ऋषिकेश पुलिस ने चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो धरे

कोतवाली क्षेत्रांतर्गत बीते दिनों हुई दो चोरियों का ऋषिकेश पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने दो शातिरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी के दो मोबाइल, दो चांदी की चेन, एक जोड़ा चांदी का पाजेब, चांदी के तीन बिछुए और 40 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं।

बीते सात अगस्त को दिनेश कुमार पुत्र नत्थीमल निवासी गली नंबर पांच गंगानगर ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि छह अगस्त को अज्ञात लोगों ने उनकी दुकान से चांदी की ज्वेलरी चोरी कर ली। वहीं, शिकायतकर्ता अमनदीप गुप्ता पुत्र राजेश कुमार गुप्ता निवासी गुर्जर प्लाट गुमानीवाला ऋषिकेश ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि रोडवेज बस अड्डा पर उनकी दुकान से दो लड़के दो मोबाइल और आठ हजार रुपए लेकी भाग गए। दोनों ही मामलों में कोतवाली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपियों को बस अड्डा स्थित निर्माणाधीन हिमालयन म्यूजियम के पास से गिरफ्तार किया।

शातिरों की पहचान दीपक जोशी पुत्र शंकर दत्त निवासी ग्राम सुखीढांग चक जिला चंपावत और सागर थापा पुत्र अर्जुन सिंह निवासी भोगपुर, रानीपोखरी, देहरादून के रूप में हुई। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि दीपक जोशी एक शातिर किस्म का चोर है, जो पूर्व में एक बार पंजाब तथा दो बार कोतवाली ऋषिकेश से जेल भी जा चुका है।

अब वैदिक शिक्षा बोर्ड से पढ़ाई करते नजर आएंगे बच्चे, अगले सत्र से लागू

देश का पहला वैदिक शिक्षा बोर्ड तैयार हो चुका हैं। इसके लिए पाठ्यक्रम भी बनकर तैयार हो चुका हैं। योग गुरू बाबा रामदेव वैदिक शिक्षा बोर्ड के आजीवन अध्यक्ष रहेंगे। अगले वर्ष से यह बोर्ड लागू किया जाएगा। यह बोर्ड सीबीएसई की तर्ज पर होगा।

बोर्ड से जुड़े विद्यालयों में प्राच्य और आधुनिक शिक्षा समान रूप से दी जाएगी। बाबा रामदेव पहले ही प्राचीन और अर्वाचीन शिक्षा पद्धति देने के लिए आठवीं कक्षा तक के लिए आचार्यकुलम की स्थापना कर चुके हैं।

पहले योजना थी कि इसी आचार्यकुलम को बड़ी कक्षाओं तक आगे बढ़ाया जाएगा। बाद में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने देश के अनेक शिक्षाविदों के साथ बैठक कर भारतीय वैदिक शिक्षा बोर्ड का ढांचा तैयार किया।

इस बोर्ड का मुख्यालय फिलहाल पतंजलि योगपीठ में चल रहा है। शीघ्र ही इस बोर्ड का कार्य संचालन देश की राजधानी दिल्ली से किया जाएगा। वैदिक शिक्षा बोर्ड देश का एकमात्र ऐसा बोर्ड होगा, जो अपने से जुड़े विद्यालयों में वेदों की शिक्षा भी देगा।

साथ ही धनुर विद्या जैसे अनेक प्राचीन अवमान बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल किए गए हैं। इस समय सीबीएसई बोर्ड द्वारा संचालित जितने भी पाठ्यक्रम मान्य हैं, वे सभी विषय वैदिक शिक्षा बोर्ड में समाहित कर लिए जाएंगे।

पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि देश का पहला बोर्ड अब पूर्णरूप से कार्य करने के लिए तैयार है। प्राचीन शिक्षा के जो विषय जोड़े जाएंगे, उनका पाठ्यक्रम बन चुका है।

