पेट्रोल की बोतल लेकर बुजुर्ग चढ़ा एम्स की छत, दी आत्मदाह की धमकी

पिछले 51 दिनों से एम्स से निष्कासित कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। धरना का समर्थन कर रहे एक 56 वर्षीय बुजुर्ग एम्स की पांचवीं मंजिल की छत पर चढ़ गए और मांग पूरी न होने पर आत्महत्या की धमकी देने लगे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें सात घंटे बाद नीचे उतारा। जहां 35 निष्कासित कर्मियों को पुनः आउटसोर्स में नियुक्ति देने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। वहीं पुलिस ने बुजुर्ग को शांतिभंग के आरोप में चालान काट कर एसडीएम के समक्ष पेश किया।

सोमवार को उस समय स्थानीय प्रशासन, एम्स प्रशासन और लोगों में हड़कंप मच गया। जब 56 वर्षीय दाताराम ममगाईं हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर एम्स की छत पर चढ़ गए। सुबह साढ़े छह बजे चढ़े बुजुर्ग दाताराम ने अपने पास किसी को फटकने तक नहींे दिया। इस बीच अनशनकारी कर्मचारी नीचे धरने पर बैठ गए। राज्यमंत्री भगतराम कोठारी के नेतृत्व में एम्स के उप निदेशक अंशुमन गुप्ता के साथ वार्ता हुई। मगर, वार्ता सफल नहीं हो सकी। इसके बाद मेयर अनिता ममगाई के नेतृत्व में पुनः बात करने की कोशिश की गई। मगर, वह भी बेनतीजा रही।

इसके बाद करीब डेढ़ बजे कोतवाल रितेश शाह पांचवी मंजिल की छत पर पहुंच गए और बड़ी ही चालाकी व सूझबूझ से काम लेते हुए बुजुर्ग दाताराम को पकड़ लिया। उन्होंने दाताराम के हाथ से पेट्रोल की बोतल छुड़ाई और नीचे ले आए। इसके बाद तीसरे वार्ता सुलेमान अहमद पद स्थापना एम्स के साथ की गई। इस बैठक में तहसीलदार रेखा आर्य भी मौजूद रही।

यहां निष्कासित 35 कर्मचारियों को पुनः आउटसोर्स से काम पर वापस रखने पर सहमति बन सकी। इसके बाद पुलिस दाताराम को करीब सवा दौ बजे कोतवाली ले गए। यहां दाताराम का शांतिभंग के आरोप में चालान कर एसडीएम प्रेमलाल के समक्ष पेश किया गया।

अनुशासनहीनता के आरोप में चैंपियन और कर्णवाल को पार्टी कमान का नोटिस

खानपुर हरिद्वार से विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और झबरेड़ा हरिद्वार से विधायक देशराज कर्णवाल के बीच जुबानी जंग जगजाहिर है। मगर, इस बार पार्टी ने दोनों को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस भेज दिए है। पार्टी ने दोनों विधायकों के बयानों का संज्ञान लेते हुए सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।

सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पार्टी के प्रांतीय महामंत्रियों नरेश बंसल व खजानदास से विचार विमर्श किया। इसमें विधायकों को भेजे जाने वाले नोटिस का मजमून तैयार किया गया और फिर दोपहर बाद इन्हें भेज दिया गया।

भाजपा के प्रदेश मीडिया र्प्रमुख डॉ.देवेंद्र भसीन ने दोनों विधायक को नोटिस भेजे जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दोनों विधायकों के मध्य जिस प्रकार से खुला विवाद चल रहा है और मीडिया में जो कुछ आ रहा है, उसे प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने गंभीरता से लिया है। अजय भट्ट ने साफ किया कि पार्टी अनुशासन के बूते ही आज विश्व में नंबर एक पार्टी बनी है। किसी को भी अनुशासन तोड़ने की इजाजत नहीं है।
चैंपियन को तीसरी बार नोटिस
भाजपा विधायक चैंपियन पूर्व में भी अपने विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में रहे हैं। भाजपा नेतृत्व ने पूर्व में उन्हें दो बार नोटिस भेजे थे, लेकिन तब उनके द्वारा खेद प्रकट कर दिए जाने के बाद मसला शांत हो गया था। अब उन्हें तीसरी बार नोटिस भेजा गया है।

खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का कहना है कि अभी नोटिस नहीं मिला है, लेकिन सुनने में जरूर आया है कि पार्टी ने नोटिस भेजा है। मुक्त अंदाज में मैं नोटिस का स्वागत करता हूं। मैं पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता हूं। मेरे लिए पार्टी माता की तरह है और मैं पुत्र की तरह सही तरह से जवाब दूंगा।

वहीं, झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल ने कहा कि जानकारी मिली है कि नोटिस जारी हुआ है, मगर अभी प्राप्त नहीं हुआ है। इसके मिलते ही जवाब दिया जाएगा। हालांकि, इस बीच मैंने सोमवार को देहरादून में प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर उनके समक्ष अपना पक्ष भी रखा।

प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट बोले, चैंपियन और देशराज को देंगे नोटिस

भाजपा विधायकों कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और देशराज कर्णवाल के बीच छिड़ी जुबानी जंग अब भाजपा सख्त रुख अपनाने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने रविवार को देहरादून पहुंचने पर मामले का संज्ञान लिया।

अजय भट्ट ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। दोनों विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से भी इस बारे में राय मशविरा किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार रविवार को पार्टी के तीनों प्रांतीय महामंत्रियों के बाहर होने के कारण ये नोटिस सोमवार को भेजे जाएंगे। विधायक चौंपियन को भेजे जाने वाले नोटिस में उनके द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर रविवार को की गई टिप्पणी के अलावा कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से हुई बातचीत का ऑडियो जारी करने के मामले को भी शामिल किया जाएगा।

अजय भट्ट ने कहा कि पार्टी में अनुशासन पहली सीढ़ी है। यदि अनुशासनहीनता ज्यादा हुई तो पार्टी ये परवाह नहीं करेगी कि कौन विधायक है और कौन नहीं। उन्होंने कहा कि यदि दोनों विधायकों से नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो पार्टी संविधान के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आखिर ऐसा कौन सा बयान देकर घिर गए चैंपियन, पढ़ें

अक्सर सुर्खियों में रहने वाले खानपुर के भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन ने एक साथ दो नए विवादित बयान देकर अपनी ही पार्टी तथा अन्य दलों के बीच घिर गए हैं।

एक विवादित बयान में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता का दर्जा महात्मा गांधी को नहीं बल्कि बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर को दिया जाना चाहिए था। नेहरू को प्रधानमंत्री बनाना महात्मा गांधी की सबसे बड़ी भूल थी। इतना ही नहीं, उन्होंने करेंसी से महात्मा गांधी की फोटो हटाकर डॉ. आंबेडकर की फोटो लगाए जाने की भी मांग की। उधर, रविवार को ही चौंपियन का एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वह अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की कार्यशैली पर तंज कसते हुए उन्हें कठघरे में खड़ा करते नजर आ रहे हैं।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता नहीं मानते। देश का संविधान बनाने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर राष्ट्रपिता के असली हकदार हैं। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने जवाहर लाल नेहरू को देश का प्रधानमंत्री बनाया, उनकी वजह से चीन से युद्ध हारे। कश्मीर की समस्या और धारा 307 नेहरू की ही देन है, जो आज गले की फांस बन गई है। अगर महात्मा गांधी नेहरू को न चाहते तो सरदार पटेल देश के प्रधानमंत्री होते। इससे बड़ी बड़ी बात यह है कि अगर जिन्ना को प्रधानमंत्री बनाया जाता तो पाकिस्तान ही नहीं बनता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डॉ. आंबेडकर को बहुत सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि करेंसी से महात्मा गांधी की फोटो हटाने की मांग को विधानसभा और प्रदेश सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। चैंपियन का दूसरा ताजा विवाद एक वीडियो से जुड़ा है।

