परीक्षा समाप्ति से 20 मिनट पूर्व दो अतिरिक्त प्रश्न देने पर छात्रों में दिखा रोष

राजकीय ऑटोनामस महाविद्यालय में बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर की भौतिक विज्ञान परीक्षा में कम प्रश्न पूछने तथा परीक्षा समाप्ति के 20 मिनट पूर्व दो प्रश्न देने पर छात्रों ने प्राचार्य के समक्ष हंगामा काटा। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में प्रत्येक छात्र के बेस्ट तीन प्रश्नों पर बाकी अंक दिए जाने पर सहमति बनी।

शुक्रवार को छात्रों ने प्राचार्य का घेराव करते हुए कहा कि बीते सात मई को सुबह की पाली में बीएससी भौतिक विज्ञान की परीक्षा हुई। इसमें प्रत्येक वर्ष 15 प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि इस बार सिर्फ 13 प्रश्न की पूछे गए। जब कुछ छात्रों ने परीक्षा के दिन यह बात अध्यापकों के समक्ष रखी तो उन्होंने कुछ कहने से मना कर दिया। इस कारण अधिकतर छात्र और छात्राएं परीक्षा देकर दो घंटे में चले गए। छात्रों ने प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी पर आरोप लगाया कि प्राचार्य ने परीक्षा समाप्ति से मात्र 20 मिनट पूर्व दो प्रश्न 20 अंक के छात्रों के समक्ष रख दिए। इससे पूर्व परीक्षा देकर चले गए छात्रों के साथ अन्याय किया गया।

इस दौरान प्राचार्य ने छात्रों को दोबारा से परीक्षा कराने की बात कही। तो छात्रों का पारा चढ़ गया और वह दोबारा परीक्षा नहीं होने की बात पर अड़े रहे। करीब डेढ़ घंटे के हंगामे के बाद दोनों पक्षों में इस बात पर सहमति बनी कि प्रत्येक छात्र के बेस्ट तीन प्रश्नों पर ही 20 अंक समायोजित किए जाएंगे।

वहीं, प्राचार्य डा. एनपी माहेश्वरी ने कहा कि परीक्षा के दौरान छोटी-मोटी गलती देखने को मिल जाती है, मगर इसका यह मतलब नहीं है कि इसे बड़ा मुद्दा बनाया जाए। अगर यह छात्र पूर्व की तरह एचएनबी विश्व विद्यालय से परीक्षा दे रहे होते तो क्या वहां हंगामा करने जाते?

ऑपरेशन के दौरान महिला ने तोड़ा दम, परिजनों ने काटा हंगामा

ऋषिकेश में अपेडिक्स के इलाज के दौरान महिला की मौत होने पर परिजनों ने निजी क्लीनिक के दो चिकित्सक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों ने चिकित्सकों पर मरीज की फाइल भी गायब करने का आरोप लगाया है।

तपोवन लक्ष्मणझूला सराय निवासी कृष्णा ने बताया कि उनकी 45 वर्षीय माता सुमित्रा देवी अपेंडिक्स से पीड़ित थी। इनका इलाज कराने का निर्मल अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर मोहम्मद शोएब के पास गए। उन्होंने डॉक्टर को आर्थिक स्थिति ठीक न होने का हवाला दिया। डॉक्टर ने उन्हें कहा कि मेरा एक देहरादून रोड स्थित निजी चिकित्सालय भी है वहां पर रुपए कम लगेंगे। इसके बाद बीती मंगलवार कि शाम को देहरादून रोड स्थित कंडारी क्लीनिक एवं चिकित्सालय में उनकी माता को भर्ती किया गया।

बुधवार की सुबह उनकी माता के ईसीजी और ब्लड टेस्ट किए गए, जिसमें सभी रिपोर्ट सामान्य आई। इसके बाद करीब ढाई बजे उन्हें ऑपरेशन के लिए ले जाया गया। और बताया कि डॉक्टर को एस कंडारी ने उन्हें साढ़े चार बजे कहा कि आप की माता की तबीयत ज्यादा खराब हो रही है इसलिए उन्हें हायर सेंटर जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। कृष्णा ने बताया कि उन्होंने एंबुलेंस के जरिए जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल पर अपनी माता को पहुंचाया। अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें यह कहकर भर्ती करने से मना कर दिया कि उनकी माता की मौत बहुत पहले ही हो चुकी है। इसके बाद परिजन देहरादून रोड स्थित क्लीनिक आए और डॉक्टर पर लापरवाही करने का आरोप लगाने लगे। परिजनों का आरोप है कि वह अपनी माता की भर्ती की हुई फाइल डॉक्टर से मांग रहे हैं मगर डॉक्टर उन्हें उपलब्ध नहीं करा रहा है। सूचना पाकर मौके पर पुलिस भी पहुंची। मगर इस पर भी परिजन शांत न हुए।

