि कैलाश एवं ओम पर्वत के लिये हेली सेवाएं उपलब्ध कराये जाने हेतु सर्वे कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उत्तराखण्ड में रेल सेवाओं के विस्तार के लिये देहरादून-मसूरी रेल लाईन परियोजना की स्वीकृति के लिए रेल मंत्रालय से करवाने के लिए अनुरोध किया। उत्तराखण्ड में प्रस्तावित ज्योलिकांग -वेदांग 05 किमी, सीपू-तोला 22 किमी. और मिलम- लैपथल 30 किमी टनल परियोजनाओं की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति का अनुरोध भी प्रधानमंत्री से किया।