उत्तरकाशी में सीएम का भव्य रोड शो, स्वागत में नजर आए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़कोट, उत्तरकाशी में मुख्य बाजार, बड़कोट से रामलीला मैदान तक आयोजित रोड शो में प्रतिभाग किया। इस दौरान हजारों की संख्या में मौजूद महिलाओं, क्षेत्रीय जनता ने मुख्यमंत्री का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। रंवाई क्षेत्र की जनता के भव्य स्वागत से मुख्यमंत्री अभिभूत नज़र आए। मुख्यमंत्री ने भी लोगों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, भाजपा जिला अध्यक्ष सतेंद्र राणा, विधायक दुर्गेश्वर लाल, विधायक सुरेश चौहान, विधायक संजय डोभाल, मीडिया प्रभारी भाजपा मनवीर चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग के 64 अभ्यर्थियों को वितरित किये नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजपुर रोड स्थित होटल में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर सम्मिट-2023 में हुए निवेश प्रस्तावों की ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 11 परियोजनाओं का शिलान्यास करने के साथ ही उद्योग विभाग के 64 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किये।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उद्योग जगत से आये हुये उद्योगपतियों तथा प्रतिनिधियों का स्वागत, करते हुये कहा कि आज ग्राउंडिंग सेरेमनी के तहत 27 हजार करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउण्डिग की जा रही है, इस प्रकार अब तक 71 हजार करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउण्डिग की जा चुकी है। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि आप हमारे ब्राण्ड अम्बेस्डर ही नहीं, बल्कि उससे भी बढ़कर की भूमिका आप लोगों ने निभाई है। हमने दिल्ली, लन्दन, दुबई, अहमदाबाद, मुम्बई, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून आदि स्थानों पर निवेश हेतु जितने प्रयास किये, उसे आगे बढ़ाने का कार्य आप लोगों ने किया तथा विकास के हर क्षेत्र में आपने योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के सपने साकार हो रहे हैं तथा व्यापार, विकास और विश्वास का वातावरण बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ग्राउण्डिंग हमारे द्वारा सम्पादित एमओयू का 20 प्रतिशत है, जो हमने महज 3 माह में प्राप्त किया है। इसे हम शत-प्रतिशत करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने इन्वेस्टर समिट के दौरान जो सपने देखे थे, वे सपने अब धीरे धीरे धरातल पर उतरने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अवस्थापना के क्षेत्र में आज निरन्तर प्रगति हो रही है। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में चाहे रेल हो, सड़क हो या हवाई इसमें लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ के लिये 42 सीटर हवाई जहाज संचालन की अनुमति मिल चुकी है तथा पन्तनगर को अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक कहा है। प्रधानमंत्री का इस राज्य से विशेष लगाव के साथ उनका उत्तराखण्ड से कर्म व मर्म का रिश्ता है और पिछले 10 सालों में उनके मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी क्षेत्रों में अनेक विकास कार्य हुये हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव के कारण उत्तराखण्ड को जहां एक नई पहचान मिली है, वहीं लोगों का विश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि हम उनके मार्गदर्शन में विकसित भारत व विकसित उत्तराखंड के निर्माण के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं तथा लाखों-करोड़ों रुपए का निवेश उत्तराखंड की धरती पर उतर रहा है, इसी का प्रतिफल है कि उत्तराखंड में “व्यापार, विकास और विश्वास“ का आज नया माहौल बना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत हुए 3.56 लाख करोड़ के एमओयू को इसी तरह समय समय पर धरातल पर उतारने का काम आप सभी के सहयोग से किया जाएगा। हमारा प्रयास उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के साथ ही एक मॉडल स्टेट के रूप में विकसित करने का संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्टार्टप उत्तराखण्ड ग्राण्ड चेंलेंज 2022-23 के विजेताओं-साक्षी एण्ड ग्रुप, अंकुश गर्ग, सौम्यदीप एण्ड अभि, लव शर्मा, मयंक बिष्ट, अरूण शर्मा, तेजस एण्ड वंश, समृद्धि एण्ड ग्रुप, समृद्धि एण्ड शिव साक्षी तथा कुलदीप बिष्ट को पुरस्कृत भी किया।
कार्यक्रम को कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सम्बोधित करते हुये कहा कि उत्तराखण्ड नित नये-नये प्रतीयमान स्थापित कर रहा है तथा यहां उद्योगों के अनुकूल वातावरण होने के साथ ही सभी प्रकार की अवस्थापना सुविधायें मौजूद हैं और मुख्यमंत्री के मंत्र-सरलीकरण, निस्तारण, समाधान के तहत कार्य करते हुये राज्य निरन्तर प्रगति कर रहा है।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिये हमने 30 नई नीतियां बनाई है तथा हमारा उद्योग जगत से निरन्तर संवाद बना हुआ है उद्योगों से सम्बन्धित जो भी समस्या होगी, उनका त्वरित निस्तारण किया जायेगा ताकि उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट में भी अग्रणी राज्य बन सके।
कार्यक्रम को अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय ने भी संबोधित करते हुए अब तक हुए निवेश के सम्बन्ध में विस्तार से प्रकाश डाला।
समारोह को उद्योग जगत से जुड़े हुये पवन अग्रवाल नैनी पेपर तथा श्री आर0एस0 यादव इण्डिया ग्लाइको ने भी सरकार की उद्योग नीति की सराहना करते हुये अपने विचार रखे।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, सचिव आर0 मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष सचिव डॉ0 पराग मधुकर धकाते, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, उद्योग समूहों के प्रतिनिधि, उद्योगपतिगण, विभिन्न एसोसिएशनों के पदाधिकारीगण सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