रविवार को कुंवर प्रणव सिंह चौंपियन का एक वीडियो वायरल हुआ। इनमें उन्हें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बात करते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो में चैंपियन यह कहते हुए दिख रहे हैं कि प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज को कुछ जानकारी नहीं रहती है। इस दौरान उन्होंने मीडिया को एक ऑडियो टेप भी सुनाया, जिसमें वह सतपाल महाराज से बजट के संबंध में बात कर रहे हैं।
इस ऑडियो में सतपाल महाराज उन्हें उनके क्षेत्र की नदियों में तटबंध बनाने के लिए स्वीकृति मिलने के संबंध में जानकारी दे रहे हैं। इसी ऑडियो में चैंपियन के फाइल के संबंध में पूछने पर महाराज कुछ समय लेते हैं। इस पर वीडियो में चैंपियन मीडिया कर्मियों से चुटकी लेते हुए कहते हैं कि पता ही नहीं कि किस के बारे में बात हो रही है, यह है मंत्रियों का हाल। ऑडियो में आगे महाराज उनके क्षेत्र के कार्यों की स्वीकृति कराने की बात कहते हैं और चैंपियन उन्हें धन्यवाद देते हैं।

क्रिकेट प्रेमियों के लिए आईपीएल कमेटी दून में लगाने जा रही फैन पार्क

देश भर में फैन पार्क लगने के बाद अब देहरादून भी इस श्रेणी में जुड़ने जा रहा हैं। दूनवासी भी फैन पार्क का मजा ले सकेंगे।

आइपीएल कमेटी दून में आइपीएल फैन पार्क लगाने जा रही है। कार्यक्रम के अनुसार 20 व 21 अप्रैल को देहरादून में फैन पार्क लगना प्रस्तावित है। आइपीएल कमेटी ने अपने ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट पर यह जानकारी शेयर की है। इसके मुताबिक 20 व 21 अप्रैल शनिवार व रविवार को देहरादून में फैन पार्क लगाया जाएगा। फैन पार्क में दूनवासी 20 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स बनाम मुंबई इंडियंस व दिल्ली कैपिटल्स बनाम किंग्स इलेवन पंजाब और 21 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चेलेंजर्स बैंगलोर बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के मुकाबले फैन पार्क की स्क्रीन पर लाइव देख सकेंगे।

फिलहाल इसके लिए लोकेशन तय नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार आइपीएल कमेटी देहरादून के रेंजर्स मैदान व सर्वे ऑडिटोरियम में फैन पार्क लगा सकती है।

सुविधाओं के इंतजाम नहीं, यात्रा शुरू होने में 21 दिन शेष

गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने में मात्र 21 दिन शेष है। मगर, सुविधाओं का चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में अभाव बना हुआ है। श्रद्धालुओं के लिए न पानी की समुचित व्यवस्था, न बैठने के लिए उचित स्थान और गंदगी का अंबार जैसे विषयों पर आखिर प्रशासन कब ध्यान देगा। अगर ऐसा ही रहा तो बाहरी राज्यों से यहां लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का जत्था आखिर राज्य की क्या छवि लेकर वापस लौटेगा।

यात्रा शुरू होने में एक माह से कम का समय रह गया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने अतिक्रमण को लेकर बाजार में कुछ दिन औपचारिक अभियान चलाकर खानापूर्ति की थी। अतिक्रमण की यही स्थिति बीटीसी परिसर में भी बनी हुई है। यहां यात्रा के मद्देनजर पसरे अतिक्रमण को हटाने का दावा हर वर्ष किया जाता है। मौजूदा स्थिति यह है कि यहां अतिक्रमण जोरों पर है।

मालवाहक वाहनों का चारधाम यात्रा बस ट्रांजिस्ट कंपाउंड से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण पुलिस माल वाहक वाहनों का संचालन बीटीसी के प्रवेश व निकासी मार्गों पर कर रही है। इतना ही नहीं बीटीसी बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर दिन भर माल वाहनों में लोडिंग व अनलोडिंग का सिलसिला जारी है। इससे बद्रीनाथ-केदारनाथ के यात्री वाहनों के साथ ही यहां से विभिन्न मार्गों के लिए संचालित होने वाले निगम की बसों का आवागमन भी बाधित होता है।

