सीएम ने वन्य जीव संघर्ष मामले पर सख्ती दिखाते हुए किया अधिकारियों को तलब

विधानसभा में मुख्यमंत्री ने वन विभाग के संबंधित अधिकारियों को तलब करते हुए देहरादून में हुई घटना की रिपोर्ट ली। इस दौरान उन्होंने चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन समीर सिन्हा को सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों के विदेश दौरों पर भी रोक के आदेश दिए हैं।

सीएम धामी ने वन अधिकारियों को तलब किया

उत्तराखंड में गुलदार के हमलों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि राजधानी देहरादून में भी एक दिन पहले ही 10 साल के बच्चे को गुलदार ने अपना निवाला बनाया था। इस मामले में मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए अब विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्थित अपने कार्यालय में ही विभागीय अधिकारियों को तलब किया। इस दौरान प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ अनूप मलिक और चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन समीर सिन्हा ने इस पूरी घटना की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।

चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को फील्ड में जाने का आदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐसी घटनाओं को देखते हुए प्रमुख वन संरक्षक आरके सुधांशु को दैनिक रूप से मामलों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। इसके अलावा चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को भी खुद फील्ड में जाने के लिए भी आदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग के अधिकारियों को सख़्त निर्देश दिए, कि किसी भी दशा में जनहानि नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जो भी आवश्यक कदम हैं, उठाये जायें। लोगों को जन जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव वन्य जीव संघर्ष के लिए वन विभाग अलर्ट मोड पर काम करे।

वन अधिकारियों के विदेश दौरे पर रोक

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशिक्षित क्यूआरटी को तत्काल फील्ड में भेजने के भी निर्देश दिए हैं। बड़ी बात यह है कि मुख्यमंत्री ने वन अधिकारियों के विदेश दौरों पर भी रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। इन घटनाओं के बीच इस तरह के दौरों पर रोक लगा दी गई है।

सीएम ने देहरादून से टनकपुर, काशीपुर व कोटद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास शिलान्यास समारोह में वर्चुअल किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित विधानसभा भवन से टनकपुर, काशीपुर व कोटद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास शिलान्यास समारोह में वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा किये गए 554 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास शिलान्यास के वृहद कार्य ने देश में आज एक और नया कीर्तिमान बनाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में 40 करोड़ से अधिक की लागत से पुनर्विकास के लिए चयनित इन तीनों रेलवे स्टेशनों के पुर्नविकास से कुमाऊं क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मिलने के साथ ही लोगों को स्टेशन पर अत्याधुनिक सुविधाएं भी मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम भारतीय रेल के स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहे हैं तथा भारतीय रेलवे को नए भारत की आकांक्षाओं तथा आत्मनिर्भर भारत की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जहां एक ओर ब्रॉड गेज रेल लाइनों से मानव रहित रेल क्रॉसिंग को खत्म कर भारतीय रेलवे को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित बनाया गया है तो भारतीय रेलवे की रफ्तार भी पहले से कहीं अधिक बढ़ चुकी है। आत्मनिर्भरता और आधुनिकता के प्रतीक चिन्ह के रूप में वंदे भारत जैसी मेड इन इंडिया ट्रेनें रेल नेटवर्क का हिस्सा बन रही हैं तथा देश के अछूते हिस्सों को रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम भी तेजी से चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तरखंड में बहुत से कार्य हुए हैं। उत्तराखंड में आज पहाड़ तक ट्रेन पहुंचाने का सपना सच होने जा रहा है। प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता और स्पष्ट विजन के कारण ही आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन का 50 फीसदी से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारंभ की गई अमृत भारत स्टेशन योजना, रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास और बदलते भारत का प्रतिबिंब है। आज का नया भारत, एक नई गति और एक नई शक्ति के साथ आगे बढ़ रहा है तथा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार सभी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस प्रकार से न केवल रेलवे, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाया जा रहा है, वह अभूतपूर्व है। आज भारतीय रेल, इसका बदलता स्वरूप विकसित देशों के रेल नेटवर्क को चुनौती देता है। यह देखकर गर्व की अनुभूति होती है जिसका साक्षात् प्रमाण वन्दे भारत ट्रेन है तथा इस ट्रेन की मांग अब दूसरे देश भी करने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड को भी देहरादून से आनंद विहार के मध्य वंदे भारत ट्रेन के संचालन की सौगात दी है। उन्होंने कहा कि आज रेल आधुनिक हो रही है, सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है, रेलवे स्टेशन ’’मॉडर्न विजन’’ के साथ विकसित किए जा रहे हैं, लेकिन इस विकास के बीच भी, हमने अपनी संस्कृति और विरासत को कतई नहीं भुलाया है, जिसको ध्यान में रखते हुए जिन स्टेशनों के पुनर्विकास की नींव आज रखी गई है। उन्हें स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला के आधार पर विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए तमाम योजनाओं को धरातल पर उतारने का निरंतर कार्य कर रही है तथा हम उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र को लेकर लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
इस अवसर पर संबंधित पदाधिकारी व अधिकारी उपस्थित रहे।

