मुनिकीरेती नगर पालिका 100 फीट ऊंचे झंडे को फहराने जा रही

युवाओं में देश प्रेम की अलख जगाने के लिए नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के सुमन पार्क में 100 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ लगाने जा रही है। इस स्थान को पर्यटन स्थल का रूप देने के लिए सेल्फी प्वाइंट विकसित किया जाएगा। यहां राष्ट्रीय पशु, पुष्प, पक्षी, खेल तथा करेंसी की विशालकाय मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। अपनी तरह का यह अनूठा पर्यटन स्थल न सिर्फ राष्ट्र प्रेम बल्कि बच्चों में देश से जुड़ी अहम जानकारियों से रूबरू कराएगा।

पालिका की ओर से इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के अध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने बताया कि यह सेल्फी प्वाइंट फरवरी तक तैयार हो जाएगा। बताया कि इस सेल्फी प्वाइंट का आइडिया दिल्ली के कनाट प्लेस से मिला। वहां 100 फीट ऊचे तिरंगे को देख सभी लोग अभिवादन कर रहे थे। इस दृश्य से लोगों के अंदर स्वतरू ही राष्ट्रप्रेम व्यक्त हो रहा था। बताया कि इसी को देखते हुए एक प्रस्ताव तैयार कर नगर पालिका बोर्ड की बैठक में रखा गया। प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति दी। पालिकाध्यक्ष के मुताबिक तिरंगा की छांव में विकसित होने वाले सेल्फी प्वाइंट को विकसित करने में करीब 14 लाख रुपये खर्च होंगे।

ये होगी सेल्फी प्वाइंट की खासियत
ढालवाला के सुमन विहार में लगने वाला 100 फीट ऊंचा झंडा राजस्थान में तैयार किया जा रहा है। इसे पैराशूट के कपड़े से तैयार किया जा रहा है। यह कपड़ा तुलनात्मक रूप से काफी हल्का, मजबूत और पक्के रंग का होता है। इस कारण यह ऊंचाई पर लहराता रहता है। झंडे को प्रत्येक छह माह में बदला जाएगा। इस ध्वज की लंबाई 30 मीटर तथा चौड़ाई 20 मीटर होगी। इस ध्वज को रात्रिकाल में आकर्षक बनाने के लिए चार बड़ी वॉर्म लाइटें लगाई जाएंगी, जो 400 वॉट की होंगी।

लखनऊ में बनाई जा रहीं मूर्तियां
झंडे के चारों तरफ राष्ट्रीय प्रतीकों को जगह दी जाएगी। इसके तहत राष्ट्रीय पहचान मोर, टाइगर, कमल, हॉकी, करेंसी की प्रतिमा लखनऊ में बनाई जा रही हैं। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि इन राष्ट्रीय प्रतीकों को झंडे के चारों ओर लगाया जाएगा।

चोरी के वाहन के साथ शातिर हिस्ट्रशीटर गिरफ्तार

रायवाला थानाध्यक्ष हेमंत खंडूरी ने बताया कि बीती छह जनवरी को सत्यपाल सिंह पुत्र दिगंबर सिंह निवासी छिद्दरवाला ने थाना आकर वाहन चोरी के संबंध में तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया था।

थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके आधार पर उक्त वाहन रुड़की होता हुआ छुटमलपुर की ओर जाता दिखाई दिया। पुलिस टीम सहारनपुर पहुंची और छुटमलपुर से चोरी हुआ वाहन और अवैध असलाह के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है।

आरोपी की पहचान रहीश पुत्र असदम कुरैशी निवासी ग्राम गन्देवड़ा थाना फतेहपुर जिला सहारनपुर यूपी के रूप में हुई है। आरोपी ने पूछताछ में पुुलिस को बताया कि वह अपने पिता के साथ देहरादून में कारगी चौक के पास प्याज की पौध बेचता था। दोस्तों के कहने पर उसने छिद्दरवाला गांव से वाहन चोरी किया था।

