सीएम ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का किया गया समापन

38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत चंपावत जिले के शारदा नदी में राफ्टिंग (डैमो) प्रतियोगिता का आयोजन सम्पन्न हुई। अंतिम दिन सोमवार को विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। प्रथम बार रात्रि में राफ्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। समापन समारोह पर बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उनकी धर्मपत्नी गीता धामी ने रात्रि में आयोजित राफ्टिंग प्रतियोगिता का अवलोकन किया तथा विश्व रिकॉर्ड के साक्षी बने। मुख्यमंत्री एवं गीता धामी ने समापन समारोह में विभिन्न प्रदेशों से आए विजेता प्रतिभागियों को मैडल प्रदान का सम्मानित किया।

उत्तराखंड में राफ्टिंग के क्षेत्र में ऋषिकेश के साथ-साथ टनकपुर शारदा क्षेत्र भी अब विकसित हो गया है। यहां लगातार राफ्टिंग हो रही है जिससे पर्यटन विकास बढेगा।

कार्यक्रम क्षेत्र (ग्राम उचौलिगोठ) के दो युवाओं की वाहन दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण राफ्टिंग प्रतियोगिता का समापन कार्यक्रम सादगी पूर्वक सपन्न हुआ। सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को निरस्त किया गया। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री ने वाहन दुर्घटना में मृत दोनों व्यक्तियों के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख जताया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में भारत नेपाल सीमा देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है जहां देवों का वास होता है और यहां के प्रत्येक घर से सेना को सैन्य बलों में अपनी सेवा देकर देश की रक्षा में योगदान यहां के लोग कर रहे हैं। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से अब यह भूमि खेल भूमि के रूप में भी स्थापित हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे राज्य के खिलाड़ियों ने मैडल प्राप्त कर अपना बेहतर स्थान बना लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का कहना है 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा उसके अनुरूप आज उत्तराखंड राज्य हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा टनकपुर के मां शारदा ने जन्म जन्मांतर अपना आशीर्वाद यहॉं के लोगों को दिया है,आने वाले समय में यहॉं राफ्टिंग से अनेक प्रकार से यहॉं के लोगों को लाभ मिलने के साथ ही माँ शारदा का आशीर्वाद मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नशा मुक्त उत्तराखंड का जो संकल्प लिया है। उन्होंने कहा निश्चित रूप से यहॉं राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत खेलों के आयोजन हेतु जो मूलभूत सुविधाएं राज्य में स्थापित हो गई है। उन सुविधाओं का लाभ हमारे युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारी देवभूमि उत्तराखंड में होना बेहद गौरव और सौभाग्य की बात है। साथ ही राष्ट्रीय खेलों में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का चंपावत में होना और भी अधिक गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इन खेलों के जरिए चंपावत का पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है को देश भर में पहचान मिली है। इसके अलावा देवभूमि में राष्ट्रीय खेल के आयोजन से चंपावत के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विजेता टीमों को पदक पहनाकर सम्मानित किया तथा उनका उत्साहवर्धन किया। समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चंपावत में आयोजित राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता के आयोजन से जनपद को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि देव भूमि उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने के लगातार प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराया है। उन्होंने आए सभी प्रतिभागियों को बधाईयां और शुभकामनाएं प्रेषित की। साथ ही उन्होंने कहा को प्रतिभागी मेडल प्राप्त नहीं कर सके उनको भी मायूस नहीं होना है, बल्कि निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते जिलाधिकारी नवनीत पांडे ने कहा कि चंपावत के टनकपुर में देशभर से राफ्टिंग प्रतिभागी आए हैं, सभी ने अपना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उन्होंने सभी विजेताओं बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर चंपावत में राष्ट्रीय खेल की प्रतियोगिता होने से जनपद की पहचान में वृद्धि होगी तथा इसका लाभ यहां के लोगों को मिलेगा।

इस अवसर पर एशियन फैंसिंग एसोशिएशन के महासचिव राजीव मेहता, राज्य ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह,प्रशासक जिला पंचायत ज्योति राय,ब्लॉक प्रमुख रेखा देवी,अध्यक्ष नगर पालिका टनकपुर विपिन कुमार,चंपावत प्रेमा पाण्डे,बनबसा रेखा देवी,खटीमा रामू जोशी, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह,अपर जिलाधिकारी जय वर्द्धन शर्मा समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा खेल प्रबंधन के अधिकारी, गणमान्य नागरिक समेत स्थानीय जनता एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः अवस्थापना सुविधाओं की तारीफ, संवारने पर जोर

