हरिद्वार में वोट डालने पहुंची 113 वर्षीय राम भजन माता

मतदान जागरूकता का अहम संदेश देते हुए हरिद्वार में 113 वर्षीय संन्यासिन राम भजन माता ने हरिद्वार नगर निगम चुनाव में उत्साह के साथ मत दिया।

खडखड़ी स्थित सनातन धर्म विद्यालय में बृहस्पतिवार को राम भजन माता अपने शिष्य स्वामी सत्यदेव के साथ मतदान करने व्हील चेयर में पहुंची।

राम भजन माता ने बताया की कई दशकों से वो लोक सभा, विधान सभा सहित निकाय चुनाव में मतदान करती आई है और आज भी संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार का प्रयोग कर वे जिम्मेदार नागरिक का बोध करती है।

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, मतदान कर्मियो के साथ मतदान देने आए लोगों ने राम भजन माता की इस उम्र के पड़ाव में वोट देने की जागरूकता और कर्त्तव्य बोध की भूरी भूरी प्रशंसा की।

वही उनके शिष्य स्वामी सत्यदेव ने बताया की राम भजन माता गंगा भजन आश्रम, कुंज गली, खडखडी ,हरिद्वार में निवास करती है।

यूपीसीएल को एक ओर उपलब्धि, पीएम सूर्य घर योजना के लिये मिला पुरस्कार

पीएम सूर्यधर योजना में लगातार चौथे साल उल्लेखनीय प्रदर्शन पर यूपीसीएल को केंद्रीय नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय की ओर से पुरस्कृत किया गया है।

जयपुर में आयोजित क्षेत्रीय समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार यादव को यह पुरस्कार प्रदान किया, जिसमें 9.5 करोड़ की प्रोत्साहन राशि शामिल है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार यादव ने बताया कि योजना के तहत उत्तराखंड में अब तक 14 हजार से अधिक घरों के ऊपर सोलर रूफ टॉप स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे कि करीब 50 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इस मौके पर सचिव ऊर्जा डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव रंजना राजगुरू भी उपस्थित थे।
———————————–
पीएम सूर्य घर योजना में उत्तराखंड ने शानदार उपलब्धि दर्ज की है, यह योजना परंपरागत ऊर्जा के स्रोतों पर निर्भरता कम करते हुए लोगों की आर्थिक की भी संवारने का एक माध्यम है. यूपीसीएल इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई का हकदार है
– पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री

नेशनल गेम्सः खिलाड़ियों के साथ साये की तरह रहेगी पुलिस

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तैयारियों को लेकर गढ़वाल व कुमाऊँ परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों, सेनानायकों एवं सम्बन्धित ईवेन्ट मैनेजमेन्ट एजेन्सियों के साथ त्रुटिरहित सुरक्षा व्यवस्था, फोर्स व्यस्थापन प्लान, यातायात प्लान, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था हेतु आवश्यक उपकरण के सम्बन्ध में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय समीक्षा गोष्ठी आयोजित की।

गोष्ठी के दौरान पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड द्वारा ’सभी को सजग व सतर्क रहकर अपना कर्तव्य निर्वहन करने’ हेतु निर्देशित किया। उन्होंने बताया, दिनांक 28 जनवरी से प्रारम्भ हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेल प्रदेश के 09 जनपदों में 19 आयोजन स्थलों पर आयोजित होंगे। जिसमें 44 स्पर्धाओं में लगभग 10 हजार खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। सभी जनपदों द्वारा ग्राउन्ड लेवल पर प्लानिंग कर खेलों के क्रियान्वयन हेतु पूरी तैयारी कर ली गयी है। प्रतिदिन उसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने ’सभी अधिकारियों और आयोजन समिति के सदस्यों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को त्रुटिरहित और ऐतिहासिक बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। यह आयोजन उत्तराखण्ड की क्षमता और सौंदर्य को देश-दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक बड़ा अवसर है। जिसे सकुशल व सुरक्षित तरह से आयोजित कराने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं।’