ऋषिकेश के गुमानीवाला में चल रहा था सैक्स रैकेट, छह गिरफ्तार

कोतवाली क्षेत्रांतर्गत ऋषिकेश में एण्टीह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल देहरादून और कोतवाली ऋषिकेश ने संयुक्त रूप से मुखबिर की सूचना पर तीन महिला सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एण्टीह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल देहरादून के प्रभारी ऐश्वर्य पाल ने बताया कि गुमानीवाला गली नंबर छह चीनी गोदाम रोड में देह व्यापार की सूचना मुखबिर से प्राप्त हुई थी। इसी क्रम में कोतवाली पुलिस के साथ गुमानीवाला में अभियान चलाया गया। इस दौरान एक कार आती दिखाई दी। कार को रोकने का प्रयास किया मगर कार चालक ने कार दौड़ा दी। इसके बाद टीम ने कार के आगे अपना वाहन लगाकर उसे रोक लिया और कार सवार गिरोह के सरगना का गिरफ्तार कर लिया। सरगना से स्वीकार किया कि वह सैक्स रैकेट चलाता है।

एण्टीह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल के प्रभारी ने आरोपियों की पहचान तीन महिलाओं सहित 27 वर्षीय नारायण पाल पुत्र कलम सिंह निवासी हटनाली बनगांव तहसील चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी हाल किरायेदार लक्ष्य पुत्र मनीष निवासी गली नं0 06 चीनी गोदाम रोड़ गुमानीवाला ऋषिकेश, 26 वर्षीय गोविन्द पुत्र मंजीत निवासी गली नं0 19, चन्द्रभागा चन्द्रेश्वरनगर ऋषिकेश और 32 वर्षीय धर्मपाल पुत्र सोहन सिंह निवासी पोखरी भगवानपुर पोस्ट धारकोट देहरादून के रूप में कराई। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 78 हजार रूपए नगद, छह मोबाइल फोन और यौन वर्धक सामग्री बरामद हुई है।

हवाई हादसा, बोइ्रंग विमान में सवार 170 यात्रियों की मौत

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच तेहरान में यूक्रेन का एक यात्री विमान बोइंग 737 दुर्घटना का शिकार हो गया। इस विमान में सवार कुल 170 यात्रियों की मौत हो गई है। ईरानी मीडिया के हवाले से कहा जा रहा है कि यह दुर्घटना तकनीकी खामी के कारण हुआ है।
विमान ने तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यूक्रेन की राजधानी कीव के बोर्यस्पिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे लिए उड़ान भरी थी। बताया जा रहा है कि दुर्घटना का कारण तकनीकी खामी हो सकती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रवक्ता रजा जाफरजादेह ने बताया कि यह विमान तेहरान के दक्षिण पश्चिमी इलाके में दुर्घटना का शिकार हुआ है। जांचदल और बचाव कर्मी दुर्घटनास्थल पर पहुंचें हालांकि उन्हें कोई भी जिंदा नहीं मिला।
वहीं, ताजा हमले के बाद अमेरिका ने तत्काल प्रभाव से ईरान और इराक के ऊपर से किसी भी अमेरिकी फ्लाइट के गुजरने पर पाबंदी लगा दी है। अमेरिका को आशंका है कि ईरान समर्थित विद्रोही संगठन अमेरिकी हवाई जहाजों को निशाना बना सकते हैं। कुछ दिनों पहले भी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि विद्रोहियों के पास विमान को मार गिराने वाली मिसाइलें हैं।
बता दें कि अमेरिकी एयर स्ट्राइक में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या किए जाने के बाद बुधवार को जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने इराक में मौजूद अमेरिका के अल-असद एयरबेस पर कई रॉकेट दागे। पेंटागन के अनुसार उसके एयरबेस पर एक दर्जन से ज्यादा मिसाइलें दागी गई हैं। इस एयरबेस पर अमेरिका के साथ गठबंधन सेनाएं तैनात हैं। इस हमले में अमेरिकी गठबंधन सेना को कितना नुकसान हुआ है इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल सकी है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध कर रहे लोग शरणार्थियों का दर्द क्यो नही समझ रहेः धामी

