मुख्यमंत्री धामी ने दून के मझाड़ा गांव में आपदा प्रभावितों के बीच मनाई दीपावली

दीपों के पर्व दीपावली पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सोमवार को सहस्त्रधारा, देहरादून स्थित मझाड़ा गाँव पहुंचे। जहां उन्होंने काली गाड़, मझाड़ा गाँव एवं सहस्त्रधारा क्षेत्र के आपदा प्रभावितों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना एवं उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में चल रहे पुर्ननिर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया।

संवेदनशीलता और अपनत्व का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी दीपावली आपदा प्रभावित परिवारों के बीच में जाकर मनाई। मुख्यमंत्री स्वयं उनके घर पहुँचे, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों, और ग्रामवासियों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों की मांग अनुसार अधिकारियों को रिवर ट्रेनिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों का हालचाल जाना और उन्हें हर संभव सहायता व पुनर्वास का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। आपदा से प्रभावित हर व्यक्ति की पीड़ा, सरकार की पीड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा दीपावली केवल रोशनी का नहीं, बल्कि संवेदनाओं और एकता का त्योहार है। हमारे जीवन में भी उम्मीद और मुस्कान की ज्योति जलाते रहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्र गति से पूरा किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा आपदा के कारण किसी भी परिस्थिति में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। जिन परिवारों के घर आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। साथ ही, ऐसे प्रभावित परिवार जो फिलहाल किराए पर रह रहे हैं, उनके किराए के भुगतान की व्यवस्था भी निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के आगमन से प्रभावित परिवार खुश नज़र आए। स्थानीय लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री का इस तरह उनके बीच आना और दीपावली मनाना उनके कठिन समय में हौसल अफजाई करता है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

रोडवेज ने यात्रियों की सुविधाओं को लिये दिल्ली, बरेली और हल्द्वानी जैसे मार्गों में बढ़ाई अतिरिक्त बसें

उत्तराखंड रोडवेज ने दिवाली के मद्देनज़र यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली, बरेली, हल्द्वानी जैसे मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाई हैं। आईएसबीटी देहरादून में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी, खासकर हल्द्वानी और बरेली काउंटर पर। यात्रियों को टिकट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। रोडवेज ने 10 बसों को रिजर्व में रखा है ताकि आवश्यकतानुसार संचालन किया जा सके। अतिरिक्त बसों से यात्रियों को राहत मिलेगी।

ग्रामीण डीपो सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन ने बताया बसों को रिजर्व में रखा गया है। टिकट काउंटर पर यात्रियों की भीड़ देर शाम लगनी शुरू हुई। चालक-परिचालक को दिल्ली, गुड़गांव, बरेली रूट के लिए सात अतिरिक्त बसें रवाना की गई। बताया भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कर्मचारियों का सहयोग लिया गया।

सीएम धामी ने सरकारी सेवा में चयनित युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास स्थित कैंप कार्यालय में राजस्व परिषद में नव-चयनित सहायक समीक्षा अधिकारी एवं समीक्षा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीपावली से पूर्व यह नियुक्ति पत्र प्राप्त होना नवनियुक्त कार्मिको और उनके परिवारजनों के लिए विशेष प्रसन्नता का अवसर है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवारजनों को भी इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते चार वर्ष में राज्य में 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को अभियान के रूप में निरंतर आगे बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ समय पूर्व हरिद्वार में हुई परीक्षा से संबंधित एक प्रकरण सामने आया था, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया और एसआईटी जांच गठित की गई। इसके पश्चात छात्रों की भावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों के अनुरूप परीक्षा को निरस्त करते हुए सीबीआई जांच की संस्तुति की।

उन्होंने कहा कि राज्य में बीते वर्षों के दौरान सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित की गई हैं। भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद से ही उन्होंने रिक्त पदों को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरने का अभियान शुरू किया, जिसके फलस्वरूप आज हजारों युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी पूर्ण पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया को अभियान के रूप में जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि सरकारी सेवा को जनसेवा का माध्यम मानकर कार्य करें। उन्हें अपने कार्य में पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में सरलीकरण और गति लाना आवश्यक है, ताकि जनता को शीघ्र और सरल सेवाएं प्राप्त हों।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव एस.एन. पांडे, अपर सचिव रंजना राजगुरु, राजस्व परिषद के अधिकारीगण तथा नव-नियुक्त सहायक समीक्षा अधिकारी एवं समीक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी पहुंचे बिहार, सिवान, गोरियाकोठी व वारसलीगंज विधानसभा में किया चुनाव प्रचार

