गंगा का जलस्तर बढ़ने से टापू पर फंसे पांच, पुलिस ने निकाला

लक्ष्मणझूला थानाध्यक्ष राकेन्द्र सिंह कठैत को पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि नीलकंठ बाइपास मार्ग पर स्थित गोवा बीच पर अचानक पानी आ जाने के कारण दो विदेशी नागरिकों सहित 5 लोग टापू पर फंस गए हैं। सूचना प्रसारित होते ही आनन-फानन में थाना लक्ष्मण झूला व जल पुलिस के जवान मौके के लिए रवाना हो गए। गोवा बीच पर दो विदेशी नागरिकों सहित 5 लोग फंसे हुए थे। इन्हें जल पुलिस व स्थानीय पुलिस ने डेढ़ घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। थानाध्यक्ष ने सभी को चेतावनी देकर छोड़ा। थानाध्यक्ष राकेन्द्र सिंह कठैत ने इनकी पहचान लिलिया निवासी यूक्रेन, मेल निवासी फ्रांस, हेमलता पुत्री मोहन निवासी उत्तम नगर नई दिल्ली, विकास शर्मा पुत्र जगमोहन शर्मा और आकाश शर्मा पुत्र चंद्रशेखर शर्मा दोनों निवासी गंगानगर ऋषिकेश के रूप में कराई।

रानी लक्ष्मीबाई चौक के नाम से जाना जाएगा चौदहबीघा चौक

यत्र नारिस्तु पूजयन्ते रमन्ते तत्र देवता, जहां नारियों की पूजा होती है वहां देवता निवास करते है। लोगों में नारियों के प्रति सम्मान जगाने के लिए चौदहबीघा पुल चौक पर 10 फीट ऊंची रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा लगाने जा रही है। इससे चौदहबीघा पुल चौक को भी रानी लक्ष्मीबाई चौक के रूप में भी पहचान मिलेगी। इस वहन नगर पालिका मुनिकीरेती करेगी।

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के वार्ड संख्या सात के सभासद गजेन्द्र सजवाण ने बताया कि वर्तमान में नारियों के प्रति सम्मान लोगों में कम हो रहा है, जबकि देश को आजाद कराने में नारियों की भी अहम भूमिका रही है। यही बात पर उन्होंने अपने वार्ड में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने वाली वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा लगाने की ठानी और बोर्ड की पहली ही बैठक में इसका प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी सहित बोर्ड के सभी सदस्यों ने सर्व सहमति से पास कर दिया। बैठक में तय हुआ कि प्रतिमा 10 फीट ऊंची रहेगी और इसे चौदहबीघा पुल चौके समीप लगाया जाएगा। प्रतिमा का निर्माण जयपुर राजस्थान में किया जा रहा है।

सभासद ने बताया कि प्रतिमा लगाने का मकसद प्रत्येक नागरिक खासतौर पर युवाओं में नारियों के प्रति सम्मान जगाना है। उन्होंने बताया कि प्रतिमा के चारों और फैंसी लाइटें लगाई जाएंगी। इससे यह सेल्फी प्वाइंट के रूप में भी विकसित हो सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रतिमा लगाने में करीब 15 लाख रुपए खर्च होंगे। सभासद गजेन्द्र सजवाण ने प्रतिमा लगाने के लिए पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी और अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट का आभार व्यक्त किया है।