▪️ ’38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां के सम्बन्ध में निर्देश-’

▪️ ’खिलाड़ियों के साथ साये की तरह रहेगी पुलिस’- खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उनके प्रवास स्थलों, वहां से आयोजन स्थलों जाने के मार्ग, अभ्यास सत्र, प्रतिस्पर्धी ईवेन्ट में प्रभावी एक्सेस कन्ट्रोल सुनिश्चित किया जाये। महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाये।

▪️ ’10 हजार पुलिसकर्मी रहेंगे ड्यूटी में तैनात’- सभी जनपद प्रभारी सम्बन्धित ईवेन्ट मैनेजमेन्ट एजेन्सियों और ज्ीवउंे ब्ववा (।ब्ज्)) के साथ समन्वय कर समय से खिलाड़यों की सुरक्षा, आवास व्यवस्था, यातायात प्लान, पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित कर लें और सभी आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था हेतु आवश्यक उपकरण स्थापित करा लें।

▪️ ’सीसीटीवी की निगरानी में रहेंगे खिलाड़ी, कन्ट्रोल रूम से होगी मॉनिटरिंग’ सुरक्षा के दृष्टिगत आयोजन / प्रवास स्थलों पर सीसीटीवी से लैस कन्ट्रोल रूम स्थापित किये गये हैं।

▪️सभी एजेन्सियों व अधिकारियों के मध्य एक प्रभावी और रियल टाइम कम्यूनिकेशन हो।

▪️खिलाड़ियों के प्रवास स्थलों में कार्यरत कर्मियों का समय से सत्यापन कराना सुनिश्चित किया जाये।

▪️रूट यातायात/एन्ट्री व एक्जिट प्लान, पार्किंग व्यवस्था को निदेशक यातायात एवं सम्बन्धित जनपद प्रभारी स्वयं मॉनिटरिंग करें।

▪️आयोजन स्थलों पर फायर सेफ्टी/सिक्योरिटी प्लान के अनुसार अग्निशमन के समस्त उपाय जैसे मोटर फॉयर इंजन, फॉयर एक्सटिंग्यूशर आदि पर्याप्त संख्या में मौके पर उपलब्ध हों।

▪️एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, आयोजन स्थलों व खिलाड़ियों के प्रवास स्थलों की सुरक्षा मानकों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

▪️निर्धारित कण्टीजेंसी व इवैक्यूएशन प्लान का अभ्यास किया जाये तथा सभी को इसके विषय में ब्रीफ भी किया जाये।

▪️अभिसूचना संकलन के लिए विभिन्न टीमें का गठन सम्बन्धित जनपद प्रभारियों द्वारा किया जाये।

▪️ एन्टी सबोटाज व ठक्ै की टीमें 24Û7 तैनात रहेंगी।

▪️ विधुत विभाग, पेयजल, लोनिवि, फायर, एसडीआरएफ व अन्य सम्बन्धित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आयोजन को सफलतापूर्वक कराने हेतु भी निर्देशित किया गया।
’गोष्ठी में वी मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड एपी अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन/अभिसूचना एवं सुरक्षा, विम्मी सचदेवा, पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय/पी एंड एम, नीरू गर्ग, पुलिस महानिरीक्षक पीएसी, कृष्ण कुमार वीके, पुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचार/अभिसूचना, मुख्तार मोहसिन, पुलिस महानिरीक्षक फायर, नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, के एस नगन्याल, पुलिस महानिरीक्षक, सुरक्षा, अरुण मोहन जोशी, पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात, जनमेजय खण्डूरी, पुलिस महानिरीक्षक/सचिव उत्तराखण्ड पुलिस स्पोर्टस कन्ट्रोल बोर्ड, सेंथिल अब्दई कृष्ण राज. एस, पुलिस महानिरीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे।’

सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्रोफाइल पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाए जाने का सीएम ने किया आग्रह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेलों को लेकर चल रही तैयारी के बीच राज्य में प्रदेशवासियों से सामूहिक रूप से देवभूमि आ रहे खिलाड़ियों के स्वागत में विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट्स की क्च् पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाए जाने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने का जो गौरव प्राप्त हुआ है, वो ऐतिहासिक है। आगामी राष्ट्रीय खलों में देशभर के विभिन्न राज्यों से लगभग 10,000 खिलाड़ी देवभूमि आ रहे हैं। उन्होंने जनता से निवेदन करते हुए कहा कि हमारी श्अतिथि देवो भवःश् की संस्कृति का पालन करते हुए, सभी खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत करना है। और उनके उत्साहवर्धन हेतु अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की क्च् पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता सामूहिक तौर पर सभी खिलाड़ियों का स्वागत करेगी। सभी ने मिलकर आगामी राष्ट्रीय खेलों को विशेष और ऐतिहासिक बनाना है। हमारा यह कर्तव्य है कि देवभूमि आ रहे खिलाड़ी, हमारे राज्य से बेहतर यादें और अनुभव लेकर जाएं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बनाए जाने के संकल्प में राष्ट्रीय खेल भी सहायक सद्ध होंगे।

प्रधानमंत्री को दिया राष्ट्रीय खेलों में आने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को मलारी (चमोली) की शॉल और नारायण आश्रम की प्रतिकृति भेंट की।

मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के विकास में प्रधानमंत्री के नेतृत्व, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए प्रदेश की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में संचालित विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेल परियोजना के प्रथम चरण पर तेजी से काम चल रहा है। टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना का सर्वे का कार्य हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की स्वीकृति और परियोजना का पूर्ण वित्तीय व्यय भार केंद्र सरकार द्वारा किए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश में प्रस्तावित बुनियादी विकास कार्यों के लिए ऋषिकेश के पुराने रेल स्टेशन को बंद करने और सभी ट्रेनों का संचालन ऋषिकेश के नए योग नगरी रेलवे स्टेशन से किए जाने का अनुरोध किया। पुराने स्टेशन की भूमि पर जो रेल ट्रैक है, उसका उपयोग नई सड़क व्यवस्था के लिए किया जा सकेगा जिससे यातायात में सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी देते हुए जल जीवन मिशन में आवंटित केंद्रीय अंशदान की अवशेष धनराशि जल्द अवमुक्त किए जाने के लिए संबंधित को निर्देशित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश को रिवर राफ्टिंग में पबवदपब बपजल के रूप में चयनित करने पर आभार व्यक्त करते हुए हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर परियोजना के लिए राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए केंद्र स्तर से संसाधन उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में भूतापीय ऊर्जा के दोहन के लिए आइसलैंड एंबेसी के सहयोग से एक एमओयू प्रस्तावित है। इस एमओयू पर भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से आवश्यक अनापत्ति पत्र प्राप्त किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के लिए सभी तकनीकी और वित्तीय सहयोग राज्य सरकार को प्रदान किए जाने का अनुरोध किया ताकि वर्ष 2070 तक कार्बन नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तराखंड अहम भूमिका निभा सके।

मुख्यमंत्री ने सड़क परिवहन मंत्रालय में प्रेषित प्रस्तावों ऋषिकेश बायपास, हरिद्वार बायपास (पैकेज 2), देहरादून – मसूरी कनेक्टिविटी, देहरादून रिंग रोड, चंपावत बायपास, लालकुआं, हल्द्वानी और काठगोदाम बायपास और मानसखंड प्रॉजेक्ट की स्वीकृति के लिए संबंधित को निर्देशित किए जाने का भी अनुरोध किया।

12 जनवरी को देहरादून में होने जा रहा है प्रथम अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन

उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे प्रथम अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में 17 देशों में रहने वाले उत्तराखंडी पहुंच रहे हें। अब तक 50 से अधिक जाने माने प्रवासी उत्तराखंडियों ने सम्मेलन के लिए अपना पंजीकरण करवा लिया है।