सीएम बोले, उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मण्डी मैदान मंगलौर में आयोजित लाभार्थी सम्मान समारोह के अवसर पर 46.78 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 45.62 करोड़ लागत की 21 योजनाओं का शिलान्यास तथा 1.16 करोड़ की 8 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को आवंटित आवासों की चाबी, गैस कनेक्शन के साथ स्वयं सहायता समूहों को दी जाने वाली धनराशि के चेक, पीएम मातृ वंदन योजना के पात्रों को महालक्ष्मी किट, प्रदान किये।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिये अनेक घोषणायें की, जिनमें बिझोली मार्ग से हरजोली जट तक का बाईपास हेतु परीक्षण कराया जायेगा, भगवानपुर बस अड्डा शीघ्र संचालित किया जायेगा। जिन किसानों की सम्मान निधि खातों में नहीं पहुॅच पा रही है उनकी सम्मान निधि खातों मे पहुॅचाने हेतु जल्दी कार्यवाही किये जाने, मंगलौर में गंग नहर घाट का सौन्दर्यकरण, पर्यटन स्थल का विकास कराया जायेगा तथा इस घाट का नाम महर्षि कश्यप के नाम पर रखे जाने, प्रदेश में सिंचाई शुल्क को किसानों से नहीं लिये जाने, भगवानपुर क्षेत्र में एससी भवन का निर्माण तथा भगवानपुर बस स्टैण्ड का कार्य प्रारम्भ किये जाने। रूड़की के सिविल लाईन की आन्तरिक सड़कों की बीएमएस डीबीसी व नाली का निर्माण किये जाने, रूड़की के आकाशदीप चौराहे से सालार हॉस्पिटल होते हुए नहर पटरी तक सड़क डामरीकरण का कार्य किये जाने, फागपुर क्षेत्र के अन्तर्गत बालावाली से बहने वाली गंगा नदी पर थीम बेस्ड टूरिज्म के तहत निर्माण कार्य किये जाने, मंगलौर ग्राम में गोपालपुर में अम्बेडकर पार्क का निर्माण किये जाने, ग्राम घौसीपुरा में मैन रोड से होते हुए घौसीपुरा तक इण्टर लॉकिंग सड़क का निर्माण किया जायेगा। ग्राम नग्ला सलारू में 500 मीटर नाले का निर्माण किया जाना शामिल है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि पूरे क्षेत्र के विकास में कोई भी कमी नहीं आने दी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की मुख्य धारा से समाज के अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाएं तथा सुविधाएं पहुॅचे, यही ध्येय लेकर सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उन योजनाओं का लाया जा रहा है जोकि गरीबों का उत्थान कर सके, आगे बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबों का समर्पित सरकार है, गरीब कल्याण, उत्थान एवं गरीबो के मुख्य धारा से जोड़ने की, जीवन स्तर कैसे ऊपर उठाया जाय, इस मूल भावना ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण हेतु अनेक काम किये गए हैं। सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से देश का हर व्यक्ति लाभान्वित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका एक ही लक्ष्य है उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाना। अपने इसी ध्येय की प्राप्ति के लिए हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरक मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड के चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश के लोगों को योजनाओं का पूर्ण लाभ मिले और उनकी समस्याओं का सम्पूर्ण समाधान हो सके, इसके लिए हम सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र को ध्यान में रखकर कार्य कर रहे हैं। हमने प्रदेश की जनता के हित में कई ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जो पहले संभव नहीं हो सके थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में जहां विश्व की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी, ऐसे समय में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने निशुल्क वैक्सीनेशन तथा राशन देने की व्यवस्था की और विश्व के 100 से ज्यादा देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई। वैश्विक पटल पर देश का मान-सम्मान, स्वाभिमान बढ़ा है तथा करोना काल में देश की अर्थ व्यवस्था 11वे स्थान पर थी वह 5वें स्थान पर पहुॅच गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक-एक पल, एक-एक क्षण देश के विकास हेतु समर्पित है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद कल्पना सैनी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट द्वारा भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल, अध्यक्ष जिला पंचायत किरण चौधरी, पूर्व विधायक प्रणब सिंह चैम्पियन, देशराज कर्णवाल, बीजेपी जिलाध्यक्ष शोभाराम प्रजापति, राजपाल सिंह, मास्टर सत्यपाल सिंह, जमीर हसन अंसारी, अफ़जाल अली, मयंक गुप्ता, रोबिन चौधरी, वैजयंती माला कर्णवाल, प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा राकेश गिरी, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, अपर जिलाधिकारी पीएल शाह सहित क्षेत्रीय जनता व सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने लाभार्थियों को पीएम आवास योजना के तहत सौंपी आवास की चाबी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद हरिद्वार के लक्सर में आयोजित लाभार्थी सम्मेलन के अवसर पर 68.82 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। जिसमें 65.34 करोड़ की 51 योजनाओं का शिलान्यास एवं 3.48 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को आवंटित आवासों की चाबी, गैस कनेक्शन के साथ स्वयं सहायता समूहों को दी जाने वाली धनराशि के चेक प्रदान किये।
लाभार्थी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार समाज के अंतिम छोर में खड़े व्यक्ति तक हर योजना का लाभ पहुंचने का प्रयास कर रही है। हमारी सरकार गरीबों के कल्याण के लिये समर्पित है, इसलिए गरीब की आवश्यकताओं को भली भांति समझती है। हमारी सरकार जन कल्याणकारी योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए दिन-रात काम कर रही है, उसी का परिणाम है जो आज इतनी बड़ी संख्या में आप सभी यहां एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। विभिन्न योजनाओं का लाभ आम आदमी को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जन कल्याण से सम्बन्धित विभिन्न योजनाएं, प्रत्येक वर्ग को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं तथा लोगों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, इसकी भी समीक्षा समय-समय पर की जा रही हैं। पहले अगर गरीबों के लिए कोई योजना शुरु होती भी थी तो उसे उस योजना का लाभ पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। यदि उसके लिए घर घोषित होता भी था, तो उसे शौचालय अलग बनाना पड़ता था, बिजली, पानी और गैस कनेक्शन के लिए अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन आज शौचालय, बिजली, पानी और गैस जैसी आधारभूत सुविधाओं के साथ ’’प्रधानमंत्री आवास योजना’’ से गरीब को इन सभी झंझटों से मुक्त करती है। हमारी सरकार गरीब के पास स्वयं पहुंच रही हैं, हर योजना का लाभ गरीब को मिले इसके लिए विशेष अभियान चला रही है। विकास कार्यों और लाभार्थियों की सहायता करते समय हमारी सरकार न किसी गरीब की जाति देखती है और न ही किसी गरीब का धर्म।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में पिछले 10 वर्षों में करीब 4 करोड़ से अधिक पक्के घर गरीब परिवारों को मिल चुके हैं। जब कोई सरकार ’’अंत्योदय’’ को अपना ध्येय मानकर कार्य करती है तो परिणाम कितने अलग होते हैं। हमारी सरकार ने सेवा और सुशासन के आधार पर देश व प्रदेश में विकास की एक नई परिभाषा लिखने का कार्य किया है। देश में जिस स्तर पर शोषितों और वंचितों का आज सशक्तिकरण हो रहा है वैसा आज से पहले कभी नहीं हुआ। प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व का ही प्रतिफल है कि पिछले 10 वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों को सभी मापदंडों पर तोलकर हम कह सकते हैं, हमारे देश ने इन 10 वर्षों में हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि आज सारी दुनिया हमारे देश और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी का लोहा मान रही है। 