विश्वास दिलाया कि इस बोर्ड की शिक्षा पद्धति से निकले छात्र विश्व स्तर की किसी भी शैक्षणिक प्रतियोगिता में भाग लेने के अधिकारी बनेंगे। वैदिक शिक्षा बोर्ड के छात्र इंटर के बाद जिस भी क्षेत्र में जाना चाहेंगे उन्हें प्रवेश हासिल होगा।

अमित शाह ने दिया केंद्र से हर आवश्यक सहयोग का आश्वासन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को नई दिल्ली में नार्थ ब्लॉक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट कर उन्हें उत्तराखण्ड में अतिवृष्टि से हुई जन-धन हानि की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दैवीय आपदा से इस वर्ष राज्य के विभिन्न स्थानों पर 32 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है। राज्य में प्रारम्भिक अनुमान के अनुसार लगभग 175 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने आपदाग्रस्त स्थानों पर संचालित बचाव व राहत कार्यों के बारे में भी जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदेश में आपदा की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री को केंद्र से हर आवश्यक सहयोग दिए जाने के प्रति आश्वस्त किया।

ऋषिकेश मेयर को दी जान से मारने की धमकी, पुलिस ने पकड़ा

बीते रोज मेयर अनिता ममगाईं को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अभद्र भाषा का प्रयोग तथा जान से मारने की धमकी देने वाले युवक की पहचान हो गई है। कोतवाली पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया है तथा मामले में पूछताछ कर रही है।

बता दें रविवार को नटराज चौक का नाम इंद्रमणि बडोनी चौक रखे जाने को लेकर बीते शनिवार की रात मेयर अनिता ममगाई ने अपनी फेसबुक पेज पर पोस्ट किया था। इस पोस्ट के जरिए मेयर ने लोगों को मूर्ति के अनावरण की जानकारी दी थी। इस पर एक युवक ने मेयर अनिता ममगाईं के लिए अभद्र भाषा तथा उन्हें जान से मार देने की धमकी दी थी। इस पर मेयर ने कोतवाली पुलिस को आरोपी युवक के खिलाफ तहरीर दी थी साथ ही फेसबुक पेज के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए थे।

रविवार को उक्त युवक की पहचान हो गई है। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि युवक इंदिरा नगर गली नंबर 2 का रहने वाला है। आरोपी युवक का नाम जितेंद्र कुमार पुत्र स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह है। मूल रूप से मऊ उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। कोतवाल ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

इंद्रमणि बडोनी चौक का मेयर अनिता ने किया शुभारंभ

रविवार से ऋषिकेश का सबसे बड़ा नटराज चौक अब इंद्रमणि बडोनी चौक नाम से इतिहास के पन्ने में दर्ज हो गया। मेयर अनिता ममगाईं ने इसे नगर निगम के अभिलेख में भी दर्ज करा लिया।
मेयर अनिता ममगाईं सहित क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल दमाउ की थाप के बीच वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत रूप से स्व. इंद्रमणि बडोनी की 10 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया।

हालांकि इससे पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों से प्रतिमा का अनावरण किया जाना था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह नहीं पहुंच सके। कार्यक्रम के लिए तेज बारिश में भी लोगों में गजब का उत्साह बना रहा। इसके बाद नटराज होटल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेयर अनिता ममगाईं ने कहा कि तीर्थनगरी के इस चौक का राज्य आंदोलन अपना स्थान रहा है। स्व. इंद्रमणि बडोनी की प्रतिमा के लिए इससे उपयुक्त स्थान न होता।

जिला आपदा कंट्रोल रूम का लगातार निरीक्षण करें सभी डीएमः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में अतिवर्षा की संभावनाओं के दृष्टिगत किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी जाय। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के भारी वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए विशेष सतर्कता की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को किसी भी प्रकार के आपदा के लिए सतर्क रहने एवं शीघ्र रिस्पाँस करने को कहा है। आपदा प्रभावितों को अनुमन्य सहायता राशि भी शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये हैं कि जिला आपदा कंट्रोल रूम का भी लगातार निरीक्षण करते रहें। ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को आपदा के दृष्टिगत निरन्तर जनप्रतिनिधियों के सम्पर्क में रहने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों के फोन नम्बर की लिस्ट भी अपडेट रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की घटना होने पर शीघ्र सम्पर्क किया जा सके।

