चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिए ठोस कार्य योजना प्रस्तुत करेंः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में इकबालपुर चीनी मिल के सम्बन्ध में इकबालपुर चीनी मिल मैनेजमेंट बोर्ड एवं अधिकारियों के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री ने इकबालपुर चीनी मिल के संचालन तथा किसानों के बकाया भुगतान के लिये त्वरित रूप से 36 करोड़ रूपये की धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक को दिये।

उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी और निजी दोनों ही श्रेणियों की चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिये ठोस कार्य योजना प्रस्तुत की जाए। किसानों को समय से उनकी उपज का पूर्ण मूल्य उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के कुप्रबंधन का नुकसान किसान और कर्मचारियों को न उठाना पड़े यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी निजी चीनी मिलों को उत्तराखण्ड के गन्ना किसानों का भुगतान तत्काल करने के निर्देश दिये।

जानिए क्यों, हरीश रावत बाल दिवस पर करेंगे उपवास

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अब सार्वजनिक उपक्रमों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने 14 नवंबर को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की जयंती पर टिहरी डैम को बेचे जाने की साजिश का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ टीएचडीसी मुख्यालय ऋषिकेश में सांकेतिक उपवास पर बैठने की घोषणा की है।

सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सरकारी उपक्रमों और संस्थाओं की नींव डालकर आज के भारत के निर्माण की बुनियाद ही नहीं रखी, बल्कि उसमें इमारत भी खड़ी कर दी। आज की सत्ता, भारतीय अर्थव्यवस्था के उसी कोर सेक्टर सरकारी उपक्रमों को एक-एक कर पूंजीपतियों के हाथ में बेच रही है। अब उत्तराखंड के सपनों का सागर टिहरी सागर को भी बेचा जा रहा है। हमारा नारा है, नेहरू के सपनों को मिटने नहीं देंगे। उत्तराखंड की संपत्तियों को बिकने नहीं देंगे।

उन्होंने कहा कि नेहरू जी के जन्मदिन पर टिहरी डैम को को बेचे जाने की साजिश के खिलाफ सांकेतिक उपवास उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि उपवास में शामिल हों।

गलियों में अंधेरा होने पर युवतियों से करता था बदतमीजी, पुलिस ने दबोचा

थाना मुनिकीरेती के ढालवाला में पुलिस ने सुनसान जगहों पर लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया है।

ढालवाला चौकी इंचार्ज विनोद कुमार ने बताया कि ढालवाला क्षेत्र में फैक्ट्रियों की दीवारों से लगी कुछ संकरी गलियों में काफी समय से युवतियों और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की शिकायतें आ रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गली तकरीबन 100 मीटर लंबी है। इसमें पोल पर लगी लाइटों को कुछ शरारती तत्वों नेे क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इस कारण यह जगह रात्रिकाल में युवतियों और महिलाओं के लिए असुरक्षित हो गया है।

बीते सोमवार को भी एक युवती ने चौकी आकर लिखित शिकायत कर बताया कि उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। पुलिस ने हुलिए के आधार पर तलाशी के लिए अभियान चलाया। चौकी इंचार्ज ने बताया कि तलाशी के दौरान पता चला कि उक्त युवक गंगोत्री विहार ढालवाला के आसपास का है। उक्त स्थान पर जाकर पुलिस को उक्त हुलिए का युवक हाथ में बैग लेकर संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। पुलिस ने युवक को दबोच लिया। चौकी इंचार्ज ने युवक की पहचान टिकेश कुमार पुत्र कृपाल सिंह निवासी ग्राम भटियाणा खुशालपुर थाना धामपुर जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश के रूप में कराई। पूछताछ में युवक ने पुलिस को बताया कि वह एक साल से ढालवाला में किराए पर रहता है तथा फैक्ट्री पर काम करता है। सोमवार को युवक भागने की फिराक में था।

मीटर चोरी होने पर विभागीय अधिकारियों के शब्द हम पर राजनीतिक दबाव, नहीं लगा सकते नया मीटर