38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड में विकसित की गई अवस्थापना सुविधा की सराहना हो रही है। खिलाड़ी हों या उनके कोच, खेलों के लिए तैयार किए गए बुनियादी ढांचे को बेहतरीन बता रहे हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि राष्ट्रीय खेलों के बाद इसे संवारने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उनका यह भी मानना है कि राष्ट्रीय खेलों के लिए बेहतर इंतजाम कर उत्तराखंड ने खेल भूमि बनने की दिशा में लंबी छलांग लगा दी है।

राष्ट्रीय खेलों का आयोजन उत्तराखंड में 28 जनवरी से शुरू हुआ है। इस महा आयोजन की तैयारी के लिए उत्तराखंड को बहुत कम समय मिला, लेकिन फिर भी बेहतर व्यवस्थाएं बना ली गईं। कुल 35 खेलों के लिए देहरादून समेत हरिद्वार, हल्द्वानी, पिथौरागढ़, रूद्रपुर समेत कई स्थानों पर युद्धस्तर पर काम करते हुए सुविधाएं जुटाई गईं। बेहतरीन उपकरण मंगवाए गए। देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर का राष्ट्रीय खेलों की वजह से कायाकल्प हो गया है। देशभर से आए खिलाड़ी और उनके कोच अवस्थापना सुविधाओं से संतुष्ट हैं, लेकिन इस आयोजन के बाद रख-रखाव के लिए ठोस व्यवस्था की पैरवी भी कर रहे हैं।

किसने क्या कहा

मैं सियोल एशियाई गेम्स में भारत की शूटिंग टीम का हिस्सा रही हूं। देश-विदेश में कई जगह शूटिंग रेंज देखने का मेरा अनुभव है। मैं कह सकती हूं कि त्रिशूल शूटिंग रेंज बेहतरीन है। इसकी देख-रेख के लिए अच्छे इंतजाम हो जाएं, तो यहां बडे़ खेल आयोजन हो सकेंगे।

माया, शूटिंग कोच, पश्चिम बंगाल।

उत्तराखंड ने बहुत अच्छे इंतजाम किए हैं। तकनीकी क्षेत्र से जुड़े होने के कारण मैं कह सकता हूं कि अवस्थापना सुविधाएं विश्व स्तर की तैयार की गई हैं। जिस तरह से गुवाहाटी में राष्ट्रीय खेल होने के बाद वहां पर रख-रखाव बढ़िया से किया गया, अब वैसा ही यहां भी होना चाहिए।
आशीष शर्मा, टेक्निकल ऑफिसर मणिपुर टीम।
राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड ने अच्छी व्यवस्थाएं की हैं। उत्तराखंड के खिलाड़ियों को अब आगे बढ़ने में काफी मदद मिलेगी।
कुमालिका, खिलाड़ी आर्चरी, झारखंड।
मैैं एक खिलाड़ी भी रहा हूं और वर्तमान में कोच की जिम्मेदारी निभा रहा हूं। मेरा मानना है कि उत्तराखंड में खेल के लिए बहुत ही अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो गया है। इसका आने वाले दिनों में लाभ मिलेगा।

प्रियांक त्यागी, कोच आर्चरी टीम, यूपी।

रखरखाव पर उत्तराखंड गंभीर, कवायद जारी

राष्ट्रीय खेलों के बाद खेल अवस्थापना सुविधाओं के रखरखाव को लेकर उत्तराखंड गंभीर है। राष्ट्रीय खेल शुरू होने से पहले ही इस संबंध में कसरत शुरू कर दी गई थी। खेलों की व्यस्तता के बीच इस संबंध में लगातार कार्य किया जा रहा है। खेल विभाग अवस्थापना सुविधाओं के रखरखाव के लिए अकादमी का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। खेल निदेशक प्रशांत आर्या के अनुसार-इस संबंध में रोजाना बैठक की जा रही है। प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।

देशभर से आए मेहमानों से अवस्थापना सुविधाओं को लेकर सराहना मिलने से उत्तराखंड उत्साहित है। हम चाहते हैं कि ना सिर्फ उत्तराखंड, बल्कि अन्य राज्यों की खेल प्रतिभाओं के विकास में भी हम मददगार साबित हों। अवस्थापना सुविधाओं के रखरखाव के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