अब टिक टॉक पर वीडियो बना युवाओं को जागरूक करेगी उत्तराखंड पुलिस

युवाओं में तेजी से बढ़ते टिक टॉक के बुखार को देखते हुए अब उत्तराखंड पुलिस भी इससे जुड़ गई है। पुलिस महानिदेशक के अनुसार युवाओं को टिक टॉक के जरिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने टिक टॉक कंपनी से हाथ भी मिलाया है। साथ ही पुलिस ने अकाउंट भी शुरू कर दिया है।

पुलिस वीडियो के जरिये युवाओं को नशे से बचने, यातायात नियमों का पालन करने और अन्य नियम-कायदों की जानकारी देगी। पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि अभी कुछ दिन इसका ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान जागरूकता के वीडियो तैयार कर टिक टॉक के जरिये प्रचारित-प्रसारित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि युवाओं की बात उनके अंदाज में ही पेश की जाएगी, ताकि वह बेहतर तरीके से समझ सकें। अभी तक पुलिस की ओर से पोस्टर, फेसबुक, ट्वीटर आदि के माध्यम से सुझाव भेजे जाते रहे हैं।

उत्तराखंड पुलिस से जुड़ना अच्छा अनुभव
टिक टॉक के डायरेक्ट ऑफ पब्लिक पॉलिसी (भारत) नितिन सलुजा ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस के साथ जुड़ना उनका एक अच्छा अनुभव है। हम टिक टॉक के माध्यम से समाज में बेहतर बदलाव की कोशिश करेंगे।

पाकिस्तान की ओर से सीजफायर के जवाब में देहरादून का लाल शहीद

देहरादून का जवान बेटा संदीप थापा शनिवार को पाकिस्तान की ओर से किए गए सीजफायर के जवाब में शहीद हो गए। वह 3-5 गोरखा राइफल में लांस नायक के पद पर तैनात थे। मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष सहित तमाम लोगों ने उनकी शहादत को नमन कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

शनिवार सुबह साढ़े छह बजे जम्मू कश्मीर में राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में भारी शेलिंग की गई। जिसका जवाब देते हुए लांस नायक संदीप थापा घायल हो गए। घायल जवान को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान वह शहीद हो गए। रविवार की सुबह 11 बजे सैन्य सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को हवाई सेवा से जॉलीग्रांट एयपोर्ट लाया जाएगा। जहां से उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचेगा। रविवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें प्रेमनगर स्थित घाट पर अंतिम विदाई दी जाएगी।

2004 में हुए सेना में शामिल
शहीद संदीप थापा 33 वर्ष के थे। वर्ष 2004 में वह भारतीय सेना में शामिल हुए थे। जून माह में वह आखिरी बार अपने घर आए थे। जिसके बाद से उनके परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ। वर्ष 2012 में उनका विवाह दुधली डोईवाला निवासी निशा थापा के साथ हुआ था।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
उनका तीन साल का छोटा बेटा भी है। संदीप थापा के छोटे भाई नवीन थापा भी उक्त बटालियन में राजौरी में तैनात हैं। दोपहर करीब ढाई बजे परिजनों को लांस नायक संदीप के शहीद होने की सूचना मिली। जिसके बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मां राधा देवी, पत्नी निशा और बहन अनिता का रो-रो कर बुरा हाल है।