10 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा तक, निःशुल्क खाद्यान्न से लेकर निःशुल्क इलाज तक, किसानों के विकास से लेकर गरीबों के आवास तक, सेना के आधुनिकीकरण से लेकर सीमाओं की सुरक्षा तक, प्रत्येक नागरिक को वैक्सीन पहुंचाने से लेकर हथियार और मोबाइल उत्पादन तक हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किये हैं। पहले भारत दवाओं और टीकों के लिए विदेशों पर निर्भर रहता था, कोरोना काल में प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने कोविड के दो स्वदेशी टीके न केवल विकसित किए बल्कि कई देशों को इनकी आपूर्ति भी की। केन्द्र सरकार की ओर से शिक्षा का बजट तीन गुना बढ़ाना और एक सुविचारित राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पाठ्यक्रम लाना इस सरकार की ’’शिक्षित समाज-मजबूत भारत’’ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आज देश में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली सरकार ने 80 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने जैसा ऐतिहासिक कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की ही दिव्य दृष्टि थी कि देश में करीब 50 करोड़ जनधन खाते गरीबों के लिए खोले गए, जिनका प्रयोग लाभार्थियों के खातों में सीधे डीबीटी करने के लिए हुआ।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सबसे आधारभूत कार्य करने का बीड़ा भी प्रधानमंत्री जी ने ही उठाया जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में करीब 12 करोड़ इज्जतघर बनाए गए। इसी के साथ-साथ इन 10 वर्षों में नौ करोड़ से अधिक उज्ज्वला गैस कनेक्शन गरीबों को दिए गए। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने विभिन्न रोजगार मेलों का आयोजन कर दस लाख लोगों को रोजगार देने का कार्य भी प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार ने दुनिया में भारत की खोई हुई साख को फिर से संभालने का कार्य किया। परन्तु अभी भी कुछ लोग कोशिश कर रहे हैं दुनिया में भारत की साख को दाग लग जाए लेकिन दुनिया अब भारत की शक्ति को जान चुकी, भारत के योगदान पर विश्व का भरोसा बढ़ता चला जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पूर्व देश में स्वास्थ्य सेवाएं स्वयं बीमार थी, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज स्वास्थ्य सेवाओं का जिस तरह विस्तार हुआ है, जो पहले संभव नहीं था। सड़कों की खस्ता हालत किसी से छिपी नहीं थीं, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज देश में प्रत्येक दिन 38 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है। 2014 के बाद से देश में हर साल एक नए आईआईटी का निर्माण हुआ है। हर साल देश में एक नया आईआईएम बनाया गया है। हर सप्ताह देश में एक नई यूनिवर्सिटी खोली गई है। हर दिन देश में दो नए कॉलेज खोले जा रहे हैं। आईटीआई का निर्माण किया जा रहा है। यह सब बीते दस वर्षों में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ही संभव हो पाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का अभाव था, परंतु हमने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने का कार्य किया तथा राज्य में देश के सबसे कठोर नकल विरोधी कानून बनने के बाद पारदर्शिता के साथ ही अब समयबद्ध तरीके से परीक्षाएं संपन्न हो रही है, यही नहीं राज्यहित में समान नागरिक सहित धर्मांतरण को रोकने, लैंण्ड जेहाद को रोकने जैसे सख्त कानून बनाने का हमने निर्णय लिया है। आज उत्तराखण्ड विकास और विश्वास के वातावरण में जन आकांक्षाओं को पूरा करने के प्रयासां के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य प्राप्त करने के लिये हम सभी के समूहिक प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, लक्सर के निवर्तमान पालिका अध्यक्ष अमरीश गर्ग, शिवालिक नगर पालिका के निवर्तमान अध्यक्ष राजीव शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, पूर्व विधायक सुरेश राठौड़, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं स्थानीय जनता मौजूद थी।