12 जनवरी को आयोजित होने वाले एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। सम्मेलन में उत्तराखंड में निवेश की संभावना, हॉस्पेटिलिटी दृ वेलनेस, कौशल विकास, विदेश में रोजगार और उच्च शिक्षा के साथ ही उद्यान जड़ी- बूटी में संभावना विषय पर चार अलग अलग सत्रों में पैनल डिस्कशन भी किया जाएगा।

शामिल हो रहे हैं कई दिग्गज
इस सम्मेलन में विदेश में रहते हुए अलग -अलग क्षेत्रों में नाम कमाने वाले कई प्रवासी उत्तराखंडी शामिल हो रहे हैं। इसमें प्रवासी भारतीय सम्मान प्राप्त दुबई निवासी गिरीश चंद्र पंत के अलावा चीन से देव रतूड़ी, अमेरिका से डॉ अनिता शर्मा, जापान से भुवन तिवारी, सिंगापुर से सुनील थपलियाल, मीनाक्षी डबराल, थाईलैंड से डॉ एके काला जैसे नाम शामिल हैं। कई प्रवासी, इससे पहले भारत सरकार की ओर से भुवनेश्वर में आयोजित किए जा रहे प्रवासी भारतीय दिवस में भी शामिल होंगे। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी के लिए वेबसाइट https://pravasiuttarakhandi.uk.gov.in/en/program भी शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री धामी की पहल से हुई शुरुआत

विदेशों में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनी मिट्टी से जोड़ने की पहल खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की। दरअसल, दिसंबर 2023 में आयोजित इन्वेस्टर समिट से पहले सीएम धामी विदेश दौरे पर गए थे, जहां प्रवासियों ने उनका उत्तराखंड की रीति परंपरा से स्वागत किया। इस दौरान तमाम सफल लोगों की मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई। इसी के बाद मुख्यमंत्री ने ऐसे प्रवासियों के अनुभव का लाभ लेने के लिए, शासन में प्रवासी उत्तराखंडी सेल गठित किए जाने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन भी आयोजित करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में गत सात नवंबर को देहरादून में अपने देश के भीतर ही विभिन्न राज्यों में रहने वाले उत्तराखंडियों के बीच ऐसा ही एक सम्मेलन आयोजित किया जा चुका है।

विदेशों में रहने वाले उत्तराखंड के प्रवासी, हर क्षेत्र में नाम कमा रहे हैं। उनके पास ज्ञान, विज्ञान, तकनीकी, उद्यमशीलता का विपुल अनुभव है। सरकार चाहती है कि इस अनुभव से प्रवासीजन अपने प्रदेश और गांव का भी विकास करें। सरकार इस काम में हर संभव मदद देने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी लगातार प्रवासियों को अपने प्रदेशों के विकास में योगदान करने की प्रेरणा देते रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड ।

अब होगा सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन का विस्तार, उत्तराखण्ड सरकार और गृह मंत्रालय के बीच हुआ एमओयू

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की उपस्थिति में सचिवालय में उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड एवं मुख्यालय उत्तरी सीमांत, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के मध्य उत्तराखण्ड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किया गया है।

मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि भारत सरकार के फ्लैगशिप प्रोजेक्ट वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती क्षेत्र के गाँवो के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी गई है तथा ग्रामीणों की आजीविका हेतु संसाधन उपलब्ध कराना भी मुख्य उद्देश्य है। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा सीमांत क्षेत्र में पर्यटन को बढावा देने हेतु सीमांत क्षेत्र में हैली सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। उत्तराखण्ड के सीमांत क्षेत्र में प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल जैसे कि आदि कैलाश, ओम पर्वत, टिम्मरसैंण महादेव इत्यादि स्थित हैं जहाँ दुर्गम रास्तों के कारण पर्यटकों को पहुँचने में असुविधा होती है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा पर्यटकों को हैली सुविधा उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है। जिसमें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के कार्यक्षेत्र में उपलब्ध हेलीपैडों का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वाईब्रेंट विलेज में रहने वाले ग्रामीणों को आपातकालीन चिकित्सा की आवश्यकता पड़ने पर दवाईयाँ उपलब्ध करवाने एवं हैली द्वारा हायर सेंटर ले जाने हेतु भी इन हेलीपैड का उपयोग किया जाएगा। उत्तराखण्ड में तीन सीमांत जनपदों (उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़) में भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की अग्रिम चौकियों में तैनाती है।

