इंडियन आइडल 12 के विजेता बने पवनदीप राजन, उत्तराखंड में खुशी की लहर

इंडियन आइडल 12 को अपना फाइनली विनर मिल गया है। इस सीजन की जीत का सेहरा पवनदीप राजन के सिर पर बंधा है। वहीं, दूसरे नंबर पर अरुणिता कांजीलाल रही हैं। इंडियन आइडल 12 का फिनाले रविवार को दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे चला। इस सीजन का विनर मिलने से पहले कई शानदार परफॉर्मेंस देखने को मिली।
पवनदीप राजन को इंडियन आइडल 12 की ट्रॉफी के साथ 25 लाख रुपये का चेक और एक कार इनाम के तौर पर मिली है। पवनदीप राजन के पहले और अरुणिता कांजीलाल के दूसरे नंबर के अलावा सायली कांबले, मोहम्मद दानिश, निहाल तारो और शनमुखप्रिया क्रमशः तीसरे, चौथे, पांचवे और छठे स्थान पर रहे।
गौरतलब है कि पवनदीप राजन, अरुणिता कांजीलाल, सायली कांबले, मोहम्मद दानिश, शनमुखप्रिया और निहाल तारो इंडियन आइडल 12 फिनाले के छह कंटेस्टेंट थे। शो में हिमेश रेशमिया, सोनू कक्कड़ और अनु मलिक जज किया। जबकि फिनाले को आदित्य नारायण के अलावा जय भानुशाली ने होस्ट किया।
सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल का 12वां सीजन खत्म हो चुका है। शो के फिनाले में विनर की घोषणा से पहले जावेद अली, मनोज मुंतशिर, उदित नारायण और कुमार सानू और अल्का याग्निक जैसे कई दिग्गज शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने वंदना को 25 लाख रूपये का चेक और तीलू रौतेली पुरस्कार से किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी वन्दना कटारिया के रोशनाबाद, हरिद्वार स्थित आवास पर जाकर टोक्यो ओलंपिक में वंदना के शानदार प्रदर्शन पर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन्दना कटारिया को 25 लाख रूपये का चेक प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वन्दना कटारिया को तीलू रौतेली पुरस्कार से भी सम्मानित किया। इसके तहत उन्हें 31 हजार रूपये का चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। वंदना कटारिया को महिला सशक्तीकरण के तहत ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान’’ का ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन्दना कटारिया ने टोक्यो ओलंपिक में अपने शानदार प्रदर्शन से प्रदेश का मान-सम्मान बढ़ाया है। उत्तराखण्ड की बेटी ने एक मैच में हैट्रिक बनाकर अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने वन्दना को आगे भी इसी मनोबल से खेलने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिल सके, इसके लिए राज्य में नई खेल नीति बनाई जा रही है। उन्होंने वंदना कटारिया के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, यतीश्वरानन्द, विधायक आदेश चौहान, देशराज कर्णवाल, सचिव हरि चन्द्र सेमवाल एवं वंदना कटारिया के परिवारजन मौजूद थे।

ओलंपिक में 13 साल बाद भारत को मिला गोल्ड

भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक के जैवलिन थ्रो फाइनल में इतिहास रच दिया है। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल किया है। नीरज ने 87.58 की सर्वश्रेष्ठ दूरी तय करते हुए गोल्ड पर कब्जा किया। क्वालिफिकेशन राउंड में भी नीरज अपने ग्रुप में टॉप पर रहे थे। बता दें कि 2008 बीजिंग ओलंपिक के बाद ये भारत का पहला गोल्ड मेडल है।

नीरज ने रचा इतिहास
जैवलिन थ्रो के फाइनल में नीरज चोपड़ा शुरुआत से ही सबसे आगे रहे। उन्होंने अपनी पहली ही कोशिश में 87.03 मीटर की दूरी तय की है। वहीं दूसरी बार में उन्होंने 87.58 की दूरी तय करी। इसी के साथ उन्होंने अपने क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड से भी ज्यादा दूर भाला फेंका है। जैवलिन थ्रो में ये भारत का अब तक का सबसे पहला मेडल है। इतना ही नहीं एथलेटिक्स में भी ये भारत का पहला ही मेडल है।