6 मार्च को होगा देहरादून से अयोध्या, अमृतसर और वाराणसी के लिए हवाई सेवाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रयास रंग लाया है। देहरादून से देश के तीन प्रमुख शहरों अयोध्या, अमृतसर और वाराणसी के लिए सीधी हवाई सेवा को केंद्र की मंजूरी मिल गई है। तीनों सेवाओं का छह मार्च को शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री धामी ने तीनों सेवाओं की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आभार प्रकट किया है।
उद्घाटन दिवस पर देहरादून से अयोध्या के लिए विमान सुबह 9-40 बजे उड़ान भरेगा और पूर्वाह्न 11-30 बजे अयोध्या पहुंचेगा। उसी दिन अयोध्या से दोपहर 12-15 बजे उड़ान भरकर दोपहर 01-55 बजे देहरादून पहुंचेगा।
देहरादून-अमृतसर हवाई सेवा का विमान दोपहर 12 बजे अमृतसर से उड़ान भरेगा और दोपहर 01-10 बजे देहरादून पहुंचेगा। इसी प्रकार देहरादून से दोपहर 1-35 बजे अमृतसर के लिए उड़ान भरेगा और दोपहर 2-45 बजे अमृतसर पहुंचेगा।
वाराणसी के लिए वाया पंतनगर हवाई सेवा भी 6 मार्च से शुरू हो रही है। यात्री विमान प्रातः 9-50 बजे देहरादून से पंतनगर के लिए उड़ान भरेगा और 10-35 बजे पंतनगर पहुंचेगा। इसी प्रकार पंतनगर से 11-15 बजे वाराणसी के लिए उड़ान भरेगा और दोपहर एक बजे वाराणसी में उतरेगा। वाराणसी से विमान दोपहर 1.40 बजे पंतनगर के लिए उड़ान भरेगा और अपराह्न 3-25 बजे पंतनगर पहुंचेगा। पंतनगर से विमान अपराह्न 3-50 बजे उड़ान भरेगा और शाम 4-35 बजे देहरादून पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री धामी तीनों स्थानों के लिए हवाई सेवा शुरू करने के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने से पूर्व उन्होंने केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से व्यक्तिगत रूप से अनुरोध करने के साथ ही पत्र भी लिखा था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि देहरादून से अभी अयोध्या के लिए सीधी उड़ान सेवा उपलब्ध नहीं है। श्रीरामलला के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं, अयोध्या से देवभूमि के लिए हवाई सेवा शुरू होने से श्रद्धालुओं को उत्तराखंड की यात्रा में भी सुविधा होगी। इसी प्रकार देवभूमि की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्री भी इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