आईटीडीए कैल्क करवा रहा है 52 युवतियों को ड्रोन सर्विस टैक्नीशियन का कोर्स

पिथौरागढ़ की तनुजा वर्मा, गैरसैंण की रौशनी और उत्तरकाशी की जशोदा। ग्रामीण पृष्ठभूमि और सामाजिक तौर पर कमजोर तबके से आने वाली इन तीनों युवतियों ने आज से कुछ समय पहले तक लैपटॉप तक नहीं चलाया था, लेकिन आज वो ड्रोन दीदी बनकर, ड्रोन असेम्बलिंग, रिपेयरिंग से लेकर फ्लाइंग तक का काम आसानी से कर रही हैं। ये संभव हो पाया है, उत्तराखंड सरकार के उपक्रम आईटीडीए कैल्क के ड्रोन सर्विस टैक्नीशियन कोर्स, ड्रोन दीदी से।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार ग्रामीण और आर्थिक सामाजिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले युवाओं में तकनीकी कौशल बढ़ाने पर जोर रहे हैं। इसी क्रम में आईटीडीए कैल्क, भारत सरकार की वित्तीय सहायता और उत्तराखंड युवा कल्याण विभाग के सहयोग से, अनुसूचित जाति की युवतियों के लिए ड्रोन सर्विस टैक्नीशियन कोर्स संचालित कर रहा है। देहरादून में प्रांतीय युवा कल्याण निदेशालय परिसर में चल रहे इस कोर्स के पहले बैच की शुरुआत, छह जनवरी से हो चुकी है, जिसमें प्रदेश भर से 52 युवतियां शामिल हो रही हैं। कोर्स के तहत उन्हें 37 दिन में कुल 330 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाना है। इसमें प्रशिक्षण से लेकर रहने, खाने और आने जाने का व्यय तक सरकार की ओर से उठाया जा रहा है।

पुरस्कार में मिलेंगे निशुल्क ड्रोन

उत्तराखंड सरकार, युवाओं को ड्रोन रिपेयरिंग और संचालन का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए ऋषिकेश और पिथौरागढ़ में दो आईटी स्किल ग्रोथ सेंटर संचालित कर रही है। देहरादून में चल रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम ऋषिकेश सेंटर के जरिए प्रदान किया जा रहा है। ऋषिकेश सेंटर के प्रभारी वीरेंद्र चौहान के मुताबिक कोर्स के बाद परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल प्रशिक्षणार्थियों को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, साथ ही प्रशिक्षण में प्रथम पांच स्थान पर रहे प्रशिक्षणार्थियों का निशुल्क ड्रोन भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कुल 200 युवक – युवतियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाना है।

खुलेंगे रोजगार के अवसर

प्रशिक्षण प्राप्त कर रही युवतियों का कहना है कि अब वो ड्रोन सेवाओं पर आधारित स्वरोजगार करने के साथ ही आपदा और चिकित्सा सेवा में भी सरकार को सहयोग प्रदान कर सकते हैं। इसमें से कुछ खुद का ड्रोन भी खरीदने की योजना बना रही हैं।