पूर्वाेत्तर राज्यों की भांति उत्तराखंड को भी मिले विशेष पैकेजः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भेंट कर उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को पूर्वोत्तर राज्यों की भांति विशेष पैकेज देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए बजट आवंटन में निर्धनता अनुपात के साथ ही पलायन की समस्या को भी आधार के रूप में लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत योजना के प्रारम्भ से वर्तमान तक 13 जनपदों के 95 विकासखण्डों में कार्य किया जा रहा है। अपने उद्देश्य की पूर्ति हेतु यूएसआरएलएम द्वारा स्वयं सहायता समूहों तथा उनके उच्च स्तरीय संगठनों का गठन कर लिया गया है। 16422 समूहों की सूक्ष्म ऋण योजना तैयार करते हुये उन्हें आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए समूहों को सीआईएफ एवं बैंक लिकेंज कर ऋण उपलब्ध कराया गया है। सूक्ष्म ऋण योजना के आधार पर राज्य में गठित समूहों द्वारा 65 प्रकार की आजीविका सम्वर्धन गतिविधियों का चयन किया गया है। समूहों की क्षमता विकास करते हुए उन्हे सतत् आजीविका के साधन उपलब्ध कराये जाने हैं, जिसके लिए इन समूहों को निरन्तर प्रशिक्षण की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि निर्धनता अनुपात के साथ-साथ पलायन व अति संवेदनशील सीमांत जनपदों व दैवीय आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में आजीविका के माध्यम से पलायन रोकने के दृष्टिगत उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को पूर्वोत्तर राज्यों की भांति विशेष पैकेज दिया जाए।

इस पर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने सकारात्मक रूख रखते हुए प्रकरण का परीक्षण कराने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए।

उधार के रूपए वापस मांगना पड़ा भारी, बंधक बनाकर पीटा हुआ दर्ज मुकदमा

थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्रांतर्गत दिल्ली निवासी युवक को उधार दिए रुपये वापस मांगना भारी पड़ गया। युवक को न सिर्फ दूसरे पक्ष ने बंधक बनाया बल्कि मारपीट कर जान से मारने की धमकी तक दे डाली। पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर अपनी व्यर्था सुनाई तो पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, चन्द्र नगर, केशवपुरम नई दिल्ली निवासी राजकुमार बेनीवाल पुत्र नत्थू सिंह से शरद चंद मिश्रा नामक युवक ने पिछले वर्ष एक लाख रुपये उधार लिए थे। बार-बार बात टालने पर पीड़ित राजकुमार उसके स्वर्गाश्रम जौंक स्थित कार्यालय पहुंचा और उधार लिए एक लाख रुपये वापस मांगे।

पीड़ित का आरोप है कि शरद चंद मिश्रा ने अपने कार्यालय में उन्हें बंधक बनाया और मारपीट की। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित राजकुमार की तहरीर पर लक्ष्मणझूला पुलिस ने आरोपी शरद चंद मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला राकेन्द्र सिंह कठैत ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

मोबाइल प्रचून शॉप पर संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग, सामान खाक

ऋषिकेश एम्स मार्ग पर मोबाइल वैन में प्रचुन की दुकान में संदिग्ध परिस्थितयों में आग लग गई। इससे दुकान के अंदर रखा ढाई लाख रूपए का सामान जलकर खाक हो गया। पीड़ित पक्ष ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है।

जानकारी के मुताबिक, वैदिक नगर रायवाला निवासी गुड्डू गुप्ता पुत्र वेसन गुप्ता एम्स मार्ग पर पिछले तीन वर्ष से मोबाइल वैन पर कैन्फैक्शनरी की दुकान लगा रहे थे। रोज की तरह बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे गुड्डू गुप्ता अपनी दुकान बंद करके घर चले गए। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पड़ोसी दुकानदार का उन्हें फोन आया। फोन पर उन्हें बताया गया कि उनकी दुकान में आग लगने से सारा सामान जलकर राख हो गया है। साथ ही दुकान का ताला भी टूटा हुआ है। सूचना पाकर गुड्डू घटनास्थल पहुंचे और मामले में आईडीपीएल पुलिस को तहरीर दी।
तहरीर में उन्होंने असामाजिक तत्वों की ओर से उनकी दुकान को आग लगाने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जानबूझ कर उनकी दुकान को निशाना बनाया गया है, जबकि आसपास की किसी भी दुकान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने तहरीर में आग लगने से करीब ढाई लाख रुपये के नुकसान की बात कही है। वहीं, पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

