डीरिग्यूलेशन एवं ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस पर टास्क फोर्स ने उत्तराखण्ड में प्रगति की समीक्षा की

भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय की एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स ने 16 अक्टूबर 2025 को देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य में डीरिग्यूलेशन एवं ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस पहल की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक की अध्यक्षता सचिव, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग मीता राजीवलोचन एवं मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संयुक्त रूप से की।

बैठक में टास्क फोर्स ने डीरिग्यूलेशन फ्रेमवर्क के अंतर्गत चिन्हित प्राथमिक क्षेत्रों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान विनियमों के सरलीकरण, अनुपालन बोझ में कमी तथा निवेश अनुकूल वातावरण सृजित करने हेतु आगे की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री की पहल पर प्रारंभ की गई यह डीरिग्यूलेशन पहल, जिसे भारत सरकार के कैबिनेट सचिव द्वारा व्यक्तिगत रूप से मॉनिटर किया जा रहा है, राज्यों को भूमि, भवन एवं निर्माण, श्रम, तथा उपयोगिताएं एवं अनुमतियों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नियमों के सरलीकरण और सुधार में सहायता प्रदान करती है। इस पहल का उद्देश्य एक विश्वास-आधारित, पारदर्शी एवं व्यवसाय-अनुकूल शासन प्रणाली की स्थापना करना है।

टास्क फोर्स ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सुधारों के क्षेत्र में किए गए सक्रिय प्रयासों की सराहना की तथा राज्य को अंतरविभागीय समन्वय और डिजिटल एकीकरण को और सुदृढ़ करने हेतु प्रोत्साहित किया, ताकि सुधार की गति को निरंतर बनाए रखा जा सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडे, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सशक्त बहना उत्सव कार्यक्रम में बोले सीएम, “महिलाएँ बनें आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की अग्रदूत”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के छीनीगोठ में आयोजित “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव” में प्रतिभाग कर महिलाओं के आत्मविश्वास, उद्यमशीलता और पारंपरिक कौशल का उत्सव मनाया।

कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बेटियों के उत्साह को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “महिलाओं की भागीदारी से ही ‘विकसित उत्तराखण्ड’ का सपना साकार होगा। राज्य सरकार महिलाओं को केवल सहयोग नहीं दे रही, बल्कि उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

मुख्यमंत्री धामी ने उत्सव स्थल पर लगे विभिन्न लाइव स्टालों का अवलोकन किया और महिलाओं के श्रम व कौशल को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया। उन्होंने न केवल प्रदर्शनी देखी, बल्कि महिलाओं की गतिविधियों में स्वयं भाग लेकर उन्हें प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री धामी ने एक स्टाल पर जाकर महिलाओं के साथ पारंपरिक तरीके से मट्ठा बनाने की प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खाद्य पदार्थ हमारी संस्कृति और स्वास्थ्य दोनों से जुड़े हैं, इन्हें आधुनिक रूप में बाजार से जोड़ना समय की मांग है।

इलेक्ट्रिक कार्यों में संलग्न महिलाओं के स्टाल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के साथ दीपावली की लाइटों की सोल्डरिंग करते हुए “लोकल फॉर वोकल” के मंत्र को साकार रूप दिया। उन्होंने कहा कि “महिलाएँ अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उत्पादक और उद्यमी बन रही हैं। यही आत्मनिर्भर भारत की असली तस्वीर है।” मुख्यमंत्री ने दीपावली पर महिलाओं द्वारा निर्मित अधिक से अधिक उत्पाद खरीदने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कृषि आधारित गतिविधियों की सराहना करते हुए महिलाओं के साथ ओखल में धान कूटने की प्रक्रिया में भी सहयोग किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कृषि पद्धतियाँ और हस्तनिर्मित खाद्य पदार्थ आज स्वास्थ्य, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में महिलाओं के योगदान को प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया और महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड के हर जिले में ऐसे उत्सवों के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को मार्केट लिंक उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘महालक्ष्मी किट’ का वितरण लाभार्थी महिलाओं को किया। इसके पश्चात् उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से बाल भोग खिलाया और उनसे आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि “हर बच्चा स्वस्थ और शिक्षित हो कृ यही सशक्त समाज की पहली शर्त है।” उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे जमीनी स्तर पर पोषण अभियान और प्रारंभिक शिक्षा को सफल बनाने की सबसे मजबूत कड़ी हैं।

