किसानों को बिना ब्याज के ऋण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि पर्वतीय खेती के लिए सिंचाई की सुविधा पर ध्यान केंद्रित करना होगा। इसके लिए जलाशय विकसित करने हांगे। क्लस्टर आधारित खेती और जैविक उत्पादों के सर्टिफिकेशन की व्यवस्था भी किसानों की आय को बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री एक स्थानीय होटल में नाबार्ड द्वारा आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2020-21 में सम्बोधित कर रहे थे।

जलाशय संवर्धन के लिए राज्य सरकार ने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक विषमताओं वाला प्रदेश है। पर्वतीय खेती अधिकांशतः असिंचित है। लिफ्ट सिंचाई बहुत खर्चीली होती है। इसलिए ग्रेविटी आधारित पेयजल व सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति के लिए जलाशयों का निर्माण जरूरी है। सूखते जलस्त्रोतों को देखते हुए वर्षा जल संचयन महत्वपूर्ण है। नदियों के पुनर्जीवन के लिए भी जलाशय आवश्यक हैं। चाल-खाल भी बचाने होंगे। राज्य सरकार ने इस दिशा में शुरूआत की है। पिथौरागढ़, चम्पावत, अल्मोड़ा, पौड़ी, चमोली, देहरादून आदि जिलों में जलाशय व झीलें विकसित की जा रही हैं। इसका आने वाले समय में बहुत फायदा होगा। इन जलाशयों के निर्माण की फंडिंग के लिए नाबार्ड को आगे आना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय को बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बहुत सी कोशिशें प्रारम्भ की गई है। किसानों को व्यक्तिगत रूप से 1 लाख तक व समूह को 5 लाख तक का कृषि ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है।

वैल्यु एडिशन पर जोर
उत्पादों के वैल्यु एडिशन पर विशेष बल दिया जा रहा है। प्राकृतिक रूप से उपलब्ध फाईबर कंडाली और इंडस्ट्रीयल हैम्प आधारित उत्पादों की वैश्विक बाजार में बहुत मांग है। इनसे तैयार किए जाने वस्त्रों की अच्छी कीमत मिलती है। एरोमैटिक्स की भी उत्तराखण्ड में काफी सम्भावनाएं हैं।

जैविक उत्पादों का सर्टिफिकेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्य उत्तराखण्ड के कृषि व संबंधित उत्पाद स्वाभाविक रूप से जैविक हैं। इनके सर्टिफिकेशन की सही तरीके से व्यवसथा करनी होगी। किसानों को भी इसकी जानकारी देनी होगी।

उत्तराखण्ड को कृषि क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में मिले पुरस्कार
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने खेती के क्षेत्र में कई पहल की है। यही कारण है लगातार दो बार कृषि कर्मण पुरस्कार सहित पिछले 2 वर्षों में 6 पुरस्कार उत्तराखण्ड को मिले हैं। आर्गेनिक खेती में हम काफी आगे बढ़ चुके हैं।

हार्टीकल्चर के लिए काश्तकारों को मिले मध्यम व दीर्घ अवधि के ऋण
हॉर्टीकल्चर के लिए काश्तकारों के अल्पावधि के साथ ही मध्यम व दीर्घ अवधि के ऋण उपलब्ध कराने होंगे। पर्वतीय क्षेत्रों में नहरों की मरम्मत और जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेतों की फेंसिंग भी जरूरी है। किसानों के उत्पाद खराब न हों, इसके लिए शीतगृहों की व्यवस्था करनी होगी।

उत्तराखण्ड के प्राथमिकता क्षेत्र हेतु 24,656 करोड़ रूपए की ऋण सम्भाव्यता आंकलित
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील चावला ने बताया कि वर्ष 2020-21 के लिए नाबार्ड द्वारा उत्तराखण्ड की प्राथमिकता क्षेत्र हेतु कुल ऋण सम्भाव्यता 24,656 करोड़ रूपए आंकलित की गई है। जबकि वर्ष 2019-20 में यह 23,423 करोड़ रूपए थी। इस वर्ष के स्टेट फोकस पेपर का विषय ‘उच्च तकनीकी से कृषि’ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 के लिए नाबार्ड द्वारा उत्तराखण्ड की कुल ऋण सम्भाव्यता 24,656 करोड़ रूपए आंकलित की गई है। इनमें से लगभग 11,802 करोड रूपए की कृषि ऋण सम्भाव्यता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभिन्न गैर सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, बैंकों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