वहीं,
रोडवेज बस रानीपोखरी के भोगपुर स्थित एक खाली प्लॉट पर खड़ी हुई थी। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे रोडवेज बस में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। मौके पर अग्निशमन कर्मचारी पहुंचे और करीब 10 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। थानाध्यक्ष रानीपोखरी राकेश शाह ने बताया कि उक्त रोडवेज बस भोगपुर से देहरादून वाया थानों रूट पर चलती है। बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। इसकी जांच की जा रही है। वहीं, चालक दिनेश रावत पुत्र पूरन सिंह रावत निवासी इठारना, भोगपुर ने बताया कि वह बृहस्पतिवार की रात्रि बस को खाली प्लॉट में खड़ा कर घर चला गया था।

मार्च तक नई टीम की घोषणा करेंगे भाजपा के नए भीष्म पितामाह

भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने अपना प्रमुख लक्ष्य 2022 के विधानसभा चुनावों को बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारी को दोबारा लाना उनका मकसद है, शायद शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें तभी कमान भी सौंपी हैं। उन्होंने कहा कि बहुमत की सरकार बनाने के लिए वह पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे। कार्यकर्ताओं से वार्ता कर मार्च में नई टीम का ऐलान करेंगे।

उन्होंने कहा कि मेरा जीवन सबसे महत्वपूर्ण है। केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं जो मुझे भाजपा प्रदेश प्रदेश का दायित्व सौंपा। मेरा काम करने का तरीका यह है कि मैं सभी वर्ग को साथ लेकर चलूंगा। कार्यकर्ताओं से संवाद कायम करूंगा। कोशिश यह रहेगी कि केंद्र व राज्य सरकार ने एक से एक शानदार योजना शुरू की है। इन योजनाओं का लाभ हर जन तक पहुंचाऊ।

नई टीम बनाने पर उन्होंने कहा कि वह पहले पूरे प्रदेश का दौरा करना चाहते हैं। संगठन के लोगों और कार्यकर्ताओं से संवाद करूंगा। उनसे फीडबैक लेने के बाद मार्च तक नई टीम की घोषणा कर दी जाएगी।

नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश दु्रत गति से अग्रसरः भगतसिंह

राज्यपाल महाराष्ट्र भगत सिंह कोश्यारी और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को नवी मुम्बई में संयुक्त रूप से राज्य अतिथि गृह एवं एम्पोरियम ‘‘उत्तराखण्ड भवन‘‘ का लोकार्पण किया।
राज्यपाल महाराष्ट्र भगत सिंह कोश्यारी ने उत्तराखण्ड भवन के निर्माण के लिए उत्तराखण्ड वासियों को बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने मकर सक्रांति की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश द्रुत गति से प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का नेतृत्व में उत्तराखण्ड राज्य आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑल वेदर रोड व हवाई सेवा के विकास से कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अपने गाँवों से जुड़े रहने से हम अपनी संस्कृति को भी संरक्षित रख सकेंगे।

मराठी और उत्तराखंड की भाषा में समानता
राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने कहा कि मराठी और उत्तराखण्ड की भाषा में भी समानता है, जो हमें एकत्व का बोध कराती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में दोनों राज्यों के लोगों को एक दूसरे की संस्कृति को निकट से जानने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि मकर सक्रांति के पावन पर्व पर उत्तराखण्ड भवन का लोकार्पण व शुभारम्भ उत्तराखण्ड व महाराष्ट्र के लिए सांस्कृतिक व आर्थिक क्षेत्र में एक नई क्रान्ति का प्रारम्भ है।