वहीं डॉ ओएस कंडारी का कहना है कि फाइल उन्होंने देखी जरूर है मगर निर्मल अस्पताल के डॉक्टर मोहम्मद शोएब के पास फाइल है। इस पर पुलिस ने मौके से ही डॉक्टर शोएब से बात की उन्होंने बताया की फाइल उनके पास नहीं है फाइल क्लीनिक पर ही रखी हुई है। इसके बाद हंगामा और भी बढ़ गया। देर रात परिजनों ने आरोपी डॉक्टर मोहम्मद शोएब और डॉक्टर ओएस कंडारी के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी।

फुटेज में फाइल हटाते दिख रहा डॉक्टर
कंडारी क्लीनिक एवं चिकित्सालय ने परिजनों ने जब ज्यादा हंगामा किया तो पुलिस की मौजूदगी में सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। इस दौरान निर्मल अस्पताल का डॉक्टर मोहम्मद शोएब फाइल को छुपाता हुआ दिखाई दिया। परिजनों ने फुटेज को मोबाइल से कैमरे पर कैद भी कर लिया। हालांकि यह कहना मुश्किल है, कि फाइल कौन सी हैं।

अक्षय तृतीया पर भगवान भरत की परिक्रमा कर मांगा आशीर्वाद

अक्षय तृतीया के मौके पर मंगलवार को तीर्थ नगरी के पौराणिक श्री भरत मंदिर में ऋषिकेश नारायण भरत भगवान के दर्शनों को श्रद्धालुओं की भीड़ छाई रही।

श्रद्धालुओं ने श्रीभरत भगवान के मंदिर में दर्शन और 108 परिक्रमा की। श्रद्धालु भगवान भरत के जयकारे भी लगाते दिखाई दिए। उन्होंने परिक्रमा के बाद भगवान भरत के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही मनोकामना भी मांगी। कई श्रद्धालुओं ने मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में माथा टेककर परिक्रमा की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए मीठा शर्बत की भी व्यवस्था स्थानीय लोगों की ओर से हुई थी। दूसरी ओर अक्षय तृतीया के अवसर पर नगर के ज्वैलर्स की दुकानों में भीड़ छाई रही। लोग सोने व चांदी के बर्तन, सिक्के आदि सामानों की खरीदारी करते दिखाई दिए

ऐसी मान्यता है कि पौराणिक भगवान भरत जी के मंदिर की 108 परिक्रमा करने से भगवान बदरीनाथ के दर्शनों का जितना पुण्य प्राप्त होता है। खास बात यह है कि भरत भगवान की मूर्ति भी उसी शालीग्राम पत्थर से बनी है, जिससे बद्रीनाथ भगवान की मूर्ति बनाई गई है। इसके अलावा अक्षय तृतीया के दिन ही भरत भगवान के चरणों के दर्शन करने का सौभाग्य श्रद्धालुओं को प्राप्त होता है। अक्षय तृतीया के दिन से ही चार धाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाता है। आज के दिन ही यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट भी खोले जाते हैं। इस मौके पर सोना खरीदना भी लाभकारी बताया गया है।

एनओसी न लेने पर इन होटलों को अग्निशमन ने दिए नोटिस

कई वर्षों से अग्निशमन विभाग की एनओसी के बिना संचालित हो रहे तीर्थनगरी के होटल, रेस्टोरेंट को विभाग ने नोटिस दिया है।

अग्निशमन अधिकारी अर्जुन सिंह ने बताया कि फायर स्टेशन ऋषिकेेश के क्षेत्रांतर्गत देहरादून रोड स्थित टिपटॉप रेस्टोरेंट, होटल चंद्रभागा, मोती महल, स्पर्श गंगा, ऋषभ लॉज, हिमालय, बीटीसी रोड स्थित होटल दिग्विजय, अमन पैलेस, हरिद्वार रोड स्थित गंगा पेइंग गेस्ट हाउस, होटल आकाश गंगा, मेनका, छिद्दरवाला स्थित होटल सम्राट, रायवाला में जायका रेस्टोरेंट, चौहान फैमिली रेस्टोरेंट, होटल च्वाइस, मगन होटल, महर, धरौंदा, संघाई वेडिंग प्वाइंट, भगवान आश्रम में मानकों के अनुरूप अग्नि सुरक्षा इंतजाम नहीं है।

अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि उपरोक्त संस्थानों ने विभाग से एनओसी नहीं ली है। ऐसे में चारधाम यात्रा के चलते यहां यात्रियों के आवागमन के दृष्टिगत अग्नि सुरक्षा अति संवेदनशील है। इन सभी को विभाग ने नोटिस थमाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही उक्त सभी प्रतिष्ठानों ने अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नगर भर में संचालित हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना अग्निशमन विभाग की एनओसी के ही संचालित हो रहे। नियमानुसार निर्माण के दौरान ही एनओसी लेना अनिवार्य होता है। अग्निशमन अधिकारी अर्जुन सिंह का कहना है कि जिन्हें नोटिस जारी किया है उनमें कई ऐसे प्रतिष्ठान हैं जो दो साल से संचालित हो रहे हैं, इसके बावजूद उन्होंने एनओसी नहीं ली। उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद एक बार पूर्व में भी नोटिस जारी किया जा चुका है। इसी क्रम में दोबारा भी नोटिस जारी किया जा रहा है। यदि इसके बावजूद एनओजी नहीं ली जाती है तो इसकी रिपोर्ट एसडीएम और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को भेजी जाएगी

रिटायर्ड कर्मी ने सात हजार रूपए ठग को थमाया, जाने क्या है मामला

ऋषिकेश के शिवाजीनगर निवासी एक रिटायर्ड कर्मचारी से एक ठग ने स्वयं को जलागम का अफसर बताकर सात हजार रूपए ठग लिए। पुलिस में तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

आईडीपीएल पुलिस चौकी में नरेंद्र बिष्ट ने तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनके घर एक जलागम का अधिकारी बनकर ठग पहुंचा। ठग ने उन्हें सात हजार की एवज में उपयोगी मशीन और स्कूटी दिलाने की स्कीम बताई। लाचच में आकर उन्होंने ठग को सात हजार रुपये दे दिए। ठग ने अपने दफ्तर का पता ढालवाला बताया।

रुपये लेने के बाद ठग ने विश्वास जीतने के लिए नरेंद्र बिष्ट के साथ फोटो भी खिंचवाई और चंपत हो गया। नरेंद्र बिष्ट ने बताया कि वह राजकीय महाविद्यालय से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। जब उन्होंने स्कीम की पूरी जानकारी के लिए ठग की ओर से दिए गए नंबरों पर संपर्क किया तो उक्त नंबर किसी महिला का निकला। इसके बाद नरेंद्र सिंह बिष्ट को खुद के साथ ठगी का अहसास हुआ।

उन्होंने आईडीपीएल पुलिस से उक्त ठग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। आईडीपीएल चौकी इंचार्ज राकेश भट्ट ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर अपनी जांच शुरू कर दी है। जल्दी ही फर्जी अधिकारी बने ठग को ढूंढ लिया जाएगा।

कबाड़ कारोबारी की हत्या के आरोपी को मिली उम्र कैद की सजा

दो वर्ष पूर्व 19 मई 2017 को कारोबारी हेतराम की हत्या पर न्यायालय ने अपना फैसला सुनाई हैं। न्यायालय ने हत्यारोपी अजीत जुयाल को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड न अदा करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

गौरतलब है कि 19 मई 2017 को कृष्णा नगर कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय कबाड़ कारोबारी हेतराम का शव हाइडिल कॉलोनी के समीप झाड़ियों से बरामद हुआ था। मृतक के शरीर पर पुलिस को चाकू के निशान मिले थे।

इस मामले में मृतक की पत्नी सुदेश देवी ने 21 मई को तहरीर देकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद अजीत जुयाल उर्फ टोपी पुत्र स्व. रामचंद्र जुयाल निवासी ग्राम सिंधीसौड, गैंडखाल, तहसील यमकेश्वर, पौड़ी हाल निवासी किरायेदार बहादुर सिंह गुसांई शांतिनगर, ढालवाला, मुनिकीरेती टिहरी गढ़वाल को गिरफ्तार कर विवेचना शुरू की थी।