आर्टिकल 370 पर बनी फिल्म का सीएम ने किया अवलोकन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजपुर रोड़ स्थित मॉल में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और भ्रष्टाचार पर आधारित फिल्म आर्टिकल 370 का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को समाप्त करने तथा भ्रष्टाचार को मिटाने से संबंधित विषय पर आधारित फिल्म वहां की तात्कालिक परिस्थिति को समाज के सामने लाने का सार्थक प्रयास है। इससे निश्चित रूप से लोगों को सही जानकारी भी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद जम्मू कश्मीर देश की मुख्य धारा से जुड़ा है तथा विकास के नये आयाम राज्य में स्थापित हो रहे हैं। फिल्म में यामी गौतम के शानदार अभिनय की भी मुख्यमंत्री ने सराहना की है तथा इसे महिला सशक्तिकरण का भी बेहतर उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्दशक के साथ अन्य कलाकारों के अभिनय की भी प्रशंसा की है।

मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, अनिल नौटियाल, सुरेश गड़िया, सविता कपूर आदि मौजूद रहे।

जौनसार बावर की पौराणिक संस्कृति, देश व दुनिया में रखती है अपनी अलग पहचान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड अध्यात्म और योग की भूमि होने के साथ-साथ संस्कृति, साहित्य और कला की भूमि भी है। उत्तराखंड ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर अगर कहीं पौराणिक लोक संस्कृति को जीवित रखने और संजोए रखने का कार्य प्रमुखता से किया गया है तो वो हमारा जौनसार बावर का क्षेत्र है। जौनसार बावर की पौराणिक संस्कृति, देश व दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है।
कौलागढ़ स्थित अम्बेडकर, स्टेडियम में जौनसार बावर सेवावृत्त कर्मचारी मण्डल द्वारा आयोजित दो दिवसीय जौनसार बावर सांस्कृतिक महोत्सव के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोजकों को बधाई दी तथा लोक कलाकारों द्वारा आयोजित लोक नृत्य में सामिल होने से स्वयं को रोक नहीं पाये। लोक कलाकारों के साथ झूमते हुए मुख्यमंत्री ने लोक कलाकारों का उत्साह बर्धन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जौनसार बावर भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस भवन का उपयोग जरूरतमंद छात्रों के अध्ययन के लिये भी किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जौनसार बाबर के संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्कृति अनोखी है इसे बचाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने के साथ ही प्रतिवर्ष ऐसे महोत्सव का आयोजन किया जाना चाहिए। यह सांस्कृतिक समारोह हमारी विलुप्त होती लोक विरासत को संरक्षण प्रदान करने के साथ आने वाली पीढ़ी को हमारी लोक संस्कृति से परिचित कराने का कार्य कर रहा है। राष्ट्र और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर प्रदान करने वाला यह सांस्कृतिक समारोह, निश्चित रूप् से हमारी आगामी पीढ़ी के लिए सामाजिक समरसता को प्रगाढ़ करने का भी कार्य करेगा। ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से हमारे राज्य के कलाकारों को भी एक मंच प्राप्त होता है और उनकी कला को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कहा कि हरीपुर में घाट निर्माण से उसके पौराणिक महत्व को भी पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय मानकर हमें आगे बढ़ना है तथा भारत को पुनः विश्व गुरू के पद पर आरूढ़ करने के लिए हर परिस्थिति को पार करना है। हमें अपने श्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण के ‘विकल्प रहित संकल्प‘ को प्राप्त करने हेतु भी निरंतर प्रयास जारी रखने हैं। ये सभी प्रयास तभी सफल होंगे जब हमें आप सभी का विशेष सहयोग और समर्थन मिलता रहेगा। उन्होंने सभी से राज्य के विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।
इस अवसर पर विकास नगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे जनजाति छात्रों के हित में सदैव प्रयासरत रहते हैं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान सेवावृत्त कर्मचारी मण्डल के अध्यक्ष रणवीर सिंह तोमर, संरक्षक तुलसी सिंह तोमर, उपाध्यक्ष अतर सिंह, सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, भाजपा नेता प्रताप सिंह रावत, मूरत राम शर्मा, राम शरण नौटियाल सहित बड़ी संख्या में लोक उपस्थित थे।