उत्तराखंड भवन प्रदेश के लोगों के लिए सदैव खुले रहेंगे
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि मकरैण पर्व के अवसर पर लोकार्पित उत्तराखण्ड भवन निश्चित रूप से राज्य के सम्मान का प्रतीक साबित होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड भवन के द्वार प्रदेश व प्रदेश के बाहर के लोगों के लिए सदैव खुले रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तराखण्ड भवन में दो कमरे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के रोगियों के तीमारदारों के लिए आरक्षित रहेंगे। आधुनिक और नए जमाने के डिजाइन से बना उत्तराखंड भवन मुम्बई आने वाले उत्तराखंड वासियों को सुविधा देने के साथ प्रवासी उत्तराखंडियों को प्रदेश से जोड़ने में मददगार साबित होगा। उत्तराखण्ड भवन में उत्तराखण्ड के उत्पाद भी उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, पर्यटकों एवं निवेशकों की सहायता हेतु इनमें कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। 39 करोड़ 73 लाख रूपए की लागत से निर्मित चार मंजिला उत्तराखंड भवन में 40 कमरे हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने बताया कि देश की औद्योगिक राजधानी में उत्तराखंड भवन बनने से प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को भावी निवेशकों तक ले जाने के अलावा फिल्म शूटिंग और पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड की ओर फिल्म इंडस्ट्री का रूझान बढ़ा है। उत्तराखण्ड को हाल ही में बेस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड प्राप्त हुआ है। फिल्म कॉन्क्लेव के आयोजन के बाद मिले सुझावों के अनुसार अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। जिसके चलते उत्तराखण्ड में लगभग 200 से अधिक विभिन्न भाषाओं की फिल्मों और सीरियल्स की शूटिंग चल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने छोटे-छोटे ग्रामों को मोटर मार्गों से जोड़ा है। राज्य को रोड कनेक्टिविटी और विलेज कनेक्टिविटी के क्षेत्र में 10 अवार्ड प्राप्त हुए हैं। राज्य के घर-घर को बिजली पहुंचायी जा चुकी है। देश के पहले तीन ओडीएफ राज्यों में उत्तराखण्ड शामिल है। उन्होंने कहा कि नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिये राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। कोसी और रिस्पना नदियों के पुनर्जीवीकरण का कार्य चल रहा है।

10 फरवरी से ड्रोन से होगी राज्य के मगरमच्छ और घड़ियालों की गिनती

10 फरवरी से राज्य में मगरमच्छों और घड़ियालों की गिनती ड्रोन कैमरे से हो सकेगी। दस दिन के भीतर यह काम पूरा हो जाने की उम्मीद है। इसी के साथ उत्तराखंड देश में पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जहां मगरमच्छ और घड़ियालों की गिनती ड्रोन से होगी।

वन विभाग ड्रोन फोर्स नेपाल और उत्तर प्रदेश की सीमा के अंदर उत्तराखंड के चार वन वृत्त में काम करेगी। नेपाल सीमा से सटी शारदा नदी, हरिद्वार के शिवालिक वृत्त, राजाजी टाइगर रिजर्व और कार्बेट पार्क के 6370 वर्ग किलोमीटर में लगभग 12 साल बाद मगरमच्छ व घड़ियाल की गणना करेगा। गणना में राज्य की नदियों, झीलों, दलदल में छोटे और हाई क्वालिटी ड्रोन कैमरों की सहायता ली जाएगी। शारदा नदी, गोला नदी, गंडोर टुंबड़िया, रामगंगा, नानक सागर, बाण गंगा, कालागढ़ जलाशयों में पानी के बहाव के अनुरूप ड्रोन कैमरों को फिक्स किया जाएगा। इन कैमरों की प्रतिदिन की वीडियोग्राफी का विश्लेषण किया जाएगा। मगरमच्छ और घड़ियालों की गणना के बाद वन विभाग की ड्रोन फोर्स पूरे उत्तराखंड के वन क्षेत्र की निगरानी करेगा। उत्तराखंड में मगरमच्छ और घड़ियाल की गणना वर्ष 2008 में की गई थी। तब गणना में सामने आया था कि प्रदेश में 123 मगरमच्छ व 223 घड़ियाल हैं।