उत्तराखंड के युवाओं को उच्च तकनीकी कौशल प्रदान करने के लिए सरकार कई योजना चला रही है। इसी क्रम में ड्रोन दीदी योजना भी संचालित की जा रही है। भविष्य में ड्रोन सेवाओं का दायरा बढ़ने वाला है, इसलिए हमारे पास इसके लिए पहले से ही प्रशिक्षित मानव बल उपलब्ध होगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सीएम धामी ने साइकिलिंग पदक विजेताओं को मेडल देकर दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 38वें राष्ट्रीय खेल के अंतर्गत रुद्रपुर के स्पोर्ट्स स्टेडियम वेलोड्रोम में साइकिलिंग पदक विजेताओं को मेडल प्रदान कर शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने मनोज सरकार स्पोर्टस स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अन्तर्गत शिवालिक वेलोड्रम मे ट्रैक साइकिलिंग प्रतियोगिता को दर्शक दीर्घा से देखा। उन्होंने वेलोड्रम पहुंचकर खिलाड़ियो से परिचय प्राप्त कर ट्रैक पर साइकिलिंग भी की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पुरूष वर्ग के टीम परस्यूट डिस्टेंस 4000 मीटर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता सर्विसेज स्पोर्टस कंट्रोल बोर्ड, रजत पदक विजेता पंजाब व कांस्य पदक विजेता राजस्थान को मैडल व पहाड़ी टोपी पहनाकर सम्मानित किया। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ भोजन किया व खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं के बारे में खिलाड़ियों से जानकारी ली जिस पर खिलाड़ियो ने सभी प्रकार की व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 38वें राष्ट्रीय खेलों का देहरादून से शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि खेल के शुभारम्भ होने के दिन से ही पूरे प्रदेश में एक उत्साह का माहौल है। इस राष्ट्रीय खेल की प्रतियोगिताओं के संचालन के लिए लगभग 20 हजार लोगों द्वारा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से अपना योगदान दिया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हो रही प्रतियोगिताओं की व्यवस्थाओं पर मुख्यमंत्री अधिकारियों से लगातार अपडेट ले रहे हैं और स्वयं जाकर भी व्यवस्थाओं को देख रहे हैं। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि खिलाड़ियों के लिए हर संभव सुविधाएं उपलबध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी बेहतर देखने को मिल रहा है, अभी तक लगभग 33 मैडल उत्तरखण्ड के खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हासिल किये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पर बने वेलोड्रम की सराहना देशभर से आने वाले खिलाड़ी कर रहे है। प्रदेश में अनेक स्थानों पर बहु उद्देशीय हॉल का भी निर्माण किया गया है, खटीमा के चकरपुर में भी मलखम्ब, टनकपुर में राफ्टिंग की प्रतियोगिता आयोजित होनी है। पूरे प्रदेश में 11 विभिन्न स्थानों पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं, जो अपने आप में बहुत शानदार आयोजन है। उत्तराखण्ड में हो रही ये खेल प्रतियोगिताएं निश्चित रूप से हमारे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेंगी और खिलाड़ी खेल के क्षेत्र में अपना शानदार भविष्य बनायेंगें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के द्वारा इस राष्ट्रीय खेल का शुभारम्भ हुआ था और 14 फरवरी को हल्द्वानी में गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के द्वारा इसका समापन किया जायेगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने 46वीं वाहिनी पीएसी में पहुंचकर शॉटगन और स्कीट प्रतियोगिता का विधिवत फीता काटकर व पूजा अर्चना कर खेल शुभारम्भ की घोषणा की। उन्होने शॉटगन से टैप शूटिंग भी की। इस दौरान उन्होने खिलाड़ियों से मिलकर अग्रिम शुभकामनाऐं दी।

इस दौरान विधायक शिव अरोरा, दर्जामंत्री अनिल कपूर डब्बू, उत्तम दत्ता, नवनिर्वाचित मेयर विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिन्दल, जिला महामंत्री अमित नारंग, पूर्व मेयर रामपाल सिंह, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार उपस्थित थे।

सीएम ने राष्ट्रीय खेल के समापन समारोह से पूर्व तैयारियों का किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी स्थित गौलापार स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित हो रहे 38 वें राष्ट्रीय खेलों की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में उत्तराखंड एवं दिल्ली के मध्य खेले गए फुटबॉल सेमीफाइनल मैच में खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर फुटबॉल मैच का अवलोकन भी किया। साथ ही खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने 14 फरवरी को हल्द्वानी में होने वाले राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह की पूर्व तैयारियां का स्थलीय निरीक्षण करते हुए अधिकारियों के साथ बैठक कर समापन समारोह की तैयारियों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा राज्य के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है इस समापन कार्यक्रम को भव्यता से सम्पन्न करना है। ताकि लोग हमेशा इसे अपने दिलों में याद रखे। उन्होंने कहा इस कार्यक्रम को आमजन की सहभागिता से सफल बनाया जाए। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, दर्शक दीर्घा, और अन्य सभी सुविधाओं के विशेष ध्यान रखा जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गर्व की बात है जिस तरीके से खेलों का भव्य शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा किया गया है, उसी प्रकार भव्य समापन समारोह भी आयोजित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त कर चुके महानुभाओं, साहित्यकारों, समाजसेवियों, मीडिया जगत से जुड़े बुद्धिजीवियों आदि को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या न हो इस हेतु सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद हों। उन्होंने कहा हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए भी राष्ट्रीय खेल मील का पत्थर साबित होने वाली है। उन्होंने कहा राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन में राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी प्रतिभागी खिलाड़ी व खेलों से जुड़े हर एक व्यक्ति देवभूमि उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। सभी आयोजन स्थलों में खिलाड़ियों और आगंतुकों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के प्रयास किए गए हैं।

बैठक में निदेशक खेल प्रशांत कुमार आर्या द्वारा खेल विभाग द्वारा राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह हेतु की जा रही विभिन्न व्यवस्थाओं व कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।