13 साल बाद मिला गोल्ड
ओलंपिक खेलों में ये भारत का 13 साल बाद पहला गोल्ड मेडल है। नीरज चोपड़ा से पहले बीजिंग ओलंपिक में शूटिंग में अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड मेडल जीता था। ये ओलंपिक में भारत का कुल दूसरा व्यक्तिगत गोल्ड है। इससे पहले भारत ने हॉकी में 8 गोल्ड मेडल जीते हैं।

पूरे देश को थी गोल्ड की उम्मीद
नीरज चोपड़ा से पूरे देश को आज गोल्ड मेडल की उम्मीद थी और वो सबकी उम्मीदों पर खरे उतरे। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 86.65 की दूरी तय करते हुए पहला नंबर हासिल किया था। नीरज भारत को टोक्यो में पहला गोल्ड मेडल जितवाने के सबसे बड़े दावेदार थे।

अब तक भारत के 7 मेडल
टोक्यो ओलंपिक में भारत अब 1 गोल्ड 2 सिल्वर और 4 कांस्य सहित कुल 6 मेडल जीत चुका है। नीरज चोपड़ा के अलावा भारत की ओर से मीराबाई चानू (वेट लिफ्टिंग) और रवि दहिया (कुश्ती) ने सिल्वर मेडल जीता है। वहीं पीवी सिंधु, बजरंग पूनिया, लवलीना और भारतीय हॉकी टीम ने भारत के लिए ब्रॉन्ज जीता।

वंदना को राज्य सरकार देगी 25 लाख और तीलू रौतेली पुरस्कार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से टोक्यो ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाली भारतीय हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया से बात कर शानदार प्रदर्शन के लिए वंदना एवं महिला हॉकी टीम में प्रतिभाग करने वाली सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को मनोबल बनाए रखने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदना कटारिया के शानदार प्रदर्शन से प्रदेश का मान सम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने वंदना को टोक्यो से वापस आते ही मुख्यमंत्री आवास में मिलने हेतु आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में नई खेल नीति बनाई जा रही है। जिसमें विभिन्न खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाङी वंदना कटारिया को 25 लाख रुपए दिये जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वंदना कटारिया को तीलू रोतेली पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने वंदना कटारिया के भाई सौरभ कटारिया से भी फोन से वार्ता कर वंदना के शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी।
भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया ने उनके उत्साह वर्धन पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सचिव हरि चंद्र सेमवाल भी उपस्थित थे।

अब मेजर ध्यानचंद के नाम से जाना जायेगा खेल का सबसे बड़ा सम्मान, पीएम ने की घोषणा

भारत में खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाले सबसे बड़े सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम अब हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर कर दिया गया है। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके दी है। पीएम मोदी ने कहा कि लोगों की भावनाओं को देखते हुए इस अवार्ड का नाम अब मेजर ध्यानचंद के नाम पर किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने क्या ट्वीट किया?

पीएम मोदी ने कहा है, देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। जय हिंद

ओलंपिक्स में हॉकी खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा- मोदी

एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है। जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।

खेल रत्न का इतिहास

इस अवार्ड को 1991-92 में शुरू किया गया था। तब इसका नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया था। इस अवार्ड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य खेल के क्षेत्र में सराहना और जागरूकता फैलाना है साथ ही खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाना है, ताकि वह समाज में और ज्यादा सम्मान प्राप्त कर सकें।

भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न पुरस्कार का नाम राजीव गांधी खेल रत्न की जगह मेजर ध्यानचंद खेल रत्न रखने के फैसले का खेल जगत ने स्वागत किया है। ध्यानचंद को महानतम हॉकी खिलाड़ी माना जाता है। हॉकी के इस जादूगर ने अपने 1926 से 1949 तक के करियर के दौरान 1928, 1932 और 1936 में ओलंपिक का शीर्ष खिताब हासिल किया था। उनकी जयंती के उपलक्ष्य में 29 अगस्त को देश का राष्ट्रीय खेल दिवस भी मनाया जाता है।