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थन में विधायक पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में रामलीला मैदान में आभार रैली का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों के पहंुचने के अनुमान को देखते हुए प्रशासन ने रैली निकालने की अनुमति नहीं दी लेकिन रैली सभा तकरीबन दो घंटे तक चली। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि यह कानून बहुत पहले आ जाना चाहिए था। सीएए नागरिकता देने का कानून है न कि छीनने का। उन्होंने साफ किया कि जिहादी और बहुरूपिया बनकर आने वालों को किसी भी हालत में नागरिकता नहीं दी जाएगी। रैली में बंगाली समुदाय के लोग भी खासी तादात में आभार जताने पहुंचे।
रैली संयोजक विधायक धामी ने कहा कि उन्होंने बगुलिया-मेलाघाट आदि क्षेत्र में बांग्लादेश से जान बचाकर आये आए लोगों के दर्द को बचपन से ही नजदीक से देखा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने उनके दर्द को समझा और यह कानून लाए, इसके लिए वह आज आभार रैली के माध्यम से उनका धन्यवाद दे रहे है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, ईसाई आदि अल्पसंख्यकों को बहुत पहले नागरिकता दे देनी चाहिए थी। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि कांग्रेस सीएए का विरोध करके आखिर क्या कहना चाहती है? उन्होंने कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल के बाद दूसरे लौह पुरुष हैं नरेंद्र मोदी। कहा कि ननकाना साहिब (पाकिस्तान) में हमले और ग्रंथी की बेटी का धर्म परिवर्तन कराने पर विधायक ने कहा कि पाकिस्तान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पूर्व सीएम हरीश रावत पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस के नेता बरगलाना चाहते हैं। मैं हरीश रावत से पूछता हूं कि सिख, बंगालियों पर अत्याचार नहीं हुआ, क्या जवाब दें? क्या सिर्फ भाजपा के विरोध के लिए सीएए का विरोध है?।
बिल के समर्थन में भाजपाइयों ने की बैठक
सीएए के समर्थन में नानकमत्ता में भाजपाइयों ने मंडल अध्यक्ष ओम नारायण राणा के नेतृत्व में बंगाली कॉलोनी के दुर्गा मंदिर में बैठक कर सीएए लागू करने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया। धन्यवाद किया गया। विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा ने लोगों को टोल फ्री नंबर 88662-88662 पर मिस कॉल देकर एवं पोस्टकार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देकर बिल का समर्थन करने की अपील की। वहां वहां झनकट के मंडल अध्यक्ष किशोर जोशी, भुवन जोशी, जगदीश जोशी, छगनलाल अग्रवाल, सुरंजन राय, अनिरुद्ध राय, परविंदर सिंह लक्की आदि थे।
वहीं, गदरपुर में आरएसएस के संपर्क विभाग की ओर से सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सीएए पर विचार कर शंकाओं का निवारण किया गया। अनाज मंडी स्थित रामलीला भवन में हुई बैठक में मुख्य वक्ता भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील खेड़ा ने सीएए की तथ्यात्मक और व्यवहारिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से सीएए को लेकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। भ्रांतियों को दूर करने के लिए हर जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
युवकों ने थाना भाजपा का दामन
वहीं, जसपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार की ओर से सीएए कानून बनाने से प्रभावित होकर 14 युवकों ने भाजपा का दामन थाम लिया। शनिवार को पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल के कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. सिंघल ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाकर स्वागत किया। इसके बाद युवकों नें सीएए की पाठ्य सामग्री लेकर नगर क्षेत्र में डोर टू डोर संपर्क कर कानून को समझाने का प्रयास किया।

