चीन के आगे कहीं नही टिकता भारतः चीन

डोकलाम विवाद पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जो बयान दिया था उस पर चीन की प्रतिक्रिया आई है। चीन ने इस मुद्दे पर सुषमा स्वराज को ही झूठा करार दिया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने एक आर्टिकल में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को झूठ बोलने का दोषी ठहराया है। साथ ही उने कहा है कि डोकलाम इलाके से दोनों देशों द्वारा एक साथ सेनाएं हटाने को भारत की कोरी कल्पना बताया है।
ग्लोबल टाइम्स ने 21 जुलाई को एक एडीटोरियल में लिखा है, अगर भारत अपने सैनिक नहीं हटाता है तो चीन के पास आखिरी विकल्प है उससे लड़ाई और बगैर किसी कूटनीति के लड़ाई का खात्मा। सुषमा स्वराज ने संसद के मॉनसून सत्र में साफ किया था कि चीन डोकलाम के ट्राइ जंक्घ्शन में यथास्थिति बदलना चाहता है और इससे भारत की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। डोकलाम में चीन भारी सैन्य वाहन और टैंक की आवाजाही लायक सड़क बनाना चाहता है। डोकलाम इलाके को चीन अपना डोंगलॉन्ग इलाका बताता है। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, भारतीय विदेश मंत्री ने झूठ बोला, सबसे पहली बात ये है कि भारत ने उस इलाके में घुसपैठ किया है, भारत के रवैये से पूरी दुनिया हैरान है और उसे किसी देश का समर्थन नहीं मिल रहा है। चीन के आगे नहीं टिकता भारत
चीनी अखबार ने लिखा है कि सैन्य क्षमता के मामले में भारत चीन से बहुत पीछे है और मामले ने सैन्य समाधार का रुख किया तो इसमें कोई संदेह नहीं कि हार भारत को होगी। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक भारत ने चीन की सीमा में घुसपैठ की है तो ऐसे में स्वराज संसद में झूठ बोल रही हैं और देश को गुमराह कर रही हैं। एडीटोरियल के मुताबिक स्वराज का बयान यह बताने के लिए काफी है कि भारत कैसे बयान बदलकर अपना रुख बदल रहा है। आर्टिकल में लिखा है कि पहले भारत ने डोंगलांग को एक ट्राइ-जंक्शन बताने के साथ ही इस पूरे मसले की शुरुआत की। इससे साफ पता लगता है कि कैसे भारत अब अपना रुख बदल रहा है।

राष्ट्रपति भवन में गरीबों का प्रतिनिधि बनकर जा रहा हूं

रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति चुने गए। रामनाथ कोविंद को 7 लाख 2 हजार 44 वोट और विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को 3 लाख 67 हजार 314 वोट मिले। राष्ट्रपति चुने जाने के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि गरीबी से उठकर कच्चे घर में पलकर आज यहां तक पहुंचा हूं। राष्ट्रपति भवन में ऐसे गरीबों का प्रतिनिधि बनकर जा रहा हूं।
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लड्डू खिलाकर मुंह मीठा कराया।
प्रधानमंत्री मोदी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ रामनाथ कोविंद से मिलने 10 अकबर रोड पहुंचे। प्रधानमंत्री ने गुलाब का फूल देकर और गले में साफा डालकर उनका सम्मान किया। रामनाथ कोविंद ने चुनाव आयोग से मिला प्रमाण पत्र भी दिखाया। प्रधानमंत्री मोदी ने रामनाथ कोविंद के साथ अपने रिश्तों की मजबूती दिखाने के लिए 20 साल पुराना फोटो और बीस साल बाद का बिल्कुल नया फोटो ट्वीट किया है। बीस साल पहले की फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामनाथ कोविंद के साथ एक शादी समारोह में नजर आ रहे हैं। इस फोटो के साथ प्रधानमंत्री ने लिखा, ”बीस साल पहले और वर्तमान।

मीरा कुमार ने बधाई दी
मीरा कुमार ने रामनाथ कोविंद को बधाई देते हुए कहा, मैं नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को बधाई देती हूं. अब उन पर संविधान की रक्षा करने की जिम्मेदारी है। मैं वोट देने वाले हर व्यक्ति को शुक्रिया करती हूं। जिस विचारधारा की लड़ाई लड़ने के लिए मैंने चुनाव लड़ा वो आज 20 जुलाई 2017 को खत्म नहीं हुई है, ये लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