पीएम के मन की बात, जनजागरण का एक सशक्त माध्यमः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रायपुर विधान सभा के अन्तर्गत आने वाले हर्षिल एन्क्लेव बूथ नम्बर-4 चाणक्य कॉलेज कैम्पस गुजराड़ा मानसिंह में आयोजित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ’’मन की बात’’ के 110वें एपिसोड को विशिष्ठ जनों व एकत्रित जन-समूह के साथ पूरे मनोयोग से प्रधानमंत्री के मन की बात को सुना।

मन की बात कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक बार पुनः प्रधानमंत्री जी ने अपने ओजस्वी विचारों से देशवासियों के हृदय को छूने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात में अलग-अलग प्रकार व अनेक विषयों को रखा है। 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवा मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने ’’मेरा पहला वोट देश के लिये’’ की बात कही है। निश्चित रूप से इससे नए मतदाता प्रोत्साहित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सभी एक ऐसे कार्यक्रम का हिस्सा बने, जिसका नाम तो ‘मन की बात’ है लेकिन यह सही अर्थों में जन-जन की बात, देश के गौरव की बात, मां भारती के यशगान की बात तथा भारत के सम्मान की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिन भी विषयों को इस कार्यक्रम में शामिल किया वे सभी जनजागरण का एक सशक्त माध्यम बने और नागरिकों पर इनका अत्यंत सकारात्मक प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि हमारे उत्तराखण्ड की कई विभूतियों, पर्यटक स्थलों आदि को भी मन की बात में समय समय पर स्थान मिला, जिसके परिणामस्वरूप हमारे लोक संगीत और हमारी लोक संस्कृति से पूरे विश्व के लोग परिचित हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम के जरिए लोगों का भरोसा जीता है। उन्होंने कहा कि भरोसा एक ऐसी चीज है, जो अपने आप नहीं आता, इसे कमाना पड़ता है और मोदी जी ने लोगों का ये भरोसा कमाया है तथा उसी भरोसे का प्रतिफल है कि उनके नेतृत्व वाली सरकार हर क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्वांगीण और समावेशी विकास हुआ है। आज देश के अन्दर 80 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गयी है, दिव्यांग जनों को सशक्त बनाया गया, लगभग 50 करोड़ जनधन खाते खोले गए, प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत लगभग चार करोड़ आवास बनाए गए, लगभग नौ करोड़ घरों तक नल से जल पहुंचाया गया है, किसान सम्मान निधि के रूप में हर वर्ष किसानों को छह हजार रुपये दिए जाने के साथ ही फसल बीमा योजना का भी लाभ दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त महिला सशक्तिकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 12 करोड़ इज्जत घर बनाए गए तथा दस करोड़ से भी ज्यादा उज्ज्वला कनेक्शन दिए गए। युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के क्रम में रोजगार मेला लगाकर दस लाख भर्तियों का अभियान प्रारंभ किया गया तथा कोरोना जैसी महामारी का हमने डटकर मुकाबला किया और लोगों को इसके मुफ्त टीके लगाने के साथ कई देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई गयी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक ओर जहां भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का उद्घाटन किया गया, वहीं दूसरी ओर वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक सहित कई अन्य परियोजनाएं पूरी की गई। उन्होंने कहा कि तीन तलाक और अनुच्छेद 370 की समाप्ति कानून बनने से तीन तलाक के मामलों में काफी कमी आई। इसके अलावा नई शिक्षा नीति भी लागू की गयी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं सभी को समान अधिकार देने के लिए हमने समान नागरिक संहिता विधेयक पारित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से हम सभी को पता चला कि यह देश न जानें कितनी ही विशिष्ट प्रतिभाओं से भरा हुआ है और असंख्य लोग अपने-अपने स्तर पर इस देश को निरन्तर महान बनाने में किस प्रकार जुटे हुए हैं, जिससे हम सभी को कुछ नया सीखने और समझने का मौका मिलता है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि प्रधानमंत्री जी ने सफलता के जो मंत्र ’’मन की बात’’ कार्यक्रम में उल्लेख किये हैं, उन्हें आप सभी अपने जीवन में आत्मसात करेंगे।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सुरेश गड़िया, विनय रोहिला, सिद्धार्थ अग्रवाल, श्री शशि सिंह, श्री प्रशान्त डोबाल, तरूण धीमान, आकाश, सौरभ थपलियाल, शिवानी बंसल, शशांक गोसाईं, संजीव मल्होत्रा, सचिन बंसल, देवेन्द्र पाल मोण्टी, किशन सिंह नेगी, उमेश अग्रवाल, शिव सिंह बिष्ट, अनूज चैधरी, वरिष्ठ नागरिक, ग्राम प्रधान, क्षेत्रवासी, श्रोतागण सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मेडिकल, इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले बच्चों की फीस भी बोर्ड करेगा वहन