सर्वे ऑफ़ इंडिया के सहयोग से चकबंदी में मिलेगी मदद

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में कृषि भूमि की चकबंदी के लिए सरकार थ्री डी मैपिंग कराने जा रही है। इससे कृषि भूमि के खसरा नंबर की वास्तविक स्थिति का पता लग सकेगा। राजस्व विभाग सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से थ्री डी मैप तैयार करवा रहा है। पहाड़ों में चकबंदी न होने के कारण सरकार की अनुबंध खेती की योजना परवान नही चढ़ पा रही है। पौड़ी जनपद के पांच गांवों में भी अभी तक चकबंदी नहीं हो पाई है। अब निर्णय लिया गया है कि इन गांवों में ड्रोन के जरिये एरियल सर्वे कराया जाएगा।
पर्वतीय क्षेत्रों में बिखरी कृषि जोत होने से किसानों को मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है और खेती से मुनाफा कम होने के चलते लोगों का कृषि से रुझान कम हो रहा है। गौरतलब है कि सरकार ने पहाड़ों के लिए आंशिक और स्वैच्छिक चकबंदी को कानूनी रूप से मान्य किया है। लेकिन अभी तक पर्वतीय क्षेत्रों में एक भी गांव में चकबंदी नहीं हो पाई है। सरकार ने पौड़ी जनपद के पांच गांवों से आंशिक व स्वैच्छिक चकबंदी की शुरुआत की है।
इनमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गांव खैरासैंण, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गांव पंचूर, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का गांव औणी समेत दो अन्य गांव शामिल हैं। इन गांवों में कृषि भूमि अभिलेखों का डाटा तैयार कर लिया है। अब ड्रोन से एरियल सर्वे किया जाएगा। प्रदेश में भूमि बंदोबस्त न होने के कारण चकबंदी करने में सबसे बड़ी समस्या आ रही है। एक ही जमीन के गोल खाते में कई हिस्सेदार हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं है कि उनकी जमीन कहां पर है। अब सरकार चकबंदी को बढ़ावा देने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में थ्री डी मैपिंग करेगी।
वहीं, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जनपद में अनिवार्य चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें हरिद्वार में 108 और ऊधमसिंह नगर में 50 गांव शामिल हैं। जबकि पर्वतीय जनपद पौड़ी के मात्र पांच गांवों में चकबंदी हो रही है। मैदानी जनपदों की तुलना में पहाड़ों में चकबंदी करना मुश्किल है।
अपर सचिव एवं आयुक्त, चकबंदी, बीएम मिश्र ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से थ्री डी मैप तैयार किया जाएगा। इससे पहाड़ों में गोल खातों व बिखरी कृषि जोत की वास्तविक स्थिति सामने आने से चकबंदी में आसानी होगी।

पहाड़ों में बर्फबार से बढ़ी परेशानी, पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराना बना चुनौती