ऋषिकेश में एक युवक की दुकान का बिजली मीटर दीपावली से चार दिन पूर्व अज्ञात लोगों ने चोरी कर लिया। युवक की लिखित शिकायत पर न ही पुलिस ने दिलचस्पी दिखाई और न ही बिजली विभाग के अधिकारियों ने नया मीटर लगाने की कवायद तेज की। हालत यह रहे दीपावली में सभी लोगों के घर रोशनी से चमके। मगर, उक्त युवक ने अंधेरे में ही दीपावली मनाई। अब दीपावली के तीन सप्ताह बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी काम करने को राजी नहीं। वह अब यह दलील देकर पिंड छुड़ा रहे है कि उन पर राजनीतिक दबाव है। इसलिए वह मीटर नहीं लगा सकते है।

बीते 22 अक्तूूबर को ललित कुमार जाटव पुत्र स्व. भोपाल सिंह जाटव निवासी पुरानी जाटव बस्ती ऋषिकेश अपनी पुरानी चुुंगी स्थित डेंटिंग पेंटिंग की दुकान बंद करके घर चले गए। 23 अक्तूबर की सुबह दुकान पर काम करने वाले युवक ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि दुकान से बिजली मीटर चोरी हो गया है।

इसकी शिकायत उन्होंने से की तो यहां एसडीओ राजीव कुमार ने कहा कि कोतवाली में जाकर लिखित शिकायत करो और उसकी एक प्रति उपलब्ध कराओ, इसके बाद मीटर लग जाएगा। कोतवाली पुलिस ने पहले जांच करने की बात कहकर तहरीर की रिसीविंग देने से इंकार कर दिया। इसके बाद ललित कुमार एसएसपी देहरादून अरुण मोहन जोशी के यहां से तहरीर की एक प्रति रिसीव करके ले आए। अब बिजली विभाग के एसडीओ राजीव कुमार मीटर लगाने से इंकार कर रहे हैं। हालत ये है कि मीटर न लगाने के लिए विभागीय अधिकारी आए दिन नये-नये दस्तावेज उपलब्ध कराने को कह रहे हैं। पीड़ित एसडीओ राजीव कुमार पर आरोप लगाते हुए बताया कि राजनीतिक दबाव के चलते वह मीटर नहीं लगा रहे है। ऐसी बात एसडीओ ने उन्हें कही है।

मसूरी में पर्यटकों की सुविधा के लिये उपलब्ध होंगे निःशुल्क बैट्री चालित वाहन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को मसूरी में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के सौजन्य से किताबघर एवं शहीद स्थल के सौन्दर्यीकरण हेतु 70 लाख की लागत से आरजीवी डायनेमिक फसाड लाईट का लोकार्पण तथा 108 फिट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मसूरी के सौंदर्यीकरण तथा पर्यटकों की सुविधा के लिये अनेक घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी स्थित लोनिवि गेस्ट हाउस को आवास विभाग को उपलब्ध कराया जायेगा, जहां पर मल्टी स्टोरी पार्किंग बनायी जायेगी, इसके साथ ही जेपी बैंड पर भी पार्किंग की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि मसूरी के लिये पार्किंग की नीति भी तैयार की जायेगी तथा भवन स्वामियों के हित में वन टाइम सेटेलमेंट योजना लागू की जायेगी। पर्यटकों की सुविधा के लिये बैट्री चलित निःशुल्क वाहनों की व्यवस्था की जायेगी। शीघ्र ही मसूरी के लिये रोपवे का भी कार्य आरम्भ कर दिया जायेगा। माल रोड तथा मेथडिस्ट चर्च पर भी पसाड लाइट की व्यवस्था की जायेगी। यात्रा सीजन में किताबघर चौक तथा आईटीबीपी बैंड पर पर्यटकों के स्वागत के लिये शाम के समय लोक संगीत की धुनों के प्रसारण की व्यवस्था भी की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों की रानी मसूरी पर्यटकों के आकर्षण का भी केन्द्र है। पर्यटकों को सभी आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराना हमारा प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन हमारी आर्थिकी का महत्वपूर्ण साधन है। राज्य में पहले से स्थापित पर्यटन स्थलों पर अब विस्तार की गुंजाइस कम है, इसके लिये टिहरी झील के साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। राज्य में अच्छे होटलों के साथ ही आवागमन के साधनों को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के प्रति हमारा व्यवहार देवभूमि के अनुरूप होना चाहिए, यह हमारी पहचान है। इससे अधिक से अधिक पर्यटक राज्य में आयेंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किताब घर चौक पर महात्मा गांधी तथा शहीद स्थल पर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रदेश में बड़ी संख्या में फिल्मों व टीवी सीरियलों की शूटिंग हो रही