देहरादून। उत्तराखंड भवन एवं सन्निमार्ण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) के मार्फ़त सरकार पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रितों को बड़ी सौगात देनी जा रही है। ऐसे सभी श्रमिकों को सरकार बोर्ड के बजट से ईएसआई (मेडिकल सुविधा) और बच्चों को निःशुल्क रोजगारपरक शिक्षा देगी। सरकार यह कार्य पंजीकृत श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के तहत प्रस्तावित योजना से करने जा रही रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार उत्तराखंड में निर्माण क्षेत्र में कार्यरत पंजीकृत श्रमिकों तथा ई पोर्टल में पंजीकृत श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को बड़ी योजना पर काम कर रही है। योजना के मुताबिक सरकार बोर्ड देहरादून में पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को आईटीआई, पॉलिटेक्निक में निशुल्क पढ़ाई की व्यवस्था करने जा रही है। योजना में प्रवेश पाने वाले बच्चों के लिए बोर्डिंग (हॉस्टल की व्यवस्था), यूनिफॉर्म, पाठ्य पुस्तकों, आदि पर खर्च होने वाली धनराशि पूरी तरह बोर्ड वहन करेगा। इन आईटीआई और पॉलिटेक्निक से 3 साल में 75 बच्चों को रोजगारपरक शिक्षा प्राप्त होगी। इसके अलावा इन बच्चों के हॉस्टल पर होने वाला खर्चा भी बोर्ड उठाएगा। सरकार ने पंजीकृत श्रमिकों को मेडिकल सुरक्षा की ईएसआई जैसी बड़ी सौगात देने का भी निर्णय लिया है। अभी तक श्रमिक इस सुविधा से वंचित थे। सरकार ने पंजीकृत श्रमिकों को किसी तरह की आयु सीमा का बंधन छोड़ सभी को ईएसआई की सुविधा देने की योजना बनाई है। इस पर आने वाला संपूर्ण खर्चा बोर्ड उठाएगा। यह योजना पंजीकृत श्रमिकों की सुरक्षा कवच के रूप में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बोर्ड के अनुसार पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को राजकीय शिक्षण संस्थानों में डॉक्टरी, इंजीनियरिंग तथा अन्य समकक्ष शिक्षा में प्रवेश होने पर पूरी फीस बोर्ड द्वारा वाहन की जाएगी।

इन श्रमिकों को योजना में करेंगे शामिल

उत्तराखंड में कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिको, के अलावा अंसगठित श्रमिकों, घरेलू, मनरेगा, एसएचजी, कृषि एवं भूमिधर, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी वर्कर्स, नगरीय असंगठित श्रमिकों, ठेला, फेरीवाला, ईट भट्टा, मछुवारों, आदि श्रमिकों को योजना में शामिल किए जाने की योजना है।