मौसम विभाग ने आज देहरादून सहित राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ ओले और भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को सतर्क कर दिया है।
प्रदेश भर में आज सुबह से ही अधिकांश जगह बादल छाये रहने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके बाद दून में बूंबाबांदी शुरू हो गई। वहीं, बर्फबारी के बाद अब पहाड़ी इलाकों में खून जमाने वाली ठंड पड़ रही है। कुमाऊं में आज काशीपुर, रामनगर में धूप खिली है। पंतनगर, अल्मोड़ा, लोहाघाट, चंपावत और रुद्रपुर में बादल छाए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग की मानें तो मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के हिसाब से जिले में सभी विभागों को सतर्क कर दिया है। इसके लिए यदि किसी विभाग के पास संसाधनों की कमी है तो वह जिला प्रशासन से संपर्क कर सकता है। लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान आदि विभागों के कर्मचारियों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जेसीबी, चूना और नमक आदि के साथ तैनात रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
लोनिवि और राजमार्ग को बर्फबारी वाले स्थानों पर जेसीबी की तैनाती, चूना आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये है। वैकल्पिक मार्गों से यातायात सुचारु कराना। अपने-अपने विभागीय गेस्ट हाउस को अलर्ट मोड पर रखना जिससे किसी भी स्थिति में पर्यटकों और स्थानीय जनता को इनमें शिफ्ट करने में दिक्कत न हो।
जल संस्थान व पेयजल निगम को बर्फबारी के कारण पानी जमने और पाईप लाइन क्षतिग्रस्त होने की दशा में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विद्युत विभाग से विद्युत आपूर्ति बाधित होने के तत्काल बाद स्थिति को सामान्य बनाने काम प्रमुख रूप से करने के निर्देश दिये गये है।
गौरतलब है कि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद रविवार को मौसम साफ हुआ तो बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए ऊंची चोटियों पर पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में पर्यटकों ने लोखंडी, धारना धार, देववन, बुधेर पहुंच बर्फबारी का लुत्फ उठाया। दिनभर ऊंची चोटियां पर्यटकों से गुलजार नजर आई हालांकि, शाम चार बजे बाद चलने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों को सिहरन का एहसास करा दिया।
शाम को चली ठंडी हवाओं के चलते तापमान माइनस में चला गया। रविवार को चकराता का अधिकतम तापमान छह डिग्री और न्यूनतम -01 डिग्री रहा। शाम ढलते ही लोगों के घरों और दुकानों में अलाव जल उठे।बर्फबारी के चलते होटल मभी फुल हो गए। सोमवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटकों के चकराता और आसपास की ऊंची चोटियों का रुख करने का अनुमान है।
गोपेश्वर जिले में हो रही बर्फबारी ने दूरस्थ गांव के लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। जिले में 30 से अधिक गांवों में इस समय बर्फ की चादर बिछी हुई है। अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में घरों के ऊपर तक कई फीट बर्फ जमी हुई है।
चारों तरफ बर्फ पड़ने से मवेशियों के लिए चारा पत्ती की समस्या आ गई है। ठंड के कारण नलों में पानी जम रहा है, जिससे लोग प्राकृतिक स्रोत का सहारा ले रहे हैं। पाणा गांव की बीना देवी, शांति देवी, सीमा देवी, अनीता देवी सहित अन्य लोगों ने बताया कि पिछले बर्फबारी से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। बर्फबारी का नजारा देखने के लिए रविवार को पर्यटन नगरी धनोल्टी और काणाताला क्षेत्र बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे, लेकिन पर्यटकों को चंबा-धनोल्टी मार्ग पर सुबह से लेकर अपराह्न तक जाम की समस्या से जूझना पड़ा। बर्फ के ऊपर पाला गिरने से वाहन रपटने के कारण बार-बार मार्ग पर जाम लगता रहा। जाम को देखते हुए पुलिस प्रशासन को बुरांशखंडा और कद्दूखाल में बैरियर लगाकर वाहनों को रोकना पड़ा।