महिलाओं द्वारा संचालित लौह उद्योग स्टाल पर मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं चरखा चलाया, भट्टी गर्म की और लौह उत्पाद निर्माण की प्रक्रिया में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भी महिलाओं की तकनीकी दक्षता और आत्मनिर्भरता का उदाहरण बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिला समूहों को सामूहिक उद्यमों, उत्पाद निर्माण, परिवहन सेवाओं और हस्तशिल्प क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए हर संभव वित्तीय, तकनीकी और विपणन सहयोग प्रदान कर रही है।

उन्होंने कहा कि “महिलाओं के सशक्तिकरण से ही राज्य सशक्त होगा। जब बहनें आत्मनिर्भर होंगी, तभी उत्तराखण्ड आत्मनिर्भर बनेगा।”

धामी ने कहा “नारी तू शक्ति है, नारी तू सृष्टि की मुस्कान है; जब नारी सशक्त होगी, तभी उत्तराखण्ड समृद्ध होगा।” उन्होंने सभी लोगों को दीपावली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “महिलाएँ लक्ष्मी स्वरूपा हैं, उनके सशक्त होने से परिवार, समाज और राष्ट्र सब सशक्त होते हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नारी तू नारायणी’ मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण हेतु निरंतर कार्यरत हैं। उज्ज्वला, जन धन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास, बेटी बचाओदृबेटी पढ़ाओ तथा नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी योजनाओं से महिलाओं को सशक्त बनाया गया है।

उन्होंने कहा प्रदेश में लगभग 70 हजार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 5 लाख से अधिक महिलाएँ स्वरोजगार से जुड़ी हैं, जिनमें 1.65 लाख ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू कर चुकी है तथा समान नागरिक संहिता लागू कर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, माताओं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए पूर्णतः समर्पित है। उन्होंने मातृशक्ति से आह्वान किया कि वे ‘लोकल फॉर वोकल’ के मंत्र को जन आंदोलन बनाकर आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण में सहभागी बनें।

कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, प्रदेश महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, जिला पंचायत सदस्य सरस्वती चंद, नगर पालिका अध्यक्ष चंपावत प्रेमा पांडे, टनकपुर नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, बनबसा नगर पंचायत अध्यक्ष रेखा देवी, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ० जी एस खाती सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, गणमान्य नागरिक व हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

टनकपुर में सीएम ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी ‘खुशियों की चाबी’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्रीड़ा स्थल छीनीगोठ, टनकपुर में आयोजित “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव” कार्यक्रम के दौरान टनकपुर में नवनिर्मित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय भवन सहित कुल 15 महत्त्वपूर्ण विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम में कुल ₹3630.89 लाख (लगभग ₹36.30 करोड़) की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन योजनाओं का उद्देश्य शिक्षा, पेयजल, कानून व्यवस्था, पर्यटन और कल्याण जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना और जनता को सुगम सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।

09 योजनाओं का लोकार्पण- ₹938.33 लाख की लागत से
मुख्यमंत्री श्री धामी ने विभिन्न विभागों की कुल 09 विकास योजनाओं का लोकार्पण किया।
टनकपुर में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय भवन का लोकार्पण-प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, चंपावत द्वारा निर्मित ₹45.00 लाख की लागत से बने इस भवन में आधुनिक व्यवस्था स्थापित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह कैंप कार्यालय केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान केंद्र बनेगा। इससे स्थानीय जनता और प्रशासन के बीच संवाद और समन्वय और अधिक सुदृढ़ होगा।”