शुक्रवार से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार की शुरुवात की। चुनाव प्रचार के पहले दिन मुख्यमंत्री धामी ने लगातार 3 विधानसभाओं में जनसभाओं और रैली को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने बिहार की सिवान विधानसभा, गोरियाकोठी विधानसभा एवं वारसलीगंज विधानसभा में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार कर उनके पक्ष में जनता से वोट देने की अपील की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, नवादा के वारसलीगंज विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रत्याशी अरुणा देवी, गोरियाकोठी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी देवेशकांत सिंह और सिवान विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री मंगल पांडेय की नामांकन व आशीर्वाद यात्रा (रोड शो) में सम्मिलित हुए। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मुख्यमंत्री के स्वागत में आए। मुख्यमंत्री को देखने आए लोगों में जबरजस्त उत्साह देखने को मिला। अपनी हिंदुत्व छवि को लेकर मुख्यमंत्री धामी की पूरे देश खासा लोकप्रियता है, जिसकी झलक अब बिहार चुनाव में भी देखने को मिल रही है।


मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि एन.डी.ए की गठबंधन वाली सरकार ने बिहार में कई विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए की पुनः सरकार बनती है तो बिहार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की नई गाथा लिखेगा। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा आरजेडी और कांग्रेस का इतिहास सिर्फ भ्रष्टाचार और परिवारवाद का रहा है। ये लोग बिहार में फिर से जंगल राज लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा लालू परिवार और गांधी परिवार में भ्रष्टाचार की होड़ मची है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की भाजपा सरकार ने नकल विरोधी कानून, सख्त धर्मांतरण रोधी कानून, दंगारोधी कानून, लागू किए हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड की भूमि देवों की भूमि है और बिहार की भूमि ज्ञान की भूमि है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विकास की नई गाथा लिख रहा है आज शिक्षा स्वास्थ्य सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर हर क्षेत्र में काम हुआ है। केंद्र सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा बिहार के 8.5 करोड़ से अधिक लोग मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे हैं वही 50 लाख से अधिक गरीब परिवारों को उनके पक्के मकान मिले हैं। बिहार के हर घर को नल, शौचालय और बिजली से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते सालों में भारत में 30 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के माध्यम से 75 लाख से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान कर महिलाओं को आगे लाने का काम किया हैं

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को आगे बढ़ाते हुए विकसित बिहार और विकसित भारत बनाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा एक ओर विकास वाली भाजपा तो दूसरी ओर भ्रष्टाचार, परिवारवाद, तुष्टिकरण और देशद्रोही के एजेंडे पर काम करने वाली कांग्रेस और आरजेडी पार्टी है। उन्होंने कहा ऐसी पार्टियों को बिहार से उखाड़ फेंकना है और विकास वाली भाजपा को जिताना है।

बिहार पहुंचने पर भाजपा पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का किया स्वागत
बिहार पहुंचने पर भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री से केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी , उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर ने भी भेंट की।

सीएम धामी के प्रयासों से उत्तराखंडवासियों को मिली बड़ी रेल सौगात, तीन दिन चलेगी दून टनकपुर एक्सप्रेस

उत्तराखंड के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है- रेल मंत्रालय, भारत सरकार ने देहरादून-टनकपुर एक्सप्रेस (15019/15020) की सेवा आवृत्ति को साप्ताहिक से बढ़ाकर त्रि-साप्ताहिक (तीन दिन) करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिया है।

मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों का नतीजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की 08 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से हुई मुलाकात के दौरान इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री के आग्रह पर रेल मंत्रालय ने शीघ्र कार्रवाई करते हुए टनकपुर-देहरादून रेल सेवा को सप्ताह में तीन बार चलाने की स्वीकृति प्रदान की है।