इस अवसर पर दर्जा राज्यमंत्री डॉ अनिल कुमार डब्बू, दिनेश आर्या विधायक लालकुआं डॉ मोहन सिंह बिष्ट, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, आईजी डॉ योगेन्द्र सिंह रावत, जिलाधिकारी वंदना, पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा सहित विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ी, प्रशिक्षक, दर्शक जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक आदि उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने किया भारतीय मानक ब्यूरो, मानक मेला का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित भारतीय मानक ब्यूरो के स्टैंडर्ड क्लब कार्निवाल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया और पेप मार्क उत्पादों को खरीदने के लिए शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो का स्टैंडर्ड्स क्लब, हमारे छात्रों को गुणवत्ता और मानकीकरण का महत्व समझाने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसका स्थान इस बात पर निर्भर करता है कि वहां बनने वाले उत्पाद और सेवाएं कितनी विश्वसनीय, टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, भारतीय मानक ब्यूरो पिछले 78 वर्षों से राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। भारतीय मानक ब्यूरो ने विभिन्न क्षेत्रों में मानकीकरण के माध्यम से भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा भी की है। ब्यूरो द्वारा स्थापित मानक हमारे उद्योगों, व्यापार और सेवाओं के प्रमाणीकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी जब हम कोई उत्पाद खरीदने जाते हैं, तो सबसे पहले यही देखते हैं कि उस उत्पाद पर आईएसआई मार्क है या नहीं। यदि आईएसआई मार्क होता है, तो हमें पूरा भरोसा हो जाता है कि ये उत्पाद गुणवत्ता और सुरक्षा के सभी मानकों पर खरा उतरेगा। ये अपने आप में भारतीय मानक ब्यूरो की विश्वसनीयता और उपभोक्ताओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि कोई भी मानक केवल तकनीकी दिशा-निर्देश या मापदंड नहीं होते, बल्कि वे हमारे देश के विकास और आत्मनिर्भरता की बुनियाद भी होते हैं। ये न केवल हमारे कार्यों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करते हैं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन को भी किसी न किसी रूप में प्रभावित करते हैं।

विकसित हो रहा है मानकों का ईकोसिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में मानकों के इकोसिस्टम का व्यापक विस्तार हुआ है, अब कृषि, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य सहित लगभग सभी क्षेत्रों को समाहित कर रहा है। ये विस्तार सुनिश्चित करता है कि सभी क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता के मानक लागू हों, जिससे हमारे जीवनस्तर में सुधार हो और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके। इसी तरह हमारे प्रदेश में भी भारतीय मानक ब्यूरो पीडब्ल्यूडी, एमडीडीए, यूपीसीएल और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय करते हुए, इन सभी को मानकीकरण की दिशा में जागरूक और सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

आत्मनिर्भर भारत में अहम योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना साकार हो रहा है। इस सपने को साकार करने में भारतीय मानक ब्यूरो की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री का उद्देश्य है कि भारतीय उत्पाद अपनी गुणवत्ता, नवाचार और विश्वसनीयता के लिए पूरे विश्व में एक मिसाल स्थापित करें। क्योंकि जब हम अपने उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करते हैं, तो हम न केवल उनकी गुणवत्ता का ध्यान रखते हैं, बल्कि अपने उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भी सशक्त आधार प्रदान करते हैं। इसी की ध्यान में रखते हुए हमारी प्रदेश सरकार भी निरंतर प्रयास कर रही है।

हाउस ऑफ हिमालयाज

मुख्यमंत्री ने कहा आज हम अपने पारंपरिक उत्पादों, जैसे हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पाद, औषधीय जड़ी-बूटियों और अन्य स्थानीय उत्पादों के लिए उच्च मानक स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं जिससे हमारे उत्पाद वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसी को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने श्हाउस ऑफ हिमालयाजश् नाम से एक अम्ब्रेला ब्रांड की स्थापना की है, जो हमारे स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो ने देशभर के 10,000 से अधिक स्कूलों में स्टैंडर्ड क्लब स्थापित किए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों में मानकों के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है। साथ ही, ब्यूरो ने लगभग 100 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ डव्न् साइन किए हैं, जिनमें हमारे उत्तराखंड के चार प्रमुख संस्थान भी शामिल हैं। बीआईएस अब ग्राम पंचायत स्तर तक मानकों के महत्व को पहुंचा रहा है।