इस अवसर पर सचिव सचिन कुर्वे, संजय गुंज्याल महानिरीक्षक, उत्तरी सीमांत, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, एवं उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड एवं आईटीबीपी के अधिकारी उपस्थित रहे।

शीतकालीन यात्राः 15 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने किए दर्शन

शीतकालीन चारधाम को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। 30 दिसंबर तक 15314 तीर्थयात्री चार धाम दर्शन कर चुके हैं। इनमें बाबा केदारनाथ के शीतकालीन प्रवास स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में सर्वाधिक 6482 श्रद्धालु पहुंचे हैं। जबकि पांडुकेश्वर में 5104 तीर्थयात्रियों ने भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किए हैं। गंगोत्री धाम के प्रवास स्थल मुखबा में 3114 श्रद्धालु मां गंगा और यमुनोत्री धाम के प्रवास स्थल खरसाली में 614 तीर्थयात्री मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत आठ दिसंबर को पंच केदार शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में पंच केदार शीतकालीन यात्रा का श्रीगणेश किया था। कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर खासा उत्साह है। बाबा केदार एवं मद्महेश्वर भगवान की डोली शीतकाल के लिए ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होती है। छह माह तक यहीं भगवान केदारनाथ और मद्महेश्वर के दर्शन होते हैं। बाबा केदार के दर्शन के लिए हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बीते दिवस सोमवार को 518 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। पांडुकेश्वर में 364 तीर्थयात्रियों ने भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किए। जबकि मुखबा में 18 और आठ यात्री खरसाली पहुंचे।

शासन प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। ठंड से बचाव के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं की गई हैं।

मध्य प्रदेश के लाखा बंजारा झील के पुनर्निर्माण लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ संजय ड्राइव, सागर, मध्य प्रदेश में आयोजित लाखा बंजारा लेक रिजुवनेशन एण्ड लेक फ्रन्ट डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार को एक वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे मध्य प्रदेश की पवित्र भूमि में जन्म लेकर प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने वाले भारत रत्न, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को कोटि-कोटि नमन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा लाखा बंजारा झील के पुनर्निर्माण के लोकार्पण कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर उनके मन में सागर में बिताए गए अपने बचपन के दिनों की यादें पुनः ताजा हो गई। सागर क्षेत्र की अनेक स्मृतियां उनके मन मस्तिष्क में हैं। इन सालों में मध्य प्रदेश और सागर क्षेत्र ने विकास की नई ऊंचाइयों को छूआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सागर क्षेत्र उनके जीवन का अविस्मरणीय हिस्सा है। उनके स्व. पिताजी महार रेजिमेंट में थे। उस दौरान उनकी पोस्टिंग सागर में हुआ करती थी। उन्हीं दिनों उन्होंने अपने छात्र जीवन के कई महत्वपूर्ण वर्ष सागर में बिताए। उन्होंने कहा सागर की भूमि और यहां के लोग के प्रति उनके मन में सम्मान है। यहाँ की प्रत्येक गली, रास्ता और झील उनकी स्मृतियों में हमेशा जीवंत रहती है। सागर की पुण्यभूमि ने उन्हें संस्कार, जीवन में नई दृष्टि और प्रेरणा प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा सागर की भूमि ने उनके जीवन में उत्प्रेरक की भूमिका निभाई है। इस भूमि से उनका रिश्ता सदा अटूट रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सागर क्षेत्र का कायाकल्प किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने अपने पहले वर्ष में मध्यप्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव स्थापित की है। वो बहुत सहजता से कार्य करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी चार वर्षों में डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार मध्य प्रदेश को तेज गति से आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा डबल इंजन सरकारें देशभर में विकास की गति को लगातार आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में उनकी सरकार को भारी जनसमर्थन मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के सभी राज्य आगे बढ़ रहे हैं। जिसमें हम सभी ने अपना योगदान देना है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महाकाल लोक के साथ केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य निर्माण कार्य किया गया है। देवभूमि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विधेयक को मंजूरी दे दी है। समान नागरिक की गंगा देवभूमि से ही संपूर्ण देश में जायेगी। उत्तराखंड संपूर्ण भारत के नागरिकों के लिए आस्था, विश्वास और संस्कृति का पवित्र केंद्र है। राज्य में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा हमारी सरकार का संकल्प है कि देवभूमि उत्तराखंड का मूल स्वरूप हमेशा बना रहना चाहिए। ये सभी कार्य हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की पहचान को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूती प्रदान करने में सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आज विकास की चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय मानकर डबल इंजन की सरकारें प्रत्येक क्षेत्र में विकास के नये आयाम प्राप्त कर रही है।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने उत्तराखंड के लिये की निःशुल्क भूमि आवंटित