विश्व चैंपियनशिप में भारत की एकमात्र एथलेटिक्स पदक विजेता और यह पुरस्कार 2003 में हासिल करने वाली अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा कि खेल पुरस्कारों के नाम खिलाड़ियों के नाम पर रखे जाने चाहिए। उन्होंने कहा, यह सही समय है जब हम अपने खेल पुरस्कारों का नाम अपने खेल के दिग्गजों के नाम पर रखें। यह सही कदम है. ध्यानचंद हमारे खेल नायक और हॉकी के दिग्गज हैं और हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है. यह उचित ही है कि देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार का नाम ध्यानचंद के नाम पर ऐसे समय रखा गया है जब भारत ने 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीता है।

इस फैसले की सराहना करते हुए पूर्व हॉकी कप्तान अजीतपाल सिंह ने कहा कि पहचान देर से मिली लेकिन देर आये दुरुस्त आये। उन्होंने कहा, यह एक स्वागत योग्य कदम है। यह एक अच्छा फैसला है जो प्रधानमंत्री ने लिया है। खेल पुरस्कार हमेशा खिलाड़ियों के नाम पर होने चाहिए और ध्यानचंद जी से बड़ा देश में कोई खिलाड़ी नहीं है। यह मान्यता देर से मिली, लेकिन कभी नहीं से बेहतर है कि देर से मिली।

ओलंपिक कांस्य पदक मुक्केबाज विजेन्दर सिंह ने कहा कि ध्यानचंद जी को सम्मान देना अच्छी बात है लेकिन यह देश में खेलों के स्तर को उठाने के लिए काफी नहीं है। उन्होंने कहा, इस कदम के खिलाफ कुछ भी नहीं है, क्योंकि हम सभी ध्यानचंद जी के अपार योगदान का सम्मान करते हैं । लेकिन सरकार को खिलाड़ियों का समर्थन करने के लिए इससे कुछ ज्यादा करना चाहिए। उन्हें बुनियादी स्तर पर सुविधाओं की जरूरत है, जब तक हम ऐसा नहीं कर सकते, केवल पुरस्कारों का नाम बदलने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यह घोषणा की कि देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए खेल रत्न पुरस्कार को अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीमों के शानदार प्रदर्शन के बाद इस सम्मान का नाम महान हॉकी खिलाड़ी के नाम पर रखने का फैसला लिया गया।

केन्द्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि ध्यानचंद खेलों में भारत के सबसे बड़े नायक रहे हैं। उन्होंने कहा, मेजर ध्यानचंद जी ने अपने असाधारण खेल से विश्व पटल पर भारत को एक नई पहचान दी और अनगिनत खिलाड़ियों के प्रेरणास्रोत बने। जनभावना को देखते हुए खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक धन्यवाद।

भारत के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी से सांसद बने गौतम गंभीर कहा, किसी (खेल) नायक का नाम पुरस्कार को और प्रतिष्ठित बनाता है। वहीं ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी इस कदम के लिए प्रधानमंत्री का शुक्रिया करते हुए कहा, खेल के सबसे बड़े पुरस्कार खेल रत्न को देश के श्रेष्ठ खिलाड़ी और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न रखने के फैसले के लिए मैं भारत सरकार और आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक धन्यवाद करता हूं।

सीएम की घोषणा, वंदना को 25 लाख रुपये देंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय महिला हाॅकी टीम की खिलाङी वंदना कटारिया को 25 लाख रुपये दिये जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा हमें गर्व है कि टोक्यो ओलिंपिक खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम के शानदार प्रदर्शन में उत्तराखंड की बेटी वंदना कटारिया का शानदार योगदान रहा है।
शीघ्र ही हमारे राज्य में एक नई एवं आकर्षक खेल नीति लागू की जाएगी। इस नीति में विशेष रूप से हमारे युवाओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभा का विकास करने हेतु उचित आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान होगा। हमारा प्रयास होगा कि प्रदेश के कोने कोने में वंदना जैसी प्रतिभा के द्वीप प्रज्ज्वलित हों!