मुख्यमंत्री और विस अध्यक्ष ने शहादत पर किया नमन
संदीप की शहादत की सूचना मिलने के बाद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट कर कहा श्कि सीमा पर पाकिस्तान की गोलीबारी में उत्तराखंड के सपूत संदीप थापा देश के लिए कुर्बान हुए हैं। मैं लांस नायक थापा की शहादत को कोटि कोटि नमन करता हूं। उनके परिजनों को सांत्वना प्रदान करने की प्रार्थना करते हुए, विश्वास दिलाता हूं हम सब हर समय शहीद के परिजनों के साथ खड़े रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने संदीप थापा की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शहीद के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। समूचा राष्ट्र संदीप थापा के प्रति कृतज्ञ रहेगा। शहीद के इस बलिदान को प्रदेश और देश के लोग हमेशा याद रखेंगे।

मधुबन आश्रम संचालक परमानंद पर लगे गंभीर आरोप, इन धाराओं में हुआ मुकदमा

मधुबन आश्रम संचालक परमानंद दास महाराज पर ट्रस्टियों ने संपत्ति का उपयोग निजी तौर पर करने, आश्रम की आय का गबन करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रस्टियों ने संचालक की नियुक्ति पर भी सवाल पैदा किए हैं। ट्रस्टियों ने थाना मुनिकीरेती में तहरीर भी दी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आश्रम संचालक परमानंद दास महाराज के खिलाफ अमानत कर खयानात, धोखाधड़ी तथा गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार को स्कॉन न्यू वृंदावन ईस्ट ट्रस्ट के सदस्य आरके माहेश्वरी, डॉ. रवि खतान्हार, हेमंत ठाकुर, रविंद्र मल्ल्या मधुबन आश्रम पहुंचे। यहां मधुबन आश्रम की सिक्योरिटी ने उन्हें आश्रम में प्रवेश नहीं करने दिया। ट्रस्टियों ने इसका कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आश्रम संचालक को उनसे बात करने को कह, लेकिन संचालक ने उनसे कोई बात नहीं की। इसके बाद वहां हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची, और किसी तरह हंगामे को शांत कराया। इसके बाद ट्रस्टियों ने थाना पहुंच तहरीर दी।

उन्होंने बताया कि ट्रस्ट का गठन 1986 में किया गया था। ट्रस्ट मुंबई में रजिस्टर्ड है। ट्रस्ट की ओर से मधुबन आश्रम पर भक्तियोग स्वामी को मंदिर की पूजा अर्चना के लिए नियुक्त किया गया था, जिनकी 12 अप्रैल वर्ष 2017 को हो गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अपने को आश्रम संचालक बताने वाला व्यक्ति धोखाधड़ी तथा कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत से संचालन कर रहा है, जबकि ट्रस्ट की ओर से इन्हें नियुक्त नहीं किया गया है। साथ ही ट्रस्ट के बैंक अकाउंट के बजाए निजी अकाउंट पर चढ़ावे की धनराशि डाली जा रही है। साथ ही आश्रम की संपत्ति को निजी तौर पर प्रयोग में लाया जा रहा है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

थानाध्यक्ष मुनिकीरेती राम किशोर सकलानी ने बताया कि ट्रस्ट के सदस्यों की ओर से दिए गए कागजात के आधार पर यह प्रतीत होता है कि उक्त लोग ही ट्रस्टी हैं तथा वर्तमान में आश्रम का संचालन कर रहे प्रेम प्रकाश राणा उर्फ परमानंद दास अवैध रूप से आश्रम पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ अमानत पर खयानात, धोखाधड़ी तथा गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मैनेजर से आश्रम संचालक बन बैठा परमानंद
बुधवार को आश्रम ट्रस्टियों ने बताया कि वर्तमान में स्वयं को आश्रम का संचालक बताने वाला प्रेम प्रकाश राणा उर्फ परमानंद दास पूर्व में मंदिर के रेस्टोरेंट का मैनेंजर के पद पर तैनात था। ट्रस्ट की ओर से नियुक्त भक्तियोग स्वामी की मृत्यु के पश्चात परमानंद दास ने स्वयं साधु बनकर अपने को स्वयंभू महाराज घोषित कर दिया है।