गांव में शराब बनाई तो 10 हजार रूपए का लगेगा जुर्माना

ऋषिकेश की ग्राम सभा गुमानीवाला क्षेत्र में शराब बनाई और बेची तो दस हजार रूपए के जुमाने के साथ सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। यह निर्णय ग्राम सभा की आम सभा की बैठक में लिया गया।

गुमानीवाला की ग्राम प्रधान दीपिका व्यास की अध्यक्षता और ग्राम विकास अधिकारी जगेंद्र राणा के संचालन में आहूत की गई बैठक में शराब जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए इसे एक अच्छी पहल बताया गया। गांव की पिंकी गुसाईं ने मांग रखी कि गांव में शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने बताया कि शराब ने कई परिवार बर्बाद कर दिए हैं। नौनिहालों का भी जीवन बर्बाद हो रहा है। इसके बाद ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जो व्यक्ति गांव में शराब बनाएगा और बेचेगा उस पर पंचायत की ओर से 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और ऐसे व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों को प्रस्ताव भेजे गए। इसमें वृद्धा पेंशन के 45, विधवा पेंशन के 17, विकलांग के 11 लोगों के प्रस्ताव समाज कल्याण विभाग को भेजे गये। पंचायत सदस्य राजेश व्यास ने प्रस्ताव रखा कि गुमानीवाला ग्राम पंचायत में सम्मिलित राजस्व गांव बीबीवाला का नाम बदल कर शहीद हमीर पोखरियाल के नाम पर हमीरपुर रखा जाए। साथ ही प्रस्ताव संख्या 06 में राजेश व्यास ने प्रस्ताव रखा कि कांजी हाउस की तीन बीघा जमीन पर 16 बेड वाला हॉस्पिटल बनाया जाए।

चारों धामों को श्राइन बोर्ड से जोड़ने पर गाडू घड़ा का होगा विरोध

राज्य सरकार के राज्य के चारों धामों को श्राइन बोर्ड (देवस्थानम अधिनियम) से जोड़ने के फैसले का देवभूमि तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी का विरोध करेगी। तीर्थ पुरोहितों ने बैठक कर गाडू घड़ा यात्रा का पूर्ण रूप से विरोध दर्ज करने का निर्णय लिया है।

रविवार को हरिद्वार रोड स्थित भगवान भवन आश्रम में देवभूमि तीर्थ पुरोहित हक हकूक धारी महापंचायत की बैठक आयोजित की गई। बैठक में महा पंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोठियाल ने कहा कि गाडू घड़ा यात्रा के आयोजन का पंचायत पूर्ण रूप से विरोध करेगी। इसके अलावा बैठक में निर्णय लिया गया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में देश के प्रमुख संतों के सानिध्य में अखिल भारतीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संयोजक सुरेश सेमवाल ने बताया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में देवस्थानम अधिनियम के विरोध में अखिल भारतीय महापंचायत का आयोजन हरिद्वार में किया जाएगा। इसके अलावा महापंचायत का प्रतिनिधिमंडल प्रयागराज में देश के चारों पीठों के शंकराचार्य, अखाड़ा परिषद, भारत साधु समाज के अलावा अन्य सभी धार्मिक संगठनों के लोगों से मिलेगा। बैठक में महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी, महेश सेमवाल, आलोक सेमवाल, जगमोहन उनियाल, विनोद शुक्ला, उमेश सती, सतेंद्र सेमवाल, डा. बृजेश सती आदि मौजूद रहे।