वन नेशन वन स्टैंडर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि ष्भारतीय मानकष् न केवल अंतर्राष्ट्रीय मानकों के बराबर हों, बल्कि उनसे भी श्रेष्ठ बनें। उनके इसी संकल्प को साकार करने के लिए हमारी सरकार ठप्ै के साथ मिलकर राज्य में उच्चतम मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अगर हम गुणवत्ता को अपनी आदत बना लेंगे तो न केवल हम विश्व के सभी मानकों पर खरे उतरेंगे बल्कि एक समय ऐसा भी आएगा जब हमारे उत्पाद वैश्विक मानक तय करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि ष्भारतीय मानकर ब्यूरोष् हमारे देश को वैश्विक मानकों की दौड़ में शीर्ष पर ले जाने के अपने महत्वपूर्ण कार्य को इसी प्रकार जारी रखेगा और हम सभी मिलकर ‘वन नेशन, वन स्टैंडर्ड’ की नीति को अपनाकर ‘गुणवत्ता सम्पन्न भारत’ का निर्माण सुनिश्चित करेंगे।

इस अवसर पर कैंट विधायक सविता कपूर, भारतीय मानक ब्यूरो के निदेशक उत्तराखंड सौरभ तिवारी, आयुक्त खाद्य हरिचंद्र सेमवाल, उप निदेशक बीआईएस स्नेहलता उपस्थित थे।

सीएम ने नेशनल गेम्स की तैयारियों की जानकारी लेकर खिलाड़ियों को परोसा भोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से देहरादून आते ही रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों की विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भोजन व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को भोजन परोसा और खिलाड़ियों के साथ बैठकर भोजन भी किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग ले रहे अनेक राज्यों खिलाड़ियों से बात कर उनका हौंसला भी बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने शूटिंग रेंज का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों की अच्छी शुरुआत हुई है राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी खिलाड़ी देवभूमि उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। खिलाड़ियों और आगंतुकों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल का अनुभव राज्य के लिए काफी कारगर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर राज्य के खिलाड़ियों को वहां के खानपान के हिसाब से भोजन व्यवस्था देने के प्रयास किए गए हैं।

मुख्यमंत्री राष्ट्रीय खेल की हर पल अपडेट अधिकारियों से ले रहें हैं और स्वयं विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक प्रशांत आर्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह मौजूद थे।

उत्तराखंड हरित पहल की ओर, राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं के नाम पर रूद्राक्ष के 1600 पेड़ लगेंगे

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के समीप स्थित वन विभाग की 2.77 हेक्टेयर जमीन को जल्द नई पहचान मिलने जा रही है। यह पहचान खेल वन के रूप में होगी। राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले 1600 खिलाड़ियों के नाम से यहां पर रूद्राक्ष के पेड़ लगाए जाएंगे। राष्ट्रीय खेल सचिवालय की दस फरवरी को यहां पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर ग्रीन गेम्स का प्रभावी संदेश देने की तैयारी है।

38वें राष्ट्रीय खेलों की थीम ग्रीन गेम्स की रखी गई है। उत्तराखंड सरकार ने हरित पहल करते हुए राष्ट्रीय खेलों में कई कदम ऐसे उठाए हैं, जिनकी पूरे देश में चर्चा हो रही है। इस क्रम में पदक विजेता खिलाड़ियों के सम्मान में उनके नाम से पौधा रोपने का कार्यक्रम भी शामिल है। राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन समारोह में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड सरकार की हरित पहल की सराहना की थी।

खेल वन जिस जगह पर विकसित किया जाना है, उसे आज-कल तैयार किया जा रहा है। दस फरवरी को यहां पर आयोजित कार्यक्रम में खेल वन का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। आज-कल इस पूरे इलाके की तारबाड़ की जा रही है, ताकि जब यहां पर पेड़ लगा दिए जाएं, तो उसकी सुरक्षा भी हो सके।

चौंपियन हमें प्रेरित करते हैं
खेल वन के लिए जो बड़ा बोर्ड तैयार कराया जा रहा है, उसमें यह लाइनें खास तौर पर उकेरी जा रही है-चौंपियनस इंस्पायर अस, दियर लेगेसी ब्लूम्स इन एवरी ट्री वी प्लांट। राष्ट्रीय खेल सचिवालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा का कहना है कि यहां लगाए जाने वाले हर पेड़ से हमारी स्मृतियों में विजेताओं का सुनहरा प्रदर्शन ताजा रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से हम ग्रीन गेम्स की थीम पर राष्ट्रीय खेलों का सफलतापूर्वक आयोजन कर रहे हैं। हमने हरित पहल करते हुए कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनसे दूर-दूर तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश जाएगा। खेल वन इस कड़ी में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री।

उत्तराखंडः राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों को पसंद आ रही रही फैन पार्क और मौली संवाद पहल

