सीमांत जिलों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जानकारी और प्रशिक्षण के लिए नवाचार केन्द्र बनेंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुप्तकाशी में चतुर्थ सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सीमांत क्षेत्रों में सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत जनपदों में अब ऐसे नवाचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी उपयोगी जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव के राज्य स्तरीय आयोजन का दीप प्रज्वलित शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनपदों से आए बाल वैज्ञानिकों के साथ जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा संरक्षण आदि विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन से सीमांत जनपदों के प्रतिभावान बाल वैज्ञानिकों को नई दिशा और अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। नए भारत की गति और दिशा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों पर निर्भर करेगी। विज्ञान की नई तकनीकों के बल पर आज भारत अंतरिक्ष सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रहा है। देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी बनने जा रही है, जो उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जनता को पारदर्शी और प्रभावी सेवाएँ मिलें, इसके लिए अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर रुद्रप्रयाग जिले में आपदा प्रबंधन केंद्र के निर्माण के लिए जिलाधिकारी को कार्ययोजना बनाने के निर्देश देने के साथ ही पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय बणसू जाखधार में विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, सीमांत क्षेत्र के उद्यमी इंद्र सिंह रावत और सीमांत सेवा फाउंडेशन के डॉ. पाटनी को सम्मानित करने के साथ ही यूकॉस्ट की रुद्रप्रयाग डैशबोर्ड पुस्तक का विमोचन भी किया। इस जीआईएस आधारित रिमोट सिस्टम डैशबोर्ड पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से जुड़ी सूचनाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव की थीम – जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीतियाँ तथा आपदा जोखिम प्रबंधन एकीकरण है। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देना और ऐसी रणनीतियाँ विकसित करना है।

कार्यक्रम में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, उपाध्यक्ष महिला बाल विकास ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, प्रधानाचार्य पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय जाखधार तिलक सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास को लेकर सीएस की अध्यक्षता में हुई बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में आईएमए के सदस्यों द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता में सुधार के संबंध में अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए।

आईएमए के सदस्यों ने कहा कि उत्तराखंड का अधिकतर क्षेत्र दूरस्थ श्रेणी में आता है इस कारण यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास करना एक चुनौतीपूर्ण कदम है। इसके लिए उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास हेतु 50 बैड से नीचे के क्लीनिक/ नर्सिंग होम स्थापित करने हेतु क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मानकों में शिथिलता लाने के सुझाव दिए।

उन्होंने पंजीकरण से लेकर क्लीनिक भवन के निर्माण और क्लीनिक स्थापित करने हेतु विभिन्न प्रकार की अनापत्ति (पंजीकरण, फायर, प्रदूषण इत्यादि से संबंधित) को सरलतम बनाने की अपेक्षा की।

आईएमए के सदस्यों ने अन्य प्रदेशों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास से संबंधित बनाए गए सरलतम मानकों को भी प्रदेश में आत्मसात करने का सुझाव रखा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि आईएमए के सदस्यों द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी से संबंधित सुझाए गए बिंदुओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए निर्देशित किया कि जो सुझाव व्यावहारिक और समय के अनुरूप किए जाने अपेक्षित हो उनको बायोलॉज में शामिल करने की कार्रवाई करें ।

उन्होंने आईएमए के सदस्यों के समन्वय से इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार, आईएमए से प्रेसिडेंट उत्तराखंड डॉ केके शर्मा व सचिव डॉ डीडी चौधरी, अपर सचिव संतोष बडोनी, डीजी हेल्थ सुनीता टम्टा सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

उत्तराखंडः आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की मिलेगी निःशुल्क कोचिंग

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में कमजोर वर्गों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि निःशुल्क कोचिंग योजना की गुणवत्ता बेहतर हो, प्रतियोगियों का चयन स्क्रीनिंग के माध्यम से हो तथा प्रतियोगियों की सुविधा के अनुरूप तैयारी का टाइम का प्रबंध किया जाए।

उन्होंने निर्देशित किया कि निःशुल्क कोचिंग में किसी भी तरह की खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए तथा इसका आउटकम जरूर निकलना चाहिए। उन्होंने इसके लिए शीघ्रता से सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।