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड की विभिन्न लोकेशन्स में शूट की जा रही हिन्दी फिल्म ‘‘शुभ निकाह‘‘ का मुहूर्त शॉट लिया। इस फिल्म का 90 प्रतिशत हिस्सा उत्तराखण्ड में फिल्माया जाना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति से सुन्दरता का वरदान प्राप्त है। यहां की प्राकृतिक सुन्दरता और लोकेशन्स शूटिंग के लिए अनुकूल हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए प्रदेश में प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जहां से औसतन 3-4 दिनों में सभी तरह की क्लियरेंस दे दी जाती हैं। यहां शूटिंग कर चुके फिल्मकार भी इस बात की प्रशंसा करते हैं कि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग के समय स्थानीय लोगों द्वारा किसी प्रकार का व्यवधान नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माताओं को सहयोग देने के लिए राज्य सरकार हमेशा तत्पर है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य में फिल्म, टीवी सीरियल आदि की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए फिल्मकारों व इस क्षेत्र के विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों को राज्य सरकार द्वारा अमल में लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गत वर्ष आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त सुझावों को समाहित कर राज्य की फिल्म नीति बनाई गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं। प्रदेश में बड़ी संख्या में यहां फिल्मों व टीवी सीरियलों की शूटिंग हो रही है।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, फिल्म निर्माता भूपेन्द्र संधू, अर्श संधू, फिल्म निर्देशक अरशद सिद्धकी एवं नायक-नायिका सहित फिल्म से जुड़े अन्य कलाकार व क्रू मेंबर भी उपस्थित थे।

देश व समाज में सकारात्मक परिवर्तन युवाओं से ही सम्भवः राजनाथ

राज्य स्थापना दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड से उनका हमेशा भावनात्मक लगाव रहा है। जब उत्तराखण्ड का निर्माण हुआ था वे ही संयुक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। बड़ी खुशी की बात है कि उत्तराखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य ने राष्ट्रीय स्तर अपनी विशेष पहचान बनाई है। उत्तराखण्ड 20 वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। यह ऐसी अवस्था होती है जब सब कुछ कर गुजरने की ललक होती है, साथ ही जोखिम भी उठाने का भाव होता है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भारत की देवभूमि है। पूरी दुनिया में इसे सम्मान प्राप्त है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि यहां का हर गांव सैन्यधाम है। उत्तराखण्ड की शिक्षण संस्थानों मं देश भर के छात्र-छात्राएं पढ़न आते हैं। इसे देश का विद्याधाम भी कहा जा सकता है। यहां के शिक्षण संस्थान लघु भारत का रूप हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा कि भारत ही एक ऐसा देश है जहां संस्कृति एक-दूसरे को जोड़ती है। सच्चे मायनों में राष्ट्र की संज्ञा, भारत को ही दी जा सकती है क्योंकि यही एक ऐसा देश है जिसने अपनी सांस्कृतिक पहचान सदियों से बनाए रखी है। यहां की विविधता में एकता अद्भुत है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य आंदोलन के शहीदों का स्मरण करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के संतुलित विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न घोषणाएं की।
1. आंगनवाडी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए सप्ताह में 4 दिन दूध, 2 दिन अंडा व केला उपलब्ध होगा।
2. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के समान ही मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास परियोजना लागू होगी।
3. वृद्धावस्था, विकलांगता, विधवा पेंशन में 200 रुपए की वृद्धि की जाएगी, 1 जनवरी 2020 से लागू होगी।
4. उपनल, पीआरडी कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर 500 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा, यह भी 1 जनवरी 2020 से लागू होगा।
5. इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाई जाएगी।
6. सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए सीमांत तहसीलों में मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना लाई जाएगी। इससे पहाड़ों और दूरस्थ क्षेत्रों से पलायन रुक सकेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसका सुझाव सैनिक सम्मेलन में प्राप्त हुआ था।
7. कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल के लिए सेलाकुईं व रुद्रपुर में महिला हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।
9. राज्य में पशुओं का बीमा कराये जाने हेतु बीमा धनराशि की गैप फंडिंग की भरपाई राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
10. ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना बनाई जाएगी।
11. राज्य में दीनदयाल उपाध्याय एकीकृत भूकंप सुरक्षा कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाएगा।
12. प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को सप्ताह में एक दिन फोर्टिफाइट मीठा दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
13. सभी जनपदों में आधुनिक विधि से सर्वेक्षण कर भू बंदोबस्त किया जाएगा। पहले पौड़ी गढ़वाल और अल्मोड़ा जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जाएगा।
14. मिशन इन्द्रधनुष के तहत चिन्हित अति संवेदनशील क्लटरों में स्वास्थ्य से इतर अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराने के लिए सभी जनपदों में सर्व उत्थान सर्व समृद्धि अभियान चलाया जाएगा।
15. लोक कलाकारों के मानदेय को 400 रूपए से बढ़ाकर 600 रूपए और टीम लीडर का मानदेय 500 से बढ़ाकर 700 रूपए किया जाएगा।