ट्रस्ट ने बैंक अकाउंट कराया फ्रीज
ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि परमानंद दास की ओर से आश्रम में ठहरने वाले श्रद्धालुओं से लिए जाने वाला शुल्क तथा मंदिर के दानपात्र पर आने वाला शुल्क अपने निजी अकाउंट में डाला जा रहा है। उन्होंने इस पर जब परमानंद दास से वार्ता करनी चाही तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। इस पर ट्रस्ट ने आश्रम के पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट को फ्रीज करा दिया है।

ऑन लाइन बुकिंग के जरिये दिया जा रहा कमरा
परमानंद दास पर ट्रस्ट के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त व्यक्ति ने आश्रम को निजी होटल बनाया हुआ है। यहां ऑनलाइन बुकिंग के जरिये टूरिस्टों को महंगे दाम पर कमरा दिया जा रहा है। इसका ट्रस्ट घोर विरोध करता है। साथ ही यहां अपने परिवार के सभी सदस्यों को बैठा रखा है।

परमानंद बोले, जो ट्रस्टी नहीं, वह कर रहे दावा
मधुबन आश्रम संचालक परमानंद दास महाराज ने कहा कि उक्त लोग जो ट्रस्टी होने का दावा कर रहे हैं, दरअसल वह ट्रस्ट के सदस्य ही नहीं हैं। आश्रम का ट्रस्ट वर्ष 1986 में आठ सदस्यीय बना था। इनमें से छह ट्रस्ट के सदस्य ठीक से काम नहीं कर रहे थे तथा मधुबन आश्रम को स्कॉन ट्रस्ट के साथ मिलाकर खुर्दबुर्द करना चाहते थे। ट्रस्ट के मुख्य आर्बिटर किरतनानंद भक्तिपाद ने वर्ष 1995 में इन्हें पत्र भेजकर निकाल दिया था। उक्त सारे पत्र हमारे पास सुरक्षित है। किरतनानंद भक्तिपाद की मृत्यु के बाद यह लोग भक्तियोग स्वामी के पास भी गए, लेकिन वह भी इनके झांसे में नहीं आए। इसके बाद यह लोग सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिले और झूठी कहानी सुनाई। बुधवार को अमित रावत नामक व्यक्ति आश्रम पहुंचा और सीएम के आदेश का हवाला देकर निकाले गए इन छह ट्रस्टियों को कब्जा दिलाने की बात कहने लगा। जब हमने इनका प्रस्ताव नहीं स्वीकार किया। तो पुलिस में जाकर झूठी तहरीर दी और झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। परमानंद दास ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि पुलिस ने बिना जांच पड़ताल किए उनके ऊपर गंभीर धाराएं लगा दी हैं।

ओटीपी के अंक जान खाते से निकाले 48 हजार पांच सौ

ऋषिकेश स्थित गुलजार फार्म अभिषेक विहार हाट वाली रोड श्यामपुर निवासी ममता मारवाड़ी पत्नी सुधीर मारवाड़ी का गूगल पे एप्लीकेशन पर अकाउंट बना हुआ है। बीते 20 जून को उनके अकाउंट में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ गई थी। उसी दिन महिला के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने स्वयं को गूगल पे कस्टमर केयर से होना बताया तथा गूगल पे पर आ रही दिक्कत के बारे में पूछा। साथ ही उनके बैंक की डिटेल मांगी। महिला ने भी अपने एटीएम का नंबर बता दिया।

इसके बाद उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आया। उक्त पासवर्ड को महिला ने उक्त अज्ञात व्यक्ति को दे दिया। इसके बाद फोन कट गया और महिला के फोन पर 48,500 रुपए कटने का संदेश आया। खाते से रुपये उड़ने पर महिला के होश उड़ गए। उन्होंने कोतवाली पुलिस से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि मामला साइबर क्राइम से जुड़ा है। मामले की जानकारी जुटाकर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में जांच की जा रही है।