इसके साथ साथ राजकीय प्राथमिक विद्यालय फागपुर एवं जूनियर हाई स्कूल फागपुर को स्मार्ट कक्षाओं में परिवर्तित कर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया (₹76.40 लाख)।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय भजनपुर के भवन का पुनर्निर्माण (₹74.50 लाख)।

डेविड पेंटर स्कूल, गुदमी में दो कक्षा-कक्षों का निर्माण (₹16.00 लाख)।

भैंसियाखाल पंपिंग पेयजल योजना (₹136.77 लाख)।

बिचाई पंपिंग पेयजल योजना (₹182.61 लाख)।

कोतवाली टनकपुर परिसर में सिटी कंट्रोल रूम की स्थापना एवं यातायात व्यवस्था के सुधार हेतु उपकरण व सामग्री की आपूर्ति (₹239.05 लाख)।

पर्यटक आवास गृह, टनकपुर के अवशेष कक्ष एवं हॉल का उच्चीकरण (₹68.00 लाख)।

एनएचपीसी बनबसा द्वारा टनकपुर पावर स्टेशन मुख्य गेट से पाटनी तिराहा, बनबसा तक सड़क की मरम्मत (₹100.00 लाख)।

06 योजनाओं का शिलान्यास- ₹2692.56 लाख की लागत से
मुख्यमंत्री श्री धामी ने 06 महत्त्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास भी किया।

ब्रिडकुल हल्द्वानी द्वारा राजकीय महाविद्यालय टनकपुर में परीक्षा हॉल का निर्माण (₹826.99 लाख)।

जल संस्थान द्वारा लादीगाड़ श्री पूर्णागिरी पंपिंग पेयजल योजना (₹811.70 लाख)।

ठुलीगाड़/बाबलीगाड़ पंपिंग पेयजल योजना (₹712.87 लाख)।

ग्राम खिरद्वारी में बुक्सा एवं राजी जनजाति के लिए बहुउद्देशीय भवन का निर्माण (₹60.00 लाख)।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बनबसा में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट की स्थापना (₹50.00 लाख)।

एनएचपीसी बनबसा द्वारा माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले यात्रियों के लिए ग्राम चुका, टनकपुर में शेड निर्माण (₹231.00 लाख)।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “इन योजनाओं के पूर्ण होने से टनकपुर क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलेगी। यह निवेश सीमांत क्षेत्र के सर्वांगीण उत्थान का आधार बनेगा।”

मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी ‘खुशियों की चाबी’
मुख्यमंत्री श्री धामी ने इस दौरान रीप परियोजना के अंतर्गत प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 5 ई-रिक्शा की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने स्वयं महिला समूह की प्रतिनिधियों को ई-रिक्शा की ‘खुशियों की चाबियाँ’ सौंपते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं की आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नई शुरुआत है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि “यह ई-रिक्शा केवल एक वाहन नहीं, बल्कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता और गरिमा की नई पहचान है। इसके माध्यम से महिलाएं न केवल बेहतर आय अर्जित करेंगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन जैसे पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगी।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को ‘सहायता प्राप्तकर्ता’ नहीं, बल्कि ‘सशक्त उद्यमी’ के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को सामूहिक रूप से इस प्रकार के उद्यम स्थापित करने के लिए हर संभव वित्तीय, तकनीकी और प्रशिक्षण सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भरता के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएंगे, बल्कि “नारी शक्ति को नये अवसरों और सम्मान से जोड़ने का माध्यम बनेंगे।”