राजकीय महाविद्यालय में प्रोफेशनल कोर्स की राह आसान

श्री देव सुमन विश्व विद्यालय के ऋषिकेश कैंपस में विवि की संपूर्ण गतिविधियां, परीक्षाएं व अन्य सभी काम संचालित होंगे। विवि के कुलपति ने शुक्रवार को ऋषिकेश महाविद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने महाविद्यालय में जल्द ही बीएससी एग्रीक्लचर, बीएससी होम साइंस, एमबीए आदि कोर्स संचालित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि बीएससी एग्रीकल्चर और बीएससी होम साइंस को विज्ञान संकाय से जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार एमकॉम, एमबीए आदि कोर्स को वाणिज्य संकाय से जोड़ा जाएगा। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय का भी निरीक्षण किया।

कहा कि नए निर्माण से पूर्व पुराने निर्माण के भी नवीनीकरण की आवश्यकता है। उन्होंने महाविद्यालय में इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया तथा सभी से सहयोग की आशा व्यक्त की। मौके पर प्राचार्य डॉ. सुधा भारद्वाज, डॉ. दयाधर दीक्षित, डॉ. विजेंद्र लिंगवाल, डॉ. गुलशन कुमार ढिंगड़ा, डॉ. मुक्तिनाथ यादव, डॉ. राजेश नौटियाल, डॉ. हेमंत परमार, डॉ. अनिल कुमार आदि उपस्थित थे।

बंद होगा दून स्थित परिसर
कुलपति प्रो. पीपी ध्यानी ने कहा कि विवि का दून स्थित परिसर बंद कर दिया जाएगा। ऋषिकेश के विवि कैंपस से ही सारी गतिविधियां संचालित होंगी। श्रीदेव सुमन विवि की सभी परीक्षाएं अब विश्वविद्यालय के ऋषिकेश परिसर से ही संचालित होंगी। ऋषिकेश महाविद्यालय के तीन संकाय प्रमुख अब विश्वविद्यालय का भी काम देखेंगे।

मुनिकीरेती नगर पालिका 100 फीट ऊंचे झंडे को फहराने जा रही

युवाओं में देश प्रेम की अलख जगाने के लिए नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के सुमन पार्क में 100 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ लगाने जा रही है। इस स्थान को पर्यटन स्थल का रूप देने के लिए सेल्फी प्वाइंट विकसित किया जाएगा। यहां राष्ट्रीय पशु, पुष्प, पक्षी, खेल तथा करेंसी की विशालकाय मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। अपनी तरह का यह अनूठा पर्यटन स्थल न सिर्फ राष्ट्र प्रेम बल्कि बच्चों में देश से जुड़ी अहम जानकारियों से रूबरू कराएगा।

पालिका की ओर से इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के अध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने बताया कि यह सेल्फी प्वाइंट फरवरी तक तैयार हो जाएगा। बताया कि इस सेल्फी प्वाइंट का आइडिया दिल्ली के कनाट प्लेस से मिला। वहां 100 फीट ऊचे तिरंगे को देख सभी लोग अभिवादन कर रहे थे। इस दृश्य से लोगों के अंदर स्वतरू ही राष्ट्रप्रेम व्यक्त हो रहा था। बताया कि इसी को देखते हुए एक प्रस्ताव तैयार कर नगर पालिका बोर्ड की बैठक में रखा गया। प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति दी। पालिकाध्यक्ष के मुताबिक तिरंगा की छांव में विकसित होने वाले सेल्फी प्वाइंट को विकसित करने में करीब 14 लाख रुपये खर्च होंगे।

ये होगी सेल्फी प्वाइंट की खासियत
ढालवाला के सुमन विहार में लगने वाला 100 फीट ऊंचा झंडा राजस्थान में तैयार किया जा रहा है। इसे पैराशूट के कपड़े से तैयार किया जा रहा है। यह कपड़ा तुलनात्मक रूप से काफी हल्का, मजबूत और पक्के रंग का होता है। इस कारण यह ऊंचाई पर लहराता रहता है। झंडे को प्रत्येक छह माह में बदला जाएगा। इस ध्वज की लंबाई 30 मीटर तथा चौड़ाई 20 मीटर होगी। इस ध्वज को रात्रिकाल में आकर्षक बनाने के लिए चार बड़ी वॉर्म लाइटें लगाई जाएंगी, जो 400 वॉट की होंगी।