भाजपा के संकल्प पत्र में किसके लिए क्या-क्या वायदे किए गए हैं, जानिए

भाजपा ने जारी किया अपना ‘संकल्प पत्र’, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस और 35ए हटाने का वादा

भाजपा ने लोकसभा चुनाव-2019 के लिए सोमवार को अपना ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया, जिसमें 75 संकल्प हैं। पार्टी ने अपने संकल्प पत्र को ‘संकल्पित भारत, सशक्त भारत’ का टाइटल दिया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

राजनाथ सिंह ने संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव के लिए यह संकल्प पत्र बनाने के लिए हमारे अध्यक्ष जी ने मेरी अध्यक्षता में एक समिति बनाई और मेरे साथ 12 लोगों को भी उसमें नामित किया था। संकल्प पत्र को मल्टी डायमेंशनल बनाने के लिए 12 श्रेणियों में उसे विभाजित किया गया है। इस संकल्प पत्र के माध्यम से हम नए भारत के निर्माण में 130 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को विज़न डॉक्यूमेंट के रूप में पेश कर रहे हैं।

इस संकल्प के निर्माण में जनभागीदारी को सुनिश्चित करने की भरपूर कोशिश की है। भारत के मन की बात को जानने के लिए हमने एक लंबा कार्यक्रम चलाया। 300 रथ, 7,700 सुझाव पेटियां, 110 से अधिक संवाद कार्यक्रम, 4,000 से अधिक भारत के मन की बात के कार्यक्रम किए गए। सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों के मन की बात समझने की कोशिश की। विशेषज्ञों के साथ भी टीम के सदस्य बैठे। पिछले पांच वर्षों की उपलब्धियों को आधार मानकर हमने यह संकल्प पत्र पेश किया है।

संकल्प पत्र की मुख्य बातें :

सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल को संसद के दोनों सदनों से पास कराएंगे और लागू करेंगे। किसी राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचना पर आंच नहीं आने देंगे।
यूनिफॉर्म सिविल कोर्ड को लागू करेंगे।
राम मंदिर पर सभी संभावनाओं की तलाश करेंगे। प्रयत्न होगा कि जल्द से जल्द सौहर्दपूर्ण वातावरण में निर्माण हो जाए।
1 लाख तक क्रेडिट कार्ड पर जो लोन मिलता है, उस पर 5 साल तक ब्याज जीरो फीसदी होगा।
किसानों पर 25 लाख करोड़ रुपये अगले पांच साल के दौरान खर्च किया जाएगा।
सभी किसानों को 6 हजार रुपये का लाभ मिलेगा।
सभी छोटे और सीमांत किसानों को 60 साल के बाद पेंशन की सुविधा देंगे।
राष्ट्रीय व्यापार आयोग बनाएंगे। यह काफी इफेक्टिव आयोग होगा।
देश के छोटे दुकानदारों को 60 साल के बाद पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
क्षेत्रीय असंतुलन को खत्म करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे।
पूरे देश में एकसाथ लोकसभा और राज्यों के चुनाव हो, इसके लिए आम सहमति बनाने की कोशिश करेंगे।
आजादी के 75 साल पूरे होने तक 75 कदम तय किए हैं। पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत सभी सिंचाई योजनाएं पूरी करने की कोशिश करेंगे।
1-5 वर्ष तक के लिए शून्य ब्याज दर पर एक लाख रुपये का ऋण देंगे।
उत्कृष्ट प्रबंधन संस्थाओं में सीटों की संख्या बढ़ाएंगे।
एक्सिलेंट इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाएंगे। लॉ संस्थानों में भी सीटों की संख्या बढ़ाएंगे।
प्रत्येक परिवार के लिए पक्का मकान। अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को एलपीजी गैस सिलिंडर।
सभी घरों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण।
शहरों और गांव में ओडीएफ प्लस और ओडीएफ टू प्लस कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे।
2022 तक सभी रेल पटरियों को ब्रॉड गेज में परिवर्तित करेंगे।
आयुष्मान भारत के 1.5 लाख हेल्थ और वेयरनेस सेंटर खोले जाएंगे।
ट्रेंड डॉक्टर और जनसंख्या के बीच का अनुपात कम करने की कोशिश करेंगे।
जम्मू-कश्मीर से धारा 35-ए हटाने की कोशिश करेंगे।
तीन तलाक के विरुद्ध मुस्लिम महिलाओं को हम न्याय सुनिश्चित करेंगे।
सुरक्षा बलों को आतंकवादियों का सामना करने के लिए फ्री हैंड नीति जारी रहेगी।
कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए 25 लाख करोड़ रुपये का निवेश।
वर्ष 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर और वर्ष 2032 तक 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा भारत।
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी योजना।
सभी बसावटों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) का दर्जा।
50 शहरों में एक मजबूत मेट्रो नेटवर्क।
सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए भारतमाला 2.0 द्वारा राज्यों को सहायता।
गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या को घटाकर 10% से भी कम करना।
5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाएं।
सभी छोटे दुकानदारों के लिए पेंशन।
सभी आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता को आयुष्मान भारत के तहत लाना।
कम से कम 50% महिला कर्मचारी रखने वाले MSME उद्योगों द्वारा सरकार के लिए 10% उत्पाद खरीद।
200 नए केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों का निर्माण।
वर्ष 2024 तक एमबीबीएस और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या दोगुनी करना।
भारतीय शैक्षणिक संस्थानों का विश्व के शीर्ष 500 शैक्षणिक संस्थानों में स्थान।
भारतीय अर्थव्यवस्था को तेज़ी से विकसित करने के लिए 22 प्रमुख चैम्पियन सेक्टरों का निर्धारण।
उद्यमियों को बिना किसी सिक्योरिटी के 50 लाख रुपये तक का ऋण।
पूर्वोत्तर राज्यों में MSME को पूंजीगत सहायता देने के लिए ‘उद्यमी पूर्वोत्तर’ योजना।
1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में टेलीमेडिसिन और डायग्नोस्टिक लैब सुवाधाएं।
हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज या परास्नातक मेडिकल कॉलेज।
वर्ष 2022 तक सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पूर्ण टीकाकरण।
राष्ट्रवाद के प्रति हमारी पूरी प्रतिबद्धता है। आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है। जब तक आतंकवाद समाप्त नहीं होगा यह जीरो टॉलरेंस रहेगा।
जो कहा है हमने, उसे हम करके ही दम लेंगे।

ब्रेक फेल होने से पेड़ से टकराई बस, एक घायल

प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर के दर्शन कर लौट रही एक बस ब्रेक फेल होने के कारण पेड़ से टकरा गइ। इससे एक व्यक्ति घायल हो गया।

पुलिस के अनुसार, एटा के तीर्थयात्री बस (यूपी 55 टी 1294) में सवार होकर नीलकंठ दर्शन कर तपोवन से ऋषिकेश बाई पास होते हुए एटा के लिए लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक बस भद्रकाली के पास खड़े एक डंपर से टकरा गई और पेड़ पर जाकर अटक गई। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया।

ढालवाला चौकी प्रभारी विनोद कुमार फोर्स के पहुंचे और घायल बस ड्राइवर अखिलेश पुत्र श्रीकांत को राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया। वहीं, बस को क्रेन की सहायता से उठाकर किनारे किया गया। साथ ही श्रद्धालुओं को अन्य बस से बस अड्डा पहुंचाया गया।

हाईवे पार करते समय हाथी का बच्चा ट्रक से टकराया, घायल

लच्छीवाला वन रेंज के क्षेत्रांतर्गत एक हाथी का बच्चा हाईवे पार करते समय ट्रक से जा टकराया। इस कारण वह घायल हो गया। वन विभाग के कर्मचारियों ने क्रेन की मदद से उसे उठाया। जहां से उसे लच्छीवाला रेंज लाया गया। प्राथमिक उपचार देकर उसे हरिद्वार छोड़ दिया गया।