भूकम्प एलर्ट एप बनाने वाला उत्तराखंड पहला राज्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मोबाइल एप्लीकेशन ‘‘उत्तराखण्ड भूकंप अलर्ट’’ एप का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की के सौजन्य से बनाये गये इस एप के माध्यम से भूकम्प से पूर्व चेतावनी मिल जायेगी।
उत्तराखण्ड यह एप बनाने वाला पहला राज्य है। इससे जन सुरक्षा में मदद मिलेगी। इस एप के माध्यम से भूकंप के दौरान लोगों की लोकेशन भी प्राप्त की जा सकती है। भूकंप अलर्ट के माध्यम से भूकंप से क्षतिग्रस्त संरचनाओं में फँसे होने पर सूचना दी जा सकती है। उत्तराखण्ड भूकंप अलर्ट एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। इस एप के माध्यम से लोगों को भूकंप पूर्व चेतावनी मिल सके, इसके लिए इस एप की लोगों को जानकारी दी जाय। विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर इसका प्रचार प्रसार किया जाय। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा इसकी लघु फिल्म बनाकर जन-जन तक पहुंचाया जाय। स्कूलों में भी बच्चों को लघु फिल्म के माध्यम से इस एप के बारे में जानकारी दी जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के पास एंड्राइड फोन नहीं है, उनको भी भूकंप से पूर्व चेतावनी मैसेज पहुंच जाय, इस एप के माध्यम से यह सुविधा भी प्रदान की जाय। भूकंप पूर्व चेतावनी में सायरन एवं वायस दोनों माध्यमों से अलर्ट की व्यवस्था की जाय। भूकंप पूर्व चेतावनी के लिए सायरन टोन अलग से हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूकंप पूर्व चेतावनी के लिए यह एक अच्छी पहल है।
इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए. मुरूगेशन, आई.आई.टी. रूड़की के प्रो. कमल एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

शौर्य का प्रतीक मिग-21 लड़ाकू विमान पहुंचा दून

वायु सेना के शौर्य का प्रतीक मिग-21 लड़ाकू विमान अब गढ़ी कैंट के चीड़बाग में निमार्णाधीन युद्ध स्मारक (शौर्य स्थल) की शान बढ़ाएगा। रविवार को विमान यहां पहुंच गया है। जिसे विधिवत पूजा अर्चना के बाद युद्ध स्मारक पर उतारा गया।

छावनी परिषद देहरादून की मुख्य अधिशासी अधिकारी तनु जैन ने कैंट बोर्ड कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि देश के सैन्य इतिहास में देवभूमि के रणबांकुरों के शौर्य के असंख्य किस्से दर्ज हैं। उनके इस अदम्य साहस और बलिदान के प्रतीक के रूप में पूर्व राज्य सभा सदस्य तरुण विजय की पहल पर युद्ध स्मारक की नींव रखी गई थी। युद्ध स्मारक में मिग-21 रखने का प्रस्ताव करीब दो साल पहले कैंट बोर्ड की बैठक में पास हुआ था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया के विशेष प्रयास से विमान यहां पहुंच गया है।

इधर, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं युद्ध स्मारक के अध्यक्ष तरुण विजय ने बताया कि देश के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए तैयार हो रहे शौर्य स्थल में नभ, जल और थल तीनों सेनाओं की निशानियां रखी जानी हैं। मिग-21 दून पहुंच गया है। युद्ध स्मारक की शान बढ़ाने के लिए चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) विपिन रावत की ओर से दो राइफल पहले ही दी जा चुकी हैं। इसके अलावा नौ सेना के साहस के प्रतीक के रूप में एक जहाज की सिफारिश भी रक्षा मंत्रालय से की गई है।

भारत में मिग 21 लड़ाकू विमान का इस्तेमाल 1964 से शुरू हुआ है। ये इकलौता ऐसा विमान है जिसका इस्तेमाल दुनियाभर के करीब 60 देशों ने किया है। मिग 21 एविएशन के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक संख्या में बनाया गया सुपरसोनिक फाइटर जेट है। पाकिस्तान के साथ हुए 1971 और 1999 के कारगिल युद्ध में भी मिग 21 ने मुख्य भूमिका निभाई थी। मिग 21 लड़ाकू विमान की रफ्तार 2229 किमी प्रति घंटा की है। इसमें टर्बोजेट इंजन लगा हुआ है, जो विमान को सुपरसोनिक रफ्तार देता है।