कार्यक्रम में सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका और बीस सूत्री कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट 2018-19 का विमोचन किया गया।

न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत ने गुलदार खाल तस्करी में सुनाई तीन साल की सजा

न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश आलोक राम त्रिपाठी की अदालत ने थाना रानीपोखरी क्षेत्र के गुलदार की खाल तस्करी मामले में आरोपी को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को तीन वर्ष का सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
रानीपोखरी के जाखन पुल से बीते 28 फरवरी 2014 को मुखबिर की खास सूचना पर एसटीएफ देहरादून की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान एक युवक मनीष अधिकारी पुत्र नरेन्द्र सिंह अधिकारी को संदिग्ध पाते हुए रोका गया। युवक की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से गुलदार की एक खाल बरामद हुई थी। मौके से टीम ने युवक को गिरफ्तार कर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में मुकदमा पंजीकृत किया था। इसके बाद मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत में चला। कोर्ट में आरोपी की ओर से अपने बचाव में कोई मजबूत साक्ष्य पेश नहीं किया गया, जबकि पुलिस की ओर से बताया कि गया गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के दाहिने हाथ में नीले व सफेद रंगा के केरी बैग थे। इसके दोनों ओर हिंदी और अंग्रेजी में जोशीमठ की दुकान का पता लिखा था। पुलिस की ओर से बताया गया कि आरोपी मनीष अधिकारी का वर्तमान पता भी अपर बाजार जोशीमठ, चमोली भी है।
आरोपी की ओर से बरामद खाल को भारतीय जीव संस्थान में वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा गया। उक्त संस्थान से प्राप्त वैज्ञानिक परीक्षण रिपोर्ट में उक्त खाल को गुलदार की खाल बताया गया। इस मामले में राज्य की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी राकेश चंद ने मजबूर पैरवी की। इसके बाद न्यायाधीश आलोक राम त्रिपाठी ने आरोपी को दोषी पाते हुए तीन साल के सश्रम कारावास तथा दस हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। दोषी के अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।

आज आएगा अयोध्या भूमि विवाद पर फैसला

सुप्रीम कोर्ट आज अयोध्या भूमि विवाद मामले में बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाएगा। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जजों की संविधान पीठ सुबह साढ़े 10 बजे इस मामले में फैसला सुनाएगी। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर 40 दिन तक चली मैराथन सुनवाई के दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने 16 अक्तूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

केशवानंद भारती मामले में रिकॉर्ड 68 दिन तक चली सुनवाई के बाद अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे लंबी सुनवाई हुई थी। वहीं, फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद कर दी गई है। इस बीच, अयोध्या मामले पर फैसले के मद्देनजर यूपी सरकार ने सोमवार तक सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

यह-यह है इंतजाम
कर्नाटक में धारा 144 लागू, सुप्रीम कोर्ट के बाहर धारा 144 लागू, मोहन भागवत करेंगे देश को संबोधित, अयोध्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती, हवाई सर्विलांस, हाई अलर्ट पर पंजाब, नितिन गडकरी ने की शांति बनाए रखने की अपील, रामलला के पुजारी ने की शांति बनाए रखने की अपील, फैसले से पहले पांच जजों की मौजूदगी में एक घंटे तक बैठक