7 जनवरी को देहरादून में रहेगा रुट डायवर्ट, जानकारी रखें और असुविधा से बचे

उत्तराखंड विधानसभा के सात जनवरी को होने वाले विशेष सत्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस कड़ी में सोमवार को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई है। विशेष सत्र में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए अगले 10 साल तक आरक्षण बढ़ाने के केंद्र सरकार के निर्णय के मद्देनजर अनुसमर्थन प्रस्ताव पारित किया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा संविधान में दी गई व्यवस्था के अनुसार अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए अगले 10 साल के लिए आरक्षण की अवधि को बढ़ाया गया है। अब राष्ट्रपति से इसे अनुमोदन मिलना है। इससे पहले सभी राज्यों की विधानसभाओं में यह प्रस्ताव पारित कराया जाना जरूरी है। इसी के दृष्टिगत उत्तराखंड विधानसभा का भी विशेष सत्र सात जनवरी को आहूत किया गया है। राजभवन की मंजूरी के बाद विशेष सत्र की अधिसूचना जारी की जा चुकी है।
अब सत्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस कड़ी में सोमवार को विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेेमचंद अग्रवाल ने बताया कि कार्यमंत्रणा में सत्र के सफल संचालन के लिए विधिवत कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी। सात जनवरी को होने वाले एकदिवसीय विधानसभा विशेष सत्र के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। सत्र के दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने रूट प्लान जारी कर दिया है। इसके साथ ही धरना-प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रगति विहार, शास्त्री नगर, बाईपास और डिफेंस कॉलोनी पर बैरियर स्थापित किए गए हैं।
रूट प्लान देखकर निकले
सभी भारी वाहनों को कारगी चैक व डोईवाला से दूधली रोड की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
देहरादून से हरिद्वार, ऋषिकेश, टिहरी, चमोली जाने वाले वाहन ईसी रोड से नेहरू कॉलोनी, फव्वारा चैक से छह नंबर पुलिया से रायपुर थानो होते हुए जाएंगे।
धर्मपुर चैक से आइएसबीटी की ओर जाने वाला यातायात माता मंदिर रोड होते हुए पुरानी बाईपास चैकी से आइएसबीटी की ओर जाएगा।
मोहकमपुर की ओर से मसूरी जाने वाले वाहन जोगीवाला, रिंग रोड, लाडपुर, सहस्रधारा क्रॉसिंग, आइटी पार्क से मसूरी मार्ग की ओर जाएगा।
मोहकमपुर से देहरादून शहर की ओर आने वाले वाहन जोगीवाला, छह नंबर पुलिया, नेहरू कॉलोनी, आराघर, ईसी रोड होते हुए देहरादून आएंगे।
प्रत्येक संभावित जुलूस अनुमति प्राप्त करने के बाद केवल बन्नू स्कूल से निकलेंगे और इनके वाहन भी बन्नू स्कूल में पार्क किए जाएंगे।
डोईवाला से देहरादून की ओर आने वाली सिटी बसें जोगीवाला से डायवर्ट की जाएंगी जो कि कैलाश अस्पताल से यू-टर्न लेंगी।
डिफेंस कॉलोनी जाने वाले व्यावसायिक वाहनों को नेहरू कॉलोनी थाना कट से पुरानी चैकी बाईपास की ओर डायवर्ट किया जाएगा। स्थानीय निवासियों के व्यक्तिगत वाहनों को विशेष परिस्थितियों मे ही डायवर्ट किया जाएगा।
आइएसबीटी से ऋषिकेश, हरिद्वार की ओर जाने वाले समस्त भारी वाहन, परिवहन निगम की रोडवेज बसें कारगी चैक से दूधली होते हुए भेजी जाएंगी।
सामान्य स्थिति में व्यक्तिगत वाहनों को डायवर्ट नहीं किया जाएगा, लेकिन व्यावसायिक वाहनों को लगातार डायवर्ट किया जाएगा। वे किसी भी दशा में विधानसभा की ओर नही जाएंगे।

मानव बम से मिली दुर्गा मंदिर को उड़ाने की धमकी, डीआईजी ने कहा जो भी होगा कार्रवाई होगी

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्रांतर्गत श्री दुर्गा मंदिर को मानव बम से उड़ा देने की धमकी मिली है। इस मामले में पर्वतीय सांस्कृतिक एवं जन कल्याण समिति के नेतृत्व में मंदिर के पुजारी और श्रद्धालुओं ने एसडीएम से मिलने के बाद अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है।

इस पर डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने शरारत करने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार की सुबह श्री दुर्गा मंदिर के पुजारी भूपेंद्र बडोनी रोजाना की तरह मंदिर के कपाट खोलने पहुंचे।

कपाट खोलकर देखा तो वहां एक पत्र पड़ा हुआ मिला। पुजारी ने पत्र उठाकर देखा तो उसमें दुर्गा मंदिर को मानव बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। तीन लाइन के पत्र के बीच आईएसआईएस लिखा हुआ है।

पुजारी ने तत्काल सूचना मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारियों और पार्षद विपिन पंत को दी। सूचना पाकर सभी मंदिर पहुंचे और पत्र पढ़ा। इसके बाद सभी उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम प्रेमलाल को मामले में संज्ञान लेकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