ऊर्जा प्रदेश में बेहतर हो रही बिजली सेवाएं

ऊर्जा प्रदेश कहे जाने वाले उत्तराखण्ड में प्रदेश सरकार बिजली उपभोक्ताओं से जुड़ी सेवाओं को लगातार बेहतर करने के प्रयास में जुटी हुई है।

यूपीसीएल प्रबंधन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण“ के मंत्र को आधार मान कर उपभोक्ताओं की सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए केन्द्रीयकृत कॉल सेण्टर के संचालन, उपभोक्ता स्वयं सेवा मोबाइल एप और जगह मेगा कैम्प / शिविरों का आयोजन को शुरुआत की थी। जिसके चलते प्रदेश के दुर्गम गांव में रहने वाले लोगों की समस्याओं का घर बैठे ही समाधान हो रहा है।

आंकड़ों पर गौर किया जाए तो यूपीसीएल मुख्यालय स्थित 24ग्7 केन्द्रीयकृत कॉल सेंटर का नियमित रूप से संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में सेंटर में 105 कस्टमर सर्विस रिप्रजेंटेटिव कार्यरत हैं। इस सेंटर के माध्यम से प्रतिदिन 500 से अधिक उपभोक्ता अपनी विद्युत सम्बन्धित समस्याओं का समाधान पा रहे हैं। इस माह में ही अभी तक कुल 19250 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनमें से 10261 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।

प्रबन्ध निदेशक, यूपीसीएल द्वारा समस्त क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी उपभोक्ता सेवा केन्द्रों / राजस्व संग्रहण केन्द्रों पर दिव्यांगजनों, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा व सुगमता के लिये केन्द्रों में सुरक्षित एवं आरामदायक बैठने का स्थान, बिल जमा करने के लिये पृथक लाईन तथा बिजली से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।

यहां दर्ज हो सकती है शिकायत

शिकायतों का त्वरित समाधान ना होने की स्थिति में उपभोक्ता यूपीसीएल के स्थानीय शिकायत केन्द्रों पर जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही स्वयं सेवा मोबाइल एप, यूपीसीएल की वेबसाइट (ू.नचबस.वतह), ई-मेल ( बनेजवउमतबंतम/नचबस.वतह) एवं टोल फ्री नं० 1912 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम में सीएम ने किया हवन यज्ञ

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल स्थित जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम में जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम में, शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हवन यज्ञ में भी शामिल हुए। जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम कनखल में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के अवसर पर स्वामी प्रकाशानंद के षोडश निर्वाण महोत्सव के अवसर पर विधि-विधान से हवन यज्ञ व भंडारे का आयोजन किया गया, इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, सांसद डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, व विधायकगण शामिल हुए। सभी ने हवन यज्ञ में आहुतियां डाली और प्रदेश में कॉमन सिविल कोड लागू होने की खुशी में भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कैबिनेट मंत्रियों ने आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता के दौरान कहा कि समान नागरिक संहिता प्रदेश में लागू करने के लिए उत्तराखंड के लोगों ने इस पर हमें अपना समर्थन दिया है। इस मसले पर सब से वार्ता करने के बाद हम इसे राज्य में लागू करने का निर्णय ले सके हैं। उन्होंने कहा कि हमारी अपेक्षा है कि देश के अन्य राज्य भी इसे लागू करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान में समानता के अधिकार की व्यवस्था है। इसलिए यह देश में कहीं भी लागू हो सकता है।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने भी इसके लिए मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष समेत कैबिनेट के सदस्यों और विधायकों को शुभकामनाएं दीं।

