मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भेंट की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की और राज्य से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया कि उत्तराखण्ड राज्य में समय-समय पर आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध मेलोंध्पर्वों पर तैनात होने वाले केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनातीध्व्यवस्थापन पर होने वाले व्यय को पूर्वोत्तर राज्योंध्विशेष श्रेणी के राज्य की भाँति (केन्द्रांश रू राज्यांश) 90 रू 10 के अनुपात में भुगतान की व्यवस्था निर्धारित की जाए।

मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित आर्थिक संसाधनों के दृष्टिगत उत्तराखण्ड राज्य में समय-समय पर तैनात केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के फलस्वरूप लम्बित देय धनराशि रूपये 47.29 करोड़ को अद्यतन विलम्ब शुल्क सहित छूट प्रदान करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से नेपाल तथा चीन की सीमा लगी है, जहां स्थित गांव दुर्गम भौगोलिक परिस्थिति तथा आर्थिक अवसरों की कमी के कारण वीरान हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में इनर लाईन प्रतिबंध हटाये जाने से पर्यटन के अपार अवसर खुलेंगे तथा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढने से वहां से पलायन रूकेगा। इससे संवेदनशील क्षेत्रों में बेहतर सीमा प्रबन्धन में भी सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से चमोली जिले के नीति घाटी और उत्तरकाशी के नेलोंग घाटी (जाडूंग गांव) को इनर लाईन प्रतिबन्ध से हटाये जाने के प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कोविड की तीसरी लहर के दृष्टिगत राज्य सरकार की तैयारियों, चार धाम यात्रा, कांवङ यात्रा पर भी विचार विमर्श किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के प्राकृतिक आपदा की अत्यधिक संवेदनशीलता के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण बिन्दु राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को संदर्भित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से राज्य के लिये 02 एयर एंबुलेन्स, ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण में आपदा प्रबन्धन शोध संस्थान की स्थापना, आपदा प्रभावित गाँवों का विस्थापन एसडीआरएफ निधि के अन्तर्गत अनुमन्य किये जाने के साथ ही आपदा में लापता व्यक्तियों को मृत घोषित किये जाने हेतु स्थायी व्यवस्था स्थापित किये जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा जोखिम प्रबन्धन कोष घटकों के लिए दिशा-निर्देश तैयार करते समय विशेष रूप से पर्वतीय राज्यों की वस्तुस्थिति पर ध्यान दिये जाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत केन्द्रांश की द्वितीय किस्त अवमुक्त किये जाने का भी अनुरोध किया।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भेंट की

उत्तराखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। मौके पर उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं के लिए उत्तराखण्ड राज्य के बजट आवंटन को 89 करोड़ रूपये से बढ़ाते हुए 150 करोड़ रूपये करने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के 07 नगर निकायों के 08 लीगैसी वेस्ट व पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण और निस्तारण योजनाओं के लिये अवशेष केन्द्रांश की धनराशि अवमुक्त करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं हेतु उत्तराखण्ड राज्य के बजट आवंटन को 89 करोड़ रूपये से बढ़ाते हुए 150 करोड रूपये करने का अनुरोध किया ताकि ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के अंतर्गत उक्त योजनाओं का शीघ्र कियान्वयन किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन एवं सहयोग से उत्तराखण्ड सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को गंभीरता से पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य के 07 नगर निगमों के 08 लीगैसी वेस्ट-पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण एवं निस्तारण की डी०पी०आर० कुल योजना लागत रू० 126.53 करोड़, एस०एच०पी०सी० (स्टेट हाई पॉवर कमेटी) से अनुमोदित कराकर स्वीकृति के लिये भारत सरकार को प्रेषित की गई है। उक्त 07 नगर निकायों के 08 लीगैसी वेस्टध्पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण एवं निस्तारण की डी०पी०आर० हेतु रू0 48.78 लाख की धनराशि भारत सरकार द्वारा अवमुक्त की गयी है।
स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं हेतु भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को 89 करोङ रूपए का बजट आवंटन किया गया है। उत्तराखण्ड राज्य के 07 नगर निगमों के 08 लीगैसी वेस्ट-पुराने डम्प साईट एवं अन्य नगर निकायों के प्रसंस्करण एवं निस्तारण हेतु लगभग रू० 126 करोड तथा अन्य निकायों की ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन योजनाओं हेतु लगभग रू0 24 करोड़ की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उक्त 07 नगर निकायों के 08 लीगैसी वेस्ट-पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण एवं निस्तारण योजनाओं हेतु अवशेष केन्द्रांश की धनराशि अवमुक्त करते हुए स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं हेतु उत्तराखण्ड राज्य के बजट आवंटन को 89 करोड़ रूपए से बढ़ाते हुए 150 करोड रूपए किये जाने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री से की शिष्टाचार भेंट


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। उत्तराखण्ड के सीएम पद की शपथ के बाद प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट करने आए मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य के विकास में केन्द्र सरकार के सहयोग पर प्रधानमन्त्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तीव्र गति से विकास पथ पर आगे बढ रहा है।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री बनने पर पुष्कर सिंह धामी को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि युवा नेतृत्व में राज्य का तेजी से चहुँमुखी विकास होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य से संबंधित ज्वलंत मुद्दों के बारे मे बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री को कोविड की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए राज्य सरकार की तैयारियों के बारै में अवगत कराया। साथ ही चारधाम यात्रा, कांवङ यात्रा पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री की वार्ता निर्धारित 15 मिनट से अधिक 1 घंटा 15 मिनट तक चली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम में कुल 108 करोङ 78 लाख रूपये की लागत से द्वितीय चरण के निर्माण व पुनर्निर्माण कार्य आरम्भ किए जाने हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से श्री केदारनाथ धाम में द्वितीय चरण के निर्माण व पुनर्निर्माण कार्यों के शिलान्यास-वर्चुअल शिलान्यास के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र के सहयोग से राज्य में हेल्थ सेक्टर में सुधार के लिये अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। एम्स ऋषिकेश उत्तराखण्ड को केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण देन है। कोविड महामारी से लङाई में इसकी बङी भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कुमायूं मण्डल में भी इसी प्रकार के एक एम्स की स्थापना का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए भूमि उपलब्ध कराएगी। कुमायूं में एम्स की स्थापना से विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं से क्षेत्र की जनता लाभान्वित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय महत्व की लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिये आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की स्वीकृति प्रदान करवाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना से यमुना नदी में जल उपलब्धता बढ़ेगी एवं छः राज्य उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश लाभान्वित होंगे। इस परियोजना को समस्त स्वीकृतियाँ प्राप्त है एवं भारत सरकार के आर्थिक मामलों की कैबीनेट समिति की स्वीकृति प्राप्त होना शेष है, जिसके उपरान्त परियोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बना रहा है। निर्धारित समय से एक घंटा अधिक समय दिये जाने पर आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तराखण्ड की जनता के प्रति प्रधानमन्त्री के लगाव एवं चिंतन का परिचायक है।

खराब इंजन को बदलना छोड़ सही डिब्बे बदल रही मोदी सरकारः खरोला


मोदी सरकार के नए मंत्रिमंडल पर कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने कटाक्ष किया है। बोले, मोदी सरकार का इंजन खराब हो चुका है, खराब इंजन को बदलने के बजाए सरकार डिब्बे बदलने पर ध्यान दे रही है।

खरोला, ने कहा की स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को मंत्री पद से हटाकर मोदी सरकार ने इस बात पर मुहर लगा दी है की कोरोना काल में लाखो लोगो की मौत की जिम्मेदार वे खुद है, इसके अलावा कानून मंत्री, शिक्षा मंत्री आदि अहम मंत्रालय के मंत्रियों को हटाना ये स्पष्ट करता है की मोदी सरकार की उलटी गिनतिया शुरू हो गई है।

खरोला, ने कहा की केंद्र सरकार से उत्तराखंड को नए मंत्रिमंडल विस्तार से काफी उम्मीद दी, पर उत्तराखंड वासियों की उम्मीद में पानी फेरते हुए निशंक को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर व अजय भट्ट को केंद्रीय राज्यमंत्री देकर राज्य के भाजपा नेताओं की केंद्र में पैठ को भी उजागर कर दिया।

खरोला, ने कहा की जब कोरोना काल में अन्तराष्ट्रीय मिडिया ने केंद्र सरकार को आयना दिखाकर सरकार के नाटकीय कामकाज से देश दुनिया को रूबरू कराया तब सरकार ने देश वासियों को मुफ्त वैक्सीन लगाने की सुध ली, और अब जब अन्तराष्ट्रीय पटल पर समूचे देश की छवि धूमिल हो चुकी है उस वक्त प्रधानमंत्री ने खुद अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को दे देना चाहिए था पर देश की जनता को बरगलाने के लिए इंजन के डब्बो को बदलने का कार्य कर रही है।

खरोला, ने कहा की देश की जनता मोदी सरकार की निति और नियत से वाकिफ हो चुकी है और आने वाले राज्यों के चुनाव और आगामी लोकसभा चुनाव में जनता भाजपा का सूपड़ा साफ करेगी।

हकहकूकधारियों का दल सीएम से मिला, पूर्व की स्थिति बहाल कर देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग


चार धाम तीर्थ पुरोहितों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर देवस्थानम बोर्ड को भंग करते हुए पूर्व की स्थिति को बहाल करने की मांग की है।

चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष कृष्ण कांन्त कोठियाल के नेतृत्व मंे उत्तराखंण्ड के चारों धामों के तीर्थ पुरोहितांे व हकहकूकधारी समाज के प्रतिनिधियों ने नव नियुक्त मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से मुलाकात कर उन्हें 27 नवबंर 20219 को पारित किए गए चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की विस्तार से जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से सरकार की मंशा चारों धामों व तीर्थांे की संपूर्ण व्यवस्था अपने हाथों पर लेने की है, जो कदापि उचित नहीं है। तीर्थपरोहितांे ने स्पष्ट किया कि इस अधिनियम के आने के बाद जो भ्रम व विवाद की स्थिति पैदा हुई उसके लिए केवल और केवल सरकार जिम्मेदार है, क्यांेकि सरकार द्वारा विधेयक लाने से पूर्व धामों से जुडे रावल, पुजारी, तीर्थपुरोहित, पंडा समाज व हकहकूकधारी समाज के साथ ही स्थानीय जनमानस से किसी प्रकार का संवाद नही किया गया और कैबनेट से पास कर विधानसभा से पारित करा लिया गया।

मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान यह भी कहा गया है कि सरकार इन तीर्थो एंव मंन्दिरों के लिए बाला जी एंव वैष्णों देवी माॅडल लेकर आई है जो शास्त्र सम्मत नही है, यह विधेयक न केवल उत्तराखंण्ड के चारोधामों के तीर्थपुरोहितों, हकहकूकधारी समाज व स्थानीय जनमानस की भावनाओं के विरूद्ध है ब्लकि कोरोडो हिन्दुओं की आस्थाओं व विश्वास पर भी आघात करता है, और भारतीय संविधान मे प्रदत धर्म संबधित मौलिक अधिकारों को भी बाधित करता हेै। इसलिए अविलम्ब देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड को भंग करते हुए 27नवबंर 2019 से पूर्व की स्थिति को वहाल किया जाय। तीर्थपुरोहितों ने इस आशय का ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौपा।

मुख्यमंत्री से भेंट करने वाले शिष्टमंडल मे अध्यक्ष कृष्ण कांन्त कोठियाल के अलावा महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी, केदारसभा केदारनाथ के महामंत्री कुबेर नाथ पोस्ती, पंडा पंचायत यमनोत्री के अध्यक्ष पुरूषोत्तम उनियाल, गंगोत्री पंचायत के पूर्व अध्यक्ष संजीव सेमवाल, पुजारी मुकेश सेमवाल, महापचंायत के कोषाध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद जुगडाणं व ब्रहमकपाल तीर्थपुरोहित आचार्य नरेशानन्द नौटियाल आदि शामिल थे। महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी के अनुसार इस मामले मे मुख्यमंत्री का रूख बेहद सकारात्म था और उन्है उम्मीद है कि मुख्यमंत्री देवस्थानम बोर्ड पर चारोधामों की तीर्थपुरोहितो व हकहकूक समाज व स्थानीय जनमानस की भावनाओं के अनुरूप निर्णय लेगे।

आईडीएल में आक्सीजन प्लांट का जल्द होने जा रहा लोकार्पण

आईडीपीएल ऋषिकेश के डीजीएम गंगा प्रसाद अगरहरी ने आईडीपीएल में ऑक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित कराये जाने को लेकर किए गए प्रयासों के लिए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल का आभार व्यक्त किया साथ ही आईडीपीएल में जीवन रक्षक दवाइयों के उत्पादन को लेकर भी चर्चा वार्ता की।

स्पीकर ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान उत्तराखंड सहित संपूर्ण देशभर में ऑक्सीजन की किल्लत हुई, ऐसे में केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के सहयोग से आईडीपीएल के ऑक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित करने के लिए कवायद शुरू हुई और अब प्लांट की टेस्टिंग में सफलता के बाद जल्द ही इस ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण किया जाएगा।

कहा कि आईडीपीएल ऋषिकेश का औषधी निर्माण में महत्वपूर्ण स्थान रहा है इसलिए यहां पर कुछ आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों का निर्माण भी प्रारंभ करने के लिए तैयारियां चल रही है जिससे स्थानीय लोगों को भी लाभ होगा।

इस अवसर पर आईडीपीएल के डीजीएम ने विधानसभा अध्यक्ष को आईडीपीएल के अंदर संचालित होने वाली अन्य गतिविधियों एवं जीवन रक्षक दवाइयों के उत्पादन से संबंधित आवश्यक जानकारी से अवगत कराया। साथ ही ऑक्सीजन प्लांट पुनर्जीवित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कार्मिक विभाग के इंचार्ज एसएस नेगी भी उपस्थित थे।

मनोनीत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ली राजभवन में शपथ, 11 मंत्रियों ने भी मौके पर ली शपथ

उत्तराखंड के सबसे युवा 45 वर्षीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने उन्हें शपथ दिलाई। इस दौरान हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, मदन कौशिक समेत, तमाम भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। 5 बजकर 14 मिनट पर शपथ ग्रहण समारोह शुरू होने की घोषणा हुई। इसके बाद राज्यपाल पोडियम पर पहुंचीं और उन्होंने पुष्कर सिंह धामी को शपथ दिलाई। शपथग्रहण समारोह के दौरान नारेबाजी का दौर भी खूब चला। सीएम धामी के समर्थकों ने खूब नारे लगाए।

इन्होंने भी ली शपथ
मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने के बाद राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने 11 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई। ​मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में सबसे पहला नाम सतपाल सिंह महाराज का रहा। इसके बाद पौड़ी से विधायक हरक सिंह रावत ने शपथ ली। मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले अगले विधायक वंशीधर भगत रहे। वंशीधर भगत पांच बार मंत्री रह चुके हैं और वह छठवीं बार मंत्री बने हैं। इसके बाद यशपाल आर्य मंत्रीपद की शपथ लेने पहुंचे। यशपाल पिछली सरकार में परिवहन मंत्री थे। डिडिहार से विधायक बिशन सिंह को भी राज्यपाल ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद सु​बोध उनियाल, अरविंद पांडेय, मसूरी से लगातार दूसरी बाद विधायक गणेश जोशी, धनसिंह रावत, रेखा आर्या, यतीश्वरानंद ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

पुष्कर सिंह धामी के रूप में उत्तराखंड को मिला 11वां सीएम


देहरादून। उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बनाये गए हैं। राज्य को 11वां मुख्यमंत्री मिला है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी है।

दो बार बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे धामी

2017 के बाद उत्तराखंड को मिले तीसरे मुख्यमंत्री

पुष्कर सिंह धामी

जीवन परिचय, मा0 विधायक, पुष्कर सिंह धामी, 70 विधान सभा क्षेत्र, खटीमा, ऊधमसिंह नगर (उत्तराखण्ड)

देव भूमि उत्तराखण्ड प्रदेश के अति सीमान्त जनपद पिथौरागढ की ग्राम सभा टुण्डी, तहसील डीडी हाट में जन्म हुआ। सैनिक पुत्र होने के नाते राष्ट्रीयता, सेवा भाव एवं देशभक्ति को ही धर्म के रूप में अपनाया। आर्थिक आभाव में जीवन यापन कर सरकारी स्कूलों से प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। तीन बहनों के पश्चात अकेला पुत्र होने के नाते परिवार के प्रति जिम्मेदारियाॅ हमेशा बनी रही।

1.विधान सभा का नाम 70, विधान सभा क्षेत्र, खटीमा

2.माता का नाम विश्ना देवी

3.पत्नी का नाम गीता धामी

4.शैक्षिक योग्यता (क) शैक्षणिक योग्यता – स्नातकोत्तर
(ख) व्यावसायिक – मानव संसाधन प्रबंधन और औद्योगिक संबंध के मास्टर

5.जन्म तिथि 16.09.1975

6.राजनितिक दल का नाम भारतीय जनता पार्टी

प्रारंभिक जीवन- माता जी का एक धर्मपरायण, मृदुभाषी एवं अपने परिवार के प्रति समर्पित धरेलू महिला होने तथा पिता की सैनिक होने के कारण देश की सरहद पर हर पल तन-मन न्यौछावर करने की दशा भक्ति की प्ररेणा से ओत-प्रोत वाल्य मन-मस्तिष्क में सदैव देश एवं प्रदेश के लिए कुछ कर गुजरने की ललक के कारण बचपन से ही स्काउट गाइड, एन0सी0सी0, एन0एस0एस0 इत्यादी शाखाओं में प्रतिभाग एवं समाजिक कार्यो को करने की भावना तथा ’’संधे शक्ति कलयुगें’’ के मूलमंत्र के आधार पर छात्र शक्ति को उनके हकों एवं उत्थान के लिए एक जुट करने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुडने के मुख्य कारक रहे हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों को एक जुट करके निरन्तर संधर्षशाील रहते हुए उनके शैक्षिणक हितों की लडाई लडते हुए उनके अधिकार दिलाये गये तथा शिक्षा व्यवस्था के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। राजनितिक दल भारतीय जनता पार्टी से जुडने का कारण भी राष्ट्रीयता, देशभक्ति, कमजोर एवं युवा बेरोजगार के प्रति कुछ कर गुजरने की भावना रही। यही राजनिति में आने का उदे्श्य रहा।

राजनीतिक जीवन

राजनितिक यात्राः- सन् 1990 से 1999 तक जिले से लेकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में विभिन्न पदों में रहकर विद्यार्थी परिषद में कार्य किया है। इसी दौरान अलग-अलग दायित्वों के साथ-साथ प्रदेश मंत्री के तौर पर लखनऊ में हुये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सम्मेलन में संयोजक एवं संचालन कर प्रमुख भूमिा निभाई।

राज्य की भौगोलिक परिस्थियों को नजदीक से समझते हुए क्षेत्रीय समस्याओं की समझ और उत्तराखण्ड राज्य गठन के उपरान्त पूर्व मुख्यमंत्री जी के साथ एक अनुभवी सलाहकार के रूप में 2002 तक कार्य किया। कुशल नेतृत्व क्षमता, संधर्षशीलता एवं अदम्य सहास के कारण दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए सन 2002 से 2008 तक छः वर्षो तक लगातार पूरे प्रदेश में जगह-जगह भ्रमण कर युवा बेरोजगार को संगठित करके अनेकों विशाल रैलियां एवं सम्मेलन आयोजित किये गये। संधर्षो के परिणाम स्वरूप तत्कालीन प्रदेश सरकार से स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत आरक्षण राज्य के उद्योगों में दिलाने में सफलता प्राप्त की। इसी क्रम में दिनांक 11.01.2005 को प्रदेश के 90 युवाओं को जोड़कर विधान सभा का धेराव हेतु एक ऐतिहासिक रैली आयोजित की गयी जिसे युवा शक्ति प्रदर्शन के रूप में उदाहरण स्वरूप आज भी याद किया जाता है।

कुशल नेतृत्व क्षमता तथा शैक्षिणिक एवं व्यावसायिक योग्यता के कारण पूर्ववर्ती भा0ज0पा0 सरकार में वर्ष 2010 से 2012 तक शहरी विकास अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यशील रहते हुए क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान कराने में आशातीत सफलता प्राप्त की जिसका प्रतिफल जनता द्वारा 2012 के विधान सभा विधान सभा चुनाव में ’’विजयश्री’’ दिलाते हुए अपने जनप्रिय विधायक के रूप में विधान सभा मंे पहुॅचाकर उनकी आवाज को और भी अधिक बुलन्दी के साथ सरकार के समक्ष उठाते हुए क्षेत्रीय जनता को उनके मौलिक अधिकारों एवं जीवन यापन के हकों को दिलवाने के लिए उनके विधानसभा प्रतिनिध होने का गौरव प्राप्त हुआ है।

विधान सभा के मुख्य मुद्देः-

(क) राज्य स्तरीयः-
1. शिक्षित बेरोजगार युवक आज राज्य की प्रमुख समस्या है। राज्य के युवाओं को अपने लिये रोजगार के अवसर प्राप्त हो, गाॅवों से पलायन रूके यही मुख्य समस्या है।
2. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी रोजगार परक शिक्षा और तकनीकी शिक्षा यह राज्य सरकार दे, जिससे सभी वर्गो को जीवन यापन एवं विकास के समान अवसर प्राप्त हो एवं प्रचलित शिक्षा का बाजारीकरण बंद हो, जिसके लिए बहुत कार्य किया जाना है।
3.बुनियादी जरूरतों में स्वच्छ पानी तक प्रदेश की जनता को प्राप्त नही पा रहा है। स्वच्छ पेय जल लोगों तक निःशुल्क पहुॅचे आज एक प्रमुख मुद्दा है।

(ख) क्षेत्रीय स्तरीयः-

विधान सभा क्षेत्र खटीमा एक सीमान्त पिछड़ा, तराई जनजातिय बहुल्य क्षेत्र है। स्वच्छ पानी से लेकर शिक्षा तक अनेकों क्षेत्र में अत्यधिक कार्य किया जाना है।
2. नेपाल से लगा हुआ सीमान्त क्षेत्र होने के कारण अनेकों समस्याएं जैसेः- माओवाद, तस्करी इत्यादी समस्याओं के सामाधान हेतु अनेंको कार्य जानेे हैं।
3. जनजाति एवं गैरजनजाति जमीनों के विवादों का समाधान।
4. कृषि आधारित क्षेत्रों में बाढ की समस्या एवं भूमि का कटानों का समाधान।
5. पाॅलिटेक्निक का निर्माण।
6. आई0टी0आई0 का निर्माण।
7. निर्माणधीन सरकारी अस्पताल का यथा शीध्र निर्माण कार्य पूर्ण करवाना।
8. रोडवेज बस स्टेशन का निर्माण कार्य।
9. खटीमा शहर में बाईपास का निर्माण।
10. खटीमा में 4-लेन सड़क का निर्माण कार्य।
11. सीमान्त बग्गा चैवन ग्राम सभा को राजस्व ग्राम धोषित करवान एवं सम्पर्क मार्ग से जोडना।
12. स्पोर्टस स्टेडियम का निर्माण।
13. डिग्री कालेज में अन्य पाठ्यक्रमों को शुरू करवाना।
14. लम्बे समय से जीर्ण क्षीर्ण सड़क बगिया धाट से चकरपुर तक निर्माण करवाना।
15. परवीन नदी पर यथा शीध्र पुल का निर्माण।
16. खटीमा क्षेत्र में आन्दोलकारीयों का चिन्ह्ीकरण एवं शहीद स्मारक का निर्माण।
17. उधोगों की स्थापना कर नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराना।
18. किसानों से जुड़ी समस्याओं का समाधान।
19. सभी ग्राम सभाओं में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।

समाधान हेतु प्रयासः- राज्यों से शिक्षित बेरोजगारों का पलायन रूके इसके लिए आवश्यक है राज्य में अधिक से अधिक उद्योगों की स्थापना, पर्यटन के क्षेत्र का विकास, जल स्रोतों का वैज्ञानिक सोच के साथ उचित दोहन कर बिजली उत्पादन, हाॅटी कल्चर, फ्लोरी कल्चर, उद्यान, फल उत्पादन, जड़ी बूटी उत्पादन एवं फूल उत्पादन इत्यादी क्षेत्रों में बेरोजगारी युवकों को प्रशिक्षण देकर राज्य में ही पहाड़ों की जवानी का प्रयोग किया जाए जिससे पलायन रूके तथा युवा शक्ति का सदुपयोग प्रदेश के चहुॅमुखी विकास में हो सकें।
विजनः- चॅूकि समस्त युवा बेरोजगारों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना वर्तमान में चुनौतीपूर्ण है इसलिए आवश्यकता है कि सरकार अपने प्रयासों से सभी वर्गो को सरकारी विद्यालय एवं महाविद्यालयों में से ऐसी तकनीकी, रोजगार परक शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान करे जिससे कि युवा वर्ग के लोगों को ड्रिगी प्राप्त करने के पश्चात तकनीकी रूप से स्वरोजगार के अवसरांे का लाभ उठाने हेतु कुशल बने एवं रोजगार प्राप्त हो सकंे। यह प्रशिक्षण राज्य सरकार अनेकों क्षेत्रों जैसेेंः- उद्योगों, पर्यटन के क्षेत्र में बिजली उत्पादन, हाॅटी कल्चर, फ्लोरी कल्चर, उद्यान, फल उत्पादन, जड़ी बूटी उत्पादन, एवं फूल उत्पादन इत्यादि क्षेत्रों में दे सकें। इन सभी के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण विजन यह भी रहेगा कि जनसंख्या वृद्वि रोक जाने हेतु परिवार नियोजन, जन जागरण एवं जनता को सचेत किया जाना।

जनता के प्रति आपका सन्देशः- क्षेत्र एवं राज्य की जनता से मेरा यही विनम्र निवेदन है कि अपनी समस्याओं के समय-समय पर अवगत कराते रहें जिससे मैं उन्हे विधानसभा में सरकार के सम्मुख प्रमुखता से उठाते हुए उनका निराकरण आपके सहयोग से समय पर करा सकूॅ। मेरे द्वारा सदैव आपके स्वागत के लिए खुल हैं। सभी लोग, सभी वर्ग, सभी क्षेत्रों में जाति-धर्म के विचार से ऊपर उठकर सामाजिक उत्थान के लिए मिलजुलकर कार्य करें। अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति संजग रहते हुए सकारात्मक एवं प्रगतिशील सोच के साथ कार्य करें जिससे हमारा राज्य प्रगति एवं विकास के मार्ग पर अग्रसर हों।

देवस्थानम बोर्ड को समाप्त करने की मांग कर तीर्थपुरोहितों ने गृहमंत्री को भेजी चिठ्ठी