इस दौरान निदेशक शिक्षा डॉ मुकुल कुमार सती ने अवगत कराया कि इस वर्ष 10 हजार छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की निःशुल्क कोचिंग दी जानी है। कक्षा 11 में अध्ययनरत प्रतियोगियों को 2 वर्ष की कोचिंग दी जाएगी जबकि 12वीं पास करने वाले प्रतियोगियों को एक वर्ष की कोचिंग दी जाएगी।

कहा कि कोचिंग आर्ट्स, साइंस तथा कॉमर्स तीनों तरह के स्ट्रीम के अनुरूप दी जाएगी और इसमें लगभग सभी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त मेधावी प्रतियोगियों को 6 वर्ष की एडवांस कोचिंग भी दी जाएगी।

इस अवसर पर बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव मनुज गोयल सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

सीएम ने लापता करनदीप के पिता से दूरभाष पर वार्ता कर हरसंभव सहायता का दिलाया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मर्चेंट नेवी में कार्यरत उत्तराखंड निवासी करनदीप सिंह राणा के लापता होने के समाचार पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री धामी ने आज करनदीप सिंह राणा के पिताजी से दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें हरसंभव सहायता और सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के साथ निरंतर संपर्क में है। उन्होंने कहा कि करनदीप जी की सुरक्षा और शीघ्र सुरक्षित वापसी राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उन्होंने स्वयं विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई और आवश्यक सहयोग के लिए वार्ता करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियाँ आपसी समन्वय के साथ हर आवश्यक कदम उठा रही हैं ताकि करनदीप जी का पता लगाया जा सके और उन्हें सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने करनदीप सिंह राणा के परिजनों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी चिंता और पीड़ा को समझती है और इस दिशा में पूरी गंभीरता से प्रयासरत है।

खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के तहत पारंपरिक दीयों और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर सीएम ने दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने गृह क्षेत्र खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के तहत पारंपरिक मिट्टी के दियों और स्थानीय रूप से निर्मित वस्तुओं की खरीदारी की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली के पर्व पर स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पाद निर्माताओं को प्रोत्साहित करें, जिससे न केवल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बल मिलेगा, बल्कि गांवों और कस्बों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दीपावली केवल रोशनी, उत्साह और आनंद का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा “जब हम अपने गाँव-कस्बों में बने दीये या अन्य स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम किसी परिवार की आजीविका, उसकी मेहनत और उसकी उम्मीद को सम्मान देते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद से स्थानीय शिल्प, कुटीर उद्योग और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी सीधा लाभ मिलता है।


उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के कारीगरों की परंपरा और कौशल अत्यंत समृद्ध है। मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री, जैविक उत्पाद और पहाड़ी खाद्य पदार्थ न केवल स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय हैं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हर नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि इस दीपावली वह स्वदेशी उत्पादों से ही अपने घरों को रोशन करें, ताकि किसी अन्य परिवार के घर में भी खुशियों के दीप जल सकें। “इस दीपावली हम सब मिलकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करें। हमारी छोटी-छोटी खरीदारी किसी परिवार के जीवन में नई उम्मीद की किरण बन सकती है।”

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावली, धनतेरस और भैयादूज की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व सबके जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारीगण, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

चौखुटिया में 30 बेडेड सीएचसी को 50 बेडेड में बदलने की सीएम ने की घोषणा, शासनादेश की कार्यवाही गतिमान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौखुटिया में स्वास्थ्य सेवाओं को जन भावना के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्यवाही करने हेतु स्वास्थ्य सचिव को निर्देशित किया है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 30 बेडेड सी.एच.सी. को 50 बेडेड एस.डी.एच. में बदलने की घोषणा की गई है तथा इसके शासनादेश की कार्यवाही शासन स्तर पर गतिमान है।

सरकार जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उच्च कोटि की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है।

इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने जानकारी दी है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौखुटिया में वर्तमान में 30 बैड का अस्पताल संचालित है तथा चिकित्सालय में प्रतिदिन 150 से 200 की ओ०पी०डी० रहती है इसके साथ ही प्रतिमाह 30 से 35 गर्भवती महिलाओं के प्रसव महिला चिकित्साधिकारी द्वारा कराये जा रहे हैं एवं वर्तमान में चिकित्सालय में 07 चिकित्सक कार्यरत हैं जिसमें 03 महिला एवं 04 पुरुष चिकित्सक हैं जिसमें डेंटल चिकित्सक भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सप्ताह में 03 दिन विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल जिसमें फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं बाल रोग विशेषज्ञ शामिल हैं को जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा एवं उप जिला चिकित्सालय रानीखेत से भेज दिया गया है जो कि निरन्तर अपनी सेवाए सी०एच०सी० चौखुटिया में दे रहे हैं तथा चिकित्सालय में सभी सुविधाएं जैसे एक्स-रे, अल्ट्रासाउन्ड, डेन्टल चियर एवं 108 ऐम्बुलैन्स की सुविधा उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि सरकार के सौजन्य से चन्दन डायग्नोस्टिक द्वारा प्रतिदिन लगभग 70 से 80 डायग्नोस्टिक परीक्षण निःशुल्क प्रदान किये जा रहे हैं।

प्रदेश की विभिन्न सड़कों के लिये सीएम ने प्रदान की 161 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के अनारवाला मालसी मोटर मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के पश्चात् उपलब्ध भूमि पर मार्ग पुर्ननिर्माण कार्य हेतु 3.19 करोड़, जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर के गरखेत से तल्ला मेजुलिया तक मोटर मार्ग के निर्माण मार्ग निर्माण हेतु 1.01 करोड़, जनपद पौड़ी के विधानसभा क्षेत्र लैंसडाउन नैनीडांडा के अन्तर्गत कोटा से पिन्जोली तक मोटर मार्ग निर्माण हेतु 83.34 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा इस वित्तीय वर्ष के लिए लोक निर्माण विभाग हेतु चालू निर्माण कार्य वृहद निर्माण मद में 155 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा एस.सी.एस.पी. के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र काशीपुर में ग्राम दोहरी वकील में आईआईएम के सामने नमो रेस्टोरेंट से बूटा सिंह आदि के घरों तक मार्ग निर्माण कार्य हेतु 50.16 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। शासन द्वारा इन योजनाओं से सम्बन्धित शासनादेश भी निर्गत कर दिए गये हैं।
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मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 196 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिटकुल द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु राज्य सरकार की वार्षिक योजना के अन्तर्गत ए०डी०बी० वित्त पोषित बाह्य सहायतित योजना में संचालित परियोजनाओं हेतु प्रावधानित बजट के सापेक्ष 105.09 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा उरेडा की सप्तेश्वर लघु जल विद्युत परियोजना (300 कि०वा०) के सिविल इलेक्ट्रोमैकेनिकल एवं विद्युत पारेषण लाईन के कार्यों हेतु 119.97 लाख की योजना की स्वीकृति का भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा विभागान्तर्गत शैक्षिक सत्र 2025-26 से गेम चेंजर योजनान्तर्गत राज्य के राजकीय एवं राजकीय सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों (प्रारम्भिक एवं माध्यमिक) में अध्ययनरत समस्त छात्र-छात्राओं को प्रत्येक शैक्षिक सत्र में निःशुल्क नोटबुक उपलब्ध कराये जाने हेतु 52.84 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद हरिद्वार के रूड़की में निर्माणाधीन ऑटोमेटेड ड्राईविंग टेस्ट ट्रैक के ऑटोमेशन कार्य हेतु 4.47 करोड़, मसूरी पुनर्गठन पम्पिंग पेयजल योजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन पर व्यय वित्त (नियोजन विभाग) द्वारा संस्तुत/परीक्षित लागत के तहत अवशेष धनरशि 19.69 करोड़, जनपद टिहरी गढ़वाल में भिलंगना विकासखण्ड के अन्तर्गत घनसाली शहर की भिलंगना नदी से बाढ़ सुरक्षा कार्य हेतु 3.18 करोड़, जनपद बागेश्वर के विकासखण्ड कपकोट में सरयू नदी से बाढ़ सुरक्षा योजना हेतु 4.85 करोड़ के साथ जनपद उत्तरकाशी में आयी भीषण आपदा को दृष्टिगत रखते हुए 5 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