केदारनाथ में अवस्थापना सुविधाओं का विकास करने में जुटी धामी सरकार

विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम में यात्रा और पूजा का सफल आयोजन कराने के लिए रावल और पुजारियों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलेगी। इसके लिए केदारनाथ धाम में रावल व पुजारियों के लिए तीन मंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा। जिसके लिए शासन की ओर से 10 करोड़ रुपये का बजट जारी किए गए हैं। केदारनाथ के रावल ही धाम में छह माह की पूजा-अर्चना के लिए पुजारी को अधिकृत करते हैं।

श्री केदारनाथ धाम से करीब 300 मीटर सरस्वती नदी समीप बनने वाले तीन मंजिला इमारत में 18 कक्षों का निर्माण किया जाएगा। 6.39 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस इमारत में रावल निवास, पुजारी आवास, भोग मंडी, पंथेर आवास, समालिया आवास, वेदपाठी आवास, पूजा कार्यालय आदि की व्यवस्था की जाएगी। जिसके लिए उत्तराखंड शासन की ओर से 10 करोड़ रुपये की धनराशि उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड को प्राप्त हो चुकी है। जिसकी पहली किस्त 27 मार्च और दूसरी किस्त 12 जुलाई को जारी की गई।

दिलीप जावलकर, पर्यटन सचिव ने बताया कि तीन मंजिला इमारत का निर्माण होने के बाद यात्रा के साथ पूजा का सफल और आसानी से आयोजन हो सकेगा। शासन की ओर से इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। इसका सीधा लाभ रावल व पुजारियों को मिलेगा।

रविनाथ रमन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड ने बताया कि 265 वर्ग मीटर में होने वाले भवन निर्माण के लिए स्थानीय जिलाधिकारी की ओर से उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड को मंदिर परिसर के समीप भूमि उपलब्ध करा दी गई है। निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।

अंतराष्ट्रीय टाइगर दिवसः टाइगरों की संख्या में बढ़ोत्तरी तथा टाइगर सफारी पर्यटन के लिय सुखदः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में अन्तराष्ट्रीय टाइगर दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में तराई क्षेत्र से उच्च हिमालयी क्षेत्रों तक टाइगर की उपस्थिति स्थानीय निवासियों की टाइगर संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्ष 2006 में 178 बाघों की अपेक्षा वर्ष 2018 में 442 बाघों की उपस्थिति भी राज्य के निवासियों की टाइगर संरक्षण में निभाई जा रही भागीदारी को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मानव वन्य-जीव संघर्ष को कम करने के लिये अन्य राज्यों द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं एवं उपायों का भी अध्ययन करने की अपेक्षा की ताकि राज्य में मानव वन्य जीव संघर्ष को रोकने में मदद मिल सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के पहले नर टाइगर जिसका कार्बेट से राजाजी में रि-इन्ट्रोडक्शन किया गया था, के चित्र का भी अनावरण किया।
मुख्यमंत्री ने राज्य में टाइगरों की संख्या में बढ़ोत्तरी तथा टाइगर सफारी को पर्यटन के लिये भी सुखद बताया। इन क्षेत्रों में पर्यटकों का आवागमन प्रदेश की आर्थिकी को भी मजबूती प्रदान करेगा।

इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड के तराई-भाबर क्षेत्र के टाइगर रिजर्व में टाइगर घनत्व देश में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टाइगरों की उपस्थिति तराई-भाबर के अलावा उच्च हिमालयी क्षेत्र, केदारनाथ एवं अस्कोट वन्य जीव विहार के इनकी कैमरा ट्रेप की गई है। यह टाइगरों के निवास स्थलों के बढ़ने के भी संकेत है। वन मंत्री ने कहा कि पारस्थितिकी तंत्र में वन्य जीवों के उच्च स्तर पर भोजन श्रृंखला निचले स्तर भोजन स्तर की सुदृढ़ता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि टाइगर सफारी पाखरो से भी आर्थिकी को बढ़ावा मिल सकेगा।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अनन्द बर्द्धन, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डा. पराग मधुकर धकाते, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जेएस सुहाग, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अनूप मलिक आदि उपस्थित थे।