नई समय सारिणी के अनुसार 15019 देहरादून-टनकपुर एक्सप्रेस अब बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी।

(पूर्व में केवल रविवार को चलती थी) 15020 टनकपुर-देहरादून एक्सप्रेस अब मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलेगी। (पूर्व में केवल शनिवार को चलती थी)

प्रदेशवासियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
यह सेवा वृद्धि यात्रियों की बढ़ती मांग और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए की गई है। रेल मंत्रालय ने उत्तराखंड के यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इस निर्णय को शीघ्र प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय के लिए रेल मंत्री एवं रेलवे बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा “देहरादून-टनकपुर रेल सेवा के विस्तार से कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच आवागमन और अधिक सुगम होगा। यह न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति देगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। राज्य के कई हिस्सों में रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है, जिससे आने वाले समय में पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों तक रेल संपर्क सुनिश्चित होगा।

रेल मंत्रालय के संयुक्त निदेशक (कोचिंग) विवेक कुमार सिन्हा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इस निर्णय को शीघ्र लागू करने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

दीपावली पर हाई अलर्ट मोड में स्वास्थ्य विभाग, 24 घंटे रहेंगी एक्टिव

दीपावली पर्व के अवसर पर उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पूरी तरह सक्रिय और सतर्क बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के प्रशासन और चिकित्सा संस्थानों को अलर्ट मोड पर रखा है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्वों की खुशियाँ तभी सार्थक हैं जब हर नागरिक सुरक्षित और स्वस्थ हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीपावली के दौरान आग, सड़क दुर्घटनाओं या अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सेवाएँ तैयार रहें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि सभी अस्पतालों, एम्बुलेंस सेवाओं और आपात चिकित्सा इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विभाग ने पर्याप्त चिकित्सा कर्मियों की तैनाती, आवश्यक दवाओं और उपकरणों के भंडारण, तथा ब्लड बैंक और बर्न यूनिट की पूर्ण कार्यशीलता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि जन सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और हर जिले में व्यवस्था की सतत समीक्षा की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागरिकों से अपील की कि दीपावली उत्साह से मनाएं, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन अवश्य करें।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को त्योहारों के दौरान 24×7 सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पर्वों के दौरान आग लगने, दुर्घटनाओं या अन्य स्वास्थ्य आपात स्थितियों की संभावना को देखते हुए अस्पतालों, ट्रॉमा सेंटरों और नियंत्रण कक्षों को पूरी तरह क्रियाशील रखा गया है। जारी परिपत्र के अनुसार, 108 नेशनल एम्बुलेंस सेवा, जिला नियंत्रण कक्ष, और अस्पतालों के आपातकालीन वार्ड सतत निगरानी में रहेंगे। आपात सेवाओं के लिए पर्याप्त डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी तय की गई है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि सभी जिलों में अग्निशमन, पुलिस, परिवहन और स्वास्थ्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने बताया कि पर्वों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बाजारों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स तैनात रहेंगी। जिलाधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थानों की तैयारियों की समीक्षा और आवश्यक प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य सचिव ने यह भी कहा कि जनजागरूकता के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित पर्व मनाने का संदेश दिया जा रहा है। स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया और सामुदायिक नेटवर्क के माध्यम से लोगों से अपील की गई है कि आतिशबाज़ी सावधानी से करें, विद्युत उपकरणों का प्रयोग सोच-समझकर करें और किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत 108 हेल्पलाइन पर संपर्क करें। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि “सभी अधिकारी और कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि पर्वों की खुशी के बीच किसी भी नागरिक को चिकित्सा सुविधा पाने में कठिनाई न हो।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि विभाग का उद्देश्य केवल उपचार देना नहीं, बल्कि समय पर राहत और रोकथाम सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि दीपावली और इगास पर्व के दौरान विभाग पूरी तत्परता से कार्य करेगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे पर्वों की खुशियाँ जिम्मेदारी के साथ मनाएं, दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद के लिए संपर्क करें।