मुख्यमंत्री ने किया 20.89 करोड़ रुपये की लागत से खटीमा मेलाघाट सड़क पुनर्निर्माण कार्यों का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा मेलाघाट राज्य मार्ग (राज्य मार्ग संख्या 107) के पुनर्निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर शिलान्यास किया। यह परियोजना ₹2089.74 लाख की लागत से बनाई जाएगी। इसके अंतर्गत 11.50 किलोमीटर लंबी सड़क का पुनर्निर्माण, केसी ड्रेनेज सिस्टम, सड़क सुरक्षा कार्य, रोड साइनएज की स्थापना, तथा टीबीएम एवं बीसी द्वारा सुदृढ़ीकरण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सड़क केवल खटीमा क्षेत्र के विकास की धुरी नहीं है, बल्कि भारत-नेपाल सीमावर्ती संपर्क का भी महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क के सुधारीकरण से खटीमा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को न केवल सुगम यातायात सुविधा मिलेगी, बल्कि सीमावर्ती व्यापार, पर्यटन और शिक्षा से जुड़े अवसरों को भी नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के साथ-साथ भू-कटाव रोकने और स्थानीय जल निकासी व्यवस्था के सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित बनी रहे। उन्होंने कहा कि खटीमा अब शिक्षा का हब बन चुका है, जहाँ से प्रदेश ही नहीं बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थी भी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड का हर क्षेत्र सुगम, सशक्त और समृद्ध बने। विकास की हर परियोजना जनता के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। खटीमा मेलाघाट सड़क परियोजना भी इसी दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “कनेक्टिविटी ही विकास की रीढ़” के संकल्प को आगे बढ़ा रही है। इसी भावना के अनुरूप राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में सड़कों का विस्तार और आधुनिकीकरण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को आगामी दीपावली और अन्य त्योहारों की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पर्वों के अवसर पर राज्य की सुरक्षा, सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दायित्वधारी फरजाना बेगम, अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

महिलाओं ने फूलो और आशीर्वाद से किया स्वागत, सीएम बोले, चम्पावत मेरी प्रेरणा है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत का सड़क मार्ग से दौरा किया। उन्होंने चम्पावत से टनकपुर तक के मार्ग में विभिन्न गांवों में रुककर ग्रामीणों से मुलाकात की और सीधा जनसंवाद स्थापित किया।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने दौरे के दौरान मुड़ियानी, धौन, स्वाला, अमोड़ी, चल्थी, सिंयाड़ी, सूखीढांग और बस्तियां जैसे ग्राम क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, चल रहे विकास कार्यों, तथा जनसमस्याओं की जानकारी ली।

हर स्थान पर मुख्यमंत्री का स्वागत अत्यंत गर्मजोशी से किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत फूलों और मंगल गीतों के साथ किया। मातृशक्ति द्वारा दिए गए फूलों और आशीर्वाद को मुख्यमंत्री ने बड़े स्नेह से स्वीकार किया और कहा कि “यह आशीर्वाद ही मेरे कार्यों की सच्ची ऊर्जा है।” उन्होंने कहा कि चम्पावत की जनता का स्नेह और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थानों पर बच्चों से भी संवाद स्थापित किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, सपनों और करियर के बारे में पूछा तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा “आप सभी बच्चे हमारे प्रदेश का भविष्य हैं। जिस दिन आप सभी आत्मविश्वास से अपने सपने पूरे करेंगे, उस दिन उत्तराखण्ड अपने विकास के सर्वाेत्तम शिखर पर होगा।”

मुख्यमंत्री ने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि सरकार लगातार शिक्षा और कौशल विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है।

स्थानीय उत्पादों को दिया बढ़ावा-खरीदी पहाड़ी गडेरी और अदरक
चल्थी में मुख्यमंत्री धामी एक स्थानीय दुकान पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्वयं स्थानीय कृषि उत्पाद-गडेरी (पहाड़ी बड़ी अर्बी) और अदरक खरीदी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “वोकल फॉर लोकल” के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है और हर व्यक्ति को स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत का हर कोना उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा-“मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे चम्पावत की सेवा करने का अवसर मिला है। यहाँ की जनता का स्नेह और विश्वास मेरे लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। हम सब मिलकर चम्पावत को एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाएँगे।”

उन्होंने ग्रामीणों को दीपावली, धनतेरस और भैया दूज की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह त्यौहार प्रदेश में सुख, समृद्धि और खुशहाली लाएँ।

मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान ग्रामीणों के साथ विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, सिंचाई, कृषि और स्थानीय रोजगार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित के सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किए जाएँ।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुविधा, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है।

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर सीएम धामी का शिकंजा, 180 किलो पनीर नष्ट, सैंपल जांच के लिए भेजे गए

दीपावली और अन्य त्योहारी पर्वों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशभर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ़ बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सख्त निर्देशों पर, स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई पूरे राज्य में तेज़ी से जारी है। अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में सभी जनपदों में लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग की जा रही है। सरकार का स्पष्ट संदेश है, खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

देहरादून जिले में रातभर चला औचक निरीक्षण अभियान
जनपद देहरादून में मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य त्योहारी सीजन में आमजन को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। आयुक्त के निर्देशों के अनुपालन में बुधवार को प्रातः 4 बजे से ही विशेष जांच अभियान शुरू किया गया, जिसके अंतर्गत सेलाकुई, विकासनगर, ऋषिकेश और मसूरी क्षेत्रों में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने औचक निरीक्षण किया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर, संजय तिवारी ने बताया कि सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, जनपद देहरादून, मनीष सयाना के नेतृत्व में विभागीय टीम ने देर रात और तड़के सुबह तक अभियान चलाया। इस दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र, रमेश सिंह के साथ विकासनगर क्षेत्र में स्कूटी से अस्वच्छ स्थिति में वितरित किए जा रहे लगभग 60 किलो पनीर को मौके पर नष्ट किया गया। वहीं, सेलाकुई में होंडा सिटी वाहन (न्च् 17 भ् 1400) से लगभग 120 किलो पनीर को भी अनहाइजेनिक स्थिति में वितरित करते हुए पकड़ा गया। विभागीय टीम ने उसका नमूना लेकर शेष पनीर को शीशमवाड़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड में नष्ट कराया।

कुल 15 नमूने जांच को भेजे गए
सहायक आयुक्त खाद्य संरक्षा जनपद देहरादून मनीष सयाना ने बताया कि दीपावली को देखते हुए जनपद में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आज जनपद देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों विकासनगर, सेलाकुई, ऋषिकेश और मसूरी में अभियान चलाकर दूध, पनीर और मिठाई के कुल 15 नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। सभी नमूनों को खाद्य विश्लेषणशाला भेजा गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे अभियान में सहायक आयुक्त मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह (नगर निगम क्षेत्र), वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी (विकासनगर क्षेत्र), वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह (ऋषिकेश क्षेत्र), और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव (मसूरी क्षेत्र) सहित विभाग के कई अधिकारी शामिल रहे। सभी टीमों ने मिलकर जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में सुबह से शाम तक निरीक्षण अभियान चलाया।

हरिद्वार में मिठाई निर्माण इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन और हरिद्वार पथरी पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को पदार्था हरिद्वार मुस्तफाबाद क्षेत्र में छापेमारी कर दो मिठाई निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि इकाइयों में गंदगी और कीचड़ के बीच मिठाई तैयार की जा रही थी। स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर ही करीब दो कुंतल बतीसा नष्ट कराया गया। वहीं, फूड लाइसेंस न होने पर एक फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए। टीम ने गुलाब जामुन और सफेद रसगुल्ले के एक-एक तथा बतीसा के तीन नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे। यह कार्रवाई जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, योगेंद्र पांडेय और पथरी पुलिस टीम की मौजूदगी में की गई। विभाग ने साफ किया कि मिलावटी और अस्वच्छ खाद्य पदार्थ बनाने वालों के खिलाफ सख्त कदम जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले- सेहत से समझौता नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा त्योहारों के समय बाजारों में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। मैं साफ कहना चाहता हूं कि नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जो लोग मिलावट का कारोबार कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार हर नागरिक को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दिए सख्त निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा हमारी प्राथमिकता जनता का स्वास्थ्य है। सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां कहीं मिलावट की आशंका हो, वहां तत्काल छापेमारी करें। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर जिले में अभियान लगातार जारी रहेगा।