प्रभागीय वनाधिकारी हरिद्वार आकाश वर्मा बताते है कि ड्रोन का इस्तेमाल मगरमच्छों की गणना में किया जाएगा। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। हालांकि हरिद्वार वन प्रभाग में दो साल से निजी ड्रोन की मदद ले रहे हैं।

डॉ. धकाते ने बनाई थी ड्रोन फोर्स
देशभर में उत्तराखंड ने सबसे पहले ड्रोन फोर्स बनाई है। ड्रोन फोर्स बनाने का श्रेय वन संरक्षक कुमाऊं जोन डॉ. पीएम धकाते को जाता है। डॉ. पीएम धकाते ड्रोन फोर्स के जन्मदाता एवं समन्वयक हैं। उनका दावा है कि ड्रोन फोर्स वन तस्करी रोकने और वनों की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगी। पर्यावरण मित्र रविंद्र मिश्रा का कहना है कि ड्रोन फोर्स इस कार्य में शत प्रतिशत परिणाम देगी। ड्रोन फोर्स से वनों की सुरक्षा में मदद तो मिलेगी और जल्दी नतीजे प्राप्त होंगे।

तीर्थ पुरोहितों के हकहकूकों के साथ नहीं होगी छेड़छाड़ः सीएम

चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड राज्य के धार्मिक स्थलों को बुनियादी सुविधाएं देगा। इससे किसी भी तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी के अधिकारों के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रेसवार्ता के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और इनके आसपास के मंदिरों का प्रबंधन चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के नियंत्रण में रहेगा। लेकिन, इनसे जुड़े पुजारी, न्यासी, तीर्थ, पुरोहितों, पंडों और हकहकूकधारियों को वर्तमान में प्रचलित देव दस्तूरात और अधिकार यथावत रहेंगे।

उन्होंने कहा कि कहा कि जब हम कोई भी सुधार करते हैं तो उसकी प्रतिक्रिया होती ही है। सीएम ने साफ अल्फाज में कहा कि तीर्थ पुरोहितों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जायेगा। प्रदेश के चार धाम सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर देश-विदेश से के श्रद्धालु आना चाहते हैं। उत्तराखंड को अच्छे आतिथ्य के रूप में जाना जाता है। देश-विदेश के श्रद्धालुओं को उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों पर आने का मौका मिले और उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हों इसके लिए यह विधेयक लाया गया है। मालूम हो कि चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड विधेयक को राजभवन ने मंजूरी दे दी है।

सीता माता मंदिर निर्माण को बनेगा राज्य स्तरीय ट्रस्ट, सीएम होंगे अध्यक्ष

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को सचिवालय में सीतोंस्यू में सीता माता मंदिर बनाये जाने के सबंध में बैठक ली। सीता माता के मन्दिर निर्माण के लिए एक राज्य स्तरीय ट्रस्ट बनाया जायेगा, जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मंदिर धार्मिक संस्थाओं एवं जन सहयोग से बनाया जाएगा। इस मन्दिर के लिए सीता माता से जुड़े सभी स्थानों की शिला, मिट्टी एवं जल लाया जायेगा साथ ही उत्तराखण्ड के सभी 13 जनपदों से कुछ लोगों की कमेटी बनाकर उत्तराखण्ड के मंदिरों की शिला एवं मिट्टी सीता माता मंदिर के लिए लाई जाएगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सीता माता मंदिर के समीप जटायु का मंदिर बनाया जायेगा। यह मंदिर ऐसे स्थान पर बनाया जायेगा, जहां से सीता माता मंदिर के दर्शन भी हों। सीतोंस्यू में जिस स्थान पर सीता माता ने समाधि ली थी, उस स्थान पर प्राचीन स्वरूप को वैसा ही रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि देवप्रयाग से सीतासैंण तक श्रद्धालुओं के लिए आवागमन हेतु उचित व्यवस्थाएं की जाएंगी।