पीएमश्री और लखपति दीदी योजना की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पीएमश्री और लखपति दीदी योजना की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड में भी पीएमश्री योजना की तर्ज पर स्कूलों के आधुनिकीकरण के लिए योजना संचालित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि पीएमश्री योजना के तहत् स्कूलों को 5 वर्षों तक 40 – 40 लाख की धनराशि (कुल 2 करोड़ रुपए) उपलब्ध कराई जाती है, जिससे स्कूलों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय एवं खेल सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएमश्री योजना की तर्ज पर प्रदेश में भी योजना संचालित की जाए जिससे स्कूलों में बच्चों के पठन पाठन के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकें। इससे प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं एवं पुस्तकालय आदि से संतृप्त किए जाने में तेजी आएगी। उन्होंने क्लस्टर विद्यालयों से इसकी शुरूआत किए जाने की बात कही।

स्वयं सहायता समूहों के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम किए जाएं संचालित

मुख्य सचिव ने लखपति दीदी योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के और अधिक कारगर बनाए जाने एवं स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों में तकनीक के अधिकतम उपयोग से गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार क्षमता विकास कार्यक्रम संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं। लखपति दीदी योजना की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय संचालन समिति और राज्य स्तरीय निगरानी समिति का गठन शीघ्र कर इनकी निरन्तर बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, रिटेल चेन आदि पर अधिक से अधिक फोकस किया जाए। उन्होंने उत्पादों को हाऊस ऑॅफ हिमालयाज में भी शामिल किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, मेहरबान सिंह बिष्ट एवं झरना कामठान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

खनन तत्परता सूचकांक में पंजाब, त्रिपुरा के साथ ‘सी’ कैटेगरी में अग्रणी स्थान पर उत्तराखंड

खनन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी राज्य खनन तत्परता सूचकांक में उत्तराखंड ने ‘सी’ कैटेगरी में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार के खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता, सतत विकास और तकनीकी उन्नयन के प्रति किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है।

केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई घोषणा के अनुरूप तैयार किया गया यह सूचकांक देश के विभिन्न राज्यों का मूल्यांकन खनन सुधारों, नीतिगत पारदर्शिता, पर्यावरणीय संतुलन, खनिज अन्वेषण क्षमता और प्रशासनिक दक्षता जैसे अनेक मापदंडों के आधार पर करता है।

इस सूचकांक में मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान को ‘ए’ कैटेगरी में, गोवा, उत्तर प्रदेश और असम को ‘बी’ कैटेगरी में तथा उत्तराखंड को पंजाब और त्रिपुरा के साथ ‘सी’ कैटेगरी में अग्रणी स्थान प्रदान किया गया है।

खनन मंत्रालय के अनुसार, यह सूचकांक राज्यों में खनन क्षेत्र में बेंचमार्किंग और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने का कार्य करेगा, जिससे देशभर में खनन सुधारों की गति और पर्यावरण-अनुकूल नीतियों के क्रियान्वयन को और बल मिलेगा।

उत्तराखंड के खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ई-नीलामी प्रणाली को और अधिक सशक्त किया गया है, जिससे खनन पट्टों के आवंटन में पारदर्शिता आई है। खनन से संबंधित प्रक्रियाओं को डिजिटाइज कर जनता और उद्यमियों के लिए प्रक्रिया को सुगम बनाया गया है। अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए सैटेलाइट आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है। खनिज परिवहन के लिए ई-रवन्ना प्रणाली को सख्ती से लागू कर राजस्व हानि पर प्रभावी रोक लगाई गई है। पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेस को अपनाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उपलब्धि उत्तराखंड सरकार के सशक्त शासन मॉडल, पारदर्शी नीतियों और जन केंद्रित दृष्टिकोण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास और पर्यावरणीय संतुलन के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए खनन क्षेत्र को सतत विकास की दिशा में अग्रसर करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने खनन क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता को समाप्त करते हुए एक उत्तरदायी और आधुनिक प्रणाली विकसित की है। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि उनका संवेदनशील प्रबंधन ही हमारी प्राथमिकता है।”