राष्ट्रीय खेलों के सबसे प्रमुख केंद्र महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में फैन पार्क और कॉन्क्लेव प्वाइंट आस-पास ही हैं। एक जगह खिलाड़ियों की थकान मिटाने के इंतजाम हैं, तो दूसरी जगह मोटिवेशन की वो धारा है, जो नए खिलाड़ियों को राह दिखाने वाली है। अपने मैच खत्म हो जाने या फिर खाली समय में खिलाड़ी दोनों ही जगह मौजूद दिख रहे हैं। चाहे वो फैन पार्क हो या फिर मौली संवाद कान्क्लेव खिलाड़ी दोनों ही पहल को पसंद भी कर रहे हैं।

फैन पार्क में खिलाड़ियों का धूम धड़क्का
शूटिंग के मैच खत्म होने के बाद फैन पार्क पहुंची छत्तीसगढ़ की श्रुति यादव वहां बज रहे गिटार की धुन को इन्ज्वॉय करती दिखीं। बातचीत में श्रुति ने कहा-उत्तराखंड के इंतजाम अच्छे हैं। वह बताती हैं-छत्तीसगढ़ की शूटिंग टीम पहली बार नेशनल खेल रही हैं। फैन पार्क की पहल को वह अच्छा बताती हैं। वैसे, फैन पार्क में हर समय गिटार की मधुर धुन ही नहीं है, डीजे का धूम धड़क्का भी है, जिसमें खिलाड़ी और उनके साथ आए लोग नाच-झूम रहे हैं। मैच देखने के लिए आने वाले खेल प्रेमियों के लिए भी यहां एंट्री है।

मौली संवाद में खिलाड़ी जान रहे अहम बातें
नेशनल स्पोर्ट्स विजन कॉन्क्लेव में 30 सत्रों की श्रृंखला 12 फरवरी तक चलनी हैं। इस कॉन्क्लेव को राष्ट्रीय खेल के शुभंकर मौली से जोड़ते हुए मौली संवाद नाम दिया गया है। यहां पर खिलाड़ियों को खेल विकास और उससे जुड़ी तमाम अन्य बातों की जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। 50 विशेषज्ञों का पैनल तैयार है। जानी मानी एथलीट रह चुकीं अंजू बॉबी जार्ज और भारतीय हॉकी की कप्तान रानी रामपाल और संग्राम सिंह के टिप्स से इस सीरीज का आगाज हो चुका है। खिलाड़ियों को मोटिवेशन सपोर्ट, मेडिकल, न्यूट्रिशन, इंजरी से उबरनेे, डोपिंग समेत तमाम अन्य बिंदुओं पर टिप्स देने के लिए रोजाना सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पंजाब की वुशु टीम के खिलाड़ी हरप्रीत व शिवम ने कहा-यह आयोजन खिलाड़ियों की बेहतरी से जुड़ा है।

चार जगह और संचालित हो रहे फैन पार्क
राष्ट्रीय खेलों में भाग ले रहे खिलाड़ियों के मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार, हल्द्वानी व रूद्रपुर में भी फैन पार्क संचालित किए जा रहे हैं। इन तीनों ही जगहों पर राष्ट्रीय खेल आयोजित किए जा रहे हैं। नैनीताल में कोई खेल इवेंट नहीं होनी है, लेकिन पर्यटन नगरी में राष्ट्रीय खेल के प्रचार की दृष्टि से वहां भी फैन पार्क चलाया जा रहा है।

कॉन्क्लेव में 12 को आएंगी मुक्केबाज निखत जरीन
कॉन्क्लेव में 12 फरवरी को भारतीय स्टार मुक्केबाज निखत जरीन आएंगी। इसके अलावा, जानी मानी एथलीट रह चुकी अश्विनी नचप्पा, चक दे इंडिया फेम पूर्व हॉकी खिलाड़ी मीर रंजन नेगी समेत कई विशेषज्ञों केे भी कॉन्क्लेव में कार्यक्रम तय किए गए हैं। देहरादून में यह कॉन्क्लेव 12 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। 11 फरवरी को एक दिन हल्द्वानी में भी कॉन्क्लेव आयोजित की जाएगी।

राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ी अपना बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मनोरंजन और ज्ञानवर्धन के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ताकि उन्हें हर लिहाज से एक अच्छा वातावरण मिले और वह खेलों में आगे बढ़ सकें।
-नीरज गुप्ता, नोडल अधिकारी, गेम्स ऑपरेशन।

हमारी कोशिश है कि देशभर से आए खिलाड़ी देवभूमि उत्तराखंड से बहुत अच्छे अनुभव लेकर के जाएं। इसी अनुरूप तमाम तरह की व्यवस्था की गई हैं। हम चाहते हैं कि राष्ट्रीय खेल सभी खिलाड़ियों के विकास में सहायक साबित हों।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री।