लेनदेन के विवाद में की थी हत्या
जांच में पुलिस ने पाया कि कारोबारी हेतराम और आरोपी अजीत जुयाल का आपस में किसी काम को लेकर लेनदेन था। हेतराम आरोपी अजीत को लेनदेन के लिए काफी दबाव बना रहा था। लेनदेन न चुका पाने के कारण अजीत जुयाल ने हेतराम की हत्या कर दी। घटना पर पर्दा डालने के लिए आरोपी ने खुद मृतक के परिजनों को फोन पर दुर्घटना की सूचना दी गई। दो वर्ष से मामला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मनीष मिश्रा की अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को न्यायाधीश मनीष मिश्रा की अदालत ने आरोपी अजीत जुयाल उर्फ टोपी को हत्यारोपी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

तीर्थनगरी की गौरांगी ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा में देश में दूसरा व उत्तराखंड में किया टॉप

तीर्थ नगरी की गौरांगी चावला ने ऑल इंडिया सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 498 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है जबकि प्रदेश में टॉप किया है।

चंद्रेश्वर नगर निवासी श्वेता चावला और अनिल चावला की छोटी पुत्री गौरांगी चावला ने अंग्रेजी में 99, पॉलीटिकल साइंस में 99 और इतिहास, फिजिकल एजुकेशन तथा जियोग्राफी विषय में 100 अंक प्राप्त किए हैं। उत्तराखंड टॉपर गौरांगी के पिता अनिल चावला व्यवसाय तथा माता श्वेता चावला घरेलू महिला है। परिवार में दादी दर्शना देवी, बड़ी दीदी अर्पणा चावला भी है।

गौरांगी चावला ने बताया कि प्रतिदिन वह 05 घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के दौरान उन्होंने पढ़ाई का समय बढ़ाकर 09 घंटे कर दिया। गौरांगी ने दसवीं की परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।

पढ़ाई को बोझ न समझे बल्कि रुचि लेः गौरांगी
बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए गौरांगी ने कहा कि हमेशा चिंता मुक्त रहें, पढ़ाई को कभी भी बोझ ना समझे। बल्कि इसमें रुचि लें। जब भी मन करे पढ़ाई को समय अवश्य दें।

आईएएस ऑफिसर बनकर देश सेवा करना चाहती है गौरांगी
सीबीएसई 12वीं की उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला का सपना है कि वह आगे चलकर देश सेवा करें इसके लिए वह आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय या पंजाब विश्वविद्यालय में दाखिला लेंगी।

खाली समय में पालतू जानवर के साथ रहती है गौरांगी
पढ़ाई के अलावा जब भी गौरांगी खाली रहती है वह सोशल नेटवर्किंग साइट पर एक्टिव रहती हैं। साथी अपने पालतू जानवर कुत्ते के साथ समय बिताती हैं।

दिवंगत दादा को मानती हैं अपना प्रेरणास्रोत
उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला अपना प्रेरणास्रोत दिवंगत दादा स्व. केएल चावला को मानती है उनके दादा स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड थे जिनका पिछले वर्ष देहांत हो गया।

अपना बेस्ट दिया था सोचा नहीं था मेरिट पर आऊंगी
गौरांगी चावला का कहना है कि परीक्षा से पहले उन्होंने अपने सभी विषयों की करीब 5 बार अच्छे से तैयारी की थी। परीक्षा मैं भी उन्होंने अपना 100ः दिया था मगर यह उम्मीद नहीं थी कि मेरिट पर आएंगी।

सफलता का श्रेय माता को देती हैं गौरांगी
अपनी सफलता का श्रेय गौरांगी सभी को देना चाहती हैं मगर विशेषकर वह अपनी माता का शुक्रिया अदा करती हैं। उन्होंने बताया की माता ने उनकी पढ़ाई में साथ देने के लिए बहुत समझौते किए हैं। खान-पान से लेकर देखभाल तक किसी भी चीज में कोई कमी नहीं की है।

राफ्टिंग का काम कर घर लौट रहे युवक की डंपर से कुचलकर मौत

ऋषिकेश स्थित हीरालाल मार्ग पर नो एंट्री जोन में गुजर रहे एक डंपर ने बाइक सवार युवक को अपनी चपेट में ले लिया। इससे युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस ने युवक के परिजनों को सूचित कर शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स ऋषिकेश भेज दिया है।