पार्षद विपिन पंत ने कहा कि इस तरह से धमकी देने का मामला पूर्व में कभी नहीं हुआ है। डीआईजी अरूण मोहन जोशी ने कहा कि पत्र डालने के पीछे किसकी शरारत है। पुलिस को ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। इस घटना में जो भी संदिग्ध व्यक्ति मिलेंगे, उनका हस्तलेख मिलान किया जायेगा।

सीएम त्रिवेन्द्र से पीएम को वर्ष 2022 तक कृषकों की आय दोगुना करने का दिया वचन

भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड को वर्ष 2017-18 में खाद्यान्न उत्पादन श्रेणी-2 के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। गुरूवार को तुमकुर, कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को यह पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर राज्य के दो प्रगतिशील किसानों, कपकोट की कौशल्या व भटवाड़ी के जगमोहन राणा को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताकर उन्हें वर्ष 2022 तक कृषकों की आय दोगुना करने का संकल्प दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक नवोदित राज्य है, जिसके कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 53.48 लाख हेक्टेयर में कृषि का क्षेत्रफल मात्र 11.21 प्रतिशत है, इसका 56 प्रतिशत भाग पर्वतीय कृषि के अन्तर्गत आता है, जिसमें 89 प्रतिशत कृषि असिंचित एवं वर्षा आधारित है। प्रदेश में 92 प्रतिशत लघु एवं सीमान्त जोत के कृषक हैं। भारत सरकार के मार्ग-निर्देशन तथा प्रदेश के कृषकों एवं कृषि विभाग के प्रयास से उत्पादन में वृद्धि के फलस्वरूप प्रदेश अनाज उत्पादन में अपनी आवश्यकता की पूर्ति करते हुए आत्मनिर्भर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के पात्र लाभार्थियों की संख्या 8.38 लाख है, जिनमें से 6.84 लाख कृषक लाभान्वित किए जा चुके हैं, 6.72 लाख कृषकों को प्रथम किस्त, 6.56 लाख कृषकों को द्वितीय, 6.00 लाख कृषकों को तृतीय एवं 4.34 लाख कृषकों को चतुर्थ किस्त का भुगतान किया गया है, शेष कृषकों को भी योजना से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री मानधन योजना में पात्र कृषकों का चयन कर उनके पंजीकरण की कार्यवाही गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में परम्परागत जल श्रोत सूख रहे हैं। पर्यावरणीय असंतुलन से नमी कम होती जा रही है। मृदा एवं जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुये जल संचय संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। गत 2 वर्षों में विभिन्न जल संचय संरचनाओं के निर्माण से 2250 हेक्टेयर सिंचन क्षेत्रफल में वृद्धि हुयी है। प्रदेश में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 तक समस्त कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। उर्वरकों का वितरण नवम्बर 2017 से डी.बी.टी. के माध्यम से प्रारम्भ किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौसम खरीफ में चावल, मण्डुवा तथा मौसम रबी में गेहूॅ एवं मसूर (जनपद पौड़ी एवं पिथौरागढ़) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत सम्मिलित हैं। वर्ष 2018-19 में कुल 1.38 लाख कृषक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं 55000 कृषक पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अन्तर्गत बीमित हुए। दोनों योजनाओं में 84687 कृषकों को 7236.69 लाख क्लेम का भुगतान हुआ है। वर्ष 2019-20 में दोनों योजनाओं के अन्तर्गत 1.73 हजार कृषक बीमित हुए हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में कुल 27 मण्डियां संचालित हैं, जिनमें से वर्तमान तक 16 मण्डियां ई-नाम योजना से जुड़ी है। ई-नाम के माध्यम से कृषि उत्पाद को विक्रय करने पर कृषकों को 70 करोड़ के ई-भुगतान किये गये हैं। व्यापारियों के मध्य आन-लाईन ट्रेंड को प्रोत्साहित करने हेतु मण्डी शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट का प्राविधान किया गया है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य कृषि उत्पादों के विपणन की समुचित व्यवस्था के लिए प्रत्येक न्याय-पंचायत पर कलैक्शन सेन्टर स्थापित करने का कार्य प्रारम्भ किया गया है।