एक ट्रक देहरादून के सेलाकुई से मुंबई के भिवंडी जा रहा था। मणिमाई मंदिर के नजदीक जंगल से हाईवे क्रॉस कर रहा हाथी का बच्चा ट्रक से टकरा गया, जबकि उसकी मां सड़क क्रॉस कर गई थी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेंज अधिकारी घनानंद उनियाल फॉरेस्टर मुनेंद्र डंगवाल आदि टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस बीच कोतवाल राकेश सिंह गुसाईं भी घटना की जानकारी मिलते मौके पर पहुंचे। हाईवे से जाम को भी खुलवाया गया। जंगल में हाथियों की चिंघाड़ भी जारी रही। हाथियों को जंगल में खदेडने के लिए वन विभाग को हवाई फायर भी करने पड़े।

क्रेन की मदद से घायल हाथी के बच्चे को लच्छीवाला वन परिसर में लाया गया। पशु चिकित्सकों के अनुसार इस हाथी के बच्चे की उम्र लगभग 3 से 5 साल के बीच है। पोर्टेबल एक्स-रे मशीन मंगवाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल हालत स्थिर बनी हुई है।

रेंज अधिकारी घनानंद उनियाल के अनुसार ट्रक चालक व क्लीनर को वाहन सहित हिरासत में ले लिया गया है। ट्रक चालक के अनुसार हाईवे में अचानक रात के समय डिवाइडर से जंप करके हाथी का बच्चा अचानक सामने आ गया था। ट्रक के ब्रेक भी फेल हो गए थे। उधर, उप वन प्रभागीय अधिकारी भारत भूषण मार्तोलिया ने बताया कि मथुरा से पोर्टेबल एक्सरे मशीन मंगाई गई है।

पिछले 16 माह में देश में 2 करोड रोजगार का हुआ सृजन

देश में लोकसभा चुनाव नजदीक हैं ऐसे में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के आंकड़े मोदी सरकार के आत्मविश्वास को और मजबूत कर सकते हैं। देश में पिछले 16 माह के दौरान (सितंबर 2017 से दिसंबर 2018 तक) करीब दो करोड़ रोजगार सृजित हुए हैं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के पास उपलब्ध कंपनियों के ‘वेतन भुगतान’ संबंधी आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) तथा पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा चलाई जाने वाली विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने वाले लोगों की संख्या के आधार पर रोजगार को लेकर रिपोर्ट जारी करता है। ईएसआईसी के वेतन भुगतान से जुड़े आंकड़े भी इनमें से एक हैं जिन्हें सीएसओ अपनी रिपोर्ट में जारी करता है।

ईएसआईसी अपने पास पंजीकृत लोगों को स्वास्थ्य बीमा और चिकित्सा सेवायें उपलब्ध कराता है। इसमें वे सभी प्रतिष्ठान शामिल होते हैं जिसमें 20 या अधिक कर्मचारी काम करते हैं तथा जिनका वेतन 21,000 रुपये तक है। ईएसआईसी की इस योजना से सितंबर 2017 से दिसंबर 2018 तक 1.96 करोड़ नये अंशधारक इस योजना से जुड़े। वहीं ईपीएफओ के आंकड़ों से पता चलता है कि संगठित क्षेत्र में दिसंबर 2018 में 7.16 लाख रोजगार सृजित हुए जो एक साल पहले इसी महीने में 2.37 लाख के मुकाबले लगभग तीन गुना है।
इसके अनुसार सितंबर 2017 से दिसंबर 2018 तक 72.38 लाख लोग ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े। ईपीएफओ के दायरे में वे सभी कंपनियां आती हैं जहां 20 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। जिन कर्मचारियों का वेतन 15,000 रुपये मासिक तक है, वे अनिवार्य रूप से योजना के दायरे में आते हैं।
इसी अवधि में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से जुड़ने वाले अंशधारकों की संख्या 9,66,381 रही। एनपीएस के अंतर्गत केंद्रीय तथा राज्य सरकार के कर्मचारी आते हैं। आम लोग भी इसे स्वेच्छा से अपना सकते हैं। इसमें कहा गया है कि मौजूदा रिपोर्ट संगठित क्षेत्र में रोजगार के बारे में जानकारी देती है और समग्र रूप से रोजगार का आकलन नहीं करती है।