जनता को मिल रहा सकारात्मक संदेश
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि त्योहारी सीजन में विभाग ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। हमारी टीमें सीमांत क्षेत्रों और मंडियों में तैनात हैं ताकि अन्य राज्यों से आने वाले संदिग्ध खाद्य उत्पादों को सीमाओं पर ही रोका जा सके। अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई नहीं बल्कि उपभोक्ताओं के प्रति जागरूकता भी है। जनता को भरोसा होना चाहिए कि सरकार उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है।

टीमें सुबह और देर रात तक सक्रिय रहेगी
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा त्योहारी सीजन के दौरान दूध, मिठाई, पनीर, तेल, घी और मसालों की विशेष जांच की जा रही है। टीमें सुबह और देर रात तक सक्रिय रहेंगी। जहां से शिकायतें मिलेंगी, वहां तुरंत कार्रवाई होगी। इन सख्त कार्रवाइयों से उपभोक्ताओं में राहत और भरोसा दोनों बढ़ा है। सरकार का यह रुख साफ है राज्य की पहचान विकास, विश्वास और स्वच्छता से है, मिलावट और अस्वच्छता से नहीं।

वे साइड एमिनिटी बनने से पर्यटन व स्थानीय रोजगार को मिलेगा नया आयामः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अमोड़ी में लगभग ₹1.60 करोड़ की लागत से बनने वाली “वे साइड एमिनिटी परियोजना का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। यह परियोजना मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत ग्राम उत्थान परियोजना तथा उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड, रुद्रपुर के सहयोग से स्थापित की जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना ‘आदर्श चम्पावत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल क्षेत्र के पर्यटन ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएँगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वे साइड एमिनिटी कॉम्प्लेक्स में आने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए आरामदायक विश्राम स्थल, स्वच्छ एवं आधुनिक शौचालय, जलपान एवं कैफेटेरिया की सुविधा, साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि एवं वन उत्पादों के बिक्री केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही वाहन पार्किंग, हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन), और सूचना केंद्र भी प्रस्तावित हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य चम्पावत को विकास के मॉडल जनपद के रूप में स्थापित करना है, जहाँ पर्यटन, कृषि, बुनियादी ढांचा और स्थानीय उद्यमिता मिलकर प्रदेश के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर बल दे रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, जैविक उत्पाद, और पारंपरिक हस्तकला को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएँ न केवल पर्यटन विकास को नई दिशा देंगी, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का मार्ग भी प्रशस्त करेंगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता के सहयोग से चम्पावत को सर्वांगीण विकास का केंद्र बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि “जनभागीदारी से ही विकास की परिकल्पना साकार हो सकती है।”

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन स्थानीय प्रशासन द्वारा किया गया तथा अंत में मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़े विभागों को समयबद्ध रूप से निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का किया ग्राउंड ज़ीरो से निरीक्षण कर बोले सीएम, 2026 तक निर्बाध होगा मार्ग यातायात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वाला डेंजर जोन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन से आमजन की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुँचकर भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी, मलबे की स्थिति, जल निकासी व्यवस्था तथा सड़क की स्थिरता का प्रत्यक्ष जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने मुख्यमंत्री को स्वाला भूस्खलन स्थल की भौगोलिक स्थिति, मलबे की मात्रा, जल प्रवाह की दिशा, भू-संरचना की प्रकृति तथा वैकल्पिक मार्गों की उपलब्धता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वाला क्षेत्र में स्थायी समाधान के लिए ठोस तकनीकी योजना तैयार की जाए ताकि भविष्य में इस मार्ग पर यातायात बाधित न हो। उन्होंने कहा कि 2026 तक इस मार्ग को पूर्णतः निर्बाध एवं सुचारु बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र के निवासियों और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की मॉनिटरिंग की जाए।