प्रयागराज महाकुंभ-2025 में उत्तराखंड का अपना पवेलियन होगा। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने उत्तराखंड राज्य को सेक्टर-7 कैलाशपुरी मार्ग, पूर्वी पटरी प्रयागराज में 100×400 वर्ग फिट भूमि निःशुल्क आवंटित कर दी है। इस भूमि पर उत्तराखंड राज्य का पंडाल सजेगा, जहां मेलार्थियों को उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। भूमि आवंटन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार प्रकट किया है।

प्रयागराज महाकुंभ-2025 की तैयारियों के जोर पकड़ने के साथ ही उत्तराखंड में भी मेलार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाकुंभ मेले में उत्तराखंड के पंडाल के लिए अलग से भूमि आवंटन का अनुरोध उत्तर प्रदेश सरकार से किया था। सीएम धामी के आग्रह पर यह भूमि आवंटित कर दी गई है। प्रदेश सरकार इस पंडाल में मेलार्थियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं का प्रबंध करेगी। पंडाल के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति की झलक भी देश-दुनिया भर से आए मेलार्थियों को देखने को मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रयागराज महाकुंभ के मद्देनजर हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि उत्तराखंड से प्रयागराज महाकुंभ में प्रतिभाग करने वाले साधु संतों और अन्य सभी आम लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। मेला र्थियों की सुविधा के लिए परिवहन की व्यवस्था भी सरकार करने जा रही है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य और राज्य मंत्री बृजेश सिंह ने देहरादून पहुंचकर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को महाकुंभ मेले में विशेष रूप से आमंत्रित किया है।

————–
मां गंगा और यमुना का उद्गम क्षेत्र उत्तराखंड है। प्रयागराज इन दोनों पवित्र नदियों का संगम स्थल है। हमारे लिए यह अत्यंत गौरव की बात है कि आज यहां महाकुंभ मेला आयोजित हो रहा है। उत्तराखंड पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ प्रयागराज महाकुंभ-2025 में भागीदारी करेगा, साथ ही इस महा आयोजन को सफल बनाने में उत्तर प्रदेश सरकार का कंधा से कंधा मिलाकर सहयोग करेगा। स्नान आदि के लिए अतिरिक्त जल की जरूरत होगी तो उत्तराखंड से अतिरिक्त जल छोड़ा जाएगा। इसके अलावा परिवहन आदि व्यवस्थाओं में भी पूर्ण सहयोग किया जाएगा।
-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड