सीएम ने देहरादून से उत्तरकाशी और गौचर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड हवाई सम्पर्क योजना के तहत सहस्त्रधारा (देहरादून) से जोशियाडा (उत्तरकाशी) और सहस्त्रधारा (देहरादून) से गौचर (चमोली) के लिए हेलीकॉप्टर सेवा एवं दिल्ली से पिथौरागढ़ विमान सेवा का सीएम आवास से वर्चुअल शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हवाई सेवाएं, राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रही हैं, इसलिए सरकार उड़ान योजना के तहत 18 स्थानों पर हेलीपोर्टस का निर्माण कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने इन सेवाओं को प्रारंभ करने में सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राममोहन नायडु जी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये तीनों परियोजनाएँ हमारे राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने जा रही हैं, इन सेवाओं के प्रारंभ होने से राज्य में पर्यटन एवं आर्थिक विकास को गति मिलने के साथ-साथ सीमांत क्षेत्र पिथौरागढ़ की जनता को देश की राजधानी तक पहुँचने के लिए एक नया और बेहतर विकल्प मिल सकेगा। इन हवाई सेवाओं के प्रारंभ होने से आपातकालीन और आपदा प्रबंधन कार्यों में भी गति आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हवाई संपर्क योजना के तहत देहरादून सहस्त्रधारा से जोशियाड़ा और गौचर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का प्रारम्भ होना हमारे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। अब देहरादून से जोशियाड़ा की यात्रा केवल 40 मिनट और गौचर की यात्रा मात्र 50 मिनट में पूरी की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम हमारे पर्वतीय क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ वर्ष पूर्व आम आदमी को भी हवाई यात्रा करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से दूरदर्शी योजना उड़ान का शुभारंभ किया था। इस योजना ने उत्तराखंड में भी हवाई संपर्क को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उड़ान योजना के अंतर्गत राज्य में वर्तमान में 18 हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं। जिनमें से अब तक 10 हेलीपोर्ट्स पर हवाई सेवाएं सफलतापूर्वक शुरू की जा चुकी हैं। इन हेली सेवाओं से श्रीनगर, हल्द्वानी, मुन्स्यारी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत और अल्मोड़ा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सफलतापूर्वक जोड़ा जा चुका है। आने वाले समय में राज्य के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी हेली सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जहाँ पहले पहाड़ों के दुर्गम रास्तों को पार करने में घंटों लग जाया करते थे, वहीं अब हम एक घंटे के अंदर ही सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों तक आसानी से पहुँच सकेंगे। इन हवाई सेवाओं के प्रारंभ होने से जहां एक ओर हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा वहीं स्थानीय व्यवसाय, होमस्टे और युवाओं हेतु रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। हवाई कनेक्टिविटी की महत्ता को समझते हुए राज्य सरकार घरेलू उड़ानों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक उमेश शर्मा काऊ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा सोनिका, एसीईओ दयानन्द सरस्वती, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पवन हंस संजय, एलान्स एयर से रंजन दत्ता, आर. सी. शर्मा वर्चुअल माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टमटा, विधायक सुरेश सिंह चौहान, अनिल नौटियाल, जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी चमोली डॉ. संदीप तिवारी और जिलाधिकारी पिथौरागढ़ श्री विनोद गिरी गोस्वामी उपस्थित थे।

सहस्त्रधारा- गौचर हेलीकॉप्टर सेवा
इस सेवा में लगभग 50 मिनट का समय लगेगा। सहस्त्रधारा से यह हेलीकॉप्टर प्रातः 09ः30 बजे गौचर के लिए रवाना होगा तथा अपराहन् 10ः40 बजे गौचर से सहस्त्रधारा के लिए वापसी करेगा। पवन हंस की यह सेवा सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक 06 दिन होगी। 20 नवम्बर 2024 तक इसका प्रति व्यक्ति एक तरफ किराया 03 हजार रूपये और उसके बाद 3600 रूपये प्रति व्यक्ति होगा।

सहस्त्रधारा-जोशियाड़ा हेली सेवा
इस सेवा में लगभग 40 मिनट का समय लगेगा। सहस्त्रधारा से यह हेलीकाप्टर मध्याहन 12ः00 बजे जोशियाड़ा के लिए रवाना होगा तथा अपराहन् 01ः00 बजे जोशियाड़ा से सहस्त्रधारा के लिए वापसी करेगा। पवन हंस की यह सेवा सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक 06 दिन होगी। 20 नवम्बर 2024 तक इसका प्रति व्यक्ति एक तरफ किराया 03 हजार रुपये और उसके बाद 3300 रुपये प्रति व्यक्ति होगा। इन हवाई सेवाओं की वेबसाईट https://booking.pawanhans.co.in/ है।

दिल्ली-नैनी सैनी (पिथौरागढ़) विमान सेवा

यह सेवा ‘एलान्स एयर’ वायुयान के माध्यम से प्रदान की जाएगी।यह सेवा सप्ताह में 03 दिन (मंगलवार, वृहस्पतिवार एवं शनिवार) को संचालित होगी। दिल्ली से पिथौरागढ़ की इस वायुयान यात्रा में लगभग 1 घण्टा 25 मिनट का समय लगेगा। यह वायुयान दिल्ली से प्रातः 09ः20 बजे पिथौरागढ़ के लिए रवाना होगा तथा 11ः15 बजे पिथौरागढ़ से दिल्ली के लिए वापसी करेगा। इसका किराया 14 नवम्बर 2024 तक 2499 रूपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है, जबकि 16 नवम्बर से दिल्ली से पिथौरागढ़ का किराया 6999 और पिथौरागढ़ से दिल्ली का किराया 7447 प्रति व्यक्ति तय किया गया है। इस हवाई सेवा की बुकिंग वेबसाईट https://allianceair.in/ पर होगी।

प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में पहुंचे देशभर से प्रवासी, सीएम ने किया गर्मजोशी से स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के दून विश्वविद्यालय में आयोजित “प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन” में सभी प्रवासी उत्तराखंडियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस विशेष सम्मेलन का उद्देश्य प्रवासी उत्तराखंडियों को राज्य के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करना और उनके साथ संवाद स्थापित करना था। सम्मेलन के दौरान दो प्रमुख सत्रों का आयोजन हुआ, जिनमें राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, निवेश के अवसर और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।

प्रथम सत्रः उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और पर्यटन में निवेश की संभावनाएं

प्रथम सत्र में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र के योगदान और विभिन्न निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। इस सत्र की कोऑर्डिनेटर पूजा गर्याल, अपर सचिव, पर्यटन, उत्तराखंड थीं, और इसका संचालन प्रतीक जैन, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग द्वारा किया गया। सत्र के पैनलिस्टों ने विभिन्न उद्योगों में संभावित निवेश और रोजगार के अवसरों पर अपने अनुभव साझा किए।

सत्र के पैनलिस्टों में शामिल रहेः
एस.आर. नौटियाल, एमडी, स्पार्क टेक्नोलॉजीस, जिन्होंने तकनीकी क्षेत्र में निवेश के बारे में चर्चा की। गोर्की चंदोला, होम स्टे के संस्थापक, जिन्होंने होमस्टे के माध्यम से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। संजय शर्मा, इको ग्लैम्पिंग रिसॉर्ट काणाताल के संस्थापक, जिन्होंने इको-टूरिज्म की संभावनाओं को प्रस्तुत किया।
कर्नल अश्विनी पुंडीर, एडिशनल सीईओ (एडवेंचर) यूटीडीबी, जिन्होंने साहसिक पर्यटन के विस्तार पर विचार व्यक्त किए।
रजत जैन, सनफॉक्स टेक्नोलॉजीस के संस्थापक, जिन्होंने पर्यावरण-अनुकूल तकनीकी समाधानों की संभावनाएं उजागर कीं।

द्वितीय सत्रः कृषि, बागवानी और ग्रामीण विकास में नवाचार की संभावनाएँ
दूसरे सत्र में उत्तराखंड में कृषि, बागवानी और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस सत्र की कोऑर्डिनेटर राधिका झा, सचिव, उत्तराखंड थीं, और इसका संचालन विनय कुमार, प्रबंधक निदेशक, यू.ओ.सी.बी. द्वारा किया गया। पैनल में विशिष्ट विशेषज्ञों और उद्यमियों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

पैनलिस्टों में सम्मिलित रहेः
नवीन पटवाल, मशरूम विशेषज्ञ और उद्यमी, जिन्होंने मशरूम खेती के बढ़ते अवसरों पर बात की। प्रेम चंद शर्मा, पद्मश्री पुरस्कार विजेता, जिन्होंने कृषि क्षेत्र में किए गए नवाचारों पर अपने अनुभव साझा किए।
रॉबिन नागर, संस्थापक एवं सीईओ, वैलीकल्चर इंडिया, जिन्होंने जैविक खेती के क्षेत्र में कार्य को बढ़ावा देने के सुझाव दिए।
शालिनी चौहान, हिमालयन हर्बेरिया की सीईओ, जिन्होंने औषधीय पौधों की खेती में संभावनाओं को सामने रखा।
डॉ. नृपेन्द्र चौहान, निदेशक, सगन्ध पादप केंद्र, जिन्होंने सगंध पौधों की खेती और प्रसंस्करण के बढ़ते अवसरों को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री का संदेशः उत्तराखंड के विकास में प्रवासियों की भूमिका है अहम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में प्रवासी उत्तराखंडियों के राज्य के विकास में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रवासियों के पास न केवल अनुभव और संसाधन हैं बल्कि अपनी मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम भी है। यह सम्मेलन प्रवासी उत्तराखंडियों को राज्य के विकास में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

सम्मेलन के अंत में प्रवासी उत्तराखंडियों ने राज्य में निवेश और रोजगार के लिए संभावनाओं की खोज और उत्तराखंड के विकास में अपनी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह सम्मेलन उत्तराखंड की स्थिर और सतत आर्थिक प्रगति के लिए नए मार्ग खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

उत्तराखण्ड निवास में राज्य की संस्कृति, लोक कला और वास्तुकला का किया गया है समावेशः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में उत्तराखण्ड राज्य अतिथि गृह ‘उत्तराखण्ड निवास’ का लोकार्पण किया। इस भव्य उत्तराखण्ड निवास का निर्माण लगभग 120 करोड़ 52 लाख की लागत से किया गया है। इस अवसर पर सबसे पहले मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद के मार्चुला बस दुर्घटना में दिवंगत आत्माओं की शांति और उनके परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज हम सब उत्तराखण्ड निवास के लोकार्पण के ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहा हैं। उत्तराखण्ड निवास में राज्य की संस्कृति, लोक कला और वास्तुकला का समावेश किया गया है। उत्तराखण्ड की अद्वितीय कला की छाप उत्तराखण्ड निवास संजोये हुए है। इसकी दीवार पारंपरिक रूप से पहाड़ी शैली के सुंदर पत्थरों से निर्मित है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत करने का का कार्य करती है। यह भवन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक पंरपराओं को एक नई ऊंचाई प्रदान करने के साथ ही उत्तराखण्ड और देश-विदेश से आने वाले अतिथियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आरामदायी आवास व्यवस्था तथा उत्तराखण्ड की संस्कृति की झलक को समेटे यह भवन राष्ट्रीय राजधानी में हमारे प्रदेश की गरिमा का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड निवास में हमारे पारंपरिक व्यंजनों की व्यवस्था की जाए। श्री अन्न उत्पादों और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए भी यहां पर एक विशेष काउंटर की व्यवस्था की जाए। उत्तराखण्ड की पहचान टोपी, पिछोड़ा, शॉल, जैकेट एवं राज्य के प्रसिद्ध उत्पादों की बिक्री की भी व्यवस्था हो। राज्य की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उच्च गुणवत्ता के उत्पाद बनाये जा रहे हैं। यह हमारे आने वाले अतिथियों के लिए एक विशेष प्रकार का अनुभव होगा। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भवन के निर्माण में योगदान देने वाले सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। सभी श्रमिकों के समर्पण भाव की भी उन्होंने सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 09 नवम्बर को हम उत्तराखण्ड राज्य की रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं। ऐसे में उत्तराखण्ड भवन का लोकार्पण श्रेष्ठ उत्तराखण्ड बनाने का हमारे संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा और राज्य को आगे बढ़ाने में हम सबको प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए पिछले सालों में कई महत्वपूर्ण योजनाएं और नीतियां लागू की गई हैं। यही कारण है कि नीति आयोग द्वारा इस वर्ष जारी सतत विकास के लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखण्ड को देश प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टप में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। जीएसडीपी में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखण्ड युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बना है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत कमी लाई गई है। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सबसे अनुकूल राज्य होने के लिए भी उत्तराखण्ड को देश में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य हित में अनेक निर्णय लिये हैं। समान नागरिक संहिता की दिशा में कदम उठाने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। जल्द ही यूसीसी राज्य में लागू करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। जिससे प्रदेश के युवाओं में नया आत्मविश्वास जगा है। हर जनपद से युवाओं का चयन हो रहा है। विगत तीन वर्षों में राज्य में 18500 सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। राज्य में धर्मान्तरण को रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है। जो देवभूमि की पवित्रता और संस्कृति की रक्षा करेगा। 05 हजार से भी अधिक सरकारी जमीन जो गैरकानूनी रूप से कब्जे में थी, उसको अतिक्रमण से मुक्त कराया है। प्रदेश में लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घटिया मानसिकता के खिलाफ भी कड़ा रूख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले बजट सत्र में एक सख्त भू-कानून भी लाया जायेगा। जिसकी काफी लंबे समय से प्रतिक्षा है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड के अंतिम छोर के व्यक्ति तक विकास की धारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचन्द अग्रवाल, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सासंद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सासद डॉ. कल्पना सैनी, विधायकगण, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु एवं सचिवगण उपस्थित थे।

राष्ट्रीय खेलों की तारीख पर आईओए की अंतिम मुहर

देहरादून। उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स के आयोजन की तारीख पर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। संघ की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र के माध्यम से यह सूचना दी गई है। आयोजन को सफल बनाने के लिए पांच विभिन्न कमेटियों का गठन भी भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से कर दिया गया है।

बता दें कि बीते माह मुख्यमंत्री ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान संघ की अध्यक्ष डॉ पीटी उषा से मुलाकात कर राष्ट्रीय खेलों की तारीख घोषित किए जाने का अनुरोध किया था। डॉ उषा ने तभी आयोजन की प्रस्तावित तारीखों को सहर्ष स्वीकृति दे दी थी। अब इस तिथि का औपचारिक ऐलान कर दिया गया है। अगले वर्ष 28 जनवरी से 14 फरवरी तक 38वें नेशनल गेम्स यहां आयोजित होंगे।

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पांच विभिन्न कमेटियों का गठन कर दिया गया है। इनमें सुनैना की अध्यक्षता में गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी, मधुकांत पाठक की अध्यक्षता एनएसएफ/एसओए कोआर्डिनेशन कमेटी, विथल शिरगोंकार की अध्यक्षता में प्रोटोकॉल कमेटी, सुश्री सुमन कौशिक की अध्यक्षता में सेफगार्डिंग कमेटी और आईएएस आरके सुधांशु की अध्यक्षता में प्रिवेंशन ऑफ मैनिपुलेशन ऑफ कंपटीशन कमेटी गठित की गई है।

उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स बेहद सफल और ऐतिहासिक होंगे। इस राष्ट्रीय खेल महाकुंभ के लिए उत्तराखण्ड पूरी तरह से तैयार है। राज्य सरकार इस आयोजन को यादगार बनाने में कोई भी कोर कसर बाकी नहीं रखेगी। जिन राज्यों में पिछले राष्ट्रीय खेल हुए हैं, उनके अनुभवों के आधार पर उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल बेहतर ढंग से आयोजित किए जाएंगे। हमारा प्रयास होगा कि उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन अभी तक हुए राष्ट्रीय खेलों से बेहतर हो।
– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

हेमकुंड साहिब यात्रा के सफल संचालन होने पर सीएम का हुआ थैंक्यू

इस वर्ष की हेमकुंड साहिब यात्रा निर्विघ्न एवं सफलतापूर्वक संपन्न होने पर हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया गया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा ने यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में मुख्यमंत्री धामी द्वारा समय समय पर दिए निर्देशों के प्रति भी उनका आभार व्यक्त किया है।

बिन्द्रा ने इसके लिए बरसात के दौरान यात्रा मार्गों को त्वरित रूप से आवाजाही के लिए खोले जाने के प्रति राज्य सरकार एवं चमोली जिला प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया है। उन्होने कहा है कि चारधाम सहित हेमकुंड यात्रा प्रदेश के पर्यटन की रीढ़ है। यहां आने वाले यात्रियों को आवश्यक सुविधायें उपलब्ध होने से सुखद यात्रा का संदेश भी देश दुनिया में गया है। इसके लिए भी मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार का हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट तहेदिल से आभार व्यक्त करता है।

बिन्द्रा ने बताया कि इस वर्ष हेमकुंड साहिब यात्रा 25 मई को प्रारंभ हुई थी और 10 अक्टूबर को यात्रा का समापन हुआ था।

सीएम ने वर्चुअल जुड़कर लालकुआं-बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से लालकुआं-बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कैंची धाम के आशीर्वाद से आज लालकुंआ से बांद्र के मध्य ट्रेन संचालन का स्वप्न पूरा हुआ है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। इन्होंने कहा कि इस ट्रेन के संचालन से रामपुर, मुदादाबाद, गाजियाबाद, हजरत निजामुदीन, मथुरा, सवाई माधोपुर, कोटा, वडोदरा सूरत जैसे रेलवे स्टेशन से जुड़े लोगों को को यात्रा करने का आसानी से विकल्प मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लालकुआं-बांद्रा रेल सेवा शुरू होने से बाबा कैंची धाम, जागेश्वर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा का एक बेहतर विकल्प मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम भारतीय रेल के स्वर्णिम युग की ओर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भरता और आधुनिकता के प्रतीक के रूप में वंदेभारत जैसी मेड इन इंडिया ट्रेन, रेल नेटवर्क का हिस्सा बनी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से पहाड़ तक ट्रेन पहुंचने का स्वप्न ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन बनने के साथ ही पूर्ण हो जायेगा। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन पर भी सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है, जल्द ही इसमें भी कार्य शुरू हो जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्त्राखण्ड से काशी, अयोध्या और अन्य प्रमुख शहरों के लिए रेल सेवा के और विस्तार के लिए प्रयास किये जायेंगे। आज हमारी डबल इंजन की सरकार प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। प्रदेश की देवतुल्य जनता के सहयोग से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है।

सांसद अजय भट्ट ने कहा कि यहां के लोगों की यह बहुत पुरानी मांग थी कि लालकुआं से मुंबई को सीधे रेल सेवा सुचारू हो, जो आज पूर्ण हुई है। इसके रेल सेवा के संचालन से पूरे कुमाऊं क्षेत्र के लोगों के साथ ही यहां के विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के दर्शनार्थियों व पर्यटकों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब सप्ताह में तीन रेल गाड़ियां रामनगर, हल्द्वानी और अब लालकुआं से मुम्बई के लिए जा रही हैं, जिसका लाभ यहां के पर्यटक क्षेत्रों को भी मिलेगा।

लालकुआं बान्द्रा टर्मिनल के मध्य नई ट्रेन सं० 22544 सोमवार को लालकुआ से सुबह 07ः45 बजे प्रस्थान कर रूद्रपुर सिटी, रामपुर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, कोटा, बडोदरा, सूरत होते हुए हुए अगले दिन मंगलवार को प्रातः 08ः30 बजे बान्द्रा टर्मिनस पहुंचेगी तथा वापसी में बान्द्रा टर्मिनस से सुबह 11ः00 बजे मंगलवार को प्रस्थान कर लालकुओं अगले दिन बुधवार 13ः15 बजे लालकुओं पहुंचेगी । इस गाड़ी में यात्रियों की सुविधा के लिए 2 एसी के 01 कोच, 3 एसी के 02 कोच, एसी इकोनॉमी श्रेणी के 03 कोच तथा स्लीपर क्लास के 06 कोच, सामान्य श्रेणी के 04. कोच से संचालित होगी। इस गाड़ी में सभी कोच एलएचबी के लगाये गये हैं जो कि यात्रियों के लिए सुविधाजनक एवं संरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त हैं।

इस अवसर पर विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक नवीन दुमका, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, दीप कोश्यारी और डी.आर.एम रेखा यादव उपस्थित थे।

राज्य में यूसीसी लागू करने के लिए कैबिनेट में जल्द तय की जाएगी तिथि

समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम के राज्य में क्रियान्वयन के लिए सेवानिवृत्त आई.ए.एस. शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में बनाई गई ‘नियमावली और क्रियान्वयन समिति’ ने सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नियमावली का ड्राफ्ट सौंपा। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आई.ए.एस. शत्रुघ्न सिंह, सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, अपर पुलिस महानिदेशक अमित सिन्हा और स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा मौजूद थे।

समिति द्वारा समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम की नियमावली का ड्राफ्ट सौंपे जाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2022 में प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद हमने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में निर्णय लिया कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन करेंगे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाई गई। कमेटी के रिपोर्ट सौंपने के बाद 07 फरवरी, 2024 को राज्य विधान सभा में पारित किया गया। उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 पर महामहिम राष्ट्रपति की सहमति के बाद 12 मार्च, 2024 को समान नागरिक संहिता उत्तराखण्ड, 2024 अधिनियम पारित हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता अधिनियम की नियमावली आज सौंपी गई है। इस नियमावली में मुख्य रूप से चार भाग है। जिसमें विवाह एवं विवाह-विच्छेद लिव-इन रिलेशनशिप, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण तथा उत्तराधिकार सम्बन्धी नियमों के पंजीकरण संबंधी प्रक्रियाएं उल्लिखित है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मंत्रिमंडल की बैठक में इस अधिनियम को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए तिथि तय की जायेगी। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। जन सामान्य की सुलभता के दृष्टिगत इस समान नागरिक संहिता के लिए एक पोर्टल तथा मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण, अपील आदि की समस्त सुविधाएं जनसामान्य को ऑनलाइन माध्यम से सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में सबको समान रूप से न्याय मिले। महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विधेयक बना है। जल्द इस अधिनियम को धरातल पर उतारा जायेगा। आजादी के बाद उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन जायेगा जिसे समान नागरिक संहिता लागू करने का गौरव प्राप्त होगा।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, विशेष सचिव रिद्धम अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

सीएम धामी के निर्देशों पर चलाया जा रहा है फैमिली रीयूनियन प्रोग्राम

देहरादून। इस दुनिया में शायद ही कोई ऐसा हो, जिसका अपना परिवार न हो। लेकिन वक्त की मार कई बार, इंसान को घर परिवार से इतना दूर कर देती है कि फिर वापसी की उम्मीद दिनों दिन क्षीण होती जाती है। महिला बाल कल्याण विभाग के अधीन देहरादून के केदारपुरम में संचालित नारी निकेतन में भी ऐसी कई दिल तोड़ने वाली कहानियां है। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार इन निराश्रितों के जीवन में रंग भरने का काम कर रही है। सरकार की ओर से चलाए जा रहे फैमिली रीयूनियन प्रोग्राम के तहत अब तक 23 महिलाओं को उनके बिछड़े परिवार से मिलाया जा चुका है।

फैमिली रीयूनियन प्रोग्राम, देहरादून नारी निकेतन में दिन काट रही महिलाओं के जीवन को नई दिशा दे रहा है। इस प्रोग्राम के तहत देश के विभिन्न राज्यों में ही नहीं, बल्कि नेपाल, बांग्लादेश में तक इन महिलाओं के बिछड़े परिवारों की तलाश की जा चुकी है। इसमें बांग्लादेश की नूरजहां को 32 साल बाद अपना परिवार मिल पाया है। इसी तरह रांची झारखंड की रहने वाली जूनी टोपो भी 30 साल बाद अपने परिवार से मिल पाई है। प्रोग्राम के तहत ना सिर्फ निराश्रित महिलाओं की घर वापसी कराई जाती है, बल्कि इसके बाद भी इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, एक नेटवर्क तैयार किया जाता है। इस तरह सरकार सुनिश्चित करती है कि कई सालों के बाद परिवार से मिलने के बावजूद महिलाओं का जीवन सुरक्षित बना रहे।

नारी निकेतन निराश्रित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय देता है, लेकिन यह बात प्रमाणित है कि हर इंसान अपने परिवार के बीच ही खुश रह सकता है। इसलिए सरकार का प्रयास है कि यहां रह रही सभी महिलाओं को उनके परिवार से मिलाया जाए। इसके लिए चलाए जा रहे फैमिली रीयूनियन प्रोग्राम ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सरकार यहां रह रही महिलाओं को कौशल विकास का भी प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।

– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

घर वापसी – 01

आसाम की रहने वाली वृंदा 17 साल पहले अपने परिवार से बिछड़ गई थी, उन्होंने लंबा समय आश्रमों में बिताया, वृंदा 25 अगस्त 2023 को देहरादून नारी निकेतन में दाखिल हुई। यहां प्रोग्राम फैमिली रीयूनियन प्रोग्राम के तहत, टीम ने उनकी घंटों काउंसिलिंग करते हुए, उनके परिवार का नाम पता जानने में कामयाबी हासिल की। आखिरकार इसी साल 29 अप्रैल को वृंदा के भाई उन्हें लेने के लिए देहरादून पहुंचे, जहां कानूनी औपचारिकता के बाद उन्हें परिवार को सौंप दिया गया।

घर वापसी – 02

नेपाल की रहने वाली कमला कुमारी 2012 में अपने परिवार से बिछड़ गई थी। इसके बाद वो 2016 में अचानक उत्तरकाशी में मिली, जहां स्थानीय जिला प्रशासन ने उसे नारी निकेतन भेज दिया। अब रीयूनियन प्रोग्राम के तहत, रोलपा नेपाल में उनका बेटा मिल गया है। तमाम कानूनी औपचारिकता पूरी करने के बाद इसी महीने तीन अक्तूबर को कमला का बेटा अपनी बिछड़ी मां को लेकर वापस नेपाल चला गया है।

चारधाम यात्राः एक दिन में पहुंच रहे 23 हजार से अधिक श्रद्धालु

देहरादून। चारधाम यात्रा फिर जोर पकड़ गई है। केदारनाथ धाम में दर्शनार्थियों की लंबी लाइन लग रही है। सोमवार 14 अक्टूबर को 27 हजार 789 तीर्थयात्रियों ने चार धाम दर्शन किए। केदारनाथ की यात्रा कठिन और चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद यहां सबसे अधिक 11 हजार 309 यात्री केदार भगवान के दर्शन को पहुंचे। इसी प्रकार बदरीनाथ में 6644, गंगोत्री में 2406 और यमुनोत्री में 3290 यात्रियों ने दर्शन किए। इस यात्रा काल में अब तक कुल 40 लाख 92 हजार 360 यात्री चार धाम दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल यात्रा प्रबंधन और सतत निगरानी के चलते केदारघाटी की आपदा भी यात्रियों के उत्साह को नहीं डिगा पाई है। यात्रा मार्ग और पड़ावों में सुरक्षा प्रबंध और सभी व्यवस्थाएं बेहतर होने से यात्रियों का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। उत्साह से लबरेज यात्रियों ने इसके लिए मुक्त कंठ से सरकार के प्रयासों को सराहा है। उनका कहना है कि 31 जुलाई की रात को अतिवृष्टि ने केदारघाटी में जिस प्रकार से तबाही मचाई थी, उस स्थिति में पैदल मार्ग को बहाल करना आसान नहीं था। सरकार ने इस कठिन चुनौती को स्वीकार करते हुए यात्रा को जल्द से जल्द बहाल किया। अब अगले माह चारों धामों के कपाट बंद होने वाले हैं, इसलिए यात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता रही है। देश-विदेश से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आते हैं। यात्रियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध हैं। चारधाम यात्रा राज्य की आर्थिकी से भी जुड़ी है। राज्य में आज जिस तेजी के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए हमें यात्रा व्यवस्थाओं को और विस्तार देना होगा। इसकी कवायद भी शुरू कर दी गई है। इस बार केदारघाटी आपदा के चलते व्यवस्थाएं प्रभावित हुई, लेकिन सरकार ने इस कठिन चुनौती का भी दृढ़तापूर्वक सामना कर केदार यात्रा को बहाल किया।
– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

जिला कारागार हरिद्वार से दो बन्दियों के भाग जाने पर छह कार्मिक निलंबित, जांच के निर्देश

जिला कारागार, हरिद्वार से दो बंदियों के भाग जाने की घटना पर 6 कार्मिकों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उप महानिरीक्षक कारागार इसकी जांच कर रिपोर्ट देंगे।

बताया गया कि निरूद्ध सिद्धदोष बंदी पंकज पुत्र मगन लाल एवं विचाराधीन बंदी रामकुमार पुत्र रक्षाराम दिनांक 11 अक्टूबर, 2024 की सायंकाल को कारागार से निकल गए। उक्त घटना में संबंधित के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया गया है तथा इस घटना के लिए 06 कार्मिकों 1. प्यारे लाल आर्य, प्रभारी अधीक्षक/कारापाल, 2. कुंवर पाल सिंह, उप कारापाल सर्किल जेलर / चक्राधिकारी 3. प्रेमशंकर यादव, दिन हेड वार्डर, 4. विजय पाल सिंह, हेड वार्डर-प्रभारी गिर्दा हेड 5. ओमपाल सिंह, बंदीरक्षक प्रभारी निर्माण स्थल, 6. नीलेश कुमार, हेड वार्डर प्रभारी गेटकीपर को उनके द्वारा ड्यूटी के प्रति बरती गयी लापरवाही एवं उदासीनता के निमित्त प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घटना की विस्तृत जांच हेतु उप महानिरीक्षक कारागार को निर्देशित किया गया है। विस्तृत जांच में पाये गये तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्यवाही संपादित की जायेगी।