लखनऊ में बनाई जा रहीं मूर्तियां
झंडे के चारों तरफ राष्ट्रीय प्रतीकों को जगह दी जाएगी। इसके तहत राष्ट्रीय पहचान मोर, टाइगर, कमल, हॉकी, करेंसी की प्रतिमा लखनऊ में बनाई जा रही हैं। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि इन राष्ट्रीय प्रतीकों को झंडे के चारों ओर लगाया जाएगा।

चोरी के वाहन के साथ शातिर हिस्ट्रशीटर गिरफ्तार

रायवाला थानाध्यक्ष हेमंत खंडूरी ने बताया कि बीती छह जनवरी को सत्यपाल सिंह पुत्र दिगंबर सिंह निवासी छिद्दरवाला ने थाना आकर वाहन चोरी के संबंध में तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया था।

थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके आधार पर उक्त वाहन रुड़की होता हुआ छुटमलपुर की ओर जाता दिखाई दिया। पुलिस टीम सहारनपुर पहुंची और छुटमलपुर से चोरी हुआ वाहन और अवैध असलाह के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है।

आरोपी की पहचान रहीश पुत्र असदम कुरैशी निवासी ग्राम गन्देवड़ा थाना फतेहपुर जिला सहारनपुर यूपी के रूप में हुई है। आरोपी ने पूछताछ में पुुलिस को बताया कि वह अपने पिता के साथ देहरादून में कारगी चौक के पास प्याज की पौध बेचता था। दोस्तों के कहने पर उसने छिद्दरवाला गांव से वाहन चोरी किया था।

ऋषिकेश के गुमानीवाला में चल रहा था सैक्स रैकेट, छह गिरफ्तार

कोतवाली क्षेत्रांतर्गत ऋषिकेश में एण्टीह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल देहरादून और कोतवाली ऋषिकेश ने संयुक्त रूप से मुखबिर की सूचना पर तीन महिला सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एण्टीह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल देहरादून के प्रभारी ऐश्वर्य पाल ने बताया कि गुमानीवाला गली नंबर छह चीनी गोदाम रोड में देह व्यापार की सूचना मुखबिर से प्राप्त हुई थी। इसी क्रम में कोतवाली पुलिस के साथ गुमानीवाला में अभियान चलाया गया। इस दौरान एक कार आती दिखाई दी। कार को रोकने का प्रयास किया मगर कार चालक ने कार दौड़ा दी। इसके बाद टीम ने कार के आगे अपना वाहन लगाकर उसे रोक लिया और कार सवार गिरोह के सरगना का गिरफ्तार कर लिया। सरगना से स्वीकार किया कि वह सैक्स रैकेट चलाता है।

एण्टीह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल के प्रभारी ने आरोपियों की पहचान तीन महिलाओं सहित 27 वर्षीय नारायण पाल पुत्र कलम सिंह निवासी हटनाली बनगांव तहसील चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी हाल किरायेदार लक्ष्य पुत्र मनीष निवासी गली नं0 06 चीनी गोदाम रोड़ गुमानीवाला ऋषिकेश, 26 वर्षीय गोविन्द पुत्र मंजीत निवासी गली नं0 19, चन्द्रभागा चन्द्रेश्वरनगर ऋषिकेश और 32 वर्षीय धर्मपाल पुत्र सोहन सिंह निवासी पोखरी भगवानपुर पोस्ट धारकोट देहरादून के रूप में कराई। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 78 हजार रूपए नगद, छह मोबाइल फोन और यौन वर्धक सामग्री बरामद हुई है।