नेशनल गेम्सः शूटिंग रेंज में क्वालीफिकेशन रिकार्ड, हरियाणा की बेटी रमिता के नाम

हरियाणा की रमिता बुधवार को जब अपनी एयर रायफल लिए शूटिंग रेंज पर पहुंची, तो उनकी काबिलियत कसौटी पर थी। कसौटी पर वह नवनिर्मित हाईटेक शूटिंग रेंज भी थी, जिसकी तुलना दिल्ली और भोपाल की शूटिंग रेंज से की जा रही थी। रमिता की रायफल से गोली निकली। स्कोर 634.9 रहा और यह 10 मीटर की एयर रायफल महिला स्पर्धा के क्वालीफिकेशन राउंड का कीर्तिमान बन गया। रमिता तो कसौटी पर खरी उतरी ही, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज की शूटिंग रेंज भी खरा सोना साबित हुई।

राष्ट्रीय खेलों के पहले दिन की इससे शानदार शुरुआत हो ही नहीं सकती थी, जबकि शूटिंग की पहली ही स्पर्धा में रिकार्ड टूट गया। भारतीय शूटिंग टीम के असिस्टेंट कोच अरुण सिंह के मुताबिक-इससे पहले, शूटिंग की इस स्पर्धा में क्वालीफिकेशन रिकार्ड 637.7 स्कोर पर बना था। यह रिकॉर्ड भोपाल में आयोजित वर्ल्ड कप चौंपियनशिप में बना था। रमिता ने दो अतिरिक्त प्वाइंट अर्जित कर नया क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया है। रमिता को अब बृहस्पतिवार को इस स्पर्धा के फाइनल में खेलना है। दो तरह के रिकॉर्ड मेंटेन किए जाते हैं। एक क्वालीफिकेशन और दूसरा मेडल रिकॉर्ड होता है।

राष्ट्रीय खेलों के लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में बनाई गई हाईटेक शूटिंग रेंज की जितनी तारीफ की जा रही थी, वह पहले ही दिन सही साबित हुई है। भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच अरुण सिंह शुरू से ही कह रहे थे कि जिस तरह से इस शूटिंग रेंज को तैयार किया गया है, उससे यहां नए रिकार्ड निकल सकते हैं।

यह है शूटिंग रेंज की खासियत

शूटिंग रेंज में कुल 160 टारगेट स्थापित हैं। 10 व 25 मीटर रेंज के 60-60 व 50 मीटर रेंज के 40 टारगेट हैं।
टारगेट क्षमता के मामले में यह दिल्ली व भोपाल के बाद तीसरे नंबर की शूटिंग रेंज है। 25 मीटर की रेंज में सबसे ज्यादा टारगेट फिक्स करने की क्षमता।
अत्याधुनिक हाईटेक उपकरणों से सुसज्जित यह शूटिंग रेंज है। हाईटेक टारगेट से सटीक स्कोरिंग सुनिश्चित हो रही है।

रमिता बोली-पेरिस की तरह ही है शूटिंग रेंज

क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाने वाली हरियाणा की रमिता पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह पेरिस ओलंपिक में अंतिम आठ में जगह बनाने में कामयाब रहीं थीं। रमिता का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि वह रिकार्ड बनाएंगी। अपनी कोच नेहा चवन को भी वह इस मौके पर याद करने से नहीं चूकी। साथ ही कहा कि दून की शूटिंग रेंज बहुत अच्छी है। पेरिस की शूटिंग रेंज में जो उपकरण लगे थे, वे ही यहां लगाए गए हैं। इससे स्कोरिंग अच्छी हो रही है।

उत्तराखंड बहुत सुंदर, हमेशा से पसंद है

हरियाणा के कुरुक्षेत्र के लाडवा की रहने वाली रमिता हंसराज कॉलेज दिल्ली की बी कॉम ऑनर्स की छात्रा हैं। वर्ष 2015 से शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। रमिता का कहना है कि उत्तराखंड उन्हें हमेशा से पसंद रहा है। देहरादून कई बार आई हैं घूमने के लिए। इस बार भी फाइनल मैच हो जाने के बाद जब समय मिलेगा, वह यहां के प्राकृतिक नजारों को देखने के लिए निकलेंगी।

राष्ट्रीय खेलों के लिए हमने अंतरराष्ट्रीय मानक वाले उपकरणों की व्यवस्था की है। मुझे उम्मीद है कि देश भर से आए खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन उत्तराखंड की धरती पर करेंगे और खेलों में नए-नए कीर्तिमान स्थापित होंगे। मैं सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री