रामनाथ को याद आया गांव और बचपन
जीत के बाद राम नाथ कोविंद ने कहा, आज के चुनाव के लिए सभी का धन्यवाद करता हूं। सांसदों और विधायकों ने मुझ पर भरोसा जताया इसके लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूं। विपक्ष की उम्मीदवार रहीं मीरा कुमार जी को शुभकामनाएं देता हूं। जिस पद का गौरव डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णण, अब्दुल कलाम और प्रणव मुखर्जी जैसे विद्वानों ने बढ़ाया है उस पद के लिए चुना जाना मुझे बड़ी जिम्मेदारी का अहसास दिला रहा है। निश्चित रूप से मेरे लिए ये भावुक क्षण है।
कोविंद ने कहा, ”आज दिल्ली में सुबह से बारिश हो रही है। ये बारिश मुझे मेरे बचपन की याद दिला रही है। मैं अपने पैतृक गांव में रहता था, घर कच्चा था मिट्टी की दीवारें थीं। फूस की छत थी जिससे पानी टपकता था। उस वक्त हम सब भाई बहन दीवारे के सहारे खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार करते थे। कोविंद ने कहा, ”आज देश में कितनी राम नाथ कोविंद होंगे जो खेत में काम कर रहे होंगे और पसीना बहा रहे होंगे। मुझे उन लोगों से कहना है कि परौंख गांव का रामनाथ कोविंद उन्हीं का प्रतिनिधि बनकर जा रहा है। इस पद पर चुना जाना ना मैंने कभी सोचा था और ना कभी ऐसा लक्ष्य था।

क्या वेंकैया नाडयू फिर फेरेंगे विपक्ष के मंसूबों पर पानी?

नई दिल्ली।
कांग्रेस की अगुवाई में 18 विपक्षी दलों द्वारा गोपाल कृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बीजेपी पर दबाव था कि इस पद के लिए किसी कद्दावर शख्सियत को मैदान में उतारे। आखिरकार बीजेपी ने वेंकैया नाडयू पर दांव खेला। नायडू पार्टी और एनडीए के लिए संकटमोचक रहे हैं फिर भी उनपर उपराष्ट्रपति के लिए दांव खेलने का फैसला बीजेपी का बहुत सोच-समझकर लिया गया फैसला है।
उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। ऐसे में नायडू के लंबे संसदीय अनुभव का लाभ मिलेगा। उनकी जीत तय मानी जा रही है। वह अबतक के सभी उपराष्ट्रपतियों में राज्यसभा का सबसे ज्यादा अनुभव रखने वाले होंगे। इसके अलावा वह संसदीय कार्य मंत्री भी रहे हैं। अबतक कोई भी उपराष्ट्रपति संसदीय कार्यमंत्री नहीं रहा है। मोदी सरकार को राज्यसभा के उपसभापति के तौर पर उपराष्ट्रपति पद की संवेदनशीलता का बखूबी अंदाजा है और यह उसके फैसले में भी झलक रहा है।
वेंकैया नायडू 1998 से अब तक लगातार राज्यसभा का सदस्य रहे हैं। उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया है। उन्होंने राज्यसभा में कर्नाटक और राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया है, इस तरह उन्होंने सदन में उत्तर और दक्षिण भारत दोनों का प्रतिनिधित्व किया है। वह बीजेपी के कद्दावर नेता रहे हैं। उनके पास राजनीतिक, संसदीय और प्रशासनिक तीनों अनुभव हैं।
राज्यसभा में अपने सबसे ज्यादा अनुभवी सदस्यों में से एक को उपराष्ट्रपति पद के लिए उतारकर मोदी सरकार ने इस पद की अहमियत को तवज्जो दिया है। इसके अलावा नायडू की ईमानदारी भी संदेह से परे हैं। एक किसान के बेटे वेंकैया नायडू ग्रासरूट लेवल से उठे हैं और आज वह जो कुछ भी हैं उसके पीछे उनकी मेहनत और लगन है।
नायडू विधायक और सांसद रह चुके हैं। एक राष्ट्रीय दल के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह केंद्र में शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, इससे वह ग्रामीण भारत और शहरी भारत दोनों के आकांक्षाओं से अच्छी तरह परिचित हैं। नायडू को उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने राजनीतिक शख्स को इस उच्च संवैधानिक पद पर बैठाने की अपनी प्रतिबद्धता को दिखाया है। इससे पहले बीजेपी ने लंबे संसदीय जीवन वाले अपने कद्दावर नेता भैरो सिंह शेखावट को इस पद के लिए चुना था।

भाजपा के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे वेंकैया नायडू

बीजेपी ने उपराष्ट्रपति पद के लिए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है। लेकिन 31 मई को जब नायडू से उप-राष्ट्रपति उम्मीदवारी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था कि वह ना तो राष्ट्रपति बनना चाहते हैं, और ना ही उपराष्ट्रपति वह ऊषा के पति होकर ही खुश हैं। दरअसल, ऊषा वेंकैया की पत्नी का नाम है और नायडू ने अपनी पत्नी के नाम का उदाहरण देकर खबरों पर विराम लगा दिया था। तब नायडू के अलावा लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, नजमा हेपतुल्लाह और शरद यादव सहित कई अन्य नेताओं के नाम रेस में बताए जा रहे थे। हालांकि सोमवार को अपने नाम के ऐलान से ठीक पहले नायडू ने कहा था कि पार्टी अगर उन्हें नाम पर विचार करती है तो उन्हें पार्टी का फैसला मंजूर होगा। भाजपा दक्षिण राज्यों में मजबूत होना चाहती है, इस लिए हाईकमान ने वेंकैया नायडू को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है।

देहरादून का आशियाना बना राष्ट्रपति का सचिवालय

देहरादून।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देहरादून पहुंचकर राजपुर रोड आशियाना स्थित उपभवन का उद्घाटन किया। यहां वह विशिष्ट अतिथियों के साथ भोज में भी शामिल हुए। दिल्ली लौटते वक्त खराब मौसम के चलते उनका हेलीकॉप्टर जीटीसी हेलीपैड से जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए उड़ान नहीं भर सका। ऐसे में वह सड़क मार्ग से जौलीग्रांट के लिए रवाना हुए।
करीब तीन घंटे देहरादून में बिताने के बाद राष्ट्रपति दिल्ली के लिए रवाना हो गए। खराब मौसम के चलते वह कार से ही जौलीग्रांट रवाना हुए। प्रेसिडेंट के लिए पहले ही से ही कंटीजेंसी प्लान तैयार किया गया था। इसी के तहत वह कार से जौलीग्रांट को रवाना हुए। इससे पहले जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सेना के विशेष विमान से राष्ट्रपति दोपहर करीब पौने बारह बजे विशेष विमान से पहुंचे। इस मौके पर प्रदेश के राज्यपाल डॉ. केके पॉल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उनकी आगवानी की। स्वागत के उपरांत राष्ट्रपति सेना के हेलीकॉप्टर से जीटीसी हेलीपैड पहुंचे। यहां से वह राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति आशियाना में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे।
इस दौरान वह राष्ट्रपति सचिवालय का उद्घाटन करने के साथ ही विशिष्ट अतिथियों के साथ भोज में शामिल हुए। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। जीटीसी हेलीपैड से लेकर आशियाना तक जब उनका काफिला गुजरा तो पूरी सड़क को जीरो जोन कर दिया गया। उनके आशियाना पहुंचने के बाद ही वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सकी।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन
राष्ट्रपति डॉ. प्रणव मुखर्जी के उत्तराखण्ड आगमन पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिह के नेतृत्व में राष्ट्रपति से उनके निवास आशियाना में शिष्टाचार भेंट कर उन्हें ज्ञापन प्रेषित किया। राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि आज सबसे अधिक उपेक्षा देश के अन्नदाता की हो रही है। किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य न मिल पाने, समय पर खाद-बीज न मिल पाने तथा बिजली व सिंचाई सुविधा की परेषानियों के कारण किसान लगातार कर्ज के बोझ से दबता जा रहा है। फसल का उचित मूल्य न मिलने से किसान बैंकों का कर्जा नहीं लौटा पा रहे हैं। देशभर का किसान अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर आन्दोलनरत है और अपेक्षा कर रहा है कि केन्द्र सरकार उनकी समस्याओं का निदान करेगी, लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में अभी तक कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसी स्थिति में देशभर में किसानों की आत्महत्या के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, औसतन प्रतिदिन 35 किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने दृष्टि पत्र में राज्य की जनता से वायदा किया था कि सरकार बनने की दषा में किसानों के कर्ज मॉफ किये जायेंगे, किसानों को ब्याज रहित ऋण दिया जायेगा तथा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान 15 दिन के अन्दर किया जायेगा। आज राज्य सरकार अपने इन तीनों वायदों से मुकर रही है। देश में किसानों की आत्महत्या से अभी तक अछूती देवभूमि उत्तराखण्ड में भी 16 जून 2017 से किसानें की आत्महत्या का सिलसिला जारी है। बैंक व साहूकारों के कर्ज के बोझ से दबे जनपद पिथौरागढ़, जनपद टिहरी के एवं जनपद उधमसिंहनगर के एक-एक किसान द्वारा आत्महत्या की गई तथा उधमसिंनगर के एक किसान की बैंक की वसूली के नोटिस आने के बाद हृदय घात से मृत्यु हुई। इस प्रकार राज्य में अब तक चार किसानों द्वारा की गई आत्महत्या से इस देवभूमि को शर्मसार होना पड़ा है। उत्तराखण्ड की देवभूमि में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला आगे न बढ़े, इस हेतु राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान की दिषा में गम्भीर नहीं दिखाई दे रही है जो कि चिन्ता का विशय है।
उत्तराखण्ड राज्य में किसानों को उनकी समस्याओं से निजात दिलाने हेतु राज्य सरकार को अविलम्ब ठोस निर्णय लेने की जरूरत है। कांग्रेस ने मांग की है कि उत्तराखण्ड राज्य के किसानों का ऋण माफ किया जाय। फसलों का समर्थन मूल्य घोषित करते हुए लागत से डेढ गुना दाम पर किसानों के उत्पाद को खरीदा जाय। किसानों को कृषि कार्य हेतु ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाय। गन्ना किसानों का बकाया भुगतान शीघ्र किया जाय। मृतक किसानों के आश्रितों को समुचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाय। राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमण्डल की बातों को गम्भीरता पूर्वक सुनने के उपरान्त केन्द्र सरकार से इस विषय में वार्ता करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसान हितों की रक्षा देशहित में आवश्यक है। कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक राजकुमार शामिल रहे।

मुनाफाखोरी रोकने को मोदी सरकार ने बाजार में उतारे जासूस

एक जुलाई से जीएसटी लागू करने के बाद अब मोदी सरकार ने आम आदमी के फायदे के लिए 200 जासूसों को बाजार में उतारा है। ये जासूस देश के छोटे-बड़े शहरों के साथ-साथ कस्बों में घूमेंगे और ऐसे बिजनेसमैन, होलसेलर और रीटेलर की पहचान करेंगे जो नए टैक्स ढ़ांचे का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
केन्द्र सरकार ने यह कदम बीते एक हफ्ते के दौरान देश के अलग-अलग कोने से मुनाफाखोरी की शिकायतें मिलने के बाद उठाया है। गौरतलब है कि देश के नए टैक्स ढ़ांचे के केन्द्र में मुनाफाखोरी रोकने के प्रावधान है और यदि मुनाफाखोरी पर लगाम नहीं लगाई जाएगी को जीएसटी का पूरा मकसद ही फेल हो सकता है।
केन्द्र सरकार को उम्मीद है कि जीएसटी लागू होने के बाद कंपनियां और दुकानदार पूरी इमानदारी से कारोबार करेंगी तो इस कर सुधार का सबसे बड़ा फायदा आम आदमी को मिलेगा। वहीं इस सुधार में कारोबारियों ने बेइमानी के नए रास्ते इजात कर लिए तो देश में महंगाई बढ़ने की आसार पैदा हो जाएंगे।

जासूस कौन है और कहां घूमेंगे?
केन्द्र सरकार की तैयारी के मुताबिक ये 200 जासूस सीनियर आईएएस, आईआरएस और आईएफएस अधिकारियों में से चुने गए हैं। इन जासूसों को सरकार ने जिम्मेदारी दी है कि वह लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में घूमकर जरूरी उत्पादों की कीमत का पूरा जाएजा लेंगे। बाजार में प्राइस ट्रेंड पर लगातार अपनी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को देंगे। किसी भी जगह दुकानों पर बिक रहे सामान की कीमत का जायजा लेने के लिए खरीदारी कर सकते हैं।
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खुलासे के बाद लालू के परिवार की मुसीबतें बढ़ी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और उनके परिवार के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली में राज्यसभा सांसद मीसा भारती और पति शैलेश से जुड़े तीन ठिकानों पर छापे मारे। कई घंटों से पूछताछ के बाद ईडी के अधिकारी लालू के दामाद शैलेश को सैनिक फार्म स्थित उनके फार्म हाउस पर अपने साथ ले गए। ईडी के अधिकारियों ने 5 घंटे तक मीसा और उनके पति से पूछताछ भी की।
आरोप है कि मीसा और उनके पति शैलेश ने मनी लॉन्ड्रिंग की है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईडी की छापेमारी की गई है। दरअसल 8000 करोड़ के ब्लैकमनी से व्हाइट करने के मामले मे जांच चल रही है, जिसमें कई लोगों द्वारा शैल कंपनियो के जरिए कालेधन को सफेद करने का आरोप है।

खुलासे के बाद मीसा पर कसा शिंकजा
आरोपों के मुताबिक इसी कंपनी में चार शैल कंपनियो के जरिए पैसा आया था। इसी पैसे से दिल्ली में फार्म हाऊस खरीदा गया था। ईडी इस मामले में शैल कंपनी के मालिक जैन बंधुओं और शैलेश के सीए राजेश अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुका है। उन्हीं के खुलासे से मीसा के बारे मे पता चला था।
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मुंबई बम ब्लास्ट में शामिल आरोपी नजीबाबाद से गिरफ्तार

मुंबई सीरियल ब्लास्ट में टाडा के एक आरोपी को गुजरात और यूपी एटीएस ने बिजनौर से गिरफ्तार कर लिया है। इस शख्स पर मुंबई ब्लास्ट में हथियारों की सप्लाई में शामिल होने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपी को गुजरात पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई।
बिजनौर के नजीबाबाद से शनिवार को टाडा के आरोपी कदीर अहमद को गिरफ्तार किया गया। कदीर पर 93 मुंबई बम ब्लास्ट में हथियार सप्लाई करने में शामिल होने का आरोप है। सूत्रों की मानें तो सीरियल ब्लास्ट के लिए टाइगर मेमन द्वारा सप्लाई किए गए हथियार और विस्फोटक जो गुजरात के जामनगर में उतरे थे, उसमें कदीर का अहम रोल था।
यूपी एटीएस के इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह की टीम द्वारा कदीर को ढूंढ निकाला गया। गुजरात और यूपी एटीएस ने कदीर को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की। जिसके बाद गुजरात एटीएस कदीर को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई।

मेमन के साथ शामिल था..
मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाकों के पीछे पाकिस्तान का हाथ था। इसके लिए पाकिस्तान से पैसे और हथियार आए थे। हथियारों को पाकिस्तान से मुंबई लाने की जिम्मेदारी टाइगर मेमन की थी। एटीएस की मानें तो आरोपी कदीर अहमद टाइगर की टीम में शामिल था।
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कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जीएसटी को कश्मीर की इकोनॉमिक आटोनॉमी में दखल बताया

जीएसटी बिल को लेकर मंगलवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। इंडीपेन्डेंट एमएलए इंजीनियर राशिद ने बिल लागू करने का विरोध किया। वे बीजेपी विधायकों से भिड़ गए। अपोजिशन ने राशिद का समर्थन किया। इस पर स्पीकर ने मार्शल्स से शोर शराबा कर रहे राशिद को सदन से बाहर ले जाने को कहा। लेकिन राशिद और अपोजिशन के मेंबर्स मार्शल्स से भी भिड़ गए। इस खींचातानी में सदन के स्टाफ का एक ऑफिशियल बेहोश हो गया।
राज्य में जीएसटी लागू करने के लिए सरकार ने असेंबली में प्रस्ताव पेश किया। सुबह इस पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान इंजीनियर राशिद ने कश्मीर मसले पर प्रस्ताव पेश की मांग करते हुए कई बार चर्चा को बाधित किया। राशिद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विवादित क्षेत्र है, इस पर एक प्रस्ताव लंबित है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा-राशिद को छूकर दिखाओ
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने राशिद का बचाव किया। उन्होंने बीजेपी मेंबर्स को चुनौती दी कि वे राशिद को छूकर दिखाएं। हालात बेकाबू होते देख स्पीकर कविन्द्र गुप्ता ने मार्शल्स से राशिद को सदन से बाहर निकालने को कहा। लेकिन नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अल्ताफ वानी, अब्दुल मजीद भट और मोहम्मद अकबर लोन ने मार्शल्स को राशिद को बाहर निकालने से रोकने की कोशिश की।
कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस का विरोध
– कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने यह कहते हुए जीएसटी बिल का विरोध किया है कि यह राज्य की इकोनॉमिक आटोनॉमी में दखल देगा। विधानसभा के बाहर दोनों पार्टियों के नेताओं ने काले झंडे भी दिखाए।
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स्वागत है मेरे दोस्त, हमें भारतीय पीएम का 70 सालों से इंतजार था

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय दौरे पर इजराइल पहुंच गए हैं। इसराइल प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने मोदी का गर्मजोशी से तेल अवीव एयरपोर्ट पर स्वागत किया। बीते 70 साल में इसराइल का दौरा करने वाले नरेंद्र मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। तेल अवीव में एयरपोर्ट पर पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने प्रोटोकॉल तोड़कर मोदी का वेलकम किया। एयरपोर्ट पर इजरायल के 11 मंत्री भी मौजूद थे। नेतन्याहू ने एक-एक कर सभी का परिचय मोदी से कराया। एयरपोर्ट से निकलकर मोदी दांजिगर डान फ्लावर फार्म देखने गए। वहां उन्होंने फूलों की खेती के नए तरीकों की जानकारी ली। इजरायल सरकार ने मोदी के सम्मान में गुलदाउदी के फूल को मोदी नाम दिया। इसके बाद मोदी यरूशलम के याद वाशेम मेमोरियल सेंटर (नेशनल होलोकॉस्ट मेमोरियल) गए। वहां उन्होंने नेतन्याहू और अन्य इजरायली लीडर्स के साथ मेमोरियल सेरेमनी में हिस्सा लिया।
– बेन गुरियन एयरपोर्ट पर मोदी के प्लेन से उतरते ही नेतन्याहू ने बहुत गर्मजोशी से उनका हाथ थाम लिया। दोनों नेता 18 मिनट में 3 बार गले मिले। फिर उनको इजरायली सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और दोनों देशों की राष्ट्रगान की धुन बजाई।
– एयरपोर्ट पर बने एक पंडाल में नेतन्याहू ने अपनी स्पीच की शुरुआत हाथ जोड़कर हिंदी में बोलते हुए की। उन्होंने कहा, आपका स्वागत है मेरे दोस्त। इस दौरान नेतन्याहू ने मोदी के लिए कई बार मेरे दोस्त वर्ड का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, हमें 70 साल से भारतीय पीएम का इंतजार था। पीएम मोदी ऐतिहासिक दौरे पर इजरायल आए हैं।
– हम भारत से प्यार करते हैं, आपके कल्चर, हिस्ट्री, डेमोक्रेसी और डेवलपमेंट के लिए कमिटमेंट की तारीफ करते हैं। बता दें कि मोदी 70 साल में इजरायल जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। वे 3 दिन के दौरे पर इजरायल गए हैं।

नेतन्याहू के घर भी जाएंगे
– मंगलवार रात मोदी नेतन्याहू के यरूशलम स्थित घर भी जाएंगे। वहां साझा बयान जारी किया जाएगा। फिर मोदी-नेतन्याहू डिनर करेंगे।
मोदी का 5 मई का शेड्यूल
– मोदी बुधवार को इजरायल के प्रेसिडेंट रेउवेन रिवलिन से मुलाकात करेंगे। पीएम नेतन्याहू के साथ मीटिंग होगी। लंच के बाद दोनों देशों के बीच करार होंगे। ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी।
– मोदी अपोजिशन के नेता एमके इसाक हरजॉग से मुलाकात करेंगे। इसके बाद तेल अवीव में इंडियन कम्युनिटी के इवेंट में शिरकत करेंगे। इजरायल म्यूजियम देखने जाएंगे।

ये है 6 मई का शेड्यूल
– दौरे के तीसरे और आखिरी दिन गुरुवार को मोदी, नेतन्याहू के साथ हाइफा कब्रिस्तान जाएंगे, जहां पहले विश्व युद्ध में शहीद भारतीय सैनिकों को दफनाया गया था।
– इसके बाद दोनों नेता गैल मोबाइल-इंट्रीग्रेटेड वाटर प्यूरीफिकेशन देखने जाएंगे। इसे हाई क्वालिटी पीने का पानी तैयार करने के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल आपदा के वक्त पीने का पानी मुहैया कराने में भी किया जाता है।

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