उन्होंने खनन विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीम उत्तराखंड के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के राजस्व वृद्धि के संदर्भ में विशेष रूप से खनन विभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के खनन राजस्व में हुई 800 करोड़ की अप्रत्याशित बढ़ोतरी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार की नवीन खनन नीति प्रभावी, पारदर्शी और सशक्त रूप से लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के प्रतिनिधि व अधिकारी भी उत्तराखण्ड आकर खनन क्षेत्र में क्रियान्वित मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं तथा यहाँ की नीतियों और व्यवस्थाओं को अपने-अपने राज्यों में लागू करने के प्रयास कर रहे हैं।

खनन विभाग ने बताया कि राज्य में खनन क्षेत्र के समुचित नियमन, सतत निगरानी और स्थानीय जनहितों की सुरक्षा के लिए ठोस कार्ययोजनाएं लागू की जा रही हैं। भविष्य में खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को और मज़बूती प्रदान की जाएगी। उत्तराखंड सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में खनन क्षेत्र में पारदर्शी प्रक्रियाओं, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के लिए देश में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित हो।

बॉलीबिल्डिंग फिटनेस एसोसिएशन के अध्यक्ष बने विवेक तिवारी

ऋषिकेश बॉडीबिल्डिंग फिटनेस एसोसिएशन की वार्षिक बैठक आयोजित की गई। इसमें सर्वसम्मति से विवेक तिवारी को एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा प्रतियोगिता के लिए कार्यक्रम संयोजक की जिम्मेदारी कैलाश सेमवाल व महामंत्री की जिम्मेदारी रवि नेगी को दी गई।

इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट और निवर्तमान अध्यक्ष प्रदीप कोहली व निर्वतमान कार्यकारिणी को अपना कार्यकाल पूर्ण करने पर बधाई दी गई। नवनियुक्त अध्यक्ष विवेक तिवारी ने कहा कि हमारा उद्देश्य युवाओं के शरीर को स्वस्थ रखना, युवाओं को नशे से दूर रखना है, क्योंकि बलवान शरीर ही बलवान समाज और एक सशक्त शक्तिशाली राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।

बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता की तिथियों की जानकारी देते हुए अध्यक्ष विवेक तिवारी ने बताया कि प्रतियोगिता 7 और 8 फरवरी 2026 का आयोजित कराई जाएगी। अगली मीटिंग में स्थान का भी चयन कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आकर्षक पुरस्कारों की भी रूपरेखा तैयार की जाएगी। जिससे प्रतियोगियों का मनोबल बढ़ाया जा सके व युवाओं को प्रेरणा मिलें। बैठक में मीडिया कॉर्डिनेटर रंजन अंथवाल को नियुक्त किया गया।

इस मौके पर संगठन के संरक्षक कपिल गुप्ता, राज वर्मा, पार्षद वीरेंद्र रमोला, पार्षद राजेंद्र बिष्ट, प्रवीण सजवाण, विकास सेमवाल, राकेश कुमार, नीरज चौहान, आदेश कुमार, अभिषेक रावत, अंकित जोशी, अभिषेक कुमार, विवेक शर्मा, प्रवीन रावत, संदीप भट्ट, अमित कश्यप, वंश बिष्ट आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड में सीमाओं पर मिलावट पर बढ़ी चौकसी, देहरादून हरिद्वार, यूएस नगर और नैनीताल में रखी जा रही है विशेष निगरानी

त्योहारी बाजारों में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच उत्तराखंड सरकार ने मिलावटखोरों पर सख्ती की रणनीति अपना ली है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह व्यापक अभियान न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि मिलावट के कारोबार में लिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश दे रहा है “मिलावट पर जीरो टॉलरेंस।” मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सख्त निर्देशों पर प्रदेशभर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। सचिव स्वास्थ्य व आयुक्त खाघ संरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार के आदेश और अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में राज्यभर में लगातार छापेमारी की जा रही है। सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि बाहरी राज्यों से मिलावटी मावा और मिठाइयाँ उत्तराखंड में प्रवेश न कर सकें।