सीएम ने रविदास मंदिर में की पूजा अर्चना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और देश व प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने 10.77 लाख रुपए की लागत से निर्मित इंटरलॉकिंग टाइल्स निर्माण कार्य का लोकार्पण किया और गुरु रविदास मंदिर दीर्घा का भी शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 6 प्रतिभागियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सन्त शिरोमणि रविदास जी को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऊंच-नीच, छुआछूत, भेदभाव को मिटाकर जीवन में सबको साथ लेकर चलने के लिए संकल्प लेने का दिन है। आज का दिन सामाजिक बुराइयों और कुरीतियों को दूर कर आपसी भाईचारे को ही सच्चा धर्म मानने का दिन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास सामाजिक समरसता और मानवतावादी मूल्यों के पुरोधा थे, जिन्होंने समाज में फैली बुराइयों तथा कुरीतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत का इतिहास रहा है, जब भी देश को जरूरत हुई है, कोई न कोई संत या ऋषि भारत में जन्म लेते रहे हैं। संत रविदास जी उस भक्ति आंदोलन के महान संत थे, जिन्होंने कमजोरों को नई ऊर्जा दी। संत रविदास जी ने समाज को आजादी का महत्व भी बताया और सामाजिक विभाजन को भी पाटने का काम किया। संत रविदास जी ने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी जहां किसी भी प्रकार का लोभ, लालच, दुख, दरिद्रता, भेदभाव नहीं हो, उनके बताये रास्तों पर चलते हुए हम सुखी जीवन के सूत्र सीख सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महान संत गुरु रविदास जी के संदेशों को अपनाकर ही आज का भारत और उत्तराखंड विकास पथ पर तेजी से अग्रसर है। संत रविदास जी सामाजिक परिवर्तन के प्रतीक हैं, इसलिए उनके संकल्प को ही ध्येय मानकर हम उत्तराखंड के सुदूर व दुर्गम क्षेत्रों में बसे गरीबों, वंचितों और पिछड़ों की सेवा हेतु प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार संत शिरोमणि रविदास जी के बताए मार्ग पर चलकर दलित,,शोषित, पिछड़ों व वंचितों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। सन्त रविदास ने कहा था कि “ऐसा चाहूं राज मैं, मिले सबन को अन्न“ छोट,बड़ो सब सम बसे, रविदास जी रहे प्रसन्न। अर्थात मैं, एक ऐसा राज चाहता हूं जिसमें सभी को अन्न मिले कोई भूखा न रहे, हर कोई एक समान, समरस होकर रहे । संत रविदास जी के इस विचार को आत्मसात कर प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार में हम भी अंत्योदय के भाव के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार में गरीबों को पक्का मकान मिलने के साथ ही खुले में शौच करने से मुक्ति मिली है और उज्जवला योजना से माताओं, बहनों को धुंए से छुटकारा मिला है। गरीबों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है, हर घर नल से जल अभियान के तहत शुद्ध जल मिल पा रहा है। हम सभी एक ही जाति से हैं और वो जाति है मानवजाति। समानता वंचित समाज को प्राथमिकता देने से ही आती है, इसलिए जो वर्ग विकास की धारा से दूर रह गए पिछले 10 वर्षों में उनको ध्यान में रखकर ही काम हुआ है। उसी गरीब को ध्यान में रखकर योजनाएं बन रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार रविदास जी के विचारों को ही आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र आज 140 करोड़ देशवासियों से जुड़ने का मंत्र भी बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलकर पूरी ताकत के साथ समाज को एकजुट रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड मजबूती से आगे बढ़ रहा है और हमनें एक ओर जहां धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया है, वहीं समान नागरिक संहिता विधेयक लागू कर सभी को समान अधिकार देने का कार्य किया। जिन कुरीतियों को संत रविदास जी ने समाज से खत्म करने के लिए जो यज्ञ प्रारंभ किया था उसी यज्ञ में हम भी एक आहुति प्रदान कर समाज से भेदभाव और कुरीतियां खत्म करने के लिए प्रयासरत हैं।

सांसद डॉ.रमेश पोखरियाल “निशंक“ ने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास का स्मरण करने से भी मानव कल्याण की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि संत रविदास साहित्यकार, संत परम्परा के शिरोमणि थे। गुरु ग्रंथ साहिब में भी उनके दोहों को स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा संत रविदास की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक, अनुकरणीय व सराहनीय हैं।

इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल, मन्दिर कमेटी से जयपाल द्वारा अपने अपने विचार रखे गए। इस दौरान विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, देशराज कर्णवाल, अध्यक्ष अनुसूचित जाति मुकेश कुमार, डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल, सीडीओ प्रतीक जैन, एडीएम पीएल शाह, एसडीएम मनीष सिंह, सहित सुखलाल, नंदपाल, आदेश पालीवाल, मलखान सिंह, डॉ.स्वराज विद्वान, अनिल कुमार, विनय दावडे, मोक्कम सिंह, पवन कुमार, कमल सिंह, भगवान दास के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु आदि उपस्थित थे।