हवाई हादसा, बोइ्रंग विमान में सवार 170 यात्रियों की मौत

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच तेहरान में यूक्रेन का एक यात्री विमान बोइंग 737 दुर्घटना का शिकार हो गया। इस विमान में सवार कुल 170 यात्रियों की मौत हो गई है। ईरानी मीडिया के हवाले से कहा जा रहा है कि यह दुर्घटना तकनीकी खामी के कारण हुआ है।
विमान ने तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यूक्रेन की राजधानी कीव के बोर्यस्पिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे लिए उड़ान भरी थी। बताया जा रहा है कि दुर्घटना का कारण तकनीकी खामी हो सकती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रवक्ता रजा जाफरजादेह ने बताया कि यह विमान तेहरान के दक्षिण पश्चिमी इलाके में दुर्घटना का शिकार हुआ है। जांचदल और बचाव कर्मी दुर्घटनास्थल पर पहुंचें हालांकि उन्हें कोई भी जिंदा नहीं मिला।
वहीं, ताजा हमले के बाद अमेरिका ने तत्काल प्रभाव से ईरान और इराक के ऊपर से किसी भी अमेरिकी फ्लाइट के गुजरने पर पाबंदी लगा दी है। अमेरिका को आशंका है कि ईरान समर्थित विद्रोही संगठन अमेरिकी हवाई जहाजों को निशाना बना सकते हैं। कुछ दिनों पहले भी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि विद्रोहियों के पास विमान को मार गिराने वाली मिसाइलें हैं।
बता दें कि अमेरिकी एयर स्ट्राइक में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या किए जाने के बाद बुधवार को जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने इराक में मौजूद अमेरिका के अल-असद एयरबेस पर कई रॉकेट दागे। पेंटागन के अनुसार उसके एयरबेस पर एक दर्जन से ज्यादा मिसाइलें दागी गई हैं। इस एयरबेस पर अमेरिका के साथ गठबंधन सेनाएं तैनात हैं। इस हमले में अमेरिकी गठबंधन सेना को कितना नुकसान हुआ है इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल सकी है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध कर रहे लोग शरणार्थियों का दर्द क्यो नही समझ रहेः धामी

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थन में विधायक पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में रामलीला मैदान में आभार रैली का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों के पहंुचने के अनुमान को देखते हुए प्रशासन ने रैली निकालने की अनुमति नहीं दी लेकिन रैली सभा तकरीबन दो घंटे तक चली। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि यह कानून बहुत पहले आ जाना चाहिए था। सीएए नागरिकता देने का कानून है न कि छीनने का। उन्होंने साफ किया कि जिहादी और बहुरूपिया बनकर आने वालों को किसी भी हालत में नागरिकता नहीं दी जाएगी। रैली में बंगाली समुदाय के लोग भी खासी तादात में आभार जताने पहुंचे।
रैली संयोजक विधायक धामी ने कहा कि उन्होंने बगुलिया-मेलाघाट आदि क्षेत्र में बांग्लादेश से जान बचाकर आये आए लोगों के दर्द को बचपन से ही नजदीक से देखा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने उनके दर्द को समझा और यह कानून लाए, इसके लिए वह आज आभार रैली के माध्यम से उनका धन्यवाद दे रहे है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, ईसाई आदि अल्पसंख्यकों को बहुत पहले नागरिकता दे देनी चाहिए थी। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि कांग्रेस सीएए का विरोध करके आखिर क्या कहना चाहती है? उन्होंने कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल के बाद दूसरे लौह पुरुष हैं नरेंद्र मोदी। कहा कि ननकाना साहिब (पाकिस्तान) में हमले और ग्रंथी की बेटी का धर्म परिवर्तन कराने पर विधायक ने कहा कि पाकिस्तान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पूर्व सीएम हरीश रावत पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस के नेता बरगलाना चाहते हैं। मैं हरीश रावत से पूछता हूं कि सिख, बंगालियों पर अत्याचार नहीं हुआ, क्या जवाब दें? क्या सिर्फ भाजपा के विरोध के लिए सीएए का विरोध है?।
बिल के समर्थन में भाजपाइयों ने की बैठक
सीएए के समर्थन में नानकमत्ता में भाजपाइयों ने मंडल अध्यक्ष ओम नारायण राणा के नेतृत्व में बंगाली कॉलोनी के दुर्गा मंदिर में बैठक कर सीएए लागू करने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया। धन्यवाद किया गया। विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा ने लोगों को टोल फ्री नंबर 88662-88662 पर मिस कॉल देकर एवं पोस्टकार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देकर बिल का समर्थन करने की अपील की। वहां वहां झनकट के मंडल अध्यक्ष किशोर जोशी, भुवन जोशी, जगदीश जोशी, छगनलाल अग्रवाल, सुरंजन राय, अनिरुद्ध राय, परविंदर सिंह लक्की आदि थे।
वहीं, गदरपुर में आरएसएस के संपर्क विभाग की ओर से सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सीएए पर विचार कर शंकाओं का निवारण किया गया। अनाज मंडी स्थित रामलीला भवन में हुई बैठक में मुख्य वक्ता भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील खेड़ा ने सीएए की तथ्यात्मक और व्यवहारिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से सीएए को लेकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। भ्रांतियों को दूर करने के लिए हर जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
युवकों ने थाना भाजपा का दामन
वहीं, जसपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार की ओर से सीएए कानून बनाने से प्रभावित होकर 14 युवकों ने भाजपा का दामन थाम लिया। शनिवार को पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल के कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. सिंघल ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाकर स्वागत किया। इसके बाद युवकों नें सीएए की पाठ्य सामग्री लेकर नगर क्षेत्र में डोर टू डोर संपर्क कर कानून को समझाने का प्रयास किया।