धामी कैबिनेट के यह रहे महत्वपूर्ण निर्णय, आप भी जानिए…

-राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी विभाग सुमाड़ी, श्रीनगर को तकनीकी शिक्षा विभाग की 5.335 एकड़ भूमि निशुल्क होगी स्थानांतरित।

-उत्तराखंड आवास नीति में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब लाभार्थियों को डेढ़ लाख रुपए की धनराशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। इससे पहले एक लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाती थी।

-न्याय विभाग के अंतर्गत चार जनपदों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व ऊधमसिंहनगर में चाइल्ड और जनरल कॉउंसलर की नियुक्ति की जाएगी।

-औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत संयुक्त निदेशक खनन व संयुक्त निदेशक जीओलॉजी को अब संयुक्त निदेशक नाम से जाना जाएगा।

-माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अशासकीय विद्यालयों में अभी भर्ती पर रोक लगी है। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत इस हेतु पहले से कमेटी गठित है। यही कमेटी माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अशासकीय विद्यालयों में भर्ती को लेकर अपनी रिपोर्ट देगी।

-वित्त विभाग के अधीनस्थ लेखा संवर्ग के कर्मियों के अधिकार वित्त विभाग के अधीन ही होंगे। इसके लिए एक सम्मिलित कैडर बना दिया गया है।

-समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत अनसूचित जाति दशमेतर छात्रवृत्ति योजना में मिलने वाली छात्रवृत्ति की धनराशि को बढ़ाया गया। केंद्र सरकार द्वारा जो संशोधन इस हेतु किये गए हैं, उसे राज्य द्वारा अंगीकृत किये जाने को मंजूरी कैबिनेट द्वारा प्रदान की गई।

-गृह विभाग के अंतर्गत दंगों और अशांति मामलों में सार्वजनिक सम्पत्ति के नुकसान की क्षतिपूर्ति वसूली, नुकसान पहुंचाने वालों से की जाएगी। इसके लिए एक क्लेम ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र अध्यादेश बनाने को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की है।

सीएम ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को बताया लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में पंचायती राज विभाग के 08 सहायक लेखाकारों तथा 342 ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। सहायक लेखाकारों का चयन लोक सेवा आयोग तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों का चयन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी चयनित कार्मिकों को शुभकामना देते हुए कहा कि नियुक्ति पाने वाले लेखाकार एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्राथमिक इकाई ही नहीं इसकी नींव के समान है। पंचायती राज व्यवस्था जितनी सशक्त होगी हमारा लोकतंत्र भी उतना ही मजबूत होगा, तभी सुराज की परिकल्पना भी साकार हो सकेगी। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की परेशानी, उसकी शिकायत को सरकार तक पहुंचाने और सरकार द्वारा किए जा रहे लोक कल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने में आप सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार खुद चल कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है, उसको सशक्त बना कर विभिन्न योजनाओं का लाभ दिला रही है। आज चाहे, एलपीजी गैस कनेक्शन हो, बिजली कनेक्शन हो, पानी कनेक्शन हो, स्वच्छ भारत अभियान के तहत इज्जतघरों का निर्माण हो या अन्य योजनाएं हों, सरकार की प्रत्येक योजना के केंद्र में समाज का वंचित वर्ग भी शामिल है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में चलने वाली सरकार में वंचितों की आवश्यकताएं पूर्ण करना ही हमारी प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि हम निरंतर यह प्रयास कर रहे हैं कि विकास केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के सभी लोगों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, लेकिन पूर्व में इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तथा विकास की दृष्टि से गांवों को सबसे निचले पायदान पर रखा गया और गांवों के लिए जो पैसा भेजा जाता था, वह वहां तक नहीं पहुंच पाता था, परंतु प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। सरकार ने जन-धन योजना चलाई, देशभर में गांव के 50 करोड़ से ज्यादा लोगों के बैंक खाते खुलवाए, पोस्ट ऑफिस का उपयोग कर गांवों तक पोस्ट ऑफिस पेमेंट बैंक की पहुंच बनाई तथा आज इसका प्रभाव देश के हर गांव में नजर आ रहा है। योजनाओं का पैसा सीधे लोगों के खाते में जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गांवों के विकास के लिए हर वह कार्य कर रही है, जो पूर्व में इच्छाशक्ति के अभाव में नही हो पाये। उन्होंने कहा कि अगर हमारे युवा अपने गांवों के उत्थान की भावना के साथ गांवों के विकास के लिए समर्पित रहेंगे, तो गांवों के विकास में कोई भी बाधा नहीं आ सकती है। उन्होंने कार्मिकों से अपील की कि आप गांवों को अपना घर समझकर कार्य करें, ताकि गांवों के विकास को पंख लग सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का अभाव था, परन्तु हमने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने का कार्य किया तथा राज्य में देश के सबसे कठोर “नकल विरोधी कानून बनने के बाद पारदर्शिता के साथ ही अब समयबद्ध तरीके से परीक्षाएं संपन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि यह नकल विरोधी कानून का ही प्रतिफल है कि हम हर रोज अलग अलग विभागों में योग्य युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उन्हें रोजगार देने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर आगे बढ़ कर जनहित के कार्य किए जा रहे हैं। आज उत्तराखंड विकास और विश्वास के अभूतपूर्व माहौल में, जन आकांक्षाओं को पूरा करते हुए आगे बढ़ रहा है। विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य हम सभी का सामूहिक लक्ष्य है और इसे सामूहिक प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश के सभी युवाओं से अपील की कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे “विकल्प रहित संकल्प“ की पूर्ति के लिए किये जा रहे प्रयासों में सहयोगी बनें।
इस अवसर पर निदेशक पंचायती राज निधि यादव ने पंचायती राज विभाग की कार्ययोजना की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विधायक दुर्गेश्वर लाल, अपर सचिव पंचायती राज आलोक कुमार पाण्डेय, संयुक्त निदेशक आर. के. एन. त्रिपाठी, उप निदेशक मनोज कुमार तिवारी, नोडल अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, नवनियुक्त कार्मिकों सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मिशन सिलक्यारा नाटक का हुआ मंचन, सीएम सहित तमाम लोगों ने देखी प्रस्तुति