सचिव स्वास्थ्य व आयुक्त खाद्य संरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग ने बताया कि दीपावली तक पूरे प्रदेश में स्पेशल टास्क फोर्स की तर्ज पर निगरानी दल गठित किए गए हैं। जिन क्षेत्रों से मिलावट की शिकायतें मिल रही हैं, वहां सरप्राइज चेकिंग की जा रही है। प्रत्येक जिले से रोजाना रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी, ताकि आवश्यकतानुसार अभियान की तीव्रता और जांच के दायरे को और बढ़ाया जा सके। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि सस्ती मिठाइयों और खुले मावे से बचें, और मिठाई खरीदते समय ब्रांड, पैकिंग और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।

देहरादून में व्यापक निरीक्षण अभियान
दीपावली से पहले जनपद देहरादून में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने मिठाई और दुग्ध उत्पाद बेचने वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना के नेतृत्व में टीमों ने हर्रावाला, मोहकमपुर, हरिद्वार रोड और सहसपुर क्षेत्र में छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान कलाकंद, घी और दूध उत्पादों के कुल 10 नमूने जांच हेतु लिए गए जिन्हें खाद्य विश्लेषण शाला भेज दिया गया है। इस अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह (नगर निगम क्षेत्र), संजय तिवारी (विकासनगर) और कपिल देव (मसूरी) सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। विभाग ने साफ किया कि आगामी दिनों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अमानतगढ़ में बड़ी कार्रवाईरू 10 क्विंटल मावा जब्त
दीपावली से ठीक पहले खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना बुग्गावाला क्षेत्र स्थित पुलिस चौकी अमानतगढ़ में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने महिंद्रा एसयूवी-500 वाहन (मुज़फ्फरनगर से देहरादून की ओर) को रोककर तलाशी ली, जिसमें लगभग 900 किलो (10 क्विंटल) मावा बरामद किया गया। मावा में मिलावट की आशंका के चलते नमूने संग्रह कर रुद्रपुर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वाहन चालक आरिफ पुत्र मोहम्मद नईम और मावा के मालिक छुट्टन लाल प्रमोद कुमार, निवासी मुज़फ्फरनगर से पूछताछ की जा रही है। मावा देहरादून के हनुमान चौक क्षेत्र में सप्लाई किया जाना था। इस कार्रवाई में टीम उपायुक्त थ्क्। गढ़वाल आर.एस. रावत, सहायक आयुक्त थ्क्। हरिद्वार एम.एन. जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, तथा अमानतगढ़ पुलिस टीम शामिल रही। विभाग ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रुड़की में बिना तापमान नियंत्रण के मावा सप्लाई पकड़ा गया
इसी क्रम में, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं मानक नियंत्रण विभाग की एक अन्य टीम ने रुड़की क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई की। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में टीम ने दिल्ली से आ रहे एक वाहन (मारुति ैन्ट, नंबर क्स्10ब्ज्0544) को रोका। वाहन की जांच में लगभग 10 लीटर मावा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब ₹55,000 आंकी गई। वाहन में न तो तापमान नियंत्रण प्रणाली थी और न ही मावा के परिवहन का लाइसेंस। जांच में यह मावा अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में तैयार किया गया पाया गया। टीम ने मौके से नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। वाहन से प्लास्टिक के कट्टे और पॉलीथीन बैग भी मिले, जो खाद्य भंडारण के लिए प्रतिबंधित हैं। बरामद मावा को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। दीपावली जैसे त्योहारों पर मिलावटखोरों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है और हर जिले में निरीक्षण टीमों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का बयान
त्योहारी सीजन में दूध, मावा और मिठाई जैसे उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका अधिक होती है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध सामग्री या प्रतिष्ठान पर तुरंत कार्रवाई करें। आम जनता से भी अपील है कि वे संदिग्ध खाद्य वस्तुओं की सूचना तुरंत दें।

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
प्रदेशभर में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। सीमाओं, मंडियों और शहरी क्षेत्रों में गहन निरीक्षण हो रहा है। जो भी व्यक्ति या व्यापारी खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ एफएसएसएआई एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मावा, मिठाई, तेल और घी की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रतिदिन अभियान चलाएं। सीमावर्ती जनपदोंकृदेहरादून हरिद्वार, उधमसिंहनगर,और नैनीताल में विशेष निगरानी रखी जा रही है।