देवस्थानम बोर्ड को समाप्त करने की मांग को लेकर चार धाम तीर्थ पुरोहित हक हकूक धारी महापंचायत ने भारत के गृह मंत्री अमित शाह से निवेदन किया है। गृह मंत्री को महापंचायत ने इस आशय का भेजा है।

चार धाम तीर्थ पुरोहित हक हकूक धारी महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी ने बताया महापंचायत की ओर से मंगलवार को गृह मंत्री को पत्र भेज कर उत्तराखंड सरकार द्वारा बनाये चार धाम देवस्थानम बोर्ड को तुरन्त भंग करने की मांग की गई है । हरीश डिमरी ने बताया कि चार धाम तीर्थ पुरोहित हक हकूक धारी महापंचायत और श्रद्धालु सरकार के निर्णय से सहमत नहीं है । कहा मंदिरों की ब्यवस्थाओं को सरकार द्वारा अपने अधीनस्थ लेना संविधान विरोधी है । चार धाम तीर्थ पुरोहित हक हकूक धारी महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी ने बताया कि महा पंचायत के अध्यक्ष कृष्ण कान्त कोटियाल समेत पूरी महापंचायत ने गृह मंत्री को भेजे पत्र में चार धाम देवस्थानम प्रबंधकीय विधेयक 2019 को भंग कर 27 नवम्बर 2019 से पूर्व की स्थिति को पुन रू बहाल करने की मांग की है ।

बीआरओ द्वारा पुलों के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम तीरथ

मुख्यमंत्री तीरथ सिह रावत ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा लेह से देश मे बीआरओ द्वारा दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में बनाये गये पुलों (ब्रिजों) का लोकार्पण कार्यक्रम में वचुर्वल प्रतिभाग किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लेह से बीआरओ द्वारा देश मे बनाये गये 63 पुलों एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सडकों का लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित किये। जिसमें उत्तराखण्ड में 1928.74 लाख की लागत से कुल 06 पुलों का लोकार्पण किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सम्बोधित करते हुये कहा कि देश के दुर्गम क्षेत्रों में पुल, सडक निर्माण कर कनेक्टीविटी देना सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने बीआरओ को दुर्गम क्षेत्रों मे पुल, सडक निर्माण करने पर बधाई दी व कार्यो की सराहना की। रक्षा मंत्री ने कहा कि पुल व सडकें देश के विकास की गति बढाते हैं तथा सडकें विकास, पर्यटन के साथ ही देश रक्षा की दृष्टि से भी अति महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा कि हम समृद्व-सशक्त देश निर्माण मे तेजी से आगे बढ रहे है।

लोकार्पण कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रामनगर से वचुर्वल प्रतिभाग किया। उन्होने कहा कि प्रदेश मे 06 पुलों का लोकार्पण किया गया है। उत्तराखण्ड में जोशीमठ -मलार रोड पर रानी पुल लागत 348.12 लाख, ऋषिकेश- धरासू सडक पर खादी पुल लागत 513.00 लाख, जौलजीबी-मुनस्यारी रोड पर कुरकुटिया ब्रिज लागत 142.00 लाख, जौलजीबी-मुनस्यारी सडक पर जुनालीगढ ब्रिज लागत 649.62 लाख, तवाघाट-घाटियाबागढ सडक पर जुंटीगढ ब्रिज लागत 156.00 लाख तथा मुनस्यारी- बगडियार-मिलन सडक पर लास्पा पुल लागत 120.00 लाख के पुलों का लोकापर्ण किया।

उन्होने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों मे पुल सडक निर्माण सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। बीआरओ ने दुर्गम क्षेत्रों मे दिन-रात ठंड व बर्फबारी मे भी लगातार काम कर पुलों का निर्माण किया यह बहुत ही सराहनीय व साहसिक कार्य है। उन्होने कहा इन पुलों के निर्माण से क्षेत्रीय जनता के साथ ही सैन्य गतिविधियों के लिये बहुत सुविधा मिलेगी।

वर्चुवल लोकार्पण मे सांसद अजय टम्टा ने भी प्रतिभाग किया।