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दूरदर्शन केंद्र के समीप स्थित संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में मिशन सिलक्यारा नाटक का अवलोकन किया। मदन मोहन सती की मूल कृति ‘नायक से जननायक’ पर आधारित ‘‘मिशन सिलक्यारा’’ नाटक के माध्यम से सिलक्यारा के श्रमिकों के संघर्ष को संजीदगी के साथ प्रस्तुत किया गया है। मुख्यमंत्री ने डॉ सुवर्ण रावत को इस नाटक के आलेख, परिकल्पना एवं निर्देशन के लिए भी बधाई देते हुए कहा कि यह नाटक निश्चित रूप से मानवीय अनुभवों को समझने में भी मददगार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन सिलक्यारा की सफलता में बाबा बौखनाग की असीम कृपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन, प्रगाढ़ इच्छाशक्ति के साथ ही पग-पग पर उनके सहयोग से विभिन्न संस्थानों, सेना के जवानों, रेट माइनर्स और ग्राउण्ड जीरो पर राज्य सरकार के समेकित प्रयासों से सुरंग में फंसे मजदूरों को जीवन बचाने में हम सफल हो पाए। यह घटना कोई साधारण घटना नहीं थी इन 17 दिनों में सभी अपने-अपने तरीके से श्रमिकों व उनके परिजनों को प्रेरणा देते रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नाटक के आयोजकों ने इस प्रदर्शन के माध्यम से समाज को साहस, समर्थन, और एकता का संदेश देने का कार्य किया है। इसके लिए उन्होंने नाटक के मंचन से जुड़े सभी लागों के प्रयासों की भी सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को उत्तर नाट्य संस्थान के अध्यक्ष एसपी ममगाई एवं महासचिव रोशन धस्माना ने उत्तराखण्ड के संस्कृति एवं रंगकर्मियों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।

कार्यक्रम में विधायक दुर्गेश्वर लाल, प्रमोद नैनवाल, सुरेश गड़िया, उत्तराखण्ड संस्कृति कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट सहित संस्कृति एवं रंगकर्मियों सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

विगत चार माह में सेवायोजन विभाग के माध्यम से लगभग साढ़े तीन हजार युवाओं को मिले रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री आवास परिसर में कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग के अंतर्गत लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 27 डिप्टी जेलरों तथा 285 बंदी रक्षकों को नियुक्ति-पत्र वितरित किये। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर पूरे प्रदेश में सेवायोजन विभाग के माध्यम से आयोजित हो रहे रोजगार मेलों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। विगत चार माह में सेवायोजन विभाग राज्य के लगभग साढ़े तीन हजार युवाओं को रोजगार दिलाने में कामयाब रहा है।

राज्य की धामी सरकार का फोकस अधिक से अधिक रोजगार सृजन पर है। सरकारी विभागों के अलावा प्राइवेट सेक्टर में भी युवाओं को अधिकाधिक रोजगार प्राप्त हो इसके लिए राज्य की धामी सरकार निरंतर प्रयासरत है। धामी सरकार के इन्हीं सब प्रयासों का प्रतिफल है कि राज्य में बेरोजगारी दर में भी ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।