उन्होंने कहा कि राजमार्ग पर मलबा हटाने हेतु पर्याप्त मशीनरी, जेसीबी, और मैनपावर हमेशा तत्पर रखी जाए ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही वैकल्पिक मार्गों को भी पूरी तरह चालू और सुरक्षित रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को यह भी निर्देश दिए कि मार्ग से जुड़े गांवों के लोगों को समय-समय पर अपडेट किया जाए और आवश्यकतानुसार राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार ऐसी संवेदनशील स्थलों के स्थायी भू-वैज्ञानिक समाधान पर कार्य कर रही है ताकि राज्य की सड़कें हर मौसम में सुचारु बनी रहें। उन्होंने कहा कि चम्पावत-टनकपुर मार्ग क्षेत्रीय आवागमन और सीमांत इलाकों की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है, इसलिए इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ विकसित किया जा रहा है।

जीजीआईसी चंपावत में बालिकाओं के साथ बैठकर सीएम धामी ने किया भोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के विकास के लिए ₹115.23 करोड़ की लागत की 43 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

जीजीआईसी चंपावत में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ₹51.37 करोड़ की 22 योजनाओं का लोकार्पण एवं ₹ 63.86 करोड़ की 21 योजनाओं का शिलान्यास करते हुए कहा कि यह योजनाएं चंपावत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श चंपावत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में यह योजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत जिला, उत्तराखंड की आत्मा है और सरकार इसे राज्य का “मॉडल जिला” बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता हर क्षेत्र में संतुलित और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उनका कार्य समयबद्ध एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं के साथ बैठकर भोजन भी किया। और उनसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की एवं पढ़ाई के संबंध में फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री ने जीजीआईसी ऑडिटोरियम में आमनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत आत्मनिर्भर भारत, नशामुक्त समाज, स्वच्छता, जल संरक्षण और आदर्श चंपावत के निर्माण हेतु डिजिटल हस्ताक्षर किए

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख अचला बोहरा, बराकोट ब्लॉक प्रमुख सीमा आर्या, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल अन्य लोग उपस्थित रहे।

वरिष्ठजन के अनुभव और आशीर्वाद से ही चंपावत आदर्श जनपद बनेगाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला पंचायत सभागार, चंपावत में प्रबुद्ध नागरिकों एवं वरिष्ठजनों के साथ संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज के अनुभव, ज्ञान और मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा हमारे वरिष्ठजन समाज के मार्गदर्शक स्तंभ हैं। उनके अनुभव और आशीर्वाद से ही चंपावत आदर्श जनपद बनेगा, और आदर्श चंपावत से ही आदर्श उत्तराखंड का मार्ग प्रशस्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत जिले के केवल सिप्टी क्षेत्र में ही ₹100 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि समूचे जनपद में इससे कहीं अधिक कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि अब तक उनकी ओर से की गई 306 घोषणाओं में से 196 पूरी की जा चुकी हैं, जबकि शेष पर तीव्र गति से कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श चंपावत केवल एक जिला नहीं, बल्कि “आदर्श उत्तराखंड” के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में साइंस सेंटर का निर्माण पूर्ण हो चुका है, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का नया परिसर आरंभ हो चुका है और चंपावत को स्मार्ट सिटी मिशन में भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि रोपवे परियोजना, शारदा कॉरिडोर और वेडिंग डेस्टिनेशन उत्तराखंड योजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य जारी है।

सम्मेलन में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि चंपावत ने जिस विश्वास के साथ उन्हें 93 प्रतिशत से अधिक मत देकर विधायक बनाया था, वही विश्वास अब विकास कार्यों के रूप में धरातल पर दिख रहा है। उन्होंने कहा आने वाले समय में यह समर्थन 100 प्रतिशत तक पहुँचेगा।

वरिष्ठजनों ने जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में हो रहे सुधारों की सराहना की। उन्होंने पेंशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और अपेक्षा जताई कि सरकार इसी संवेदनशीलता के साथ आगे भी कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख अचला बोहरा, बाराकोट ब्लॉक प्रमुख सीमा आर्या, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल सहित जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन, वरिष्ठ नागरिक एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।