श्रमिकों के सम्मान और कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राज्य के सभी मनरेगा श्रमिकों को शीघ्रता पूर्वक भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत आच्छादित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले तीन महीनों के भीतर कम से कम 5 से 6 लाख श्रमिकों को बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमवीरों के कल्याण के लिए संचालित योजनाएँ तभी प्रभावी सिद्ध होंगी जब अधिकतम श्रमिक इन योजनाओं से सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रम विभाग एवं बोर्ड के अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे प्रत्येक श्रमिक तक पहुँच बनाएं और उन्हें सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं एवं सुविधाओं की पूरी जानकारी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र श्रमिक योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी किसी भी योजना में लापरवाही या ढिलाई नहीं की जानी चाहिए। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं की जानकारी पंचायत स्तर तक पहुँचाई जाए और श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को अभियान रूप में चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमवीरों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए संकल्पबद्ध है। श्रमिकों की मेहनत और समर्पण ही राज्य की प्रगति की वास्तविक नींव है, और ऐसे में सरकार का दायित्व है कि उन्हें हर संभव सुरक्षा, सुविधा और सम्मान प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “राज्य का विकास हमारे श्रमिक भाइयों-बहनों के परिश्रम पर आधारित है। उनके कल्याण में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सभी मनरेगा श्रमिकों को कल्याण बोर्ड के अंतर्गत लाना हमारा लक्ष्य ही नहीं, यह सरकार की जिम्मेदारी है।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याणार्थ ऑनलाइन पोर्टल एवं डीबीटी के माध्यम से लगभग 10,000 श्रमिकों एवं उनके परिजनों को कुल ₹11 करोड़ 50 लाख की आर्थिक सहायता राशि हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह केवल धनराशि हस्तांतरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारे परिश्रमी श्रमवीरों के प्रति सम्मान एवं आभार प्रकट करने का एक अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है कि श्रमिकों एवं उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह सहायता, मृत्यु उपरांत सहायता जैसी योजनाओं का सीधा लाभ समयबद्ध और पारदर्शी रूप से प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे श्रमिक भाई-बहन राज्य की विकास यात्रा के सच्चे साथी हैं। उनके परिश्रम, त्याग और निष्ठा से ही उत्तराखण्ड का निर्माण संभव हुआ है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक श्रमिक परिवार को उनकी मेहनत का पूरा सम्मान मिले और उनके बच्चों को एक बेहतर भविष्य प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा संचालित सभी योजनाओं को अब डिजिटल माध्यमों से जोड़ा जा रहा है ताकि पात्र लाभार्थियों तक सहायता शीघ्रता से पहुँच सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर श्रमिकों एवं उनके आश्रितों तक बोर्ड की सभी योजनाओं की जानकारी पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का दायित्व है कि वह श्रमिकों के बीच जाकर उन्हें नई योजनाओं के प्रति जागरूक करें और उन्हें आवेदन एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया में सहयोग दें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रमिकों को भी अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए तथा समय-समय पर बोर्ड द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमवीरों के हर सुख-दुःख में सहभागी है। श्रम और मेहनत का सदैव सम्मान होना चाहिए, क्योंकि मेहनतकश व्यक्ति का भविष्य सदैव उज्जवल होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा – “मेहनत हमारी ताकत है, एकता हमारी पहचान है। राज्य सरकार हमारे परिश्रमी श्रमवीरों के हर सुख-दुःख की सहभागी है। उनका कल्याण ही हमारी सरकार का सर्वाेच्च लक्ष्य है।”

मुख्यमंत्री ने बोर्ड से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे श्रमिकों के उत्थान हेतु हर संभव प्रयास करें और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए समर्पण के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा जनहित एवं राजस्व वृद्धि के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया जा रहा है, जिनमें विशेष रूप से खनन विभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के खनन राजस्व में हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार की नवीन खनन नीति प्रभावी, पारदर्शी और सशक्त रूप से लागू की गई है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज उत्तराखण्ड में खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सख्त निगरानी व्यवस्था के कारण कहीं भी लीकेज या अनियमितता की कोई संभावना नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की यह नीति और कार्यप्रणाली अब अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के प्रतिनिधि अधिकारी भी उत्तराखण्ड आकर खनन क्षेत्र में लागू क्रियान्वित मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं तथा यहाँ की नीतियों और व्यवस्थाओं को अपने-अपने राज्यों में लागू करने के प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खनन विभाग ने यह सिद्ध कर दिया है कि ईमानदार नीयत, स्पष्ट नीति और कठोर क्रियान्वयन से किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों, विशेषकर श्रम विभाग सहित सभी विभागों को खनन विभाग की कार्य संस्कृति, पारदर्शिता और अनुशासन से सीख लेते हुए अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों में भी ऐसी ही दक्ष, पारदर्शी और परिणामोन्मुख व्यवस्था स्थापित करें जिससे जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर मिल सके और राज्य के राजस्व में सतत वृद्धि सुनिश्चित हो।