बुधवार दोपहर साढ़े 12 बजे हीरालाल मार्ग पर राफ्टिंग का काम करके गली नंबर 04 सुमन विहार बापू ग्राम निवासी दिनेश सिंह बिष्ट पुत्र रंजीत सिंह बिष्ट बाइक से अपने घर लौट रहा था। इस दौरान एक बेकाबू डंपर ने दिनेश सिंह को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा देख स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़े और डंपर चालक को पकड़ लिया। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस के सामने लोगों ने नो एंट्री में डंपर घुसने पर भी विरोध जताया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेज दिया।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि डंपर और चालक हुकुम चंद्र पुत्र दुमनो राम निवासी धगरास थाना सुंदरनगर जिला मंडी हिमाचल प्रदेश को हिरासत में ले लिया गया है। हुकुम चंद्र देहरादून रोड ऋषिकेश स्थित गैरोला कॉम्पलेक्स के एसएन डोभाल के यहां काम करता है।

पॉलिथीन जब्तीकरण के दौरान प्रशासन के साथ हुई नोंकझोंक, आठ कुंतल जब्त

इन दिनों ऋषिकेश में नगर निगम की ओर से पॉलिथीन हटाओं अभियान चल रहा है। बुधवार को भी टीम पॉलिथीन के खिलाफ छापेमारी अभियान चला रही थी। टीम बीटीसी रोड पर दिल्ली ट्रेडर्स नामक दुकान पर पहुंची। टीम ने यहां से प्रथम चरण में 03 कुंतल पॉलिथीन जब्त कर ली। इसके बाद व्यापारियों ने टीम को घेर लिया और आगे कार्रवाई न करने को कहा। इसके बाद व्यापारी मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल से भी उलझते रहे। पुलिस बल की मौजूदगी में करीब आठ कुंतल पॉलिथीन जब्त हुई।

दुकान संचालक दीपक गुप्ता व आसपास के व्यापारी ललित मोहन मिश्र, मनोज कालड़ा आदि निगम की कार्रवाई का विरोध करने लगे। सूचना पाकर मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान और उप जिलाधिकारी प्रेमलाल भी मौके पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने दुकान में प्रवेश कर निरीक्षण की कोशिश की तो व्यापारियों ने उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया।

इस दौरान व्यापारियों और मुख्य नगर आयुक्त (एमएनए) के बीच काफी देर तक नोकझोंक की स्थिति बनी रही। एमएनए दुकान और गोदाम का निरीक्षण कर पॉलिथीन जब्त करने का तर्क दे रहे थे, तो दूसरी ओर व्यापारी 03 कुंतल पॉलिथीन जब्त कर कार्रवाई को रफादफा करने की जिद पर अड़े रहे। आखिरकार व्यापारियों का अड़ियल रुख नाकाम रहा और दो चक्रों में हुई कार्रवाई के दौरान कुल आठ कुंतल पॉलिथीन जब्त की गई।

जमीन के नाम पर की 22 लाख की ठगी

ऋषिकेश के तपोवन में जमीन दिलाने के नाम पर 22 लाख रूपए की ठगी का मामला सामने आया है। यहां जमीन के नाम पर देहरादून निवासी एक युवक पर दिल्ली के व्यापारी से 22 लाख रुपए ठगने का आरोप लगा है। जमीन पर कब्जा नहीं मिलने के बाद व्यापारी को अपने साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसकी शिकायत टिहरी जिले के कप्तान डॉ. वाईएस रावत को पत्र भेजकर की गई है। व्यापारी ने रकम वापस दिलाने के साथ जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं, कप्तान डॉ. वाईएस रावत ने मामले की जांच मुनिकीरेती थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी को सौंप दी है।

टिहरी कप्तान को भेजे पत्र में दिल्ली निवासी व्यापारी राजकुमार आनंद ने बताया कि कुछ समय पूर्व उनकी पहचान देहरादून निवासी एक युवक से हुई थी। उक्त युवक ने उन्हें तपोवन में व्यापार के लिए एक जमीन सस्ते में दिलाने का ऑफर दिया। उन्होंने बताया कि जमीन देखने के बाद उन्होंने बयाने के तौर पर किश्तों में 22 लाख रुपये भी युवक को दे दिए। कब्जा दिलाने और रजिस्ट्री कराने के समय युवक आनाकानी करने लगा। लंबे समय तक कब्जा नहीं मिलने पर उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास हुआ।

उन्होंने दी गई रकम वापस मांगी तो वह उन्हें जान से मारने की धमकी मिलने लगी। इस संबंध में राजकुमार आनंद ने टिहरी कप्तान डॉ. वाईएस रावत से आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मुनिकीरेती थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी ने बताया कि मामले की जांच टिहरी कप्तान की ओर से उन्हें मिल गई है। इसमें जांच शुरू कर दी गई है।