नर सेवा नारायण सेवा के भाव से देश में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा एम्सः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम्स ऋषिकेश में नेशनल मेडिकोज ऑर्गनाइजेशन के 43वें दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन ’NMOCON -2024’ के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिवेशन में आए चिकित्सक एवं छात्रों का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानने वाला यह संगठन निरंतर ’नर सेवा नारायण सेवा’ के भाव से देश में अपनी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। देश के विभिन्न स्थानों पर चिकित्सकों और छात्रों द्वारा स्वास्थ्य से जुडे विभिन्न विषयों पर चिंतन करना सराहनीय प्रयास है। इस प्रकार ’’स्वास्थ्य सेवा से राष्ट्र सेवा’’ और ’’स्वास्थ्य सेवा ही राष्ट्र सेवा’’ के सिद्धांत को अपनाकर संगठन द्वारा अंत्योदय की भावना से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत में स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। साथ ही स्वास्थ्य के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सुधार जारी है, इनमें सस्ते उपचार व दवाइयां, ग्रामीण स्तर पर आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, मानव संसाधन का विकास और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बढ़ाने के लिए तकनीक का उपयोग आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवा में अंत्योदय की सोच के साथ कार्य कर रही है। पिछले दस वर्षों में देश में 200 से अधिक नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण हुआ है। वर्तमान में 22 से अधिक एम्स में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। साथ ही योग और आयुष को लेकर देश में और अधिक जागरूकता आई है। विश्व में योग को लेकर आकर्षण बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान एवं जल जीवन मिशन ने कई रोगों की रोकथाम में सहायता की है। पोषण अभियान देश में कुपोषण को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध हुआ है। राष्ट्रीय टेली-मेडिसिन सेवा-ई-संजीवनी ने सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग सुदूर क्षेत्र में स्थित रोगियों के डायग्नोसिस, उपचार और प्रबंधन को सक्षम करने के लिए किया है। इनके उपयोग से सुदूर गांव में रहने वाला कोई व्यक्ति भी शहरों में रहने वाले चिकित्सकों से शुरुआती परामर्श प्राप्त कर सकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन शुरू किया गया है। जो स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में लाभार्थियों तक सुविधाओं को पहुंचाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के परस्पर समन्वय से कार्यों का सफल सम्पादन किया जा रहा है। प्रदेश में सभी को निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही कैशलेस उपचार देने की दिशा में अटल आयुष्मान योजना प्रभावी साबित हो रही है। अब तक करीब 55 लाख से ज्यादा लोगों का आयुष्मान कार्ड होल्डर के रूप में पंजीकरण हो चुका है। अटल आयुष्मान योजना और आयुष्मान कार्ड की सहायता से 5 लाख से अधिक मरीजों ने समय पर अपना इलाज भी कराया है। प्रदेश सरकार जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार कई योजनाएं चला रही है। गर्भवती महिलाओं के लिए ’जननी सुरक्षा योजना’ के अंतर्गत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए इस योजना का संचालन किया जा रहा है। इन्द्रधनुष योजना के तहत बच्चों का निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। आमजन की मधुमेह, रक्तचार, स्तन कैंसर एवं मुंह के कैंसर की निःशुल्क जाँच तथा स्क्रीनिंग के लिए हैल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर संचालित किए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हैल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के माध्यम से आम जनमानस को उनके क्षेत्रों में स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए जन आरोग्य अभियान का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन का उद्देश्य क्षय रोगियों को रोग मुक्त करना है, जिसके लिए भारत को क्षय मुक्त बनाने के लिए 2025 का लक्ष्य रखा गया है। जबकि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए धरातल पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने संपूर्ण विश्व का नेतृत्व किया। कोरोनाकाल में देश के साथ विदेशों में भी निःशुल्क वैक्सीन दी गई। प्रधानमंत्री जी द्वारा शुरू किए गए हर अभियान का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को मिल रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के आधार पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। सभी के सहयोग से हम स्वस्थ, समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करने में सफल होंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, डॉ. धन सिंह रावत, निदेशक एम्स प्रो. मीनू सिंह, आरएसएस सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि एवं अन्य लोग मौजूद थे।