इन जजों के फैसले पर है देश की नजर
अयोध्या विवाद में मामले की सुनवाई करने वाली संवैधानिक बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। इन्हीं जजों की पीठ शनिवार को फैसला सुनाएगी।

कन्या भ्रूण हत्या सबसे बड़ा पाप, पिछले दो वर्षों में राज्य में बालिका लिंगानुपात में काफी सुधारः टीएसआर

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि हमें बालिकाओं को स्वतंत्रता देनी होगी। उनकी क्षमताओं पर विश्वास करना होगा। संकोच, जीवन की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। बेटियों को संकोच नहीं करना चाहिए। जब संकोच दूर होगा तभी प्रगति होगी। मुख्यमंत्री ने कन्या भ्रूण हत्या को बहुत बड़ा पाप बताते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य में बालिका लिंगानुपात में काफी सुधार आया है।

सोलर और पिरूल पावर प्रोजेक्ट से बदलेगी पहाड़ की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 62 ग्रोथ सेंटरों को मंजूरी दी है। ये ग्रामीण विकास के महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र साबित होंगे। पर्वतीय क्षेत्रों में खेती को जंगली जानवरों द्वारा नुकसान पहुंचाया जाता है। इसका विकल्प भी खोजना है। अदरक, लहसुन, हल्दी की खेती को अपनाया जा सकता है। पहाड़ में सोलर पावर प्रोजेक्ट और पिरूल से बिजली बनाने के लिए प्रोजेक्ट आवंटित किए गए हैं। चीड़ जो कि विनाश का प्रतीक था, जल्द ही रोजगार में सहायक होगा।

आगे बढ़ने के लिए मंथन जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुधार के लिए राजनीतिक हितों से ऊपर उठना होगा। आगे बढ़ने के लिए मंथन करना जरूरी है। इस वर्ष राज्य स्थापना सप्ताह के अंतर्गत रैबार, सैनिक सम्मेलन, महिला सम्मेलन, युवा सम्मेलन आदि कार्यक्रम इसी उद्देश्य से किये गये। ऐसे कार्यक्रमों से नीति निर्धारण और व्यवस्था परिवर्तन में सहायता मिलती है। ग्राउन्ड पर काम करने वाले और नीति निर्धारण करने वाले जब एक मंच पर मिलते हैं तो इससे राज्य व समाज के विकास की दिशा निर्धारित होती है।

महिलाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं की स्थिति पहले से अच्छी है। यहां की महिलाएं जुझारू हैं। उत्तराखण्ड निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पर्यावरण संरक्षण में यहां की महिलाओं का बड़ा योगदान रहा है। कृषि और पशुपालन में मुख्य रूप से महिलाएं ही काम करती हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। राज्य स्थापना सप्ताह के अंतर्गत श्रीनगर में महिला सम्मेलन आयोजित किए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि 20-25 साल पहले महिलाओं के विकास के लिए बात नहीं होती थी।

महिलाओं से ही पहाड़ का अस्तित्व
अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने कहा कि पहाड़ को अगर किसी ने बचाया है तो वह महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की कला और लोक कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाए जाने की जरूरत है। यहां बेहतरीन फिल्में बनें जिन्हें कि देश विदेश में देखा जाए। सरकार से अपील की कि महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा जिम्मेदारी उन्होंने पलायन को लेकर अपनी लिखी कविता भी सुनाई।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने गढ़वाली में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन में महिलाओं की अहम भूमिका रही है। इस सम्मेलन में जो भी सुझाव मिलेंगे, उन्हें पूरा करने के लिए सरकार कोशिश जरूर करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी महिलाओं के लिए कई योजनाएं बनाने की बात करते हैं। उनका महिलाओं को फायदा जरूर मिलेगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व अन्य अतिथियों ने जिलाधिकारी पौड़ी धीरज सिह गर्ब्याल की पहल पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं राष्ट्रीय पोषण अभियान, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग पौड़ी के तहत महिला समूह द्वारा बनाए गए झंगोरा लड्डू का स्वाद चखा और उसकी तारीफ की।