राज्य विधानसभा में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट बताती है कि उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में भारी कमी देखने को मिली है। वर्ष 2021- 22 में उत्तराखंड में 8.4 फीसदी बेरोजगारी दर थी, जो 2022-23 में घटकर 4.9 फीसदी रह गई है।

इधर, राज्य सेवायोजन विभाग के माध्यम से प्रत्येक जनपद में रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें फार्मा से लेकर सिक्योरिटी, बैंकिंग,सेल्स मार्केटिंग आदि कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

विगत चार माह में सेवायोजन विभाग के माध्यम से लगभग साढ़े तीन हजार युवाओं को नौकरियों के अवसर उपलब्ध हुए। नवंबर माह में 872, दिसंबर में 1376, जनवरी में 122, फरवरी माह में 1068 युवाओं को रोजगार मिला।

एक साल में नौकरियों का बनाया रिकॉर्ड
बीते एक साल में यूकेपीएससी के माध्यम से 6635 अफसरों तथा समूह ग के पदों पर 7644 युवाओं को पुलिस दूर संचार, रैंकर्स, आबकारी सिपाही, पशुपालन, रेशम, शहरी विकास, वन विभाग, शिक्षा विभाग में एलटी, कृषि विभाग,पेयजल निगम, विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार, लेखाकार, अनुदेशक, कार्यशाला अनुदेशक, वाहन चालक, सचिवालय रक्षक, मत्स्य विभाग आदि में नौकरी देकर धामी सरकार ने रिकॉर्ड बनाया है। फारेस्ट गार्ड के 2000 से ज्यादा पदों पर भी नियुक्ति की गई।
इस अवसर पर सचिव गृह शैलेश बगोली, अपर सचिव गृह अतर सिंह, महानिदेशक कारागार विमला गुंजयाल, उप महानिरीक्षक कारागार दधि राम, सहायक महानिरीक्षक कारागार यशवंत सिंह सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सरकारी स्कूल में दाखिला देने से मना करने वाले स्कूलों पर होगी कार्यवाही

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी बच्चे को किसी भी कारण से सरकारी स्कूल में दाखिले से मना करने वाले प्रधानाचार्य या शिक्षकों के खिलाफ प्रथम दृष्टया कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएस ने सख्त निर्देश दिए हैं कि राज्य में दस्तावेजों के अभाव में कोई भी सरकारी स्कूल किसी भी जरूरतमंद बच्चे को मना नही कर सकता है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अपर सचिव शिक्षा रंजना राजगुरू को तत्काल प्रभाव से इस सम्बन्ध में सभी सरकारी स्कूलों को आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय मूल्यांकन अनुश्रवण समिति की पहली समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने देहरादून के आईएसबीटी क्षेत्र में भिक्षावृति को खत्म करने तथा उनके पुर्नवास हेतु एक पायलट प्रोजेक्ट पर तत्काल कार्य आरम्भ करने के निर्देश विभाग को दिए हैं। बैठक के दौरान राज्य में कुछ अनाथ, गरीब, भिक्षावृति में लिप्त, जरूरतमंद एवं प्रवासी मजदूरा के बच्चों को जरूरी दस्तावेज जैसे आधार, राशन कार्ड आदि के न होने के कारण स्कूलों द्वारा दाखिला न दिए जाने के मामले संज्ञान में आए। जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के मुद्दे को अत्यन्त संवेदशीलता से लेते हुए मुख्य सचिव श्रीमती रतूड़ी ने अपर सचिव शिक्षा को इसके लिए श्रीमती रंजना राजगुरू को इस सम्बन्ध में नोडल बनाया है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि राज्य में सरकारी स्कूलों द्वारा किसी भी बच्चे को बिना किसी भेदभाव के दाखिला दिया जाएगा।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में बाल भिक्षावृति, बाल विवाह तथा बाल श्रम के मामलें पूरी तरह रोकने के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को सटीक आंकडे़ उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में जल्द स्टेट रिर्सोस सेन्टर की स्थापना करने के भी निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, राधिका झा, एच सी सेमवाल, अपर सचिव रंजना राजगुरु तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।