सर्वे ऑफ़ इंडिया के सहयोग से चकबंदी में मिलेगी मदद

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में कृषि भूमि की चकबंदी के लिए सरकार थ्री डी मैपिंग कराने जा रही है। इससे कृषि भूमि के खसरा नंबर की वास्तविक स्थिति का पता लग सकेगा। राजस्व विभाग सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से थ्री डी मैप तैयार करवा रहा है। पहाड़ों में चकबंदी न होने के कारण सरकार की अनुबंध खेती की योजना परवान नही चढ़ पा रही है। पौड़ी जनपद के पांच गांवों में भी अभी तक चकबंदी नहीं हो पाई है। अब निर्णय लिया गया है कि इन गांवों में ड्रोन के जरिये एरियल सर्वे कराया जाएगा।
पर्वतीय क्षेत्रों में बिखरी कृषि जोत होने से किसानों को मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है और खेती से मुनाफा कम होने के चलते लोगों का कृषि से रुझान कम हो रहा है। गौरतलब है कि सरकार ने पहाड़ों के लिए आंशिक और स्वैच्छिक चकबंदी को कानूनी रूप से मान्य किया है। लेकिन अभी तक पर्वतीय क्षेत्रों में एक भी गांव में चकबंदी नहीं हो पाई है। सरकार ने पौड़ी जनपद के पांच गांवों से आंशिक व स्वैच्छिक चकबंदी की शुरुआत की है।
इनमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गांव खैरासैंण, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गांव पंचूर, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का गांव औणी समेत दो अन्य गांव शामिल हैं। इन गांवों में कृषि भूमि अभिलेखों का डाटा तैयार कर लिया है। अब ड्रोन से एरियल सर्वे किया जाएगा। प्रदेश में भूमि बंदोबस्त न होने के कारण चकबंदी करने में सबसे बड़ी समस्या आ रही है। एक ही जमीन के गोल खाते में कई हिस्सेदार हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं है कि उनकी जमीन कहां पर है। अब सरकार चकबंदी को बढ़ावा देने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में थ्री डी मैपिंग करेगी।
वहीं, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जनपद में अनिवार्य चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें हरिद्वार में 108 और ऊधमसिंह नगर में 50 गांव शामिल हैं। जबकि पर्वतीय जनपद पौड़ी के मात्र पांच गांवों में चकबंदी हो रही है। मैदानी जनपदों की तुलना में पहाड़ों में चकबंदी करना मुश्किल है।
अपर सचिव एवं आयुक्त, चकबंदी, बीएम मिश्र ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से थ्री डी मैप तैयार किया जाएगा। इससे पहाड़ों में गोल खातों व बिखरी कृषि जोत की वास्तविक स्थिति सामने आने से चकबंदी में आसानी होगी।