बैठक में सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव विनीत कुमार व श्रम विभाग एवं भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मकानों पर नंबर प्लेट लगाने संबंधी वायरल पत्र का सीएम धामी ने लिया संज्ञान, दिए जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकानों पर नंबर प्लेट लगाने के संबंध में जिला पंचायतराज अधिकारी, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी द्वारा जारी आदेशों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ ही मामले की पूरी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी जिले के जिला पंचायतराज अधिकारियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन आदि कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार करने हेतु मकानों पर नम्बर प्लेट लगाने का कार्य एक बाहरी व्यक्ति को देने से संबंधित पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।

मुख्यमंत्री ने उक्त प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार के संकल्प के अनुरूप सभी योजनाएँ और कार्यक्रम जनहित, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू होने आवश्यक हैं। सभी कार्यों में स्थानीय लोगों के रोजगार और हितों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि रू. 10 करोड़ तक के सरकारी अधिप्राप्तियों में स्थानीय लोगों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दिए जाने हेतु सरकार के द्वारा जारी आदेशों का हर स्तर पर सख्ती से अनुपालन किया जाए।

सीएम धामी ने 1456 युवाओं को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर युवाओं के दिलों में अपनी जगह बना चुके हैं। देहरादून में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने आज 1456 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें सचिवालय प्रशासन विभाग में चयनित 109 समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी और शिक्षा विभाग में चयनित 1347 सहायक अध्यापक (एलटी) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में अब सरकारी नौकरी केवल मेहनत और योग्यता के आधार पर मिलेगी, न कि किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार से।

पिछले चार वर्षों में धामी सरकार ने 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर देकर यह संदेश दिया है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील, पारदर्शी और प्रतिबद्ध है। इन नियुक्तियों के पीछे मुख्यमंत्री धामी का गहन मंथन, स्पष्ट नीति और दिन-रात की मेहनत है। उन्होंने खुद भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी मशीनरी के साथ बैठकर व्यापक रूपरेखा तैयार की, ताकि एक ऐसी व्यवस्था बने जिसमें केवल मेहनत और ईमानदारी ही सफलता की कुंजी हो।

जब उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का पेपर प्रकरण सामने आया, तो विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। पर उस कठिन समय में मुख्यमंत्री धामी भागे नहीं, बल्कि युवाओं के बीच जाकर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। युवाओं की मांग पर विवादित परीक्षा को रद्द कर मात्र तीन माह में पुनः परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश देकर उन्होंने यह साबित किया कि उनके लिए राजनीति नहीं, युवाओं का भविष्य सर्वाेपरि है।

विपक्ष ने जहां फेक नैरेटिव तैयार करने और भ्रम फैलाने में समय गँवाया, वहीं सीएम धामी ने सिस्टम के भीतर झांककर उसे दुरुस्त करने का साहस दिखाया। परिणामस्वरूप, आज उत्तराखण्ड में भर्ती प्रक्रिया इतनी पारदर्शी, तेज़ और निष्पक्ष है कि विपक्ष के सारे आरोप खुद बेमानी साबित हो रहे हैं। अभिमन्यु की तरह विपक्ष के सियासी चक्रव्यूह में उतरने वाले मुख्यमंत्री धामी ने एक ही वार में युवाओं का विश्वास जीत लिया। आज इतने बड़े पैमाने पर हुई यह नियुक्ति उन सबके लिए करारा जवाब है जो सरकार पर सवाल उठा रहे थे।

मुख्यमंत्री धामी का यह कदम केवल नियुक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की युवा नीति, रोजगार सृजन और सुशासन की भावना को भी दर्शाता है। चार साल में 26,500 सरकारी नौकरियाँ देकर उन्होंने साबित किया है कि उत्तराखण्ड में योग्यता को सम्मान मिल रहा है, मेहनत को पहचान मिल रही है, और युवाओं के सपने अब साकार हो रहे हैं। धामी सरकार का यह संकल्प ही उसे अन्य सरकारों से अलग बनाता है